Tuesday, 23 April 2024

Article: हनुमान जन्मोत्सव कब? चैत्र मास या कार्तिक मास..

हनुमान जन्मोत्सव, यह दिन भगवान हनुमान जी के जन्म दिवस का प्रतीक है। हनुमान जी, जिनके नाम मात्र से संकट का नाश हो जाता है। रामभक्त, बजरंगबली, संकटमोचन, हनुमान, मारुतिनंदन, अंजनी पुत्र, पवनपुत्र आदि बहुत से नामों से जाने वाले प्रभू, सदैव हम सब के साथ रहें और सबकी रक्षा करें 🙏🏻🙏🏻

आज हनुमान जन्मोत्सव पर आपके साथ कुछ तथ्य साझा कर रहे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि भगवान हनुमान जी के साथ इतने ज़्यादा अद्भुत संयोग हैं कि वह उन्हें सब से अलग बनाता है। यहां उनसे जुड़े कुछ अद्भुत संयोग प्रस्तुत कर रहे हैं..

पहला अद्भुत संयोग है कि, हनुमान जी को भक्त शिरोमणि भी कहा जाता है, क्योंकि वो प्रभु श्रीराम के अनन्य भक्त थे। एक ईश्वर जो दूसरे ईश्वर को इतना पूजते थे कि भक्त शिरोमणि कहलाएं, यह अपने आप में अद्भुत संयोग है। 

दूसरा अद्भुत संयोग है कि, उनके जन्मदिवसi को जन्मोत्सव कहते हैं, जयंती नहीं, पर क्यों? यह आपको हमारे article हनुमान जन्मोत्सव या हनुमान जयंती में पढ़ने को मिल जाएगा।

तीसरा अद्भुत संयोग है कि एक साल में हनुमान जन्मोत्सव, दो बार मनाया जाता है? पर क्यों? आज इसके ही पीछे का अद्भुत रहस्य साझा कर रहे हैं।

हनुमान जन्मोत्सव का पर्व बेहद शुभ माना जाता है। इसका हिंदुओं में बड़ा धार्मिक महत्व है। 

ऐसा माना जाता है कि इस दिन भाव के साथ पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। भक्त इस दिन को बहुत खुशी और उत्साह के साथ मनाते हैं। 

बता दें बजरंगबली का जन्म कार्तिक मास में हुआ था, उनके पिता कपियों के महाराजा केसरी और माता अंजनी थी। 

फिर चैत्र मास में किस वजह से मनाया जाता है हनुमान जन्मोत्सव? 

हनुमान जन्मोत्सव कब?

चैत्र मास या कार्तिक मास…

ऐश्वर्यदं लं

हनुमान जन्मोत्सव का दिन अपार भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। यह हर साल दो बार मनाया जाता है। एक चैत्र माह की पूर्णिमा और दूसरी कार्तिक माह की चतुर्दशी तिथि को। इस बार यह 23 अप्रैल, 2024 के दिन मंगलवार को मनाया जा रहा है। 

राम भक्त हनुमान जी के जन्म को लेकर भक्तों के मन में यह सवाल हर साल आता है कि आखिर उनका जन्म साल में दो बार क्यों मनाया जाता है?


I. चैत्र मास में जन्मोत्सव का कारण :

ग्रंथों के अनुसार, यह घटना, हनुमान जी के बाल्यकाल की है, हनुमान जी का नाम बचपन में मारुति था। एक दिन मारुती नंदन अपनी निद्रा से जागे और उन्हें तीव्र भूख लग गई। उन्होंने पास के एक वृक्ष पर लाल पका फल देखा, जिसे खाने के लिए वे निकल पड़े। दरअसल मारुती जिसे लाल पका फल समझ रहे थे वे सूर्यदेव थे।

अतः भोजन की लालसा में फल समझकर सूर्यदेव को निगल लिया था।

जब इंद्रदेव को यह ज्ञात हुआ तो उन्होंने मारुति से भगवान सूर्य को मुख से निकालने को कहा, तो उन्होंने मना कर दिया, जिसके चलते देवराज इंद्र क्रोध में आ गए और उन्होंने मारुति पर वज्र से प्रहार कर दिया, जिससे उनकी ठुड्ढी थोड़ी सी टेढ़ी हो गई ‌और वे मूर्छित हो गए। 

