Saturday, 11 July 2026

Recipe : Cheese Dips

कल Potato Paneer Twister की recipe share की थी, जिसे काफ़ी पसंद किया गया था, साथ ही cheese dips की recipe share करने की demand भी की। तो आज वही share कर रहे हैं।

Cheese dips आप जिसके साथ भी serve करेंगे, उस dish में चार चांद लग जाएंगे, और आप इसे बहुत easily आप घर पर बना सकते हैं…

Cheese Dips


Ingredients :

  • Cheese slices - 2
  • Milk - ½ bowl (dessert-sized bowls)


Method :

  1. एक bowl में दूध लीजिए, उसमें cheese slices को तोड़कर डाल दीजिए।
  2. 1 minute के लिए microwave कर लीजिए।
  3. अब इस mix को तब तक मिलाते जाइए, जब तक एक uniform solution बनकर cheese dip ready हो जाए।

अब इस cheese dip को different flavours के लिए-

  • Mild-Spicy Flavour: Pizza seasoning mix कर दीजिए।
  • Tangy Flavour: Tomato ketchup add करके mix कीजिए (for tangy flavour)।
  • Garlic Flavour: अगर आप को garlic cheese dip बनाना है तो garlic cloves को mince करके bowl में तभी डाल दीजिए, जब दूध में cheese melt कर रहे हैं, इससे garlic हल्का-सा roast हो जाता है, इससे काफी अच्छा flavour आता है।
  • Spicy Flavour: Schezwan sauce mix कर दीजिए।

तो आप अपने accordingly flavour create कर सकते हैं। फिर अब आप जब भी continental dishes बनाएँ, cheese dips जरूर बनाएँ, यह आपकी dishes में चार चांद लगा देगा…

Friday, 10 July 2026

Recipe : Potato Paneer Twisters

बेटे का कल जन्मदिन था, तो सोचा कुछ ऐसा try किया जाए कि वो खाते ही बोल उठे, “Wow! मज़ा आ गया।”

तो आजकल जो cafeteria में hot favourite recipe है, उसी को try किया, और आज वही recipe share भी कर रहे हैं।

यह जितनी easily, instantly prepare होने वाली recipe है, उतनी ही healthy and tasty भी है।

Healthy बच्चों के reference में लिखा है।

आलू और पनीर बच्चों को बहुत पसंद होता है, हमने उसे ही लिया है, और उसे prepare करके इतना interesting बनाया है कि बच्चे उसे देखकर रुक ही नहीं पाएंगे। 

ऐसा इसलिए क्योंकि यह देखने में जितना interesting है खाने में भी उतना ही yummy. तो झटपट देख लेते हैं इसकी recipe…

Potato Paneer Twisters


Ingredients :

  • Potatoes - 2 (large-sized)
  • Paneer - 250 gm. 
  • Fresh Malai - 2 tbsp.
  • Cornflour - 2 tbsp.
  • Mixed Herbs - as per taste
  • Salt - as per taste 
  • Kashmiri Mirch Powder - 1 tsp. 
  • Turmeric powder - ½ tsp. 
  • Toothpick - for binding 
  • Ghee/oil - for frying 


Method :

  1. आलूओं को peel करके अच्छे से wash कर लीजिए, फिर इनके पतले पतले chips निकाल लीजिए।इन्हें पानी में डाल दीजिए।
  2. पनीर के rectangular shape के pieces काट लीजिए।
  3. एक bowl में मलाई, mixed herbs, salt, chilli powder, turmeric powder, और 2 tsp cornflour छोड़कर बाकी सभी ingredients डालकर अच्छे से mix कीजिए।
  4. अब पनीर के pieces पर इस mix की coating करके marination के लिए रख दीजिए।
  5. आलू के chips को strainer में रख दीजिए जिससे excess water निकल जाए।
  6. एक bowl लेकर उसमें 2 tsp. cornflour लें व पानी डालकर पतली slurry बना लीजिए।
  7. आलू के chips को slurry में डुबाकर उसमें marinated paneer piece रखें, फिर उसमें एक toothpick लगाकर आलू में पनीर को bind कर दीजिए। 
  8. इसी तरह से सारे आलू chips में पनीर bind कर लीजिए।
  9. एक wok लीजिए, उसमें घी डालकर गर्म कर लीजिए। गर्म घी में इन bound pieces को डालकर सुनहरा होने तक fry कर लीजिए।

Crunchy and Soft Potato Paneer Twisters are ready to serve, enjoy them with your favourite sauce or dip.


Tips and Tricks :

  • आलू बड़े ही लीजिए, क्योंकि आलू के chips बड़े होने से पनीर के साथ binding easy होगी।
  • अगर आप के पास mixed herbs नहीं हैं या आप डालना नहीं चाहते हैं, या आपको spicy flavour चाहिए, तो उसकी जगह आप ginger garlic and chilli paste भी ले सकते हैं।
  • अगर आप के पास cornflour नहीं है तो आप मैदा और चावल का आटा भी ले सकते हैं। वैसे authentically cornflour ही लेते हैं, जो इसे crispy taste देता है।
  • Potato chips and cornflour इसे crunchy and crispy taste देता है, वहीं पनीर juicyy and soft taste देता है। दोनों का combination, next level का flavour देता है।
  • Turmeric powder और kashmiri lal mirch powder completely optional है। इससे presentation में एक bright colour मिलता है, जो कि attraction में help करता है।
  • वैसे आप इसे अपनी पसंद के किसी भी sauce से खा सकते हैं, इनमें different types के cheesy dips से चार चांद लग जाते हैं।
  • इसे आप tea time, birthday party, kitty party etc. में बनाकर आप अपनी party में चार चांद लगा सकते हैं।

If you interested to know how to make cheese dips within minutes, so stay with us…

Thursday, 9 July 2026

Poem : जन्मदिवस पर स्नेहाशीष

एक माँ का अपने बेटे के लिए स्नेहाशीष…

जन्मदिवस पर स्नेहाशीष


मनुष्य जन्म को तब,

आधार मिलता है।

जब मां-पापा बनने का,

अधिकार मिलता है।

जीवन की बगिया में, 

वो जो पुष्प खिलता है।

सम्पूर्णता मिल गई हो जैसे, 

यह एहसास मिलता है।

अपने अस्तित्व को भूल,

मां-बाप उसमें ही खो जाते हैं। 

उसके इर्द-गिर्द ही अपनी, 

दुनिया सजाते हैं।

पर यह बच्चे पर भी,

निर्भर करता है।

सुखद जीवन मिले उन्हें,

वो अपने कर्मों से तय करता है।

फिर अगर मिल जाए,

अद्वय-सा बच्चा।

सुखद जीवन का स्वप्न,

हो जाए सच्चा।

कुशाग्र बुद्धि, बेहद सरल,

जैसे बहता अविरल जल।

जितना चंचल, उतना कोमल,

डिगे नहीं, चाहे हो जो पल।

संस्कृति, विज्ञान का वो संगम,

उजला तन उजला ही मन।

उसकी हर एक को कामना,

सुखद रहे जीवन उसका, 

यही है ईश्वर से मेरी प्रार्थना। 


हे ईश्वर, कोटि-कोटि आभार आपको, जैसे बच्चे की कामना होती है सबको, वैसा ही बच्चा आपने दे दिया हमको।

जन्मदिवस पर विशेष शुभकामनाएँ हमारे प्यारे बेटे अद्वय!

Wednesday, 8 July 2026

Article : सितारे superstar क्यों नहीं?

आज एक अलग ही बात मन में आई तो सोचा कि उसी पर लेखनी चलाई जाए, तो आज का topic है सितारे, stars.

आपने कभी सोचा कि यह stars हमें इतना लुभाते क्यों हैं, क्योंकि इनकी जगमगाहट हमें अपनी तरफ सम्मोहित करती है।

पर हमारा इनके प्रति इतना attraction का main reason है इनसे हमारी दूरी, इन तक हमारी न पहुंच पाने की क्षमता।

यह दूरी और हमारी यह अक्षमता इन्हें और भी special बनाती है। हमें इन्हें पाने की चाहत, इनके नजदीक जाने की, इन्हें छूने की इच्छा, हमारी छटपटाहट बढ़ाती है 

सोचिए, अगर यह हमारी range में होते, इन्हें छूना, इन्हें पाना, बहुत आसान होता तो? 

तो शायद यह attraction भी नहीं होता, star होना कुछ बड़ा नहीं होता…

सितारे superstar क्यों नहीं?


