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Tuesday, 11 November 2025

Shaadi-Vivah Song : बन्नी Reels बनाए बात बात में‌

शादी-विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों के गीत साझा कर रहे हैं, उस श्रृंखला में हल्दी चढ़ने की रीति पर पहला गीत है- बन्नी तेरी हल्दी में

दूसरा गीत भात मांगने पर आधारित है- मेरे भैया चले आना 

तीसरा गीत, दुल्हन की मनमोहक रुप को पूर्ण करती हुई, मेंहदी पर आधारित है-मेंहदी रचने लगी हाथों में

शादी-विवाह में बन्ना बन्नी और चुहलबाज़ी वाले गीत बहुत पसंद किए जाते हैं।

बन्ना बन्नी पर आधारित तीन गीत, जिसमें दो चुहलबाज़ी और शरारत से भरपूर हैं:

बन्ना जी जरा जमके कमाना

रात को आ गये चोर

तो एक विवाह के बाद का प्रेम, लज्जा और संस्कार से परिपूर्ण-

बन्ना बुलाए, बन्नी नहीं आए

जो भी शादी करने जा रहे हैं, उनको आगाह करता, आज का यह मजेदार गीत, जिसमें यह प्रस्तुत किया है कि आजकल की बन्नी कैसी हैं, और ससुराल में आकर, वो क्या-क्या करने वाली हैं...

बन्नी Reels बनाए बात-बात में


मतवाली 

वो Instagram वाली 

Mobile रखे हाथ में 

बन्नी reels बनाए बात बात में 


सासु बोली 

बहू पोंछा लगा लो

पोछा लगाते reels बनाए वो 

सास फिसल गई 

कमर टूट गई 

बहू को दे रही गाली

 

मतवाली 

वो Instagram वाली 

Mobile रखे हाथ में 

बन्नी reels बनाए बात बात में 


सासु बोली 

बहू खाना बना लो

खाना बनाते reels बनाए वो 

रोटी जल‌ गई 

खाक हो गई 

सब्जी हो गई काली

 

मतवाली 

वो Instagram वाली 

Mobile रखे हाथ में 

बन्नी reels बनाए बात बात में 


सासु बोली 

बहू कपड़े तो धोलो

कपड़े धोते reels बनाए वो 

कपड़े फट गये

चिथड़े हो गये 

सर्फ हो गया खाली 


 मतवाली 

वो Instagram वाली 

Mobile रखे हाथ में 

बन्नी reels बनाए बात बात में 


सासु बोली 

बहू बर्तन तो धोलो

 बर्तन धोते reels बनाए वो 

बर्तन रह गए 

पानी बह गया 

टंकी हो गई खाली 

 

मतवाली 

वो Instagram वाली 

Mobile रखे हाथ में 

बन्नी reels बनाए बात बात में 


Monday, 10 November 2025

Shaadi-Vivah Song : बन्ना बुलाए, बन्नी नहीं आए

शादी-विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों के गीत साझा कर रहे हैं, उस श्रृंखला में हल्दी चढ़ने की रीति पर पहला गीत है- बन्नी तेरी हल्दी में

दूसरा गीत भात मांगने पर आधारित है- मेरे भैया चले आना 

तीसरा गीत, दुल्हन की मनमोहक रुप को पूर्ण करती हुई, मेंहदी पर आधारित है-मेंहदी रचने लगी हाथों में

शादी-विवाह में बन्ना बन्नी और चुहलबाज़ी वाले गीत बहुत पसंद किए जाते हैं।

बन्ना बन्नी पर आधारित दो मजेदार गीत-

आज का यह गाना, मेरी नानी जी का प्रिय गीत था, उसे ही साझा कर रहे हैं, वो तब जितना सुरीला और तर्कसंगत था, आज भी है। विवाह के तुरंत बाद का वार्तालाप (संवाद) गीत है, जिसमें प्रेम भी है, लज्जा भी, संस्कार भी और सबसे बढ़कर,  ससुराल से जुड़ने के बाद, सबसे मीठी याद भी...