अपने पुत्र को मूर्छित देखकर, पवनदेव क्रोधित हो गए (हनुमान जी, पवनदेव के आशीर्वाद से ही उत्पन्न हुए थे अतः उन्हें पवनपुत्र भी कहते हैं) और उन्होंने पूरे जगत से वायु का प्रवाह रोक दिया।  

सम्पूर्ण सृष्टि वायु विहीन हो गई, उससे सभी त्राहि माम त्राहि माम करते हुए ब्रह्मा जी की शरण में पहुंचे।

इसके बाद ब्रह्मा जी और अन्य देवताओं ने अंजनी पुत्र को दूसरा जीवन प्रदान किया और अपनी-अपनी कुछ दिव्य शक्तियां भी दीं।देवताओं के वरदान से बालक हनुमान और भी ज्यादा शक्तिशाली हो गए, लेकिन वज्र के चोट से उनकी ठुड्ढी टेढ़ी हो गई, जिसके कारण उनका एक नाम हनुमान पड़ा। 

यह घटना चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि के दौरान हुई थी, तभी से इस दिन को भी हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने लगा। 

कार्तिक मास में जन्मोत्सव की कथा आपको मारे article हनुमान जन्मोत्सव या हनुमान जयंती में पढ़ने को मिल जाएगा।

बजरंगबली की जय 🚩

Monday, 22 April 2024

Poem : क्या है पृथ्वी?

क्या है पृथ्वी? 

क्या है पृथ्वी?

पुष्प की सुगंध से

महकता मंजर

या वक्ष चीरकर,

बहता तटिनी का आंचल..

या ऊंचे ललाट सा,

महीधर का शिखर..

या समीर की चाल पर,

बल खाती विटप की डाली..

या धूप छांव पर बदलती, 

रेगिस्तान की रेत..

या रुह को सुकून देता,

 हिम का अद्भुत एहसास..

या कहें उसे मां,

या सुकोमल नारी,

जिसके इर्द-गिर्द, 

है दुनिया सारी..

पर यह सब है

सिर्फ तब तक 

जब तक है 

हरियाली 

जीवन में है

तब तक ही

खुशहाली 


पृथ्वी दिवस पर विशेष 🌍

Friday, 19 April 2024

Article : Voting

मतदान

आज से भारत में एक महोत्सव प्रारंभ हुआ है, जिसमें लोकसभा चुनाव द्वारा, भारत अपने उन प्रतिनिधियों को चुनेगा, जो उसे सुचारू रूप से चलाएंगे।

जो जीवन की रोज़मर्रा की जरूरत के साथ-साथ देश‌ की सुरक्षा, आस्था, अस्मिता और वैभव का पूर्ण ध्यान रखेगा।

इन प्रतिनिधियों के रहने से देश का चौतरफा विकास होगा, देश खुशहाल रहेगा, दुश्मन हमारा अनिष्ट करना तो क्या, अपनी कुदृष्टि भी नहीं रख पाएगा। साथ ही हमारे भारत का तिरंगा हर क्षेत्र में विश्व विजयी होगा, हर देश में भारत को मान-सम्मान मिलेगा। भारत विश्व में सर्वोच्च स्थान पर विराजमान होगा। 

पर ऐसा होगा तभी जब हम सही प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। उसके लिए जरूरी है कि हम vote अवश्य डालें। 

वोट डालने के लिए एक बात को जानना बहुत जरूरी है कि आपके प्रदेश में, आपके शहर में, किस दिन चुनाव है? जिससे आप, अपना अमूल्य वोट दे सकें। 

लोकसभा चुनाव कुल सात चरणों में पूर्ण होगा, जिसका शुभारंभ आज, यानी 19 अप्रैल से शुरू होकर 1 जून तक है, तथा 4 जून को नतीजे घोषित किए जाएंगे।