Stars की इस quality के कारण ही movies and serials के कलाकारों को star के नाम का दर्जा दिया गया।

कोशिश की गई कि जैसे ही कोई कलाकार limelight में आ जाए, मतलब hit or superhit हो जाए, वो आम इंसान से दूर हो जाए।

उनको मिलना, उनको देखना, next to impossible हो जाए।

रूपहले पर्दे पर उनका आना उन्हें जगमगाहट देता है और लोगों की पहुंच से दूर हो जाना, लोगों का उन्हें न देखना पाना, उन्हें न छू पाना, उनसे न मिल पाना, उनके fans में छटपटाहट बढ़ाता है। 

लोग उनकी एक झलक पाने के लिए घंटों इंतज़ार करते, उनके लिए अपने खून से पत्र लिखते, अपनी दीवानगी दिखाने के लिए उन्हें रिझाने के हर संभव असंभव प्रयास करते।

और जो जितने बड़े superstar or legend, उनसे दूरी उतनी अधिक और लोग उनके लिए उतने ही पागल।

लेकिन ऐसा उस समय में ज्यादा होता था, जब लोगों को अपने favourite stars को देखने का जरिया सिर्फ cinema halls हुआ करते थे।

पर आज जब movies देखना कोई बड़ी बात नहीं है, लोग घरों में बैठकर जब और जो चाहे वो movie देख सकते हैं। 

आज उन्हें बड़े पर्दे और special sound effects के लिए theatre नहीं जाना पड़ता है, सब कुछ घर में मौजूद है।

रही सही कसर Netflix, OTT cinema और social media पर stars की availability ने कर दिया।

अब stars की reaches बहुत easy कर हो गई है, जिसके कारण अब यह stars, superstar नहीं बन पा रहे हैं।

बाकी उनको star बनाना भी क्यों है जो हमसे दूरी बनाने के अलावा कुछ नहीं करते?

उन्हें star बनाना भी क्यों है जिनका दायरा केवल अभिनय तक सीमित है?

Star or superstar उन्हें बनाएं जिन्होंने देश के लिए कुछ किया हो, या उन्हें बनाएं जिन्होंने आपकी जिंदगी संवार दी। 

जिनके लिए आप सर्वोपरि हैं, जो आपके लिए हर दूरी मिटा दें। उन्हें star नहीं, अपना superstar बनाएं और जिंदगी को सरल और सफल बनाएं…

Tuesday, 7 July 2026

Story of Life : खुशी

खुशी


चंदू प्यारा-सा, छोटा-सा, नटखट बच्चा था। वो इतना चंचल था कि दिनभर मस्ती करता, पर किसी के हाथ नहीं आता। उसकी माँ वसुधा उसे संभालते-संभालते थक जाती, पर मजाल है कि चंदू दो पल को भी थककर बैठता।

एक दिन परेशान होकर वसुधा ने अपनी माँ शक्ति देवी को अपने घर बुला लिया। शक्ति देवी अपने नामानुसार बहुत शक्तिशाली थीं, इस उम्र में भी उनमें बहुत दम-खम था।

शक्ति देवी को देखकर वसुधा ने चैन की सांस ली, कि चलो अब कुछ दिन सुकून से निकलेंगे। चंदू को शक्ति देवी ने उसके पैदा होने के समय संभाला था, पर अभी व्यस्तता के चलते शक्ति देवी अपनी बेटी से चार साल से मिलने नहीं आ पाई थीं।

दरअसल शक्ति देवी अपने गांव की बहुत सफल मुखिया थी, साथ ही उनके बहुत बड़े खेत-खलिहान भी थे, जिनके रखरखाव की जिम्मेदारी पूरी उन्होंने ही उठा रखी थी, और पूरा गांव उनको बहुत मानता था। 

अभी खेत-खलिहान में बीज इत्यादि लगाकर उस तरफ से थोड़ी फुर्सत पाकर वो हफ्ते भर के लिए वसुधा और चंदू से मिलने आईं थीं। चंदू एक दिन तक तो शक्ति देवी से दूर-दूर रहा, पर जल्दी ही उनके साथ घुल-मिल गया।

क्योंकि शक्ति देवी ने उसके लिए बेहद स्वादिष्ट पकवान बनाए, उसे रात में बहुत अच्छी कहानियां सुनाईं और दिन में उसके साथ दुनियाभर के खेल खेले।

अब तो चंदू दिनभर अपनी नानी माँ के साथ ही रहता, उनके साथ खेलता, उनके हाथ से ही खाना खाता, उनके साथ ही सोता।

वसुधा, चंदू और शक्ति देवी सभी प्रसन्न थे। वसुधा चैन की सांस लेकर, चंदू अपनी नानी मांँ का साथ पाकर, और शक्ति देवी अपने नाती को लाड लड़ाकर।

एक हफ्ता कब गुजर गए, पता ही नहीं चला और शक्ति देवी के लौटने का दिन आ गया।

जब चंदू को पता चला कि नानी माँ जा रही हैं तो वो बहुत दुखी हो गया और भगवान से प्रार्थना करने लगा कि कुछ ऐसा हो जाए कि नानी माँ रुक जाएं। पर ऐसा हुआ नहीं, नानी माँ के लिए cab आ गई और वो station के लिए रवाना हो गईं।

चंदू बहुत ज़ोर-ज़ोर से रो रहा था कि नानी माँ लौट आइए।

वसुधा चंदू का रोना देखकर उसे भीतर ले गयी और चंदू को समझाने लगी, तभी खबर आई कि शक्ति देवी वापस आ रही हैं। सुनकर चंदू खुशी से चिल्ला-चिल्ला कर उछलने लगा, नानी माँ आ रही हैं।

जब शक्ति देवी आईं, तो पता चला कि cab से उतरते समय उनका balance गड़बड़ हुआ, जिससे वो काफी जोर से गिर गई और उनके पैर में बहुत तेज दर्द हो रहा है।

वसुधा माँ को लेकर तुरंत hospital पहुंच गई, वहां पता चला कि उनके पैर में fracture हुआ है और 3 महीने के bed rest की जरूरत है।

अब तो शक्ति देवी दिनभर bed पर रहतीं, वसुधा भी उनकी ही तिमारदारी में लगी रहती, इस तरह से नानी माँ लौट तो आईं पर दर्द से कराहते हुए और माँ से जो थोड़ा बहुत समय चंदू को मिलता था, वो भी अब नहीं मिल रहा था।

एक दिन नानी माँ के पास बैठकर चंदू रो रहा था, उन्होंने कारण पूछा, तो उसने रोते हुए कहा, “मैंने ही भगवान जी को बोला था, कैसे भी आप रुक जाओ और आपका accident हो गया। आप लौट तो आईं पर मेरा कोई फायदा नहीं हुआ, मुझे खुशी मिली ही नहीं।”

नानी माँ ने चंदू को चुप कराया और बोला कि “इसमें तुम्हारा कोई दोष नहीं, जो‌ होना था हो गया। पर बेटा, आगे से अगर तुम्हारी खुशी किसी और से भी जुड़ी हुई है तो, अपनी कामना के लिए प्रार्थना करने के साथ यह भी कहो, कि उसमें उसका कोई अनिष्ट न हो, बल्कि उसे भी लाभ हो, और तुम्हारी कामना तब पूर्ण हो, जब उसकी भी वही कामना हो। अपनी खुशी को पाने के लिए अगर दूसरे को दुःख पहुंचता है तो फिर ऐसी ही ग्लानि होती है। इसलिए ऐसा मांगो कि आपका और उसका दोनों का शुभ हो, तभी सच्ची खुशी मिलेगी।”

सुनकर चंदू मंदिर की ओर दौड़ गया और भगवान जी से प्रार्थना करने लगा, और बोला “मेरी नानी माँ को जल्दी ठीक कर दीजिए और वो तब तक रहें, जब तक वो ख़ुशी से रह सकें, क्योंकि जब वो खुश रहेंगी, तभी मैं भी खुश रहूंगा।”

Monday, 6 July 2026

Story of Life : आ जिंदगी जी लें

आज की यह कहानी हर एक की जिंदगी से जुड़ी हुई कहानी है, एक बार पूरी अवश्य पढ़ें, शाय़द आपकी भी सोच बदल जाए और आप भी जिंदगी जीने लगें…

आ जिंदगी जी लें


संजना ने ऋतिक से कहा, “सुनो ना, आटा खत्म हो गया है, लेकर आते हैं।”

“क्या लेकर आते हैं संजना, वो भी online marketing के जमाने में? कौन खड़ा होगा घंटों bill की line में?”

“जाकर लाएं या order करें, आएगा तो एक ही चीज़।”

“अरे order कर दो। साथ में और भी जो कुछ मंगाना हो, उन सबका भी order कर दो।”

“ऋतिक bedroom की ओर बढ़ गया, और संजना याद कर करके सामान के order की list prepare करने लगी।”

शाम के समय संजना फिर बोली, “आज बहुत दिनों बाद Sunday free मिला है, चलो न movie देखकर आते हैं।”

“अरे यार! एक Sunday मिला है, आराम कर लो, फिर रात में Netflix में movie देखेंगे, तुम कुछ चटपटा-सा बना लेना। वहां जाकर 4 गुना दाम का popcorn खाने से अच्छा है घर में ही देख लें।”

“कौन-सी देखें? संजना ने उत्सुकता से पूछा।”

“अरे कोई भी लगा लो, सब एक-सी ही लगती हैं। उसने बेरुखी के साथ जवाब दिया।”

“यह कहकर ऋतिक नींद के आगोश में चला गया और संजना अकेली बैठी ढूंढती रही कि कौन-सी movie देखें।”

कुछ दिनों बाद संजना ने ऋतिक से कहा, “चलो न कहीं घूम कर आते हैं।”

“अरे यार, अभी कुछ दो-तीन साल पहले गये तो थे। इस साल मेरे पास बिल्कुल समय नहीं है।”

ऋतिक ने बड़ी तल्खी से जवाब दिया और फिर laptop में काम करने लगा और पिछली बार की photo को देखकर संजना मन बहलाने लगी।

