Sunday, 27 September 2026

India's Heritage : Bharatiya Math-Magicians (Sridharacharya)

Maths Storytelling Day से India's Heritage segment में भारत के गणितज्ञों के विषय में जानकारी share कर रहे हैं।

सबसे पहले महान महर्षि बौधायन के विषय में जानकारी share की थी- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/indias-heritage-bharatiya-math.html?m=1

फिर उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए भारत के एक और महान गणितज्ञ, जिन्हें Madhava of Sangamagrama कहते हैं, के विषय से जुड़ी कुछ बातें share की थीं- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/indias-heritage-bharatiya-math_0152809532.html?m=1

आज भारत के एक और महान गणितज्ञ श्रीधराचार्य के विषय में जानकारी share कर रहे हैं। इसे पढ़कर आपको एहसास होगा कि भारत सदैव से महान और विकसित रहा है।

और साथ ही यह भी ज्ञात होगा कि संस्कृत भाषा के ज्ञाता किस तरह से गणित से जुड़कर यह सिद्ध कर रहे हैं कि संस्कृत भाषा और विज्ञान एक ही मंच पर आसीन हैं…

Bharatiya Math-Magicians (Sridharacharya)


अर्थात् संस्कृत भाषा केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि अपने आप में सम्पूर्ण है, जिसमें कला, विज्ञान, दर्शन सब निहित हैं।

बात करते हैं श्रीधराचार्य जी के विषय में, और उनसे जुड़ी खोजों व सिद्धान्तों के विषय में।


(I) Main Overview :

श्रीधराचार्य 8वीं से 9वीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ, संस्कृत पंडित और दार्शनिक थे।

  • Time- इनका अनुमानित समय 750 से 930 CE के बीच माना जाता है।
  • Birthplace- इनका जन्म बंगाल के हुगली क्षेत्र (दक्षिण राधा) के भूरिश्रेष्टि गाँव में हुआ था।


(II) Major Contributions :

  • Quadratic Formula [x=(-b±√{b²-4ac})/2a]- श्रीधराचार्य का सबसे प्रसिद्ध योगदान Quadratic Formula है, जिसका उपयोग किसी quadratic equation (ax²+bx+c=0) के roots या हल निकालने के लिए किया जाता है। यदि कोई Quadratic Equation इस रूप में है; [ax²+bx+c=0] तो इसे हल करने का श्रीधराचार्य सूत्र है; [x=(-b±√{b²-4ac})/2a]
  • Rules of Zero [x±0=x, 0(x)=0]- उन्होंने 0 को add करने [x+0=x], subtract करने [x-0=x], और multiply करने (x×0=0) के नियम समझाए।
  • Main Treatises- उन्होंने ‘पाटीगणित’ और ‘त्रिशतिका’ (पाटीगणितसार) नामक प्रसिद्ध पुस्तकें लिखीं, जिनमें अंकगणित और बीजगणित के नियम बताए गए।
  • Area of Circle- उन्होंने circle के area को निकालने के लिए भी शुरुआती सूत्र दिए।

मेरा भारत महान!

Saturday, 26 September 2026

India's Heritage : Bharatiya Math-Magicians (Madhava)

(I) Main Introduction :

कल Maths Storytelling Day था, तो India's Heritage segment में महान महर्षि बौधायन के विषय में जानकारी share की थी- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/indias-heritage-bharatiya-math.html?m=1

आज उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए भारत के एक और महान गणितज्ञ, जिन्हें Madhava of Sangamagrama कहते हैं, के विषय से जुड़ी कुछ बातें share करेंगें।

इन्हें पढ़कर आपको एहसास होगा कि भारत सदैव से महान और विकसित रहा है।

इनके द्वारा की गई खोजें गणित के विषय में विशेष महत्त्व रखती हैं। और हमें हमेशा से यही बताया गया कि उन खोजों को विदेशी गणितज्ञों ने खोजा है। पर आप जब इसे पढ़ेंगे, तो आप को यह ज्ञात होगा कि हमें कितनी बातों से अनभिज्ञ रखा गया या false information (myth) दी गई हैं।

आइए जानते हैं माधव जी और उनके द्वारा की गई खोजों और उन खोजों के सिद्धांत (theorems/principles) के विषय में…

Bharatiya Math-Magicians (Madhava)


(II) Overview :

Madhava of Sangamagrama ने 14th-15th c. CE में maths और astronomy के क्षेत्र में कई revolutionary discoveries की थीं।

