Wednesday, 6 May 2026

Article : जीत है प्रचंड

4 May को बंगाल के चुनाव के नतीजे सामने आते ही BJP government के अपने founder श्यामा प्रसाद मुखर्जी से किया वादा कि बंगाल पर भी भगवा ध्वज लहराएंगे, BJP government की प्रचंड जीत के साथ पूर्ण हुआ।

यहाँ तक कि ममता बनर्जी भी स्वयं अपनी constituency भवानीपुर से हार गई। इससे ज्यादा बड़ी सफलता बंगाल पर सत्तारूढ़ होने की और कुछ नहीं हो सकती।

यह जीत रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि यह लगभग 10 से 15 वर्षों के सुनियोजित प्रयासों का परिणाम है।

2011 से BJP का प्रयास जारी था और 0 से 206 तक पहुंच कर सफल हुआ।

बंगाल को मिलाकर 22 राज्यों में BJP government सत्ता पर है।

अगर इसे map पर देखेंगे तो आपको बता दें कि 72% भारत में BJP government सत्तारूढ़ है।

आरंभ है प्रचंड


इस जीत के पीछे जो सबसे बड़ा कारण है, उससे अगर कोई भी मनुष्य प्रेरणा ले, तो सौ-प्रतिशत सफलता मिलेगी ही मिलेगी, और वो कारण है लक्ष्य को प्राप्त करने तक अथक प्रयास करते रहना।

जी हाँ, BJP government की सतत् जीत का मुख्य कारण लगन और सतत् प्रयास ही है, और इसके कारण ही उनका अखंड भारत बनाने का स्वप्न लगभग पूरा होता दिख रहा है।



इसके साथ ही और भी कुछ कारण हैं, जिनकी वजह से BJP (मोदी जी) जीत दर्ज कर सकी और TMC (ममता बनर्जी) हार गई।



पर इसके साथ ही एक बहुत बड़ी बात BJP government को भी समझनी होगी कि लगातार जीत कभी भी हार में बदल सकती है। यदि सत्ता पाने का लक्ष्य केवल सत्तारुढ़ होने तक सीमित हो।

जो देशहित में कार्यरत रहेगा, वही सत्तारूढ़ रहेगा, अन्यथा जनता जितना प्यार और सम्मान सत्तारूढ़ करने के लिए देती है, उतना ही कुपित हो तख्तापलट भी कर देती है।

इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं- कांग्रेस, आप, सपा, बसपा, TMC आदि का तख्ता पलट। 

मोदी जी, भारत को अखंड, सुदृढ़ और सफल बनाएं, देश आपके साथ है।

जय हिंद, जय भारत!

Tuesday, 5 May 2026

India's Heritage : बड़ा मंगल पर प्रसाद

शनिवार 2 मई से ज्येष्ठ मास (जेठ महीना) प्रारंभ हो गया है, और कल पहला बड़ा मंगल है।

ज्येष्ठ मास में आने वाले मंगल को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल क्यों कहते हैं, यह हम इन दोनों posts (बड़ा मंगल, बड़ा मंगल क्यों) में share कर चुके हैं। आपको इन दोनों पर click करने से सम्पूर्ण जानकारी मिल जाएगी।

बड़ा मंगल इस साल बहुत विशेष है, क्योंकि आठ साल बाद वो विशेष वर्ष आया है, जब 8 बड़े मंगल एक साथ आएंगे, जो कि आज से 23 June तक 8 बड़े मंगल हैं।

इस विशेष वर्ष पर उज्जैन के मायापति हनुमान मंदिर में विशाल आयोजन किया जा रहा है, जिसमें:

  • 8 लाख मूल‌ मंत्र जाप
  • 800 हनुमान चालीसा पाठ 
  • 8 किलो सिन्दूर से अभिषेक

ये सभी चीजें की जाएँगी।

वहीं हनुमान गढ़ी मंदिर में आज 11000 मूल मंत्र जाप करे जाएंगे।

बड़ा मंगल पर प्रसाद


हनुमान जी को ‘अष्टसिद्धि नवनिधि’ के दाता कहा जाता है। यह मान्यता है कि बड़े मंगल में हनुमानजी की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

हनुमान जी को प्रसन्न करने हेतु चढ़ाए जाने वाले आठ प्रसाद इस प्रकार हैं:

  • मोतीचूर के या बेसन के लड्डू- हनुमान जी को मुख्यतः मोतीचूर के या बेसन के लड्डू चढ़ाने से भक्ति बढ़ती है और जीवन में शुभ फल मिलते हैं। 
  • चना-गुड़- हनुमान जी को चना और गुड़ बेहद प्रिय हैं। गुड़ ऊर्जा और चना बल का प्रतीक है। इसे अर्पित करने से मंगल दोष शांत होता है और ताकत बढ़ती है।
  • मीठा पान- बिना तंबाकू वाला मीठा पान चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है। यह हनुमान जी को बहुत पसंद है।
  • कच्चा नारियल- पूरा कच्चा नारियल चढ़ाना शुभ माना जाता है। इससे इच्छाओं की पूर्ति और कामनाएं स्वीकार होने का विश्वास है।
  • इमरती- शुद्ध घी में बनी इमरती का भोग लगाने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं।
  • केसर भात- केसर वाला भात अर्पित करने से मंगल दोष कम होता है और सुख-समृद्धि आती है।
  • रोटी- घी लगी सादी रोटी चढ़ाने से रोग और बाधाएं दूर होती हैं, साथ ही स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
  • पंचमेवा- किशमिश, काजू, मखाना, छुहारा और चिरौंजी से बना पंचमेवा चढ़ाने से कार्य सिद्धि और सफलता मिलती है।

