Thursday, 16 July 2026

Article : जिंदगी Tier-2 Cities में

छूटा तेरा दर,

तो तेरी बहुत याद आई।

न लौट पा रहा तेरे दर पर,

कटती नहीं है तन्हाई।।

न जाना था कि कितने अच्छी जगह रहते थे, न जाना था कि बिछड़ कर याद करेंगे इतना, पर जनाब सच कहते हैं, जिंदगी महानगरों में नहीं नगरों में ही जिंदा है आज भी।

यह शहर इतने advanced हैं कि आप सब पा जाओगे और ऐसे भी नहीं हैं कि जिसमें आप खो जाओगे।

आज बात कर रहे हैं उन शहरों की जो महानगर , जैसे Delhi, Mumbai, Kolkata, Chennai आदि नहीं हैं, अभी भी नगर ही हैं, जैसे Lucknow, Agra, Prayagraj, Kanpur आदि, कुछ इनसे भी थोड़े‌ छोटे नगर जैसे Mathura, Vrindavan, Ayodhya, Haridwar, Rishikesh आदि…

जिंदगी Tier-2 Cities में


यह नगर जिन्हें tier-2 cities भी कहते हैं, जिंदगी आज भी यहीं बसती है, महानगरों में नहीं।

महानगरों में लोग सिर्फ और सिर्फ भाग रहे हैं, कुछ बन जाने के लिए, कुछ पाने के लिए, इस बात से बेखबर कि उसके कारण ही वो दूर होते चले जा रहे हैं, अपनों से, सुकून भरे पलों से।

महानगरों में कितने ही लोग ऐसे होंगे, जो यह तक नहीं जानते हैं कि उनका पड़ोसी कौन है? और कितने तो ऐसे भी होंगे, जिन्होंने अपने पड़ोसी से कभी बात भी नहीं की होगी। 

वैसे पड़ोसियों की बात छोड़ दें तो कितनों ने अपनों से ही न जाने कब से बात नहीं की है।

वहीं बात करें अगर tier-2 cities की, तो आज भी वहां रिश्ते-नाते, दोस्ती-यारी, पास-पड़ोस निभाया जा रहा है। एक की परेशानी सबके लिए दुःख का कारण होता है और एक की खुशी सबका उत्सव।

अगर दूरी की बात करें तो न तो सड़कों पर इतनी दूरी है, न दिलों में कि एक साथ वक्त न बिताया जाए।

अगर महंगाई की बात करें तो हो सकता है वहां दो पैसे कम कमा रहे हों लोग, पर खर्चा भी 4 पैसे कम ही होगा। फिर वो चाहे रोज़मर्रा की जिंदगी का हो, जैसे किराया, साग-सब्जी, कपड़ा, आदि या पढ़ाई-लिखाई, महरी, घूमना-फिरना, hotel इत्यादि।

In short बोलें तो सुकून से जिंदगी व्यतीत की जा सकती है, प्यार-मोहब्बत, जिम्मेदारी और मस्ती के साथ।

और सचमुच में जिंदगी यही है, तो जब तक आपकी मजबूरी न हो, अपने प्यारे से शहर को मत छोड़िए। महानगर, सिर्फ मृग मरीचिका है, छलावा है, इसके लिए लालायित होना अपने हिस्से में केवल अंतहीन दौड़ लाना और अपनों से दूर होना है। अपनों के बीच रहिए, ख़ुश रहिए…

Tuesday, 14 July 2026

Recipe : Taste out of Waste

आज तक आपने best out of waste सुना होगा, जिसमें waste हो चुकी useless चीजों से कुछ बहुत सुंदर artpiece or useful चीजें बनाते हैं।

आज की recipe कुछ ऐसी ही है, इसलिए हमने इसका नाम दिया है, taste out of waste.

आज हम आपके लिए ऐसी recipe लेकर आए हैं, जिसके main ingredient को mostly फेंक देते हैं, और हम उसी से बहुत tasty snack or starter बनाएंगे…

Taste out of Waste


Ingredients :

  • Potatoes - 2 (big-sized)
  • Corn flour - 1½ tbsp.
  • Salt - as per taste 
  • Mix herbs - 2 tbsp.
  • Kashmiri Lal Mirch powder - 1 tsp.
  • Turmeric powder - ½ tsp.
  • Olive Oil - for frying 


Method :

  1. आलू को अच्छे से धो लीजिए। अब इनको ऐसे peel करें कि आलू का छिलका मोटा और लम्बा रहे।
  2. एक wok लीजिए, उसमें oil डालकर गर्म कीजिए।
  3. Cornflour में नमक, हल्दी, कश्मीरी लाल मिर्च powder, mixed herbs व पानी डालकर अच्छे से mix करके pouring consistency का solution ready कर लीजिए।
  4. अब इस solution में आलू के छिलके को dip करके गर्म oil में डालकर दोनों तरफ़ से सुनहरा होने तक तल लें।

Crispy and Crunchy Taste out of Waste, scrumptious snacks from potato peels are ready! Enjoy them with your favourite dip, sauce, or chutney.


