Friday, 23 August 2019

Fast recipes{व्रत} links

Fast recipes{व्रत} link

Hello friends, दिल जीतें बड़ों से बच्चों तक! 

जन्माष्टमी का पावन पर्व आ गया है। कान्हा, गोपाला, माखन-चोर और भी ना जाने कितने नामों से पुकारे जाने वाले भगवान श्री कृष्ण का जन्म सभी घरों में हर्षौल्लास के साथ मनाया जाता है। बहुत से घरों में तो बड़े-बुजुर्गों से लेकर छोटे-छोटे बच्चे भी व्रत रखते हैं। हर बार व्रत में एक-सा खाते-खाते bore हो गए हैं, तो इन recipes को try करें, कुछ low calorie वाली भी हैं।

Links नीचे दिये हैं। आप इन्हें try अवश्य करें, सब एक से बढ़कर एक tasty हैं।


जब भी सिंघाड़े के आटे या कुट्टू के आटे की कतली आप लोगों के सामने रखती हैं, सब गायब हो जाते हैं। पर अगर हमारी फलाहारी डोडा बर्फी बनाएंगी, तो आपसे ना सब लोग बार बार मांगेगे, बल्कि आपसे recipe भी पूछेंगे। 
जो calorie-conscious होते हैं, वो पकौड़ी, पूड़ी जैसी fried recipes से भागते हैं, तो वो कुट्टू का डोसा जरूर से try करें, low calories पर taste full on. 
Recipe: Kuttu ka dosa ( https://shadesoflife18.blogspot.com/2018/10/recipe-kuttu-ka-dosa.html )
हर दिल अजीज पनीर की खीर, खाकर हर कोई बार बार मांगेगा, और साथ ही साथ पूछेंगे, कहाँ से मंगाई, तब आप गर्व से बताइयेगा, कि ये आपके हाथों का कमाल है 
Recipe: Paneer ki Kheer ( https://shadesoflife18.blogspot.com/2018/10/recipe-paneer-ki-kheer.html )
बड़े बुजुर्ग का ख्याल आते ही पपीते के हलवे का ध्यान आ गया। बहुत ही healthy and lite. तो इसे बनायें और बड़े बजुर्गों की आशीष पाएं
Recipe: Papite ka halwahttps://shadesoflife18.blogspot.com/2018/10/recipe_26.html )
कृष्णा जी का व्रत तो, हमारे नन्हे कान्हा भी रखते हैं, तो उनको कैसे भूल सकते हैं
तो उनके लिए बनायें crispy, tasty साबूदाना वड़ा। और फिर देखिए सब जगह गाते फिरेंगे आपके लाड़ले, मेरी mumma सबसे best. 
Recipe: Sabudana Vadahttps://shadesoflife18.blogspot.com/2018/10/recipe.html )

जो ये post पहले ही पढ़ चुके हैं, उनका brush up हो जायेगा, और जिन्होंने miss कर दिया था, या नए जुड़े हैं, उन सब के लिए

Thursday, 22 August 2019

Kids Story : Advay the Hero: Matches (part-2)


Advay the Hero: Matches(part-2)



आखिर वो दिन भी आ गया, सारे parents ने decide किया कि 
बच्चों के उत्साह के लिए कुछ snacks प्लान कर लें। कोई popcorn, कोई cold drink, कोई chips, cake, biscuit ले आया।


Match शुरू हो गया, दूसरे apartment ने toss जीता और batting चुनी।


Match वैसे ही start हुआ, जैसा सब को लग रहा था। दूसरे apartment के fours and sixes लगने लगे, 2 over में 25 रन बन गए। अब बस 3 over और थे। advay की team sad होने लगी।


Advay ने mumma पापा की तरफ देखा, तो advay की mumma उसके पास गयीं, और बोली, अभी तीन over बाकी हैं, और तुम लोगों की batting भी। 

ऐसे ही sad होगे, तो सचिन, धोनी जैसा कैसे खेलोगे। advay में दुगना जोश भर गया, उसने अपनी टीम में भी जोश भर दिया। धीरे- धीरे दूसरी टीम के player out होने लगे, और उनका run rate भी down होने लगा, इससे advay की team खुश होने लगी। 5 ओवर में 40 run बन गए।

अब advay की team की बारी थी, दूसरे apartment की टीम को पूरा यकीन था, advay की team इतना रन नहीं बना पाएगी। इसलिए उन्होंने बहुत easy balling और बहुत बेकार fielding करनी शुरू कर दी। उन्हें नहीं पता था, कि advay के team के player की batting बहुत strong थी।


