Friday, 31 July 2020

Stories of Life : दिल का रिश्ता (भाग -2 )

दिल का रिश्ता (भाग -1) के आगे पढ़ें..... 
 
दिल का रिश्ता (भाग -2 )

उसने चारों तरफ देखा, पर वहाँ दूर दूर तक कोई नहीं था।

पर वो आगे भी नहीं बढ़ पा रहा था। ना जाने क्या वजह थी?

कुछ देर तक इसी उहापोह में रहा, फिर वो वापस station लौट आया।

पर station में बहुत देर तक कोई गाड़ी नहीं जानी थी।

राहुल को समझ नहीं आ रहा था, वो कहाँ जाए?

वो फिर उस ओर पलट गया, जहाँ रीना रहती थी।

वहाँ पहुंच कर वो घंटों खड़ा, बहते पानी को देख रहा था।

तभी उसे लगा जैसे वो लहरें उसे एक ओर लिए जा रहीं हैं। उसने अपने शरीर को एकदम ढीला छोड़ दिया।

आधे घंटे पानी में तैरने के बाद वो एक निर्जन सी जगह पहुंच गया।

वहाँ ना पानी था, ना कोई इंसान।

तभी एक तेज हवा का झोंका आया और साथ ही कुछ घुटी हुई सी आवाज़। 

राहुल उस ओर ही चल दिया, उसके दिल में कुछ पा जाने सी कशिश थी।

जब वो वहाँ पहुंचा, तो उसने देखा, वो रीना थी, शायद रीना का प्यार ही राहुल को खींच रहा था, और वो ही राहुल को लहरों में समा जाने से रोक रहा था। पर रीना एकदम निश्चेत पड़ी थी, फिर वो आवाज़ किस की थी?

यह सोचता हुआ राहुल, रीना को उठाकर बेतहाशा दौड़ने लगा, क्योंकि रीना की चंद सांसें ही बची लग रही थी, वो रीना को खोना नहीं चाहता था।

जैसे-तैसे वो रीना को लेकर station पहुंचा, वहाँ उसे first aid दिलवाई और जरुरत की tablets लीं।

अभी train भी खड़ी मिली। वो जल्द से जल्द अपने शहर लौटना चाहता था।

अपने शहर पहुंचते ही वो रीना को लेकर स्टेशन से ही उस hospital में पहुंचा, जहाँ रीना job करती थी।

रीना का तुरन्त treatment start हो गया।

रीना की दोस्त रिया, राहुल से आकर बोली, रीना pregnant है।

राहुल यह सुनकर समझ नहीं पाया कि वो कैसे खुश हो? क्योंकि रीना की हालत गंभीर बनी हुई थी।

रिया बोली, राहुल तुम्हारा और रीना का रिश्ता इतना गहरा है कि उसने ना केवल रीना, बल्कि तुम्हारे बच्चे को भी बचा लिया है।

रीना को अभी कुछ महीने hospital में ही गुजारने होंगे, पर हम दोनों को सुरक्षित रखने की पूरी कोशिश करेंगे।

एक महीने hospital में बीते, फिर राहुल ने घर में ही सारी facilities arrange कर लीं।

वो रीना को घर ले आया, और जी जान से उसी में लगा रहता। 

रीना पूरी तरह से ठीक हो गयी।

फिर वो दिन भी आ गया, जब उनके प्यारी सी बेटी ने जन्म लिया।



रिया ने दोनों को बधाई दी और कहा, रीना तुम्हारे प्यार ने तुम्हें बचा लिया।

राहुल और रीना, दोनों एक साथ बोले, हमारी बेटी ने हमें बचाया है। राहुल समझ चुका था, वो आवाज़ जो उसे अपनी तरफ खींच रही थी, वो रीना की नहीं उसकी बेटी की थी। 

राहुल और रीना ने बहुत प्यार से उसका
नाम परी रखा।

आखिर उस नन्ही सी परी ने ही अपनी माँ को जिंदा रखा था, और अपने पिता को अपनी माँ के पास लाया था।

उनके दिल के रिश्ते को अटूट रखा था।

Thursday, 30 July 2020

Stories of Life : दिल का रिश्ता

दिल का रिश्ता

रीना और राहुल में बहुत प्यार था, शादी के पांच साल बीत जाने पर भी, दोनों एक-दूसरे में इस कदर खोए रहते थे, कि उनको तो छोड़िए, पूरी दुनिया को यही लगता था, दोनों newly married हैं।

राहुल software developer था और रीना doctor.
इस बार असम में बाढ़ आने पर रीना को वहाँ भेजने के order आ गये।

