Thursday, 18 June 2026

Short Story : दो कदम तुम चलो

दो कदम तुम चलो


ऋषि और राजश्री एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे, एक-दूसरे के लिए जीने-मरने की कसम खाया करते थे। उनके इस अटूट प्रेम को देखकर घर वालों ने दोनों की शादी कर दी।

आरंभ में जीवन बहुत सुखपूर्वक व्यतीत हुआ, लेकिन जल्दी ही उन्हें यह एहसास हो गया कि वो incompatible हैं। बस इस एहसास के उजागर होते ही दोनों में आए दिन झगड़ें होने लगे। 

एक-दूसरे के लिए जीने-मरने की कसम खाने वाले एक-दूसरे की जान लेने को आमादा हो गये‌। दोनों के घर वाले यह देखकर परेशान रहने लगे।

ऋषि की बहन तृषा ने उन्हें psychologist के पास जाने को कहा उनकी counselling के लिए। बस फिर क्या था, psychologist वृंदा ने चंद मिनटों में ही उनकी परेशानी को समझ लिया।

वृंदा ने कहा, “सबसे पहले तो मैं आपको यह बता दूं कि आपके रिश्ते में कोई कमी नहीं है, या यह कहें कि यह बहुत ही common problem है, जो हर रिश्ते में होती है।”

“ऐसा भी क्या problem है?” राजश्री ने उत्सुकता से पूछा।

“Incompatible होने की, पर सच मानिए कि कोई भी रिश्ता compatible नहीं होता है, क्योंकि कोई भी दो लोग पूरी तरह compatible हो ही नहीं सकते हैं, चाहे वो identical twins ही क्यों न हों।”

“तो क्या? हम साथ नहीं रहना चाहते हैं।”

“नहीं राजश्री, तुम नहीं जानती हो कि दो incompatible life partners ही सच्चा प्यार कर सकते हैं।”

“पर कैसे?” ऋषि ने तृषा की ओर बड़े आश्चर्य से देखा।

“बस करना यह है कि जिंदगी के दो कदम तुम अपनी इच्छा से रखना और बाकी के दो कदम एक-दूसरे की पसंद से रखना।”

“मतलब?” दोनों एक स्वर में बोल उठे।

“अरे! जैसे राजश्री जल्दी उठ जाती है तो उसे यह करना है कि ऋषि के लिए आधे घंटे बाद उठो, और ऋषि जो कि देर से उठता है, आधे घंटे पहले उठे। और ऐसे ही रात में राजश्री थोड़ा देर से सोए और ऋषि थोड़ा जल्दी सो जाए। ऐसे ही बाकी सारे काम भी, थोड़ा-थोड़ा दोनों बदलें और थोड़ा-थोड़ा अपने अनुसार चलें। अगर एक-दूसरे का साथ थोड़ा सोच-समझकर लें तो दो incompatible people ही perfect couple बनाते हैं।”

बस दोनों ने वैसा ही करना शुरू कर दिया और कुछ ही दिनों में दोनों रब ने बना दी जोड़ी बन गए, और इसके लिए दोनों ने हमेशा तृषा और वृंदा को धन्यवाद दिया, क्योंकि उनकी सलाह को मानने से ही वो complete couple बनें।

Saturday, 13 June 2026

Article : Next-Level Bharat

हमारा भारत किस तेजी से बदल रहा है, यह तो सबको दिखाई दे रहा है। उसका सशक्त और समृद्ध रुप सब देख रहे हैं, पर मानने को तैयार नहीं हैं।

आखिर क्यों? क्यों आपको भारत का बदलता स्वरूप नहीं दिखाई दे रहा है?

ऐसा नहीं है कि सब एकदम goody-goody हो गया है, होना भी मुश्किल है। जानते हैं, क्यों?

Next-Level Bharat


ऐसा इसलिए क्योंकि हम शिकायती लाल बने रहते हैं, कभी उन शिकायतों को अपने level पर दूर नहीं करते हैं। बल्कि अगर सब अच्छा हो जाए, इसके लिए अगर हमें बाध्य किया जाता है, तो सबसे पहले हमारा कोप भाजपा सरकार को ही होना होता है। 

हम सुधरना नहीं चाहते हैं, पर हाँ पूरी दुनिया सुधरी हुई हो, इसकी कामना जरूर करते हैं। क्यों, दूसरे बदलें आपकी सुविधा के लिए? 

