Friday, 18 September 2026

Recipe : सेव टमाटर की सब्जी

आज आपके लिए एक ऐसी recipe share कर रहे हैं, जो कि एक नहीं बल्कि दो-दो states की delicacy है।‌

इसकी एक खासियत यह भी है कि जब घर में सब्जी न हो, तब भी आप इसे घर में बना सकते हैं। उसके साथ ही यह instantly और easily prepare होने वाली dish है। 

और taste? वो तो बहुत ही बढ़िया है…

सेव टमाटर की सब्जी


Ingredients :

  • Tomatoes (red & ripe) - 4 (medium)
  • Ratlami sev - 1 cup 
  • Clarified butter (ghee) -  2 to 3 tbsp.
  • Small mustard seeds - ½ tsp.
  • Cumin seeds - ½ tsp.
  • Asafoetida - ¼ tsp.
  • Onion - 1 (medium)
  • Ginger - 1 inch 
  • Garlic - 4 to 6 cloves 
  • Green chillies - 2/as per taste 
  • Kasuri methi - 1 tsp.
  • Turmeric powder - ½ tsp. 
  • Kashmiri Lal Mirch - 1 tsp. 
  • Coriander powder - 1 tsp.
  • Salt - as per taste 
  • Sugar - ½ tsp.


Method :

  1. प्याज़ और हरी मिर्च को finely chop कर लीजिए।
  2. 2 टमाटर, लहसुन और अदरक को mixer grinder में डालकर fine paste बना लें।
  3. 2 टमाटर को coarsely chop कर लीजिए।
  4. 1 wok लीजिए, उसमें घी डालकर गर्म करें। अब गर्म घी में हींग, राई और जीरा डालकर चटकाएं।
  5. अब इसमें finely chopped प्याज डालकर सुनहरा होने तक पकाएं। अब इसमें कटे टमाटर और हरी मिर्च को डालकर हल्का-सा भून लें।
  6. अब इसमें हल्दी powder, कश्मीरी लाल मिर्च powder, धनिया powder, कसूरी मेथी, नमक और चीनी डालकर थोड़ा-सा भूनें।
  7. अब इसमें टमाटर-लहसुन-अदरक के paste को डालकर तब तक भूनें, जब तक मसाला घी छोड़ने लगे।
  8. अब इसमें 1½ cup पानी डालकर ढककर पकाएं।
  9. टमाटर की gravy में proper texture आ जाने पर gas off कर दीजिए।
  10. Serving से पहले गर्म टमाटर gravy में रतलामी सेव डालकर अच्छे से mix कीजिए।
  11. अब इसमें finely chopped धनिया पत्ती से garnishing कर दें। 

The irresistible delicacy Sev Tamatar ki Sabzi is ready to serve! Enjoy it as it is, with Bhakri (millets/multigrain roti), Chapati, or rice.


Tips and Tricks :

