Monday, 31 January 2022

Article : बेरोज़गारी, किस की जिम्मेदारी

बेरोज़गारी, किस की जिम्मेदारी




मोदी हाय, हाय......

मुर्दाबाद, मुर्दाबाद, बीजेपी मुर्दाबाद......

बेरोज़गारी के मुद्दे को लेकर यही किया जा रहा है। जगह-जगह आगजनी, तोड़-फोड़... 

यही सब तो किया जाता है ना? अपनी उचित अनुचित मांगों को पूरा करने के लिए...

विपक्ष इस भड़कती आग में घी डालने के लिए, इल्ज़ाम लगाने से बाज़ नहीं आता है कि इस सरकार में बेरोज़गारी दर बहुत अधिक हो गई है।

हमें सत्ता में लाएं तो हम बेरोज़गारी मुक्त देश बना देंगे।

अगर इन सब बातों पर गौर किया जाए तो, एक प्रश्न जो whatsapp और facebook पर घूम रहा है कि,

 मोदी जी तो पिछले सात साल से देश के प्रधानमंत्री हैं, तो ऐसे कौन से बच्चे हैं, जो सात साल में 21 साल के हो गए और उन्हें नौकरी नहीं मिली? क्योंकि पिछले 70 सालों से तो केंद्र में कांग्रेस की सत्ता थी और उन्होंने तो सबको नौकरी दे दी था। तो इतने सारे बेरोज़गार आए कहाँ से?

तो जनाब, बेरोज़गारी, महंगाई और भुखमरी भारत की दशकों की समस्या है, ऐसा नहीं है कि बीजेपी के सत्ता में आने से हुई है। 

इस समस्या का बहुत बड़ा कारण है, भारत की जनसंख्या.. शायद आप जानते ही होंगे कि भारत में 139 करोड़ जनसंख्या है।

भारत के राज्यों में जितनी जनसंख्या है, उतनी जनसंख्या तो कितने ही देशों की पूरी जनसंख्या नहीं है। 

आप को पता है कि भारत में प्रतिदिन 68,500 बच्चे जन्म लेते हैं, जो दुनिया में जन्‍म लेने वाले बच्चों का पांचवा हिस्सा है। सोचिए ऐसे में कौन सी सरकार सबको सरकारी नौकरी दे देगी?

पर इस समस्या का कोई समाधान कर सकता है तो वो सिर्फ और सिर्फ बीजेपी ही है।

आप कहेंगे, ऐसा क्यों बोल रहे हैं हम? बाकी सरकारें भी सक्षम हैं।

तो हमारा दृढ़ता के साथ फिर वही जवाब है कि सिर्फ बीजेपी।

क्योंकि, कांग्रेस और सपा का एकमात्र ध्यान चंद चुने हुए लोगों के विकास, व्यर्थ के व्यय, जैसे सैफई महोत्सव, aeroplane में जन्मोत्सव, छुट्टियां मनाने विदेश जाना, इत्यादि...अपने व अपने परिवार वालों के लिए धन-संपत्ति का अथाह भंडार एकत्र करने में ही रहता है।

साथ ही, कांग्रेस, बसपा और सपा के काल में ना तो refugees के आने पर रोक थी, ना कोई NRC law था। ना जनसंख्या पर नियंत्रण करने के लिए कोई सख्त कानून। जिस पर बीजेपी ने संज्ञान लिया है।

जो कि भारत की बेइंतहा बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण करने के लिए बहुत आवश्यक है। साथ ही देश के हित के लिए इन सबका कड़ाई से पालन होना बहुत जरूरी है।

हमें आए दिन देखने को मिल रहा है कि रिक्त पदों की संख्या हजारों में है और आवेदन करने वालों की संख्या लाखों में है। ऐसे में यह तो सोचने वाली बात है कि चंद हज़ार नौकरी को लाखों लोगों में बांटना असंभव है। तो आभाव से बेरोजगारी भी होगी, मंहगाई भी होगी और भुखमरी भी।  

इस समस्या के समाधान के लिए भी हमें बीजेपी सरकार को ही पुनः लाना होगा और उनकी हाय-हाय करने और मुर्दाबाद के नारे लगाने के बजाय, उनके द्वारा बनाए कानून का समर्थन करना होगा, उसे देश में लाने में सहयोग देना होगा।

मोदी जी हम आपके साथ हैं, आप ने देश की सदियों और दशकों की समस्या समाप्त की है, जैसे राम मंदिर का निर्माण करना और 370 कानून, तीन तलाक़ को हटाना आदि...

