Thursday, 21 October 2021

Tips : Typhoid

आज कल कोरोना का आतंक कम और पुरानी बीमारियों का आतंक अधिक हो गया है। 

जिसमें typhoid और dengue, आज कल बहुत लोगों को हो रहा है। 

आज हम आपको typhoid के लक्षण व घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं...

 Typhoid


Typhoid fever को मियादी बुखार, आंतों का बुखार, आदि, नाम से भी जाना जाता है। Typhoid fever में digestive system और blood circulation में  salmonella typhe नाम का bacteria आ जाता है जो कि contaminated water and food के द्वारा हमारे शरीर में चला जाता है। इस बीमारी से infected person का temperature 104° F तक पहुंच जाता है। 

Typhoid में लोगों को बुखार के साथ सिर दर्द, छाती में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 

पहले यह जान लेते हैं कि typhoid fever के symptoms का क्या होते हैं...


Symptoms of typhoid :

बुखार आना (high fever)

भूख कम लगना (low appetite)

सिर दर्द की समस्या (headache)

अधिक ठंड महसूस होना (shivering)

अधिक कमजोरी होना (weakness)

दस्त की समस्या (loose motion)

छाती में जलन (inflammation in chest)

कब्ज की समस्याा (constipation)


Home Remedies to get rid of typhoid fever :


सेब का रस -

सेब का रस typhoid fever की समस्या से आसानी से निजात दिला सकता है। इसके लिए सेब के जूस में अदरक का रस मिलाकर पिएं। 

एक medium Apple, एक inch अदरक का टुकड़ा, 20 ml. पानी डालकर mixer grinder में चला लीजिए। फिर छन्नी से छानकर जूस निकाल लीजिए, उसमें 2 tsp glucose डालकर पी लीजिए।

इससे आपको टाइफाइड के बुखार से निजात मिलेगा। 


लौंग का पानी -

लौंग का पानी भी समस्या से निजात दिलाने में काफी कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए आठ कप पानी में 6-7 लौंग डालकर उबाल लें। जब पानी आधा हो जाए तो पानी तैयार है।

इसमें से एक cup गुनगुना पानी ले लें, उसमें तुलसी अर्क की 3 to 4 drop, 1 tsp. honey डालकर पी लीजिए। बचा हुआ पानी ऐसे ही दिनभर में 2 से 3 बार पीएं। इससे fever ठीक होगा, साथ ही typhoid के कारण आई कमजोरी से भी छुटकारा मिलेगा। 

मौसम्बी का जूस -

2 मौसम्बी के रस को निकाल लीजिए, छानकर उसमें 2 tsp. Glucose डालकर mix कर लीजिए। फिर एक सूखे खाली Bowl को slow gas पर रख दीजिए। Bowl के हल्के गर्म हो जाने पर gas off कर दीजिए। अब गर्म bowl में juice डाल दीजिए, उससे छुन... की आवाज आएगी। इसे juice को छौंकना कहते हैं। इससे मौसम्बी के रस की ठंडी तासीर हट जाती है। और रस किसी भी तरह से नुकसान नहीं करता है।

इसको पीने से बहुत ज्यादा energy आती है। जो patients के लिए लाभदायक होती है।

Note : मौसम्बी खरीदते समय ध्यान रखिएगा कि मौसम्बी हरी पीली सी हो, जितना पीला रंग ज्यादा होगा, मौसम्बी उतनी ही मीठी होगी।

नारियल पानी -

नारियल पानी किसी भी प्रकार के patients के लिए बहुत अच्छा होता है। यह बहुत जल्दी energy provide करता है, साथ ही यह stomach में बहुत relief भी देता है।

 

Enerzal -

कोई भी बीमारी होने से हम लोग, glucose,  Electral लेते हैं। पर आज कल enerzal भी आप को easily available हो जाएगा। 

यह glucose and electral से ज्यादा effective होता है। इससे भी weakness बहुत जल्दी ठीक हो जाती है। दिन में आप इसे तीन से चार बार पी सकते हैं।

एक glass में 3 tsp. Enerzal डालकर mix कर के पी लीजिए। Enerzal, lemon and orange flavour में आता है। आप को जो भी flavour पसंद आए, आप ले सकते हैं। दोनों ही बहुत tasty होते हैं।


