Thursday, 17 December 2020

Story of Life : बहू का हिसाब (भाग -2)

 बहू का हिसाब (भाग-1) के आगे...

बहू का हिसाब (भाग -2)



घर की जिम्मेदारी आते ही सुलक्षणा ने पाया कि उसकी ससुराल तो उसकी सोच से बिल्कुल अलग है।

उसकी ससुराल जितनी धनाढ्य थी, उतने ही सब careless थे।

वो कमरे में हों या ना हों, कमरे में light, fan, Ac on रहता था।

पानी का खूब wastage किया जाता।

ठंड हो गर्मी हो, ज़रुरी हो कि ना हो geyser on रहता था।

खूब खूब खाने पीने की चीजें आती और बनती, और जब वो बच जाती, तो उन्हें फेंक दिया जाता।

जहाँ एक servant से काम चल सकता है, वहाँ 4 - 4 servant लगे हुए थे।

अलमारी कपड़ों से भरी हुई थी, फिर भी और मंगवाए जाते थे।

इस तरह हर चीज़ की बरबादी देखकर सुलक्षणा को बहुत उलझन होने लगी।

इस विषय में उसने सूरज से बोला, तो उसने कहा- वो भी सब समझता है, पर अब जो जैसा चल रहा है, चलने दो।

तुम कुछ बोलोगी तो बात बढ़ेगी, व्यर्थ का क्लेश होगा। व्यर्थ में घर की शांति भंग करने से क्या लाभ? 

कुछ दिन बीत जाने दो, तुम्हारी भी आदत पड़ जाएगी।

सुलक्षणा, सूरज की बात सुनकर चुप हो गई।

कुछ दिन और बीत गए पर सुलक्षणा को अब भी यह सब नागवार लग रहा था।

जब उससे रहा नहीं गया तो उसने अपने सास ससुर से इस विषय पर बात की।

सुलक्षणा की बात सुनकर रमा जी क्रोधित हो गयीं। वो बोलीं, कैसी हो तुम? सब चाहते हैं कि घर धन-धान्य से परिपूर्ण हो। खूब सारे नौकर - नौकरानी हों घर पर।

और एक तुम हो कि तुम्हें यह सब रास नहीं आ रहा है।

पर इसमें तुम्हारा कोई दोष नहीं है, हमें ही अपने status के according बहू लाना चाहिए था।

सुलक्षणा के आंसू ढुलक गये। यह देखकर प्रेमप्रकाश जी, जो कि बहुत देर से चुप थे, बोले, रमा जी थोड़ा शांत हो जाइए। बच्ची सहम गई है। उसकी पूरी बात तो सुन लीजिए।

पर रमा जी बहुत ज्यादा क्रोधित थी, बोलीं आप ही सुनिए अपनी लाडली की बातें। आप ही इस नगीने को चुनकर लाए थे, हमारे राजमहल में सजाने के लिए।

यह कहते हुए, वो वहाँ से चलीं गईं। सुलक्षणा बराबर रोती जा रही थी।

प्रेमप्रकाश जी ने बड़े प्यार से सुलक्षणा का सिर सहलाते हुए कहा, आज से तुम अपने हिसाब से घर चलाओ।

पर ध्यान रखना कि किसी को किसी भी तरह की परेशानी ना हो। 

और हाँ हमारे घर में बहुत से लोग काम करते हैं, उनकी रोजी रोटी चलती है, इस घर से।

तो तुम अगर उन्हें हटाना चाहती हो, तो यह सोच कर हटना कि किसी की हाय! इस घर को ना लगे।

मेरी प्यारी बच्ची, मैं बहुत अच्छी तरह से जानता हूँ, तुम सब कुछ बहुत अच्छे से manage कर सकती हो।

यह सब सुनकर सुलक्षणा के आंसू थम गये।

प्रेमप्रकाश जी भी अपने कमरे में चले गए।

सुलक्षणा ने ठान लिया कि अब वो सब अच्छे से manage कर के ही रहेगी। लेकिन उसे यह सब अपने ससुर जी की बातों को ध्यान में रख कर करनी थी.......

बहू का हिसाब (भाग -3 ) में......

