Monday, 27 July 2026

Article : NEET Exam Leak Protest

अभी कुछ दिनों पहले NEET Exam के paper के leak के कारण exam रद्द कर दिया गया और re-NEET exam कराया गया।

Re-NEET exam हो गया, और उससे बहुत से बच्चों का NEET clear भी हो गया।

पर exam leak हुआ, इसके चलते बहुत बड़ा protest किया गया, जिसमें मांग की गई कि education minister धर्मेन्द्र प्रधान resignation दें।

धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया और केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार प्रल्हाद जोशी को सौंप दिया गया।

NEET Exam Leak Protest


Exam leak होना India में कोई नयी बात नहीं है, आज से पहले भी बहुत बार paper leak हुए हैं, paper leak या परीक्षा में गड़बड़ी की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए या दबाव के कारण पहले भी मंत्रियों या बड़े अधिकारियों ने पद छोड़े हैं, हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस तरह इस्तीफा एक बड़ा घटनाक्रम रहा है।

Paper leak होना, एक student के लिए बहुत बड़ी घटना होती है, उसके सपने, मेहनत, माता-पिता के सपने, उनकी मेहनत और त्याग सब शामिल होता है। 

ऐसे में paper leak होने की घटना पर बवाल होना निश्चित है। लेकिन क्या इस्तीफा उसका हल है? क्या धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे से सब कुछ normal हो जाएगा?

क्या कड़े नियम-कानून बनाने की appeal करना ज्यादा उचित नहीं होता? क्या लगता है कि BJP government ने डर कर धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर किया है?

नहीं, बल्कि इसलिए किया है क्योंकि युवाओं के मुद्दे को हथियार बनाकर बाकी विरोधी political parties अपना उल्लू सीधा करने आ गई थी।

जिनका उद्देश्य शिक्षा नीति को सुधारना था ही नहीं, उनका उद्देश्य केवल BJP government के प्रतिनिधि को ग़लत साबित करके देश में BJP government की छवि ख़राब करना था।

देश के युवा इन विरोधी parties के हाथ की कठपुतली बनकर civil war की ओर आगे न‌ बढ़ जाएं, इसलिए BJP government ने एक कदम पीछे लिया है। 

पर जो एक कदम आगे बढ़ाया है, उसके चलते विरोधी party को हंगामा काटने से कुछ विशेष हाथ नहीं लगा है। 

और अगर विरोध करना ही है, तो protest करने वाले आगे बढ़ो और केवल एक NEET exam leak होने के लिए आवाज उठाने से कुछ नहीं होगा।

आरक्षण के विरोध में प्रदर्शन करो, क्योंकि अगर वो खत्म हो गया, तो न जाने कितने नौजवानों के सपने पूरे हो जाएंगे। न जाने कितने पदों पर न्यायसंगत candidate आएंगे।

करो प्रदर्शन कि merits के basis पर selection हों, न‌ कि धर्म और जाति के आधार पर, तब न जाने कितने योग्य बेरोजगारों को रोजगार मिला जाएगा।

अगर हो देश के सच्चे हितैषी और नौजवानों के सच्चे खैरख्वाह तो, बढ़ो आगे। तब होगा, सही मायने में उचित protest…

Tuesday, 21 July 2026

Story of Life : वो कौन था (अंतिम भाग)

वो कौन था (भाग-1),

वो कौन था (भाग-2),

वो कौन था (भाग-3)

वो कौन था (भाग-4) के आगे…

वो कौन था (अंतिम भाग)


“सर, यह आपको बहुत प्यार करती थीं, पर आपने इन्हें कभी तवज्जों ही नहीं दी। आपके medical world में डूब जाने के बाद यह धीरे-धीरे depression में चली गईं और एक दिन mental asylum में आ गईं।

“पर तुम्हें कैसे पता यह सब?”

“सर, मेरी बुआ जी यहां पर doctor हैं, तो उन्हीं से मिलने आया था। तभी मुझे तृषा दिखी, उसका पीछा किया तो वो इस कमरे में चली गई। मैंने बुआ जी से पूछा कि उस कमरे में कौन है, और तृषा वहां क्यों गयी है, तब पूरी बात पता चली। पर अब मैं जो आपको बताने जा रहा हूं, वो बात अविश्वसनीय है, और जिसके कारण ही आपके hospital को defame मिला।”

“ऐसा भी क्या बताने जा रहे हो? ज्यादा पहेली न पूछो, सीधा-सीधा बताओ।”

“सर, हमारे hospital में तृषा के साथ जो कुछ भी हुआ था, वो उसके साथ किसी और ने नहीं बल्कि खुद तृषा ने किया था, जिससे उस तमाशे के बाद hospital में resignation letter छोड़कर चली जाए और कुछ दिन बाद आपको और Srijan hospital को defame कर दें।”

यह सुनकर कुशल चौंक गया कि उसको बर्बाद करने के लिए तृषा इस हद तक गिर गयी। उससे रहा नहीं गया और वो सीधे रिया के कमरे में पहुंच गया।

कुशल को वहां आया देखकर तृषा सकपका गई और रिया खुशी से चहक उठी।

कुशल ने गुस्से से तमतमा कर तृषा की ओर देखा और कहा, “मुझे तुमसे इस तरह की उम्मीद बिल्कुल नहीं थी। मैं सोच ही नहीं सकता था कि कोई लड़की अपने को इस तरह से भी प्रताड़ित दिखा सकती है। क्यों, आखिर क्यों? क्या कसूर था मेरा!”