किस दिन कौन सा चरण होगा, नीचे इंगित कर दिया है।




किस चरण में किस state में वोट डाले जाएंगे, वो भी आपको बता देते हैं। आप उसके अनुसार अपने शहर में कब वोट डालने जाएं, यह ज्ञात कर लीजिएगा।


I. पहला चरण : 

21 राज्यों की 102 सीटों के लिए चुनाव होगा, 19 अप्रैल को मतदान होगा।

अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नगालैंड, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, अंडमान निकोबार, जम्मू कश्मीर, लक्षद्वीप, पुद्दुचेरी की कुल 102 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।


II. दूसरा चरण :

13 राज्यों की 89 सीटों के लिए चुनाव होगा, 26 अप्रैल को मतदान होगा।

असम, बिहार, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, राजस्थान, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर की कुल 89 सीटों पर मतदान होगा


III. तीसरा चरण :

12 राज्यों की 94 सीटों के लिए चुनाव होगा, 07 मई को मतदान होगा।

असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दादरा और नागर हवेली और दमन और दीव की कुल 94 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।


 IV. चौथा चरण : 

10 राज्यों की 96 सीटों के लिए चुनाव होगा, 13 मई को मतदान होगा।

आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर की कुल 96 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।


V. पांचवा चरण :

8 राज्यों की 49 सीटों के लिए चुनाव होगा, 20 मई को मतदान होगा।

छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू कश्मीर, लद्दाख की 49 सीटों पर मतदान होगा।

VI. छठा चरण : 

7 राज्यों की 57 सीटों के लिए चुनाव होगा,  25 मई को मतदान होगा।

बिहार, हरियाणा, झारखंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली की कुल 57 सीटों पर मतदान होगा।


VII. सातवां चरण :
 
8 राज्यों की 57 सीटों के लिए चुनाव होगा, 01 जून को मतदान होगा।

बिहार, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़ की कुल 57 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।

 

आप जिस भी प्रदेश में हैं, उसके अनुसार देख लें, अगर आप को किसी शहर विशेष की तारीख पता करनी हो, तो comment box में बताएं।

हम U.P. को belong करते हैं तो उससे जुड़े बहुत सारे शहरों की तारीख भी बता दें रहे हैं, आप मिला लें कि आप के शहर में कब चुनाव है :


1. पहले चरण - 19 अप्रैल (8 सीट) :

सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर और पीलीभीत में voting होगी।


2. दूसरा चरण - 26 अप्रैल (8 सीट) :

अमरोहा, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा में voting होगी।


3. तीसरा चरण - 7 मई (10 सीट) :

संभल, हाथरस, आगरा, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, बदायूं, आंवला और बरेली में voting होगी।


4. चौथा चरण - 13 मई (13 सीट) :

शाहजहांपुर, खीरी, धौरहरा, सीतापुर, हरदोई, मिश्रिख, उन्नाव, फर्रुखाबाद, इटावा, कन्नौज, कानपुर, अकबरपुर और बहराइच में voting होगी।


5. पांचवां चरण - 20 मई (14 सीट) :

मोहनलालगंज, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, जालौन, झांसी, हमीरपुर, बांदा, फतेहपुर, कौशांबी, बाराबंकी, फैजाबाद, कैसरगंज और गोंडा में voting होगी।


6. छठा चरण - 25 मई (14 सीट) :

सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फूलपुर, इलाहाबाद, अम्बेडकरनगर, श्रावस्ती, डुमरियागंज, बस्ती, संतकबीर नगर, लालगंज, आजमगढ़, जौनपुर, मछलीशहर और भदोही में मतदान होगा।


7. सातवां चरण - 1 जून (13 सीट) :

महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया,
बांसगांव, घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज में voting होगी। 

भारत के चारों महानगर, जैसे दिल्ली में 25 May, मुम्बई में 20 May, कलकत्ता में 1 June और मद्रास में 19 April को voting होगी...

State and city की list बता दी है, जिससे आप जुड़ें है, उसे देखें लीजिए और
उसके अनुसार अपना बहुमूल्य वोट डाल
दीजिए। हर वोट कीमती है, इसलिए वोट डालिएगा जरुर...