Sunday, 6 April 2025

Bhajan (Devotional Song) : लेगा राम का जो नाम

आज चैत्र नवरात्रि की नवमी है, और आज ही के दिन प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था। इसीलिए, इस दिवस को राम नवमी के नाम से भी जाना जाता है।

तो चलिए, प्रभु श्री राम के इस भजन का आनंद लेते हैं और उनकी भक्ति में लीन हो जाते हैं।

लेगा राम का जो नाम


लेगा राम का जो नाम 

होंगे उसके पूरण काम 


नाम लिया जो दशरथ ने 

तो पुत्र रूप में पाया 

वात्सल्यता से परिपूर्ण हो 

मोक्ष उन्होंने पाया 


लेगा राम का जो नाम 

होंगे उसके पूरण काम 


लिया नाम जो मारुति ने 

भक्त शिरोमणि कहलाए

उनसे प्रसन्न हुए प्रभु ऐसे

उनके हृदय में गये समाए 


लेगा राम का जो नाम 

होंगे उसके पूरण काम

 

लिया नाम जो वाल्मीकि ने 

डाकू से ऋषि कहलाए 

रामायण को लिखकर वो

सम्पूर्ण जगत में छाए 


लेगा राम का जो नाम 

होंगे उसके पूरण काम 


लिया नाम जो अहिल्या ने 

पत्थर से नारी बन पायी 

पति के शाप से मुक्त हो 

बैकुंठ में गयी समाई 


लेगा राम का जो नाम 

होंगे उसके पूरण काम  


लिया नाम जो शबरी ने 

भक्ति का रस था पाया 

झूठे बेर खिलाकर भी 

था पुण्य अपार कमाया 


लेगा राम का जो नाम 

होंगे उसके पूरण काम  


लिया नाम जो सुग्रीव ने

तो मैत्री का सुख पाया 

भटक रहा था वन में जो 

उसने राज्य पूरा पाया 


लेगा राम का जो नाम 

होंगे उसके पूरण काम 


सुनो राम नाम की महिमा 

होती है कितनी अपार 

पत्थर पर जो लिखा नाम तो 

समुद्र हो गया पार 


लेगा राम का जो नाम 

होंगे उसके पूरण काम 


आप सभी को राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। प्रभु श्री राम की कृपा हम सभी पर इसी तरह बनी रहे 🙏🏻 




आज का यह भजन, अद्वय ने प्रस्तुत किया है। भजन, पसंद आने पर कृपया उसको comment box पर उसे प्रेरित अवश्य करें 🙏🏻

पूरे भजन का musical video YouTube में uploaded है। उस का आनंद लेने के लिए, दिए गए link पर click करें :

Saturday, 5 April 2025

Recipe : साबूदाना खीर

आज चैत्र नवरात्रि की अष्टमी है। माँ दुर्गा का दिन, माँ जगदंबा की सम्पूर्णता का दिन, उनकी सम्पूर्ण शक्ति और सिद्धी का दिन, देवी मांँ की आराधना का दिन...

तो चलिए आज माँ को महाभोग में साबूदाने की खीर चढ़ाएं...

साबूदाने की खीर बनना आसान नहीं होता है, वो चिपचिपी बनती है, और जल्दी ही जल भी जाती है, इसलिए लोगों द्वारा उसे बनाना पसंद नहीं होता है। 

पर आप जब Shades of Life से जुड़े हैं तो आप की बनाई साबूदाना खीर world best बनेगी। 

Sabudana Kheer




A) Ingredients :

  • Full cream milk - 500 ml.
  • Sugar - 200 gm. or as per taste 
  • Sabudana (sago) - 50 gm. 
  • Dry fruits - 50 gm. (cashews, almonds, pistachios)
  • Foxnut (makhana) - 20 gm.
  • Saffron - 5 to 10 threads
  • Milk powder - 100 gm.
  • Basil seeds - 5 gm. (optional)
  • Green cardamom powder - 1tsp


B) Method :