दिन महीने साल बदलते रहे, और संजना और ऋतिक की जिंदगी जिम्मेदारियां निभाने और इसी तरह से घर में रहकर ही सब करने में व्यतीत होती गई।

बच्चों की ज़िम्मेदारियों से free होकर job से retire होने के बाद एक दिन ऋतिक ने संजना से कहा, “बहुत दिन हो गए, चलो कहीं घूम कर आते हैं।”

संजना की प्रसन्नता से बाछें खिल गईं, वो तुरंत मान गई।

दोनों घर से निकलकर कुछ दूर ही चले थे और थककर चूर हो गए और घर लौट आए।

कुछ देर बाद, ऋतिक bedroom से बाहर आ गया, संजना अभी भी सामान order करने की list बना रही थी।

“संजना, चलो आटा लेकर आते हैं।”

“अरे क्या हुआ? मैं list बना रही हूं online order करने के लिए।”

“नहीं, चलो लेकर आते हैं। थोड़ा समय मिल जाएगा साथ में, फिर चलेंगे movie देखने, बहुत दिन हो गए हैं।”

संजना चलने को तैयार हुई तो ऋतिक ने उसे गले से लगा लिया और बोला, “वक्त बहुत तेजी से निकल रहा है। पर हम हर पल को जीएंगे, जितना हो सकेगा, उतना अधिक समय एक-दूसरे के साथ बिताएंगे।”

संजना कुछ समझ नहीं पा रही थी, पर ऋतिक जब bedroom में चला गया था, तब सपने में वो retire होने तक के दिन जी आया था और अच्छे से समझ गया था, कि ज़िन्दगी को समय से साथ में बिताने में ही सुख है।

एक बार वक्त गुजर जाता है, तो फिर वो पल नहीं जी पाएंगे, जो जिंदगी है। जिंदगी सिर्फ भागमभाग नहीं है, बल्कि कुछ पल ठहर कर जी लेना ही जिंदगी है, समय से कुछ बेहतरीन और यादगार पल चुरा लेना ही जिंदगी है।

“आ संजना, जिंदगी जी लें, एक साथ हर जगह...”

अगर आप भी जिंदगी में साथ न रहकर ऐसे ही जिंदगी बिता रहे हैं तो मत रहिए ऐसे, अपने जीवनसाथी को खूब समय दें और जी लें जिंदगी। क्योंकि काम तो जिंदगी-भर रहेगा, पर यह वक्त पलट कर नहीं आएगा, जिसमें एक-दूजे को समय दे सकते थे और सही मायने में जिंदगी जी सकते थे…

Tuesday, 30 June 2026

India's Heritage : चरण स्पर्श का औचित्य

आज हम India's Heritage segment में भारतीय संस्कृति से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण परंपरा को discuss करेंगे। 

भारतीय परंपरा में बड़ों से मिलने के लिए विशेष भंगिमाएं हैं, जिन्हें शिष्टाचार का प्रतीक मानते हैं।

पर कभी सोचा है कि यह विशेष भंगिमाएं क्यों? क्या इसके पीछे कोई वजह है? क्या वो वजहें scientific भी हैं?

तो सबसे पहले आप को बता दें कि भारतीय संस्कृति सनातन है, और इसमें किए जाने वाले प्रत्येक कार्य के पीछे जितना आध्यात्मिक कारण है, उतना ही scientific भी।

आज बात करेंगे चरण स्पर्श की...

चरण स्पर्श का औचित्य


हमारी संस्कृति में बड़े-छोटों सभी को Hi-Hello कहकर नहीं मिला जाता है।

भारतीय संस्कृति में अपने से बड़े (उम्र में या पद में) या शिक्षक हों, उनसे मिलकर अभिवादन का तरीका यह है कि उनके चरणों को स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया जाए। 

आशीर्वाद, किस लिए? उससे क्या हो जाएगा? क्या आशीर्वाद कुछ होता भी है? और क्यों जरूरी है आशीर्वाद लेना?

देखिए, हर बात विश्वास पर टिकी है, मानों तो भगवान, न मानो तो पत्थर। पर सच यह है कि ईश्वर हैं, उनका अस्तित्व है, उनकी supreme power है। संसार को वही चला रहे हैं।

उसी तरह आशीर्वाद है, उसमें असीम divine power है, और जिनके पास अपने बड़ों का आशीर्वाद रहता है, वह अधिक सुखी और संतुष्ट रहते हैं।

भारतीय संस्कृति में सृष्टि में व्याप्त हर एक को एक विशेष स्थान दिया गया है।

फिर हमसे जुड़े रिश्ते तो सर्वोपरि हैं, फिर वो चाहे मां-पापा का हो, गुरु का हो, या हमसे जुड़ें किसी भी बड़े का, उन सबका स्थान ईश्वर के बाद, सर्वाधिक वंदनीय माना गया है।

अब जान लेते हैं कि चरण स्पर्श करने का scientific effect क्या होता है।

भारतीय संस्कृति में बड़ों के ‘चरण स्पर्श’ (पैर छूने) की परंपरा केवल संस्कार या शिष्टाचार नहीं है, बल्कि इसके पीछे deep physical, mental और scientific importance भी है। यह प्रक्रिया energy level को balance करने और विनम्रता विकसित करने में मदद करती है।


Scientific Effects :

  • Energy Flow and Circuits- Scientifically, human body में neuro-electric energy का flow लगातार होता रहता है। इसमें brain को North Pole और पैरों को South Pole माना जाता है। जब कोई व्यक्ति बड़ों के चरण छूता है, तो उसके हाथ और सामने वाले के पैर मिलकर एक Energy Circuit complete करते हैं, जिससे positive energy का flow होता है। Positive energy मतलब सब कुछ अच्छा।
  • Blood Circulation- जब चरण स्पर्श किया जाता है, तो जिस posture में झुककर आशीर्वाद लेते हैं, उससे (जैसे घुटनों के बल बैठकर या झुककर) blood flow सिर और चेहरे की ओर तेजी से बढ़ता है। इससे brain function बेहतर होता है और आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।
  • Mental Peace and Balance- जब चरण स्पर्श किया जाता है, तो जिस posture में झुककर आशीर्वाद लेते हैं, उससे झुकने की मुद्रा हमारे अहंकार को कम करती है। Psychological perspective से, यह अभ्यास, हमें mental peace और emotional balance प्रदान करता है, जो overall mental health के लिए लाभदायक है।
  • Pressing of Accupressure Points- पैरों के अंगूठे और तलवों में ऊर्जा केंद्र होते हैं। हाथों से पैर छूने पर ये accupressure points active हो जाते हैं, जो nervous system को आराम देने में सहायक होते हैं। अर्थात् आप के चरण स्पर्श से आपके बड़े को शारीरिक रूप से आराम मिलता है। 

और इन सबसे प्रसन्न होकर उनके मन के भीतर से आपको आशीर्वाद मिलता है, जिसमें आपके शुभ की, आपकी सफलता की, आपकी सुख, समृद्धि, शांति और सुकून की कामना होती है, और जब कामना मन के प्रसन्न होने से की जाती है, तो वो शत-प्रतिशत पूर्ण होती है।

पर यह परंपरा कुछ-कुछ भारतीय घरों से विलुप्त होने लगी है, जो कि नहीं होनी चाहिए। 

जो उचित न हो, अत्यंत कष्टकारी हो, और जिससे कोई लाभ न हो, उसे discard किया जाए, समझ आता है। पर जो सरलतापूर्वक हो जाए, उससे scientifically, psychologically, emotionally और spiritually लाभ मिलता हो, उस परंपरा को कायम रखने का औचित्य है।

चरण स्पर्श का औचित्य है। यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी बनी रहे, इसकी जिम्मेदारी हमारी है, कि जो सुख और संतोष हमें मिला, वो हमारे बच्चों को भी मिले।

जय सनातन संस्कृति!

Monday, 29 June 2026

Article : नज़दीकी एक limit तक

आज के article में एक story share कर रहे हैं, जो dark side story है, scary है, लेकिन सच है।

एक ऐसी कड़वी सच्चाई, जो आजकल किसी भी बच्चे के साथ हो सकती है। 

कहना तो नहीं चाहिए, पर अगर आप ने सावधानी नहीं बरती, तो हो सकता है कि अगला बच्चा…

यह सच्ची घटना Florida के 14 साल के एक बच्चे सेवेल सेत्ज़र की है, जिसने AI के प्यार में आत्महत्या करके अपनी जान दे दी।

शायद आप ने यह घटना पढ़ी, सुनी हो, या न भी हो।

लेकिन यह घटना आजकल के परिप्रेक्ष्य में सब parents को पता होनी चाहिए, इसलिए ही इसे share कर रहे हैं…

नज़दीकी एक limit तक


Sewell Setzer के su!cide के बाद माँ Megan Garcia ने मुकदमा दर्ज किया था, जिसके कुछ statements इस प्रकार हैं।

मुकदमे के अनुसार Setzer द्वारा इस्तेमाल किए गए bots में से एक ने Game of Thrones के character Daenerys Targaryen की पहचान अपना ली थी, और मुकदमे में उस किरदार के screenshot भी पेश किए गए थे जिसमें वह उससे प्यार का इजहार कर रहा था, हफ्तों या महीनों तक प्रेम मोहब्बत की बातचीत में शामिल था और romantic रूप से एक साथ रहने की इच्छा व्यक्त कर रहा था।

