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Monday, 6 January 2025

Superstition : आँखों का फड़कना

आज एक ऐसे topic पर लिख रहे हैं, जिसको अधिकतर लोग superstition के रूप में न लेकर वास्तविक रूप में अधिक लेते हैं।

और वो बात है, आँखों का फड़कना (twitching)... आपका क्या सोचना है, इस बात को लेकर...

अच्छा, एक बात और है कि आंख कौन सी फड़क रही है, और किस की, मसलन gents की या ladies की, इससे पूरी बात ही बदल जाती है।‌

धारणा के मुताबिक, left अंग फड़कना ladies का और right अंग फड़कना gents का अच्छा माना जाता है।

तो चलिए, जो धारणा चली आ रही है, आँखों के फड़कने की, पहले उसे ही देख लेते हैं।

आँखों का फड़कना



1) पुरुषों की बाईं आँख फड़कना :

पुरुषों में left आँख का फड़कना अशुभ माना जाता है। इसका मतलब है कि किसी दुश्मन से लड़ाई हो सकती है या फिर future में कोई परेशानी बढ़ सकती है।

बाईं आँख फड़कने का मतलब tension, fear, शोक, लड़ाई आदि की ओर इशारा भी होता है।


2) महिलाओं की बाईं आँख फड़कना :

स्त्रियों में left आँख का फड़कना शुभ माना जाता है।

इसे शुभ समाचार, सुख, सौभाग्य, और धन लाभ का संकेत माना जाता है। इसके अलावा यह किसी नई चीज़ की शुरुआत, कोई नया सामान मिलना, किसी नए मेहमान का आना, present पर focus करना और past के बारे में बहुत ज़्यादा न सोचना जैसी बातों का भी संकेत हो सकता है।


3) महिलाओं की दाईं आँख फड़कना :

Right आँख का फड़कना महिलाओं के लिए अशुभ माना जाता है। इसका मतलब है कि उन्हें mental तनाव या health-related problem हो सकती है।


4) पुरुषों की बाईं आँख फड़कना :

पुरुषों के लिए right आँख का फड़कना अति शुभ माना जाता है, जिसका अर्थ है कि भविष्य में आपको धन लाभ होने वाला है। अगर पुरुषों की right आँख की upper eyelashes और eyebrows फड़कती हैं, तो माना जाता है कि उनके मन की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं और promotion व धन लाभ भी होता है।


यह तो हुई धारणा की बात...

अब जान लेते हैं, कि medically or scientifically, आँखों के फड़कने का क्या कारण है...


5) आँख फड़कने के वैज्ञानिक कारण :

  • Excessive screen time.
  • Lack of sleep.
  • Tension or anxiety.
  • Overconsumption of caffeine (coffee and tea).
  • Deficiency of vitamin B12 and D.
  • Fatigue.


आइए अब आप को बताते हैं कि अगर आंख फड़क रही है और आप उससे बहुत ज्यादा परेशान हैं तो क्या किया जाए, जिससे आप को आराम मिल‌ जाए...


6) आँख के फड़कने से आराम पाना : 

  • Resting the eyes.
  • Massaging the eyes.
  • Going for a walk.
  • Exercising.
  • Talking with relatives/friends.
  • Having a good sleep.
  • Reducing consumption of caffeine.
  • Stopping the consumption of alcohol, tobacco and cigarette.
  • Keeping the eyes half open.


आपको धारणा और scientific reason दोनों ही बता दिया है, अब आप को जो भी अच्छा लगे, उसके अनुसार करें 🙏🏻 

सुखी रहें, स्वस्थ रहें...


Note : अगर आंखें जोर-जोर से फड़क रही हैं, लाल हो रही हैं, या सूजन या पानी गिरने की शिकायत है, तो doctor से सलाह लें।

Friday, 21 April 2023

Superstition: छींकना : शकुन- अपशकुन

आज Superstition segment में एक और ऐसी धारणा को साझा कर रहे हैं, जिसको बहुत लोग मानते हैं।

वो है किसी व्यक्ति का छींकना...

