Wednesday, 25 December 2024

Article: तुलसी पूजन में रखें यह ध्यान

 2014 से भारत में विदधमान बहुत से साधु-संतों ने यह विचार विमर्श किया कि, भारत में भारतीय संस्कृति को बढ़ावा मिलना चाहिए। अनेकानेक विचार विमर्श के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया कि 25 December को तुलसी पूजन दिवस के रूप में मनाया जाए।

उनका यह निर्णय, सहर्ष स्वीकार कर लिया गया। आपको तुलसी पूजन दिवस  वाले article में यह सब विस्तार से पढ़ने को मिल जाएगा।

तुलसी पूजन में रखें यह ध्यान


आज के article में हम आपको बताने जा रहे हैं, तुलसा जी के पत्ते तोड़ते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए , क्योंकि हम केवल तुलसी पूजन दिवस में ही तुलसी पूजन नहीं करते हैं, अपितु और भी कई अवसर हैं, जिसमें तुलसी पूजन करते हैं। 

फिर चाहे बात तुलसी विवाह की हो, सत्यनारायण कथा की हो, या जन्माष्टमी महोत्सव, जैसे अनेक सभी अवसरों की...

या यूं कहें कि हर बार जब भी, प्रभू श्री हरि का पूजन किया जाता है, तुलसी जी के पत्ते अनिवार्य हैं, क्योंकि बिना तुलसी के पत्ते के पूजन आयोजन पूर्ण नहीं... 

तुलसी के पत्ते तोड़ने से पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। आइए देखते हैं, क्या हैं वो...

तुलसी पत्ते तोड़ने से पहले 

  • हमेशा स्नान के बाद ही तुलसी को स्पर्श करना चाहिए।
  • तुलसी के पत्ते तोड़ने से पहले देवी का ध्यान करें और हाथ जोड़कर उनसे पत्तियों को तोड़ने की अनुमति लें। 
  • इसी के साथ कोमल हाथें से पत्ते तोड़ें। 
  • इन बातों का ध्यान रखने पर ही विष्णु जी तुलसी को भोग के रूप में स्वीकार करते हैं।
  • कभी भी सूर्यास्त के बाद तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए, ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं, जिससे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है।  
  • कभी जूठे हाथों से तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। 
  • साथ ही बिना वजह तुलसी के पत्ते न तोड़ें, अन्यथा आपको इसके शुभ परिणाम नहीं मिलते।
  • तुलसी पूजन के दौरान या अन्य दिनों में भी महिलाओं को बाल खोलकर तुलसी की पूजा नहीं करनी चाहिए। बालों को बांधने के बाद ही तुलसी माता की पूजा करें।

जब यह बताया है कि क्या नहीं करना चाहिए, तो यह भी देख लीजिए कि क्या अवश्य करना चाहिए।

तुलसी पूजन में अवश्य करें 

  • तुलसी दिवस के दिन तुलसी पूजा करना काफी शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान तुलसी जी की 11 या फिर 21 परिक्रमा जरूर करें। 
  • मां तुलसी को लाल रंग की चुनरी भी जरूर अर्पित करें। ऐसा करने से साधक के सौभाग्य में वृद्धि होती है।
  • तुलसी पूजन दिवस पर, देवी के इन नामों का जाप जरूर करें, इससे आर्थिक तंगी दूर होगी।

Tuesday, 24 December 2024

Article : सांता नहीं, संतों की भूमि

आजकल सनातन संस्कृति का पुरजोर समर्थन चल रहा है, जिसके तहत बहुत से मंदिर का पुनरोत्थान या नवीनीकरण किया जा है। अगर इसे देश के नजरिए से देखा जाए तो यह बहुत हद तक सही भी है, क्योंकि भारत की भारतीय संस्कृति सनातन धर्म ही है।

कुछ लोग होंगे जो यह कहेंगे कि पहले भी क्या बुरा था, जब सर्व धर्म समभाव था। 

हमारे देश की संस्कृति, वैसे भी अनेकता में एकता है।

पर कभी आपने सोचा, कैसे भारत की सनातन संस्कृति, अनेकता में एकता के रूप में बदल गई? 

अगर आप पूरा article पढ़ेंगे तो आप को इसमें षड्यंत्र की राजनीति दिखेगी।

सांता नहीं, संतों की भूमि


कभी आपने सोचा, कैसे भारत के मूल नागरिक हिन्दूओं को गौण, और मुसलमानों और ईसाईयों को अल्पसंख्यक का नाम देकर प्रमुख बनाकर, सभी सुविधाएं प्रदान कर दी गई। 

क्यों हज के लिए सब्सिडी और हिन्दू तीर्थ यात्राओं के लिए Tax लगता है।

क्यों मंदिर से हर साल लाखों-करोड़ों रुपए सरकारी खजाने में जमा होता है, जबकि मस्जिदों और मजारों के लिए लाखों-करोड़ों की सहायता मिलती है...

