Wednesday, 11 March 2026

Article : लालची जीव

आजकल लालच इस कदर हावी होता जा रहा है कि वो केवल मनुष्य तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पशु-पक्षियों में भी समा चुका है। जानना चाहते हैं कि ऐसा क्यों कह रहे हैं? तो हमने तो प्रत्यक्ष रूप से देखा है।

पहले पशुओं की बात करते हैं। शनिवार का दिन था, आटा थोड़ा ज़्यादा गूंथ लिया था। सोचा, कोई नहीं गाय और कुत्ते के लिए रोटी बना लेते हैं। लेकर गए, नीचे बहुत से कुत्ते बैठे थे, और apartment के बाहर बहुत-सी गाय।

तो सोचा, किसी एक को न डालकर सबको थोड़ी-थोड़ी डाल दें। हमने डाल दी, सबको। पर, हाय रे! एक ने भी खाई हो तो।बड़ा बुरा लगा, कोई तो खा लेता, मन रखने के लिए। पर नहीं, किसी ने नहीं खाया।

कुछ दिन बाद कुछ तो त्योहार था, तो पूड़ी-सब्जी आदि बनाए थे। सोचा, चलो आज तो खा ही लेंगे और हम चल दिए बड़े मन से। फिर सभी खूब सारे मिले। सबको डाल दिया। पर मजाल है कि एक भी उठकर खा ले। नहीं जी, एक ने भी नहीं खाया।

लालची जीव


फिर एक दिन bread डाली, खाना तो क्या सूंघा तक नहीं।बड़ी खीज उठी, कि हो क्या गया, कोई भी कुछ खा क्यों नहीं रहा है। एक दिन ऐसे ही कुछ snacks जैसे; biscuits, chips, kurkure etc. लेकर घर जा रहे थे। 

न जाने क्यों? यूं ही ख्याल आया कि चलो, आज यही डाल देते हैं इन जानवरों को। और देखते क्या हैं, हमने अभी जमीन में डाले ही थे कि यकायक बहुत सारे कुत्ते इकट्ठे हो गए और झटपट सब खाने लगे।

खाने क्या लगे, लगभग झगड़ने ही लगे। हमारे पास जितना था, हमने सब उन्हें ही डाल दिया। और कमाल कि बात यह है कि यह हमने सिर्फ कुत्तों के साथ नहीं बल्कि बिल्ली, गाय, भैंस बकरी आदि सबके साथ देख लिया।

चलिए अब आपको पक्षियों के पास ले चलें। हम लोग अभी कुछ दिन पहले Mumbai गये थे, तो वहां से Elephanta Caves के लिए गए। Elephanta Caves जाने के लिए ferry से जाना होता है, लगभग एक घंटा लगता है।

पर आपको समय का पता नहीं चलेगा, कारण आपका समय पक्षियों (black-headed seagulls और brown-headed seafulls) को खिलाते हुए और उन्हें खाते हुए देखते निहारते हुए ही निकल जाएगा।

पर क्या खिलाते और खाते हुए देखना है? वही, biscuits, chips और kurkure। पूरे रास्ते कभी कोई, कभी कोई हवा में chips और kurkure उछाल भर देता और अनेकों पक्षी उड़ते हुए चले आते, उसे लपकने के लिए।

हमने उन पक्षियों की एक video भी बनाई थी, जो यहाँ upload की गई है-


एक अलग ही दृश्य रहता है पूरे रास्ते, जो कि बहुत ही interesting भी लग रहा था और सफेद पक्षियों का झुंड बहुत मनोरम भी लग रहा था। पर साथ ही मन में यह भाव भी आया कि कितनी तेजी से ज़माना बदल रहा है। आजकल न बच्चे healthy खा रहे हैं, न ही जीव-जंतु, और न ही पशु-पक्षी।

हर किसी को चटर-पटर उल्टा-सीधा ही भा रहा है, हर कोई लालच का शिकार, हर जीव लालची। पर यह कितना उचित है, बिना यह सोचे हर किसी को इसकी लत लगती जा रही है। ऐसे में ईश्वर को धन्यवाद देते हैं कि हमारे बच्चे बिल्कुल भी ऐसे लालची नहीं हैं।

आपके बच्चे भी ऐसे ही हैं क्या? लालची? और आपके pet? क्या वो हैं लालची जीव? अगर ऐसा है, तो अपने बच्चों और आस-पास के जीवों की यह आदत बदलें। इस तरह का लालच उन्हें लंबा जीवन नहीं देगा।

Stay healthy, stay safe!