Wednesday, 16 December 2020

Story of Life : बहू का हिसाब

 बहू का हिसाब


रमा जी व प्रेमप्रकाश जी बहुत खुश दिखाई दे रहे थे। 

होते भी क्यों नहीं उनके एकलौते बेटे की शादी जो हो रही थी।

प्रेमप्रकाश जी एक बड़े व्यापारी थे, उनका बेटा सूरज IAS officer था, बहुत संस्कारी और देखने में भी बेहद smart था।

अपने शहर का most eligible bachelor था, उसकी शादी के लिए बहुत सारे रिश्ते आ रहे थे।

पर प्रेमप्रकाश जी नजरें एक ऐसी होनहार बहू को ढूंढ रहे थे, जिसे अपने परिवार की बागडोर सौंपे तो, जिंदगी भर नाज़ कर सकें।

आखिरकार उनकी खोज, अपने एक दोस्त के घर जाकर पूरी हुई।

प्रेमप्रकाश जी को बचपन के दोस्त हरिप्रसाद जी की बेटी सुलक्षणा बहुत पसंद आई, अपने बेटे सूरज के लिए।

हरिप्रसाद जी, प्रेम प्रकाश जी जैसे धनाढ्य तो नहीं थे, पर सुलक्षणा अपने नाम सी सुंदर सुशील और गृहकार्य दक्ष थी।

धूमधाम से विवाह संपन्न हुआ। जो भी उन्हें देखता, सब उनकी खूबसूरत जोड़ी को निहारता रहा जाता। लोग कहते, सब चाहते थे कि, प्रेमप्रकाश जी के घर उनकी बेटी जाए। और प्रेम प्रकाश जी अपने राजकुमार से सूरज के लिए आसमान से परी उतार लाएं।

 दुनिया भर की रस्मों रिवाज में हफ्ता निकल गया।

फिर सूरज और सुलक्षणा हनीमून पर चले गए। दोनों जहाँ भी घूमने जाते, ना जाने कितने उनके साथ अपनी फोटो खींचवाने लगते।

एक दिन तो, सुलक्षणा सूरज से बोल ही दी, मेरी आप से शादी हुई है और हम हनीमून मनाने आए हैं या किसी फिल्मी शूटिंग पर।

लोग हमें अकेला रहने ही नहीं देते हैं।

सूरज बोला, एक तो हम पापा के बच्चे हैं, जिनका देश में बहुत नाम है। फिर आप का पति IAS officer. पर आप को पता है सबसे बड़ी बात क्या है?

सुलक्षणा ने बड़ी मासूमियत से पूछा और वो क्या है?

मेरी बहुत हसीन, परियों की रानी से शादी हो गई है, यह कहते हुए सूरज ने सुलक्षणा को अपनी बाहों में भर लिया।

सुलक्षणा शर्म से लाल हो गई। 

ऐसे ही प्यार के स्वर्णिम पलों से भरे दस दिन कब बीत गए, पता ही नहीं चला।

वो लोग घर पहुंचे तो रोज का निमंत्रण मिलने लगा।

शादी को दो महीने बीत गए, पर सुलक्षणा को सब नया सा ही लगता था।

उसके घर में सब उसको हाथों हाथ लेते थे।

एक दिन सुलक्षणा ने रमा जी से कहा, माँ जी, मैं अब इस घर की जिम्मेदारी लेना चाहती हूँ।

रमा जी बोलीं, यह तो बहुत अच्छी बात है।  उन्होंने पूरे घर की चाबी, सुलक्षणा को सौंपते हुए कहा कि यह तुम्हारा घर है। आज से इसे अपने तरीके से संभालो।

घर की जिम्मेदारी आते ही सुलक्षणा ने पाया कि उसकी ससुराल तो उसकी सोच से बिल्कुल अलग है......

आगे पढ़ें, बहू का हिसाब (भाग -2) में......


Tuesday, 15 December 2020

Recipe : Moong ki dal ka chila

पनीर टिक्का तो आप सीख गये, तो चलिए आज आपके साथ एक और yummy recipe share करते हैं। 
शादी और parties में जिसकी stall जरुर से शामिल की जाती है।
 यह light and healthy होता है, तो हर किसी को पसंद भी होता है।
जी हांँ हम मूंग के दाल के चीले की ही बात कर रहे हैं।
हमारे बहुत से viewers की demand आती है कि वो बना तो लेते हैं, पर उसमें वो बात नहीं आती है, जो stall की रहती है।
तो आइए आज आपको tips and tricks के साथ बताते हैं, सारे राज़, जिससे आप के चीले में भी आ जाए stall वाली बात।

Moong ki dal ka chila 




Ingredients

Moong yellow/ skinned dal - ½kg.
Asafoetida/Hing - ½ pinch
Salt - according to taste
Clarified butter (Ghee)- for shallow fry
Paneer - 150 gm.
Rice flour - 1tbsp.
Ginger Julienne- 1 tsp.
Chat masala - 2tbsp.
Green chillies - according to taste
Green coriander leaves - 50 gm.
Baking powder - 1 tsp.

