कल apartment में कुछ fault होने के कारण current कुछ देर के लिए नहीं आ रहा था। और वो मात्र 1 घंटे के लिए ही हुआ था।
पर वो एक घंटा काटे नहीं कट रहा था। न AC, न पंखा, न TV न internet। उफ्फ, कैसी अझेल दोपहर है यह!
फिर bore होते-होते मन अपने बचपन में चला गया, उस समय हर घर में कहां था AC और phones में internet. और current का जाना भी एकदम आम बात थी, जिसके जाते ही पंखा और TV भी बंद हो जाता था। पर तब तो इतनी अझेल नहीं लगती थी दोपहर, फिर अब क्यों?
क्योंकि apartments में लगे बड़े-बड़े DGs (Diesel Generators) और inverters जैसी सुविधाओं के कारण हमारे सहन करने की क्षमता खत्म होती जा रही है।
Gen Z का क्या दोष?
अनवरत current, cheap और speedy internet के चलते जिंदगी बहुत आसान और आरामदायक हो गई है।
पर सोचिए, जब हम लोगों से जिन्होंने दोनों तरह का समय देखा, उन्हें इन सुविधाओं के बिना चैन नहीं है तो क्या दोष है Gen Z का?
उन्होंने तो जब आंखें खोलीं, तो AC की ठंडी हवा में, cheap and speedy internet के साथ, जो उनके न जाने कितने काम चुटकियों में निपटा देता है।
उन्होंने struggle देखा ही नहीं, तो वो कैसे जानें इनका मोल?पर क्या Gen Z को सब सुख ही सुख मिल रहा है? नहीं, जानते हैं क्यों?
हमारे कारण, हमारी परवरिश के कारण।
हम उन्हें दुनियाभर की सुख-सुविधाएं तो दे रहे हैं, पर क्या संस्कार भी दे रहे हैं? या यह कहकर टाल दे रहे हैं कि यह Gen Z हैं, यह किसी की नहीं सुनते हैं, अपने हिसाब से सब करते हैं।
सुनते हैं, बिल्कुल सुनते हैं, बस कहने का तरीका होना चाहिए, और लगन होनी चाहिए, कि जो संस्कार हमें हमारे माता-पिता ने दिए थे, हम भी अपने बच्चों को वही संस्कार देंगे।
वरना दोष मढ़ना तो सबसे आसान उपाय है, दूसरों पर दोष मढ़ो और अपना पल्ला झाड़ लो।
और एक बात याद रखियेगा कि आप इस तरह से करके उनसे जीवन में से सबसे अनमोल सुख, “साथ होने का, साथ रहने का”, छीन ले रहे हैं।
जब मनुष्य अकेला रह जाता है, तो उसे अपने जीवन का भी कोई औचित्य नहीं दिखाई देता है। व्यस्तता होने के कारण अपने परिवार से इतना न कट जाएं कि जब पलटें तो कोई पीछे न हो।
Gen Z का क्या दोष, अगर उनका रहन-सहन और परवरिश ही ऐसी हुई है, जैसे वो हैं। उन्हें संवार लीजिए, वो आपके ही बच्चे हैं और देश की धरोहर…


