Wednesday, 20 March 2024

Article : एक appeal - होली पर

पिछले साल एक memory डाली थी, namely 'त्यौहार सिमट गए', जिसमें हमने government से एक appeal की थी कि हमेशा से ही बच्चों के final exam की dates, होली के आसपास ही रहती है, specially board examinations की, जिसके कारण बच्चे होली के त्यौहार का आनन्द पूरी तरह से नहीं ले पाते हैं। जबकि कोई भी त्यौहार हो, उसमें बच्चों को विशेष आनन्द आना चाहिए। 

फिर होली का त्यौहार तो होता ही है मस्ती, उत्साह और उमंग से परिपूर्ण... इसलिए बच्चों को हमेशा से ही यह त्यौहार अपनी ओर आकर्षित करता है।

लेकिन final exam की dates, होली के आसपास या बीच में होने के कारण, बच्चों को होली पर्व को हर्षोल्लास से मनाने के बजाए पढ़ना पड़ता था, जिससे त्यौहार की रौनक खत्म होती जा रही थी और त्यौहार नीरस होता जा रहा था।

हमने appeal की थी कि जब भारत हिन्दू साम्राज्य बनता जा रहा है, और सरकार हिंदूत्व की समर्थक हैं तो, उन्हें इस ओर ध्यान देना चाहिए कि बड़े तीज-त्यौहारों पर बच्चों के final exam की dates नहीं रहे, जिससे भारतीय संस्कृति और परंपरा सुचारू रूप से चल सके। 

हम धन्यवाद देना चाहेंगे, BJP government को, कि इस साल, किसी भी class के final exam की dates, होली के आसपास या बीच में नहीं पड़ी... यहां तक कि board examinations की dates भी नहीं। उम्मीद करेंगे कि सरकार ने जो कदम इस बार लिया है बच्चों के लिए, वह अब से हर साल क़ायम रहेगा। पर उसके लिए सरकार कौन सी होनी चाहिए, यह हमें देखना होगा...

सभी exams, होली से दस से पंद्रह दिन पहले ही खत्म हो गये हैं और आजकल बच्चों को एक लंबा vacation मिला हुआ है। इस कारण इस बार बच्चों में होली के त्यौहार का अलग ही उत्साह और उमंग नजर आ रहा है।

एक appeal - होली पर

अब एक appeal आप से भी है, कि जब BJP government ने बच्चों को विशेष अवसर दिया है, होली को हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने का, तो हम सब भी यही कोशिश करें कि होली के त्यौहार को त्यौहार ही रहने दें।

मतलब long vacation समझकर घूमने जाने का program ना बनाएँ।

इस त्यौहार में उनके लिए खूब सारे पकवान बनाएँ, जैसे हमारे बचपन में हमारी माँ, दादी, चाची, बुआ, नानी, मामी, मौसी लोग बनाया करती थी। 

हम आपको Holi से related पूरे tab का link दे रहे हैं, इसमें आपको होली से संबंधित हमारी सभी posts मिल जाएँगी। इसमें आपको होली से जुड़ी हुई बहुत सी बातें, और recipes पता चल जाएँगी, साथ ही इसकी कहानियाँ और कविताएँ आपको entertain भी करेंगी। इसमें मौजूद अनेकों recipes से आप को अपनी मनपसंद recipes बनाने का idea भी मिल जाएगा : Holi-special tab

सभी dishes बहुत अच्छे से और easy way में बताई गई हैं। हम इस साल कुछ पापड़ों की easy and tasty recipes share करेंगे और आगे भी ऐसी ही  recipes share करते रहेंगे तो हमारे recipe segment से जुड़े रहिएगा...

Just for your information, घर के बने सामानों से त्यौहार में ज़्यादा रौनक आती है। उनमें किसी तरह की मिलावट नहीं रहती है... 

नहीं-नहीं, रहती है, मिलावट तो इसमें भी रहती है, पर प्यार और अपनेपन की 😊

इसलिए यह ज़्यादा healthy and tasty रहते हैं। ज़्यादा नहीं तो कुछ एक पकवान घर पर ज़रूर से बना लीजिए, जो आपको सबसे ज़्यादा easy लगे।

पर अगर आप को यह सब काम बहुत झंझट के लगते हैं, तो आप ही की सुविधा के लिए, बाज़ारों में यह सब easily available है, जहाँ से आप सब कुछ खरीद सकते हैं। 

जो भी आपको उचित लगे, वही करें, पर करें ज़रूर...