  1. साबूदाना में पानी डालकर 2 to 2½ hours के लिए रख दें।
  2. Pan में पानी boil होने के लिए रख दीजिए।
  3. जब पानी उबल जाए तो उसमें भीगे साबूदाना को डाल दीजिए, ढक्कन से ढक कर 25-30 minutes तक or transparent होने तक, बीच-बीच में चलाते हुए boil करें।
  4. साबूदाना उबल जाने पर छान लें।
  5. फिर उसे बर्फ से भरे ठंडे पानी में डाल दीजिए। 
  6. Milk powder में थोड़ा सा दूध डालकर paste बना लीजिए।
  7. केसर के धागे थोड़े से दूध में डालकर घोल लें।
  8. Dry fruits (काजू, बादाम और पिस्ते) को finely chop कर लीजिए और मखाने को mixer grinder jar में डालकर coarsely grind कर लें।
  9. दूसरे pan में, दूध और चीनी डालकर गाढ़ा होने रख दें।
  10. बीच-बीच में चलाते रहें।
  11. जब दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए, तो उसमें मखाना-मेवा डाल दीजिए। 
  12. अब इसमें milk powder का paste डालकर थोड़ा और चला लें।
  13. अब इसमें boiled साबूदाना डालकर proper consistency आने तक चलाते हुए पकाएं। 
  14. अब इसमें केसर दूध और छोटी इलायची पाउडर मिलाकर अच्छे से चला लें।
  15. अब इसे refrigerator में रखकर ठंडा कर लें। 
  16. सब्जा बीज (तुलसी के बीज) को पानी में 2 hours के लिए soak करने के लिए रख दीजिए।
  17. 2 hours बाद छानकर उसे fridge में रख दीजिए।
  18. Serving के समय, कांच के glass में खीर pour कर दीजिए, ऊपर से भीगे हुए सब्जा बीज से garnish करें।

Your tasty, healthy and vrat-friendly Sabudana Kheer is ready to serve.


C) Tips and Tricks :

  • साबूदाने को तीन से चार बार अच्छे से धो लें। इससे साबूदाने का extra starch निकल जाता है। जिससे उसके चिपचिपे होने की tendency कम हो जाती है।
  • गर्म पानी में डालने से साबूदाना चिपचिपा नहीं होता है। 
  • पूरा boil हो जाने के बाद ठंडे पानी में डालने से एक-एक साबूदाना अलग-अलग हो जाता है। इस तरह से पके साबूदाने को दूध में डालने से न तो वो आपस में चिपकते हैं, न‌ तली में लगकर जलते हैं। 
  • खीर चिपचिपी न बनकर खिली-खिली बनती है।
  • सब्जा बीज बहुत healthy option है और खीर में डालने से taste next level पर पहुंच जाता है। साथ ही बहुत healthy option बनाता है। पर यह पूरी तरह से optional है। आप इसे अपने taste के according डाल सकते हैं।


Benefits of basil seeds : Digestion में सुधार, weight घटाने में मदद, blood sugar को नियंत्रित करना, और immunity अच्छी करना।

In short, साबूदाना खाने से indigestion, weight gain, blood sugar level high होने की संभावना रहती है, तो अगर आप तुलसी बीज(सब्जा) डाल देंगे तो आपकी dish balance हो जाएगी और वो भी taste को और enhance करके, but choice is yours...

आज ही माता रानी के महाभोग में साबूदाने की खीर बनाएं और उनकी ढेरों कृपा का लाभ उठाएं।

जय माता दी 🚩 

Friday, 4 April 2025

Article : Legendry Manoj Kumar

कहा जाता है, साहित्य और फिल्में समाज का दर्पण होती है। कुछ हद तक सही भी है। 

या यह भी कहा जा सकता है साहित्य और फिल्में, समाज की गुरु भी होती हैं। क्योंकि समाज का प्रतिनिधित्व करती फिल्में बहुत कुछ सिखा भी जाती हैं।

पर्दे पर नजर आने वाले अधिकांश हीरो और हीरोइन अपने निजी जीवन और नाम के लिए ही फिल्मों में काम करते हैं। पर उनमें से कुछ ऐसे भी हैं, जो अपने समय के superhit hero तो थे ही पर उन्होंने फिल्म में काम करते हुए भी देशप्रेम का परिचय दिया है। 

और ऐसे ही एक हीरो और निर्देशक हैं, मनोज कुमार जी.... 

