Sunday, 13 October 2019

Poem : शरद का चाँद


शरद का चाँद 


पूर्ण कला से सजा चाँद है,
इसकी आभा अजब निराली।
धवल चाँदनी छिटकी चहुं ओर,
है कांति मनभावन वाली॥

उज्जवल सी धरती है दिखती,
आज रात्रि नहीं काली।
पूर्ण यौवन में आज चाँद ने,
है दिनकर सी रोशनी पा ली॥

धरती-चाँद के अनुपम मिलन ने,
दूरी अपनी घटा ली।
तभी चाँद की श्वेतिमा में,
है आज ममता की लाली॥  

अमृत-वर्षा की रात आज है,
सब ने खीर बना ली।  
दुग्ध-अक्षत के अद्वितीय मेल में,
है चाँदनी घुलने वाली॥

श्वेत चाँद है- श्वेत चाँदनी,
आई है रात भागों वाली।
शरद चाँद के दर्शन मात्र से,
मन की कलुषता हरने वाली॥


शरद पूर्णिमा की शीतलता और पवित्रता आपके जीवन को सुख से परिपूर्ण कर दे।

Saturday, 12 October 2019

Story Of Life : हमने घर बदल लिए (भाग -3 )

हमने घर बदल लिए (भाग -1 ) और 

हमने घर बदल लिए (भाग -2 ) के आगे


Story Of Life : हमने घर बदल लिए (भाग-3 )

अच्छा ठीक है, तेरे जीजू को बोल कर आती हूँ।

रैना दी कीर्ति के पास आ गईं, बोली बताओ, क्या पूछना है तुम्हें?
दी, आप लोग जब रिया की engagement में आए थे, तो सब आपसे ज्यादा जीजू को आवाज़ लगा रहे थे। जीजू सारे काम, बखूबी कर भी रहे थे।

पर आपके घर में तो कुछ और ही माहौल है। यहाँ तो सारे काम आप ही करती हैं। आपको ही सब अपनी सारी बात बताते हैं, सब आपको ही बुलाते हैं। जीजू से तो बात भी नहीं की, उन लोगों ने। जीजू सबके बारे में उतना update भी नहीं रहते हैं।

मैंने और भी एक बात notice की, कि जीजू को उनके ससुराल वाले, और आपको आपके ससुराल वाले बहुत मानते हैं। और हाँ आप लोगों में झगड़ा भी नहीं होता है।

रैना दी हँस दीं, बोलीं हमने घर बदल लिए हैं।

क्या मतलब? मैं कुछ समझी नहींकीर्ति असमंजस में पड़ती हुई बोली

अरे रे..., कीर्ति, अपनों के साथ तो बचपन से रहे हैं, उनका प्यार और विश्वास तो बहुत पा लिया। अब अगर जीवनसाथी के घर वालों का साथ मिला है, तो उन्हें भी तो अपनाना होगा। शादी के बाद से ही हम दोनों ही एक दूसरे के घर के लोगों की ज्यादा चिंता करते हैं। उसके ही कारण है, हम अपने घर और ससुराल वालों दोनों का प्यार पाते हैं। और यही कारण झगड़ा नहीं होने का भी है।

कीर्ति रैना दी के घर से लौट आई, पर उसके मन में यह बात भीतर तक समा गयी, कि हम केवल अपने partner से कल्पना करते हैं, कि वो हमारे परिवार को अपना ले, पर खुद कभी उसके परिवार को नहीं अपनाना चाहते। सच अगर, घर बदल लें, तो दोनों जगह का प्यार भी मिलेगा और घर में कलह भी नहीं होगा।

अब कीर्ति को केवल अच्छे जीवनसाथी की तलाश नहीं थी, बल्कि वो भी अच्छा जीवनसाथी बनना चाहती थी, घर बदलना चाहती थी।  

Friday, 11 October 2019

Article : अमित से अमिट तक.........


अमित से अमिट तक...

हम लोगों में से बहुत लोग ऐसे हैं, जो अमिताभ जी से साक्षात नहीं मिले हैं, पर शायद कोई भी भारतीय ऐसा नहीं होगा, जो उनको शक्ल से या नाम से जानता नहीं हो। Amitabh Bachchan को Big B के नाम से जाना जाता है।

पिछले पचास सालों से इस शहँशाह की बादशाहत अनवरत चल रही है, जिसे धाकड़ से धाकड़ भी हिला नहीं पाये।

फिल्मों की कहानियाँ, अमिताभ जी की image को ध्यान में रख कर लिखी जाती है। पर ये सब तो आप सब ही जानते हैं, फिर बताने वाली क्या बात है?