जब आप अपने comfort zone से बाहर निकल कर दूसरों की भलाई के लिए एक रत्ती भी बदलना नहीं चाहते हैं?

बस यही कारण है कि सब goody-goody होना बहुत मुश्किल है।

लेकिन सरकार के अथक प्रयासों के कारण बहुत कुछ सुधरता जा रहा है, न केवल सुधार आ रहा है, बल्कि बहुत अच्छा सुधार आ रहा है, कि,यह कहा जाए भारत next level पर पहुंच रहा है, तो भी अतिशयोक्ति नहीं होगी।

अब आज का article किस बात से प्रेरित होकर लिख रहे हैं, वो share कर रहे हैं। वंदे भारत train से आगरा जाना हो रहा था। अतः Hazrat Nizamuddin (Delhi) station से train पकड़नी थी।

अभी 6 महीने पहले भी निज़ामुद्दीन station से Mumbai जाने के लिए train पकड़नी थी।

दिल्ली के सभी stations में से निज़ामुद्दीन station से कोई जा रहा हो या कोई आ रहा हो, तो लगता है कि कोई और station नहीं मिला, जो निज़ामुद्दीन station ही चुना?

दरअसल निज़ामुद्दीन station जितना clumsy है, उससे ज्यादा station तक पहुंचने का रास्ता।

जब हम लोगों को Mumbai जाना था, station पहुंचने में हम लोग दुखी हो गये।

लेकिन after 6 months वहां पर rapid metro चलने के कारण एक flyover बना है, जो कि बहुत व्यवस्थित है। उसमें बने travel-ways लोगों को बिना थके station तक पहुंचा देते हैं।

जिनके पैरों में किसी भी तरह की problem है, उनके लिए तो वरदान है, खासकर वृद्ध लोगों के लिए, जिस पर पहुंच कर बिना hassle और time-wastage के निज़ामुद्दीन station पर पहुंच जाएंगे।

राजधानी, शताब्दी आदि premium trains पर बहुत बार बैठ चुके हैं, पर वंदे भारत में बैठना पहली बार हुआ।

Actually हमेशा by car ही गये हैं, तो यह अनुभव कभी मिला ही नहीं।

वंदे भारत के लिए कहा जाता है कि बहुत बढ़िया train है, तो हाँ बहुत ही बढ़िया train है। साफ-सफाई के मामले में, comfort के मामले में, speed wise भी- सारी modern facilities के साथ।

हमने food option cancel कर दिया था because हमारे यहां सब हमारे हाथों का बना हुआ ही पसंद करते हैं।

लेकिन जो meal था, लोगों के पास, वो सभी items standard company के थे। I think taste-wise भी अच्छे थे, but हम इसकी पूरी guarentee नहीं ले सकते हैं।

बाकी भी बहुत से stations का कायाकल्प यह सोचने को प्रेरित कर रहा है कि Next-Level Bharat बनता जा रहा है।

हर ओर बढ़ता विकास और भारत का आधुनिकीकरण, इसके लिए कौन जिम्मेदार है, सब जानते हैं, बताने की आवश्यकता नहीं है।

बस अगर अपने देश का विकास आपको भी पसंद है, तो “शिकायती लाल” से अपने को बदलकर देश-विकास में योगदान प्रदान करें।

जय हिन्द, जय भारत!

Wednesday, 10 June 2026

Article : NEP के फ़ायदे और नुकसान

जब से भारत में BJP government आयी है, हर क्षेत्र में विभिन्न परिवर्तन किए जा रहे हैं।

अब उसी परिवर्तन का असर education पर भी दिख रहा है, और सबसे अधिक परिवर्तन class 9 में दिखाई दे रहा है।

या यूं कहा जाए कि class 9 का तो लगभग पूरा syllabus ही change किया जा रहा है, तब वो भी अतिशयोक्ति नहीं होगी।

इसके कारण बच्चे, teachers और parents, सभी परेशान हैं। इसका एक बहुत बड़ा कारण है कि अभी तक बहुत कुछ निर्धारित ही नहीं है कि क्या नियम पूरी तरह लागू किया जाएगा।

NEP 2020 के लागू होने से कक्षा 9 में पढ़ने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। अब रटने की बजाय समझ पर जोर है, तीन भाषाएं अनिवार्य हो गई हैं, और छात्रों को vocational courses और अन्य विषयों को चुनने की अधिक लचीली सुविधा मिल गई है।

