Saturday, 9 May 2026

Song : सूना सूना घर है मेरा

जब एक सैनिक, देश पर सब कुर्बान करने के लिए अपने पीछे, घर-बार छोड़कर आ जाता है, तो उसके त्याग और तपस्या को हर कोई सराहता है। पर उसके पीछे उसकी पत्नी की क्या व्यथा होती है, वो कोई नहीं सोचता है।

आज का यह गीत, उसी विरह वेदना को व्यक्त करता हुआ प्रस्तुत किया है… 

सूना सूना घर है मेरा


सूना सूना घर है मेरा…


सूना सूना घर है मेरा 

सूनी है अटरिया,

जब से गये हैं पिया,

दूजी नगरिया।

सूना सूना घर है मेरा...


का से कहूं,

दिल की बतियां,

कटतीं न रतियां।

उनके बिना अब, 

दिल को चैन कहां है?

सूना सूना घर है मेरा...


हर ओर फैली खुशियाँ,

अब भाती नहीं है।

उनके बिना नैनों में,

नींद आती नहीं है। 

सूना सूना घर है मेरा...


होली-दीवाली अब सब, 

नीरस है लगती। 

हर पल अखियां उनकी,

राह है तकती।

सूना सूना घर है मेरा...


यह गीत उन सभी को समर्पित है, जिनके पति उनसे किसी भी कारण से दूर रह रहें हैं।




गाना सुनने के लिए नीचे दिए गए link पर click करें-