Monday, 26 February 2024

Article: आया एक चोर

आया एक चोर


आज कल 'Justh' का एक गाना बहुत तेजी से वायरल हो रहा है

'कल रात, आया, मेरे घर एक चोर...'

पर सोचने वाली बात यह है कि ऐसा क्या है, इस गाने में, जो सबको इतना attract कर रहा है?

अगर आप सुनेंगे तो आपको पता चलेगा कि, कारण है सिर्फ एक, इसकी simplicity...

Music बहुत ही calm and soothing है, जो मन की गहराइयों में उतर जाता है।

जिसने गीत गाया है, उसने इतनी सरलता से इसे गाया है कि कोई भी इसे गा सकता है और आवाज़ भी ऐसी कि जिसे सुनकर हर किसी को लग रहा है, कि ऐसा तो वो भी गा सकता है।

पर सबसे ज्यादा खिंचाव, जिससे महसूस हो रहा है, वो है इसके बोल...

हर एक की जिंदगी से जुड़े हुए हैं बोल... 

आज की generation, पहले के जैसी महत्वकांक्षा के पीछे पागल नहीं रह गई है, बल्कि वो समझने लगी, जिंदगी क्या है? 

जिंदगी का मतलब केवल नाम, काम, जीत, हार, जात, औकात, हालात, जख्म, राज़, आदि नहीं है। वो इन से आज़ाद होकर, उस मुकाम को पाना चाहते हैं, जिसके लिए मानव जीवन हुआ है।  

इन सब की आवश्यकता है, पर इसके लिए उतना ही परेशान हों, जितनी जरूरत है और उन जरूरतों को अपनी हद में रहने दें, अपने ऊपर हावी कर के उसे अंतहीन नहीं बनाएं। 

क्योंकि इसके पीछे भागते रहने से हम जीवन के खूबसूरत लम्हों को खो देते हैं। 

हमें जीना है अपनों के लिए, अपने सपनों के लिए, ऊंचे आसमान को छूने के लिए, समुद्र की गहराइयों में डूबने के लिए, तितली सा उड़ने के लिए, अपने इतिहास से जुड़ने के लिए, फूलों की तरह महकने के लिए, चिडियों की तरह चहकने के लिए, बच्चों की किलकारियों के लिए... 

चलिए जीते हैं, एक सरल जीवन, जिसमें हमारे साथ, दूसरों की खुशियां भी शामिल हों...

पर इसके लिए जो सबसे ज्यादा जरूरी है, वो है अहंकार का त्याग.. 

एक छोटी सी कहानी, जो हमने बहुत पहले‌ share की थी, उसे पढ़िएगा जरूर, कुछ ऐसी है कि सच मानिए, आपके दिल को छू जाएगी 👇🏻

क्या करूँ अर्पण??

Saturday, 24 February 2024

Article : समस्या का सरल उपाय

समस्या का सरल उपाय 



कल आपको premium trains में मिलने वाले meal के विषय में  Ticket without meal article share किया था।

आज एक बात share कर रहे हैं, जो शताब्दी train में ही हुई थी, जिसने हमें एक सीख दी थी, और वो बात है, एक लड़की की...

उस लड़की के मम्मी-पापा उसे बिठाकर जाते time उससे पूछ रहे थे कि बेटा जी, अपना ध्यान ठीक से रख तो लोगी ना? 

वो बोली, हां मां, आप परेशान मत होइए, मैं ठीक से जाऊंगी।

ध्यान नाल जाना बेटा जी, ऐसा कहकर वो लोग उतर गये।

Train ने अपनी रफ़्तार पकड़ ली। जब supper serve हो रहा था तो लड़की ने बोला कि वो भी coffee and snacks लेगी। 

उन्होंने उसे भी serve कर दिया, लड़की ने रुपए पूछे नहीं और उन लोगों ने बताए भी नहीं...

Dinner and icecream के time भी उन लोगों ने लड़की से serve करने के लिए पूछा, पर उसने मना कर दिया... 

जब सब serve हो चुका था तो उस लड़की से उन्होंने 250 रुपए मांगे...