आप से करबद्ध निवेदन है कि अब सर्वप्रथम देश से बेरोजगारी, मंहगाई और भुखमरी जैसी कठिन समस्याओं का अंत कीजिए। साथ ही देश से आरक्षण को भी समाप्त कर दीजिए, जिससे जो भी पद प्राप्त करें वो विशुद्ध उनकी प्रतिभा के बल पर मिले ना कि सिफारिशों और आरक्षण के बल पर...

जब तक देश में बेरोज़गारी एक विकट समस्या बनी रहेगी, तब तक देश का युवा वर्ग कमज़ोर रहेगा। जिस देश का युवा सुदृढ़ ना हो, उस देश को सुदृढ़ बनाना अति कठिन है। 

अतः युवाओं को रोज़गर के अवसर प्रदान कीजिए साथ ही पद प्राप्ति को आरक्षण मुक्त कर दीजिए, जिससे भारत सुदृढ़ व समृद्धशाली देश बने।

आपकी राष्ट्र प्रथम सोच, दूरदर्शिता और नेतृत्व से भारत अवश्य ही इस समस्या से निजात पा जाएगा।

Friday, 28 January 2022

Article : भारत का बदलता स्वरूप

 भारत का बदलता स्वरूप 




कहा जाता है, जैसा देश वैसा भेष...

या साहित्य समाज का दर्पण है...

जो बिकता है वही दिखता है, ऐसे बहुत से slogan हैं। 

आप ने देखा होगा, कि गणतंत्र दिवस परेड पर भी राज्यों की झांकियों में वही दिखाया जाता है, जो हाल में ही घटित हुआ हो या निकट भविष्य में होने वाला हो। 

इस बार की गणतंत्र दिवस परेड पर बहुत कुछ बदलाव थे, शायद आप का भी उस पर ध्यान  गया हो... 

झांकियों के प्रदर्शन में, ताजमहल, चारमीनार, कुतुबमीनार, गांधी, नेहरू आदि शामिल नहीं थे।

बल्कि इस बार की झांकियाँ, भारत की अपनी संस्कृति के रंगों में रंगी हुई थी। हर state की झांकियों में ईश्वर, मंदिरों या संतों की प्रतिमा थी। 

जहाँ एक ओर श्री कृष्ण जी का पांचजन्य शंख था, हनुमानजी की मूर्ति थी। काशी-विश्वनाथ का कोरिडोर था, स्वामी विवेकानंद जी और अरबिंदो घोष की प्रतिमा थी, वहीं  देश के अमर सेनानी, सुभाष चन्द्र बोस व सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति भी थी। साथ ही खेल से जुड़े देश को ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलवाने वाले खिलाड़ियों के cutout भी थे। 

जम्मू-कश्मीर की झांकी कभी Republic day parade में शामिल होगी, अपनी समृद्धि और माता वैष्णो देवी मंदिर को दर्शाते हुए। 

ऐसा हमने तो क्या, इसकी कल्पना तो कश्मीर में रहने वालों ने भी नहीं की होगी। 

पर ऐसा इस बार हुआ।

पर साथ में एक चीज़ और देखने को मिली, कि भारतीय संस्कृति और धर्म की झांकियांँ थी, वहीं उनके साथ विज्ञान से हुए विकास भी दृष्टिगोचर हो रहा था। क्योंकि एक और गोधन का प्रदर्शन था तो दूसरी तरफ virtual reality.

