Shades Of Life
Thursday, 9 January 2025
Poem : हर ओर धुंध
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हर ओर धुंध हर ओर धुंध, और कोहरा-सा है। शरद की कंपकंपाती शीत में, एक अनभिज्ञ पहरा-सा है। हाथ को हाथ नहीं सुहाता है, प्रभात हो चुका है, फिर भी...
Tuesday, 7 January 2025
Short Story : खाली हाथ
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खाली हाथ एक बहुत ही सिद्ध गुरु जी थे। वो शहर-शहर, गांव-गांव जाकर लोगों में ईश्वर भक्ति का प्रचार-प्रसार किया करते थे। क्योंकि वो बहुत ज्ञान...
Monday, 6 January 2025
Superstition : आँखों का फड़कना
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आज एक ऐसे topic पर लिख रहे हैं, जिसको अधिकतर लोग superstition के रूप में न लेकर वास्तविक रूप में अधिक लेते हैं। और वो बात है, आँखों का फड़कन...
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