Thursday, 1 November 2018

Story Of Life : अंतिम इच्छा


अंतिम इच्छा


रितेश रंजना एक दूसरे से इस कदर प्यार करते थे, कि उन्हें दुनिया में क्या चल रहा है, इसका कोई होश ही नहीं रहता था। दोनों को अपने से ज्यादा दूसरे की खुशी की चिंता थी, परवाह थी।
इधर रंजना के सीने में कई दिन से दर्द हो रहा था। पर उसने इसका रितेश को पता नहीं चलने दिया। पर दिन पर दिन दर्द बढ़ता ही जा रहा था। एक बार को इच्छा हुई, कि वो ससुराल या मायके चली जाए। तो वहाँ किसी के साथ जा कर doctor को दिखा लेगी। पर रितेश उसे कभी अपने से अलग होने ही नहीं देता था। जहां कहीं जाते दोनों साथ साथ ही आते-जाते। सब कहते भी थे, इनकी शादी हुई थी, या इन्हें fevicol में नहलाया गया था। कभी अलग ही नहीं होते हैं।  
रंजना रितेश को दर्द की बात बता कर परेशान भी नहीं करना चाह रही थी। पर दर्द अपनी हद पार करता जा रहा था। एक दिन वो लोग एक पार्टी में गए थे। वहाँ एक heart के doctor भी आए थे। रंजना के हाव-भाव से उन्होने भाँप लिया, कि उसके heart में problem  है। उन्होने रितेश से इसका जिक्र किया। तो वो हैरान रह गया। बोला नहीं Dr. ऐसा कुछ नहीं है। वो बोले आपकी wife आपसे छिपा रहीं हैं। मेरा अनुभव कभी गलत नहीं हो सकता। वो बोले आप अपनी wife को बिना बताए मेरे clinic ले कर आइएगा। वहीं सब clear हो जाएगा। Please, ये बिलकुल भी मत सोचिएगा, कि मैं पैसों के लालच में आपसे ये बोल रहा हूँ, क्योंकि अगर कुछ नहीं होगा, तो मैं अपनी fees भी नहीं लूँगा। और मैं आपसे ऐसा इसलिए कह रहा हूँ, क्योंकि बहुत सी ladies अपना दर्द बताती नहीं हैं। मैंने इसी के चलते अपनी माँ को खो दिया था। मैं नहीं चाहता, कि कोई इस कारण से इस दुनिया से चला जाए, क्योंकि उसने अपना दर्द छिपाया था। और वो भी तब जब, कि मुझे पता हो।
Dr. के  इस तरह से बोलने से रितेश अगले दिन रंजना को ले कर clinic पहुँच गया। रंजना बोली हम यहाँ क्यों आए हैं? अरे कल party में Dr. साहब मिले थे। तो मैंने उनसे full body checkup का appointment  मांगा था, तो बस आज का मिल गया।
पर तुमने मुझे पहले कुछ बताया नहीं, कब सोचा था तुमने? रंजना कुछ सोचती सी बोली। तुम मुझे सब बताती हो? कह कर रितेश ने रंजना की आँखों में झाँका। रंजना झूठमूठ का गुस्सा करते हुए बोली(जिससे उसकी चोरी छिप जाए), एक तो बताया नहीं, ऊपर से हम पर ही इल्जाम लगा रहे हैं।
दोनों का checkup शुरू हो गया। फिर वही हुआ, जो होना था। रंजना का सच सामने आ गया। Dr. के पास जब दोनों पहुंचे। तो Dr. बोले, रितेश मेरा कहना ठीक था। आपकी wife पिछले एक साल से ये दर्द सह रही हैं। इनके artery में blockage हो गया है। जिसका treatment अगर तभी हो जाता तो, ये बहुत छोटा case होता, पर अब मुझे ये कहते हुए, बहुत अफसोस हो रहा है, की मैं आपसे एक साल पहले क्यों नहीं मिला? अब इनका जाना, मुझे फिर से मेरी माँ का जाना याद दिला देगा। Dr. का ऐसा, बोलने से रितेश एकदम सुन्न पड़ गया। वो कभी रंजना से सपनों में भी अलग रहने की कल्पना नहीं कर सकता था।

Wednesday, 31 October 2018

Tip : New Horizon Of Taste

New Horizon Of  Taste


Till now you must have  enjoyed chocolate pastries in its usual form. now this tip will take you to a new horizon of taste.


Take dark chocolate pastry like
Chocolate Chips pastry
Chocolate Truffle pastry
Chocolate Marble pastry
Chocolate Divine pastry
Chocolate Belgium pastry
except Black Forest

Microwave it for 30 seconds or till it reaches the stage as in the figure.

Tuesday, 30 October 2018

Kids Story : लालच

लालच

अतिक्ष जैसे जैसे बड़ा हो रहा था, बहुत बड़ा आलसी होता जा रहा था, उसमें लालच भी बढ़ता जा रहा था। और साथ ही साथ उसमें सादे खाने के प्रति अरुचि भी बढ़ती जा रही थी। जिसके कारण जब उसे सादा खाना होता, तो उसकी डाइट कम होती, पर जब चटर-पटर खाना होता तो उसकी डाइट दोगुनी हो जाती। जिसका नतीजा ये होता कि उसका आए दिन पेट खराब ही रहा करता और उसका शरीर भी बेडौल होता जा रहा था।
अतिक्ष जब छोटा था, बहुत सुंदर था, तो सबका बहुत लाडला था, पर अभी तो वो ऐसा बेडौल हो गया था, कि किसी का लाडला तो क्या रहेगा, सब के बस हंसी का पात्र बन के रह गया था।
सब के इस तरह मज़ाक उड़ाने से वो बहुत दुखी रहता था, हमेशा मन बनाता कि अब से खूब मेहनत करेगा, और लालच भी नहीं करेगा। पर ये सब बस तब तक ही रहता था, जब तक कोई टेस्टी खाना नहीं दिखता था। और जहां कुछ टेस्टी दिखा, उसका सारा दुख छूमंतर हो जाता था।
उसकी लालच की आदत ने अब उसे बहुत परेशान करना शुरू कर दिया था। उसके पेट के दर्द की फ्रिक्वेन्सी बढ़ने लगी थी। और एक दिन वही हुआ जिसका डर था। डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए बोल दिया।
और ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने उसे हमेशा के लिए सादा खाना खाने के लिए बोल दिया, जब माँ अतिक्ष के पास गईं तो वो बहुत रो रहा था। उसको रोता देख कर माँ भी बहुत दुखी हुई।
उन्होंने बताया, डॉक्टर से बात की है, क्या अतिक्ष को सारी ज़िंदगी ऐसे ही रहना पड़ेगा?
तो वो बोले, अगर 5 साल का स्ट्रिक्ट परहेज कर लेगा, तो आगे से थोड़ा थोड़ा खा सकता है।
अतिक्ष आँसू पोछ्ता हुआ बोला, माँ मैं आपसे वादा करता हूँ, अब कभी भी लालच नहीं करूंगा और परहेज भी करूंगा। आगे भी ध्यान रखूँगा।
अतिक्ष ने बहुत अच्छे से परहेज किया, जिसके कारण डॉक्टर ने उसे 3 साल में ही थोड़ा बहुत चटर-पटर खाने की परमिशन दे दी।
पर अब अतिक्ष ने कभी लालच नहीं किया, और अब वो चटर-पटर कम ही खाया करता।
फिर उसके पेट में कभी दर्द नहीं हुआ।