बन्ना बुलाए, बन्नी नहीं आए


बन्ना बुलाए, 

बन्नी नहीं आए 

आजा प्यारी बन्नी रे

अटरिया सूनी पड़ी 


मैं कैसे आऊं 

ससुर जी खड़े हैं 

सास भी खड़ी हैं 

पायल मेरी बजनी रे

अटरिया सूनी पड़ी

 

लंबा घूंघट डाल के 

पायलिया उतार के 

आजा प्यारी बन्नी रे 

अटरिया सूनी पड़ी 


बन्ना बुलाए, 

बन्नी नहीं आए 

आजा प्यारी बन्नी रे

अटरिया सूनी पड़ी 


मैं कैसे आऊं 

ताऊ जी खड़े हैं 

ताई भी खड़ी हैं 

पायल मेरी बजनी रे

अटरिया सूनी पड़ी 


लंबा घूंघट डाल के 

पायलिया उतार के 

आजा प्यारी बन्नी रे 

अटरिया सूनी पड़ी 


बन्ना बुलाए, 

बन्नी नहीं आए 

आजा प्यारी बन्नी रे

अटरिया सूनी पड़ी 


मैं कैसे आऊं 

चाचा जी खड़े हैं 

चाची भी खड़ी हैं 

पायल मेरी बजनी रे

अटरिया सूनी पड़ी 


लंबा घूंघट डाल के 

पायलिया उतार के 

आजा प्यारी बन्नी रे 

अटरिया सूनी पड़ी 


बन्ना बुलाए, 

बन्नी नहीं आए 

आजा प्यारी बन्नी रे

अटरिया सूनी पड़ी 


मैं कैसे आऊं 

फूफा जी खड़े हैं 

बुआ भी खड़ी हैं 

पायल मेरी बजनी रे

अटरिया सूनी पड़ी 


लंबा घूंघट डाल के 

पायलिया उतार के 

आजा प्यारी बन्नी रे 

अटरिया सूनी पड़ी 


बन्ना बुलाए, 

बन्नी नहीं आए 

आजा प्यारी बन्नी रे

अटरिया सूनी पड़ी


मैं कैसे आऊं 

भैय्या जी खड़े हैं 

भाभी भी खड़ी हैं 

पायल मेरी बजनी रे

अटरिया सूनी पड़ी 


लंबा घूंघट डाल के 

पायलिया उतार के 

आजा प्यारी बन्नी रे 

अटरिया सूनी पड़ी 


बन्ना बुलाए, 

बन्नी नहीं आए 

आजा प्यारी बन्नी रे

अटरिया सूनी पड़ी 


मैं कैसे आऊं 

जीजा जी खड़े हैं 

दीदी भी खड़ी हैं 

पायल मेरी बजनी रे


अटरिया सूनी पड़ी 

लंबा घूंघट डाल के 

पायलिया उतार के 

आजा प्यारी बन्नी रे 

अटरिया सूनी पड़ी 


बहुत ही मीठा, प्रेम, लज्जा और संस्कार में ढला, बन्ना बन्नी वार्तालाप गीत

Sunday, 9 November 2025

Shaadi-Vivah Song : रात को आ गये चोर

शादी-विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों के गीत साझा कर रहे हैं, उस श्रृंखला में हल्दी चढ़ने की रीति पर पहला गीत है- बन्नी तेरी हल्दी में

दूसरा गीत भात मांगने पर आधारित है- मेरे भैया चले आना 

तीसरा गीत, दुल्हन की मनमोहक रूप को पूर्ण करती हुई, मेंहदी पर आधारित है-मेंहदी रचने लगी हाथों में

शादी-विवाह में बन्ना, बन्नी और चुहलबाज़ी वाले गीत बहुत पसंद किए जाते हैं, और वैसा एक गाना हमने कल डाला भी था- बन्ना जी जरा जमके कमाना

तो प्रस्तुत है, चुहलबाज़ी और हंसीं मज़ाक़ से परिपूर्ण एक और गीत, जो पूरे माहौल को खुशनुमा बना देगा।

रात को आ गये चोर


रात को आ गये चोर 

बन्ने की दादी ले गए रे - 2

बन्ने की दादी बड़ी लड़ाकू 

डर गये सारे चोर डाकू 

सर को पकड़, रोए चोर

बन्ने की दादी दे गए रे


रात को आ गये चोर 

बन्ने की मम्मी ले गए रे - 2

बन्ने की मम्मी तगड़ी मोटी 

खा गई उनकी सारी रोटी 

भूखे मर गये चोर 

बन्ने की मम्मी दे गए रे 


रात को आ गये चोर 

बन्ने की ताई ले गए रे - 2

बन्ने की ताई बड़ी खर्चीली 

चोरों की हो गई जेबें ढीली 

कंगाल हो गये चोर 

बन्ने की ताई दे गए रे 


रात को आ गये चोर 

बन्ने की बहना ले गए रे - 2

बन्ने की बहना डिस्को नाचे

नाच नाच कर धरती को हिला दे

चक्कर खा गए चोर 

बन्ने की बहना दे गए रे 




Note : बन्ना-बन्नी के परिवार से नोंकझोंक गीत, आप जिस भी पक्ष के हैं, उसके अनुसार यह गीत गाया जा सकता है, जैसे अगर बन्नी पक्ष में हैं तो ऐसे ही और बन्ना पक्ष में हैं तो इसमें बन्ना की जगह बन्नी लगाकर गाया जाएगा।

