Monday, 14 December 2020

Short Story : अहं

 अहं 



अहम हर क्षेत्र में बहुत ही होनहार था, हर काम में नम्बर वन। पर एक ही कमी थी, उसे इस बात का बहुत अहं था, कि वो सर्वश्रेष्ठ है।

बस यही कारण था कि, उसकी किसी से ज्यादा दिन बनती नहीं थी।

सौम्या भी सर्वगुणसंपन्न थी, पर वो नाम सी ही, सौम्य और शांत स्वभाव की थी।

एक दिन अहम और सौम्या दोनों को एक ही project पर काम करना था।

दोनों ने बहुत अच्छा project तैयार किया। पर आदतन अहम, सौम्या से बोला, तुमने data and details तो बहुत अच्छी रखें हैं, फिर भी अभी project बनाने में तुम्हें बहुत कुछ सीखना है।

सौम्या यह सुनकर मायूस हो गई, आज तक सभी ने उसके काम की बढ़ाई ही की थी, फिर आज कहाँ कमी रह गई? 

वो सोच ही रही थी कि board room से दोनों की call आ गई।

दोनों ने अपने अपने project को head के सामने रखा।

Project देखने के बाद head, सौम्या से बोलीं, इतना अच्छा project बनाने के बाद भी आप कम confident क्यों हैं?

सौम्या, अहम को देख रही थी, और अहम ऐसे सौम्या को देख रहा था, मानों कह रहा हो, मैंने तो पहले ही कहा था कि तुम perfect नहीं हो।

तभी head बोलीं, सौम्या आप का project select हुआ है।

यह सुनकर अहम को झटका लगा, कि उसके आगे कोई और कैसे निकल सकता है।

अहम जी, आप रुक जाएं, बाकी सब जा सकते हैं।

सबके जाने के बाद, head बोलीं, project आपका भी अच्छा था पर follow करने लायक नहीं।

क्या मतलब है आपका? अहम को ऐसा किसी ने कभी नहीं कहा था।

मेरा मतलब है कि आप और सौम्या दोनों के project एक से बढ़कर एक थे। यह कहना कि किस का ज्यादा अच्छा है, बोल पाना असंभव था।

पर आप के व्यवहार ने मुझे निर्णय लेने में सुविधा प्रदान कर दी।

आप कहना क्या चाहती हैं?

देखिए follow उसे किया जाता है, जो सबको लेकर चले, ना कि उसे, जिसे सबको नीचा दिखाना होता है।

आज पहली बार किसी ने अहम को आईना दिखाया था।

बाहर निकल कर, अहम सोचने लगा, सही बात थी, सौम्या का project किसी तरह से कम नहीं था। 

अहम के अहं को ऐसी चोट लगी, कि वो बहुत अच्छे से समझ गया था कि, किसी को नीचा दिखाकर या व्यर्थ में छोटा साबित करने से आप आगे नहीं निकल सकते।

बड़प्पन सबको साथ लेकर चलने में होता है। सोच के इस बदलाव ने अहम को सबका प्रिय बना दिया।

Friday, 11 December 2020

Song : यादें शेष है!

आज आप सब के साथ मुझे  राजस्थान(सिरोही) के मंझे हुए साहित्यकार छगन लाल गर्ग "विज्ञ" जी के गीत को साझा करते हुए अपार प्रसन्नता हो रही है। 

आप भी गीत का आनन्द लीजिए।


 यादें शेष है! 



रश्मि भीगी आज यादें शेष है !


नेह के श्रृंगार का रस श्लेष है !!


पीर सारी रक्त में अविराम -सी !


जल रही तुम दर्द के पैगाम- सी !


ठहरता अनुराग का अवशेष है !


रश्मि भीगी आज यादें शेष है !


घेरते दृग रश्मियों के डोर में !


बाँध देता प्राण को फिर छोर में !


प्यार का कतरा बहा अखिलेश है !


रश्मि भीगी आज यादें शेष है !


स्नात कलियाँ खेलती अरमान से !


भृंग हलचल राग के अनुमान से !


प्रीत केसर फूल का परिवेश है !


रश्मि भीगी आज यादें शेष है !


गीत गाती इन हवाओं में जरा !


नेह की गुंजार का नव रस भरा !


प्यार का उजड़ा हुआ परदेश है !


रश्मि भीगी आज यादें शेष है !


ज्ञात पथ की दूर तक पहचान है !


भीगती मधु रात भी अनजान है !


आह कैसा रूप का अति तैश है !


रश्मि भीगी आज यादें शेष है !!


Disclaimer:

इस पोस्ट में व्यक्त की गई राय लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। जरूरी नहीं कि वे विचार या राय इस blog (Shades of Life) के विचारों को प्रतिबिंबित करते हों। कोई भी चूक या त्रुटियां लेखक की हैं और यह blog उसके लिए कोई दायित्व या जिम्मेदारी नहीं रखता है।



Thursday, 10 December 2020

Tips : How to make perfect stuffed Paratha

 शरद का मौसम अपने संग लाता है, veggies की बहार।

इतनी सारी variety की veggies होती हैं, कि हम हर dishes की बहुत सारी variety बना सकते हैं।

ऐसी ठंडक में variety के गरमा-गरम परांठे खाने को मिल जाए तो मजा ही आ जाता है।

तो आज आपके लिए perfect stuffed परांठे बनाने की tip share कर रहे हैं।

How to make perfect stuffed Paratha


  1. आटे में इतना नमक डालकर soft dough बनाइए, जिससे अगर परांठा सादा भी हो तो फीका ना लगे। 
  2. ऐसे dough से बने परांठे ज्यादा perfect taste देते हैं।
  3.  जिस समय परांठा बना रहे हैं, dough उसी समय  prepare करें। Means fridge में रखा dough मत use कीजिए।
  4.  Fridge में रखा dough stiff हो जाता है। ऐसे dough से परांठा बनाने में even stuffing नहीं आती है।
  5. आप जो भी filling भर रहे हैं, उसे कच्चा भरने के बजाय पकाकर भरेंगे तो ज्यादा even stuffing होगी, साथ ही tasty भी ज्यादा लगेगी।
  6. Filling prepare करते समय यह ध्यान रखिएगा कि आप ने dough में already नमक मिलाया हुआ है।
  7. इसलिए filling में उतना ही नमक मिलाएं, जितना filling के लिए perfect हो, means extra salt मत डालिएगा।
  8. वरना परांठे में नमक तेज लगेगा।
  9. आप जब भी परांठा बनाएं, सबसे अच्छा है कि गरमागरम serve कर दिया जाए, या ½ an hour से 1 hour में consume कर लीजिए। 
  10. क्योंकि परांठा जितना ठंडा होता जाता है, उसकी stuffing बैठती जाती है। जिससे वो उतना tasty नहीं लगता है।
  11. आप जब भी बाहर परांठा order करते हैं तो गर्म ही खाते हैं, इसलिए ही वो इतने tasty लगते हैं।
  12. तो घर में भी hot ही serve कीजिए, वैसे भी ठंड में गर्म खाना healthy भी रहता है और tasty भी लगता है।

तो अब से इन tips को use कीजिए और perfect stuffed Paratha बनाएं।

आपको पनीर के परांठे और मटर के परांठे की recipes blog में मिल जाएगी, इनके link नीचे दिए हैं....

Paneer ka Paratha

Matar ka Paratha 

और भी tasty पराठों की recipes भी जल्दी share करेंगे.....

Stay tuned...