Sunday, 5 June 2022

Tips : Easy ways to save environment

पर्यावरण रक्षा, जीवन सुरक्षा, आज कल इस slogan से कोई अंजान नहीं है।

पर्यावरण, अर्थात् environment, जो हमारे जीवन का आधार है, जिसके बिना जीवन असंभव है।

यह हम सब जानते हैं, पर हम में से कितने लोग हैं जो इसकी सुरक्षा के लिए कुछ भी प्रयास करते हों?

बहुत ही कम या शायद कोई नहीं...

इसका बहुत बड़ा कारण है, हमारी जीवन शैली। जिसमें सब कुछ ऐसे रच-बस गया है कि हमें ज्ञात ही नहीं होता है कि यह सब करते हुए हम गर्त में जा रहे हैं। 

AC, Car with AC, other vehicles, Plastic, Microwave, Heater, Geyser, etc.. का बेइंतहा use, कुछ comfort के लिए, कुछ ease के लिए, कुछ durability के लिए, कुछ instant हो जाए, किसी की habits पड़ गई है, कुछ cheap पड़ने के लिए, ऐसे ही बहुत से... कारण बहुत हैं, पर असर सिर्फ एक, पर्यावरण का नाश।

इसका एक और भी कारण है कि हमारी शिक्षा नीति में भी हमें पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा नहीं दी जाती थी। इसके कारण भी हमने कभी पर्यावरण रक्षा के महत्व को समझा ही नहीं। और उसे बर्बाद ही करते रहे।

पर आज छोटी-छोटी classes में science, social science, and some other classes, like environment protection etc... में बच्चों को पढ़ाया जा रहा है, उनके दिमाग में पर्यावरण रक्षा और उसकी importance को बैठाया जा रहा है। जो देखा जाए तो, अतिआवश्यक भी है।

तो जब इस विषय पर हम लिख रहे थे तो बेटे Advay Sahai ने कहा कि वो इस विषय पर लिखेगा।

तो चलिए देखते हैं, उसकी नज़र में क्या है पर्यावरण रक्षा। 

Easy ways to save environment

पर्यावरण एक ऐसी basic need है जिसे सही-सलामत रखना बहुत आवश्यक है। पर हम इंसान, ऐसा कर कहाँ रहे हैं?

पेड़ काटना, धुंआ फैलाना, single-use plastic इस्तेमाल करते रहना, आदि। ये उन कामों के कुछ examples हैं जो पर्यावरण और उसकी सुषमा को खत्म करते जा रहे हैं फिर भी हम सभी यह काम तो कर ही रहे हैं।

अब आप भी सोच रहे होंगे कि ऐसा क्या किया जाए जो पर्यावरण को भी नुकसान न पहुंचे और आसान भी हो।

तो चलिए, आज इसी topic पर थोड़ा सोच-विचार करते हैं।




1. Following the 3 Rs.

Reduce, reuse, recycle का पालन करना। सुनने में शायद थोड़ा मुश्किल लगे पर है बहुत आसान। जितनी कम से कम चीज़ें खरीदनी पड़े उतना कम खरीदिए, अर्थात वो ही खरीदें, जो अतिआवश्यक हो। एक सामान को बारंबार इस्तेमाल कीजिए। जो चीजें recycle हो सकती हैं उन्हें recycling bin में डालें।


2. Segregating waste.

Bins को अलग-अलग तरह से segregate कीजिए जैसे wet waste और dry waste, biomedical waste और hazardous waste, recyclable waste और non-recyclable waste, आदि। अभी हम focus सबसे common pair पर, wet waste और dry waste पर करते हैं। 

Wet waste उस category का waste है जिसमें ऐसे waste आते हैं जिन्हें compost बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। आसान भाषा में कहें तो, ये एक तरह से kitchen waste होता है। Dry waste उस category का waste है जिसमें ऐसे waste आते हैं जिनका compost नहीं बन सकता। 


3. Avoiding single-use plastic.

Single-use plastic plates, cups, spoons, etc. इस्तेमाल करना ज़्यादा से ज़्यादा avoid कीजिए। अगर आप किसी भी चाट stalls और अन्य जगहों पर (जहाँ पर single-use plastic का use होता है) जाते हैं तो अपने साथ कुछ steel plates ले जाना एक अच्छा idea है। लौटकर आप इसे clean कर सकते हैं।


4. Planting trees.

पेड़ इंसानों के धरती पर रहने का कारण हैं। पेड़ नहीं, तो इंसान नहीं। वे हमें oxygen, food, water, shelter, furniture, stationery आदि देते हैं। इन्हें लगाना एक बहुत अच्छा और महत्वपूर्ण तरीका है जिससे हम पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं।


