Tuesday, 24 May 2022

Recipe: Semolina cheese balls

बच्चों की छुट्टियांँ, special हो जाएं, इसलिए आप को आज एक और healthy and tasty recipe share कर रहे हैं।

इसको खाने के बाद, बच्चे खुशी से झूम उठेंगे और आप भी healthy खिलाकर बहुत खुश रहेंगी।

तो चलिए और पहेली नहीं बुझाते हैं और आप को इसके बनाने की recipe बताते हैं।

सूजी चीज़ बाॅल्स 



Ingredients :

Semolina (Suji) - 1 cup 

Cheese - slices (6), or shredded 100gm.

Finely chopped onion - 1

Finely chopped capsicum - 1 

Tomato ketchup - 1 tbsp.

Salt - as per taste

Kashmiri mirch - ¼ tsp.

Milk - ½ cup

Malai - 1 tsp.

Garlic - optional 


Method :

  1. सूजी में नमक, मिर्च पाउडर, दूध व मलाई डालकर dough prepare कर लीजिए।
  2. अब इसे 15 min. के लिए rest करने छोड़ दीजिए।
  3. Chopped onion and capsicum में tomato ketchup और चुटकी भर नमक मिलाकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  4. अगर आप cheese slice ले रहे हैं तो उसके 1X1 इन्च के टुकड़े काट लीजिए।
  5. अब सूजी के dough की एक बार फिर से अच्छे से kneading (आटा सानना) कर लें।
  6. अगर आटा ज़्यादा tight लगे तो, पानी डालकर पूड़ी बनाने जैसा soft कर लीजिए। 
  7. सूजी के आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें।
  8. लोई को हल्का सा बेल लें, उसमें बीचों-बीच में onion capsicum mixer and cheese को रखकर balls बना लीजिए।
  9. इसी तरह से सारी balls ready कर लीजिए, और इन्हें freezer में रख दीजिए।
  10. Serving करने के 10 minutes पहले, निकाल कर इन्हें घी में golden brown (crispy) होने तक deep fry कर लीजिए।

Semolina cheese balls are ready to serve...

You can serve it with Tomato ketchup or Schezwan Sauce also.

Perfect cheese balls के लिए इन tips and tricks को ज़रुर याद रखिएगा। 


Tips and Tricks :

  • अगर आपकी सूजी ज़्यादा मोटी हो, तो उसे mixer grinder jar में डालकर थोड़ा महीन पीस लें।
  • आप onion and capsicum mix में ketchup ज़रुर से डालें, इसके चार फ़ायदे हैं।
  • 1. ज़्यादा tasty लगता है।
  • 2. और juicy हो जाता है।
  • 3. Onion and capcicum की binding हो जाती है, इससे filling इधर-उधर से नहीं निकलती है।
  • 4. यह अपने आप में complete हो जाता है, इसके संग किसी भी sides की requirement नहीं रहती है।
  • आप ketchup का flavour अपने taste के  according, tomato ketchup, hot and sweet, Schezwan या जो भी आप को पसंद हो, उसे mix कर सकते हैं। 
  • सूजी dough soft ही रखें, इससे ball का proper shape आता है।
  • अगर आप onion नहीं खाते हैं तो आप इसे avoid कर सकते हैं।
  • Freezer में रखने से balls ठंडी हो जाती हैं तो fry करने पर cheese balls से बाहर नहीं निकलता है।
  • आप चाहें तो केवल cheese की filling रख सकते हैं, पर तब यह कम tasty लगेगा। 
  • Cheese का amount अच्छे से रखिएगा, क्योंकि यही recipe का key ingredient है।
  • Serving के time, balls तुरंत ही serve कीजिए, गर्म होने पर cheese ज़्यादा tasty लगता है क्योंकि, अगर एक बार balls ठंडी हो गईं, तो cheese का taste अच्छे से नहीं आएगा। 
  • Cheese के बिना, इन balls की कोई value नहीं है।
  • इसे आप, breakfast, snacks and parties में serve कर सकते हैं।

तो चलिए, आज ही इसे बनाकर, बच्चों की summer vacation को और special करते हैैं।

Saturday, 21 May 2022

Recipe : Rice Papdi Chaat

बच्चों की छुट्टियांँ शुरू हो गई हैं तो अब वो आप से tasty and special dishes बनाने की demand करेंगें। 

पर गर्मी इतनी ज़्यादा पड़ रही है, कि कुछ भी बनाने से पहले कई बार यह सोचना पड़ेगा कि dish tasty होने के साथ healthy भी हो। जिससे इतनी गर्मी में उसे खाकर कोई बीमार नहीं पड़े। 

अरे! पर आप को क्या चिन्ता, जब आप Shades of Life के साथ हैं।

तो चलिए आप के इन सारी problem को एक-एक करके solve करते हैं।

गर्मी है तो, ठंडे-ठंडे दही की dish हो तो क्या बात है!

