आजकल हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जनता से appeal की है कि अभी कुछ चीजों की खरीदारी देशहित के कारण न करें।
पहले देख लेते हैं कि वो कौन-सी चीजें हैं जिनकी खरीदारी पर रोक लगाई गई हैं।
- Work from home को प्राथमिकता दें।
- एक साल तक सोना खरीदने से बचें।
- Petrol-diesel की बचत करें, metro से सफर करें, parcel rail से भेजें और car का कम इस्तेमाल करें।
- खाने के तेल का उपयोग कम करें।
- रासायनिक खाद आधी करें और प्राकृतिक खेती अपनाएँ।
- विदेशी branded उत्पादों की जगह स्वदेशी को अपनाएँ।
- एक साल तक विदेश यात्राओं को सीमित रखें।
इन सभी चीजों की खरीदारी में कटौती की जा सकती है, साथ ही जिस तरह से इस समय को manage करने को कहा गया, वो भी किया जा सकता है।
पर सबसे आसानी से जो किया जा सकता है, वो है सोने की खरीदारी को एक साल के लिए स्थगित करना। ऐसा करने से क्या होगा?
खरीदारी पर रोक
ऐसा करने से जो अधिक आवश्यक सामान है, उनकी खरीदारी में कटौती या आवश्यक सामानों की कमी नहीं होगी।
ऐसा नहीं है कि राष्ट्रहित में ऐसी appeal पहली बार की जा रही है। नीचे बहुत सारी ऐसी appeals दी गई हैं जो देश के leaders ने की थी।- 1987- इंदिरा गांधी की appeal: “सोना ना खरीदें, विदेशी मुद्रा की स्थिति गंभीर बनी हुई है।”
- 2001- अटल बिहारी वाजपेयी की appeal: भुज भूकंप में पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की appeal.
- 2004- मनमोहन सिंह की appeal: 2004 सुनामी के दौरान राष्ट्र को संबोधित किया गया और राहत कार्यों के लिए भारी मदद की appeal की गई।
- 2013- मनमोहन सिंह की appeal: “हमें सोने की लालसा कम करनी होगी और petroleum उत्पादों का उपयोग कम करना होगा।”
- 2013- पी. चिदंबरम की appeal: “कृपया सोना ना ख़रीदें।”
- 2013- वीरप्पा मोइली की appeal: “रात 8 बजे के बाद देश के सभी petrol pumps बंद रहेंगे। अगर आपके पास 3 गाड़ियाँ हैं तो सिर्फ 1 गाड़ी का ही इस्तेमाल करें। लोग घर से बाहर निकलना बंद कर दें।”
लाल बहादुर शास्त्री ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और देश में आए भयंकर अन्न संकट के दौरान राष्ट्र को एकजुट करने और आत्मनिर्भरता के लिए कई ऐतिहासिक appeals की थीं:
- Monday Fast- शास्त्री जी ने देशवासियों से आह्वान किया था कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन, विशेषकर सोमवार की शाम का भोजन न करें, ताकि अनाज की बचत हो सके।
- Simplicity Appeal- उन्होंने शादियों और parties में भोजन की बर्बादी कम करने और सादगी बरतने की appeal की थी।
- Result- शास्त्री जी की इन appeals का देश पर अभूतपूर्व प्रभाव पड़ा। उनके एक आह्वान पर करोड़ों लोगों ने स्वेच्छा से सोमवार को उपवास रखा और दिल्ली के hotels-ढाबों ने भी सोमवार की शाम को अपने restaurants बंद रखने का फैसला किया।
ऐसा नहीं है कि ऐसी appeal केवल भारत में ही की जाती है। बल्कि समय-समय पर अन्य देशों में भी की गई है। और जो देश अपने दूरंदेशी राजनायक की देशहित में की गई appeal पर अमल करते हैं, वहां आपदा प्रबंधन सुदृढ़ता के साथ हो जाता है, और देश और अधिक सशक्त होकर विकास करता है।
पर जहां पालन नहीं किया जाता है, वहां आपदा संकट में और संकट पतन में परिवर्तित हो जाता है, और ऐसे देश का समूल नाश हो जाता है।
इसलिए अनुरोध है कि appeal का पालन करें क्योंकि यह मोदी जी अपने हित के लिए नहीं अपितु देशहित के लिए कर रहे हैं।
जय हिन्द, जय भारत!

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