Thursday, 30 July 2020

Stories of Life : दिल का रिश्ता

दिल का रिश्ता

रीना और राहुल में बहुत प्यार था, शादी के पांच साल बीत जाने पर भी, दोनों एक-दूसरे में इस कदर खोए रहते थे, कि उनको तो छोड़िए, पूरी दुनिया को यही लगता था, दोनों newly married हैं।

राहुल software developer था और रीना doctor.
इस बार असम में बाढ़ आने पर रीना को वहाँ भेजने के order आ गये।

रीना और राहुल दोनों ने बहुत कोशिश की, पर order cancel नहीं हुआ।

मन मारकर रीना एक हफ्ते के लिए असम चली गई।

राहुल, रीना के train में बैठने के दो घण्टे बाद से उसको हर घंटे फोन करने लगा था।

दोनों ने रात एक-दूसरे से बात करते हुए ही निकाली।

पर वहाँ पहुंच कर हर घंटे बात करना संभव नहीं था।

तो रीना ने राहुल से बोला, मैं time निकाल कर तुम से 4 से 5 घंटे में बात कर लूंगी।

राहुल के लिए बहुत मुश्किल था, पर वो मान गया।

रीना को गये, दो दिन ही हुए थे पर राहुल को बहुत बेचैनी होने लगी थी।

आज तो वैसे भी सुबह से शाम हो गई थी, पर रीना का एक भी फोन नहीं आया था।

और जब भी राहुल फ़ोन मिला रहा था, phone unreachable जा रहा था।

राहुल से रहा नहीं गया और उसने आनन-फानन में असम जाने का plan कर लिया।

राहुल train में तो बैठ गया था,  पर आज उसकी धड़कन बहुत बढ़ी हुई थी।

वो यह नहीं समझ पा रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है, वो रीना से दो दिन दूर रहा है, इसलिए, या

उससे मिलने जा रहा है इसलिए, या

कुछ बहुत बड़ी गड़बड़ हो गई है, इसलिए।


बहुत बेचैनी के साथ, उसने सफ़र पूरा किया।

जब वो उस जगह पहुंचा, जहाँ रीना रुकी हुई थी, वहाँ सिवाय बहुत अधिक पानी के कुछ नहीं था।

यह देखकर उसका दिल धक से रह गया। उसने रीना को यहाँ आने से बहुत रोकने की कोशिश की थी, पर वो नाकामयाब हो गया था, रीना भी नहीं आना चाहती थी पर वो कुछ नहीं कर सकी थी।

आज राहुल की जिंदगी खत्म हो गई थी, वो भी इन्हीं लहरों में समा जाना चाहता था।

वो लहरों की ओर आगे बढ़ने लगा, पर तभी उसे लगा जैसे किसी ने उसे कस कर पकड़ लिया हो, जिससे वो आगे नहीं बढ़ पाया।

Wednesday, 29 July 2020

Article : Rafale - The safety

Rafale - The safety

हमें जिसका कितने दिनों से इंतज़ार था, आज वो शुभ मुहूर्त आ गया है।

राफेल का भारत में आगमन।



पर बहुत से ऐसे लोग भी हैं, जो इस विशेष आयोजन को पूर्णतया निरर्थक घोषित कर रहे हैं।

उनका कहना है कि, देश कोरोना की महामारी से जूझ रहा है, ऐसे समय में मोदी जी को राफेल मंगाने की क्या सूझी?

आप की जानकारी के लिए बता दें, इसकी deal आज नहीं की गई है, बहुत दिनों पहले ही इस विषय में निर्णय लिए जा चुके थे।

हाँ वो कार्यान्वित अब हुई है। और यकीन मानिए, बहुत सही समय पर हुई है।

आज चीन जब दोहरी रणनीति चल रहा है, कि भारत देश को भीतर और सरहद दोनों से कमजोर कर दिया जाए।

तो उसका मुंह तोड़ जवाब है यह।

पहले lockdown कर जीवन सुरक्षा, फिर unlock कर अर्थव्यवस्था सुरक्षा, अब राफेल के आगमन से सरहद सुरक्षा।

यह है मोदी जी की पूर्ण व्यवस्था।

आप कहेंगे कि खाक, जीवन सुरक्षा!

जी बिल्कुल जीवन की सुरक्षा!  

