वो कौन था (भाग-2) के आगे…
वो कौन था (भाग-3)
उसने hospital में CCTV cameras और बढ़ा दिए, जिससे यह काम और मुस्तैदी से किया जा सके।
पर दो दिन बाद ही यह क्या हुआ, जिसे देखकर सब हतप्रभ रह गए।
तृषा का पूरा room गुलाब के फूलों से सजा हुआ था, और उसकी table पर खून से लिखा हुआ था, “तृषा, तुम्हें मेरी होने से कोई नहीं रोक सकता है!”
और वहीं एकदम गुमसुम-सी पीली पड़ चुकी तृषा खड़ी हुई थी, जिसकी आंसूओं से भरी आंखें मानो सबसे कह रही हों, ‘Please मुझे जाने दो, वरना मैं नहीं बचूंगी।’
कुशल ने आगे बढ़कर जब तृषा को थामा, तो तृषा बेहोश होकर उसकी बाहों में झूल गयी।
जब तृषा को होश आया तो वो बस एक ही रट लगाए हुए थी कि अब वो नहीं रुकेगी और चली जाएगी।
कुशल ने CCTV footage देखी तो हैरान रह गया, तृषा के room के पास के सारे CCTV cameras बर्बाद किए जा चुके थे। अतः कुछ भी नहीं पता चला।
अगले दिन सुबह ही तृषा ने कुशल की table पर अपना resignation letter रख दिया और hospital छोड़कर चली गई।
एक अनबुझ पहेली-सी तृषा आई थी और चली गई।
दो दिन बाद ही हर newspaper की headline थी कि सृजन hospital में ladies staff safe नहीं हैं, इसलिए ही एक होनहार doctor तृषा ने तंग आकर hospital छोड़ दिया।
News का आना था कि हर ओर कुशल की चर्चा होने लगी कि कुशल ने ऐसा hospital खोलकर लोगों की भावनाओं से खेला है।
इस बदनामी के साथ hospital में आने वाले patients की संख्या घटने लगी और कुछ और male and female staff ने resign कर दिया।
अचानक से हुई इस घटना ने कुशल की बरसों की मेहनत तबाह करनी शुरू कर दी।
एक दिन राघव ने कुशल को आकर जो बताया, वो अविश्वसनीय था, ऐसा भी हो सकता है वो सोच ही नहीं सकता था।
वो सीधा राघव के साथ वहां पहुंच गया, जहां से राघव को यह अविश्वसनीय खबर मिली थी…
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