बच्चों के लिए खूब सारे रंग, पिचकारी, पानी की उचित व्यवस्था कीजिए।

पर जो सबसे ज़्यादा ज़रूरी है, वो है आपका अमूल्य समय, जिस पर उस दिन सबसे ज़्यादा अधिकार बच्चों का और आपके अपनों का ही है। उनके साथ अपना समय व्यतीत करें। 

Social media पर virtually नहीं बल्कि real time दें अपनों को अपना...

जिससे उन्हें एहसास हो कि त्यौहार जीवन के विशेष दिन होते हैं, इनका जीवन में विशेष महत्व है। तो इन्हें पूरी परंपरा और रीति-रिवाज़ से ही मनाना चाहिए, अपनी सुविधानुसार तोड़ना-मरोड़ना नहीं चाहिए।

बच्चों के साथ ही त्यौहारों को परंपरागत रूप से मनाने से हम अपने देश, संस्कृति और सभ्यता को भी मान देते हैं, जिसे देना हमारा फ़र्ज़ भी है और हमारा दायित्व भी। 

आप सभी को होली पर्व पर अभी से बहुत-बहुत बधाइयाँ, आशा है आप इस appeal का मान रखेंगे और अपने बच्चों का बहुत ध्यान रखेंगे और उन्हें अपना खूब सारा प्यार और समय देकर enjoy कराएंगे...

Tuesday, 19 March 2024

Tip : A Sustainable Holi

होली का उत्सव आने वाला है और अपने साथ लाने वाला है, रंग, उत्साह, उमंग और पानी की ठंडी-ठंडी बौछार...

लेकिन होली के आते ही कुछ 'so-called समाज सुधारक' पानी के अपव्यय पर भाषण देना शुरू कर देंगे और होली के त्यौहार को नीरस करने का पूर्ण प्रयास करेंगे। ऐसे लोगों को पानी की बर्बादी केवल होली में ही दिखाई देती है... पर क्या यह उचित है कि हिन्दूओं के प्रत्येक त्यौहार को किसी ना किसी बात का मुद्दा उठाकर नीरस कर दिया जाए? 

नहीं ना...

आज ऐसे ही लोगों के लिए, साथ ही उन लोगों के लिए भी जिन्हें होली का त्यौहार बहुत प्रिय होता है, हम बहुत अच्छा उपाय लेकर आए हैं...

जिससे पानी का अपव्यय भी कम होगा और त्यौहार का मज़ा भी दोगुना रहेगा। 

A Sustainable Holi 


तो चलिए, बात करते हैं उस उपाय की...

I. Saving water for Holi  :

इसके लिए सबसे पहले आपको मितव्ययिता अपनानी होगी। मतलब पानी तो बचाना है, मगर सिर्फ होली के दिन ही नहीं, बल्कि कुछ दिन पहले से पानी को मितव्ययिता से use करें। 

  1. Means अगर आप shower लेते हैं तो कुछ दिन पहले से shower लेना बंद कर दीजिए, क्योंकि shower लेने से बहुत ज्यादा पानी बर्बाद होता है। 
  2. आप अपने घर के नलों के पानी का pressure कम कर दीजिए। नल में pressure जितना ज़्यादा होगा, पानी उतना ही ज्यादा बर्बाद होगा।
  3. आप दाल, चावल, सब्ज़ियां, कपड़े आदि धोने में ध्यान रखिए कि उसका धुला हुआ पानी बह ना जाए। बल्कि आप उसी पानी से अपने bathroom को धो सकते हैं या उस पानी को पेड़-पौधों पर डालकर उसका सदुपयोग कर सकते हैं।


अब उपाय करते हैं, होली के दिन का...