Tips and Tricks :

  • इसके लिए ऐसे आलू चुनें, जिनका छिलका चिकना और साफ सुथरा हो।
  • आलूओं को अच्छे से रगड़-रगड़ कर धो लीजिए, जिससे आलूओं में बिल्कुल भी मिट्टी न रहे।
  • आलू के छिलके peel करते समय चौड़े और लम्बे छिलके निकालने से अच्छा texture आता है।
  • आलू बड़े लीजिए, इससे छिलके ज्यादा अच्छा texture लेंगे।
  • अगर आप के पास cornflour न हो तो आप चावल का आटा भी ले सकते हैं।
  • Mixed herbs की जगह लहसुन और अदरक का paste भी डाल सकते हैं।
  • अगर आप को ज्यादा spicy flavour चाहिए तो आप इसमें हरी मिर्च का paste भी डाल सकते हैं। 
  • अगर आप के पास olive oil नहीं है, तो आप कोई भी refined oil ले सकते हैं।
  • इसमें हल्दी और कश्मीरी लाल मिर्च powder एक अच्छा-सा रंग आए इसलिए ही डाला है, आप चाहें तो इसे discard कर सकते हैं। 

इसका main ingredient आलू का छिलका है, यह सोच कर लगता है न जाने कैसा होगा? पर यकीन मानिए कि बहुत tasty होगा और of course healthy version तो है ही।

तो आप ने देखा, जिस आलू के छिलके को हम फेंक देते थे, उससे कितना tasty नाश्ता बन सकता है, जो आपकी party में चार चांद लगा सकता है।

इसलिए ही इसका नाम taste out of waste रखा है। 

आप इसे crispy potato skin or crispy potato peel भी बोल सकते हैं।

इसे बनाएं और वाहवाही पाएं…


Monday, 13 July 2026

Article : Carry-Men Service

आज एक नयी रोचक जानकारी मिली, जो थोड़ी-सी विचित्र लगी, शायद आप में से कुछ लोग जानते भी होंगे। यह service April 26 से शुरू हो गई है और सुचारू रूप से चल भी रही है।

तो सोचा, आपको भी इससे अवगत करा दिया जाए। यह service आखिर है क्या? और कहां शुरू हुई है?

दिल्ली में यह service शुरू हुई है, जो कि अपने आप में एक नई तरह की service है। यह ladies के लिए बहुत कारगर साबित हो रही है, ख़ासतौर से shopping lovers के लिए।

Carry-Men Service


Shopping करने का शौक तो बहुत लोगों को होता है, पर भारी-भारी shopping bags याद आते ही सारा शौक छू-मंतर हो जाता है।

पर आप को मन मारने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आपके इसी शौक को किसी ने अपना startup बना लिया है। जानते हैं, क्या service है, क्या-क्या facilities हैं और क्या fares (rates) हैं।

  • Service- यदि आप लाजपत नगर market में भारी-भारी shopping bags (upto 12 kg) उठाने or shopping partner के रूप में किसी लड़के को किराए पर लेना चाहते हैं, तो बाजार में इसकी विशेष व्यवस्था है। लाजपत नगर market में hit होने के बाद अब चांदनी चौक या सरोजिनी नगर में भी आपको यह service मिल सकती है।
  • Facilities- यह लड़के आपके साथ market में घूमेंगे, आपके shopping bags उठाएंगे और आपके shopping अनुभव को आसान बनाएंगे। Carry men न केवल आपके bag उठाते हैं, बल्कि आपके लिए खाने की line में लगना, metro तक सामान छोड़ना और ज़रूरत पड़ने पर foldable chair, छाता या baby pram जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराते हैं।
  • Booking- लाजपत नगर market में इसके लिए special booth बने हुए हैं, जहां जाकर आप इस service को सीधे book कर सकते हैं।
  • Base Fare- अगर आप को 30 minutes के लिए चाहिए तो ₹79, और 1 hour के लिए ₹149 हैं। Pram etc. की service के अलग से charge लगते हैं।

आप online भी app द्वारा carry men service को book कर सकते हैं। इस service के बारे में जानकर यही लगा, जो काम करना चाहता है, unemployed नहीं रहता है।

कहते हैं न, जो काम करना चाहता है, वो काम करने के उपाय सोचता है और जो काम नहीं करना चाहता है, वो कामचोरी के बहाने ढूंढता है। साहब, जिन्हें आपदा को अवसर में तलाशना आता है, उन्हें सफलता के शीर्ष पर बैठने से कोई नहीं रोक सकता है।

काम बहुत हैं दुनिया में, 

सर उठाकर तो देखो।

नाम कमा सकते हो तुम भी,

काम में मन लगाकर तो देखो…