Tuesday, 3 November 2026

India's Heritage : हिन्दू त्यौहार का दिन निर्धारित क्यों नहीं?

एक छोटे बच्चे की उत्कंठा थी कि, Christian लोगों के festival कितने अच्छे होते हैं न।

हर त्यौहार का एक fixed दिन, फिर चाहे Good Friday हो, Easter हो, Christmas हो, या New Year।

सब fixed, हर साल same day, पर हमारा नहीं, बल्कि अभी तो बहुत अधिक confusion तब हो जाता है, जब कोई त्यौहार एक दिन में न होकर दो दिन होते हैं।

समझ नहीं आता है, इतना chaos है क्यों? हमारे त्यौहार fixed date में ही क्यों नहीं आते हैं?

तो जो उस बच्चे को समझाया गया, आज उसे ही India's Heritage segment में share कर रहे हैं…

हिन्दू त्यौहार का दिन निर्धारित क्यों नहीं?


पहली बात उनके festival की fixed date होती है, क्योंकि calendar भी उनका और त्यौहार भी उनके, तो date तो fixed होनी ही है।

हमारे festival की भी date fixed रहती है।

हमारी festival की रहती है? हमारी तो नहीं रहती है।

रहती है, अगर उस calendar को follow करें, जिसके अनुसार हमारे त्यौहार निर्धारित किए गए हैं।

हिन्दू धर्म Gregorian calendar (current) से बहुत पहले बना था और हमारे त्यौहार भी।

और वो calendar कहलाता है पंचांग calendar, जिन्हें कुछ घरों में follow भी किया जाता है।

अब समझते हैं कि तिथियों का फ़र्क क्यों होता है?

समय, दिन, महीना, वर्ष और त्यौहार, सबकी तिथि निर्धारित करने के लिए गणना सूर्य या चंद्रमा की परिक्रमा पर आधारित होती है।

दरअसल हिन्दी पंचांग (विक्रम संवत या हिन्दू calendar) में वर्ष की गणना मुख्य रूप से चंद्र मास और सौर मास दोनों के आधार पर की जाती है, इसलिए दिनों की संख्या अलग-अलग हो सकती है।

सामान्य तौर पर एक चंद्र वर्ष में 354 दिन होते हैं (प्रत्येक माह 29 या 30 दिन का होता है और 12 महीने होते हैं)। मतलब, जो calendar सौर वर्ष पर आधारित होता है, चंद्र वर्ष पर निर्धारित calendar उससे 11 दिन पहले ही अपना एक वर्ष पूर्ण कर लेता है। और हिन्दू calendar (पंचांग calendar) चंद्र वर्ष पर ही निर्धारित होता है।

चंद्र वर्ष और सौर वर्ष (365 दिन) के बीच लगभग 11 दिन के अंतर को संतुलित करने के लिए हर करीब 3 साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास या पुरुषोत्तम मास कहते हैं। इस वर्ष में 383 से 385 दिन होते हैं।

सूर्य की गति के आधार पर जब गणना की जाती है (जैसे सूर्य के एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश पर), तो सौर वर्ष लगभग 365 दिन का होता है (अंग्रेजी calendar भी सौर वर्ष पर ही निर्धारित होता है।)

अब इस जानकारी के अनुसार calculation कीजिए, हिन्दू त्यौहार भी fix date में ही आते हैं। हर साल 11 दिन पहले और हर 3 साल में एक महीना जोड़कर।

दूसरों की संस्कृति की तारीफ करने से पहले, एक बार सनातन संस्कृति समझकर तो देखिए, उससे उन्नत, उससे सटीक और उससे समृद्ध कुछ नहीं।

जय सनातन, जय हिन्दू!

Saturday, 31 October 2026

Article : Vigilant and Victorious

(I) Vigilance Awareness Week 2026 :

आजकल Vigilance Awareness Week (26 October - 1 November) चल रहा है, जो India के ‘Ironman of India’ Sardar Vallabhbhai Patel के birth-anniversary के सप्ताह के रूप में celebrate किया जाता है।

क्यों कहते हैं इस week को vigilance awareness week? Vigilance अर्थात् सतर्कता...

सतर्कता ही सफलता


(II) Major Contributions :

सरदार वल्लभभाई पटेल ने न केवल देश को independent कराने में योगदान दिया था, बल्कि बंटे हुए देश को एकसूत्र में बांध कर, unite करके, भारत देश (Part A, Part B, Part C, Part D) बनाया था।

सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्र भारत के political unity, administrative system के निर्माण, और farmer protests के जरिए देश के निर्माण में historical contribution दिया है।

उन्हें भारत के ‘लौहस्तंभ’ के रूप में जाना जाता है। देश के लिए उनके प्रमुख योगदान इस प्रकार हैं।