दही के साथ खट्टी-मीठी चटनी भी हो, तो चार चांद लग जाते..

नहीं, नहीं...हम खस्ता कचौड़ी, दही भल्ले की बात नहीं कर रहे हैं।

बात कर रहे हैं पापड़ी चाट की...

ओह! उस पापड़ी चाट की बात नहीं कर रहे हैं, जो आप अब तक खाते थे। मैदे की बनी हुई... हम भी जानते हैं, ज़्यादा मैदा खाना healthy नहीं होता।

नहीं बाबा, आटे की भी नहीं...

जानते हैं भाई, बच्चे उसे खाना तो दूर, छूने तक के लिए ready नहीं होते हैं।

तो हम किसकी बना रहे हैं?

चावल के आटे की...

यह tasty, crispy and healthy होती हैं। साथ ही बच्चे इसे बहुत शौक से खाते हैं और आप को भी उन्हें इसे खिलाने में कोई problem नहीं होगी क्योंकि यह healthy and light recipe है।

चावल की पापड़ी चाट



Ingredients :

Rice flour - 1 Cup

Boiled potato - 1 Big in size

Cornflour - ¼ Cup 

Salt - as per taste

Chilli flakes - as per taste 

Clarified butter (ghee) - for frying


Method :

  1. उबले आलू को कद्दूकस कर लीजिए।
  2. फिर कद्दूकस किए हुए आलू को mixer grinder के jar में डाल दें, ¼ cup पानी डालकर महीन पीस लें।
  3. इस पिसे हुए आलू में 1½ tbsp. घी, चावल का आटा, corn flour, salt & chilli flakes डालकर smooth dough prepare कर लीजिए। 
  4. 10 min. के लिए, rest करने के लिए रख दीजिए। 
  5. अब इस dough से बड़ी-बड़ी लोई तोड़ लीजिए।
  6. लोई की बड़ी सी रोटी बेल लें।
  7. अपनी पसंद के आकार के अनुसार, इसे काट लीजिए।
  8. अब इन पापड़ी पर fork या चाकू से गोद लें, जिससे तलने पर पापड़ी, पूड़ी के जैसे नहीं फूले।
  9. कड़ाही में घी गर्म कर लीजिए।
  10. इसमें चावल की पापड़ी को डालकर, golden brown होने तक सेक लीजिए।

अब इन पापड़ी पर दही, खट्टी और मीठी चटनी, काला नमक, भुना जीरा और chilli flakes डालकर serve करें। Crispy, tasty Rice Papdi Chaat is ready for serve.

Creamy Curd (Yogurt) and Mithi Chutney व Raw mango and mint ki chutney के लिए, click करें। 

यह पापड़ी बहुत crispy and tasty होती है। आप चाहें तो इसकी चाट ना बनाकर, ऐसे ही tea time में भी खा सकते हैं।

आइए कुछ tips and tricks भी हो जाएं।


Tips and Tricks :

  • Dough prepare करने के लिए चावल का आटा ही लीजिए। चावल पीस कर बनाने में dough गीला हो जाएगा।
  • Dough prepare करने में, पानी डालने की ज़रूरत नहीं है। अगर आप को लगे कि dough ज्यादा tight हो रहा है, तो थोड़ा- थोड़ा पानी डालकर ही smooth dough बनाएं।
  • पानी का अंदाज सही होना ज़रूरी है, क्योंकि चावल का आटा बहुत जल्दी गीला हो जाता है।
  • यह पापड़ी, चावल के आटे से बनती है, इसलिए healthy and light होती है।
  • चावल का आटा होने के कारण, पापड़ी बहुत crispy बनती है।
  • पर ध्यान रखिएगा कि आलू भी ज़रुर से mix करना है। इसके कारण ही पापड़ी, mouth melting बनती है।
  • केवल चावल का आटा लेने पर, पापड़ी hard बनेगी।
  • पापड़ी को fork से ज़रुर से गोद दीजिएगा। अगर वो पूड़ी जैसी फूल गई, तो crispy and tasty नहीं बनेगी।
  • आप चाहें तो घी की जगह olive oil or refined oil भी use कर सकते हैं।
  • यह बहुत crispy and tasty बनती है। ठंडी होने पर आप इसे airtight container में रखकर 1 week तक winter में और 4 days summer में use कर सकते हैं।

तो सोचना क्या है, जल्दी ही बनाएं और परिवार में सबको खुश कर दीजिए 😊

Thursday, 19 May 2022

India's Heritage : 12 बज गए?

