Monday, 6 January 2020

Article : Dirty city


Dirty city


हम लोग कितनी easily ये बोल देते हैं, कि यह शहर कितना गंदा है, यहाँ कूड़े के बड़े बड़े पहाड़ हैं।

पर कभी ये भी सोचा है, यह पहाड़ बना कैसे?

हम सब जिम्मेदार हैं इसके लिए।

आप कहेंगे कैसे? हम तो ऐसा कुछ नहीं करते हैं?

जी हाँ, कुछ भी तो नहीं करते हैं।

हम जब कार से घूमने जा रहे होते हैं, तो रास्ते में कितनी बार packed food, जैसे chips, kurkure, biscuit आदि खा रहे होते हैं।

उसके खाने से पहले हम दुनिया भर की सफाई करेंगे, sanitizer से, wet tissue से, हाथ साफ करेंगे। वरना germs पेट में चले जाते हैं, बच्चों के लिए तो विशेषतः किया जाता है। 

लेकिन बस जब वो finish होता है, तो window से बाहर फेंकते समय 1 पल भी सफाई के लिए नहीं सोचते। 

तब हमें car गंदी ना हो, इसकी तो बहुत परवाह रहती है, पर शहर के बारे में कौन सोचे?

इस बात पर, कोई कहेगा, पूरे शहर का ठेका हमने लिया है? तो कुछ कहेंगे, सब तो कर रहे हैं, एक हमारे कूड़ा ना फैलाने से क्या होगा?

बस इसी तरह से wrapper, plastic container, polythene, water bottles फेंकते रहते हैं। उसी का विकराल अंजाम होता है, दुनिया भर के pollution फैलाने वाले कूड़े के पहाड़।

जैसे आपकी खुद की सफाई, घर की सफाई, बिल्कुल वैसे ही शहर की भी सफाई। जब हम अपने मन में इस बात को बैठा पाएंगे, तभी शहर साफ-सुथरा, pollution free रहेगा।

तो चलिये कुछ करते हैं, अपने शहर के लिए।

कूड़ा सड़क पर नहीं फैकेंगे, ना किसी को फेंकने देंगे।

शहर से कूड़ा कम करने की विधि सीख कर, पहले से एकत्रित कूड़ा भी कम करेंगे।

आज आपको आपका शहर बुला रहा है, उसकी पुकार सुनिए, और उसे स्वच्छ और pollution free बनाइये। फिर शान से कहिए, यह हमारा शहर है, यह साफ- सुथरा और pollution free. 

Friday, 3 January 2020

Story of Life: ऐसा क्यों - 4

ऐसा क्यों (भाग - 1)....
ऐसा क्यों (भाग - 2).....
और ऐसा क्यों (भाग - 3) के आगे...

ऐसा क्यों (भाग-४)

Air marshal ने उसे अपने पास बुलाया, और कहा अब तुम fighter plane नहीं उड़ा पाओगे, इसलिए तुम्हारा surveillance ऑफिस में transfer कर दिया गया है।

सुंदर बोला sir आप मुझको एक मौका तो दीजिये, मैं अभी भी fighter plane उड़ा लूँगा। मैं जानता हूँ, तुम कर सकते हो, पर यही ऊपर से order आए हैं।

जब वो surveillance office गया, तो उससे management office भेज दिया गया। सुंदर वहाँ भी मन लगा कर काम करने लगा। पर उसने एक बात notice की, कि उसे secrete mission में शामिल नहीं किया जाता था। धीरे-धीरे उसको बेवजह छुट्टियाँ दी जाने लगी, और अंतः उसे force से terminate कर दिया गया।

Force से निकाले जाने वाली बात धीरे धीरे शहर में आग की तरह फैलने लगी। अब जहाँ कहीं सुंदर जाता, उसे लोगों की नज़र में अपने लिए पहले सा सम्मान ना दिखता। बल्कि दिखता, शक और बहुत सारे सवाल, सुंदर को सेना से क्यों निकाल दिया गया? कहीं ये देशद्रोही तो नहीं? कहीं इसने हमारे देश को संकट में तो नहीं डाल दिया? जितने लोग मिलते, सब ऐसे ही उल्टे सीधे सवाल करते।

सुंदर, उसके पिता, दादाजी सबको जवाब देते देते थक गए, कि border पार जा वहाँ रह कर मिशन पूरा करने में इस तरह की परेशानियाँ उठानी ही पड़ती है। कुछ साल बाद फिर से rejoining हो जाएगी। पर लोग इस बात पर विश्वास नहीं करते, कहते ऐसा क्यों?