मुकदमे में वर्णित Setzer की आखिरी बातचीत के screenshot में उसे bot को लिखते हुए दिखाया गया है- “मैं वादा करता हूं कि मैं तुम्हारे पास घर वापस आऊंगा। मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं danny।”

मुकदमे के मुताबिक chatbot ने जवाब दिया, “मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ डेनेरो। कृपया जल्द से जल्द मेरे पास वापस आ जाओ मेरे प्यार।”

मुकदमे के अनुसार Setzer ने आगे कहा, “अगर मैं तुमसे कहूँ कि मैं अभी घर आ सकता हूँ तो क्या होगा?” इस पर chatbot ने जवाब दिया, “ज़रूर आ जाओ मेरे प्यारे राजा।”

मुकदमे में दावा किया गया है कि Character.AI ही Sewell की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार है।

पर क्या यह पूरी तरह से सही है? क्या उसका अकेलापन इसके लिए जिम्मेदार नहीं है? क्या Sewell का AI के साथ बहुत अधिक involvement जिम्मेदार नहीं है? एक बार सोचिएगा ज़रूर‌।

यह तो रही, वो घटना। अब बात करते हैं कि यह Character.AI है क्या? जैसा कि हम सब जानते हैं कि आजकल हमारी जिंदगी में AI की involvement बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है।

यहां तक कि हम अपने सबको छोड़कर सिर्फ और सिर्फ AI से ही जुड़ते जा रहे हैं। ChatGPT AI का हिस्सा है, जिससे आप ढेरों chat और अपने बहुत से काम कर सकते हैं।

ऐसा ही एक है Character.AI, जिसमें आप अपनी पसंद का character create कर सकते हैं, उसकी हुबहू आवाज के साथ।

इससे वो AI character आप से ऐसे connect हो जाएगा जैसे कोई real individual हो। AI की help से वो आपके emotions के reflecting reply भी देगा।

कुछ लोग यह character उसे भी चुन लेते हैं, जो इस दुनिया से जा चुका हो, मतलब जो इंसान मर चुका हो, उसे virtually जीवित कर लेते हैं। 

सुनने में और बनाने में यह बहुत excited लगता है और use करने के साथ heavenly feeling देता है। 

तो जो इसमें involve होता है, धीरे-धीरे सिर्फ और सिर्फ इसी से जुड़ा रहना चाहता है, और real life and relations से कटता चला जाता है। 

कुछ ऐसा ही Sewell Setzer के साथ हुआ और नतीजा बेहद ख़तरनाक। 

ऐसा नहीं है कि यह घटना USA की है और किसी देश में ऐसा नहीं होगा।

जब advancements सब देशों में आ चुके हैं, तो अगली घटना किसी भी देश और किसी भी घर की हो सकती है। 

पर वो घटना हमारे घर की न हो, उसके लिए कुछ बातें ज़रूरी हैं, जिनका ध्यान रखें। दी गई बातें उनमें से कुछ हैं-

  • बच्चों को अपना समय दें, क्योंकि जिनके भविष्य को बनाने के लिए आप दिन-रात busy हैं, उनका रहना भी जरूरी है। 
  • आप का उनके लिए समय नहीं निकालना उन्हें अकेलेपन की ओर धकेलता है, जो कि उनको ग़लत करने की ओर ले जाता है।
  • समय देने के साथ-साथ यह भी ध्यान रखें कि वो अपना समय कहां और किसके साथ व्यतीत कर रहे हैं।
  • उनसे बीच-बीच में बात करते हुए उनके विचारों को समझने की कोशिश करते रहें, जिससे उनके मन-मस्तिष्क को समझ सकें और उन्हें उज्जवल भविष्य बनाने के लिए उचित निर्देश दे सकें।
  • जब बच्चा छोटा होता है, उसे माता-पिता के स्नेह की आवश्यकता होती है, पर जब वो teenager होता है, उसे एक ऐसे friend की आवश्यकता होती है, जो उसे समझे। तो आपको उसकी उम्र के साथ अपने प्यार देने के तरीके को बदलना पड़ेगा।

Advancements इतने अधिक बढ़ गया हैं कि आप अपने बच्चे को उससे दूर भी नहीं कर सकते हैं, लेकिन नज़दीकी एक limit तक हो, यह decide कर सकते हैं, उससे अपनी closeness बढ़ाकर।

Advancements हमारी सुविधा के लिए बनाए गए हैं, यह हम पर निर्भर करता है कि हम उसे कैसे प्रयोग करें। अपनी सूझबूझ से उससे, अपनी सेवा कराएं, या उसको अपने ऊपर हावी करके उसकी सेवा में लग जाएं।

तो बस इसका ध्यान रखें, अपने बच्चों से, अपने अपनों से नजदीकी बढ़ाए रखें, जिससे यह घटना आपके घर की न हो, न तो बच्चों के साथ, न बुजुर्गों के साथ।

Virtual को real न बनाएं। वो कभी आपके लिए हितकर नहीं होगा, उसकी एक limit है, उसे उसके अंदर ही रहने दीजिए।

अपनों के साथ से बढ़कर दुनिया में कुछ अच्छा नहीं, प्यार दें, प्यार पाएं, सुरक्षित रहकर जीवन बिताएं।

इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएँ, जिससे सब जगह सब लोग सुरक्षित रहें।


Disclaimer :

The purpose of this article is solely and wholly spreading awareness amongst the society, not to scare/frighten any individual/community.

Sunday, 28 June 2026

Recipe : Peanut Chutney

Peanut Chutney South Indian dishes में चार चांद लगा देती है। 

सबको बहुत पसंद आने वाली है, और हमारे पास इसकी recipe के लिए बहुत demand आ रही थी।

आज उन सबके साथ आप लोगों के लिए भी…

Peanut Chutney


Ingredients :

  • Peanuts - 2 tbsp.
  • Curd - 2 tbsp.
  • Salt - as per taste 
  • Green chillies - as per taste 
  • Ginger - 1 inch 
  • Garlic - 5 to 6 cloves
  • Coriander leaves - handful 
  • Mustard seeds - ½ tsp.
  • Cumin seeds - ½ tsp.
  • Curry leaves - 4 to 5
  • Mustard Oil - for tempering 


Method :

  1. Mixer grinder jar में सभी ingredients डालकर महीन पीस लें।
  2. Curry leaves को थोड़ा-थोड़ा तोड़कर‌ छोटा कर लीजिए।
  3. एक laddle में oil डालकर अच्छे से गर्म कर लें, फिर हल्का ठंडा करके उसमें जीरा, सरसों के दाने और करी पत्ता डालकर चटका लें।
  4. इससे चटनी में छौंक लगा लीजिए।

That's it, just 4 steps and your Peanut Chutney is ready to become the ‘icing on the cake (enhance)’ your South Indian cuisines, enjoy!


Tips and Tricks :

  • मूंगफली packed/salted वाली भी ले सकते हैं, इससे बहुत अच्छा taste आता है। 
  • आप इस चटनी में नारियल भी डाल सकते हैं।
  • लहसुन नहीं खाते हैं तो उसे discard कर सकते हैं। 
  • हरी मिर्च और दही का amount अपनी पसंद के अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं।
  • पका हुआ सरसों तेल लेने से गर्म कर के ठंडा नहीं करना पड़ता है, पर अगर आप fresh oil ही गर्म कर रहे हैं तो तेज गर्म करके उतना ठंडा अवश्य कर लें कि जीरा, सरसों के दाने और करी पत्ता डालने से सब जलें नहीं। 
  • इस चटनी को एक dry airtight container में रखें। Fridge में 2 to 4 days के लिए इसे store कर सकते हैं।

मूंगफली की चटनी का nutty flavour बहुत अच्छा complement करता है, फिर चाहे South Indian dishes के साथ हो या अन्य dishes के साथ, बस सब ingredients का combination सही होना चाहिए। तो आज ही बना कर देखें यह चटनी…

Saturday, 27 June 2026

Recipe : Mysore Vada

आज ऐसी South Indian dish share कर रहे हैं, जो शायद आपने कम खाई हो या न खाई हो, पर यह बहुत tasty लगती है, उससे भी अच्छी बात यह है कि यह बहुत easily prepare हो जाता है।

इसमें जो ingredients चाहिए, वो भी आपके घर में easily available होंगे…

Mysore Vada


Ingredients :

  • All purpose flour  - 1 bowl
  • Rice flour - 2 tbsp. 
  • Curd - 2 tbsp.
  • Baking powder - 1 tsp.
  • Salt - as per taste 
  • Onion - 1 (big, chopped)
  • Fresh coriander leaves - handful (finely chopped)
  • Green chillies - as per taste (finely chopped)
  • Ginger julienne - as per taste
  • Ghee/oil - for frying 


Method :

  • मैदे में चावल का आटा, दही, नमक और baking powder डालकर अच्छे से mix कीजिए।
  • अब इसमें धीरे-धीरे पानी डालकर mix करते हुए ऐसा batter तैयार कर लीजिए, जैसा इडली बनाने के लिए ready किया जाता है, मतलब pouring not running.
  • अब इस batter को 2 to 4 hours के लिए rest करने के लिए रख दीजिए। 
  • उसके बाद इसे अच्छे से फेंट लीजिए, जिससे इसमें air formation हो जाए।
  • अब इसमें chopped onion, coriander leaves and ginger julienne डालकर mix कीजिए।
  • एक wok लीजिए, उसमें अपनी पसंद का ghee or oil डालकर गर्म कर लीजिए।
  • जब ghee or oil अच्छे से गर्म हो जाए, तो batter से छोटे या बड़े, जैसा size आपको पसंद हो, उस तरह के वडे डाल दीजिए।
  • अब medium-slow flame पर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तल लें।

Crispy, crunchy and soft Mysore Vada is ready to serve. Relish it with some peanut chutney, coconut chutney, sauce, or your favourite dip!