उनकी देशभक्ति की भावना ने, स्वतः ही कलम को लिखने की प्रेरणा दी है। उनकी देशभक्ति को प्रणाम करते हुए आज का यह लेख आधारित है।

Legendary Manoj Kumar



इनकी superhit films मे बहुत सी देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत फिल्में भी थीं। और यह इस बात से और भी सिद्ध होती है कि मनोज कुमार जी को भारत कुमार के नाम से भी पुकारा जाता था। 

दूसरे शब्दों में कहें तो, अपने देश भारत से,  प्रेम करना और उस पर गर्व करना सिखाया था, मनोज कुमार जी ने...

उनकी देशभक्ति पर आधारित सुप्रसिद्ध फिल्में हैं, उपकार, रोटी कपड़ा और मकान, शहीद, पूरब और पश्चिम और क्रांति...

जितनी यह फिल्म, superhit थी, उतने ही उसके गाने, 

मेरे देश की धरती... 

ओ मेरा रंग दे बसंती चोला...

भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं...

अबके बरस तुझे धरती की रानी कर देंगे...

दुल्हन चली, ओ पहन चली...

इन फिल्मों और गानो में देशभक्ति की भावना इस तरह से घुली मिली है कि इनके बिना वो माहौल, वो जोश और उत्साह सोच पाना बेमानी लगता है। 

मनोज कुमार जी को बहुत awards मिले हैं।

1973 में Film fare award

Dadasaheb Phalke award 2016

Film fare lifetime achievement award 1999

Film fare awards for direction, in रोटी कपड़ा और मकान व‌ उपकार के लिए...1968, 1975 

Padma Shri award 1992 

Film fare awards for story and dialogues 1968 ( upkar)

Film fare awards for Best editing 1973 (shor)

Screen life time achievement award 2008

Guild award for life time achievement  2012

ऐसे ही बहुत सारे awards मिले हैं।

अगर as a hero मनोज कुमार‌ जी को, आजकल के बच्चों की नज़र से देखेंगे तो, वो कहेंगे कि वो तो हमारी नानी, दादी के समय के हीरो थे, पर अगर देशभक्ति के गीतों की बात करेंगे तो वो उसमें आज भी गुनगुनाते और थिरकते नजर आएंगे। 

आज भी school and college के स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर मनोज कुमार जी की फिल्मों के गीत गाए जाते हैं और उन पर नृत्य किया जाता है।

आज 87 साल की अच्छी और लंबी जिन्दगी को जीते हुए, उन्होंने अपने नश्वर शरीर को त्याग दिया है। 

यूं तो जन्म और मृत्यु, जीवन के अटल सत्य हैं, फिर भी जब कोई legendary personality, इस दुनिया से अलविदा लेती है तो सबकी आंखें नम हो ही जाती हैं। 

उनकी फिल्म शोर का यह अमर गीत, जिसने चंद पंक्तियों में जीवन सार समझा दिया, हमेशा ही उनकी याद दिलाता रहेगा...

एक प्यार का नग़मा है

मौजों की रवानी है

ज़िंदगी और कुछ भी नहीं

तेरी मेरी कहानी है

कुछ पाकर खोना है, कुछ खोकर पाना है

जीवन का मतलब तो, आना और जाना है

दो पल के जीवन से, इक उम्र चुरानी है

ज़िन्दगी और…


मनोज कुमार जी, आपके देश के प्रति अपार प्रेम को शत-शत नमन 🙏🏻 

आपकी पुण्य आत्मा ईश्वर में लीन होकर शान्ति को प्राप्त करें।