लहसुन -

लहसुन antibiotics and antioxidants होने के साथ-साथ तासीर में गर्म होता है। इसके लिए घी में 6-7 लहसुन कली फ्राई कर लें। इसमें सेंधा नमक डालकर इसका सेवन करे। इससे भी फायदा होता है।


अनाज

कहा जाता है कि, Typhoid में अनाज नहीं खाना चाहिए, यह बहुत नुक्सान करेगा। पर यह पूर्णतया सत्य नहीं है। अनाज खाना बंद मत करिए, क्योंकि अनाज हमारे शरीर को बहुत energy provide करता है। बस करना यह है कि आप light meal लें। 

आप तले-भुने खाने को, मैदे से बनी खाने की चीजें को, देर से digest होने वाले खाने को, जैसे छोले, राजमा, आदि... को नहीं खाएं। 

In short आप पतली दाल, सब्जी, रोटी, खिचड़ी, उपमा... खा सकते हैं।

खाने को हल्का करने के लिए आप यह भी कर सकते हैं कि आधा पेट खाना खाएं। और बाकी आधा पेट आप, ऊपर दिए गए नुस्खों से भरें। जिससे आप को भरपूर nutrition मिले और आप energy को sustain कर सकें। 


डिस्क्लेमर: यह tip केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

Wednesday, 20 October 2021

Article : Privatisation, कितना बेहतर कितना सार्थक

 Privatisation, कितना बेहतर कितना सार्थक



भारत में आजादी के पश्चात्, बहुत सी government and PSU companies खोली गईं, साथ ही कुछ private companies भी खुलीं।

देश साल दर साल विकास की ओर अग्रसित होता गया।

पर देश को सम्हालने के लिए आने वाली सरकारों की दृष्टि, सदैव government and PSU companies पर रही।

कभी देश के विकास के नाम पर, कभी यह कहकर कि इस company का रहना, केवल खर्चा बढ़ाना है। Government and PSU companies, को बेच दिया जाता रहा है।

जबकि ऐसी बहुत सी companies हैं, जो अपने कार्य को सुचारू रूप से कर रहीं हैं। 

जिसमें  indian Banks, indian railways, Indian airlines, SAIL, BHEL, ONGC, NTPC, CIL, IOCL, GAIL etc...

तो हमने जो image बना रखी है कि government and PSU companies में कोई काम नहीं होता है। उनका रहना केवल खर्चा बढ़ाना है। यह बात सरासर ग़लत है, झूठ है।

यह companies भी बहुत अच्छे से अपना काम कर रही हैं। इन से मिलने वाला revenue ही देश के विकास में पूर्ण रूप से सहायक होता है। क्योंकि Government and PSU companies देश का asset होती है। और समय समय पर यही काम आती हैं। 

जैसे इस covid disaster management में Indian airlines, Indian railways, police, army, municipal corporation, Bank, SAIL, etc.....  के सहयोग के बिना, स्थिति को नियंत्रित में करना असम्भव रहता।

जबकि private companies, किसी व्यक्ति विशेष की होती हैं और उसका revenue भी उसी का, और नियंत्रण भी।

Air India का Tata group के पास जाने के बाद देशभर में एक बहुत बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है। 

क्या देश की अन्य government companies and PSU का भी यही हाल होगा?

क्या आप को नहीं लगता है कि privatisation, पूर्णतया सही decision नहीं है।

देश का पूरी तरह से privatisation करना, देश के विकास के लिए उचित नहीं है। 

देश में सभी तरह का set-up होना चाहिए, Government, PSU, co-operative and private. क्योंकि जब सभी तरह की companies रहेंगी, तभी देश सुचारू रूप से विकास करेगा।

Tuesday, 19 October 2021

Article : शरद पूर्णिमा तिथि एवं पूजा मुहूर्त

 हिंदू धर्म में हर माह आने वाली पूर्णिमा का खास महत्व होता है। इन सभी पूर्णिमाओं से शरद पूर्णिमा को विशेष कल्याणकारी माना गया है। 

अश्विन माह में आने वाली पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। इस पूर्णिमा को कौमुदी, कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। 

शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा धरती के सबसे निकट होता है। ये पर्व रात में चंद्रमा की दूधिया रोशनी के बीच मनाया जाता है।

 ऐसी मान्यता है कि पूरे साल में केवल शरद पूर्णिमा के दिन ही चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। इस दिन चंद्र देव की पूजा करना शुभ होता हैं. शरद पूर्णिमा के दिन व्रत करना विशेष फलदायी होता है.