मान्यता है कि इन प्रसादों को सच्चे मन और श्रद्धा से अर्पित करने पर हनुमान जी भक्तों के कष्ट दूर करते हैं, खासकर बड़ा मंगल के दिन इनका भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है।

साथ ही हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और रामचरितमानस का पाठ करने से विशेष फल मिलता है।

हनुमानजी की कृपा सदैव बनी रहे, बड़ा मंगल हम सभी के लिए शुभ व मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला हो।

Monday, 4 May 2026

Story of Life : अंदर की दुनिया

अंदर की दुनिया


रंभा ने ऋषभ से कहा, “सुनिए न, आज office में नींबू पानी मंगाकर पी लीजिएगा, गर्मी बहुत हो रही है।”

“क्यों भला?”

“अरे तरावट रहेगी तो गर्मी असर नहीं करेगी,” रंभा ने ऋषभ को समझाते हुए कहा।

“अरे प्यारी रंभा, काहे की गर्मी? AC car से office आता-जाता हूँ, AC office है, फिर घर आकर मस्त shower लूंगा, उसके बाद तुम लोगों के साथ AC room में बैठकर enjoy करूँगा। मैं बाहर निकला ही कब, जो गर्मी लग जाएगी?”

सोच में पड़ गई रंभा, ‘सच में गर्मी में कब रहा ऋषभ?’

उसके बाद वो अपने बेटे रियान के पास नींबू पानी लेकर पहुंची, “लो बेटा, इसे पी लो। Temperature 42°C तक पहुंच गया है। नींबू पानी पिओगे, तो तुम्हारी तबियत ठीक रहेगी, गर्मी असर नहीं करेगी।

“पर माँ, मैं बाहर गया कब, जो गर्मी लग जाएगी? School आना-जाना AC bus से, School centralized AC, तो class, playground सब कुछ। फिर घर आकर भी पूरे time AC में ही रहता हूँ, पर नींबू पानी पी लूंगा, क्योंकि आप बहुत tasty बनाती हैं।”

रंभा एक फीकी मुस्कान के साथ, रियान के कमरे से निकल जाती है।

उसे अपना बचपन याद आने लगा, घर से school थोड़ी दूरी पर था, अतः रोज़ cycle से स्कूल जाती थी। स्कूल में दिन भर पढ़ती और interval में सहेलियों के साथ दौड़-दौड़ खेलती, फिर घर पहुंचते ही माँ खाना बाद में देती, पहले फलों का कोई न कोई रस या नींबू पानी अवश्य देती कि उनकी लाडो को गर्मी का असर न हो।

और school से आकर खाना खाकर गृहकार्य ख़त्म नहीं कर पाती थी कि सहेलियों के चक्कर लगने शुरू हो जाते, शाम को खेलने जाने के लिए। फिर क्या, पूरी शाम खेलकूद और भागदौड़ में निकल जाती। 

और AC, कहीं भी नहीं, बल्कि यूं कहें कि AC से दूर-दूर तक कोई सरोकार ही नहीं।

कितनी हसीन और सुखद थीं उसकी बचपन की यादें। आजकल के बच्चों जैसी अंदर की दुनिया नहीं थी, बल्कि पूरा खुला आसमान था उड़ने के लिए।

आजकल के बच्चे क्या जानें कि अंदर की दुनिया से बहुत खूबसूरत है बाहर की दुनिया। पर करें भी क्या? आजकल जितना अधिक temperature उसके समय में कहाँ था।

आजकल पूरा youth AC में ही सांस लेना सीख रहा है, घर, school-college, bus, car, train, station, mall, यहाँ तक कि playground में भी AC है।

वैसे playground जाते भी कितने बच्चे हैं, सब अपने घरों पर laptop, mobile and playstation आदि पर ही खेल रहे हैं। 

गर्मी के कारण सब AC में ही रहना चाहते हैं और जितना अधिक AC चलते हैं, उतनी ही अधिक गर्मी बढ़ती जा रही है।

इस तरह से एक cycle-सी बन गई है, AC और गर्मी की।

दूसरे शब्दों में कहें तो अंदर की दुनिया में ही रहे हैं और नुकसान पहुंचा रहे हैं अपनी सेहत को। चलना-फिरना छोड़कर अपनी मांसपेशियों को कमजोर कर रहे हैं, और धूप में न रहकर vitamin D की कमी, जिसकी कीमत सबको एक दिन पता चलेगी…