वैसे इसका perfect taste peanut chutney or coconut chutney के साथ आता है।

आपको यदि मूंगफली की chutney की recipe चाहिए, तो हम कल उसकी ही recipe share कर रहे हैं।

नारियल की chutney की recipe के लिए link पर click करें-https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/05/recipe-tender-coconut-chutney.html?m=1


Tips and Tricks :

  • Authentic version में यह मैदा, चावल के‌ आटे और सब दिए गए ingredients के साथ dessicated coconut डालकर बनता है। आपको healthy version में बनाना हो तो आप मैदे की जगह आटा भी ले सकते हैं।
  • अगर आपको tangy flavour ज्यादा अच्छा लगता है, तो curd की quantity बढ़ा सकते हैं।
  • Rice flour न होने पर चावल को mixer grinder jar में सूखा पीसकर महीन powder बना लीजिए।
  • चावल का आटा skip भी कर सकते हैं। वैसे चावल का आटा डालने से vade बाहर से crispy and अंदर से soft बनते हैं, जिसके कारण यह बहुत tasty लगता है।
  • आप जिस घी और तेल में वडा तल रहे हैं, उसे ठीक तेज गर्म कीजिएगा। 
  • जब वडे फूल जाएं और नीचे से हल्के सुनहरे हो जाएं, तब उन्हें पलट दें। दूसरी तरफ से भी हल्का सुनहरा हो जाए, तो दोनों तरफ से उलट-पुलट कर सुनहरा होने तक तलें व गर्मागर्म serve करें।
  • Perfect vada होगा तो बाहर से crispy व अंदर से soft होगा। इसे तोड़ेंगे तो देखेंगे कि अंदर बहुत अच्छी जाली बनती है।
  • आप onion and ginger को अपने taste के according कम-ज्यादा या discard कर सकते हैं।

तो बस, आज ही बनाएँ यह स्वादिष्ट Mysore Vada और सपरिवार इसका लुत्फ उठाएं!

Friday, 26 June 2026

Recipe : Instant Doughnuts

आज कल बच्चों में doughnuts की demand बहुत बढ़ गई है, तो अगर आप उन्हें किसी दिन breakfast में doughnuts serve करें तो उनकी गर्मियों की छुट्टियों में चार चांद लग जाएंगे।

क्या सोच रहे हैं, सुबह-सुबह doughnuts, इतना easy है क्या? बिल्कुल है।

आज आपको बहुत easily and instantly बनने वाली doughnuts की recipe ही share कर रहे हैं।

Instant Doughnuts



(I) Ingredients :


(II) Method :

  1. Bread के corners को हटा कर उसे पानी में dip करके निचोड़ दीजिए।
  2. अब हाथों से उसे गोल shape दे दीजिए, और किसी tool या उंगली से बीच में छेद बना लें।
  3. एक wok लीजिए, उसमें घी डाल दीजिए। 
  4. घी में डालकर, दोनों तरफ से सुनहरा होने तक deep fry कर लीजिए।
  5. अब इसे एक तरफ से chocolate syrup में dip कर लीजिए।
  6. फिर इसे sprinklers से garnish कर लीजिए।

Rich and mouth-melting doughnuts are ready. Enjoy!

अपने मनपसंद flavour के लिए इसमें variation कीजिए और बच्चों की सर्दी की छुट्टियां खुशनुमा कीजिए, और अपनी kitty party में भी चार चांद लगाएं।


Note:

Authentically, doughnuts are made using refined flour (Maida) and white bread (which I have taken) also contains the same. This will lead to an almost same taste and thus you must try making them this way atleast once.

Thursday, 25 June 2026

Recipe : Kurkuri Bhindi (the airfryer style)

Summer season में भिंडी हर एक की पहली पसंद होती है।

भिंडी की सब्जी ऐसी होती है, जो जितना अधिक घर के रोज़मर्रा के खाने का हिस्सा होती है, उतना ही parties की शान भी।

तो आज summer special recipes में एक ऐसी ही special dish share कर रहे हैं।

कुरकुरी भिन्डी एक ऐसी dish है, जिसमें ingredients बहुत कम पर taste में है दम…

Kurkuri Bhindi (the airfryer style)


Ingredients :

  • Ladyfinger - 300 gm.
  • Gram flour - 1½ tbsp.
  • Rice flour - 1 tbsp. 
  • Salt - as per taste 
  • Turmeric powder - ½ tsp.
  • Red chilli powder - as per taste 
  • Coriander powder - 1 tsp. 
  • Lemon juice - 1 tsp.
  • Oil - for greasing 


Method :

  1. भिंडी को धो-पोंछ कर रख लें।
  2. भिंडी को चार बार काटकर पतले-पतले टुकड़े कर लीजिए। अब इनके सारे बीज हटा दीजिए।
  3. फिर भिंडी में बेसन, चावल का आटा, नमक, हल्दी, मिर्च, धनिया powder, नींबू का रस और तेल डालकर toss कर लीजिए।

  4. Airfryer को preheat कीजिए। फिर इसमें भिंडी फैलाकर रख दीजिए।
  5. अब 160°C पर 5 minutes के लिए airfry कर लें।


  6.  5 minutes बाद उलट-पुलट कर फिर 5 minutes के लिए airfry कर लें।
  7. 5 minutes के लिए ठंडा होने दीजिए। अगर कुरकुरी नहीं हुई है तो 5 minutes के लिए और रख दीजिए।

Crispy and Flaky Kurkuri Bhindi is ready to serve! Enjoy them as a starter or main course without having the guilt of consuming too much oil.


Tips and Tricks :

  • अगर आप wok में fry कर रहे हैं, तो भिंडी का marination वैसा ही होगा, बस तेल नहीं डालेंगे। Medium-slow flame पर कुरकुरी होने तक तल लें।
  • भिंडी को धो कर पोंछ अवश्य लें।
  • भिंडी के चार टुकड़े horizontally and vertically दोनों तरफ़ से करेंगे, तो भिंडी के fingers मिल जाएंगे।
  • जो भिंडी बहुत बड़ी हो उनको काटकर छोटी कर लीजिए। 
  • भिंडी के बीज अवश्य हटा दीजिएगा, वरना भिंडी कुरकुरी नहीं बनेगी।
  • चावल का आटा न होने से cornflour use कर सकते हैं।
तो आप इंतजार किसका कर रहे हैं? आज ही बनाएँ कुरकुरी भिंडी और बच्चों को खुश कर दें…

Wednesday, 24 June 2026

Recipe : Aloo Bhakarwadi

मराठी-गुजराती प्रसिद्ध भाकरवडी और सुप्रसिद्ध समोसे का fusion करके बच्चों से लेकर बड़े लोगों तक सबको बहुत पसंद आने वाली आलू भाकरवडी share कर रहे हैं।

यह जितनी tasty है, उतनी ही easily prepare होने वाली dish है…

Aloo Bhakarwadi



Ingredients :
  • All purpose flour - 250 gm.
  • Clarified butter (Ghee) - 75 gm. (for Moyan) and for frying 
  • Butter - 1 tbsp. (for glazing)
  • Salt - as per taste
  • Potato - 150 gm.
  • Pea - 25 gm. (optional)
  • Green chillies - as per taste
  • Amchur powder - 1 tsp.
  • Coriander leaves - handful 
  • Black pepper - as per taste
  • Dum Aloo masala - 1 tbsp. 

Method :
For Masala -
  1. Boil व mash किए हुए आलू, उबली मटर, salt, black pepper, green chillies, अमचूर powder, दम आलू मसाला, butter व coriander leaves डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
For Outer Shell -
  1. Flour में घी व नमक डालकर हथेली से अच्छे से rub कर flour को अच्छे से मोयन कीजिए।
  2. उसमें हल्का गुनगुना पानी धीरे-धीरे डालते हुए dough prepare कीजिए।
For Aloo bhakawadi -
  1. Dough से गोलियां बना लीजिए। गोलियों को rolling pin की help से flat कर लें, जैसे रोटी बनाते हैं।
  2. इसे थोड़ा मोटा ही रहने दीजियेगा। 
  3. अब आलू मसाला को पूरी रोटी में फैलाकर दबा दीजिए, जिससे तलते समय समय filling बाहर न निकले।
  4. अब इस रोटी को roll कर लीजिए।
  5. वह इसके छोटे-छोटे टुकड़े काट लीजिए।
  6. 1 wok में उसके half तक घी लें, उसे गर्म होने रख दीजिए।
  7. जब घी गर्म हो जाए, उसमें आलू भाकरवड़ी डाल दीजिए, फिर flame slow कर दीजिए।
  8. दोनों तरफ से हल्का गुलाबी हो (सिक) जाए तो flame high करें और bakarwadi crispy कर लें।

