Thursday, 30 January 2020

Poem : बसंत पंचमी का त्यौहार


बसंत पंचमी का त्यौहार



बसंत पंचमी का त्यौहार
जैसे पीले रंगों की फुहार

धरा है पीली, नभ भी पीला
दिखता कितना रंग रंगीला

वस्त्र है पीला, भोग भी पीला
लागे सब कुछ साज सजीला

यह सब बहुत पवित्र हो जाता
जब पधारे सरस्वती माता

नीरज वर्षा, वीणा वादन, शंखनाद, 
सब ओर शुभ ही शुभ हो जाता

जय जय जय सरस्वती माता
ज्ञान विज्ञान सब तुम से आता

जो कोई तुम्हारी शरण में आता
जीवन, मरण से मुक्त हो जाता


आप सभी को बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏 💐

Wednesday, 29 January 2020

Short Stories : हम अमीर हैं



हम अमीर हैं


रंजना की शादी, एक फल बेचने वाले से हुई थी। वो इस बात से हमेशा कुढ़ती रहती, कि उसके पिता ने कैसे इंसान से उसकी शादी कर दी है, जो दो वक़्त की रोटी भी नहीं खिला पाता है।


आए दिन उनको दिन में फल खाकर ही रहना पड़ता था।

रंजना का एक बेटा था, जिसका उसके पिता ने बड़े प्यार से सफल नाम रखा था। इस बात के लिए भी रंजना अपने पति को सुनाती रहती थी। 

केवल नाम रखने से कोई सफल नहीं हो जाता है, अगर ऐसा होता तो मैं अपना नाम लक्ष्मी रख लेती।

रंजना कभी भी खुश नहीं रहती, हमेशा भुनभुन लगाए ही रहती थी।

सफल अपने नाम सा ही, अपने स्कूल का सबसे सफल बच्चा था।वो पढ़ाई-लिखाई के साथ ही खेलकूद में भी सबसे आगे था। साथ ही वो कभी बीमार भी नहीं पड़ता था।

एक दिन स्कूल से लौट कर सफल माँ की बाँहों में झूल गया, वो आज बहुत खुश था। उसने माँ से कहा, माँ मैं अपने स्कूल में सबसे अमीर हूँ।

अमीर! क्या बोल रहा है, रे सफल?

हाँ माँ, आज टीचर हमे फलों के बारे में बता रही थीं। उन्होंने कहा, फल बहुत ही पौष्टिक होते हैं। इन्हें खाने से हम स्वस्थ और ताकतवर होते हैं। पर आज कल फलों के बढ़ते भाव के कारण, ये सिर्फ अमीर लोगों की पहुँच तक ही रह गया है। कितने लोगों को फल खाने को नसीब नहीं होते हैं,  इसके ही कारण संसार में बीमारियाँ बढ़ती जा रही हैं।

माँ, हम लोग तो रोज़ दिन के खाने में फल ही खाते हैं, इसलिए बीमार भी नहीं पड़ते हैं। तो हम हैं ना अमीर!

सफल अपनी मासूमियत में रंजना को समझा गया था, कितने हैं, जिनको खाना तक नसीब नहीं होता है, फिर कोई फल खाने के सपने क्या देखे, जिसके भाव आसमान छू रहे हैं।

रोज़ भले ही बचे हुए या सड़े-गले फलों को छाँट कर ही सही, पर वो रोज़ एक time अलग अलग तरह के फल खाते हैं, शायद एक time फल खाने के कारण ही वो हष्ट-पुष्ट हैं, स्वस्थ हैं। कभी उनमें से कोई बीमार नहीं पड़ता है।

उस दिन के बाद से कभी रंजना ने भुनभुन नहीं की, क्योंकि वो समझ गयी थी, भगवान ने सबको अमीर बनाया है। बस हम समझ ही नहीं पाते हैं।

सफल अपनी माँ को समझाने में सफल हो गया था, कि हम अमीर हैं।

Tuesday, 28 January 2020

Article : देशद्रोही को शोहरत क्यों

देशद्रोही  को शोहरत क्यों ?

एक बात हमें आज तक समझ नहीं आती है, हमारे देश में देश से गद्दारी करने वालो को इतनी शोहरत क्यों मिल जाती है।

क्यों इन सिरफिरे लोग के लिए जेल या फांसी का प्रावधान नहीं किया गया है।


आज-कल news की सुर्खियों में  कभी आ रहा है कि कन्हैया कुमार, आजादी के नाम पर सबको भड़का रहा है, JNU campus को देशद्रोह का अड्डा बना दिया गया है। और देश के टुकड़े-टुकड़े कर देने की आवाज लगाई जा रही है।

और कहीं  news आ रही है, कि शाहीन बाग में लोग धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, और उन्हें शरजील इमाम द्वारा इस क़दर भड़का दिया गया है, कि वहाँ भी असम को देश से अलग करने की गुहार लगाई जा रही है।

क्यों, आखिर क्यों?

जब यह लोग, खुलेआम इस तरह के धरने-प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे हैं, तो सरकार और प्रशासन, इंतजार किस बात का कर रहे हैं?

इस तरह के कृत्य को इतना बढ़ने ही क्यों दिया जाता है कि यह एक बड़ी खबर बनने लगती है। और उसके सरगना प्रसिद्धि प्राप्त करने लगते हैं।

यह प्रसिद्धि इनके लिए जीवन आसान कर देती है, नाम, मान-सम्मान, धन-दौलत सब तो इन्हें मिल जाता है। जिससे युवा पीढ़ी इनके इशारों पर नाचती है।

जो किसी भी देश को बर्बादी की कगार पर पहुंचा सकता है।

अगर हम सही मायने में अपने देश का भविष्य उज्जवल बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले तो उन कृत्य का पुरजोर विरोध करना होगा, जो देश के विरोध में हो।

फिर चाहे वो देश के मुर्दाबाद के नारे हों या उसके टुकड़े-टुकड़े करने के। 

ऐसे लोगों के लिए देश में कड़े कानून होने चाहिए।
इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, कड़ी सज़ा का प्रावधान होना चाहिए, जिसमें देश निकाला या फांसी का प्रावधान होना चाहिए। क्योंकि 

जिस को निज देश से प्यार नहीं,
उसको देश में रहने का अधिकार नहीं।

एक, दो  के सरगनाओं के साथ यह व्यवहार कर दिया जाए, तो सब सुधर जाएंगे।

अगर आपको हमारी बात सही लगती है, तो इस post को इतना share कीजिए, कि बात सरकार तक पहुंच जाए और देश से देशद्रोह खत्म हो।

इससे देश में शांति और सुरक्षा दोनों हो जाएगी।