Wednesday, 13 May 2026

Article : खरीदारी पर रोक

आजकल हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जनता से appeal की है कि अभी कुछ चीजों की खरीदारी देशहित के कारण न करें।

पहले देख लेते हैं कि वो कौन-सी चीजें हैं जिनकी खरीदारी पर रोक लगाई गई हैं। 

  • Work from home को प्राथमिकता दें।
  • एक साल तक सोना खरीदने से बचें।
  • Petrol-diesel की बचत करें, metro से सफर करें, parcel rail से भेजें और car का कम इस्तेमाल करें।
  • खाने के तेल का उपयोग कम करें।
  • रासायनिक खाद आधी करें और प्राकृतिक खेती अपनाएँ।
  • विदेशी branded उत्पादों की जगह स्वदेशी को अपनाएँ।
  • एक साल तक विदेश यात्राओं को सीमित रखें।

इन सभी चीजों की खरीदारी में कटौती की जा सकती है, साथ ही जिस तरह से इस समय को manage करने को कहा गया, वो भी किया जा सकता है।

पर सबसे आसानी से जो किया जा सकता है, वो है सोने की खरीदारी को एक साल के लिए स्थगित करना। ऐसा करने से क्या होगा?

खरीदारी पर रोक


ऐसा करने से जो अधिक आवश्यक सामान है, उनकी खरीदारी में कटौती या आवश्यक सामानों की कमी नहीं होगी। 

ऐसा नहीं है कि राष्ट्रहित में ऐसी appeal पहली बार की जा रही है। नीचे बहुत सारी ऐसी appeals दी गई हैं जो देश के leaders ने की थी।
  • 1987- इंदिरा गांधी की appeal: “सोना ना खरीदें, विदेशी मुद्रा की स्थिति गंभीर बनी हुई है।”
  • 2001- अटल बिहारी वाजपेयी की appeal: भुज भूकंप में पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की appeal.
  • 2004- मनमोहन सिंह की appeal: 2004 सुनामी के दौरान राष्ट्र को संबोधित किया गया और राहत कार्यों के लिए भारी मदद की appeal की गई।
  • 2013- मनमोहन सिंह की appeal: “हमें सोने की लालसा कम करनी होगी और petroleum उत्पादों का उपयोग कम करना होगा।”
  • 2013- पी. चिदंबरम की appeal: “कृपया सोना ना ख़रीदें।”
  • 2013- वीरप्पा मोइली की appeal: “रात 8 बजे के बाद देश के सभी petrol pumps बंद रहेंगे। अगर आपके पास 3 गाड़ियाँ हैं तो सिर्फ 1 गाड़ी का ही इस्तेमाल करें। लोग घर से बाहर निकलना बंद कर दें।”

लाल बहादुर शास्त्री ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और देश में आए भयंकर अन्न संकट के दौरान राष्ट्र को एकजुट करने और आत्मनिर्भरता के लिए कई ऐतिहासिक appeals की थीं: 

  • Monday Fast- शास्त्री जी ने देशवासियों से आह्वान किया था कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन, विशेषकर सोमवार की शाम का भोजन न करें, ताकि अनाज की बचत हो सके।
  • Simplicity Appeal- उन्होंने शादियों और parties में भोजन की बर्बादी कम करने और सादगी बरतने की appeal की थी।
  • Result- शास्त्री जी की इन appeals का देश पर अभूतपूर्व प्रभाव पड़ा। उनके एक आह्वान पर करोड़ों लोगों ने स्वेच्छा से सोमवार को उपवास रखा और दिल्ली के hotels-ढाबों ने भी सोमवार की शाम को अपने restaurants बंद रखने का फैसला किया।

ऐसा नहीं है कि ऐसी appeal केवल भारत में ही की जाती है। बल्कि समय-समय पर अन्य देशों में भी की गई है। और जो देश अपने दूरंदेशी राजनायक की देशहित में की गई appeal पर अमल करते हैं, वहां आपदा प्रबंधन सुदृढ़ता के साथ हो जाता है, और देश और अधिक सशक्त होकर विकास करता है।

पर जहां पालन नहीं किया जाता है, वहां आपदा संकट में और संकट पतन में परिवर्तित हो जाता है, और ऐसे देश का समूल नाश हो जाता है।

इसलिए अनुरोध है कि appeal का पालन करें क्योंकि यह मोदी जी अपने हित के लिए नहीं अपितु देशहित के लिए कर रहे हैं।

जय हिन्द, जय भारत!