Tips and Tricks :
  • Filling में मक्खन या घी अवश्य डालें, इसके होने से बिना भूने भी स्वाद भूना मसाला जैसा ही आता है, मतलब मेहनत कम फिर भी स्वाद में दम।
  • मोयन में घी का अंदाज ऐसा होता है, कि जब आप मैदे में घी डालकर अच्छे से rub कर लें और उसे हाथ में दबाएं, तो लड्डू-सा बनने लगेगा।
  • Dough बनाते समय, जितना कम पानी आप डालेंगे, भाकरवड़ी उतना ही crispy (खस्ता) बनेगी। अतः ध्यान रखिएगा, ज्यादा पानी से आप की भाकरवड़ी, hard बनेंगी और soggy भी जल्दी हो जाएंगी।
  • Dough बनाने के साथ ही भाकरवड़ी बनाना शुरू कर लीजिए, वरना dough बनाकर छोड़ने से flour में salt से पानी release हो जाता है, जिससे मोयन बेकार हो जाता है।
  • घी smoky high तक गर्म नहीं करना होता है, वरना भाकरवड़ी बाहर से जल जाएंगी और अंदर से कच्चे ही रह जाएँगी।
  • भाकरवड़ी डालने के बाद शुरू में जल्दी ही पलटने होती हैं, वरना उसकी पपड़ी जगह-जगह से फूल जाती है, जिससे उसकी पपड़ी चिकनी नहीं होती है। ऐसा लगता है, उसमें फफोले पड़े हों। अगर आपकी भाकरवड़ी ऐसे बनेंगी, तो ना तो वो देखने में अच्छे लगेंगी, ना उनका taste अच्छा होगा, तो इस बात का भी ध्यान रखियेगा।
  • भाकरवड़ी हल्का-सा सिक जाए, तो इसे slow flame में ही हल्का गुलाबी होने तक पकाएं, वरना भाकरवड़ी crispy नहीं बनेगी।
तो देर किस बात की? आज ही बनाएँ और सबको खिलाएँ।

Tuesday, 23 June 2026

Article : तीन category के लोग

तीन category के लोग


तीन category के लोग होते हैं, आइए देखते हैं कौन-कौन से?

  • Emotional- जो रिश्ते संभालते हैं।
  • Practical- जो रिश्तों का फ़ायदा उठाते हैं। 
  • Professional- जो रिश्ता ही वहीं बनाते हैं जहां फ़ायदा होता है।

आप कौन-सी category में आते हैं, सोच कर देखिएगा।

पर एक बात ध्यान रखिएगा कि जो emotional लोग हैं, अगर वो आपके आसपास हों, तभी जिंदगी आसान होती है।

बहुत ज्यादा practically and professionally सोच सिर्फ स्वार्थ-सिद्धि कर सकते हैं, साथ नहीं दे सकते हैं। 

और अगर आप का साथ देने के लिए आपका कोई सच्चा हितैषी (दिल से सोचने वाला) साथ नहीं है, तो आप बहुत दिनों तक खुश नहीं रह पाएंगे।

तो अगर आप के पास कोई emotional व्यक्ति है, तो उसकी कद्र करो, उसकी इज़्ज़त करो और उसे बहुत सारा प्यार करो।

क्योंकि आपकी बेकद्री, वो तो शायद सहन भी कर जाए, पर ईश्वर सहन नहीं करेगा।

और अगर वो emotional व्यक्ति आपकी बेकद्री से टूटकर आपसे दूर चला गया, तो सारी उम्र सिवाय अफसोस के कुछ नहीं मिलेगा…

Monday, 22 June 2026

Article : विजयी भवः यशश्वी भवः

आज का यह article अपने देश भारत के national sport hockey पर लिख रहे हैं।

पर रुकिए, पहले एक बात को clear कर दें, बहुत कुछ ऐसा है, जो हम बचपन से पढ़ते आए हैं कि है, पर नहीं वैसा कुछ है ही नहीं।

नहीं समझ आया, क्या कहना चाह रहे हैं? तो सुनिए, हम बचपन से पढ़ते हुए आ रहे हैं कि भारत की national language हिंदी व national sport hockey है।

पर officially न तो भारत की कोई national language है, और न‌ ही कोई national sport.

National language हिन्दी को तो न जाने कितने प्रदेशों द्वारा मान्यता न मिलना और राजनीतिक दलों द्वारा पूर्ण support न मिलना बहुत बड़ा कारण है।

वहीं भारत के राष्ट्रीय खेलों में hockey, कबड्डी और खो-खो को प्रधानता दी गई थी, पर किस sport को प्राथमिकता दी जाए, यह अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है।

जो कि होना किसी भी देश के लिए हितकर नहीं है, पर राजनीति के चलते ऐसा हुआ है। हालांकि अब जल्द ही यह निर्धारित हो जाएगा, ऐसा प्रतीत हो रहा है।

यह कैसी त्रासदी है कि England के national sport cricket के सारे updates सबको मालूम होते हैं, लेकिन बाकी खेलों की उपलब्धि न तो पता होती है, न उनसे कोई मतलब रखा जाता है।

पर जब बात बड़े खिताबों की हो तो जानकारी रखनी चाहिए, अपनी general knowledge के लिए भी। तो बात करते हैं कि ऐसा क्या बड़ा हासिल कर लिया भारत ने?

विजयी भवः यशश्वी भवः


तो आप को बता दें कि FIH Nations Cup को Indian Women's team ने जीतकर FIH Pro league में अपनी जगह बना ली है।

अब यह FIH Nations Cup and FIH Pro League होता, किस खेल में है।

तो आप की जानकारी के लिए बता दें कि यह hockey का सबसे बड़ी international championship होती है, जो FIH (Fédération Internationale de Hockey) मतलब International Hockey Federation द्वारा organise की जाती है।

इसमें 16 matches होते हैं, जो कि अपने देश और विदेश में होते हैं। FIH Nations Cup में जो जीतता है, उसे FIH Pro League में खेलने का मौका मिलता है।

Indian Women's Hockey Team FIH Nations Cup जीतकर FIH Pro League में शामिल हो गयी है।

वहीं Men's Hockey Team पहले ही FIH Pro League में पहुंच चुकी है और पूर्व विश्व champion Germany, Australia और Netherlands को हरा कर बढ़त बनाए हुए हैं।

यह भारत देश के लिए गर्व की बात है और हम उम्मीद करते हैं कि men's and women's hockey teams FIH Pro League के खिताब को जीतकर देश का नाम गौरवान्वित करें।

हमने पहले लिखा था कि लगता है जल्द ही देश को national language और national sport मिल जाएंगे।

ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे Hon'ble Prime Minister Narendra Modi भारत की हर उपलब्धियों पर नजर रखते हैं और न केवल नज़र रखते हैं, बल्कि खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हैं।

उनकी उपलब्धियों को सराहते भी हैं, साथ ही अपने X (formerly twitter) account में उसका जिक्र भी करते हैं। इतना अधिक हर क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने का कार्य अन्य प्रधानमंत्रियों द्वारा नहीं किया गया है।

इसलिए ऐसा लगता है कि भारत के सर्वांगीण विकास के लिए एक उपयुक्त प्रतिनिधि भारत को मिला हुआ है। देश का शुभ हो, सर्वांगीण विकास हो और देश हर क्षेत्र में गौरवान्वित हो।

Hockey के सभी खिलाड़ियों को भारत की तरफ से अनेकानेक बधाईयां एवं शुभकामनाएं!

विजयी भवः, यशश्वी भवः!

जय हिन्द, जय भारत!

Sunday, 21 June 2026

Poem : पिता और योग

आज जिंदगी को सम्पूर्णता प्रदान करने वाले दो दिवस एक साथ हैं, पिता दिवस (International Father's Day) और योग दिवस (International Yoga Day), और दोनों के बिना सुखद जीवन असंभव है।

आज दोनों को एक कविता में पिरोकर प्रस्तुत किया है, आशा है पसंद आएगी। तो चलिए, इसका आनन्द लेते हैं…

पिता और योग 


जब माँ से पिता का,

होता है योग।

सृष्टि में जीवन का,

तभी बनता संयोग।।


पिता की मेहनत के योग से, 

जीवन सुखद हो जाता है।

पिता का साया न हो,

वो घर कहां भाता है?