5. Choosing bicycle & walking instead of pollution-emitting vehicles.

Cars, motorcycles, scooters बहुत धुंआ फैलाने का काम करते हैं। इसी कारण पहले सी वह साफ़ हवा अब न रही। इनकी servicing भी करानी पड़ती है। Petrol के खर्चे को तो छोड़ ही दीजिए। इन सब मुश्किलों का समाधान है पैदल चलना या किसी bicycle का इस्तेमाल करना। ये हमारे सेहत के लिए भी लाभदायक होते हैं।

तो चलिए, करते हैं इन tips को follow, और लौटा देते हैं पर्यावरण को उसकी सुषमा।

पर्यावरण की रक्षा, जीवन सुरक्षा।। 

" दीपावली में पटाखे नहीं जलाना और होली में रंग नहीं खेलना... आदि"

किसी भी त्यौहार को बेरंग करना, पर्यावरण रक्षा नहीं है। तो सिर्फ त्यौहारों को बेरंग करके अपने आप को पर्यावरण संरक्षणवादी मत समझे, बल्कि जो सचमुच मैं पर्यावरण रक्षा के लिए उपयोगी घटक हैं, उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल कीजिए और पर्यावरण की सुरक्षा कीजिए...

अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं 💐🌳🌴🌿🌲☘️

Saturday, 4 June 2022

Story of Life : Blind date Part -2

Blind date (part -1) के आगे...


Blind date (part -2)


पर उन्होंने, अपनी दोस्त अंजू के बेटे प्रखर को जो कि पुलिस इंस्पेक्टर था, उसको सारी बात बता कर उसका ध्यान रखने को बोल दिया।

प्रखर बोला, आंटी आप बेफिक्र रहें, रीता का मैं ध्यान रखूंगा।

प्रखर दिखने में एकदम साधारण सा लगता था, इसलिए वो रीता को फूटी आंख नहीं सुहाता था, पर हेमा जी को प्रखर बचपन से ही बहुत पसंद था, क्योंकि प्रखर अपने नाम के अनुरूप पढ़ने में भी तेज़ था और सरल स्वभाव का भी था।

प्रखर ने अपने सबसे काबिल हवलदार से कहा कि वो सादे कपड़ों में रहकर रीता पर निगरानी रखे और कुछ भी गड़बड़ लगने पर तुरंत उसे फ़ोन करे।

रीता बहुत अच्छे से तैयार होकर रितेश से मिलने के लिए घर से निकल गई, और रितेश को उसके दोस्त राहुल ने कहा कि आज बहुत hot लड़की शीशे में उतरी है, मैं बस कैमरे के साथ blue moon hotel में तेरा इंतजार करुंगा। आज मुझे रीता की सारी अकड़ निकालनी है।

और हाँ, बस एक chance मिलेगा, ध्यान रखना कोई गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।

रीता से मिलते ही रितेश ने उसे कहा, गज़ब! तुम तो जैसी photo में दिखाई देती हो, उससे भी ज्यादा hot हो।

रीता अपनी तारीफ़ सुनकर, गदगद हो गयी।

रीता ने एक शरमाई सी नज़र से रितेश को देख, वो उसे देखते ही उस पर फ़िदा हो गई, उसे उसमें अपने सपनों का राजकुमार नज़र आ रहा था।

चलो आज हम दो प्रेमी, पूरी दुनिया घूम कर आते हैं।

प्रेमी!...

तो और क्या? एक हसीन लड़की और एक handsome लड़का जब एक दूसरे को बहुत पसंद करने लगें तो, वो प्रेमी ही तो हो जाते हैं।

रीता ने शरमा कर, हामी में सिर हिला दिया। 

रितेश ने अपनी चमकती हुई बड़ी सी कार में रीता को बैठाया और उसकी कार हवा से बातें करने लगी।

Hotel blue moon के आगे कार रुकी।

बहुत ही royal hotel देखकर रीता, खुशी से झूम उठी।

अंदर आकर, रितेश ने starter and cold drinks order किए।

इससे पहले की order आता, रितेश घुटने पर बैठ गया और रीता को दो gifts दे दिए। 

रीता से अपनी प्रसन्नता रोकी नहीं जा रही थी। उसने जल्दी-जल्दी दोनों gifts खोल दिए।

एक में iPhone और दूसरे में बड़ी सी solitaire ring, रीता उन्हें देखकर स्वप्न लोक में पहुंच गई।

वो ख़ुशी में झूमने लगी और रितेश को गले लगा कर बोली, रीता, रितेश की लच्छेदार बातों और उसके द्वारा किए गए कार्यों से उसके जाल में उलझती जा रही थी।

You are my Hero, I love you... 

