Sunday, 15 December 2024

Story of Life : मजबूर (भाग-6)

मजबूर (भाग-1) ,

मजबूर (भाग-2) ,

मजबूर (भाग-3) ,

मजबूर (भाग - 4)  व

मजबूर (भाग -5) के आगे..

मजबूर (भाग-6)



एक काम करो, तुम सब एक साथ रहो, मैं जल्दी से जल्दी रुपये-पैसों का इंतजाम करता हूं। फिर राजकुमार को वापिस ले आएंगे। 

मुकेश जी के लिए 50 करोड़ का arrangement करना, कोई बहुत कठिन काम नहीं था, हां amount बड़ा था, तो एक बार ठीक से मंथन करना जरूरी था। 

मुकेश जी एक घंटे में ही रुपयों से भरे हुए 2 बड़े-बड़े suitcases लेंआए।

उन रुपयों को देखकर वरुण के निश्चेष्ट शरीर में जैसे जान आ गई हो। खुशी से उसकी आंखें छलक आईं। उसने मुकेश जी को करोड़ों-करोड़ बार धन्यवाद दिया और कहा, आप मेरे लिए ईश्वर के फरिश्ते के समतुल्य हैं। आज मुझे मेरी जिंदगी वापस मिल जाएगी। वरुण रुपयों से भरे हुए suitcases लें गया। 

जब बहुत देर तक न वरुण और न राजकुमार लौटे और न कोई ख़बर मिली, यहां तक कि वरुण का फोन भी  out of reach जा रहा था। तो मुकेश जी का माथा ठनका, आखिर क्या वजह रही? कहीं वरुण, किसी problem में तो नहीं है? 

उन्होंने बहुत ही famous detective विराज को call और सारा केस समझाया। 

विराज ने घर आकर, सबसे पहले रमेश से पूछताछ की, कि आखिर उस दिन हुआ क्या था?

सब सुनकर, विराज को बड़ी हैरानी हुई, उसका दिमाग बहुत तेज़ी से चलने लगा... कि रमेश, राजकुमार से मात्र दस कदम की दूरी पर था, फिर भी राजकुमार को जब कोई kidnap कर रहा था, तो उस‌ समय बच्चे का शोर रमेश को सुनाई क्यों नहीं दिया?

साथ ही जब बच्चा, kidnap हो रहा था तो उस‌ समय आस-पास किसी को भी कुछ ग़लत हो रहा है, इसका एहसास क्यों नहीं हुआ। क्या बच्चे ने उस kidnapper के साथ जाने में कोई विरोध नहीं किया?...

ऐसा कैसे हो सकता है?... 

विराज ने, मुकेश जी से पूछा कि आप की बेटी और दामाद के आपसी relation कैसे हैं? 

जी... इस बात से क्या मतलब है आपका? अंकिता गुस्से से चिल्लाई...

बहुत गहरा मतलब है, आप बताइए मुझे, क्योंकि अब इस case को यही बात सुलझाएगी... साथ ही यह भी check कीजिए कि आप के पति और बेटे का passport घर पर है या नहीं? 

अंकिता बोली, मुझे नहीं पता कि वरुण का passport कहां रहता है और न मैं यह जानती हूं कि राजकुमार का passport बना है कि नहीं?...

विराज उससे पहले कुछ और पूछता या कहता, उससे पहले सविता जी ने उसे वापस जाने को कह दिया... 

आगे पढ़े मजबूर (भाग -7) में 

Saturday, 14 December 2024

Story of Life : मजबूर (भाग-5)

मजबूर (भाग-1) ,

मजबूर (भाग-2) ,

मजबूर (भाग-3)  व

मजबूर (भाग - 4)  के आगे 

मजबूर (भाग-5)



रमेश, राजकुमार के खो जाने से पहले से ही परेशान था, फिर वरुण के सवालों की झड़ी से अंदर तक कांप उठा। 

वो सोचने लगा, वरुण साहब जो इतना शांत रहते है, जब उसने सवालों की झड़ी लगा दी है।

तब अंकिता madam तो उसका क्या ही हाल करेंगी? 

और और... मुकेश साहब, और सविता मालकिन जिनका राजकुमार एकलौता और बेहद लाडला नाती है... वो तो उसे lockup में भेजने से बिल्कुल नहीं चूकेंगे...

रमेश को थर-थर कांपते और सोच में पड़े देखकर, वरुण ने उसे झकझोरा और फिर से राजकुमार के विषय में पूछा...

नहीं साहब, मुझे नहीं पता, राजकुमार बाबा कहां हैं? मैं तो पास के आइसक्रीम पार्लर से बाबा के‌ लिए आइसक्रीम लेने गया था। 

बस उतनी ही देर में बाबा, ग़ायब हो गए... यह कहते-कहते रमेश की आंखों से गंगा-जमुना बह निकली...