Saturday, 8 November 2025

Shaadi-Vivah Song : बन्ना जी जरा जमके कमाना

शादी-विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों के गीत साझा कर रहे हैं, उस श्रृंखला में हल्दी चढ़ने की रीति पर पहला गीत है- बन्नी तेरी हल्दी में

दूसरा गीत भात मांगने पर आधारित है- मेरे भैया चले आना 

तीसरा गीत, दुल्हन की मनमोहक रुप को पूर्ण करती हुई, मेंहदी पर आधारित है- मेंहदी रचने लगी हाथों में

शादी-विवाह में बन्ना, बन्नी और चुहलबाज़ी वाले गीत बहुत पसंद किए जाते हैं।

तो चलिए कुछ गीत बन्ना-बन्नी के नाम… 

आज की बन्नी की क्या demand है बन्ना जी से, आज गीत द्वारा उसी को साझा कर रहे हैं।

तो सारे कुंवारे, इस गाने को ध्यानपूर्वक सुनें, और प्रयास करें, अपनी होने वाली वधू को प्रसन्न रखने का...

बन्ना जी जरा जमके कमाना


आया महंगाई का ज़माना,

बन्ना जी जरा जमके कमाना।


दाल और रोटी का गुजारा जमाना,

पिज्जा-बर्गर है खाना।

बन्ना जी जरा जमके कमाना।


आया महंगाई का जमाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना 


हल्दी और उबटन का गुजारा जमाना 

ब्यूटी पार्लर हैं जाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना 


आया महंगाई का जमाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना 


साड़ी और कुर्ते का गुजारा जमाना 

जीन्स टी-शर्ट ही पहनना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना 


आया महंगाई का जमाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना

 

बाइक और कार का गुजारा जमाना 

ऐरोप्लेन में बैठाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना 


आया महंगाई का जमाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना


चिठ्ठी और तार का गुजारा जमाना 

आइफोन दिलाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना 


आया महंगाई का जमाना 

बन्ना जी जरा जमके कमाना


Friday, 7 November 2025

Shaadi-Vivah Songs : मेहंदी रचने लगी हाथों में

शादी-विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों के गीत साझा कर रहे हैं, उस श्रृंखला में हल्दी चढ़ने की रीति पर पहला गीत था- बन्नी तेरी हल्दी में

दूसरा गीत भात मांगने पर आधारित है, मेरे भैया चले आना

शादी के शुभ कार्य में मेंहदी का विशेष महत्व है, या यूं कहें कि मेंहदी से सजे हुए हाथ पैर, वधू के सौंदर्य को पूर्ण करते हैं।

आज का यह खूबसूरत गीत मेहंदी रचने वाली शाम में गाया व बजाया जाए, तो रौनक दोगुनी हो जाएगी।

