Monday, 9 October 2023

Article: Asian Games 2023

Asian Games 2023

Asian Games 2023 का आयोजन चीन के  हांगझोऊ में हुआ, जो कि 23 September से 8 October तक चला। India समेत बहुत से एशियाई देशों ने इसमें भाग लिया था। 

हालांकि इस का आयोजन 2023 में हुआ है, पर यह है एशियाई खेल 2022... 

Actually इसका आयोजन होना, 2022 में ही था, लेकिन COVID-19 के कारण वह सम्भव नहीं हो सका। अतः आयोजन 2023 में किया गया लेकिन players को‌ trophy 🏆 और medals 🏅 2022 के ही दिए जा रहे हैं।

हर बार की तरह first China, second Japan and third South Korea ही रहा...

जब सब पहले सा ही रहा तो इसमें लिखने जैसा क्या है?

है ना...

हमारे देश के खिलाड़ियों का record तोड़ performance और उनकी शानदार जीत... जिसने भारत को medals table में चौथे स्थान पर पहुंचा दिया।

केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर, अपने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के साथ Asian games में जाने से पहले यह नारा लगा रहे थे कि "अबकी बार सौ के पार"...

उन्हें अपने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर पूर्ण विश्वास था कि वो इस नारे को पूरा कर के आएंगे और जो विश्वास था वो सही सिद्ध भी हुआ।

भारतीय athletes ने एशियन गेम्स में पहली बार 100 से अधिक medals जीते हैं। 28 gold, 38 silver, और 41 bronze के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 107 medals देश के नाम किए हैं। 72 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब भारत ने medals का आंकड़ा 100 के पार किया है। 2018 में भारत ने सबसे अधिक 70 मेडल जीते थे। इस बार के Asian games में 34 भारतीय खिलाड़ी ऐसे थे जिन्होंने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर एक से अधिक medals जीत कर medals table में भारत का शतक पूरा किया है। एक से ज्यादा medals जीतने वालों में shooters सबसे आगे रहे।

भारत से खिलाड़ी तो पहले भी जाते थे, पर वह उतने total medals भी नहीं ला पाते थे, जितने इस बार gold medals मिले हैं। और gold medals... वो तो यदा-कदा ही मिलते थे। याद ही होगा आपको...

ऐसा क्यों? क्या पहले के खिलाड़ी कम योग्य थे? 

नहीं, बिल्कुल भी नहीं...

पर तब उनके पास, अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए उपयुक्त प्रशिक्षण नहीं मिलते थे, साथ ही प्रतिभा को प्रदर्शित करने के अवसर भी कम मिलते थे।

जबकि अब उपयुक्त प्रशिक्षण और अवसर पूर्ण रूप से प्रदान किए जा रहे हैं। साथ ही खिलाड़ियों के बेहतरीन खेल प्रदर्शन से देश को मिलने वाले सम्मान के प्रतिउत्तर में उन्हें अच्छे पद और धन-धान्य भी दिया जा रहा है। 

आप कहेंगे कि प्रतिउत्तर में अच्छे पद और धन-धान्य तो हमेशा से ही दिए जाते थे।

बिल्कुल दिए जाते थे, पर प्रतिभा निखारने के लिए प्रशिक्षण और प्रतिभा को प्रदर्शित करने के लिए अवसर, अब ज्यादा दिए जा रहे हैं... 

साथ ही एक और बात, जिसे बहुत से लोग ना तो waitage देंगे, ना मानेंगे और वो है, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा खिलाड़ियों को मिलने वाला प्रोत्साहन, और साथ ही केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर जी का खिलाड़ियों में जोश, उम्मीद और विश्वास का जज्बा भरने का हुनर... 

