Thursday, 24 May 2018

Kids Story : मेहनत का मोल

समस्या : बच्चों को मेहनत का मूल्य समझना

कहानी :  मेहनत का मोल

अंशुल अपने Mummy Papa के साथ Delhi में रहता था, हर गर्मी की छुट्टियों में वो लोग घूमने जाते थे।
Papa, इस बार, हम लोग कहाँ घूमने जाएंगे? नहीं बेटा, हम लोग इस बार, कहीं घूमने नहीं जाएंगे, मुझे और तुम्हारी Mummy को इस बार कुछ काम से गाँव जाना है, 1 से 1½ महीने लग जाएँगे, तुम्हें नानी के घर छोड़ देंगे।
पापा गाँव क्या होता है? मुझे भी वहीं चलना है। बेटा गाँव में तुम्हारे साथ कोई खेलने वाला नहीं होगा, वहाँ बिजली पानी भी  ठीक से नहीं आते हैं, वहाँ तुम्हें A.C. नहीं मिलेगा। Papa तब भी मैं चलूँगा। Mummy बोलीं, इतनी जिद्द कर रहा है, तो ले चलते हैं, इसका मन नहीं लगा तो इसके  मामा ले जाएंगे इसे
अंशुल पहली बार गाँव आया था, उसके Mummy Papa  तो काम में लग गए, और अंशुल को अपने खेत के कामगर, हरिया के पास छोड़ देते थे।
अंशुल एक दिन हरिया के साथ अपने खेत गया, उन लोगों के खेत में tubewell के पास एक बड़ा सा बरगद का पेड़ था, उसी से लगा एक कच्चा कमरा था, अंशुल को हरिया वहीं ले गया। कमरा बहुत ठंडा था, अंशुल ने घूम-घूम के देखा, पर उस कमरे में न तो A.C. लगा था, ना पंखा। उससे रहा ना गया, उसने पूछा चाचा इसका A.C. कहाँ है, वो बोले यहाँ A.C., पंखा कुछ नहीं है, एक तो कच्चा कमरा है, साथ ही tubewell और बरगद के पेड़ के कारण इतना ठंडा है।
चाचा आप कहाँ जा रहे हैं? बेटा मैं खेत जोतने जा रहा हूँ। खेत जोतना क्या होता है? खेत की कड़ी मिट्टी को मुलायम करना खेत जोतना होता है। इतनी धूप में चाचा? अरे बेटा, धूप-छाँव देखेंगे तो काम नहीं हो पाएगा। चाचा मैं भी चलूँ? नहीं बेटा, तुमसे नहीं होगा। पर अंशुल नहीं माना, चाचा थोड़ा सा ही कर लेने दो...
हरिया खेत जोतने लगा और बहुत ही छोटे हिस्से को अंशुल ने हरिया के साथ जोता, पर खेत की चिलचिलाती धूप ने उसे बुरी तरह से थका दिया और ज़मीन की कठोरता से उसके हाथों में छाले पड़ गए।
अगले दिन हरिया खेतों में बीज और पानी डालने गया, तो अंशुल भी अपने हिस्से में बी और पानी डालने गया।
अब तो रोज़ ही वो और हरिया खेत आते, क्योंकि ना तो Mummy Papa  के पास उसके लिए time था, ना वहाँ उसका कोई दोस्त था।
अंशुल वहीं कमरे में खेलता, कभी खेतों को निहारता, और साथ साथ में हरिया से रोज़ पूछता, पौधे कब निकलेंगे?
हरिया रोज़ कहता, बाबू निकल आएंगे, एक हफ़्ते बाद छोटे छोटे पौधे निकल आए,न्हें देख कर अंशुल बहुत खुश हुआ। रोज़ खेत में पानी डालना होता था।
दस दिन में पौधे कुछ बड़े हो गए थे, पर ये क्या? ना जाने और कौन-कौन से पौधे भी निकाल आए थे, चाचा, ये क्यों निकल आए? हमने तो इन्हें नहीं लगाया था?”
निकलते हैं, बेटा इन्हें हटाना पड़ता है, अंशुल ने पने हिस्से के जंगली पौधे निकाले, कुछ में कांटे भी थे, जो उसे चुभ गए। ऐसा डेढ़ महीने तक चला। Papa  mummy के सारे काम भी हो चुके थे। अंशुल के दिल्ली लौटेने का समय आ गया था।
उसने हरिया से पूछा, चाचा फसल कब कटेगी? वो बोले बेटा, अभी तो तीन महिना और लग जाएगा।
कई बार खाना अच्छा नहीं लग रहा है यह कह कर वो खाना छोड़ दिया करता था। पर आज उसे समझ आ गया था, कि उसे उगाने में कितनी मेहनत पड़ती है।
माँ पापा ने अंशुल से पूछा, कैसा लगा गाँव में?
अंशुल बोला Papa. farmer uncle कितनी मेहनत करते हैं, तब में खाना मिलता है, हाँ बेटा, फिर तुम्हारी mummy, भी उसे बहुत मेहनत और प्यार से बनाती हैं।
पापा, अब से मैं कभी खाना नहीं छोड़ूँगा। और अपने सारे दोस्तों को भी farmer uncle की मेहनत का मोल बताऊंगा।
Good बेटा, ऐसा सब सोच लें, तो देश में अन्न की कभी कमी नहीं रहेगी, कोई भूखा भी नहीं रहेगा। और देश भी खुशहाल रहेगा।