विरासत और विज्ञान का अनोखा संगम था, इस बार की गणतंत्र दिवस परेड में।

Army's parade और Bike stunts में ladies का भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेना, महिला सशक्तिकरण और उनके आत्मनिर्भरता और विकास की कहानी कह रहा था। 

भारत के स्वदेशी arms and weapons और भी हथियारों की विविधता भारत की सुरक्षा के प्रति सुदृढ़ीकरण और आत्मनिर्भरता को दर्शा रहा था।

इस बार की गणतंत्र दिवस परेड में cockpit से दिखाए जाने वाले दृश्य यह सिद्ध कर रहे थे कि हम technology में भी बहुत आगे बढ़ गये हैं।

कम शब्दों में कहा जाए तो, इस गणतंत्र दिवस परेड में भारत का बदलता स्वरूप स्पष्ट इंगित हो रहा था। 

एक नया सशक्त, समृद्ध, उन्नत, संस्कृति और विरासत को सहेजा हुआ भारत। विश्व गुरु भारत, सम्पूर्ण भारत। ऐसा भारत, जिसके पैर जमीन पर और नजरें आसमान पर हैं।

जिसके पास भक्ति भी है और शक्ति भी...

क्या आप को भी Republic day parade देखकर ऐसा ही लगा, बताइएगा जरुर 🙏🏻

हमेशा निज स्वार्थ में पड़कर, कोसते मत रहिए, कभी सकारात्मक दृष्टि से, देशभक्त होकर भी देखिए तो आप को देश समृद्ध भी दिखेगा और सशक्त भी।

जय हिन्द, जय भारत 🇮🇳 

Wednesday, 26 January 2022

Poem : गणतंत्र दिवस मनाने के

आप सभी को 73 वे गणतंत्र दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ 💐🙏🏻🎉

जय हिन्द जय भारत 🇮🇳

गणतंत्र दिवस मनाने के 




गणतंत्र दिवस मनाने के

हम तभी अधिकारी हैं

देश में सेना सम्मान पाए 

यह हम सब की ज़िम्मेदारी है 


7 दशकों तक कश्मीर में

सेना पर पत्थर बरसाते थे 

जो रक्षक हैं, हम उनका 

बेवजह सम्मान घटाते थे 


370 कानून को देश से 

हटाना जरूरी था

राष्ट्र प्रथम सोच की

देशभक्त सरकार लाना ज़रूरी था 


गणतंत्र दिवस मनाने के

हम तभी अधिकारी हैं

देश में नारी को सम्मान मिले

यह हम सब की जिम्मेदारी है 


 सदियों तक मात्र

तीन शब्दों से ही नारी

मजबूर हो जाती थी

अपने अधिकारों से दूर हो जाती थी


3 तलाक को देश से

हटाना जरूरी था

इसी खातिर भारत में 

 संवेदनशील सरकार लाना जरूरी था 


गणतंत्र दिवस मनाने के

हम तभी अधिकारी हैं

देश से आतंक हटे

यह हम सब की जिम्मेदारी है  


कितने ही दशकों से

चीन और पाकिस्तान 

हम पर भारी था 

हर ओर आतंक जारी था


चीन और पाकिस्तान को 

उनकी औकात दिखाना ज़रूरी था

इसी खातिर भारत में

निडर सरकार लाना जरूरी था 


गणतंत्र दिवस मनाने के

हम तभी अधिकारी हैं

विश्व में भारत को सम्मान मिले

यह हम सब की ज़िम्मेदारी है  


कितने ही दशकों तक भारत

विश्व पर निर्भर था 

दवा से लेकर हथियारों तक 

हर एक आयात उन्हीं से करता था


भारत को 

आत्मनिर्भर बनाना जरूरी था

इसी खातिर भारत में

बुद्धिमान सरकार लाना जरूरी था 


गणतंत्र दिवस मनाने के

हम तभी अधिकारी हैं

देश में ईश्वर को सम्मान मिले

यह हम सब की जिम्मेदारी है  


सदियों तक अपने ही देश में

राम को मान नहीं मिला 

जो सेवक थे उनके 

उनकी श्रद्धा को सम्मान नहीं मिला


भारत को एक बार पुनः

सनातन बनाना जरूरी था

इसी खातिर भारत में

भारतीय सरकार लाना जरूरी था 


गणतंत्र दिवस मनाने के

हम तभी अधिकारी हैं

देश सही हाथों में रहे

यह हम सब की जिम्मेदारी है   


भारत सशक्त बना रहे

हमेशा वो प्रथम बना रहे

इसी खातिर भारत को

सही हाथों में रहना जरूरी है 


हम सभी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए देश को सही हाथों में रखते हुए अपने देशभक्ति का परिचय देना चाहिए। 🇮🇳🎉