  • सेव टमाटर की सब्जी राजस्थान और गुजरात दोनों states की delicacy है।जहाँ राजस्थानी सब्जी का flavour spicy होता है, वहीं गुजराती सब्जी का flavour sweet और sour होता है, क्योंकि इसमें गुड़ या चीनी भी ठीक amount में पड़ता है।
  • राजस्थानी (मारवाड़ी) सब्जी में घी डालते हैं, जबकि गुजराती सब्जी में घी या तेल दोनों में से कुछ भी ले सकते हैं।
  • राजस्थानी flavour में प्याज़, लहसुन व अदरक डालते हैं, specially लहसुन को अधिक मात्रा में डालते हैं। वहीं गुजराती flavour में बिना प्याज़-लहसुन के भी बनाई जाती है।
  • आप को जो flavour (राजस्थानी या गुजराती) ज्यादा पसंद हो, अपने taste के according वैसी बना सकते हैं।
  • इसे गुजराती (काठियावाड़ी)में सेव तमेटा नू शाक (sev tamatar ki sabji) भी कहते हैं और राजस्थानी(मारवाड़ी) में सेव टमाटर री सब्जी कहते हैं।
  • इसमें टमाटर लाल और पके हुए लीजिएगा, क्योंकि उससे ही authentic taste आएगा।
  • आपको टमाटर खड़े (bite texture) या गले जैसे पसंद हों, उसके अनुसार टमाटर के टुकड़ों को पकाएँ। दोनों ही तरह से serve किए जाते हैं। 
  • कहीं-कहीं इसमें दही, करी पत्ता इत्यादि भी डालते हैं, पर authentically नहीं।
  • हमने इसे घी से बनाया है, इससे सब्जी का स्वाद enhance हो जाता है, आप चाहें तो तेल में भी बना सकते हैं। 
  • पर ध्यान रखिएगा कि इस सब्जी का मसाला तब तक भूनते हैं, जब तक अगर घी डालकर बना रहे हैं तो घी छोड़ेगा और अगर तेल डालकर बना रहे हैं तो तेल छोड़ेगा।
  • ध्यान रखिएगा, जब कभी आप मसाले में टमाटर puree डालकर भून रहे हैं, तो उसे बीच-बीच में ढककर भूनेंगे तो वो जल्दी घी या तेल छोड़ता है। इस तरह से छूटे हुए घी या तेल को रोगन कहते हैं।
  • आप मसाले में नमक डालते समय ध्यान रखिएगा कि सेव में भी नमक है, तो सही amount में नमक डालें, अन्यथा ज्यादा नमक हो जाएगा।
  • हमने राजस्थानी (मारवाड़ी) flavour की सब्जी बनाई है, पर ½ tsp. sugar भी डाली है। आप चाहें तो इसे discard कर सकते हैं। पर इतनी चीनी से टमाटर की खटास और spicy flavour balance होते हैं। स्वाद में मिठास नहीं आती है, बल्कि taste enhance होता है।
  • आप चाहें तो चीनी की जगह गुड़ भी डाल सकते हैं। पर एक बात ध्यान रखिएगा कि अगर आप गुजराती flavour चाह रहे हैं, तो चीनी या गुड़ का amount बढ़ा कर इतना डालना है कि सब्जी में मिठास भी आए।
  • रतलामी सेव से ही perfect taste आता है, जो‌ कि online भी बहुत easily available है। लेकिन अगर आप के पास रतलामी सेव न हो, तो आप इस सब्जी के लिए मोटे‌ सेव use कीजिएगा।
  • रतलामी सेव, अपने आप में काफ़ी spicy flavour के होते हैं। इसलिए सेव टमाटर की सब्जी बनाने से पहले सेव चख लें और उसके अनुसार ही टमाटर की gravy में spice डालें। 
  • जिससे सब्जी आपके taste के according spicy बने, न‌ कि overspicy.
  • सब्जी में सेव डालकर ज़्यादा देर रखने से सब्जी रसेदार से सूखी में बदल जाती है। सेव गलकर मुलायम हो जाएँगे, घुल जाएँगे, जिससे सारा taste spoil हो जाएगा।
  • इसलिए serve करने से पहले एक बार gravy अच्छे से गर्म कर लें और जब आप खाना खाने बैठ गए हों, तभी सेव डालकर अच्छे से चला लें। और सिर्फ उतनी gravy में सेव डालें, जितनी तब use हो।
  • आप gravy बनाकर दो-चार दिन के लिए refrigerator में store करके रख सकते हैं। 
  • Gravy को थोड़ा पतला ही बनाएँ, क्योंकि सेव डालने से gravy गाढ़ी होने लगती है।
  • Gravy का amount थोड़ा बढ़ा कर रखें, क्योंकि सेव डालते ही वो gravy को soak करना शुरू कर देती है।

इतनी आसान थी सेव टमाटर की सब्जी, खुद भी खाएँ और दूसरों को भी खिलाएँ यह “instant delicacy”! 

Thursday, 17 September 2026

Poem : आपदा को अवसर

भारत के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र दामोदरदास मोदी जी एक प्रेरणास्रोत हैं। उनकी जीवन यात्रा अत्यंत कठिन रही है, फिर भी वो डिगे नहीं, डटे रहे और उन्होंने वो प्राप्त किया जो आसान नहीं था।

उनके जन्मदिवस पर यह कविता उनकी ऊर्जा और शक्ति को समर्पित है। इस का मुख्य कारण उनका शांति से हर कठिनाई से जूझना है और उनके जीवन का एक मूलमंत्र है।

आज उसी को कविता में पिरोया है। इसका सार समझने का प्रयास कीजिएगा, तो जीवन में सफल होंगे यह सुनिश्चित है…

आपदा को अवसर



जीवन कठिन है,

कठिनता ही जीवन है। 

हम इस बात को,

भूल क्यों जाते हैं?

थककर, बैठकर,

उसे कोसते क्यों जाते हैं?

