Thursday, 1 January 2026

Poem : सुख मिले जीवन पर्यन्त

सुख मिले जीवन पर्यन्त

नई सुबह का नया ख्याल, 
मन में उठ रहा सवाल,
क्या शुभ होगा 
2026 का यह साल?

क्या होगा विरह का अंत? 
क्या सुख मिलेगा जीवन पर्यन्त?
क्या पपीहा गाएगा मल्हार?
शुभ होगा क्या नववर्ष इस बार?

क्या, यह नववर्ष है ऐसा?
जो सोचे, उसको मिल जाए वैसा?
क्या सफलता मिलेगी अपार?
क्या पुलकित होगा घर-संसार?

सवाल कई हैं, 
नहीं है अंत। 
आशा है ईश्वर से यही,
सुख मिले जीवन पर्यन्त।।

आपको नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ।