Wednesday, 21 October 2020

Stories - Devotional : क्या करूँ अर्पण

 आज नवरात्र के अवसर पर एक short Story and poem के माध्यम से एक devotional story आप सब के समक्ष रखने की कोशिश कर रहे हैं।

आप से अनुरोध है, इसे दिल से पढ़िएगा, और उसे करने का प्रयास कीजिएगा, तो आप का जीवन सुखमय हो जाएगा। 

पढ़कर, यह भी बताएं कि आप को यह कहानी कैसी लगी?

क्या करूँ अर्पण



अजय बहुत दिनों बाद अपने दोस्त रचित के घर गया था। उसकी बेटी ने दरवाजा खोला। अजय ने कहा, पापा को बोलो, उनके बचपन का दोस्त आया है। अजय को बैठा कर वो अंदर चली गयी। वो अपने पापा को जो भी बोल रही थी। वो सब बाहर भी सुनाई दे रहा था। पापा आपके बचपन के दोस्त आए हैं। पर वो तो खाली हाथ आए हैं। कुछ भी ले कर नहीं आए हैं।

ये सुन कर अजय को एहसास हुआ, वो तो दोस्त से मिलने की खुशी में खाली हाथ ही आ गया था। उसने कमरे में इधर-उधर देखना शुरू कर दिया। तभी उसे एक पेंटिंग बड़ी पसंद आई। उसने वही उतार ली। और जब रचित आया, तो उसे वही दे दी। अपना ही समान पाकर रचित अकबका गया।

क्या रचित को खुश होना चाहिए था? 

नहीं ना ?

जी हाँ अपना समान ही दूसरे द्वारा पा कर कोई खुश नहीं होता है।

तो हम भगवान को रुपये-पैसा, हीरे-जवाहरात, फल फूल चढ़ा कर ये क्यों मान लेते हैं, कि भगवान हम से खुश हो जाएंगे। जबकि ये सब तो उनका ही दिया हुआ है।

अगर प्रभु को खुश करना ही है तो, हम कुछ ऐसा अर्पण करें जिसे हमने बनाया है।


मैं बैठा सोच रहा,

प्रभु को क्या चढ़ाऊँ

क्या मैं उन्हें अर्पण करूँ 

किस तरह उन्हें रिझाऊँ

स्वयं प्रभु प्रकट हो, बोले  

अहंकार को छोड़ के

दुनिया में सब है मेरा

उसको जो तू अर्पण करे

कल्याण हो जाए तेरा


हम अपना अहंकार, घमंड जिस पल भी छोड़ देंगे। उसी क्षण हम ईश्वर के इतने करीब हो जाएंगे कि ईश्वर में ही समाहित हो जाएंगे। तब हमारा सिर्फ और सिर्फ कल्याण ही होगा।     

Tuesday, 20 October 2020

Bhajan (Devotional Song): शुक्रिया शुक्रिया, माँ तेरा शुक्रिया

आज माता रानी के दरबार में एक ऐसा भजन प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसे हमने नहीं लिखा है।और किस ने लिखा है, वो भी नहीं पता है, पर यह भजन बहुत पसंद आया।  

इसे सौम्या खरे की आवाज में सुना था। तो उसकी आवाज़ में ही एक stanza है।

आप भी आनन्द लीजिए। 

शुक्रिया शुक्रिया, माँ तेरा शुक्रिया





शुक्रिया शुक्रिया, माँ तेरा शुक्रिया

मैंने थोड़ा सा मांगा, बहुत दे दिया-2


मैंने मांगी थी माथे की बिंदिया ओ माँ -2

तूने सिंदुरा लगा कर सुहागन किया


शुक्रिया शुक्रिया, माँ तेरा शुक्रिया

मैंने थोड़ा सा मांगा, बहुत दे दिया


मैंने मांगी थी हाथों की चूड़ी ओ माँ -2

तूने मेंहदी लगा कर सुहागन किया


शुक्रिया शुक्रिया, माँ तेरा शुक्रिया

मैंने थोड़ा सा मांगा, बहुत दे दिया


मैंने मांगा था अंगों का लंहगा ओ माँ -2

तूने चुनरी उड़ा कर सुहागन किया


शुक्रिया शुक्रिया, माँ तेरा शुक्रिया

मैंने थोड़ा सा मांगा, बहुत दे दिया


मैंने मांगी थी पैरों की पायल ओ माँ -2

तूने बिछुआ पहना कर सुहागन किया


शुक्रिया शुक्रिया, माँ तेरा शुक्रिया

मैंने थोड़ा सा मांगा, बहुत दे दिया



इस धुन में यह भजन गाया जाएगा, आप चाहें तो इसे किसी और धुन में भी गा सकते हैं।

माता रानी के अन्य नये-नये भजनों के लिए, click करें....


Monday, 19 October 2020

Recipe : Yellow pumpkin halwa

 जब भी कद्दू का नाम आता है, तो हम यह सोचते हैं कि इससे सब्जी और रायता ही बना सकते हैं। पर नवरात्रि के शुभ अवसर पर आज आप को कद्दू की सबसे yummy dish बनाना बता रहे हैं, जिसे खाकर सब आप की तारीफ करेंगे।

Yellow pumpkin halwa




Ingredients

Yellow pumpkin - ½kg.

Sugar -  100 gm. 

Dry fruits - finely chopped cashew and pistachio 

Clarified butter (Ghee) -150 gm.

Cardamom powder - ½ tsp

Soft Mawa (खोआ) - 50 gm

Method -  

  1. कद्दू को छिलका, बीज हटाकर साफ कर लीजिए।
  2. अब इसे grate कर लीजिए।
  3. Wok(कड़ाही) में 2tsp डालकर गर्म कीजिए।
  4. अब इसमें कद्दू डालकर अच्छे से चला लीजिए।
  5. ढक्कन ढक दीजिए और इसे slow flame पर 5 minutes तक पका लीजिए।
  6. फिर एक बार चलाएं और चीनी डालकर, कद्दू के गलने तक पका लीजिए।
  7. अब इसमें, खोआ, कटे हुए काजू और पिस्ता डाल दीजिए और थोड़ा थोड़ा घी डालकर भूनते जाएं। 
  8. हलवा, हल्का सुनहरा हो जाए और घी छोड़ने लगे, तब वो ready है।
  9. अब इसमें Cardamom powder डालकर अच्छे से mix कर दीजिए।
  10. Finely chopped dry fruits से garnish करके गर्मा गर्म serve कीजिए और इसका आनन्द लें।

Note : 

  • कद्दू का हलवा बिना खोआ मिलाए भी बहुत tasty बनता है, तो आप ऐसे भी बना सकते हैं।
  • खोआ अच्छे से मसल कर मिलाएं जिससे वो uniformly मिल सके।
  • खोआ, जब घी और मेवा डालते हैं, उसी समय डाल दिया जाता है, जिससे खोआ अच्छे से mix हो जाए और हलवे का texture and flavour दोनों बहुत अच्छा आए।
  • हलवा बनाने के लिए पीला कद्दू ज्यादा अच्छा रहता है, क्योंकि यह थोड़ा मीठा रहता है। पर अगर पीला available ना हो तो आप, हरे कद्दू से भी बना सकते हैं।

तो आज माँ के भोग के लिए इसे ही बनाएं।

🕉️ 💐 जय माता दी 💐🕉️