Sunday, 1 July 2018

Poem : छुट्टियाँ ख़त्म हुई

छुट्टियाँ  ख़त्म हुई 

छोटे बन्दर रह रहे
कब से घर के अन्दर
अब वो स्कूल जाएंगे
कह उठी उनकी माताएं
अब हम काम कर पाएंगे
छुट्टी होती है जब इनकी
मांओ की छुट्टी कर देते हैं
करें शैतानी, इतनी की बस
नाक में दम कर देते हैं
एक खेल ना भाए इनको
नित नए  खेल की मांग करें
कहां तक करें ख्वाहिश पूरी
रोज़ नयी डिमांड करें
पिज्जा बर्गर, आइसक्रीम मैगी
हरदम बस यही इनको खाना है
ना गर दें, इनको खाने को ये सब
तब इन्हें उधम खूब मचाना है
मस्ती इतनी चढ़ी रहती है
धूप , छांव की फ़िक्र नहीं
दिन रात इन्हें क्या करवायें
मां पापा करें जिक्र यही
पर अब छुट्टी खत्म होने को आई
सारे जाएं स्कूल को भाई
मां पापा की हुई खत्म पारी
वापस आयी टीचर की बारी

Saturday, 30 June 2018

Tip : Long-lasting food for a journey

Long-lasting food for a journey

Are you worried that your food gets spoiled very soon when you take it on a journey?

Here are some tips by my mother Dr.Gita Lal Ji on how to long-lasting your food, when taking it on a journey.
  1. Don't pack pooris just after frying (when they are hot). Let them cool down, this would prevent them from getting soggy and would allow the pooris to stay longer.
  2. While cooling and packing pooris, stack them first. This will keep them soft.
  3. Don't cook the vegetables in a hurry, instead start cooking it from one hour before. This would provide you enough time to cook it.
  4. To pack green stuff for a journey, prepare it in more oil as usual. But beware that it's not that much that it would spoil other things kept near it. Roast the stuff till all the oil is absorbed.
  5. When the veggies are prepared, spread it up in a tray or a plate and keep it under the fan. This would hardly take 20-25 minutes.
  6. Prepare any vegetable from raw i.e. don't boil it before cooking.
  7. Don't cook anything in oil used earlier to make anything else.
  8. Whenever you are serving veggies, use a spoon.
  9. Pack pooris and veggies in different containers.

Friday, 29 June 2018

Kids Story : Baby baby

समस्या : बच्चा अपनी माँ के हाथ से ही खाना  खाता है।
कहानी : Baby baby

विहान अपनी Mumma का लाडला बच्चा था, बहुत ही intelligent, all rounder, हर काम में perfect
बस एक ही कमी थी उसमें, कि वो आठ साल का हो गया था, पर खाना अभी भी अपनी Mumma  के हाथ से ही खाता था।
विहान को अब उसके friends की  birthday party में अकेले ही बुलाया जाता था, वहाँ उसकी Mumma साथ नहीं जा सकती थी, उसे birthday party बहुत पसंद थीं। वहाँ उसकी पसंद की खाने की बहुत सी चीज़ें होती थीं। पर वो चाह कर भी उन्हें नहीं खा पाता था, क्योंकि वो खाना अपने हाथ से नहीं खाता था। कोई आंटी उसकी प्लेट घर के लिए दे देती तो वो घर आ कर वो खाना अपनी Mumma के हाथ से खा लेता था, नहीं तो घर आ कर घर का खाना ही उसे खाना पड़ता था।
विहान के सारे दोस्त यही समझते थे कि विहान बहुत कम खाता है। एक दिन विहान अपनी ball नीचे ground  में भूल गया था, उसका दोस्त अमन उसकी ball लौटाने विहान के घर गया, वहाँ उसने देखा विहान अपनी Mumma के हाथ से खाना खा रहा था, ये देख कर वो हँसने लगा और उसे baby baby कह कर चिढ़ाते हुए भाग गया। अगले दिन उसने सारे बच्चों को बता दिया कि विहान अभी भी अपनी Mumma के हाथ से ही खाता है। अब तो सारे बच्चे विहान को baby baby कह कर चिढ़ाने लगे, और उसके साथ खेलना भी बंद कर दिया।
इससे विहान बहुत दुखी रहने लगा, उसने अपनी Mumma को बोला अब से वो अपने हाथ से ही खाएगा। ये जानकर उसकी Mumma बहुत खुश हुई। शुरू में कुछ दिन विहान से खाना खाने में गिरता था, और बहुत धीमे भी खाता था, पर बहुत जल्दी ही वो ठीक से खाना खाने लगा।
अमन ने अपनी birthday में विहान को भी बुलाया, उसने सोचा विहान खाना तो खा नहीं पाएगा, तो उसे खूब चिढ़ाएगा, साथ ही free का gift भी मिल जाएगा।
विहान ने उसकी party में अच्छे से सब कुछ खाया। ये देखकर अमन दंग रह गया। सारे दोस्तों ने विहान से फिर से दोस्ती कर ली। आज विहान ने party में बहुत मज़े किए।

घर आ कर वो अपनी Mumma से बोला, मैं आज अच्छे से समझ गया हूँ, Mumma हर जगह नहीं जा सकती हैं, इसलिए खाना अपने हाथों से ही खाना चाहिए। तभी आप अपनी पसंद की सब चीज़ भी खा सकते हैं, कोई आपका मज़ाक भी नहीं उड़ा पाएगा, तभी आप party  भी enjoy कर पाएंगे।