Wednesday, 14 June 2023

Tip : Home Remedies for Hives (पित्ती)

Hives (पित्ती)

Skin में होने वाली एक बहुत ही common disease है, पित्ती उछलना, जिसे hives या urticaria भी कहते हैं।
यह problem बच्चों से लेकर बड़ों तक किसी को भी हो सकती है। 

वैसे इस problem में बहुत ज़्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं होती है, कुछ precautions और home remedies से यह कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है, अगर आपको या आपके घर में किसी को यह problem हो गई है, तो आप इन‌ tips को follow कर सकते हैं।

A. What is Hives :

पित्ती, skin पर चकत्ते या ददोरे बनाती हैं, छोटे-छोटे दाने आपस में मिल जाते हैं, जिससे बड़े-बड़े चकत्ते बन जाते हैं। पित्ती द्वारा बनने वाले चकत्ते ज़्यादातर allergy के कारण होते हैं।
 
इसमें हमारी body से excessive amount में histamine का secretion होने लगता है।

Histamine हमारे body के सभी cells में naturally पाया जाने वाला एक chemical है।

यह immune system and nervous system का important component है। जब भी किसी तरह की allergy होती है तो histamine, immune system को trigger कर देता है, जिसके कारण, swelling, rashes, irritation, आंखों से पानी आना, जैसे symptoms दिख सकते हैं। 


B. Symptoms :
  • Itching
  • Burning sensation
  • Swelling
  • Slight pain

C. Causes :
  • Consuming allergic food items
  • Consuming allergic medicines
  • Insect bites
  • Touching plants or animals
  • Wearing tight & uncomfortable clothes
  • Extreme weather
  • Being emotionally disturbed

D. Precautions :
  • अगर गर्मी है तो, जिस जगह आपको पित्ती हुई है, वहां की skin पर ठंडी सेक करें।
  • अगर ठंड है तो, warm clothes and blanket से अपने आप को ठीक से cover कीजिए, जिससे ठंड ना लगे।
  • पित्ती के infected area पर oatmeal scrub का प्रयोग करें।
  • Aloe vera gel को अपने infected area पर लगाएं। 
  • Allergic components से दूर रहें।
  • आपकी allergy, किस कारण से trigger होती है, उसे पता लगाएं और उससे दूर रहें।
  • Loose and comfortable clothes पहनें।
  • अपनी skin पर पित्ती की जगह पर खुजलाएं नहीं।
  • Nutritious food खाएं।
  • अनार का जूस रोजाना पिएं।
  • पित्ती उछल जाने के बाद कोई भी ऐसा काम नहीं करें, जिससे आपको tension हो।
  • Caffeine और शराब के use से पित्ती खराब हो सकती है।

E. Home remedies :

1. Neem and giloy juice
 
Ingredients : 
  • पानी
  • नीम के पत्ते 
  • गिलोय पाउडर

Method :
  1. नीम के कुछ पत्ते लें और उन्हें पीसकर एक महीन paste बना लें।
  2. एक कटोरी पानी लें और उसमें एक चम्मच गिलोय powder के साथ तीन बड़े चम्मच नीम की पत्तियों का paste मिलाएं।
  3. सभी ingredients को अच्छी तरह मिला लें और तब तक उबालें जब तक कि solution आधा न रह जाए।
  4. इस solution को छन्नी से छान लें और एक गिलास या प्याले में निकाल लें।

Intake : 

इस solution को daily दिन में कम से कम तीन बार पिएं। नीम के पत्ते आयुर्वेद की बहुत ही गुणकारी जड़ी-बूटियों में से एक हैं, इस जड़ी बूटी के daily intake से blood purify होता है और शरीर में oxygen से युक्त blood बढ़ता है और गिलोय एक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जो immunity को बढ़ाती है। यह घरेलू उपाय पित्ती के लिए प्रभावी home remedies में से एक है। पित्ती के लिए इस घरेलू उपाय को नियमित रूप से तब तक अपनाएं जब तक आपको इससे पूरी तरह राहत न मिल जाए।