  • Provincial Unity- आज़ादी के बाद देश के सामने लगभग 565 से अधिक princely states को एक करने की सबसे बड़ी चुनौती थी। सरदार पटेल ने अपनी कूटनीति, बातचीत और दृढ़ इच्छाशक्ति से 560 से अधिक provinces को Indian Union में मिलाया।
  • Accession Process- V.P. Menon के साथ मिलकर States Department के through ‘Instrument of Accession’ (विलय-पत्र) पर signature कराकर अधिकांश रियासतों का विलय किया गया।
  • Main Challenges- Hyderabad, Junagadh, Kashmiri, Travancore, और Bhopal जैसी रियासतों के एकीकरण में उन्होंने कूटनीति और आवश्यकतानुसार दृढ़ रुख अपनाया।
  • Iron Man- इस ऐतिहासिक और extraordinary कार्य के कारण ही उन्हें भारत का ‘लौह पुरुष’ कहा जाता है।
  • Union Public Service Commission- पटेल को ‘Father of All Indian Services’ माना जाता है। उन्होंने देश में Indian Administrative Service (IAS) और Indian Police Service (IPS) [UPSC] की स्थापना की, जो देश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूती प्रदान करती है।
  • Protests and Satyagraha- आज़ादी के पहले उन्होंने Bardoli Satyagraha (1928) और Kheda Satyagraha (1918) का नेतृत्व किया। Bardoli की महिलाओं ने उन्हें वहाँ ‘Sardar’ की उपाधि दी थी।
  • Co-operative Protests- भारत के co-operation और dairy sector की नींव रखने में उनका अहम योगदान था, जिससे आगे चलकर ‘Amul (Anand Milk Union Limited)’ जैसे बड़े organizations का मार्ग प्रशस्त हुआ।
  • Home Minister and Deputy Prime Minister- आज़ादी के बाद देश के लिए prime minister के रूप में पहली पसंद सरदार वल्लभभाई पटेल ही थे।


(III) Gandhi's Say :

किन्तु Mahatma Gandhi की इच्छा थी कि Jawaharlal Nehru prime ministers बने। अतः उन्होंने गांधी जी की इच्छा को सर्वोपरि मानते हुए पहले गृह मंत्री और उप-प्रधानमंत्री का पद स्वीकार किया।

पहले गृहमंत्री और उपप्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने partition के बाद refugees के पुनर्वास और internal security बहाल करने में मुख्य भूमिका निभाई।

अगर हमारे देश भारत के पास सरदार वल्लभभाई पटेल की सतर्क दृष्टि और सफल political ज्ञान न होता, तो भारत कभी सुदृढ़ और सफल नहीं होता।

देश अपने पुनर्संगठित, सुदृढ़ और सफल होने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल जी का सदैव indebted रहेगा।

उनके अनेकानेक योगदान को याद करते हुए, उनकी देश के प्रति सतर्कता को सच्ची श्रद्धांजलि देने के उपलक्ष्य में vigilance awareness week मनाता है, जिसे उनके जन्मदिवस पर अपने श्रद्धा के पुष्प अर्पित कर सम्पन्न किया जाता है।

देश के अमर स्वतंत्रता सेनानी, पहले गृहमंत्री और उपप्रधानमंत्री, लौह-पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल जी को, जिन्होंने हमें समझाया कि सतर्कता ही सफलता है, उनके जन्मदिवस पर शत-शत नमन!

Friday, 30 October 2026

Tip : Kitchen Hacks

आज आपके लिए कुछ ऐसे kitchen hacks share कर रहे हैं, जिनसे आपकी बहुत-सी छोटी-छोटी problems solve हो जाएँगी।

इन hacks को हमें Prayagraj से Rashmi Srivastava जी ने भेजा है, जो kitchen की छोटी-छोटी problems को चुटकियों में solve कर देती हैं।

रश्मि जी आपका अनेकानेक आभार…

Kitchen Hacks


(I) Milk spills while boiling :

  • Problem- Kitchen में बहुत बार हमारी ज़रा सी लापरवाही से दूध उफन कर गिर जाता है, और आपने notice किया होगा कि इससे दूध की मलाई का portion निकल जाता है।
  • Solution- रश्मि जी का कहना है कि, जब दूध उफन जाने से मलाई निकल जाए, तो उसी समय एक बार और उबाल लाकर gas off कर दीजिए, आपके दूध में पहले के समान ही मलाई आ जाएगी।


(II) Pressure Cooker Mess :

  • Problem- अक्सर pressure cooker थोड़ा पुराना होने से, या दाल, सब्जी में अधिक पानी डालने से cooker हर बार सीटी बजाने के साथ बहुत सारा पानी भी फेंकता है, जिससे बहुत mess होता है।
  • Solution- रश्मि जी का कहना है कि अगर आप सीटी लगाने से पहले ढक्कन में सीटी वाली जगह पर एक tissue paper लगाकर फिर whistle लगाएँ, तो सीटी के साथ निकलने वाला पानी tissue paper soak लेगा और mess नहीं होगा।


(III) Pichka Paratha-Kachori :

  • Problem- आप को बता दें, अगर भरवां पराठा, कचौड़ी, आदि, सेंकते हुए फूल जाती हैं, तो उसमें अंदर तक even heating होने से taste enhance हो जाता है।
  • Solution- रश्मि जी का कहना है कि अगर आप भरवां पराठा, कचौड़ी बनाते समय उसमें थोड़ा-सा सूखा आटा डाल देंगे तो उनके फूलने की chances बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं, जिससे बने हुए पराठे, कचौड़ी बहुत स्वादिष्ट बनती है।
आपकी kitchen related कोई problem हो तो share कीजिएगा, हम उसे भी solve करने की कोशिश करेंगे।
So stay tuned!