Advay की team ने fours and sixes लगाने start कर दिये, और match 4 over में ही जीत लिया। सबको match में बहुत ही मज़ा आया।

अब तो हर दो चार महीने में कभी cricket, कभी football, कभी किसी और के matches plan होने लगा। साथ खेलते खेलते दोनों apartment के बच्चों में अच्छी दोस्ती हो गयी। अब तो बिना match के भी सब साथ ही खेलने लगे, क्योंकि सब जान चुके थे, मज़ा match का नहीं साथ का है।


Advay सबका best friend बन गया था, क्योंकि उसके कारण ही सब एक साथ खेलने लगे थे।


Wednesday, 21 August 2019

Article : ईश्वर हमारी नहीं सुनते


ईश्वर हमारी नहीं सुनते  


कितनी ही बार हमको शिकायत होती है, ईश्वर हमारी नहीं सुनते हैं। ना जाने लोग ऐसा क्या करते हैं, कि ईश्वर इसकी, उसकी सब की सुन लेते हैं। पर जब हमारी बारी आती है, तब सुनते ही नहीं हैं।

पर आप ने कभी ठीक से ध्यान दिया है, ईश्वर सबकी सुनते हैं।क्योंकि उनके हम सभी बच्चे हैं, और कौन ऐसे माता-पिता होते हैं, जो बच्चों की नहीं सुनते हैं?

अब आप कहेंगे, आपकी सुनते होंगे, हमारी तो नहीं सुनते हैं। तो जनाब! गलती उनके देने में नहीं है, गलती तो आपके मांगने में है। 

क्या मतलब?

तो थोड़ा सब्र के साथ पूरा article पढ़ें, और साथ ही साथ ये भी सोचते चलिएगा, ऐसा ही होता है ना?

जब हम exam देने जाते हैं, तो ईश्वर से क्या कामना करते हैं?

हे ईश्वर! सब easy दीजिएगा, या वही exam में आए, जो हम पढ़ कर आए हैं, या exam दे चुके होंगे तो मनाएंगे, easy marking हो।

क्यों यही मांगते हैं ना ईश्वर से?

और कितनी बार, हमारा सोचा सच भी हो जाता है। पर हमे success तब भी नहीं मिलती है।

पता है क्यों?

क्योंकि हमने ये तो ईश्वर से मांगा ही नहीं था, कि exam में top करें।

क्या फ़र्क पड़ता है, exam easy आए या tough, पढ़ा आए या बिना पढ़ा, marking easy हो या tough। फ़र्क पड़ता है, कि आप सफल हुए या असफल। तो सफल होने की ही प्रार्थना करें।

कई दिनों से बारिश हो रही होगी, तो हम ये मनाएंगे, जिस दिन हमारा काम है, उस दिन बारिश ना हो। जबकि हमारा काम, सिर्फ बारिश रुकने से सिद्ध नहीं होगा। बल्कि कोई भी काम पूर्ण होने के पीछे कई factors शामिल होते हैं। तो ये मनाइए, कि मेरा ये काम पूर्ण हो, तब सारे factors सही होंगे।

इसी तरह के और भी कई उदाहरण मिलेंगे, आपको जिंदगी में।

शायद आपने सती सावित्री की कहानी सुनी होगी? जब यमराज सत्यवान को ले जा रहे थे, तब उन्होंने सावित्री से कहा था, सत्यवान का जीवन छोड़ कर कुछ भी मांग लो। तब सावित्री ने कहा, मेरे सास ससुर के पोते उनके राजमहल में खेलें।

यमराज के तथास्तु बोलते ही, सावित्री के ससुर रंक से राजा बन गए, क्योंकि राजमहल तो तब होगा, जब ससुर राजा होंगे। और यमराज को सत्यवान को जीवित भी करना पड़ा, क्योंकि पोते तो तब होते, जब पुत्र जीवित होता। और इस तरह से सावित्री, यमराज से अपने पति का जीवन पुनः प्राप्त कर सकी।

कहने का तात्पर्य ये है, कि मांगते समय सही तो मांगिए, जिससे जब ईश्वर आपको आपकी कामना के अनुरूप दें, तो आप पूरी तरह संतुष्ट हो सकें।

हम अपने बच्चों द्वारा मांगें जाने पर सब कुछ नहीं दे देते हैं, वही देते हैं, जो उनके लिए उचित हो। उसी तरह हमारी कामना के पश्चात, ईश्वर ने हमें जो दिया, उसका धन्यवाद करें। क्योंकि ईश्वर हमे सदैव वही देते हैं, जो हमारे लिए उचित है।