NEP 2020 के तहत कक्षा 9 पर पड़ने वाले मुख्य प्रभाव इस प्रकार हैं…

NEP के फ़ायदे और नुकसान


Three-language Rule :

कक्षा 9 से 10 तक के छात्रों के लिए तीन भाषाएँ (R1, R2, R3) पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। इनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय होनी चाहिए। हालांकि तीसरी भाषा की अनिवार्यता इसी वर्ष से की जा रही है, इसलिए तीसरी भाषा पढ़ना तो अनिवार्य है, किन्तु इसकी परीक्षा को class 10 board exams में शामिल नहीं किया जाएगा।

लेकिन इस साल के बाद के बच्चों के लिए परीक्षा की अनिवार्यता भी लागू की जा सकती है। और एक बात, तीसरी भाषा को पढ़ने की अनिवार्यता इस वर्ष जो class 10th में हैं, उनके साथ भी है, बिना परीक्षा की अनिवार्यता के साथ।

Importance of Sanskrit (R3)-

संस्कृत हमारे देश भारत की मुख्य भाषा के रूप में मानी जाती है, जो कि बहुत scientific language है। इसके ज्ञान से हम अपने वेद-पुराणों से जुड़ते हैं, जिसमें सार है जिंदगी का।

उसके साथ ही अगर कोई संस्कृत भाषा में निपुण हो गया, तो विश्व की कोई भी भाषा को समझना अत्यधिक आसान हो जाता है।

फिर क्या हम अपने धर्म और देश से जुड़ने के लिए अपने बच्चों को संस्कृत भाषा खुशी-खुशी नहीं पढ़ा सकते हैं?


End of Rote Learning :

अब curriculum को rote learning से हटाकर experiential और application-based में लागू करने योग्य बनाया गया है।


Competency-Based : 

Exams में सीधे प्रश्न पूछने के बजाय case-based, analytical और MCQ (multiple-choice questions) ज्यादा पूछे जाएंगे।


Flexibility of Subjects :

अब arts, science और vocational courses के बीच कोई सख्त दीवार नहीं रहेगी। छात्र अपने मुख्य विषयों के साथ-साथ vocational course या अपनी पसंद के कौशल चुन सकते है।


Change of Books :

NCERT ने नए pattern के अनुसार कक्षा 9 के curriculum में भी संशोधन किए हैं, ताकि इसे NCFSE 2023 और NEP के अनुकूल बनाया जा सके।


  • Advantages- जो सोच है, अगर वो पूरी तरह से applicable हो सके, तो सचमुच भारत में education next level पर पहुंच सकती है। बच्चे और अधिक confident होंगे अपने भविष्य को लेकर, और अधिक सशक्त होंगे अपने भविष्य में, साथ ही वो वही पढ़ेंगे जो वो पढ़ना चाहते हैं, अतिरिक्त विषयों का बोझ उन पर नहीं होगा।
  • Disadvantages- CBSE board की तरफ से हर रोज़ कोई नया नियम सुनाया जा रहा है, और वो लागू भी होगा कि नहीं, इसकी कोई guarantee नहीं है। अभी तक सभी पुस्तकों का न आना बच्चों को सटीक रूप से पढ़ने में बाधा डाल रहा है। Process बदलने के कारण education का level समझ नहीं आ रहा है कि गिर जाएगा या उठेगा। अत्यधिक सरलता लाने के ऊहापोह में education का स्तर नहीं गिरने देना चाहिए।


जो भी निर्धारित करना है, वो July से पहले हो जाना चाहिए। निर्णय में दृढ़ नहीं होने से बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बच्चों को यह बिल्कुल नहीं लगना चाहिए कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इससे बच्चे अपने उज्जवल भविष्य के सपने से भटक जाते हैं, जो देश के विकास में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

Class 9 भविष्य की नींव रखी जाने वाली class है, इसके सभी निर्णय बहुत सोच-समझकर और समय-सीमा के अनुसार लेने चाहिए।

सही निर्णय देश को विकास और ग़लत निर्णय देश को पतन की ओर ले जाएगा।

BJP government से करबद्ध प्रार्थना है कि जो भी निर्णय लेना है, सोच-समझकर लें और समय-सीमा के अंदर लीजिए, तभी जो आपने सोचा है, वो सही रूप से applicable होगा।

जय हिन्द, जय भारत!