मोदी जी ने, कोरोना के विषय में,  ज्ञात होते से ही lockdown कराया, हर कुछ दिन में देश के नाम संदेश देकर सुरक्षा नियमों से अवगत कराया व उन नियमों का पालन करने के लिए हाथ जोड़कर विनती भी की।

उन्हें जब लगा कि देशवासी पूर्णतः स्थिति समझ चुके हैं, संकट की घड़ी से लड़ने में सक्षम हैं, तब  unlock कर  दिया।

क्योंकि lockdown से अर्थव्यवस्था भी चरमरा रही थी।

अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कुछ योजनाओं को पारित करना भी प्रारंभ कर दिया है।

अब अगर corona cases बढ़ रहें हैं तो उसमें दोष मोदी जी का नहीं, हमारा है‌।

हमारी लापरवाही, हमारी नज़र-अंदाजी के कारण देश में corona cases बढ़ रहें हैं।

हमारी सुरक्षा, हमारे देश की सुरक्षा हमारे हाथ में है। तो स्वयं सुरक्षित रहिए और देश को भीतर से सुदृढ़ बनाएं।

अब बात करते हैं, देश की सरहद की।

तो उसी को सुदृढ़ करने के लिए, भारत की वायु सेना को सशक्त बनाने के लिए ही राफेल लाया गया है।

इस के आने से वायु सेना अत्याधिक सशक्त हो जाएगी, जिससे दुश्मन अपने दुश्कृत्य करने की हिम्मत नहीं कर सकेंगे।

हमारे देश भारत की बागडोर बहुत ही सक्षम हाथों में है, देश को सुदृढ़ बनाने में उनका साथ दीजिए।

देश में कोरोना को नियंत्रित कर के भीतर से सुदृढ़ हम बनाएं और सरहद को सैनानी।

तब भारत को number 1 बनने से कोई नहीं रोक सकता है।

आइए राफेल के आगमन पर, गर्व करें भारत की एक और जीत पर और जश्न मनाएं भारत के सुदृढ़ होने पर।

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

Tuesday, 28 July 2020

Kids' Stories ( Advay the hero series- Green friends)


Advay the Hero - Green Friends
 

बहुत दिनों से corona के कारण कहीं बाहर ना निकल पाने से सारे बच्चे परेशान हो गए थे।

सब्र का बांध अब Advay का भी टूटने लगा था।

कितने दिनों से वो सब आपस में नहीं मिले थे, बहुत दिन बीत गए थे उन्हें आपस में मस्ती किए हुए।

अकेले-अकेले, खेल कर वो थक चुके थे और बहुत बोर भी हो चुके थे।

School की online classes की देखा देखी, उन्होंने online मस्ती भी शुरू कर दी थी।

पर साथ में खेलने वाले बच्चों को virtually कब तक मज़ा आता?

तो वो उसमें भी बोर हो गए।

अब उन्हें कुछ नया चाहिए था, जिसे करने के लिए उन्हें बाहर ना जाना पड़े, क्योंकि कोई भी parents इसकी permission नहीं दे रहे थे।

तो वो नया ऐसा चाहिए था, जो घर में ही कर लें, पर उसमें रोज नया surprise हो, जो बच्चों को बांधे भी रखे।

उन्हीं दिनों Advay के school में Sow Good की classes start हो गई।

उसमें Advay को हर रोज नया और surprising element मिल रहा था, तो उसे बहुत मज़ा आ रहा था।

उसने सोचा apartment में भी सारे friends को बता देता हूँ, तो सबको मज़ा आएगा।

उसने सारे friends को call किया, कि मैंने कुछ new friends से friendship की है।

सब उनसे friendship कर लें तो वो सबके घर आ जाएंगे। और parents उन्हें आने से मना नहीं करेंगे, बल्कि सब उन्हें प्यार करेंगे।

और वो हमें corona से बचाने में भी माहिर हैं।

सारे बच्चे surprise हो गये, कौन हैं ऐसे वो?

सब नाम पूछने लगे।

Advay बोला, मेरे Green friends.

Green friends, यह क्या है... ? 

कोई जादू है क्या.....?

हाँ, जादू ही तो हैं वो, हमारे साथ रहेंगे, हर रोज़ नए-नए रूप में आएंगे। हमें corona से बचाएंगे, साथ ही हम उन्हें खा भी सकते हैं।

सुनकर सारे बच्चे बहुत खुश हुए और कहने लगे, हमें भी उनसे दोस्ती करनी है।

Advay ने उन्हें micro-greens  को लगाने का सारा method बता दिया।



सारे friends के घरों में आसानी से मिलने वाले, चना, मेथी, मूंग, धनिया के छोटे छोटे-छोटे पौधे लहलहाने लगे।

सारे बच्चों को रोज़ कुछ नया देखने और करने को मिल रहा था।

Advay ने सारे friends को बोला, हम लोग हर 4 days बाद अपने green friends की pic share करेंगे और हर week online में मिलकर अपना experience share करेंगे।

सारे बच्चों ने ऐसा करना शुरू कर दिया, अब सबके पास बताने को बहुत कुछ था, साथ ही हर समय उनके साथ उनके Green-friends भी थे।



एक बार फिर से पूरे apartment के बच्चों में खुशी की लहर दौड़ गई।

एक बार फिर बच्चों ने corona को अपनी खुशी छीनने से रोक दिया था।