आप मानेंगे नहीं, पर विश्वास मानिए, प्रेरित करने वाले शब्द, जो काम करते हैं, उससे बढ़कर कुछ नहीं होता है।

आप अपने बच्चों द्वारा किए गए कार्यों को प्रोत्साहित कर के देखिएगा, उनके performance में बहुत ही postive effect आएगा। 

हमारे देश के खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन ने चीन में हमारे तिरंगे का बहुत मान बढ़ाया है। 

कुछ खिलाड़ियों का तो पहले से ही निर्धारित था कि वो हमारे भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं तो, gold medal तो India को मिलना ही था। 

पर उनके अलावा भी और भी बहुत से खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने हम सब भारतीयों का दिल जीत लिया, हमें गौरवान्वित किया। जिसमें कुछ खिलाड़ियों का प्रदर्शन तो रिकॉर्ड तोड़ रहा, और उन्होंने एक से अधिक medals जीतकर भारत को मिलने वाले medals का आंकड़ा सौ के पार पहुंचा दिया...


2 players ने जीते 4 medals

एशियन गेम्स में 2023 में एशियन गेम्स 2023 में शूटर ऐश्वर्य प्रताप सिंह इकलौते ऐसे पुरुष खिलाड़ी रहे जिन्होंने 4 मेडल अपने नाम किए। उन्होंने 2 गोल्ड, एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीत इतिहास रच दिया। ऐश्वर्य ने 2 गोल्ड मेडल टीम इवेंट में जीते। वहीं सिंगल इवेंट में उन्होंने एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता।

वहीं, महिला शूटर ईशा सिंह ने भी 4 मेडल जीते. उन्होंने एक गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल अपने नाम किए। उन्होंने एक गोल्ड और एक सिल्वर टीम इवेंट में जीता व 2 सिल्वर मेडल सिंगल इवेंट में अपने नाम किए।


4 players ने जीते 3 medals

4 भारतीय खिलाड़ी ऐसे रहे जिन्होंने 3-3 मेडल हासिल किए. तीरंदाजी में ओजस देवताले ने 3 गोल्ड, आर्चरी में ही ज्योति सुरेखा वेन्नम ने 3 गोल्ड, शूटिंग में आसी चाैकसे ने 2 सिल्वर, एक ब्रॉन्ज और 2 सिल्वर व एक ब्रॉन्ज मेडल वी रामराज ने एथलेटिक्स में अपने नाम किए।


28 players ने जीते 2 medals

वहीं बात करें 2-2 मेडल्स की तो 28 खिलाड़ियों ने ये कारनामा किया. स्क्वाश में हरिंहर संधू ने 2 गोल्ड, एथलेटिक्स में पारुल चौधरी में एक गोल्ड, एक सिल्वर, स्क्वाश में ही सौरभ घोषाल ने एक गोल्ड, एक सिल्वर, शूटिंग में पलक ने एक गोल्ड, एक सिल्वर और एथलेटिक्स में राजेश रमेश ने एक गोल्ड और एक सिल्वर अपने नाम किया।

इसके साथ ही क्रिकेट, हॉकी, भालाफेंक, फुटबॉल, कबड्डी, की पुरुष और महिला दोनों ही वर्ग में भी gold medals मिले हैं। 

भारत की जीत तो जहां हो, गर्व की बात है। पर अगर वो ज़मीन हमारे प्रतिद्वंद्वी की हो तो बात ही क्या... 

सच जब चीन में हमारा राष्ट्रीय गान शान से बजता था और तिरंगे को सम्मान मिलता था, तो एहसास होता है, अपने विश्व विजयी होने का, अपने शक्तिशाली होने का...

Friday, 6 October 2023

Article : तीर्थ स्थान बन गए tourist place

तीर्थ स्थान बन गए tourist place


मुसलमानों का सबसे बड़ा तीर्थ स्थान है मक्का मदीना, सिखों का स्वर्ण मंदिर और ईसाइयों का St.Thomas church। 

ये सभी तीर्थ स्थान सदियों से हैं या यूं कहें कि इन धर्मों के प्रारम्भ से हैं और अंत तक रहेंगे या दूसरे शब्दों में सदियों तक रहेंगे।

अब बात करते हैं हम हिंदुओं की। हमारे बहुत से तीर्थ स्थान हैं, मथुरा, अयोध्या, काशी आदि...