साल दर साल निकलते जा रहे थे, पर सुंदर की rejoining का कोई letter नहीं आ रहा था। अब तो सुंदर भी अंदर ही अंदर टूटने लगा था, वो सोचने लगा, जिस देश को बचाने के लिए, उसने अपनी जान की चिंता नहीं की, अपना सीधा हाथ गंवा दिया। आज वही देश उसकी वीरता और देश भक्ति पर शक कर रहा था। जिसको सराहना मिलनी चाहिए, उसे बदनामी, ऐसा क्यों?

जिसको आतंकवादी खेमा ना डिगा सका था, उसे तानों ने गुमनामी के अँधेरों में धकेल दिया।

Thursday, 2 January 2020

Story of Life: ऐसा क्यों - 3

ऐसा क्यों (भाग - 1) .......और
ऐसा क्यों (भाग - 2)......के आगे .....

ऐसा क्यों (भाग -३)

कुछ ही दिनों में सुंदर ने मुखिया का इतना अधिक विश्वास जीत लिया, कि वो उसका मुख्य साथी बन गया। अब तक उसे दल के चप्पे चप्पे की खबर मिल चुकी थी।

उसने सबकी खबर अपने wireless द्वारा air marshal को भेज दी, साथ ही ये बताया, कि इनका अगले हफ्ते हमारे देश के सबसे बड़े जलसे में धमाका करने का इरादा है। पर आप बिल्कुल भी परेशान मत हों, मेरे रहते इन्हें कामयाबी नही मिलेगी। आप बस कल किसी को plane के साथ border पर भेज दीजिएगा।

उसके बाद सुंदर ने सारे खेमे में बारूद बिछा दी। वो बस धमाका करने ही वाला था, कि उसे शमशेर ने देख लिया, वो सुंदर से बहुत ही चिढ़ता था। क्योंकि सुंदर के आने से पहले वही मुखिया का मुख्य साथी था। उसे सुंदर पर शक था, इसलिए वो उस पर हमेशा नज़र रखता था।

शमशेर को अपने नजदीक आता देखकर उसने तुरन्त ही बटन दबा दिया। उससे खेमा तो उड़ गया, पर सुंदर दूर नहीं हट पाया, जिससे उसने अपना सीधा हाथ गंवा दिया।
तभी वहाँ air force के दो plane आ गए, उन्होंने शमशेर को मार दिया व सुंदर को ले कर लौट आए।

सुंदर की वीरता के चर्चे, पूरे देश में हो रहे थे, सब उससे मिलने को आतुर थे। अपने देश में पहुँचने के बाद उसके कई तरह के test हुए, जिसमे उसकी body checkup, physiological test, lie detector और भी ना जाने कितने test हुए। सभी टेस्ट उसने clear कर लिए। उसे वीरता का पुरस्कार भी मिला।

सुंदर बहुत ही खुश था, उसने अपने दादाजी और पिता दोनों का ही भांति अपना वीरता में नाम रोशन कर लिया था।

एक हफ्ते की छुट्टी के बाद सुंदर ने फिर से फोर्स join कर ली। उसे air marshal ने उसे अपने पास बुलाया, और कहा अब तुम fighter plane नहीं उड़ा पाओगे, इसलिए...



Fighter plane न‌ चला पाने की अवस्था, का क्या परिणाम हुआ?

जानने के लिए पढ़ें, ऐसा क्यों (भाग - 4)...