क्यों मदरसों में क़ुरान पढ़ाया जाना, एक शिक्षा नीति के अंतर्गत आता है... पर गीता, रामायण, उपनिषद, ग्रन्थ आदि शिक्षा नीति में शामिल होना ban है?

ऐसा नहीं है कि सिर्फ मुस्लिम धर्म को ही flourish किया जाता है, बस उनको highlight ज्यादा किया जाता है। 

पर आपको पता है, ईसाई धर्म का प्रचार और प्रसार तो ऐसे किया जाता है, जो सबकी नस-नस में घोल दिया जाता है, पर उसका किसी को एहसास भी नहीं होता है।

हम यह क्यों कह रहे हैं, वो ही लिख रहे हैं, आप भी गौर कीजिएगा और बताइएगा कि किस हद तक सही है?

December का महीना चल रहा है, और यूरोपीय देशों में festivity का माहौल चल रहा है। चलना भी चाहिए, उनका सबसे बड़ा festival Christmas है। 

पर हमारे देश में क्या festival का माहौल नहीं है? क्या हमारे बच्चे Santa Claus का इंतजार नहीं कर रहे हैं? 

कर रहे हैं? उतनी ज्यादा बेसब्री से जितना कि उन्हें दीपावली का इंतजार भी नहीं रहता है...

पता है क्यों?

क्योंकि schools में बच्चों को हर साल समझाया जाता है कि होली, दीपावली में किस-किस तरह से problem होती है, मानो वो festival न हो, बस problems से भरे दिन हों और उन्हें छोड़ देना ही हितकर है।

और वहीं Christmas का celebration, उसके आने के, one week पहले से ही शुरू कर दिया जाता है। 

Schools में ऐसा माहौल create कर दिया जाता है कि मानो वो school, यूरोपीय देशों में पहुंच गया हो।

Schools में class में christmas tree, Santa Claus बनवाएं जाएंगे। White gift service के नाम पर donation लिए जाएंगे। 

किसी-किसी schools में jesus christ का जन्म भी ऐसे किया जाएगा, जैसे बस वही एक ईश्वर हैं। 

बच्चों के मन-मस्तिष्क में Jesus Christ की ईश्वरीय छवि बसा दी जाती है और उनको Christmas और अधिक tempting लगे, इसके लिए Santa Claus का बच्चों को gift देना भी शामिल होता है।

वरना जन्म तो भगवान श्री कृष्ण और प्रभू श्री राम जी का भी किया जा सकता है, पर किसी school में नहीं celebrate किया जाता है।

होली में रंग और पिचकारी और दीपावली पर पटाखे बच्चों के लिए gift ही तो होते हैं, जो Santa Claus के नाम पर secretly नहीं दिए जाते हैं। माता-पिता बच्चों की पसंद से दिलाते हैं। फिर उस gift को हिकारत भरी हुई नजरों से देखना, कहां तक उचित है?..

European countries में शायद आते होंगे कोई Santa Claus, पर India में तो Santa बच्चों के मां-बाप ही बनते हैं। 

पर क्यों? आवश्यकता क्या है? अगर secretly gift देना ही है तो, जन्माष्टमी, रामनवमी, आदि में भी दिया जा सकता है ना?...

एक सच्चाई और है, India में Santa Claus gift देने के लिए नहीं, बल्कि धर्म परिवर्तन कराने के लिए आते हैं। और एक बात जो बहुत लोगों को नहीं पता होगी। 

Christian religion में चर्च में रहने वाले Father and Nun, tax-free life lead करते हैं। 

तो अगर आप ध्यान दें, तो आप को भी समझ आ जाएगा कि क्यों सनातन संस्कृति को अनेकता में एकता के रूप में बदला गया...

सनातन संस्कृति का महत्व तो विदेशियों को भी समझ आ गया, हम कब समझेंगे?

यह देश संतों का है, सांता का नहीं, अपने बच्चों को सही दिशा निर्देश पर चलाएं और सनातन संस्कृति को बढ़ावा दें। क्योकि सनातन ही सत्य है, चिर है, निरंतर है, मोक्ष है, मुक्ति है।

जय सनातन, जय भारत!

Friday, 20 December 2024

Recipe : दड़पे पोहा

बहुत सी recipes ऐसी होती हैं, जो different cuisine में different style से बनाई जाती हैं, पर वो भी बहुत tasty and healthy होती हैं।

आज आपको भी एक ऐसी ही मराठी या कोंकण recipe share कर रहे हैं, जो बहुत tasty and healthy होती है। 

और वो है पोहा... दड़पे पोहा

पोहा कौन सी नई recipe है? और India में शायद ही कोई ऐसा घर हो, जहां पोहा न बनता हो...

फिर पोहा की recipe, share करने से क्या फ़ायदा?

है जी, बिल्कुल है, क्योंकि यह different style का पोहा है, जो कि बहुत tasty and healthy होने के साथ ही बहुत easily prepare भी हो जाता है। साथ ही इस पोहे में एक और खासियत होती है कि आप इसे चाहे तुरंत serve करें या कुछ घंटों के बाद, यह पूरे समय soft and fresh बना रहता है।

चलिए बताते हैं आपको इसकी recipe...