नहीं आज मैंने उनके बारे में इसलिए नहीं लिखा है, क्योंकि आज उनकी birthday है, ना ही इसलिए कि उन्हें दादा साहब फालके award मिला है।

मेरे लिखने का उद्देश्य ये है, कि ऐसे कौन से कारण हैं, जो इन्हें विशेष बनाते हैं।

कारण 1. ईश्वर में आस्था और संस्कार, वो सर्वोपरि हैं, जो उनमें कूट-कूट कर भरे हैं। जिसके कारण उनकी सफलता का रथ स्वंय ईश्वर ने थामा हुआ है।   

कारण 2 . अमित जी अपने माँ और बाबू जी का बहुत आदर करते थे। उन्हें सम्मान देते थे, उन्हें पूजते थे। माता पिता की सेवा बहुत बड़ा कारण है, किसी भी इंसान की सफलता का।

कारण 3 . अमित जी बहुत सरल हैं, उनमें कभी घमंड नहीं रहा, जब उनके पिता जी महान साहित्यकार थे, तब भी नहीं, और जब वो खुद महानायक बन गए थे, तब भी नहीं। सरल होना व घमंड ना करना ऐसा गुण है, जो सफल व्यक्ति को सफल ही बने रहने देता है।

कारण 4 . असफलता अमित जी ने भी देखी, फिर चाहे वो उनका film shoot में हुआ accident हो, ABCL कंपनी का डूबना हो, राजनीति  छोड़ देना हो, बोफोर्स मामले में फँसना हो, या कुछ फिल्मों का flop होना हो। सबका डटकर सामना किया, और अपना मुकाम बरकरार रखा। जो इंसान जुझारू हो, उसका साथ तो ईश्वर भी देते हैं।

कारण 5. अमित जी अपने काम को साधना मानते हैं, shooting 
पर समय से पहुँचते हैं, या कभी कुछ देर पहले भी, किसी भी तरह के situation में अपने को ढाल लेते हैं, काम के समय सर्दी, गर्मी, सुविधा- असुविधा किसी का ध्यान नही देते हैं।
जो अपने काम का साधक हो, जो लगन का पक्का हो, उसका साथ तो पूरी कायनात देती है।

कारण 6 . आज जब वो 77 साल के हैं, तब भी अपनी आत्म बल के कारण बहुत सी बीमारियों के बावजूद वो हम बहुत से युवा लोगों से, ज्यादा active हैं। young हैं। आत्म बल ही है, जो सब जीतने का हौसला देती है।

कारण 7 . वक़्त के साथ चलते हैं, सन 2010 से twitter join किया, अब तक उन्होंने 65 हज़ार से ज्यादा ट्वीट कर लिए, साथ ही 38 मिलियन से ज्यादा उनके followers हैं, और इसमें वो शाहरुख और सलमान को टक्कर दे रहे हैं। वहीं blog में भी 4000 दिनों से ज्यादा दिनों से लिख रहे हैं।

आमतौर पर celebrity के social account देखने के लिए उनकी टीम होती है। पर अमित जी अपना account ना केवल खुद handle करते हैं, बल्कि उसके reply भी खुद ही देते हैं।
जो वक़्त के साथ अपने आपको ढलता जाता है, उसका वक़्त रुकता नहीं है चलता जाता है।

कारण 8. अमित जी अपने साथ वालों की प्रशंसा भी खूब करते हैं। साथ ही लोगों के विशेष दिनों का ध्यान भी रखते हैं। सब की आगे बढ़ने में खूब मदद भी करते हैं जो उन्हें सब से जोड़े रखता है।
सबको साथ लेकर चलने वाला कभी अकेला नहीं रहता।

और भी बहुत से गुण हैं, किन किन को लिखूँ। ऐसी गुणों के खान, वाले व्यक्तित्व को कोई क्यों ना प्यार दे, सम्मान दे। शायद यही सब कारण हैं, जिन्होंने उन्हें सदियों से नायक बना रखा हैं, दादा से पोते तक सबको अपना दीवाना बना रखा है।

ऐसी महान शख्सियत अनुकरणीय हैं। 

अमिताभ बच्चन जी आपको आप के जन्म दिवस की अनेकानेक बधाइयाँ