Shades Of Life
Monday, 14 May 2018
Article : माँ
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माँ आज यूं ही बैठे बैठे ख़्याल आया , ये माँ शब्द का क्या अर्थ है। तब म व अ को अलग अलग किया , नहीं कोई संधि- विच्छेद नहीं , बस ...
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Sunday, 13 May 2018
Poem : माँ, वो तुम हो
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माँ, वो तुम हो ये कविता मैंनें अपनी माँ को समर्पित की है, पर माँ तो माँ होती हैं, आप सब के भी अपनी माँ के लिए यही भाव होंगें... ...
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Friday, 11 May 2018
Story Of Life : तिरस्कार
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तिरस्कार राधिका सुसंस्कृत परिवार की पढ़ी-लिखी कार्यरत कन्या थी। वो और प्रेरणा घनिष्ठ सहे लियाँ थीं। दोनों का विवाह संभ्रांत परिवारों ...
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