शरद पूर्णिमा तिथि एवं पूजा मुहूर्त 




पूर्णिमा तिथि आज यानी 19 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 3 मिनट पर शुरू होगी और 20 अक्टूबर रात 8 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगी। 

उदया तिथि के अनुसार शरद पूर्णिमा का व्रत कल यानी 20 अक्टूबर, बुधवार के दिन रखा जाएगा। 

पर खीर का भोग आज रात में ही लगा दिया जाएगा। क्योंकि कल चंद्रमा रात में केवल 8 बजकर 26 मिनट तक ही रहेगा।

अब यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस दिन व्रत रखेंगे और किस दिन खीर का प्रसाद बनाएंगे।

शरद पूर्णिमा में खीर का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चन्द्रमा की किरणों से अमृत की वर्षा होती है और इस दिन से शरद ऋतु का आगमन होता है। इस दिन चंद्रमा की दूधिया रोशनी में दूध की खीर बनाकर रखी जाती है और बाद में इस खीर को प्रसाद की तरह खाया जाता है।

शरद पूर्णिमा की रात को खीर बनाकर खुले आसमान में रखने की मान्यता है। इसके पीछे का तर्क है कि दूध में भरपूर मात्रा में लैक्टिक एसिड होता है। इस कारण चांद की चमकदार रोशनी दूध में पहले से मौजूद अच्छे बैक्टिरिया को बढ़ाने में सहायक होती है। वहीं, खीर में पड़े चावल इस काम को और आसान बना देते हैं।

अतः इस खीर को खाने से शरीर को रोगों से मुक्ति मिलती है।


शरद पूर्णिमा का महत्व 


शरद पूर्णिमा के दिन व्रत करना फलदायी सिद्ध होता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण, चंद्रमा की सभी सोलह कलाओं से युक्त थे।  इस पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा से निकलने वाली किरणें चमत्कारिक गुणों से परिपूर्ण होती है। नवविवाहिता महिलाओं द्वारा किये जाने वाले पूर्णिमा व्रत की शुरुआत शरद पूर्णिमा के त्यौहार से होती हैं तो यह शुभ माना जाता है। 

लक्ष्मी माता का पूजन

इस दिन बंगाल व कुछ अन्य States में धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा भी की जाती हैं।

ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा के दिन लक्ष्मी जी का जन्मदिन होता है। माँ लक्ष्मी समुद्र मंथन के दौरान शरद पूर्णिमा में प्रकट हुई थीं।

इसलिए आज के दिन लक्ष्मी पूजन का विशेष महत्व है।

शरद पूर्णिमा के दिन माँ लक्ष्मी का पूजन किया जाता है। इस दिन उनके आठ रूप धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, राज लक्ष्मी, वैभव लक्ष्मी, ऐश्वर्य लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, कमला लक्ष्मी और विजय लक्ष्मी की विधि विधान के साथ पूजा की जाती है।

मान्यताओं अनुसार, शरद पूर्णिमा के दिन माँ लक्ष्मी भगवान विष्णु के साथ गरूड़ पर बैठकर पृथ्वी लोक में भ्रमण के लिए आती हैं। इतना ही नहीं इस दिन माँ लक्ष्मी घर-घर जाकर भक्तों पर कृपा बरसाती हैं और वरदान देती हैं।

शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पूरी प्रकृति माँ लक्ष्मी का स्वागत करती है। कहते हैं कि इस रात को देखने के लिए समस्त देवतागण भी स्वर्ग से पृथ्वी आते हैं।

शरद पूर्णिमा का व्रत रखने के बाद, रात्रि में माता लक्ष्मी जी की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन से धन समस्याओं का अंत होता है और धन तथा वैभव की प्राप्ति होती है।