Saturday, 17 October 2020

Bhajan (Devotional Song) : मैया आयीं हैं द्वारे

🕉️ आप सभी को नवरात्रि के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ  🕉️

🙏🏻 माता रानी का आगमन, सबके लिए शुभ हो व माँ की कृपा सदैव हम सब पर बनी रहे 🙏🏻

मैया आयीं है द्वारे



स्वागत की कर लो तैयारी

मैया आयीं है द्वारे


आयीं है द्वारे

मैया आयीं है द्वारे

स्वागत की कर लो तैयारी

मैया आयीं है द्वारे


मैया के संग 

शारदा मैया भी आयीं

मैया के संग 

शारदा मैया भी आयीं

संग अपने बुद्धि ज्ञान 

वो लायीं-2

भक्तों के......

भक्तों के काज संवारे

हाँ, संवारे, मैया आयीं हैं द्वारे


स्वागत की कर लो तैयारी

मैया आयीं है द्वारे


मैया के संग 

लक्ष्मी मैया भी आयीं

मैया के संग 

लक्ष्मी मैया भी आयीं

संग अपने वो अन्न धन 

को लायीं-2

भक्तों के....

भक्तों के भरने भंडारे

हाँ, भंडारे, मैया आयीं है द्वारे


स्वागत की कर लो तैयारी

मैया आयीं है द्वारे


मैया के संग 

काली मैया भी आयीं

मैया के संग 

काली मैया भी आयीं

संग अपने खड्ग खप्पर 

वो लायीं-2

भक्तों के.....

भक्तों के दुश्मन संहारे 

हाँ संहारे , मैया आयीं हैं द्वारे


स्वागत की कर लो तैयारी

मैया आयीं है द्वारे


आयीं है द्वारे मैया

आयीं है द्वारे


स्वागत की कर लो तैयारी

मैया आयीं है द्वारे


💐 जयकारा शेरावाली दा 💐

🙏🏻 माता रानी तेरी सदा ही जय 🙏🏻



आप भजन, इस धुन में या अपने द्वारा बनाई गई धुन में भी गा सकते हैं।


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माता रानी के भजन


Friday, 16 October 2020

Stories of Life : जिन्दगी और मो‌क्ष (भाग -2)

जिन्दगी और मो‌क्ष (भाग -1) के आगे........

जिन्दगी और मो‌क्ष (भाग -2) 


 मुझे मेरी जिन्दगी वापस दे दीजिए।

यह तुम क्या कह रहे हो? सभी मोक्ष की कामना करते हैं।

जीवन पर्यन्त साधना करते हैं, तब भी बहुत बार कुछ त्रुटि रह जाने के उन्हें मोक्ष‌ नहीं मिलता है।

कितने तो जानते ही नहीं हैं कि मोक्ष प्राप्ति का सही मार्ग क्या है।

बहुत से लोग, सभी कर्तव्यों से विमुख होकर, केवल ईश्वर भक्ति में लीन रहते हैं।

जबकि मोक्ष उन्हें मिलता है, जिसने अपने कर्तव्यों का निर्वाह पूर्ण रूप से किया हो। जिसने जीवन भर सत्य प्रेम और सदाचार का पालन किया हो। सदैव दूसरों को सुख प्रदान करने का प्रयास किया हो।

तुम सौभाग्य शाली हो कि तुम्हें मोक्ष मिल रहा है।

हे ईश्वर, आप जिन्हें ऐसे मोक्ष की कामना है, उसे मोक्ष दे दीजिए।

मुझे तो आप जीवन ही प्रदान कर दीजिए।

क्यों, आखिर क्यों है, तुम्हें उस जीवन की कामना?

जिसमें दुःख-दर्द, हार, अंधकार  भरा हुआ है।

हे ईश्वर आप जिसे परमानंद कह रहे हैं, वो मेरे लिए त्रासदी है। जहाँ मेरे अपने ना हों, देखने के लिए सपने ना हो, कुछ खोने पाने की पीड़ा  और उत्साह ना हो, जहाँ ना भूत हो ना भविष्य। ऐसी स्थिति में रहकर क्या करुंगा?