Dadpe Poha


(A) Ingredients :

  • Flattened rice - 250 gm.
  • Fresh coconut - 50 gm.
  • Coconut water - 1 bowl
  • Onion - 1 medium size
  • Green chilli - as per taste
  • Groundnut - 50 gm
  • Curry leaves - 6 to 8 leaves
  • Coriander leaves - handful of leaves
  • Lime juice - 1 tsp.
  • Mustard seeds - ½ tsp.
  • Mustard oil - 2 tsp.
  • Salt - as per taste
  • Sugar (powdered) - 1 tsp.
  • Turmeric powder - ½ tsp.


(B) Method :

  1. पोहा को एक छन्नी में ले लीजिए।
  2. फिर इसे पानी से धोकर अच्छे से साफ कर लें।  
  3. जब पोहे का पूरा पानी निकल जाए, तो पोहे को bowl में रख दीजिए।
  4. अब इसमें नारियल पानी डालकर अच्छे से mix कर दें और 10 minutes के लिए रख दीजिए।
  5. Fresh coconut को कद्दूकस कर लीजिए।
  6. धनिया पत्ती, हरी मिर्च और प्याज़ को महीन काट लें।
  7. एक दूसरे bowl में घिसा हुआ नारियल, महीन प्याज़, हरी मिर्च और धनिया डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  8. नारियल पानी में soak किए गए पोहे को प्याज और धनिया वाले bowl में डाल दीजिए।
  9. अब इसमें नमक, पिसी चीनी और नींबू का रस डालकर मिला दें।
  10. एक ladle लीजिए,  उसमें mustard oil डालकर अच्छे से गर्म कर लीजिए।
  11. गर्म तेल में mustard seeds, curry leaves और हल्दी पाउडर डाल छौंक तैयार कर लीजिए। 
  12. इस छौंक को पोहे पर डालकर mix कर लीजिए।

Your 'nutri-licious' Dadpe Poha is ready to serve. 

 

(C) Tips and Tricks :

  • पोहा पहले पानी से धोकर, पूरा पानी निकल जाने तक रखें।यह step इसलिए जरूरी है, जिससे पोहा अच्छे से साफ हो जाए, उससे dust पूरी तरह से हट जाए।
  • साथ ही, पोहा साफ करने में coconut water waste न हो, coconut water केवल पोहा soft करने के लिए use हो। 
  • पानी अच्छे से निकल जाए, यह भी जरूरी है, जिससे पोहा coconut water को अच्छे से soak कर सके और उसमें coconut water का sweetened taste आए। 
  • पोहा में coconut water mix करने से पहले उसे उंगली की सहायता से अच्छे से toss कर लें, जिससे पोहे खिले-खिले हो जाएं।
  • वैसे अगर आप के पास अधिक मात्रा में coconut water है तो आप सूखे पोहे को साफ कर लें। फिर उसमें coconut water डालकर भी soak कर सकते हैं। 
  • अगर coconut water नहीं है, तो केवल पानी से धोकर भी यह पोहा बनाया जा सकता है, हांँ authentically, coconut water ही use करते हैं।
  • Coconut water डालकर 10 minutes के लिए छोड़ दें। उसमें प्याज, धनिया पत्ती आदि डालने से पहले एक बार पोहा को फिर से toss कर लीजिए। साथ ही check कर लें कि पोहे में proper softness आ जाए।
  • इस तरह से बने पोहे को cook नहीं करते हैं, इसलिए पोहे में proper softness आनी जरूरी होती है। और यही softness इसकी delicacy है, जो इसको पूरे समय एक-सा soft रखती है और बहुत ही स्वादिष्ट बनाती है।
  • आप बिल्कुल भी नहीं घबराइएगा कि बिना cook किए कैसे अच्छा लगेगा? यह बिना cook हुए भी बहुत अच्छा लगता है। एक बार बनकर try ज़रूर कीजिए। एक बार बनाने और खाने के बाद आप भी तारीफ किए बिना नहीं रहेंगे।
  • हमने इसमें, अनार के दाने और आलू भुजिया भी add की है, जो authentically नहीं डाला जाता है। But इससे taste and appearance दोनों ही बहुत अच्छे हो जाते हैं। 
  • हमने fresh grated coconut की जगह tender coconut के छोटे छोटे टुकड़े डाले थे। जो कि पोहे की softness को और enhance कर रहे थे। Authentically fresh grated coconut ही डाला जाता है। 
  • आप अपने स्वादानुसार इसमें नमक, पिसी चीनी, नींबू और मिर्च कम या ज़्यादा कर सकते हैं।
  • अगर आप onion नहीं खाते हैं तो आप इसे avoid कर सकते हैं।
  • अगर आप turmeric powder न डालना चाहें तो उसे छोड़ सकते हैं। Authentically हल्दी पाउडर बिना डाले और डालकर, दोनों तरह के मिलते हैं।

तो एक बार यह पोहा भी बनाकर देखिये, घर पर सब इसके लिए भी demand करने लगेंगे।