मुझे बरसों से तुम्हारा इंतज़ार था। 

तभी starter and cold drinks आ गये।

दोनों starter and cold drinks enjoy करने लगे।

चंद पलों में ही रीता मदहोशी में झूमने लगी और जब तक वो कुछ समझती, बेहोश हो चुकी थी।

रितेश ने, राहुल को तुरंत फोन किया और रीता को कमरे में ले जाने लगा। इसी समय फूर्ति से हवलदार ने प्रखर को फोन कर दिया।

जब तक राहुल होटल के room तक कैमरा और बाकी सामान लेकर पहुंचा, प्रखर भी आ गया और तेजी से room की तरफ भागा...

इससेे पहले कि वो दोनों कुछ अनहोनी करते, प्रखर अपने पूरे दल के साथ वहाँ पहुंच गया और सब कुछ under control कर के room से बाहर चला गया।

एक female constable ने रीता को भी उठाया। वो भड़भड़ा गई, मैं यहाँ कैसे आई?

Madam, वो तो आप ही बताइए कि आप इस hotel में करने क्या आई थी?

मैं... मैं तो blind date पर आई थी, वो थोड़ा शर्मिंदा होते हुए बोली...

आप का वही blind date वाला Hero लाया था, आप को यहाँ...

और वो चमकती हुई कार, solitaire ring‌ और iPhone?

कार किराए की, solitaire ring नकली और फोन चोरी का था...

क्या...आह! मैंने इस सब पर विश्वास कैसे कर लिया?

Madam, अजनबी लोगों पर विश्वास तो करना चाहिए, पर इतनी जल्दी भी नहीं।

आज अगर आप की माँ और सर आपकी जिंदगी में नहीं होते तो शायद आप खुद को जीने लायक भी नहीं समझती। 

कहाँ हैं, सब लोग? 

बाहर और आपकी माँ घर पर।

रीता, अपने को संभाल कर बाहर आई तो उसने देखा कि, राहुल और रितेश दोनों गिरफ्तार हो चुके थे।

राहुल, तुमने कैसे खंजर चुभाया, मेरी दोस्ती पर? 

दोस्ती! तुम जैसी hot and attitude वाली लड़की से कोई दोस्ती नहीं करता है, सिर्फ use करता है, इसके साथ ही राहुल और रितेश जो़र-जो़र से अट्टहास करने लगे।

मैं कैसी मूर्ख थी, जो तुम लोगों के जलील जाल में फंस गई। मेरी मां ने कहा था, तुम जैसे लोगो से दूर रहूं। Social media पर उतनी ही active रहूं, जिससे मेरा फायदा हो।

उसके बाद वो, उस तरफ गई, जहांँ इंस्पेक्टर था। प्रखर को अपने सामने देखकर, रीता की आंखों में नमी आ गई। बोली, मैंने हमेशा तुम्हारा मज़ाक उड़ाया था, फिर भी तुम मुझे बचाने आ गये? बहुत बहुत आभार।

मुझे Aunty ने कहा था, और मैं कभी उनकी बात नहीं टालता हूँ। मुझे नहीं, जाकर Aunty को अपना आभार व्यक्त करो।

थोड़ी देर बाद रीता, अपने घर में थी। वो दौड़ती हुई अपनी माँ के पास आयी और उनसे चिपक कर घंटों रोती रही और माफी मांगती रही।

माँ ने कहा, बेटा माँ-बाप ज़्यादा अनुभवी होते हैं, उनकी बातों पर ध्यान देना चाहिए। कभी भी किसी अजनबी पर इतना ऐतबार मत करो कि उसके साथ blind date पर चली जाओ।

जब रीता चुप हो गई तो, हेमा जी बोलीं, बेटा मेरा, अनुभव और दूरदर्शिता ने केवल चेतना का काम किया था। पर तुझे सुरक्षित रखने में प्रखर की सोच, समझ और सूझबूझ शामिल है।

उसने उन गुंडों को रंगे हाथों पकड़ कर, ना केवल तुम्हारी आंखें खोली है, बल्कि बहुत सी लड़कियों को इस जलील जाल से बचाया है।

क्या, मैं तेरी शादी, प्रखर से कर सकती हूँ?