चलो, फिर घर... अब तो यह पुलिस केस है, वही निपटेगी तुम से...

नहीं साहब, पुलिस को मत देना, मैं बाबा को अपनी जान से भी ज्यादा प्यार करता था। न जाने कैसे हो गया?

रमेश और वरुण घर पहुंच गए और उन्होंने अंकिता और उसके पापा-मम्मी को राजकुमार के खो जाने की बात कही...

यूं तो अंकिता को राजकुमार से कोई बहुत लगाव नहीं था, पर उसके खो जाने से वो विह्वल हो गई और फूट-फूटकर रोने लगी...

जब तक मुकेश और सविता पहुंचे, तब तक में वरुण और अंकिता का रो-रो कर बुरा हाल हो चुका था।

राजकुमार को याद कर-कर के, वरुण तो दो-तीन बार बेहोश भी हो चुका था।

मुकेश जी को आया देखकर वो उनके पैरों पर गिर पड़ा, पापा मेरे बेटे को बचा लीजिए...

बचा लीजिए का मतलब..? क्या कुछ पता चला है उसका..? कौन उसे मारना चाहता है?

पापा, अभी-अभी kidnappers का फोन आया था, पूरे पचास करोड़ रुपए मांग रहे हैं।

आप तो जानते हैं कि मेरे पास आपकी बेटी से शादी करने के पश्चात् अब उतना नहीं रहता, फिर अभी business भी थोड़ा मंदा ही चल रहा है।

मैं कहां से लाऊंगा इतना..? 

बहुत मजबूर हो चला हूं, अपने जिगर के टुकड़े को बचाने के लिए कुछ नहीं कर पा रहा हूं..

अभी आप दे दीजिए, फिर मैं धीरे-धीरे सब लौटा दूंगा..

50 करोड़... दो मिनट के लिए, मुकेश जी भी सोच में पड़ गए...

पापा, आप क्या सोच रहे हैं? वैसे भी इस कंगले से मुझे कोई उम्मीद नहीं है। दे दीजिए 50 करोड़ रुपए और छुड़वा लीजिए, हम सब के कलेजे के टुकड़े को...

हां, मुकेश जी, हमारे कौन 10-15 नाती-पोते हैं? जो कुछ है, बस यही तो है। कुछ मत सोचिए, बस राजकुमार को बचा लीजिए।

वो नन्ही-सी जान, अभी चार साल का ही तो है, रो-रो कर परेशान हो गया होगा।

हम्म... मुकेश जी ने चुप्पी तोड़ी, हां सविता तुम ठीक कहती हो, वैसे भी जो कुछ है, वो अंकिता और राजकुमार का ही है...

एक काम करो, तुम सब एक साथ रहो, मैं जल्दी से जल्दी रुपये-पैसों का इंतजाम करता हूं। फिर राजकुमार को वापिस ले आएंगे। 

आगे पढ़ें, मजबूर (भाग-6) में

Friday, 13 December 2024

Article : The Gukesh or D Gukesh

कल फिर भारत का मान‌ बढ़ा, उसको विश्व विजयी बनने का सम्मान मिला... 

और इस सम्मान को दिलाया है भारत के एक युवा खिलाड़ी ने...

जी हां आपने बिल्कुल सही समझा है, हम शतरंज की ही बात कर रहे हैं... और वो युवा खिलाड़ी हैं 18 वर्षीय गुकेश डी... Chess में world champion बनने के साथ ही गुकेश ने‌ सबसे युवा विश्व चैंपियन बनने का इतिहास भी रचा है।

18 साल के गुकेश डी ने चीन के डिंग लिरेन को हराकर वर्ल्ड चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया।  

आइए जानते हैं कि कैसा रहा खेल और कौन है गुकेश डी...

The Gukesh or D Gukesh

2024 की chess का FIDE Candidates चल रहा था, जिसमें 8 top players खेल रहे थे। जिसमें भारत के दो युवा खिलाड़ी, Gukesh D और R. Praggnanadhaa भी शामिल थे।

खेल अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा था और अंत में गुकेश डी final opponent बने।

इस game के लिए दो खिलाड़ी थे, एक title defender Chinese player Ding Liren और दूसरा भारत का युवा खिलाड़ी Gukesh D...

Game में जिसके भी पहले 7.5 points बनते, वो विश्व विजयी बन जाता...

मुकाबला एकदम टक्कर का चल रहा था, कभी चीन का डिंग लिरेन जीतता, तो कभी भारत का खिलाड़ी गुकेश डी, तो कभी match draw हो जाता।

हर match निर्णायक था, हर पल चुनौती से भरा हुआ, कहीं कोई नहीं था जो यह पहले से भविष्यवाणी कर दे कि कौन जीतेगा...