2. Pomegranate and Indian gooseberry juice 

Ingredients: 
  • अनार
  • आंवला

Method :
  1. कुछ आंवले और अनार लें और उनमें से प्रत्येक से आधा गिलास रस निकालें।
  2. जूस को एक गिलास में इकट्ठा करें और दोनों जूस को अच्छी तरह मिला लें।

Intake : 

इस रस को दिन में कम से कम दो बार पिएं। आंवला में अच्छी quantity में Vitamin C होता है और अनार blood में richness को बढ़ाने में मदद करता है। इन जूस के daily intake से बीमारियों की संभावना को कम करने में मदद मिलती है। पित्ती के लिए इस घरेलू उपाय का नियमित रूप से पालन करें। यह घरेलू उपचार पित्ती के लिए प्राकृतिक और प्रभावी घरेलू उपचारों में से एक है।


3. Corn starch and baking soda

Ingredients : 
  • पानी
  • Corn starch
  • baking soda

Method :
  1. आधा tub गर्म पानी लें और ½ cup corn starch और ½ cup baking soda को मिलाएं।
  2. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें ताकि सभी ingredients completely mix हो जाए।

Use :
एक तौलिया लें और इसे गर्म पानी के tub में डुबोएं, इस गीले तौलिए से अपनी infected area को slightly rub करें और साफ करें। इससे अगर आप के पित्ती उछलने से खुजली‌ हो रही है तो उससे छुटकारा मिल जाएगा। इस घरेलू उपाय को दिन में कम से कम दो बार करें। पित्ती के लिए इस घरेलू उपाय को तब तक अपनाएं जब तक आपको इससे पूरी तरह राहत न मिल जाए।

 
4. Apple cider vinegar and ginger juice

Ingredients : 
  • सेब का सिरका
  • अदरक का रस
  • Brown sugar

Method :
लगभग ¾ cup apple cider vinegar में दो बड़े चम्मच ब्राउन शुगर और एक बड़ा चम्मच अदरक का रस लें।
सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें और एक चम्मच इस solution को एक गिलास पानी में मिला लें।

Use :
रूई लें और इस solution में डुबोएं। इस गीले रूई से अपनी त्वचा के infected area को थपथपाएं। पित्ती के infection को दूर करने के लिए दिन में दो बार पित्ती के लिए इस घरेलू उपाय का पालन करें। यह home remedy भी पित्ती द्वारा होने वाली खुजली को कम करता है।
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Allopathic medicines में allergy के लिए avil and citzen prescribe की जाती है जिसमें से पित्ती के लिए avil ज्यादा effective होती है। पर कोई भी medicine के लिए doctor को consult जरूर करें।

आपको पित्ती क्या है, क्यों होती है, बचाव क्या है और घरेलू उपाय क्या हैं, आपको सब बता दिया है, सारी information, health related sites and अपने experience से लिखी है।

जिसे भी पित्ती है, इन home remedies से उसे 2-3 days में relief मिलने लगेगा, अगर ऐसा ना हो तो doctors से consult ज़रूर करें। 

डिस्क्लेमर : यह tips केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

Be Safe, Be Happy 😊

Monday, 12 June 2023

Short story: ईश्वर की चिंता

 ईश्वर की चिंता  


एक छोटे से शहर में एक बहुत माना हुआ, हनुमानजी का सिद्ध मंदिर था। 

दूर-दूर तक उसकी मान्यता के चर्चे थे। जिसके कारण, हर रोज ही मंदिर में बहुत भीड़ रहा करती थी।

उसी शहर में रतन भी रहता था, जो कि हनुमानजी का बहुत बड़ा भक्त था और हर हफ्ते मंदिर में दर्शन करने आता था।

पर वो अन्य भक्तों से अलग था, वो मंदिर दर्शन करने इसलिए नहीं आता था कि उसे हनुमानजी से कुछ मांगने की चाह थी या उसे उनसे शिकायत करनी होती थी।

वो अलग ही था, उसकी सोच अलग ही थी।

वो उस दिन भीड़ को चीरता हुआ, किसी भी रोक-टोक की परवाह किए बगैर, हनुमानजी के चरणों में पहुंच जाता था।

और हनुमानजी के चरणों को दबाते हुए पूछा करता था, हे प्रभु, आप ठीक तो हैं? लोगों के दुःख-दर्द सुन सुनकर बहुत अधिक दुःखी तो नहीं हो गए? 