मेहंदी रचने लगी हाथों में



मेहंदी रचने लगी हाथों में, बन्ने के नाम की

मेहंदी रचने लगी हाथों में, बन्ने के नाम की 


आई शुभ घड़ी देखो, मेरे आँगन आज जी


बाजे-बाजे रे शहनाई, पिया तेरे नाम की

बाजे-बाजे रे शहनाई, पिया तेरे नाम की


आई शुभ घड़ी देखो, मेरे आँगन आज जी


मेहंदी रचेगी गहरी, प्यार गहरा होगा

मेहंदी रचेगी गहरी, प्यार गहरा होगा

लाल-ख़ुशहाल रंग, संग तेरे होगा

लाल-ख़ुशहाल रंग, संग तेरे होगा


मेहंदी रची है गहरी सी, बन्ना तेरे नाम की 

मेहंदी रची है गहरी सी, बन्ना तेरे नाम की 


आई शुभ घड़ी देखो, मेरे आँगन आज जी


भूल ना जाना हमें, जा के ससुराल तू

भूल ना जाना हमें, जा के ससुराल तू

तड़पेगी ममता मेरी, आएगी याद तू

तड़पेगी ममता मेरी, आएगी याद तू

बिछिया बाजे, पायल छनकी, बन्ना के नाम की

बिछिया बाजे, पायल छनकी, बन्ना के नाम की


आई शुभ घड़ी देखो, मेरे आँगन आज जी


मेहंदी में नाम, हमने जिसका लिखा है

मेहंदी में नाम, हमने जिसका लिखा है

पढ़ के बताओ जी, किसका लिखा है

पढ़ के बताओ जी, किसका लिखा है

गोरे हाथों में रची है, प्रीत तेरे नाम की

गोरे हाथों में रची है, प्रीत तेरे नाम की


आई शुभ घड़ी देखो, मेरे आँगन आज जी

आई शुभ घड़ी देखो, मेरे आँगन आज जी


Thursday, 6 November 2025

Shaadi-Vivah Song : मेरे भैया चले आना

शादी-विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों के गीत साझा कर रहे हैं, उस श्रृंखला में हल्दी चढ़ने की रीति पर पहला गीत था- बन्नी तेरी हल्दी में

आज दूसरा गीत साझा कर रहे हैं।

शादी के शुभ कार्यों में भात मांगने की शुभ प्रथा होती है, इस गीत द्वारा उसी को प्रस्तुत किया है।

देखिए, कैसे बहन भाई से सभी भौतिक वस्तुओं के बदले कुछ और लाने को कहा रही है।

भाई-बहन के अटूट प्रेम को प्रदर्शित करता गीत... 

मेरे भैया चले आना



मेरे भैया चले आना 

तुम्हें बहना बुलाती है 

समय पर भात ले आना 

तुम्हें बहना बुलाती है 


न लाना कान‌‌ के झुमके 

न लाना माथे का टीका 

मेरी भाभी को ले आना 

तुम्हें बहना बुलाती है 


मेरे भैया चले आना 

तुम्हें बहना बुलाती है 

समय पर भात ले आना 

तुम्हें बहना बुलाती है 


न लाना हाथ के कंगना

न लाना कोई भी गहना 

तुम बच्चों को ले आना 

तुम्हें बहना बुलाती है  


मेरे भैया चले आना 

तुम्हें बहना बुलाती है 

समय पर भात ले आना 

तुम्हें बहना बुलाती है 


न लाना महंगी-सी साड़ी 

न लाना चुनरी और लहंगा 

 परिवार संग ले आना 

तुम्हें बहना बुलाती है  


मेरे भैया चले आना 

तुम्हें बहना बुलाती है 

समय पर भात ले आना 

तुम्हें बहना बुलाती है




Wednesday, 5 November 2025

Shaadi-Vivah Songs : बन्नी तेरी हल्दी में

आज से शादी-विवाह से जुड़े रीति-रिवाजों के गीत साझा कर रहे हैं, उस श्रृंखला में यह पहला गीत है।

बन्नी, बन्ना के हल्दी चढ़ने की रस्म, विवाह में एक विशेष रस्म होती है, जो जितना विवाह से जुड़ी होती है, उतनी ही ईश्वर व घर से जुड़े सभी लोगों से मिलने वाला आशीर्वाद भी होती है।

आज उसी पर यह गीत साझा कर रहे हैं।

बन्नी तेरी हल्दी में


आया है सारा परिवार, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।

ओ बन्नी तेरी हल्दी में, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।

आया है सारा परिवार, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।


पहली हल्दी दादी ने पिसाई। 

दादी ने पिसाई, श्री गणेश को चढ़ाई।

सफल हो गए सब काम, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।

आया है सारा परिवार, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।


दूजी हल्दी नानी ने पिसाई।

नानी ने पिसाई, लक्ष्मी मैया को चढ़ाई।

अरे अन्न-धन भरे भंडार, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।

आया है सारा परिवार, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।


तीजी हल्दी मम्मी ने पिसाई, 

मम्मी ने पिसाई, गोरा मैया को चढ़ाई।

दे दिया अमर सुहाग, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।

आया है सारा परिवार, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।


चौथी हल्दी चाची ने पिसाई। 

चाची ने पिसाई, सीता मैया को चढ़ाई।

दे दिया धर्म का ज्ञान, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।

आया है सारा परिवार, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।


पांचवी हल्दी बुआ ने पिसाई,

बुआ ने पिसाई, राधा रानी को चढ़ाई।

दे दिया प्रेम का ज्ञान, तो बन्नी तेरी हल्दी में।

आया है सारा परिवार, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।


आया है सारा परिवार, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।

ओ बन्नी तेरी हल्दी में, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।

आया है सारा परिवार, ओ बन्नी तेरी हल्दी में।




हमने यह गीत बन्नी (वधू या लड़की) पर आधारित बनाया है, अगर आप बन्ने (वर या लड़के) के पक्ष से हैं तो जहां बन्नी है, आप वहां बन्ने लगा लीजिएगा।