भारतीय Grandmaster Gukesh D. ने गुरुवार को विश्व शतरंज चैंपियनशिप के 14वें और अंतिम दौर में चीन के डिंग लिरेन को हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। 

6.5 अंकों के साथ 14वें खेल की शुरुआत हुई थी। अंतिम मैच भी draw की तरफ बढ़ता दिख रहा था कि तभी डिंग की एक गलती उनके लिए भारी पड़ गई और गुकेश को जीत दिला गई। जीत के साथ गुकेश के 7.5 अंक हो गए, और उन्होंने यह मुकाबला 7.5-6-5 से जीत कर विश्व खिताब जीता। 12 साल के बाद किसी भारतीय ने इस खिताब को अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की है।

 

1) गुकेश ने रचा इतिहास :

गुकेश ने 18 साल 8 महीने 14 दिन की उम्र में यह खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। उन्होंने गैरी कास्पारोव का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 22 वर्ष 6 महीने 27 दिन की उम्र में खिताब जीता था। गुकेश से पहले भारत के विश्वनाथन आनंद (2000-2002 और 2007-2012) विश्व शतरंज चैंपियन रहे। गुकेश के लिए यह पूरा साल बहुत शानदार रहा है। इस साल वे कई और खिताब जीत चुके हैं, जिनमें Candidates 2024 tournament और शतरंज Olympiad शामिल है, जिसमें उन्होंने gold medal जीता था। 

गुकेश ने चीनी खिलाड़ी को 14वें game में हराकर यह title जीता। सिंगापुर में 25 नवंबर को championship का final game शुरू हुआ था, 11 दिसंबर तक दोनों के बीच 13 games खेले गए। Score यहां 6.5-6.5 से बराबर था। गुकेश ने कल 14वां game जीता और एक point की बढ़त लेकर स्कोर 7.5-6.5 कर दिया।


2) विश्वनाथन आनंद के बाद दूसरे भारतीय खिलाड़ी :

जैसा कि आप सभी जानते हैं, गुकेश chess के वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले भारत के दूसरे player है । 2012 तक विश्वनाथन आनंद chess champion बने रहे थे। गुकेश ने 17 साल की उम्र में FIDE candidates chess tournament भी जीता था। तब वह इस खिताब को जीतने वाले भी सबसे युवा player बन गए थे।  


3) पिछले कुछ सालों के world champion player :

हम यहां विश्व विजयी भारतीय शतरंज खिलाड़ी से ‌लेकर पुनः भारतीय खिलाड़ी के विजेता तक का सफ़र बता रहे हैं। 2007 से 2012 तक world championship पर भारतीय खिलाड़ी ‌ विश्वनाथन आनंद का दबदबा कायम था, उसके बाद नार्वे के मेगनस कार्लसन ने 2013 से 2022 तक उस पर अपना नाम लिख दिया। उसके बाद 2023 में चीन के खिलाड़ी डिंग लिरेन ने इस खिताब को जीता था। और अब यह खिताब, पुनः भारत की शान बन गया है, गुकेश डी के विजेता बनने के साथ...


4) 138 साल का इतिहास :

138 साल के इतिहास में पहली बार 2 एशियाई खिलाड़ी हुए आमने-सामने। International chess federation  (FIDE) के 138 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब एशिया के 2 खिलाड़ी world champion के खिताब के लिए आमने-सामने थे। चैंपियन बनने वाले गुकेश को, 11.45 करोड़ रुपए (1.35 मिलियन US dollar) मिलेंगे। 


5) कौन हैं डी गुकेश?

​​​​​गुकेश डी का पूरा नाम गुकेश डोम्माराजू है। वह चेन्नई के रहने वाले हैं। गुकेश का जन्म चेन्नई में 7 मई 2006 को हुआ था। उन्होंने 7 साल की उम्र में ही शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। उन्हें शुरू में भास्कर नागैया ने coaching दी थी।

नागैया International chess player रहे हैं और चेन्नई में chess के home tutor हैं। इसके बाद विश्वनाथन आनंद ने गुकेश को खेल की जानकारी देने के साथ coaching दी। गुकेश के पिता doctor हैं और मां microbiologist हैं। 

10 से 23 सितंबर को इसी साल Budapest में Chess Olympiad का आयोजन हुआ था। भारत open and women's दोनों category में champion बना था। Open category में गुकेश ने ही final game जीतकर भारत को जीत दिलाई थी। उन्हें open category में gold medal भी मिला था। 

भारत को विश्व विजयी बनाने के लिए गुकेश डी को हम सभी की तरफ से हार्दिक शुभकामनाएं, ईश्वर से कामना है कि भारत इसी तरह से वर्षों वर्ष विश्व विजयी बना रहे और सब ओर उसकी यश-कीर्ति विद्यमान रहे... 🙏🏻