आप मुझे जीवन ही प्रदान कर दीजिए, जीवन्त रहना ही मेरा मोक्ष है।

मुझे नहीं है, कामना कि ज़िन्दगी सिर्फ सुख से भरी रहे, कुछ दुःख ही सुख का अहसास कराते हैं। क्योंकि जब तक थकान नहीं होगी तब तक तो नींद भी नहीं आएगी।

आप अगर मुझ से प्रसन्न हैं तो इतना कीजिएगा कि मैं कभी जिन्दगी से हार ना मानूं, सदैव साकारात्मक रहूँ।

अपने सारे कर्तव्यों का पालन दृढ़ता से कर सकूं।

अपने माता-पिता की सेवा कर सकूं।

अपने जीवन साथी को संतुष्ट रख सकूं

अपने बच्चों की सारी जिम्मेदारी पूरी कर सकूं, उनके सारे सपने पूरे कर सकूं।

अपने सभी रिश्तेदारों और मित्रों को प्रसन्न रख सकूं।

जो किसी भी तरह से असहाय हैं, उनकी मदद कर सकूं।

कुछ भी ऐसा ना करूं कि किसी को मेरे होने से दुख हो।

ईश्वर हंसने लगे, बोले यही तो मोक्ष का द्वार है।

जिसने जिन्दगी को ही मोक्ष की स्थिति बना रखी हो, वो तो जहाँ हैं, वहीं वो परमानन्द की स्थिति में है।

जाओ मैं तुम्हें जीवन प्रदान करता हूँ, एक ऐसा जीवन जिसमें जिन्दगी भी है और मोक्ष भी।

Thursday, 15 October 2020

Stories of Life : जिन्दगी और मो‌क्ष

 जिन्दगी और मो‌क्ष 


राजीव 40 साल का हो चुका था। वो राजकीय कम्पनी पर उच्च पद पर आसीन था।

उसका भरा-पूरा परिवार था। माँ- पापा, भाई-बहन, पत्नी, दो  बच्चे और खूब सारे रिश्तेदार और दोस्त।

एक दिन रात में सीने में तेज़ पीड़ा हुई। जब तक वो कुछ समझ पाता, उससे पहले ही उसे आवाज़ आई।

आ गये तुम?

हाँ आ तो गया, पर कहाँ? और आप कौन हैं?

मैं ईश्वर हूँ और तुम स्वर्ग में हो।

स्वर्ग....... ईश्वर.... आप यह सब क्या व्यर्थ बात कर रहे हैं।

मैं सत्य कह रहा हूँ।

हे प्रभु, तो मैंने ऐसा क्या गुनाह कर दिया, जो आप मुझे इतनी जल्दी स्वर्ग ले आए?

गुनाह...... नहीं तुम तो बहुत अच्छे इन्सान हो। तुम तो हर किसी के विषय में कितना कुछ अच्छा सोचते हो, अच्छा करते हो।

तब क्यों प्रभू?

क्योंकि तुमने, अपने सभी कार्य सुचारू रूप से पूर्ण किए हैं, अतः तुम्हें मोक्ष प्रदान किया जा रहा है।

प्रभु, मोक्ष क्या है?

तुम पहले यह बताओ, जिंदगी क्या है?

जिन्दगी....... जिन्दगी,  सपने हैं, अपने भी हैं ज़िन्दगी

जिन्दगी दुख है, सुख भी है ज़िन्दगी

जिन्दगी हार है, जीत भी है ज़िन्दगी

जिन्दगी अंधेरा है, सवेरा भी है ज़िन्दगी

क्या कहूँ कि ज़िन्दगी..... जिन्दगी और भी बहुत कुछ है......

बिल्कुल सही कहा, तुमने।

अब सुनों कि मोक्ष‌ क्या है।

मोक्ष एक ऐसी, सुखद अवस्था है, जहाँ ना दुख है ना दर्द ,

ना अंधेरा ना सवेरा, ना भूत है ना भविष्य , ना हार ना जीत, ना सपने हैं ना अपने।

अगर एक शब्द में कहें तो मोक्ष परमानन्द है।

जिसको भी मोक्ष प्राप्त हो जाता है, वो जीवन के आवागमन से मुक्त हो जाता है।

यह सब सुनकर राजीव सोच में डूब गया।

कुछ पल बाद वो बोला, प्रभु, आप मुझ से बहुत प्रसन्न हैं ना?

हाँ, मैं बहुत प्रसन्न हूँ तुम से।

तो क्या आप मुझे वो दे सकते हैं? जिसकी मुझे कामना है।

क्या चाहते हो तुम? ..........

आगे पढ़े

जिन्दगी और मो‌क्ष (भाग-2) में........