Method

  1. मूंगदाल को overnight के लिए soak कर दीजिए।
  2. Soaked दाल को महीन पीसकर लीजिए।
  3. पनीर को grate कर लीजिए।
  4. Chillies and coriander leaves को fine chop कर लीजिए।
  5. पनीर में हरी मिर्च, धनिया पत्ती, अदरक और नमक डालकर filling के लिए पनीर mix ready कर लीजिए।
  6. दाल में नमक, चावल का आटा और baking powder add करके अच्छे से Whip कर लीजिए।
  7. इसमें, पानी मिलाकर घोल बना लीजिए, इसकी consistency पकौड़े के घोल से पतली और डोसे के घोल से गाढ़ी होगी।
  8. डोसा बनाने वाला तवा गरम कीजिए, पूरे तवे में brush से घी apply कीजिए।
  9. Flame slow कर दीजिए।
  10. अब इसमें घोल डालकर अच्छे से पतला फैला लीजिए, जैसे डोसा बनाने के लिए घोल फैलाते हैं।
  11. तवे को lid से cover कर दीजिए, 1 minute के लिए flame high कर दीजिए।
  12. Lid हटा कर 1tsp. घी चीले में फैला कर डाल दीजिए।
  13. 2 minute के लिए slow flame कर दीजिए।
  14. चीला ऊपर से dry हो जाएगा और नीचे उसमें browning आ जाएगी।
  15. इसमें थोड़ा पनीर mix की filling और चाट मसाले को sprinkle कर लीजिए और चीला roll कर दीजिए।
  16. Now it's ready to serve.

आप इसे खट्टी मीठी चटनी के साथ serve कर दीजिए।
Chutneys की recipe आप को blog में मिल जाएगी, जिसका link यहाँ आप को दे रहे हैं -

Note 

  • मूंग के दाल का चीला बनाने में 2 to 4 hours के लिए Moong dal soak करने को कहते हैं। पर अगर आप overnight soaked करेंगे तो दाल का एक एक दाना अंदर तक फूल जाता है, जिसके तीन benifits हैं। 

(a) दाल अच्छे से फूलने से more Light हो जाती है, तो चीला भी more healthy होता है।

(b). चीला more delicious बनता है।

(c). चीला तवे पर चिपकता नहीं है।
  • दाल बिल्कुल महीन और चिकनी पीसनी है।
  • दाल को पीसते समय कम पानी डालकर पीसना चाहिए, वरना दाल महीन नहीं पिसती है।
  • तवे की heating इतनी होनी चाहिए, कि तवे पर घोल डालने पर एक जगह ही stick ना हो, easily फैल सके। 
  • पर एकदम ठंडा भी नहीं होना चाहिए, वरना चीले में  crispy texture नहीं आएगा।
  • तवे में दो तरह से proper heating रखी जा सकती है -
(a) तवे पर पानी छिड़ककर पोंछ दें। जो ज्यादातर सब करते हैं। पर इससे तवे की चिकनाई भी चली जाती है। Experts तो इसे handle कर लेते हैं पर beginners के चीले चिपकने लगते हैं।
(b) आप gas को winter में ½  minute के लिए और summer में 1 minute के लिए off कर दीजिए, इससे तवे में proper heating रहेगी और तवेे में non-stick property बनी रहती है। तो चीले चिपकते नहीं हैैं।
  • मूंग की दाल के चीले में पनीर की हल्की filling भरी जाती है, आप चाहें तो अपने taste के according ज्यादा filling भी भर सकते हैं।
  • Mostly इसमें पनीर की filling ही भरते हैं, आप अपने taste के according आलू या onion, capsicum and tomato की filling भी भर सकते हैं।
  • Baking powder डालने से चीला easily तवे की surface को छोड़ देता है। अगर आप बहुत अच्छे से whip कर लेते हैं तो baking powder avoid कर सकते हैैं।
  • Rice flour add करने से बहुत अच्छा crispy texture आता है, जो चीले को बहुत tasty बनाता है।
  • आप के पास rice flour ना हो तो आप, दाल soak करते समय 1 मुठ्ठी rice भी डाल दीजिए।
  • आपको crispy texture नहीं चाहिए तो आप rice avoid भी कर सकते हैं और चीले मोटे भी बना सकते हैं।
 तो बस recipe, tips and tricks follow कीजिए, और आज ही बना कर ठंडक का लुत्फ उठाएं।

जल्दी ही हरी धनिया की variety की चटनी की recipes share करेंगे.....

So stay tuned........