इन्होंने ‘Kerala School of Astronomy and Mathematics’ की नींव रखी थी।


(III) Major Contributions :

  • Infinite Series [S∞=a/(r-1), r<|1|]- माधव ने sine (sin), cosine (cos) और arctangent (tan) जैसे trigonometric functions के लिए Infinite Series की खोज की थी। इन्हें “Madhava Series” भी कहा जाता है।
  • Accurate Pi Approximation [π≈3.14159265359]- उन्होंने अपनी Infinite Series का उपयोग करके π (Pi) का मान 13 decimal places तक बिल्कुल accurate ज्ञात किया था। इसे Madhava-Leibniz series के रूप में भी जाना जाता है।
  • Calculus Foundations [(d/dx),∂]- Europe में Isaac Newton और Gottfried Leibniz द्वारा calculus के विकास से लगभग 200–250 वर्ष पहले ही माधव ने differentiation और integration से जुड़ी कई अनन्त processes और approximations का उपयोग कर लिया था।
  • Error Term Evaluation [F1n=(1/4n)]- Infinite Series के योग में सटीकता लाने और errors को सुधारने के लिए उन्होंने correction terms की अवधारणा का विकास किया था।

मेरा भारत महान! 

Friday, 25 September 2026

India's Heritage : Bharatiya Math-Magicians (Baudhayana)

(I) Today's Occasion :

आज Maths Storytelling Day है, तो सोचा एक अच्छा मौका है। India's Heritage segment में बच्चों को भारत के इतिहास से, नहीं बल्कि यह कहना अधिक उचित होगा कि भारत के विकास की, कहानी सुनाई जाए।

नहीं, अभी के विकास की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि बात कर रहे हैं भारत के उस विकास की, जो यह सिद्ध करता है कि भारत आज नहीं बल्कि शताब्दियों पहले से विकसित है।

आज Maths Storytelling Day है, तो बात भी भारत के mathematicians की करेंगे, जिसे पढ़ने के बाद आपको पता चलेगा कि भारत सदैव से महान और विकसित था।

इस श्रृंखला में आज महर्षि बौधायन के विषय में बात करते हैं…

Bharatiya Math-Magicians (Baudhayana)


(II) Overview :

महर्षि बौधायन प्राचीन भारत के एक महान गणितज्ञ, व दार्शनिक और वैदिक ऋषि थे।

हमें हमेशा से यह पढ़ाया गया है कि Pythagorean Theorem Greece के great mathematician Pythagoras ने दी है, जबकि उनसे बहुत पहले ही 7th-8th c. BCE में ही महान महर्षि बौधायन ने यह theorem दे दी थी।

आइए जानते हैं और किस-किस का ज्ञान वो पहले ही दे चुके थे। उन्होंने Pythagorean Theorem और Geometry से जुड़े कई महत्वपूर्ण principle Greeks से सदियों पहले दिए थे।


(III) Main Introduction :

  • Time- इनका समय लगभग 8th से 7th c. BCE (लगभग 800 ईसा पूर्व) माना जाता है।
  • Relation- ये कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय शाखा से संबंधित थे और वैदिक संस्कृति के ज्ञाता थे।
  • Main Treatises- इन्होंने 'बौधायन सूत्र' की रचना की, जिसके अंतर्गत श्रौतसूत्र, धर्मसूत्र, गृह्यसूत्र और बौधायन शुल्बसूत्र जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ आते हैं।


(IV) Major Contributions :

  • Baudhayana-Pythagoras Theorem [h=√(l²+b²) in ∆90°]- Pythagoras से सैकड़ों साल पहले बौधायन ने ही right-angled triangle के संबंध में यह theorem (rectangle का diagonal) दिया था, जिसके अनुसार किसी rectangle के diagonal का square उसके दोनों legs (base और height) के square के sum के बराबर होता है।
  • Square Root of 2 [√2≈1.414216]- इन्होंने √2 का मान बहुत ही accuracy के साथ (approximately 1.414216) निकाला था, जो पांच decimal places तक सही है।
  • Value of Pi [π≈(900/289)≈3.114]- यज्ञ altars के निर्माण और circular figures को बनाने के लिए इन्होंने Pi (π) के अनुमानित मान का उपयोग किया था।
  • Shulbasutras [e.g. s=√(a•b)]- यह geometry और mathematical principles का सबसे प्राचीन ग्रंथ है, जिसमें altars के accurate mesaurement और area को बराबर करने के नियम दिए गए हैं।

मेरा भारत महान!

Madhava-https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/indias-heritage-bharatiya-math_0152809532.html?m=1