उससे कुछ हल नहीं होगा,

नए जोश के साथ,

चलो, उठो, लड़ो। 

और आओ मन में, 

नया उत्साह जगाते हैं।

जो दे न सकी ज़िंदगी, 

उसे छीनकर लाते हैं। 

चलो इस आपदा को 

अवसर बनाते हैं…


आज की इस कविता को पढ़कर, बहुत से लोग हमें मोदी भक्त कहेंगे, तो कोई अंधभक्त, तो कुछ शायद चाटुकार भी बोल दे।

उनकी सब बातें हमारे लिए कोई मायने नहीं रखती है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह कविता मोदी जी पर नहीं, बल्कि उनके अथक प्रयासों और परिश्रम के ऊपर आधारित है।

नमन है एक ऐसे मनुष्य को जिसने साबित कर दिया कि परिश्रमी मनुष्य सफलता के शिखर पर अवश्य पहुंचता है।

अगर आप कविता का सार समझेंगे तो अवश्य ही जान जाएँगे कि यह कविता प्रेरणा स्रोत की ज्योति है, जिसने अपने अंदर जला ली वो सफल अवश्य होगा…

Wednesday, 16 September 2026

Article : Human Reservation

Article- AI Boon or Bane को बहुत पसंद किया गया है, अगर आप ने नहीं पढ़ा है तो click करके पढ़ सकते हैं- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/article-ai-boon-or-bane.html?m=1

आज उसके आगे की बात करेंगे हम, कि अगर हमने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो क्या-क्या हो सकता है।

आपको title पढ़कर लगा होगा कि इसका क्या मतलब है, जातियों को लेकर वैसे ही काफी reservations हैं, फिर आखिर यह क्या बला है?

पर आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह कोई बला नहीं है, बल्कि लापरवाही रखी गई तो शीघ्र ही व अवश्य ही यह हम सबका भविष्य होगा…

Human Reservation


जिस तरह से AI tools, chatbots, और Generative AI का use किया जा रहा है, तो वो दिन दूर नहीं जब लोगों का न तो दिमाग काम करेगा, न मेहनत करने की इच्छा होगी, न उनमें creativity की क्षमता होगी, न काम में novelty, न originality।

फिर क्या लगता है आपको, ऐसे लोगों को jobs मिलेंगी? बिल्कुल नहीं मिलेंगी, कौन रखेगा नकारा और नाकाम लोगों को? यूँ कोई अपनी कमाई व्यर्थ के लोगों पर जाया नहीं करेगा।

फिर आज AI chatbots को initiate करने के लिए हमारी requirements हैं, आगे वो भी नहीं होंगी। हम इन पर dependent होते जाएंगे और ये उतने ही independent.

तब jobs के लिए reservation जातिगत नहीं, बल्कि इंसानों के लिए मांगना होगा। तब reservations के लिए मांग ऐसी होगी कि “इतने % humans employees” होने ही चाहिए।

अगर आप अपने बच्चों के लिए ऐसा भविष्य नहीं चाहते हैं, तो उन्हें encourage कीजिए कि वो AI help लें, guidance लें पर नकल न करें, उन पर dependent न हों। अपने काम को वो अपनी skill और अपनी creativity से complete करें। 

उनको अपना assistant बनाएँ, उनके slaves न बन जाएँ। इतिहास गवाह रहा है, जब-जब slaves को overpower किया गया, system corrupt अवश्य हुआ है।

फिर AI तो इतने अधिक powerful होते हैं, कि अगर यह overpower हो गये, तो विनाश को कोई नहीं रोक सकता है।

अपनी creativity, novelty, originality को मरने मत दीजिए, क्योंकि इंसान ईश्वर की बनाई कृति है, और इंसान जब तक अपनी शक्ति को जागृत रखेगा, उसका मुकाबला संसार में कोई नहीं कर सकता है। 

और एक बात ध्यान रखिएगा, कि आपको जो यह AI super intelligent, skillful, prompt, creative और perfect लग रहें हैं, उसके पीछे भी एक इंसान की ही intelligence, creativity, skills, knowledge और experience ही है। 

मतलब AI के ऊपर इंसान था और रहना भी चाहिए। अगर यह सोच रखेंगे तो इंसान हमेशा सफल रहेगा और वैसे भी reservations जिसको मिलता है, वो खोखला और कमजोर होता जाता है।

इसलिए विकास के लिए reservations हर ओर से ख़त्म हो जाना चाहिए, न humans के लिए और न अलग-अलग जातियों के लिए।

देश का विकास, समाज का विकास, जाति का विकास, व्यक्ति का विकास, तभी हो संभव, जब सफलता की राह उसे अपनी मेहनत और क्षमता से मिले न कि किसी reservations के कारण।

जय हिन्द, जय भारत!