रीना और राहुल दोनों ने बहुत कोशिश की, पर order cancel नहीं हुआ।

मन मारकर रीना एक हफ्ते के लिए असम चली गई।

राहुल, रीना के train में बैठने के दो घण्टे बाद से उसको हर घंटे फोन करने लगा था।

दोनों ने रात एक-दूसरे से बात करते हुए ही निकाली।

पर वहाँ पहुंच कर हर घंटे बात करना संभव नहीं था।

तो रीना ने राहुल से बोला, मैं time निकाल कर तुम से 4 से 5 घंटे में बात कर लूंगी।

राहुल के लिए बहुत मुश्किल था, पर वो मान गया।

रीना को गये, दो दिन ही हुए थे पर राहुल को बहुत बेचैनी होने लगी थी।

आज तो वैसे भी सुबह से शाम हो गई थी, पर रीना का एक भी फोन नहीं आया था।

और जब भी राहुल फ़ोन मिला रहा था, phone unreachable जा रहा था।

राहुल से रहा नहीं गया और उसने आनन-फानन में असम जाने का plan कर लिया।

राहुल train में तो बैठ गया था,  पर आज उसकी धड़कन बहुत बढ़ी हुई थी।

वो यह नहीं समझ पा रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है, वो रीना से दो दिन दूर रहा है, इसलिए, या

उससे मिलने जा रहा है इसलिए, या

कुछ बहुत बड़ी गड़बड़ हो गई है, इसलिए।


बहुत बेचैनी के साथ, उसने सफ़र पूरा किया।

जब वो उस जगह पहुंचा, जहाँ रीना रुकी हुई थी, वहाँ सिवाय बहुत अधिक पानी के कुछ नहीं था।

यह देखकर उसका दिल धक से रह गया। उसने रीना को यहाँ आने से बहुत रोकने की कोशिश की थी, पर वो नाकामयाब हो गया था, रीना भी नहीं आना चाहती थी पर वो कुछ नहीं कर सकी थी।

आज राहुल की जिंदगी खत्म हो गई थी, वो भी इन्हीं लहरों में समा जाना चाहता था।

वो लहरों की ओर आगे बढ़ने लगा, पर तभी उसे लगा जैसे किसी ने उसे कस कर पकड़ लिया हो, जिससे वो आगे नहीं बढ़ पाया।

Wednesday, 29 July 2020

Article : Rafale - The safety

Rafale - The safety

हमें जिसका कितने दिनों से इंतज़ार था, आज वो शुभ मुहूर्त आ गया है।

राफेल का भारत में आगमन।



पर बहुत से ऐसे लोग भी हैं, जो इस विशेष आयोजन को पूर्णतया निरर्थक घोषित कर रहे हैं।

उनका कहना है कि, देश कोरोना की महामारी से जूझ रहा है, ऐसे समय में मोदी जी को राफेल मंगाने की क्या सूझी?

आप की जानकारी के लिए बता दें, इसकी deal आज नहीं की गई है, बहुत दिनों पहले ही इस विषय में निर्णय लिए जा चुके थे।

हाँ वो कार्यान्वित अब हुई है। और यकीन मानिए, बहुत सही समय पर हुई है।

आज चीन जब दोहरी रणनीति चल रहा है, कि भारत देश को भीतर और सरहद दोनों से कमजोर कर दिया जाए।

तो उसका मुंह तोड़ जवाब है यह।

पहले lockdown कर जीवन सुरक्षा, फिर unlock कर अर्थव्यवस्था सुरक्षा, अब राफेल के आगमन से सरहद सुरक्षा।

यह है मोदी जी की पूर्ण व्यवस्था।

आप कहेंगे कि खाक, जीवन सुरक्षा!

जी बिल्कुल जीवन की सुरक्षा!  

मोदी जी ने, कोरोना के विषय में,  ज्ञात होते से ही lockdown कराया, हर कुछ दिन में देश के नाम संदेश देकर सुरक्षा नियमों से अवगत कराया व उन नियमों का पालन करने के लिए हाथ जोड़कर विनती भी की।

उन्हें जब लगा कि देशवासी पूर्णतः स्थिति समझ चुके हैं, संकट की घड़ी से लड़ने में सक्षम हैं, तब  unlock कर  दिया।

क्योंकि lockdown से अर्थव्यवस्था भी चरमरा रही थी।

अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कुछ योजनाओं को पारित करना भी प्रारंभ कर दिया है।

अब अगर corona cases बढ़ रहें हैं तो उसमें दोष मोदी जी का नहीं, हमारा है‌।

हमारी लापरवाही, हमारी नज़र-अंदाजी के कारण देश में corona cases बढ़ रहें हैं।

हमारी सुरक्षा, हमारे देश की सुरक्षा हमारे हाथ में है। तो स्वयं सुरक्षित रहिए और देश को भीतर से सुदृढ़ बनाएं।

अब बात करते हैं, देश की सरहद की।

तो उसी को सुदृढ़ करने के लिए, भारत की वायु सेना को सशक्त बनाने के लिए ही राफेल लाया गया है।

इस के आने से वायु सेना अत्याधिक सशक्त हो जाएगी, जिससे दुश्मन अपने दुश्कृत्य करने की हिम्मत नहीं कर सकेंगे।

हमारे देश भारत की बागडोर बहुत ही सक्षम हाथों में है, देश को सुदृढ़ बनाने में उनका साथ दीजिए।

देश में कोरोना को नियंत्रित कर के भीतर से सुदृढ़ हम बनाएं और सरहद को सैनानी।

तब भारत को number 1 बनने से कोई नहीं रोक सकता है।

आइए राफेल के आगमन पर, गर्व करें भारत की एक और जीत पर और जश्न मनाएं भारत के सुदृढ़ होने पर।

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