आज से शारदीय नवरात्र आरंभ हो गया, माँ के आगमन पर यह भजन हम सभी भक्तों की ओर से जग-जननी माँ दुर्गा, जगदंबा के श्री चरणों में समर्पित है।
माँ के स्वरूप, माँ लक्ष्मी, माँ काली, माँ शारदा को समर्पित है…
मैंने तेरे ही भरोसे मैय्या
मैंने तेरे ही भरोसे मैय्या,
सागर में नैया डाल दई।।
काहे की वा नाव बनाई,
काहे की पतवार,
मैय्या काहे की लगा दी जंजीर,
सागर में नैया डार दई।
मैने तेरे ही भरोसे मैय्या,
सागर में नैया डाल दई।।
दुर्गा नाम की नाव बनाई,
भक्ति की पतवार,
ओ मैय्या ज्ञान की लगा दी जंजीर,
सागर में नैया डार दई।
मैने तेरे ही भरोसे मैय्या,
सागर में नैया डाल दई।।
कौन सखी वामें बैठनहारे,
कौन है खेवनहार,
मैय्या कौन लगाहे बेड़ा पार,
सागर में नैया डार दई।
मैने तेरे ही भरोसे मैय्या,
सागर में नैया डाल दई।।
शारदा मैया बैठनहारी,
काली खेवनहार,
मोरी लक्ष्मी जी लगावे बेड़ा पार,
सागर में नैया डार दई।
मैने तेरे ही भरोसे मैय्या,
सागर में नैया डाल दई।।
भक्तों की है आस मैय्या से,
चरणन में बलिहार,
मोरी दुर्गा जी लगाहे बेड़ा पार,
सागर में नैया डार दई।
मैने तेरे ही भरोसे मैय्या,
सागर में नैया डाल दई।।
मैंने तेरे ही भरोसे मैय्या,
सागर में नैया डाल दई।।