हमारे इतने सारे तीर्थ स्थान हैं जो सदियों से तीर्थ स्थान थे पर क्या सदियों तक रहेंगे?

शायद यह कहा जाना मुश्किल है, क्योंकि हमें कब अपने सनातन धर्म से प्यार है? हमारे तीर्थ स्थान तो कब के tourist place में convert हो चुके हैं।

ना जाने कितने लोग तो आस्था से नहीं बल्कि कहीं घूमने जाने की चाह से इन तीर्थ स्थानों पर जाते हैं।

और-तो-और जब ऐसे लोग इन तीर्थ स्थानों पर जाते हैं, तो वो यह देखते हैं कि मंदिरों के अलावा उन्हें और कौन-कौन से entertainment के avenues मिलेंगे?

यही कारण है कि हमारे तीर्थ स्थानों वाली जगहों पर मंदिरों के renovation से ज़्यादा entertainment के avenues को better बनाया गया।

इसलिए आजकल जब मंदिरों का जीर्णोद्धार हो रहा है तो लोगों के यह सवाल उठते हैं कि “मंदिरों के पुनर्निर्माण की क्या आवश्यकता है? ऐसा भी क्या बदल जाएगा?”

आपको पता है कि इस तरह के सवाल कौन ज़्यादा करते हैं? वही, जिनके लिए हमारे तीर्थ स्थान किसी tourist place से कम नहीं हैं।

जिन्हें भगवान में आस्था है, विश्वास है, उन्हें पता है कि मंदिरों के निर्माण से क्या होगा...

मंदिरों के जीर्णोद्धार से हमारे तीर्थ स्थान पहले कि भांति पुन: तीर्थ स्थान में परिवर्तित हो जाएंगे, हम लोगों में ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ जाएगी, परिणामस्वरूप हमारे कार्य और अधिक सिद्ध होंगे।

कार्य और सिद्ध होंगे कह कर हम अंधविश्वास नहीं बढ़ा रहे हैं, बल्कि ईश्वर की शक्ति और भक्ति के तरफ ही केन्द्रित कर रहे हैं।

ध्यान केंद्र के अलावा तीर्थ स्थान बने रहने में उस जगह की विशेषता बढ़ जाती है, मंदिर से जुड़े जितने भी तरह के व्यवसाय हैं, वो फलने-फूलने लगते हैं जो कि उस जगह-विशेष के विकास में सहायक भी होते हैं। और ना केवल उस जगह विशेष के लिए बल्कि सम्पूर्ण देश के विकास के लिए सहायक होता है।

आप कहेंगे कि उसके लिए तो tourist place भी सहायक होते हैं।

बिल्कुल होते हैं, लेकिन तीर्थ स्थान बने रहने पर ईश्वर की आंतरिक शक्ति भी उसमें जुड़ जाती है।

अत: आप सबसे अनुरोध है कि जैसे और धर्म के लोग अपने तीर्थ स्थान को तीर्थ स्थान ही बने रहने दे रहे हैं। 

ऐसे ही आप भी यह स्वर्णिम कोशिश रखिए जिससे सनातन धर्म सुदृढ़ रूप से स्थापित रहे।

आप एक बार भाव बदल कर देखिएगा, अगर आप तीर्थस्थान के भाव से जाएंगे, आपके अन्दर जो आंतरिक शक्ति का संचार होगा, वो tourist places में जाने से नहीं होता है।

इसलिए tourist places को ही tourist place बने रहने दीजिए, और तीर्थस्थान को तीर्थस्थान...

फर्क क्या है? वो आपके भाव और उस स्थान पर पहुंचने पर,आप को अपने आप अनुभव हो जाएगा....