तृषा ने घृणा से कहा, “आप मेरी दीदी के, मेरे बचपन के खोने के दोषी हैं।”

“किस तरह से दोषी हो गया? मैंने तुम्हारी दीदी से कभी प्यार नहीं किया, तुम्हारी दीदी मुझसे प्यार करती थी, उसने कभी इज़हार नहीं किया, कि मैं जान पाता कि तुम्हारी दीदी मुझे चाहती है। तो मैं दोषी कैसे हो गया? मेरे doctor बनने की चाह हमेशा से मानवता की सेवा थी। क्या ऐसी सोच, ऐसी चाह गुनाह है? और तुमने मेरे hospital को defame करके न केवल मुझे नुकसान पहुंचाया है, बल्कि लाखों-करोड़ों उन मरीजों को भी नुकसान पहुंचाया है जिन्हें अच्छे treatment की आवश्यकता है। तुमने बदला लेने के जुनून में न केवल अपने स्त्री होने को, बल्कि अपने doctor होने को भी अपमानित और कलंकित किया है।”

कुशल की ऐसी बातों ने तृषा के साथ-साथ रिया को भी झकझोर दिया।

रिया अपनी छोटी बहन तृषा को बहुत चाहती थी, तृषा की इन हरकतों से क्रोधित होते हुए बोली, “तृषा, तूने मेरे देवता को अपमानित किया है, तूने गलत सोचा है कि मेरी तबीयत इनके कारण ख़राब हुई है। इन्हें तो पता ही नहीं था कि मैं इन्हें चाहती थी। मैं इनसे कभी अपने मन की बात बोल ही नहीं पाई।” कहकर रिया फूट-फूटकर कुशल के पैरों पर गिर गई।

“दीदी, मुझे माफ़ कर दो, आप ही मेरा सब कुछ थीं, आपकी ऐसी हालत देखकर मैं सिहर उठी थी, क्रोध से पागल हो गई थी और उसमें मैंने देवता तुल्य कुशल सर को और न जाने कितने मरीजों को नुक़सान पहुंचा दिया।”

“कुशल सर, मुझे माफ़ कर दीजिए, मैं आपकी स्त्री जाति की और doctor होने की गरिमा की गुनहगार हूं। मुझ नादान, नासमझ को माफ़ कर दीजिए।”

कुशल ने रिया के सिर पर प्यार से हाथ फेरा और उसके जल्दी ठीक होने की कामना कर तृषा से बिना कुछ बोले वहां से चला गया।

अगले दिन, बहुत से newspaper के front page पर तृषा का confession था कि सृजन hospital से सुरक्षित कोई जगह नहीं है। उसके साथ जो कुछ भी हुआ था, उसकी जिम्मेदार वो खुद है।

इसके कुछ दिनों बाद से ही वापस से सृजन hospital और doctor कुशल की fame हर जगह जगमगा उठी। जिस-जिस ने उल्टे-सीधे इल्ज़ाम लगाए थे, सबने माफी मांगी। सारे doctors लौट आए, including तृषा।

रिया का इलाज सृजन hospital में ही होने लगा, और वो बहुत तेजी से ठीक होने लगी…

Monday, 20 July 2026

Story of Life : वो कौन था (भाग-4)

वो कौन था (भाग-1),

वो कौन था (भाग-2)

वो कौन था (भाग-3) के आगे…

वो कौन था (भाग-4)


एक दिन राघव ने कुशल को आकर जो बताया, वो अविश्वसनीय था, ऐसा भी हो सकता है, वो सोच ही नहीं सकता था।

वो सीधा राघव के साथ वहाँ पहुंच गया, जहाँ से राघव को यह अविश्वसनीय खबर मिली थी। वो एक mental asylum था।

“राघव, यह मुझे कहाँ लाए हो?”

“Sir, उस जगह, जहाँ आपको अनबुझ पहेली का जवाब मिलेगा। आप बस चुपचाप मेरे पीछे-पीछे आइए।”

राघव के साथ कुशल चुपचाप चलता गया और finally राघव एक कमरे की खिड़की के सामने जाकर रुक गये। कमरे में मद्धम रोशनी थी, जो कि वहाँ एक लेटी हुई पर पड़ रही थी।

जब कुशल ने गौर से देखा तो चौंक गया, “अरे! यह तो रिया है।”

“हाँ Sir, यह रिया जी ही हैं।” राघव ने स्वीकृति में सिर हिला दिया।

“मेरी classmate, मेरी ही तरह बहुत होनहार, पर यह यहां कैसे पहुंच गई?” कुशल पुरानी यादों में खो गया...

“आपके कारण सर।”

“मेरे कारण! यह तुम क्या कह रहे हो? मैंने ऐसा क्या किया? मैंने इसके साथ कुछ बुरा किया था, ऐसा तो मुझे कुछ याद नहीं।”

“सर…

आगे पढ़ें, वो कौन था (अंतिम भाग) में…