Sunday, 2 August 2026

Poem : Friendship - An Asset

Friendship is a precious asset. A true friend is someone who makes life worth it. Advay has inculcated and elaborated the same feeling in this poem of his. Let's enjoy and celebrate this friendship day…

Friendship - An Asset


For humans, friendship is the greatest quality.

It is capable enough, to surpass even the biggest polity.

Friendship is an institution which always stays strong.

Friends shape your future, be it right or wrong.


If this world's a garden, friendship is the flowers.

In which, the friends kept chattering for hours.

There were times when the weather was unfavorable.

Yet, the flowers bloomed, because the stem was stable. 


If this universe is a sea, friendship is the boat.

The only structure on which people can float.

Without it, the sea becomes a major threat.

But with it, we can use the sea as an asset.


If this earth is a sky, friendship is the sun.

It can be irritating, but is usually the source of fun.

Though we might think that the sun is always not required.

But without the sun, the earth can no longer be admired.


We celebrate it this day, with colourful wrist bands.

We give it to those, who were our helping hands.

Friendship are not the pillars, it is the entire building.

On an ordinary iron statue, it is the valuable gilding.


Happy Friendship Day!!

Friday, 31 July 2026

Article : Gen Z का क्या दोष?

कल apartment में कुछ fault होने के कारण current कुछ देर के लिए नहीं आ रहा था। और वो मात्र 1 घंटे के लिए ही हुआ था। 

पर वो एक घंटा काटे नहीं कट रहा था। न AC, न पंखा, न‌ TV न internet। उफ्फ, कैसी अझेल दोपहर है यह!

फिर bore होते-होते मन अपने बचपन में चला गया, उस समय हर घर में कहां था AC और phones में internet. और current का जाना भी एकदम आम बात थी, जिसके जाते ही पंखा और TV भी बंद हो जाता था। पर तब तो इतनी अझेल नहीं लगती थी दोपहर, फिर अब क्यों?

क्योंकि apartments में लगे बड़े-बड़े DGs (Diesel Generators) और inverters जैसी सुविधाओं के कारण हमारे सहन करने की क्षमता खत्म होती जा रही है।

Gen Z का क्या दोष?

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अनवरत current, cheap और speedy internet के चलते जिंदगी बहुत आसान और आरामदायक हो गई है। 

पर सोचिए, जब हम लोगों से जिन्होंने दोनों तरह का समय देखा, उन्हें इन सुविधाओं के बिना चैन नहीं है तो क्या दोष है Gen Z का?

उन्होंने तो जब आंखें खोलीं, तो AC की ठंडी हवा में, cheap and speedy internet के साथ, जो उनके न जाने कितने काम चुटकियों में निपटा देता है।

उन्होंने struggle देखा ही नहीं, तो वो कैसे जानें इनका मोल?पर क्या Gen Z को सब सुख ही सुख मिल रहा है? 

नहीं, 

जानते हैं क्यों?

हमारे कारण, हमारी परवरिश के कारण।

हम उन्हें दुनियाभर की सुख-सुविधाएं तो दे रहे हैं, पर क्या संस्कार भी दे रहे हैं? या यह कहकर टाल दे रहे हैं कि यह Gen Z हैं, यह किसी की नहीं सुनते हैं, अपने हिसाब से सब करते हैं। 

सुनते हैं, बिल्कुल सुनते हैं, बस कहने का तरीका होना चाहिए, और लगन होनी चाहिए, कि जो संस्कार हमें हमारे माता-पिता ने दिए थे, हम भी अपने बच्चों को वही संस्कार देंगे। 

वरना दोष मढ़ना तो सबसे आसान उपाय है, दूसरों पर दोष मढ़ो और अपना पल्ला झाड़ लो।

और एक बात याद रखियेगा कि आप इस तरह से करके उनसे जीवन में से सबसे अनमोल सुख, “साथ होने का, साथ रहने का”, छीन ले रहे हैं। 

जब मनुष्य अकेला रह जाता है, तो उसे अपने जीवन का भी कोई औचित्य नहीं दिखाई देता है। व्यस्तता होने के कारण अपने परिवार से इतना न कट जाएं कि जब पलटें तो कोई पीछे न हो।

Gen Z का क्या दोष, अगर उनका रहन-सहन और परवरिश ही ऐसी हुई है, जैसे वो हैं। उन्हें संवार लीजिए, वो आपके ही बच्चे हैं और देश की धरोहर…

Wednesday, 29 July 2026

Poem : हे गुरु, करूँगा मैं इसकी साधना

“गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोष।

गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मिटै न दोष॥”

इस दोहे के साथ आज सद्गुरु महाराज को श्रद्धा के सुमन अर्पित कर रही हूं।

हे गुरु, करूँगा मैं इसकी साधना


जब मोह-माया में था मैं मस्त,

जीवन था तब अस्त-व्यस्त।

मनुष्य जीवन का नहीं था भान,

किस कारण मिला है? नहीं था ज्ञान। 

सुख, समृद्धि और सफलता,

स्वार्थ सिद्धि और प्रफुल्लता,

इसी को रहा था जीवन मान।

सच्चे उद्देश्य को नहीं रहा था जान।

तभी मिली एक सुदृढ़ छत्रछाया,

जिसने आत्मज्ञान जगाया।

मनुष्य जीवन का बताया मोल,

कहा, होता यह जीवन अनमोल। 

मनुष्य जीवन नहीं होता है खुद को पाना,

होता इसमें आत्मा को ईश्वर से मिलना।

हे गुरु, करूँगा मैं इसकी साधना,

आपसे है बस यही प्रार्थना।

जब तक न मिले हरि द्वार, 

करते रहना प्रेरित हर बार… 


गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर मेरा शत-शत प्रणाम स्वीकार करें 🙏🏻