रीता को समझ आ गया था कि रंग रूप नहीं, अच्छे संस्कार और सही सोच ही इंसान को सफल और सुखी बनाते हैं। और वो दोनों प्रखर में थी।

उसने धीरे से सिर हिलाकर माँ को हामी भरी और अपने कमरे में भाग गई।

हेमा ने जब अपने मन की बात और रीता की हामी की बात, अंजू को बताई तो वो भी खुश हो गई। उन्होंने कहा कि प्रखर से भी पूछ कर विवाह की date जल्दी fix कर देंगे।

प्रखर को जब सारी बातें पता चली तो उसके होंठों पर मीठी मुस्कान आ गई। 

यह देखकर अंजू जी बोलीं, मैं आज ही हेमा के साथ मिलकर शादी की date fix करती हूँ।

Friday, 3 June 2022

Story of Life : Blind date

Blind date



रीता ऐसी बला की खूबसूरत थी कि कोई उसे एक नज़र देख भर ले और दीवाना हो जाता था। फिर उसका dressing sense भी बहुत bold था, हजारों दीवाने थे उसके। और यह सब उसे बहुत पसंद था।

रीता की माँ हेमा जी चाहती थीं कि रीता अपनी पढ़ाई-लिखाई अच्छे से करे और सफल भविष्य चुने, पर रीता आज के ज़माने की लड़की थी, Facebook, Instagram, Twitter, बस यही सब उसकी ज़िंदगी थी। 

वो social media पर भी अपनी बहुत bold pics डालती थी, जिसमें हज़ारों likes and comments मिलते थे।

इस बात का रोब वो हमेशा, अपने दोस्तों पर जमाती।  

ऐसे ही सुनहरे दिन गुज़र रहे थे रीता के। रीता के male friends की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी।

पर रीता किसी को भी ज्यादा भाव नहीं देती थी, बल्कि सबको नीचा दिखाने में लगी रहती है। 

एक दिन रीता का social media का दोस्त राहुल बोला, मैं तुम्हें आज अपने एक दोस्त रितेश की फ़ोटो दिखाता हूँ, वो बहुत ही smart लगता है और well-settled है, उसका Bombay में बहुत बड़ा diamond का business भी है।

रितेश की फ़ोटो देखकर, दो मिनट के लिए रीता की घड़कन तेज़ हो गई। रितेश सचमुच किसी Hero से कम नहीं था, फिर well-settled और Bombay में भी।

रीता की आंखों में चमक देखकर राहुल बोला, तुम जानती हो, वो तुम्हारे शहर कानपुर में ही आया हुआ है, उसे तुम बहुत अच्छी लगी हो, क्या तुम उससे मिलना चाहोगी?

रीता बोली, नहीं मेरी माँ अनजान लोगों से मिलने नहीं जाने देती हैं।

राहुल ने कहा, सोच लो तुम्हारी किस्मत दस्तक दे रही है, रितेश बहुत selective है, जल्दी किसी लड़की से मिलता नहीं है, पर तुम उसे कुछ ज्यादा ही पसंद आ गई हो।

मेरी मां को यह पसंद नहीं है, social media पर active रहने में भी गुस्सा होती हैं, दिन भर पढ़ने को बोलती हैं। फिर किसी अजनबी से...!

अरे यार, अजनबी कहाँ हैं? पिछले एक हफ्ते से हम friends हैं और वो मेरा best friend है, और तुम कहती हो अनजान हैं!

नहीं माँ नहीं मानेंगीं, तुम समझा करो, बड़े पुराने ख्यालात की हैं।

अरे यार तो, एक काम करो, मैं उसके साथ MBA की coaching के कुछ notes दें दूंगा। तुम अपनी माँ से कहकर आना कि अपनी दोस्त से notes लेने जा रही हो।

तुम आओगी तो वो तुम्हें diamond ring gift करेगा, hotel में ले जाएगा, खूब सारी मस्ती करोगे तुम लोग...

इतना smart लड़का, Diamond ring, hotel में dinner और मस्ती की बात सुनकर रीता सोचने लगी,  मैं अपनी outing  की pics, सारे friends को दिखाकर खूब जलाऊंगी, उसने अपनी माँ से झूठ भी बोल दिया। और राहुल को बता दिया कि आज शाम वो मिलने आ रही है।

पर हेमा जी को शक हो गया कि ज़रुर कुछ गड़बड़ है, क्योंकि रीता तो कभी पढ़ाई का नाम ही नहीं लेती है, फिर notes... यह तो हो ही नहीं सकता...

हेमा जी ने रीता को मना नहीं किया, उसे भेज दिया, पर साथ ही उन्होंने...

आगे पढ़े, Blind date (Part -2) में ...