जय सनातन 🚩

Wednesday, 4 October 2023

Satire : नर से नारायण

आजकल लोग इतने स्वार्थी, इतने self-centred होते जा रहे हैं कि उन्हें ना अपने माँ-बाप से मतलब है, ना भाई-बहन से और यहाँ तक कि ना ही पत्नी या पति और बच्चों से। 

वहीं कोई एक ऐसा भी है, जिसके लिए सब बराबर हैं। वह सभी को ईश्वर तुल्य समझता है जबकि वह दिन-पर-दिन बहुत बलवान होता जा रहा है। जानते हैं कौन है वो?

नर से नारायण


मच्छर...

और वो रिश्ता क्या है?

आपका और मच्छर का... 

अब आप कहेंगे क्या मतलब? 

मतलब है, कि आप मच्छरों कि शक्ति से तो रूबरू हैं ही। 

आजकल मच्छर सिर्फ़ malaria तक सीमित नहीं रह गए हैं बल्कि chikungunya और dengue तक भी पहुँच चुके हैं। 

जहाँ chikungunya इंसान के शरीर से पूरी ताकत खत्म करके उसे बहुत कमजोर बना देता है वहीं dengue के तो क्या कहने, वो तो जान ही ले लेता है, अस्तित्व ही खत्म कर देता है।

अच्छा आपकी information के लिए बता दें कि dengue और chikungunya के और खतरनाक variant भी आ चुके हैं।

ऐसा शक्तिशाली जीव जब आपकी शरण में आ कर आप से मुक्ति की कामना करे तो फिर यही कहेंगे ना की “अहम ब्रह्मास्मि”। 

सच यही feeling आती है ना, जब मच्छर आपके चारों तरफ तब तक मँडराता रहे जब तक आप उसे मार ना दें। तो आप बन गए ना ईश्वर? जो उसे मच्छर-रूपी योनि से मुक्त करेगा।

सच में गज़ब के निडर हो गए हैं मच्छर आजकल। मतलब पहले तो आपके चारों तरफ मँडराकर, गुनगुनाते हुए अपना गीत ही सुनाते रहते थे। तब इन्हें मारना थोड़ा कठिन भी था, शायद यह भी मरने से डरते थे। शायद ही... हाँ पक्का नहीं कह सकते, पर इनका दूर-दूर रहना कुछ ऐसा ही दर्शाता है....

पर अब ये भी बड़े वाले हो गए हैं। इन्हें अपनी शक्ति का बड़ा गुमान हो चला है। कभी मुँह पर, कभी हाथ पर, कभी पैर पर चिपके ही रहेंगे, अगर आप उड़ा देते हैं तो फिर आ कर चिपक जाएंगे।

मानो कह रहें हों कि “तुम हमें मार कर मुक्ति दे दो, वरना हम तुम्हें काट कर मार देंगे और तुम्हारा अस्तित्व खत्म कर देंगे”। 

सच में ये मच्छर ही हैं, जिन्होंने कलयुग के समय में हम इन्सानों का status बढ़ा दिया है और हमें नर से नारायण बना दिया है। 

तो फिर चलिए जब बना ही दिया है, तो संकोच किस बात का... हाथ से, मच्छर वाले racquet से या आपको जिस तरह से सूझे, इन का खात्मा करें, इनको मुक्ति प्रदान कर, नर से नारायण बनें वरना ये chikungunya और dengue फैला कर के पूरी पृथ्वी पर तबाही ले आएंगे। 

अब कुछ जरूरी बातें...

Dengue और chikungunya का season चल रहा है।

  • ऐसे कपड़े पहनें जिनसे आप पूरे ढकें रहें, fashion के लिए बाकी कि पूरी ज़िंदगी है।
  • कहीं भी पानी इकट्ठा ना होने दें। यही बीमारियों की जड़ होती है।
  • समय-समय पर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करते और करवाते रहें।

अपनी सुरक्षा, अपने हाथ। अपने और अपने परिवार को मच्छरों से सुरक्षित रखिए। स्वस्थ रहिए, सुरक्षित रहिए।