12 बज गए?


सदियों से सरदारों पर, बहुत से jokes बनाएं जाते हैं, किसी सरदार पर jokes बनाने और सुनाने में लोग जरा सा भी नहीं सोचते! एक सरदार पर joke बनाना लोग बेहद आसान समझते हैं। 

कभी संता बंता के चुटकुले, कभी उन पर silly बातों को गढ़कर, या कभी यह कहकर,  12 बज गए क्या? उनका बहुत मजाक उड़ाया जाता है। 

लेकिन फिर भी सिर पर पगड़ी और हाथ में कृपाण लिए ये सरदार बेहद खुश रहते हैं। उन्होंने अपने इस अपमान के लिए, कभी किसी का सिर नहीं फोड़ा।

पर कभी आपने सोचा है कि क्यों आखिर सरदारों पर ही इतने चुटकुले बनाए जाते हैं?

क्या, सचमुच 12 बजे, सरदार लोग अपने आपे में नहीं रहते हैं?

जी हाँ, नहीं रहते हैं, अपने आपे में...

और आज हम आपको बताते हैं इस जुमले के पीछे की पूरी हकीकत! और दावा है कि इसे पढ़ने के बाद इन पर चुटकुले बनाने वालों को शर्मिंदगी महसूस जरूर होगी, साथ ही सरदारों के सम्मान में अपना सिर झुकायेंगे। 

बात सत्रहवीं शताब्दी की है जब भारत देश पर मुग़ल शासक नादिर शाह ने आक्रमण किया था। उसने दिल्ली को तबाह कर दिया था और लूट-मार का एक खौफनाक मंजर बन गया। उसकी सेना ने बड़े पैमाने पर नरसंहार किए। इस नरसंहार के बीच शाह की सेना ने कई सुंदर महिलाओं को बंदी भी बनाया। 

कहा जाता है उसकी सेना ने लगभग 2 हजार महिलाओं को बंदी बना रखा था। इन महिलाओं की रक्षा के लिए, कोई आगे नहीं बढ़ रहा था।

ऐेसे में सिखों ने ही इन बंदी महिलाओं को नादिर शाह की सेना के कब्जे से आजाद कराने का फैसला किया था। मगर नादिर शाह की सेना बहुत बड़ी और ताकतवर थी। सिर्फ हौंसले के दम पर संख्या को हरा पाना मुमकिन नहीं था।

उस समय सरदार जस्सा सिंह, सिख सेना की कमान संभाल रहे थे। उन्होंने ही इस हमले की रणनीति बनाई थी। 

गुरिल्ला युद्ध रणनीति अपनाते हुए सिखों ने देर रात 12 बजे शाह की सेना पर हमला कर उसे चौंका दिया।

हमला कर उन्होंने कई महिलाओं को आजाद तो करा लिया था लेकिन इस लड़ाई में कई सिख शहीद भी हो गए। सिखों को आधी रात 12 बजे महिलाओं को आजाद कराने में कामयाबी हासिल हुई थी। 

लेकिन इस बात को इतिहास के पन्नों में इतनी जगह नहीं दी, कि लोग इसके बारे में ज्यादा जान सकें। वे नहीं चाहते थे कि सरदारों के शौर्य, पराक्रम व बुद्धिमत्ता का परिचय सम्पूर्ण विश्व को हो।

क्या, अब आप को कारण समझ आया कि क्या है, 12 बज गए में?

12 बज गए में है, उन सरदारों की वीरता

12 बज गए में है, उन सरदारों की शौर्यता

12 बज गए में है, उन सरदारों का हौसला

12 बज गए में है, उन सरदारों की निस्वार्थ सेवा

12 बज गए में है, उन सरदारों की बुद्धिमत्ता

12 बज गए में है, उन सरदारों की युद्धनीति

12 बज गए में है, उन सरदारों की जीत 

12 बज गए में है, उन सरदारों की नारी सम्मान के लिए दी गई एक बड़ी कुर्बानी

12 बज गए में है, नादिरशाह की हार 

12 बज गए में है, नादिरशाह की सेना का भय 

जो जुनून सरदारों में तब था, वो आज भी है।

ऐसे वीरता और साहस के पर्याय सरदारों को '12 बज गए' कह कर उनका मजाक बनाना, उन्हें चिढाना, क्या बेहद शर्मनाक नहीं है? 

तो अब जब आप इस बात को जान चुके हैं तो, शायद आगे से आप इस तरह के चुटकुले ना तो सुनाएंगे और नहीं किसी और को इस तरह की शर्मनाक हरकत करने देंगे, बल्कि उन्हें भी इस गौरवशाली इतिहास से अवगत कराएंगे।

बोले सो निहाल सत् श्री अकाल