वैसे अब इसके प्रभाव को बहुत से लोगों ने मानना बंद कर दिया है, फिर भी अभी भी बहुत से लोग छींक का विचार करते हैं।

जैसे किसी काम या यात्रा के समय कोई निकल रहा हो, ऐसे में कोई छींक दे, तो बहुत अपशकुन होता है, लोग मानते हैं कि ऐसे में काम के बिगड़ने की संभावना बढ़ जाती है। 

छींकना : शकुन- अपशकुन 


शकुन अपशकुन जानने से पहले यह जान लेते हैं कि छींक क्यों आती है? 

छींक mostly तब आती है जब हमारी नाक के अंदर, उसकी झिल्ली में कोई ऐसा partical चला गया, (जो कि मुख्यता संक्रामक होते हैैं) जिससे हमारी नाक में irritation हो रही हो। ऐसा में nostrils से तुरंत हमारे brain को message पहुंचता है और brain शरीर की muscles को आदेश देता है कि इस particle को बाहर निकालें।‌‌ 

आप सोच रहे होंगे कि हमें नाक लिखना चाहिए और हमने शरीर लिख दिया।

नहीं जी हमने सही ही लिखा है, आपको पता है, छींक जैसी मामूली सी क्रिया में कितनी muscles काम करती हैं।...

तो गिनती शुरू कीजिए, Stomach, chest, diaphragm, vocal cords, गले के पीछे और यहां तक कि आंखों की भी muscles. 

ये सब मिलकर काम करती हैं और particle बाहर निकाल दिया जाता है। कभी-कभी एक छींक से काम नहीं चलता तो कई छींके आती हैं। 

जब हमें ज़ुकाम होता है तब छींकें इसलिए आती हैं क्योंकि ज़ुकाम की वजह से हमारी नाक के भीतर की झिल्ली में सूजन आ जाती है और उससे ख़ुजलाहट होती है। 

यह तो रहा कि छींक क्यों आती है और उसमें कितनी muscles काम करती हैं।

अब देखते हैं कि जब छींक आ रही हो, और हम उसे इसलिए रोक देते हैं कि अपशकुन ना हो, तो क्या नुकसान हो सकता है...

छींक रोकना बेहद खतरनाक हो सकता है, हो सकता है कि आपके छींक रोकने से आपके शरीर के दूसरे अंगों पर नकारात्मक प्रभाव पड़े। 

दरअसल, छींक बहुत तेज गति के साथ आती है, ऐसे में जब हम छींक रोकते हैं तो वो pressure हमारे नाक या गले की कोशिकाओं पर दबाव डालकर उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है. कई बार इसका असर दिमाग पर भी हो जाता है।

तो आप समझ लीजिए, कोई छींक रहा हो, और उसे किसी तरह का कोई infection हो, तब वो आप के लिए अपशकुन हो सकता है, क्योंकि तब उसके छींकने के साथ संक्रामक particles की droplets, आप पर गिर कर आपको भी बीमार बना सकते हैं। इसलिेए अगर कोई बीमार है और बार बार छींक रहा हो, तो आप precautions के साथ रहें।

रही बात और तरह के अपशकुन की तो, छींक प्राकृतिक प्रक्रिया है, उसे रोकने से अपशकुन हो सकता है, नहीं रोकने से नहीं... इसलिए किसी भी कारण से नाक दबा कर छींक रोकने का प्रयास ना करें

ऐसी बातों पर विश्वास कीजिए, जो आपके लिए लाभप्रद हो, घिसी-पिटी बातों पर ध्यान ना दें

स्वस्थ रहें, सुखी रहें...

Monday, 15 November 2021

Superstition : क्यों रोते हैं कुत्ते रात में

आज से एक और segment start कर रहे हैं। क्या जो मान्यता बहुत दिनों से चलती आ रही हैैं, उसके पीछे कोई तथ्य है या वो महज अंधविश्वास (superstition) हैं।

एक नया नज़रिया, हर बात को देखने का, उसके पीछे के सत्य को जानने का, यह जानने की वो कहीं myth तो नहीं है। 

तो चलिए आज एक बहुत common topic को देखने और समझने की कोशिश करते हैं....

