(I) Arrival of Deepotsav :
हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा पर्व दीपोत्सव आ रहा है। यह पांच दिवसीय त्यौहार है, जिसमें प्रत्येक दिन अलग-अलग ईश्वरीय रूप की पूजा-अर्चना की जाती है।
पिछले कुछ सालों से यह confusion रहने लगा कि कब किस दिन क्या है।
तो बस इसी confusion को दूर करने के लिए आज की post share कर रहे हैं, जिसमें दिन और मुहूर्त दोनों की जानकारी दी है…
पंचदिवसीय दीपोत्सव पर्व व मुहुर्त
(II) Date of Deepotsav :
वर्ष 2026 में दीपावली का दीपोत्सव 6 नवंबर से 11 नवंबर तक मनाया जाएगा। पूरे दीपोत्सव का कार्यक्रम इस प्रकार है।
(III) Dates of Deepotsav :
दीपोत्सव का आरंभ धनतेरस के साथ होता है, जिसमें अपने सामर्थ्य के अनुसार सोना-चांदी, बर्तन, खील-खिलौने, लाई-बताशा, दीया-बाती, झालर, तोरण, झाड़ू इत्यादि खरीदा जाता है।
(IV) Dhanteras :
धनतेरस के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं।
- तिथि प्रारंभ- 06 November 2026 को 10:30 AM (सुबह) से
- तिथि समाप्त- 07 November 2026 को 10:47 AM (सुबह) तक
- शुभ मुहूर्त- 06:02 PM से 07:57 PM (शाम) तक
- प्रदोष काल- 05:33 PM (शाम) से 08:09 PM (रात) तक
- वृषभ काल- 06:02 PM से 07:57 PM (शाम) तक
इस शुभ मुहूर्त में भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
(V) Chhoti Diwali :
दीपोत्सव के दूसरे दिन नरक चतुर्दशी/छोटी दीपावली/रूपचौदस के रूप में मनाया जाता है।
इस दिन तक में सारी साफ-सफाई ख़त्म कर लेनी चाहिए, तथा रात में घर के बाहर एक बड़ा-सा तेल का दीया अवश्य जलाना चाहिए।
यह मानते हैं, इससे घर की सभी समस्याएँ और कष्ट जल जाते हैं। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, हनुमान जी व यमराज जी की पूजा-अर्चना होती है।
चतुर्दशी के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं।
- तिथि प्रारंभ- 7 November 2026 को 10:47 बजे (सुबह)
- तिथि समाप्त- 8 November 2026 को 11:47 बजे (सुबह) तक
(VI) Diwali :
तीसरा दिन मुख्य है, इसमें सबसे बड़ा पर्व दीपावली आती है, जिसमें गणेश जी और लक्ष्मी माता का पूजन किया जाता है। गणेश जी शुभता और माता लक्ष्मी धन-धान्य की देवी हैं। इनकी कृपा से सम्पूर्ण संसार सुख-समृद्धि से पूर्ण होता है।
लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है।
- शुभ मुहूर्त- 5:54 PM से 7:50 PM (शाम) तक (कुलावधि= 1 घंटा 56 मिनट)
- प्रदोष काल- 5:31 PM से 8:09 PM (शाम) तक
- वृषभ काल- 5:54 PM से 7:50 PM (शाम) तक
- तिथि प्रारंभ- 8 November 2026 को 11:27 AM (सुबह)
- तिथि समापन- 9 November 2026 को 12:31 PM (दोपहर)
(VII) Goverdhan Puja :
चौथे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है, जो कि इस वर्ष 2 दिन (9 व 10 को) है। पर किस दिन को अधिक मान्यता है और क्यों है, वह भी समझ लीजिए।
गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है।
10 November:
- प्रातःकाल पूजा मुहूर्त- 06:40 AM से 08:50 AM (सुबह) तक (अवधि= 2 घंटे 10 मिनट)
- अभिजीत मुहूर्त- 11:43 AM से दोपहर 12:26 AM (दोपहर) तक
- गोधूलि मुहूर्त- 05:30 PM से 05:56 PM (शाम) तक
09 November:
- तिथि प्रारंभ- 9 November 2026 को 12:31 PM (दोपहर)
- तिथि समाप्त- 10 November 2026 को 2:00 PM (दोपहर)
उदया तिथि के अनुसार, सूर्योदय के समय प्रतिपदा तिथि 10 नवंबर को विद्यमान रहेगी, इसलिए इसी दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट मनाया जाएगा।
(VIII) Bhai Dooj :
दीपोत्सव के पांचवें दिन भाईदूज व चित्रगुप्त महाराज की पूजा होती है। हालांकि इस वर्ष यह पांचवें दिन न होकर छठे दिन होगा, और इसके साथ ही दीपोत्सव पूर्ण होगा।
तिलक का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है।
- समय- 01:10 PM से लेकर 03:20 PM (दोपहर) तक
- द्वितीया की शुरुआत- 02:00 PM (दोपहर) से
- द्वितीया की समाप्ति- 11 November 2026 को 03:53 PM (दोपहर) तक
चित्रगुप्त पूजा का शुभ मुहूर्त इस प्रकार है।
- शुभ मुहूर्त- 1:10 PM से 3:20 PM (दोपहर) तक (नई दिल्ली पंचांग के अनुसार)।
खुशियों के साथ हर घर में दीपोत्सव मनाया जाए। हे माँ लक्ष्मी और हे गणेश जी, आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना है कि सब जगह शुभ हो, धन-धान्य, सुख-समृद्धि हो, सभी को अपने अपनों का साथ मिले।
जय माँ लक्ष्मी, जय गणेश, जय हनुमान, जय कुबेर, जय धन्वंतरि, जय चित्रगुप्त महाराज, सभी देवी-देवताओं की जय!


