Shades Of Life
Monday, 8 March 2021
Poem : स्त्री
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स्त्री टूटती है कई बार, मगर टूट कर भी। ना टूटती है जो, स्त्री है वही तो।। टूटती है वो, जब मायके की दहलीज, छोड़ आती है। अपना बचपन, अपने सपन...
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Friday, 5 March 2021
Satire : हमाय पूर्वज
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हमाय पूर्वज हाय दईया छिपकली की अपार सफलता के बाद से छिपकली देवी तो बन गई celebrity. अब Celebrity लोगों के तो दुश्मन भी हुआ करते हैं, त...
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Thursday, 4 March 2021
Recipe : Matar ke hare bhare kebab
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मटर के season में हरे भरे कबाब का लुत्फ नहीं उठाया तो क्या मज़ा आया? शरद से फागुन तक, हर एक बड़ी party की शान होते हैं, मटर के हरे भरे कबाब।...
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