क्यों रोते हैं कुत्ते रात में 


रात में कुत्ते के रोने के पीछे के बहुत सारे कारण माने जाते हैं, जिसके कारण कुत्ते के रोने से बहुत से लोग डर जाते हैं, वहीं बहुत लोग परेशान हो जाते हैं। जिससे कुत्ते को मारपीट कर भगा दिया जाता है। 

आज आपके इसी भ्रम को दूर करने के लिए इस topic लिख रहे हैं, इससे शायद आप का भ्रम दूर हो जाए और आज के बाद आप कुत्ते के रोने से आतंकित ना हो।

    

किसी के मौत की पूर्व सूचना :

हमारे समाज में प्रचीन काल से ही कई मान्‍यताएं चली आ रही हैं। ये मान्‍यताएं ऐसी हैं, जो सिर्फ मानी जाती हैं। जबकि इनके पीछे की कहानी या तर्क की खोज भी की जाए तो शायद कुछ ना मिले। एक ऐसी ही मान्‍यता है कि कुत्ते का रोना बुरा होता है। यानी कि अपशकुन। कहा जाता है कि कुत्ते का रोना मतलब आने वाले समय में किसी की मौत की पूर्व सूचना। जाहिर है ऐसी बात सुनकर तो कोई भी डर जाए।


ज्‍योतिष कहते हैं ‘आत्‍मा’ का है मामला :

वैसे, ज्योतिषों का यह मानना है कि कुत्ते सबसे ज्यादा तब रोते हैं, जब उनके आसपास कोई आत्मा होती है। यानी कि आत्‍मा जिसे कि normally लोग नहीं देख सकते, उसे देखकर कुत्ते रोने लगते हैं। इस कारण भी लोग अपने आसपास कुत्ते को रोता हुआ देख उसे भगाने लगते हैं।


विज्ञान और विशेषज्ञ मानते हैं यह बात :

मान्‍यताओं और ज्‍यो‍तष‍ियों से आगे अब आते हैं विज्ञान पर। पहली बात तो यह है कि कुत्ते रोते नहीं हैं। वो Howl करते हैं। HOWL एक तरह की प्रक्रिया होती है। जब कुत्ते अपने झुण्ड से अलग हो जाते है तो वो एक-दूसरे से COMMUNICATE करने के लिए HOWL करना शुरू कर देते है। जिससे एक कुत्ते का location दूसरे कुत्ते को पता चल पाए। और उनके HOWL करने के sounds अलग-अलग होते हैैं। जो सिर्फ कुत्ते ही समझ पाते है। असल में रात में ऐसी आवाज निकालकर वह सड़क या इलाके में दूर अपने दूसरे साथियों तक message पहुंचाते हैं। यह साथ‍ियों के लिए यह संदेश भी है कि वो कहां पर हैं। 


दर्द में साथ‍ियों को बुलाने का तरीका :

जाहिर है कुत्ते भी जीव हैं। लिहाजा, उन्‍हें भी चोट लगती है। दर्द होता है। शारीरिक परेशानी होती है। ऐसी स्‍थ‍िति में भी कुत्ते Howl करते हैं। इस तरह वह दूर कहीं अपने साथियों को अपने पास बुलाता है।


अकेलापन महसूस करने पर भी करते हैं Howl :

इंसान की तरह कुत्तों को भी अकेला रहना पसंद नहीं होता है। इसलिए जब कभी वह अकेला महसूस करते हैं तो अपने साथियों को बुलाने के लिए howl करते हैं।


आप को पूरा कारण बता दिया है। अब तक आप को भी समझ आ गया होगा कि जो डरता है, हर कोई उसे ही डरता है। 

तो अब से बेकार की मान्यताओं और ज्योतिषियों के झूठ में फंसे नहीं। 

अब से कुत्ते के Howl से डरें नहीं। हाँ उसके Howl से आप की नींद disturb हो रही है, तो बेशक आप उसे भगा दीजिए पर मारपीट कर नहीं, क्योंकि वो भी एक जीव है।