Wednesday, 23 May 2018

Story Of Life : प्यार तो प्यार है


                              प्यार तो प्यार है

रितेश DPS  में English का टीचर था, वो जितना अच्छा teacher था, इंसान भी उतना ही अच्छा था, पूरे school  में कोई भी problem में होता, सबको उसकी ही याद आती।
अलिया का nursery section में नया appointment  हुआ था,  दूध सा सफ़ेद रंग, उसका दूर से चमकता था, पर उसे इसका कभी कोई घमंड नही था, मस्त, चुलबुली, हर एक की problem को solve करने में आगे रहती थी
मीरा भी उसी school में maths  की teacher थी, अलिया और मीरा एक ही locality के थे, अलिया scooter से आती थी।
अलिया ने कई बार मीरा को auto  करते देखा था, तो उसने उसे अपने साथ scooter से चलने को बोल दिया, मीरा को तो मन मांगी मुराद मिल गयी थी, safety भी और साथ भी। धीरे-धीरे दोनों पक्की दोस्त बन गयीं।
आज मीरा को घर नहीं जाना था, तो छुट्टी के समय अलिया को bye कर के वो auto पकड़ने को मुड़ी ही थी, कि एक bike सामने से आ गयी, मीरा वहीं गिर गयी, उसके सिर से खून बह रहा था
अलिया को कुछ सूझ नही रहा था, कि वो मीरा की कैसे मदद करे, तभी वहाँ रितेश आ गया, बोला तुम्हारे पास scooter है ना? अलिया ने हाँ में सिर हिला दिया तो चलो, फिर मैं स्कूटर चलता हूँ, मीरा को बीच में बैठा दो, उसे पकड़ कर, तुम पीछे बैठ जाना, अलिया को उस समय वही ठीक लगा।  
मीरा को right time में hospital ले आ, डॉक्टर ने operation कर दिया, और one week के लिए मीरा को hospital में रखा गया।
दोनों ही नियम से आते रहे, दोनों का एक सा स्वभाव था तो, दोस्ती होते देर न लगी.
मीरा घर चली गयीपर रितेश और अलिया के मिलने का सिलसिला start हो गया था, अब तो स्कूल की canteen में रोज़ ही मिल लेते थे।
मीरा स्कूल आई, तो उसने अलिया को धन्यवाद दिया, पर अलिया तो बस रितेश के बारे में ही बताती रही, कि कैसे रितेश ने मीरा को hospital पंहुचाने में मदद करी, रोज़ hospital भी आता था।
अलिया के इस तरह रितेश के बारे में बताने से वो समझ गयी, कि अलिया को रितेश से प्यार हो गया है।
आज वो भी अलिया के साथ canteen गयी, हमेशा कि तरह रितेश भी आया हुआ था, उसकी आँखों में अलिया के लिए प्यार साफ दिख रहा था।
यह सब देखकर वो सहम गयी, उसने दोनों को evening में tea party के लिए बुलाया।
जब दोनों आए, तो उन्हे मीरा बहुत खोई खोई लगी। क्या बात है मीरा क्यों बुलाया है हमें?
ये तुम दोनों ने क्या कर दिया?........

आखिर ऐसा भी क्या कर दिया था, रितेश और अलिया ने, जिससे मीरा इतना सहम गयी।

जानने के लिए पढ़िये "प्यार तो प्यार है" का part -2  

Tuesday, 22 May 2018

Kiddo Delight : White Sauce Pasta

“Mumma, I wanna eat something delicious.”
Now, when the Summer Vacations has started, this demand may be heard by you many times. Kids are very choosy; fulfilling this demand of theirs many a times gets difficult. So, now onwards, my recipe section will change to Kiddo Delight.


White Sauce Pasta



Ingredients:

Macaroni or penne - 250 gm.

American sweet corn- 100 gm.

Butter - 1 tbsp

Flour (Maida) - 1 tbsp

Amul creamy cheese - 1 box 

Salt - according to taste

Milk - 100 ml. 

Oregano and chilli flakes - as per taste
Amul Creami Cheese Spread
  

Method:

Macaroni Boiling

Take water in a sauce pan, put sweet corn in it,  add ½ tbsp of salt & few drops of olive oil on it, and put it on flame
When, the water starts boiling, put macaroni into it & let it boil till it gets Al-dente.  Now, wash it with fresh water & keep it aside.

White Sauce preparation

Put  a wok on flame, take some butter, add flour & stir it. Turn off the gas before it becomes brown. Let it cool, for some time.
Pour some milk or water to this mixture and mix it vigorously, to make a smooth sauce, with no lumps. The white sauce is now ready.

White Sauce Pasta

Keep this sauce again onto the flame & add the macaroni (with sweet corns), salt & Amul creamy cheese to it. Mix it well & switch off the gas.
White Sauce Pasta  is now ready and can be served by garnishing it with chili flakes & herbs.

N.B.:

Macaroni should be boiled in salty water & become Al dente (just pre boiled- एक किनकि रहने तक).

Use Amul creamy cheese as it gives an authentic taste.