लोगों के कष्ट निवारण करते-करते थक तो नहीं गए? 

लोगों की ढेरों शिकायतें सुन-सुनकर कुपित तो नहीं हो गए? 

मजे में तो हैं ना?

आप के तो हजारों भक्त हैं, सभी आपके आसरे हैं। सबका ही भला करिएगा। आपके बिना सभी बेसहारा हैं, उनका साथ कभी ना छोड़िएगा। अपनी कृपा दृष्टि सब पर बनाकर रखियेगा 🙏🏻

अब चलता हूं, अगले हफ्ते फिर आऊंगा, तब तक अपना ध्यान रखिएगा। 

यह कहकर, वो अपने साथ लाए प्रसाद से हनुमानजी को भोग लगाता, फिर उस प्रसाद को मंदिर में सबको बांट देता। 

और फिर अगले हफ्ते आकर यही सब करता, यही उसके मंदिर आने का ध्येय था। 

मंदिर में आकर, उसके हनुमानजी के चरणों तक पहुंच जाने का बहुत लोग विरोध भी करते थे। 

ऐसे लोगों को मंदिर के पुजारी सिर्फ इतना कहते थे कि तुम सब अपनी चिंता से निहित होकर मंदिर आते हो। 

पर रतन, हनुमानजी का सच्चा भक्त और हितेषी है। वो उनकी चिंता में मंदिर आता है।

जिसे ईश्वर से कोई शिकायत ना हो, जिसे ईश्वर से कोई चाह नहीं हो, जो मंदिर सिर्फ इसलिए आता हो, कि उसे ईश्वर की चिंता हो, उसका स्थान तो हम से भी ऊपर है, उसका हक हम से भी ज्यादा है। 

जब तुम लोग भी ईश्वर की चिंता में आओगे, उस दिन तुम भी उनके चरणों तक अपने आप पहुंच जाओगे, क्योंकि तब ईश्वर खुद तुम्हें अपने श्री चरणों में स्थान दें देंगे🙏🏻

Friday, 9 June 2023

Article : Steroids - Boon or curse

Steroids - Boon or curse



आज कल कोई सी भी बीमारी हो, doctors बहुत जल्दी steroids prescribe करते हैं।

पर क्या होते हैं steroids? ऐसा भी इसमें क्या है कि हर problem का solution है steroids? Steroids, safe होते हैं या नुकसानदायक? 

आखिर क्यों doctors, steroids को prescribe करने लगे हैं? 

चलिए इन सारे सवालों का जवाब देख लेते हैं।

1. Why doctors prescribe Steroids

ईश्वर ने अपनी सृष्टि बहुत सुन्दर और सशक्त बनायी है, ऐसी सृष्टि जिसमें ताकत है, सृजन की, अपने आप को पुनर्निर्मित करने की... 

अर्थात् आप जब कभी भी बीमार पड़ें और शरीर को पुनर्निर्मित होने का समय दें तो उसमें उतनी ताकत होती है कि वो स्वयं अपने आप को ठीक कर सकता है। 

पर आज कल तो click and tick की instant दुनिया है, जहां वक्त ही नहीं है, लोगों के पास ठहरने के लिए... 

हम किसी भी चीज़ के लिए वक्त देना कब चाहते हैं? हम तो चाहते हैं कि बस सब झटपट ठीक हो जाए। इसलिए हम बीमार पड़ने पर ऐसे ही doctors के पास जाना चाहते हैं, जो झटपट ठीक कर दें। 

कहीं भी कोई जादू तो है नहीं, कि छड़ी घुमाई और सब हमारी इच्छानुसार...