II. Preserving water on the day of Holi/Dhulendi :

  1. उस दिन के लिए आप organic colours को use कीजिए। यह रंग आपकी skin के लिए भी अच्छा होता है, साथ ही इन रंगों को छुड़ाने के लिए आप को कम पानी की आवश्यकता होगी। 
  2. एक-दूसरे पर पानी फेंकने में ध्यान रखिए कि उसकी मात्रा बहुत अधिक ना हो। आप मस्ती के लिए पानी use कीजिए पर बर्बादी के लिए नहीं... 
  3. जहां पर खेलने के लिए पानी भर रहे हों, वहां पानी भर जाने के बाद बहते हुए रहने मत दीजिए, बल्कि बार बार नल को बंद करने और खोलने का काम करते रहें।
  4. रंग का उत्सव सदैव ऐसी जगह खेलें, जहां कुछ दूरी पर पेड़-पौधे भी लगे हों, जिससे रंग खेलने के दौरान use होने वाला पानी बर्बाद ना हो, वो पेड़-पौधों में चला जाए।


मतलब इन उपायों से जब हम पानी बचाएंगे तो हम इसी पानी को होली में उपयोग में ला सकेंगे। 

आप कहेंगे कि पानी का अपव्यय तो अभी भी हुआ?

बिल्कुल हुआ, पर, उतना नहीं जितना हम हमेशा करते हैं। और हमने उसके लिए पानी की बचत भी पहले से की थी।

इस तरह से पानी भी बचेगा और त्यौहार भी उत्साह से सजेगा।

अरे हाँ, अब यह उपाय उनके लिए है, जिनके घरों में पानी की बहुत ज्यादा crisis रहती है...

III. Playing Holi/Dhulendi in areas which face deficiency of water :

होली फागुन का त्यौहार है, इसमें फूलों की बहार रहती है। पलाश और टेसू के फूल तो विशेष रूप से होली में ही आते हैं और इनका उपयोग तो भगवान श्रीकृष्ण जी के समय से हो रहा है। तो बस, आप पानी के अभाव में पलाश और टेसू के पुष्पों के साथ ही अन्य फूलों को भी अपने रंगों से replace कर दीजिए।


नहीं, माननी है तो बस एक बात, चाहे जो भी हो, हम होली का त्यौहार ज़रूर मनाएंगे, वो भी पूरे उत्साह, उमंग और खुशियों के साथ... उसे किसी भी तरह से नीरस नहीं होने देंगे।

तो बोलो सा रा रा रा रा रा रा रा रा...

आप सभी को होली पर्व की advance में हार्दिक शुभकामनाएं 💐💦

Monday, 18 March 2024

Poem: Love Stories

फागुन का रंग, रस, माधुर्य से परिपूर्ण मास चल रहा है। इस मास में हवाएं भी ऐसी चलती है कि सब ओर प्रेम ही प्रेम विद्धमान रहता है। उस का असर कुछ ऐसा होता है कि सजीव तो सजीव, निर्जीव वस्तुओं के सुर भी बदल जाते हैं। 

इस सुर को ही अपनी आज की कविता में पिरोया है। आइए उसका आनंद लेते हैं।

Love Stories 


हवा चली ज़ोर से

तो window बोली 

door से 

सुन रहे हो

जो खट-खट 

वो मेरे heart की है

धक-धक 

क्या मस्त हवा है

मौसम romantic हो चला है

Flowers महक रहे हैं

पंछी चहक रहे हैं 

काश आज कोई

sweets ले आए

मद्धम सी light की 

Candle जलाए 

चलो हम भी इंसानों-सा 

थोड़ा रोमानी हो जाएँ

हमको personify करके 

कोई हमारी feeling को

समझ पाए

जितनी हो requirements बस

मकान उतने ही बनाएँ

जिससे लहराते रहे वृक्ष

और चलती रहें हवाएँ 

उन्हें काटकर

Window and door

ना बनाए जाएं 

हम भी रह सकें सजीव

निर्जीव ना हो जाए 

और इस romantic से

मौसम में, यूँ ही 

Love stories बनती जाएँ... 



आज कुछ अलग सी कविता लिखी है, जैसी आजकल ज्यादा पसंद की जा रही है। जिसमें रस भी है और उन्मुक्तता भी, जो प्यार के एहसास को जगाती है और ना बोलने वाली वस्तुओं को भी धड़कन और आवाज़ दे जाती है। 

एक अलग प्रयास किया है, बताइएगा कि आप को कैसा लगा?....