लड़की सकते में आ गई, क्योंकि उसने सोचा था कि 50 या 100 रुपए लगेंगे... ऐसा हमें इसलिए पता है, क्योंकि वो हमारे ठीक पीछे बैठी थी और वो फोन पर किसी को बोल रही थी कि उसने coffee and snacks लिए हैं, जिसकी कीमत ₹50 से ₹100 तक होगी। 

खैर पहले तो उसने पूछा नहीं था और अब वो सब कुछ खा भी चुकी थी। तो रुपए तो उसे उतने ही देने पड़ते, जो वो बोल रहा था। 

लेकिन रुकिए थोड़ा, यहां कहानी थोड़ी अलग थी... लड़की ने बोला कि आप ऐसे-कैसे इतना ज़्यादा रुपए बता सकते हैं। Serving करने वाले ने तुरंत, supper, dinner and icecream का breakup बता दिया, जिसके अनुसार ₹250 ही बन रहे थे। 

लड़की ने ₹500 दिए और कहा कि आप bill के साथ मेरे बचे हुए पैसे वापस लेकर आइएगा। 

आप जो पैसे बोल रहे हैं, मुझे वो लिखित में चाहिए या आप ऐसा कोई record दिखा दीजियेगा, जिसमें यह breakup लिखा हो, जो आप बता रहे थे। मैं उसकी picture खींचूंगी। 

मैं बहुत ज्यादा इन trains में सफ़र करती हूं तो मुझे पता है कि कितना पैसा लगता है।

Serving वाला भी चढ़कर बोलने लगा कि मैं कब मना कर रहा हूं कि आप सफ़र नहीं करती हैं, पर जो है मैं वही बोल रहा हूं, आपको यही देना होगा। सारे लोग लड़की की बेवकूफी के लिए उसके ऊपर मंद-मंद हंस रहे थे, कि पहले तो पूछा नहीं, बड़ी रईस समझ रही थी अपने को, अब दो, जो मांग रहा है...

लोगों के मौन मगर स्पष्ट भाव उस लड़की और serving वाले को भी समझ आ रहे थे। लोगों के हंसने से serving वाले के हौसले और बुलंद हो गये। 

वो जाने लगा तो लड़की ने फिर से confidently कहा कि आप बिल के साथ पैसे वापस कीजिए।

वो कड़क कर बोला, लाता हूं अभी, और वो चला गया वहां, जहां उसके और साथी थे। वो उनसे विचार-विमर्श करने लगा।

थोड़ी देर बाद वो फिर से अपने serving के काम में लग गया। हमने गौर किया, कि वो आने-जाने में लड़की से आंखें चुरा रहा था।

उस लड़की के साथ अब हमें भी इंतजार था कि क्या होगा? क्या वो उस लड़की का confidence था या overconfidence?

थोड़ी देर बाद एक दूसरा आदमी उस लड़की के पास आया और कहा, "अगर आप से मेरे साथी ने कुछ ग़लत व्यवहार किया है, तो मैं माफ़ी चाहता हूं।"

लड़की बोली, आप क्यों आएं हैं? वही क्यों नहीं आया जो मुझ से बात कर रहा था? आप बिल के साथ ही पैसा लौटाएं। 

मैं इस train से बहुत ज्यादा आती जाती हूं, मुझे बहुत अच्छे से पता है कि कितना पैसा लगता है।

उसने भी उसी composition में bill का breakup बता दिया। 

लड़की बोली, आप भी वही बोल रहे हैं, जो वो बोल रहा था, बस अंतर इतना ही है कि वो बहुत तरेरते हुए मुझे बिल देने की बात बोल कर गया था। 

अब आप बिल लेकर आएं या उचित पैसा लीजिए। वरना मुझे आप लोगों की complain करने में time नहीं लगेगा। लड़की का confidence चरम सीमा पर था...

वो बोला, ठीक है, तो आप को जो ठीक लगे, वो दे दीजिए और बात खत्म कीजिए।

लड़की बोली, मुझे नहीं बताना, आपको जो उचित लगता है, उतना काटकर बाकी पैसे मुझे वापस कीजिए।

उसने कहा, ठीक है तो मैं ₹80 काटकर आपको बाकी पैसे लौटा रहा हूं। यह कहकर वो लड़की को ₹420 देकर चला गया। 

थोड़ी देर में train का final destination-Delhi आ गया था और सभी उतर गये।

इस घटना ने सिखाया कि हम बच्चों को छोटा और नासमझ समझते हैं, जबकि आज की generation बहुत समझदार, confident and smart है, उसे situation को handle करना आता है। फिर वो चाहे लड़का हो या लड़की...

दूसरा अगर आप सही हो तो, पूरे confidence से अपनी बात कहें, फिर चाहे पूरी दुनिया आपके विपरीत हो, situation चाहे कितनी difficult हो, आप अकेले हों, फिर भी आपकी सच्चाई और confidence आपको ही जीत दिलाएगा।

तीसरी और सबसे important बात, कि system को समझने की कोशिश करें, अगर आप knowledgeable होंगे तो अपनी बात को ज्यादा proper तरीके से रख सकेंगे। 

अब last but not the least, कभी भी अपना temper loose मत कीजिए। गुस्सा बनते हुए काम को भी बिगाड़ देता है और शांत चित्त से बात करने से बात हमेशा बनती है, बिगड़ती नहीं है...

