(I) Our Inspiration :
आज का यह article कोई information को share करने के लिए नहीं डाल रहे हैं, बल्कि एक appeal, एक awareness के लिए डाल रहे हैं।
इसलिए इसे जितना हो सके forward कीजिए, अगर आप भी Cancer से खुद को और अपने परिवार को बचाना चाहते हैं तो।
यह article movie The India Story देखने के बाद लिखने की प्रेरणा मिली। इसमें Green Revolution को रोक लगाकर अब Organic Revolution करने की appeal की गई है।
जो कितनी आवश्यक है, उसे समझने से पहले यह जानते हैं कि green revolution क्या है, यह क्यों शुरू किया गया था, और अब इसकी आवश्यकता क्यों नहीं है…
Organic Revolution
(II) The Requirement :
1966 की बात है, Tashkent (Uzbekistan) में रहस्यमय तरीके से भारत के Prime Minister Lal Bahadur Shastri Ji की मौत हो गई।
इसके पीछे किसका हाथ था? आखिर क्या राजनैतिक कारण था? आज तक clear नहीं हुआ है।
उस समय देश में भुखमरी जैसे हालात पैदा हो गये थे, अतः कोशिशें की जाने लगी कि किस तरह से produce बढ़ाई जाए, कैसे देश को भुखमरी से निकाल कर self-dependent बनाया जाए।
भारत में Green Revolution की शुरुआत 1960 के decade के उत्तरार्ध (लगभग 1966-67) में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य देश को produce के मामले में आत्मनिर्भर बनाना था।
Green Revolution agriculture में आधुनिक techinques, HYV (High Yield Variety) seeds और chemical fertilizers के प्रयोग से produce में भारी वृद्धि करने की एक ऐतिहासिक पहल है।
(III) Historical Overview :
- International Father- Norman Borlaug को international level पर green revolution का father माना जाता है।
- Indian Father- Dr. M.S. Swaminathan India में green revolution के प्रमुख pioneer और father थे।
- Word Usage- ‘Green Revolution’ शब्द का सबसे पहले प्रयोग William Gaud ने किया था।
(IV) Major Details :
- HYV seeds- High Yielding Variety seeds का उपयोग विशेषकर गेहूं और चावल के लिए किया गया। इससे भारत को अनाज के Import पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।
- Ploughing- Wells और advanced ploghing साधनों का विस्तार।
- Fertilisers & Pesticides- Chemical fertilizers और pesticides का बड़े पैमाने पर प्रयोग।
- Machinery- Traditional तौर-तरीकों की जगह tractor, harvester, tubewell, thresher और advanced agricultural implements का उपयोग शुरू हुआ।
(V) Positive Impacts :
- Food Sufficient- भारत अनाज के मामले में self-dependent बन गया और भुखमरी की समस्या में कमी आई।
- Higher Produce- Wheat और paddy के उत्पादन में record-breaking तीन गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
- Economic Increase- विशेष रूप से Punjab, Haryana और western Uttar Pradesh के farmers की income बढ़ी और वे subsidence farming से निकलकर commercial farming की ओर अग्रसर हुए।
- More Employment- Farming prodyce बढ़ने, harvesting के चक्र में तेजी आने और machinery से rutal areas में employment के नए अवसर पैदा हुए।
(VI) Negative Impacts :
- Regional Inequality- Green Revolution का लाभ मुख्य रूप से Punjab, Haryana और western Uttar Pradesh तक ही सीमित रहा, जबकि देश के अन्य पिछड़े हिस्से इससे वंचित रह गए।
- Urban-Rural Divide- Advanced agricultural techniques (बीज, उर्वरक, machines) महंगी होने के कारण इसका पूरा लाभ बड़े और अमीर किसानों को मिला, जबकि छोटे व गरीब किसान पीछे छूट गए।
- Barren Land- Chemical fertilizers और pesticides के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी की natural fertility घटने लगी और भूमि barren होने लगी।
- Groundwater reduction- धान और गेहूं जैसी अधिक पानी चाहने वाली crops के कारण अंधाधुंध नलकूप चलाए गए, जिससे कई क्षेत्रों में groundwater level काफी नीचे चला गया।
- Nature Degradation- Chemical व pesticides के अवशेषों से water और air pollution बढ़ा, जिसका बुरा प्रभाव human health और biodiversity पर भी पड़ा।
(VII) Emergence of Cancer :
नकारात्मक प्रभाव में मुख्य रूप से भूमि और मिट्टी की उर्वरता पर असर तथा nature और health को नुकसान शामिल है।
Chemical fertilizers और pesticides के अंधाधुंध इस्तेमाल से सबसे अधिक संकट जो उभर कर सामने आया, वो है cancer जैसी खतरनाक बीमारी का बहुत तेजी से फैलना।
रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से बचने और मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण व स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए organic और natural कृषि पद्धतियों को अपनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जैविक क्रांति।
(VIII) Main Details :
- Budget Reduction- Organic तकनीकों और prodyce के उपयोग से खेती की लागत traditional chemical farming के मुकाबले लगभग आधी (50% तक) रह जाती है। मतलब मेहनत अधिक और पैदावार कम।
- Fertility increase- Urea और अन्य chemicals के अत्यधिक उपयोग से खराब हुई मिट्टी की उपजाऊ क्षमता और उसकी softness manure व vermicompost से फिर से बहाल होती है।
- Natural Fertilizers- Crops को कीटों से बचाने के लिए नीम, धतूरा और सीताफल जैसी प्राकृतिक पत्तियों के fermented घोल का उपयोग किया जाता है।
- Better Profit- Organic रूप से उगाए गए अनाज, सब्जियां और अन्य उत्पाद market में सामान्य उत्पादों की तुलना में अधिक कीमत पर बिकते हैं, जिससे किसानों की income बढ़ती है।
(IX) The Summary :
हरित क्रांति के प्रभाव को कम करने का सटीक उपाय जैविक क्रांति ही है। लेकिन उसके साथ ही यह भी सुन लें कि organic grains, fruits और vegetables अधिक costly होते हैं।
लेकिन एक बार अपने सीने पर हाथ रखकर अवश्य सोचिएगा, कि आपके लिए धन अधिक महत्वपूर्ण है या अपने और परिवार का स्वास्थ्य?
Organic food items थोड़े महंगे अवश्य होते हैं, लेकिन अब भारत की paying capacity और saving इतनी अवश्य बढ़ी हुई है कि हम अपने और अपने परिवार के स्वस्थ को priority प्रदान करें।
हर कोई अधिक लाभ की कामना करता है, अगर हम अधिक खर्च करने को तैयार होंगे, तो किसान भी अधिक खर्च और मेहनत करने को तत्पर होगा।
हम संकल्प लें कि केवल organic products ही लेंगे, और उसकी बिक्री को बढ़ावा दें। तो वो दिन दूर नहीं, जब organic revolution आ जाए और सभी किसान केवल organic farming करें।
इससे पर्यावरण के साथ-साथ स्वास्थ्य नवाब भी होगा…