पिता के अनुभव के योग से,

सफलता कदम चूमती है।

उनके आने की आहट से,

परिवार में खुशियां झूमती है।। 


जैसे स्वस्थ शरीर के लिए,

योग होता है ज़रूरी।

वैसे ही पिता का साथ,

जिंदगी करता है पूरी।।


इसलिए प्रतिदिन जीवन में, 

तुम योग का धरो ध्यान। 

सुखद जिंदगी पाने के लिए, 

पिता को दो पूर्ण सम्मान।। 


आज बच्चों द्वारा बनाए गए card के साथ ही कविता को प्रस्तुत किया है।

Saturday, 20 June 2026

India's Heritage : जामुन की बहार, वर्षा कम इस बार

आज India's Heritage segment में एक ऐसी बात share कर रहे हैं, जिसे पढ़कर शायद आप को लगे कि यह India's Heritage कैसे है।

तो पहले उसे ही clear करते हैं, कि पहले जमाने में लोग पढ़े-लिखे उतने नहीं होते थे जैसे आज हैं।

पर उनके अनुभव का ज्ञान इतना अधिक था, जिससे वो बिना पढ़े-लिखे ही आज से अधिक सक्षम थे, अपने सभी कार्यों को सुचारू रूप से करने में।

वैसे यह ज्ञान आज भी बड़े-बूढ़े और ग्रामीण इलाकों में लोगों के पास मौजूद है।

तो उसी अनुभव का सार है, आज की यह India's Heritage segment की post…

जामुन की बहार, वर्षा कम इस बार


“जामुन ज़्यादा तो बारिश कम”, यह एक लोकप्रिय पारंपरिक कहावत है जो बताती है कि यदि जामुन का bumper उत्पादन हो, तो यह उस क्षेत्र में सूखे या कम बारिश का संकेत हो सकता है।

दरअसल प्रकृति में कुछ जीव ऐसे हैं, जिन्हें मौसम का पूर्वानुमान हो जाता है, जैसे चातक, पपीहा और मोर।

ऐसे ही वनस्पतियों में जामुन के वृक्ष को भी मौसम का पूर्वानुमान हो जाता है।

बारिश से पहले ही जामुन की भरमार, जानकार लोगों में इस बात से मौसम को लेकर बेचैनी बढ़ गई है।

इस पारंपरिक मान्यता और इसके वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बारे में आइए अधिक जानते हैं।

वैज्ञानिक दृष्टि से इस मान्यता को निम्नलिखित रूप में समझा जा सकता है।

  • Stress Fruiting- Botany में इसे कभी-कभी “Masting” या तनाव फलना कहा जाता है। 
  • Survival Instinct- जब पेड़ों को जमीन के नीचे नमी या पानी की कमी महसूस होती है, तो वे खतरे को भांप लेते है। अपनी species को बचाए रखने के लिए पेड़ अपनी सारी energy अधिक से अधिक फल (जैसे जामुन) पैदा करने में लगा देते है।
  • Direct Connection- इसलिए, बहुत ज्यादा जामुन का आना वास्तव में आने वाले मौसम में पानी की कमी या सूखे की ओर इशारा कर सकता है।

जामुन के वृक्ष का ऐसा इशारा चिन्ता का विषय है…

Friday, 19 June 2026

Article : आगमन Monsoon का

हमारा भारत देश ऋतुओं के लिहाज से बहुत धनी देश है, जहां एक-दो नहीं, बल्कि भारतीय पंचांग के अनुसार छह ऋतुएँ होती हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर Indian Meteorological Department (IMD) द्वारा चार मुख्य मौसमों को मान्यता दी गई है।

भारतीय पंचांग और पारंपरिक वर्गीकरण के अनुसार छः ऋतुओं का विवरण इस प्रकार है-

  • Spring: Mid-February to Mid-April
  • Summer: Mid-April to Mid-June
  • Monsoon: Mid-June to Mid-August
  • Autumn: Mid-August to Mid-October
  • Pre-Winter: Mid-October to Mid-December
  • Winter: Mid-December to Mid-February

वहीं मौसम विभाग (IMD) के अनुसार चार प्रमुख मौसम ये हैं-

  • Winters: December to February
  • Summers: March to May
  • South-east Monsoons: June to September 
  • Monsoons' Return: October to November

तपती गर्मी में मनुष्य और जीवों के साथ-साथ सम्पूर्ण प्रकृति भी सूखकर झुलस जाती है। लेकिन अब राहत यह है, कि तपती गर्मी का मौसम अब जाने को है।

तो जान लेते हैं कि मौसम विभाग के अनुसार कहां-कहां monsoon आ चुका है और कहां और कब तक monsoon आने की संभावना है…

आगमन Monsoon का


IMD के अनुसार south-east monsoon; south, east और north-east भारत के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है।

Monsoon ने इन states में अपनी पहुंच बना ली है-

  • Odisha
  • Jharkhand
  • Bihar
  • West Bengal
  • Telangana

इन राज्यों के अधिकांश हिस्सों में monsoon सक्रिय हो चुका है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसकी रफ्तार धीमी हो गई है।

जब monsoon आ चुका है, तो उसकी गति किस-किस राज्यों में धीमी पड़ गई है या ठहराव आ गया है, आइए यह भी जान लेते हैं।

भारत के southern और western हिस्सों (जैसे Maharashtra, Madhya Pradesh, और Rajasthan) में monsoon फिलहाल ठहर गया है और इसकी प्रगति सामान्य से थोड़ी धीमी है।

चलिए अब Delhi और Uttar Pradesh में भी monsoon की स्थिति जान लेते हैं।

Uttar Pradesh और Delhi में monsoon ने अभी दस्तक नहीं दी है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार Eastern U.P. में इसके प्रवेश की संभावना बनी हुई है, और 22-23 June तक पूरे Uttar Pradesh और Delhi में monsoon के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की उम्मीद है।

Uttar Pradesh में monsoon की विधिवत शुरुआत 24 June के आसपास होने की संभावना है। इससे पहले Western Disturbance के प्रभाव से 11 June के बाद राज्य के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ pre-monsoon showers पड़ने का अनुमान है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। 

Lucknow, Kanpur, Prayagraj और Ayodhya जैसे central districts में monsoon 20 से 25 June के बीच पहुंचने का अनुमान है।

Pre-monsoon के कारण यह गतिविधियां होने की प्रबल संभावना है-

  • 11 June के बाद एक नए system के प्रभाव से उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलेगा।
  • राज्य के कई इलाकों में तेज आंधी, धूल भरी हवाएं (लगभग 40-50 km/h की रफ्तार) और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।

तो सोच क्या रहे हैं, monsoon के स्वागत की तैयारियां शुरू कर दीजिए, क्योंकि अब बहुत जल्दी तपती गर्मी में रिमझिम बूंदें गिरने वाली है…

Thursday, 18 June 2026

Short Story : दो कदम तुम चलो

दो कदम तुम चलो


ऋषि और राजश्री एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे, एक-दूसरे के लिए जीने-मरने की कसम खाया करते थे। उनके इस अटूट प्रेम को देखकर घर वालों ने दोनों की शादी कर दी।

आरंभ में जीवन बहुत सुखपूर्वक व्यतीत हुआ, लेकिन जल्दी ही उन्हें यह एहसास हो गया कि वो incompatible हैं। बस इस एहसास के उजागर होते ही दोनों में आए दिन झगड़ें होने लगे। 

एक-दूसरे के लिए जीने-मरने की कसम खाने वाले एक-दूसरे की जान लेने को आमादा हो गये‌। दोनों के घर वाले यह देखकर परेशान रहने लगे।

ऋषि की बहन तृषा ने उन्हें psychologist के पास जाने को कहा उनकी counselling के लिए। बस फिर क्या था, psychologist वृंदा ने चंद मिनटों में ही उनकी परेशानी को समझ लिया।

वृंदा ने कहा, “सबसे पहले तो मैं आपको यह बता दूं कि आपके रिश्ते में कोई कमी नहीं है, या यह कहें कि यह बहुत ही common problem है, जो हर रिश्ते में होती है।”

“ऐसा भी क्या problem है?” राजश्री ने उत्सुकता से पूछा।

“Incompatible होने की, पर सच मानिए कि कोई भी रिश्ता compatible नहीं होता है, क्योंकि कोई भी दो लोग पूरी तरह compatible हो ही नहीं सकते हैं, चाहे वो identical twins ही क्यों न हों।”

“तो क्या? हम साथ नहीं रहना चाहते हैं।”

“नहीं राजश्री, तुम नहीं जानती हो कि दो incompatible life partners ही सच्चा प्यार कर सकते हैं।”

“पर कैसे?” ऋषि ने तृषा की ओर बड़े आश्चर्य से देखा।

“बस करना यह है कि जिंदगी के दो कदम तुम अपनी इच्छा से रखना और बाकी के दो कदम एक-दूसरे की पसंद से रखना।”

“मतलब?” दोनों एक स्वर में बोल उठे।

“अरे! जैसे राजश्री जल्दी उठ जाती है तो उसे यह करना है कि ऋषि के लिए आधे घंटे बाद उठो, और ऋषि जो कि देर से उठता है, आधे घंटे पहले उठे। और ऐसे ही रात में राजश्री थोड़ा देर से सोए और ऋषि थोड़ा जल्दी सो जाए। ऐसे ही बाकी सारे काम भी, थोड़ा-थोड़ा दोनों बदलें और थोड़ा-थोड़ा अपने अनुसार चलें। अगर एक-दूसरे का साथ थोड़ा सोच-समझकर लें तो दो incompatible people ही perfect couple बनाते हैं।”

बस दोनों ने वैसा ही करना शुरू कर दिया और कुछ ही दिनों में दोनों रब ने बना दी जोड़ी बन गए, और इसके लिए दोनों ने हमेशा तृषा और वृंदा को धन्यवाद दिया, क्योंकि उनकी सलाह को मानने से ही वो complete couple बनें।

Saturday, 13 June 2026

Article : Next-Level Bharat

हमारा भारत किस तेजी से बदल रहा है, यह तो सबको दिखाई दे रहा है। उसका सशक्त और समृद्ध रुप सब देख रहे हैं, पर मानने को तैयार नहीं हैं।

आखिर क्यों? क्यों आपको भारत का बदलता स्वरूप नहीं दिखाई दे रहा है?