आज का यह article, आपके लिए मददगार साबित हो, इसी कामना से... 

धन्यवाद 🙏🏻

Friday, 23 February 2024

Article: Ticket without meal

Ticket without meal 



आज के article का topic पढ़कर आप सोच रहे होंगे कि, इस बात का क्या मतलब है? 

पर है, मतलब है इसका, बस आपने शायद ध्यान नहीं दिया होगा...

जितनी भी premium trains हैं, जैसे राजधानी, शताब्दी etc. इन trains में टिकट के साथ खाना भी included होता है। 

यही पता है ना आपको?

हमें भी यही पता था, ना जाने कितने बार तो इन premium trains में सफ़र किया है। 

लेकिन जब इस बार शताब्दी train से जाना हुआ तो बहुत सी बातें पता चली, तो सोचा आप से भी share की जाए।

हां, तो जो देखने को मिला, वो थोड़ा अटपटा सा लगा कि उसमें sleeper bogie की तरह बहुत सारे vendors बहुत तरह की चीजों को बेच रहे थे। जिनका rate, actual amount से ज्यादा था। और सामान तो क्या था, जो नहीं मिल रहा हो, soup, chips, snacks items, cold drink, ice cream etc...सब ही कुछ था। 

Rate ज्यादा होने से problem कम थी पर ज्यादा इस बात से थी कि जब यहां भी इतने vendor रहेंगे तो safety का क्या? क्योंकि इन trains से जाने का एक बड़ा कारण तो safety भी है।

चलिए अब जिस दूसरी बात पर गौर किया था, वो यह थी कि वहां कुछ लोगों को supper and dinner etc. serve नहीं किया जा रहा था, पर उसका कारण समझ नहीं आ रहा था...

जब साथ में बैठी family के साथ ऐसा हुआ तो उनसे कारण पूछा, तो पता चला, कि उन्होंने without meal वाला टिकट book किया था। जिसके कारण उनको serving नहीं की जा रही थी।

हमने उनसे पूछा कि ऐसा कब से हुआ? क्योंकि पहले तो meal लेना mandatory था। वो बोले यह after corona, effect है।

Actually, corona period और उसके बाद भी लोगों ने खाना को लेकर, precautions लेना शुरू कर दिया है। जिसके चलते, train में serve होने वाली खाने-पीने की चीजों को avoid करने लगे हैं।अतः railway department ने यह decide किया कि ticket without meal भी रखी जाए। Means, option रखा जाए कि passenger को अगर meal नहीं चाहिए तो वो उस option के बिना भी टिकट ले सकता है। जो की थोड़ा सा सस्ता भी होगा। 

बातें जो गौर की थी वो और भी हैं और important भी इसलिए पूरा article अवश्य पढ़ियेगा। 

जिनका without meal ticket था, वो अपने accordingly कुछ भी जैसे, supper लिया और dinner नहीं, या supper नहीं लिया पर dinner ले लिया या सिर्फ icecream ले ली, etc... वो सब easily available था और खरीदने पर जो लिया था, बस उसके लिए पैसा दे रहे थे।

Means अगर आपने without meal वाला ticket, book किया है तो भी आपको अपनी need के according facility मिल सकती है। बस आपको उसी समय pay करना होगा। 

लेकिन आपको एक बात और बता दें कि अब menu की list से soup, soup sticks or dinner rolls को हटा दिया गया है।

अब देखिए कि और क्या कर रहे थे लोग..., इन premium trains के meal charges तो काफ़ी high शुरू से ही हैं, पर taste and quality धीरे-धीरे deteriorate होती जा रही है। 

आज कल लोग पहले की तरह घर का बना हुआ खाना लेकर चलना prefer नहीं करते हैं। ऐसे में कुछ लोगों ने famous eatery outlet जैसे Haldiram's, Bikanerwala etc. से dinner packet ले लिए थे। इससे उन्हें taste and quality से compromise नहीं करना पड़ रहा था, varities भी बहुत थी, साथ ही चलने से पहले खाना बनाने का काम भी नहीं करना पड़ रहा था। तो है ना बढ़िया option? 

कल के article में आपको एक घटना बताएंगे जो कि railway से ही जुड़ी है, और बहुत interesting है, साथ ही आपको कठिन समस्या को कैसे हल र सकते हैं, वो भी बताएगी... 

समस्या का सरल उपाय..

तो पढ़िएगा जरूर....