Tuesday, 12 May 2026

Article : बंगाल में जीत क्यों थी ज़रूरी

बंगाल में 4 मई को ममता की सरकार गई और सत्ता में आई BJP government, और इसके साथ ही 15 साल तक सत्ता पर काबिज TMC government भी चली गई।

पर आपको पता है, यह जीत जितनी BJP government के लिए आवश्यक थी, उससे भी ज्यादा हमारे देश भारत के लिए जरूरी थी?

आइए जानते हैं, कि क्यों BJP और देश के लिए जरूरी थी यह जीत...

बंगाल में जीत क्यों थी ज़रूरी


2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP की जीत को party और समर्थकों द्वारा कई प्रमुख कारणों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा था। यह जीत न केवल राज्य की सत्ता में बदलाव, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक बड़ा मोड़ मानी गई है।

इसके लिए यह जान लेते हैं कि BJP की सरकार इन सभी राज्यों में है-

  • Assam
  • Arunachal Pradesh
  • Tripura
  • Manipur
  • Sikkim
  • Nagaland
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Gujarat
  • West Bengal
  • Uttarakhand

बीजेपी के लिए पश्चिम बंगाल वर्षों से एक ऐसा चुनावी किला बना हुआ था जिसे भेदना मुश्किल था। वामपंथी शासन और फिर ममता बनर्जी के वर्चस्व को तोड़कर सत्ता में आना बीजेपी के लिए एक बड़ी वैचारिक और संगठनात्मक उपलब्धि है।

2026 के चुनावी घटनाक्रम के बाद यहाँ अब BJP की सरकार (सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में) है।

जब से भारत देश में BJP government सत्तारूढ़ हुई है, तब से ही पूरे देश में double engine सरकार कायम हो सके, विकास हो सके, इसके लिए BJP प्रयासरत रही है और बहुत हद तक सार्थक भी हुई है।

Party का मानना था कि बंगाल को विकास के मुख्यधारा में लाने के लिए राज्य और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार होना ज़रूरी था, ताकि रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिल सके।

West Bengal Bangladesh के साथ 2216 km लंबा border साझा करता है। BJP ने अवैध घुसपैठ को एक बड़ा मुद्दा बनाया था और उनका मानना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह जीत बहुत ज़रूरी थी।

समर्थकों का मानना था कि ममता बनर्जी के शासनकाल में राजनीतिक हिंसा और भ्रष्टाचार के कारण राज्य में भय का माहौल था, जिसे बदलने के लिए सत्ता परिवर्तन जरूरी था।

RG Kar medical college में हुई निंदनीय घटना के पश्चात उसको नज़रअंदाज़ किया जाना TMC को भारी पड़ गया।

इस चुनाव के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और हिंदू मतदाताओं की असुरक्षा का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया था, जिसे बीजेपी ने प्रमुखता से दूर करने का वादा किया था।

इस जीत ने न केवल TMC के 15 साल के शासन को खत्म किया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की एकता और भविष्य पर भी बड़ा असर डाला है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक छवि और मजबूत हुई है।

शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा सरकार बनी।संक्षेप में, यह जीत वैचारिक वर्चस्व, विकास, सुरक्षा और राजनीतिक सत्ता के पुनर्गठन के लिए एक मील का पत्थर मानी गई है। 

इस तरह से यह जीत केवल BJP government के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा और अखंडता के लिए भी जरूरी थी।

जय हिन्द, जय भारत!

Monday, 11 May 2026

Poem : चली थी जहाँ से

आज आप सब के साथ मुझे भोपाल के मेजर नितिन तिवारी जी की कविता को साझा करते हुए अपार प्रसन्नता हो रही है।

आज नितिन जी की लेखनी ने प्रेम-रस बरसाया है, कुछ ही शब्दों का उपयोग कर के बहुत ही खूबसूरत कविता लिखी है।

आइए, इसका आनन्द लेते हैं…

चली थी जहाँ से


चली थी जहां से,

वहीं फिर चली।

कली-सी महकती,

है कविता कली।

खिला रूप यौवन,

चमन में खिला।

चली मिलने मोहन,

से राधा चली।

कई ठांव आए,

गए भी कई।

चली जो थी कहने,

वो कहने चली।

चली थी जहां से,

वहीं फिर चली…