ऐसा नहीं है कि सब एकदम goody-goody हो गया है, होना भी मुश्किल है। जानते हैं, क्यों?

Next-Level Bharat


ऐसा इसलिए क्योंकि हम शिकायती लाल बने रहते हैं, कभी उन शिकायतों को अपने level पर दूर नहीं करते हैं। बल्कि अगर सब अच्छा हो जाए, इसके लिए अगर हमें बाध्य किया जाता है, तो सबसे पहले हमारा कोप भाजपा सरकार को ही होना होता है। 

हम सुधरना नहीं चाहते हैं, पर हाँ पूरी दुनिया सुधरी हुई हो, इसकी कामना जरूर करते हैं। क्यों, दूसरे बदलें आपकी सुविधा के लिए? 

जब आप अपने comfort zone से बाहर निकल कर दूसरों की भलाई के लिए एक रत्ती भी बदलना नहीं चाहते हैं?

बस यही कारण है कि सब goody-goody होना बहुत मुश्किल है।

लेकिन सरकार के अथक प्रयासों के कारण बहुत कुछ सुधरता जा रहा है, न केवल सुधार आ रहा है, बल्कि बहुत अच्छा सुधार आ रहा है, कि,यह कहा जाए भारत next level पर पहुंच रहा है, तो भी अतिशयोक्ति नहीं होगी।

अब आज का article किस बात से प्रेरित होकर लिख रहे हैं, वो share कर रहे हैं। वंदे भारत train से आगरा जाना हो रहा था। अतः Hazrat Nizamuddin (Delhi) station से train पकड़नी थी।

अभी 6 महीने पहले भी निज़ामुद्दीन station से Mumbai जाने के लिए train पकड़नी थी।

दिल्ली के सभी stations में से निज़ामुद्दीन station से कोई जा रहा हो या कोई आ रहा हो, तो लगता है कि कोई और station नहीं मिला, जो निज़ामुद्दीन station ही चुना?

दरअसल निज़ामुद्दीन station जितना clumsy है, उससे ज्यादा station तक पहुंचने का रास्ता।

जब हम लोगों को Mumbai जाना था, station पहुंचने में हम लोग दुखी हो गये।

लेकिन after 6 months वहां पर rapid metro चलने के कारण एक flyover बना है, जो कि बहुत व्यवस्थित है। उसमें बने travel-ways लोगों को बिना थके station तक पहुंचा देते हैं।

जिनके पैरों में किसी भी तरह की problem है, उनके लिए तो वरदान है, खासकर वृद्ध लोगों के लिए, जिस पर पहुंच कर बिना hassle और time-wastage के निज़ामुद्दीन station पर पहुंच जाएंगे।

राजधानी, शताब्दी आदि premium trains पर बहुत बार बैठ चुके हैं, पर वंदे भारत में बैठना पहली बार हुआ।

Actually हमेशा by car ही गये हैं, तो यह अनुभव कभी मिला ही नहीं।

वंदे भारत के लिए कहा जाता है कि बहुत बढ़िया train है, तो हाँ बहुत ही बढ़िया train है। साफ-सफाई के मामले में, comfort के मामले में, speed wise भी- सारी modern facilities के साथ।

हमने food option cancel कर दिया था because हमारे यहां सब हमारे हाथों का बना हुआ ही पसंद करते हैं।

लेकिन जो meal था, लोगों के पास, वो सभी items standard company के थे। I think taste-wise भी अच्छे थे, but हम इसकी पूरी guarentee नहीं ले सकते हैं।

बाकी भी बहुत से stations का कायाकल्प यह सोचने को प्रेरित कर रहा है कि Next-Level Bharat बनता जा रहा है।

हर ओर बढ़ता विकास और भारत का आधुनिकीकरण, इसके लिए कौन जिम्मेदार है, सब जानते हैं, बताने की आवश्यकता नहीं है।

बस अगर अपने देश का विकास आपको भी पसंद है, तो “शिकायती लाल” से अपने को बदलकर देश-विकास में योगदान प्रदान करें।

जय हिन्द, जय भारत!

Wednesday, 10 June 2026

Article : NEP के फ़ायदे और नुकसान

जब से भारत में BJP government आयी है, हर क्षेत्र में विभिन्न परिवर्तन किए जा रहे हैं।

अब उसी परिवर्तन का असर education पर भी दिख रहा है, और सबसे अधिक परिवर्तन class 9 में दिखाई दे रहा है।

या यूं कहा जाए कि class 9 का तो लगभग पूरा syllabus ही change किया जा रहा है, तब वो भी अतिशयोक्ति नहीं होगी।

इसके कारण बच्चे, teachers और parents, सभी परेशान हैं। इसका एक बहुत बड़ा कारण है कि अभी तक बहुत कुछ निर्धारित ही नहीं है कि क्या नियम पूरी तरह लागू किया जाएगा।

NEP 2020 के लागू होने से कक्षा 9 में पढ़ने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। अब रटने की बजाय समझ पर जोर है, तीन भाषाएं अनिवार्य हो गई हैं, और छात्रों को vocational courses और अन्य विषयों को चुनने की अधिक लचीली सुविधा मिल गई है।

NEP 2020 के तहत कक्षा 9 पर पड़ने वाले मुख्य प्रभाव इस प्रकार हैं…

NEP के फ़ायदे और नुकसान


Three-language Rule :

कक्षा 9 से 10 तक के छात्रों के लिए तीन भाषाएँ (R1, R2, R3) पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। इनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय होनी चाहिए। हालांकि तीसरी भाषा की अनिवार्यता इसी वर्ष से की जा रही है, इसलिए तीसरी भाषा पढ़ना तो अनिवार्य है, किन्तु इसकी परीक्षा को class 10 board exams में शामिल नहीं किया जाएगा।

लेकिन इस साल के बाद के बच्चों के लिए परीक्षा की अनिवार्यता भी लागू की जा सकती है। और एक बात, तीसरी भाषा को पढ़ने की अनिवार्यता इस वर्ष जो class 10th में हैं, उनके साथ भी है, बिना परीक्षा की अनिवार्यता के साथ।

Importance of Sanskrit (R3)-

संस्कृत हमारे देश भारत की मुख्य भाषा के रूप में मानी जाती है, जो कि बहुत scientific language है। इसके ज्ञान से हम अपने वेद-पुराणों से जुड़ते हैं, जिसमें सार है जिंदगी का।

उसके साथ ही अगर कोई संस्कृत भाषा में निपुण हो गया, तो विश्व की कोई भी भाषा को समझना अत्यधिक आसान हो जाता है।

फिर क्या हम अपने धर्म और देश से जुड़ने के लिए अपने बच्चों को संस्कृत भाषा खुशी-खुशी नहीं पढ़ा सकते हैं?


End of Rote Learning :

अब curriculum को rote learning से हटाकर experiential और application-based में लागू करने योग्य बनाया गया है।


Competency-Based : 

Exams में सीधे प्रश्न पूछने के बजाय case-based, analytical और MCQ (multiple-choice questions) ज्यादा पूछे जाएंगे।


Flexibility of Subjects :

अब arts, science और vocational courses के बीच कोई सख्त दीवार नहीं रहेगी। छात्र अपने मुख्य विषयों के साथ-साथ vocational course या अपनी पसंद के कौशल चुन सकते है।


Change of Books :

NCERT ने नए pattern के अनुसार कक्षा 9 के curriculum में भी संशोधन किए हैं, ताकि इसे NCFSE 2023 और NEP के अनुकूल बनाया जा सके।


  • Advantages- जो सोच है, अगर वो पूरी तरह से applicable हो सके, तो सचमुच भारत में education next level पर पहुंच सकती है। बच्चे और अधिक confident होंगे अपने भविष्य को लेकर, और अधिक सशक्त होंगे अपने भविष्य में, साथ ही वो वही पढ़ेंगे जो वो पढ़ना चाहते हैं, अतिरिक्त विषयों का बोझ उन पर नहीं होगा।
  • Disadvantages- CBSE board की तरफ से हर रोज़ कोई नया नियम सुनाया जा रहा है, और वो लागू भी होगा कि नहीं, इसकी कोई guarantee नहीं है। अभी तक सभी पुस्तकों का न आना बच्चों को सटीक रूप से पढ़ने में बाधा डाल रहा है। Process बदलने के कारण education का level समझ नहीं आ रहा है कि गिर जाएगा या उठेगा। अत्यधिक सरलता लाने के ऊहापोह में education का स्तर नहीं गिरने देना चाहिए।


जो भी निर्धारित करना है, वो July से पहले हो जाना चाहिए। निर्णय में दृढ़ नहीं होने से बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बच्चों को यह बिल्कुल नहीं लगना चाहिए कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इससे बच्चे अपने उज्जवल भविष्य के सपने से भटक जाते हैं, जो देश के विकास में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

Class 9 भविष्य की नींव रखी जाने वाली class है, इसके सभी निर्णय बहुत सोच-समझकर और समय-सीमा के अनुसार लेने चाहिए।

सही निर्णय देश को विकास और ग़लत निर्णय देश को पतन की ओर ले जाएगा।

BJP government से करबद्ध प्रार्थना है कि जो भी निर्णय लेना है, सोच-समझकर लें और समय-सीमा के अंदर लीजिए, तभी जो आपने सोचा है, वो सही रूप से applicable होगा।

जय हिन्द, जय भारत!