पर यह जादू, कुछ हद तक संभव हो सकता है, यदि steroids लिए जाएं, क्योंकि steroids आपको काफ़ी हद तक जल्दी ठीक कर सकता है।

तो जो doctors steroids देते हैं, वो जल्दी ठीक कर देते हैं, और जो doctors जल्दी ठीक कर लेते हैं, हम उन्हीं के पास जाना पसंद करते हैं। 

बस यही वजह है, doctors के steroids, prescribe करने की...

अब जान लेते हैं कि steroids हैं क्या?


2. What are steroids?

Steroids एक प्रकार के hormone होते हैं जो शरीर में स्वाभाविक रूप से बनते हैं। Steroids medicine, मानव निर्मित होती हैं और शरीर में बने natural hormone  का artificial form होती हैं। Steroids कई अलग-अलग medical situations  के लिए use की जाती हैं।


3. Advantages of steroids

यह fat-free muscles की density and strength को बढ़ा देता है। 

यह swelling को कम करता है, साथ ही immune system पर भी effect डालता है। 

Steroids, asthma and eczema के treatment के लिए काफ़ी effective रहते हैं। 

Auto immune disease जैसे rumetoid, arthritis, auto immune hepatitis, etc. में steroids लेना काफ़ी beneficial होता है।

Steroids से energy and concentration भी बढ़ जाती है, जिसके कारण steroids लेने वाले में confidence भी बढ़ जाता है। 

ऐसे ही और भी diseases में steroids beneficial हैं।

Steroids की दवाएं विभिन्न तरीकों से और विभिन्न स्तर की तीव्रता के साथ, लोगों को प्रभावित करती हैं। हालांकि, लंबे समय तक दवाओं का उपयोग करने से side-effects बहुत बढ़ जाते हैं।


4. Side effects of steroids

A. Effect on immune response

बहुत ज्यादा दिनों तक steroids लेते रहने पर immune response, कम होने लगता है। जो कि शरीर के लिए घातक हो सकता है।

i. Infection-prone body

Steroids के लगातार use से body organs पर भी side-effects होते हैं। जिससे body infection-prone हो जाती है, और जल्दी-जल्दी infection catch करने लगती है।

B. Weak muscles 

Steroids के अधिक use से शरीर की muscles weak होने लगती हैं। साथ ही शरीर पर, चेहरे पर छोटे-छोटे बाल या रोएं आ जाते हैं।

C. Sugar level 

Steroids से शरीर में sugar level बढ़ने लगता है, इसलिए diabetes के रोगियों को steroids पर अधिक निर्भर रहने के लिए मना किया जाता है।

D. Hypertension 

Steroids के लगातार intake से hypertension या high blood pressure हो सकता है। Insomnia की problem हो सकती है। Weight gain, weak appetite, mental problems, eye problems like glucoma, cataracts, bone-related problems like osteoporosis, etc की संभावना बढ़ जाती है।


हमने आपको steroids के advantages and side-effects, सब बता दिए हैं।

अब आप कहेंगे कि हम क्या करें, steroids लें कि ना लें? Steroids prescribe करने वाले doctors के पास जाएं कि ना जाएं?

वैसे, हमने एक बात और notice की है कि छोटे बड़े सभी शहरों में अब बहुत कम ऐसे doctors हैं जो steroids prescribe ना करें।

Steroids लें की नहीं लें, इसके लिए हम कहेंगे कि यह तो आपको खुद ही decide करना होगा, अपनी तकलीफ़, अपना दर्द और अपनी परेशानियों को समझ कर, अपनी परेशानियों से कितना जूझ सकते हैं, इस बात को समझ कर...

आपको अपनी current situation और future situation को ध्यान में रख कर ही decisions लेने होंगे, कि steroids आपके लिए boon है या curse...

हमारी ईश्वर से सदैव यही प्रार्थना है कि हमारे सारे viewers हमेशा सुखी, स्वस्थ, संपन्न और प्रसन्न रहें 🙏🏻😊

हमने, बहुत सी health related sites से information collect करके ही यह article डाला है। पर आप जब भी treatment के लिए जाएं तो doctor से पूरी जानकारी लेकर ही decision लें 🙏🏻