Sunday, 19 July 2026

Story of Life : वो कौन था (भाग-3)

वो कौन था (भाग-1)

वो कौन था (भाग-2) के आगे…

वो कौन था (भाग-3)


उसने hospital में CCTV cameras और बढ़ा दिए, जिससे यह काम और मुस्तैदी से किया जा सके।

पर दो दिन बाद ही यह क्या हुआ, जिसे देखकर सब हतप्रभ रह गए।

तृषा का पूरा room गुलाब के फूलों से सजा हुआ था, और उसकी table पर खून से लिखा हुआ था, “तृषा, तुम्हें मेरी होने से कोई नहीं रोक सकता है!”

और वहीं एकदम गुमसुम-सी पीली पड़ चुकी तृषा खड़ी हुई थी, जिसकी आंसूओं से भरी आंखें मानो सबसे कह रही हों, ‘Please मुझे जाने दो, वरना मैं नहीं बचूंगी।’

कुशल ने आगे बढ़कर जब तृषा को थामा, तो तृषा बेहोश होकर उसकी बाहों में झूल गयी।

जब तृषा को होश आया तो वो बस एक ही रट लगाए हुए थी कि अब वो नहीं रुकेगी और चली जाएगी। 

कुशल ने CCTV footage देखी तो हैरान रह गया, तृषा के room के पास के सारे CCTV cameras बर्बाद किए जा चुके थे। अतः कुछ भी नहीं पता चला।

अगले दिन सुबह ही तृषा ने कुशल की table पर अपना resignation letter रख दिया और hospital छोड़कर चली गई।

एक अनबुझ पहेली-सी तृषा आई थी और चली गई।

दो दिन बाद ही हर newspaper की headline थी कि सृजन hospital में ladies staff safe नहीं हैं, इसलिए ही एक होनहार doctor तृषा ने तंग आकर hospital छोड़ दिया।

News का आना था कि हर ओर कुशल की चर्चा होने लगी कि कुशल ने ऐसा hospital खोलकर लोगों की भावनाओं से खेला है।

इस बदनामी के साथ hospital में आने वाले patients की संख्या घटने लगी और कुछ और male and female staff ने resign कर दिया।

अचानक से हुई इस घटना ने कुशल की बरसों की मेहनत तबाह करनी शुरू कर दी।

एक दिन राघव ने कुशल को आकर जो बताया, वो अविश्वसनीय था, ऐसा भी हो सकता है वो सोच ही नहीं सकता था।

वो सीधा राघव के साथ वहां पहुंच गया, जहां से राघव को यह अविश्वसनीय खबर मिली थी…

आगे पढ़ें, वो कौन था (भाग-4) में…

Saturday, 18 July 2026

Story of Life : वो कौन था (भाग-2)

वो कौन था (भाग-1) के आगे…

वो कौन था (भाग-2)


सबने सुना पर कोई सामने नहीं आया, और तृषा को परेशान करने का सिलसिला पुरजोर चलता रहा। एक दिन तृषा ने तंग आकर hospital से resign करने का मन बना लिया और सीधे पहुंच गई कुशल के पास।

कुशल ने एक बार फिर सबको बुला लिया।

ऐसा क्या है जो एक lady हमारे यहां safe नहीं रह सकती है। धिक्कार है कि हम doctors के बीच भी कोई अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

रोहित, विनय, समीर पहले से ही hospital में appointed थे। तृषा की joining के साथ राघव, दीपक, सुगंधा और निशा ने join किया था।

सारे doctor एक से एक शरीफ़ थे, कि किसी पर भी इल्ज़ाम लगाना उनकी dignity को चोट पहुंचाना था।

फिर ‌‌तृषा के अलावा बाकी भी जो lady doctors थीं, उन्हें कोई problem नहीं थी। ऐसा नहीं था कि वो साधारण नयन नक्श की हों।

सबसे सुंदर तृषा थी, पर बाकी भी लगभग उसकी टक्कर की थीं। पर तृषा के साथ होनी वाली घटनाओं के कारण सब तृषा के लिए चिंतित रहते थे। 

ऐसा इसलिए भी था, क्योंकि hospital का माहौल बहुत friendly और homely था। सब एक-दूसरे को लेकर बहुत concerned रहते थे।

इन सबके बावजूद कोई उस stalker को पकड़ नहीं पा रहा था। वो इतना ज्यादा शातिर था कि सबकी मौजूदगी में भी अपने काम को बखूबी अंजाम दे रहा था।

“कुशल सर, मैं तंग आ चुकी हूं इन सब हरकतों से, please मेरा resignation स्वीकार करें और मुझे जाने दें।”

तृषा का resignation, सबके लिए यह खबर shocking थी, वैसे भी शहर के सबसे अच्छे hospital से किसी doctor का resign करना अपने आप में बड़ी news थी।सब उससे रुकने को कहने लगे।

कुशल ने हाथ जोड़कर तृषा से request की, कि बस एक हफ्ते का समय और दे, वो जरूर से उस imposter को ढूंढ निकालेगा।

फिर वो सबकी तरफ मुखातिब होते हुए बोला, मुझे आप सबका साथ चाहिए इस काम में....

उसने hospital में CCTV cameras और बढ़ा दिए, जिससे यह काम और मुस्तैदी से किया जा सके।

पर दो दिन बाद ही यह क्या हुआ, जिसे देखकर सब हतप्रभ रह गए...

आगे पढ़ें, वो कौन था (भाग-3) में…

Friday, 17 July 2026

Story of Life : वो कौन था (भाग-1)

वो कौन था (भाग-1)


कुशल अपने नाम-सा हर काम में कुशल था, वो बहुत नामी doctor था। कारण?

उसका diagnostics बहुत कमाल का था, उसे बीमारियां समझने के लिए किसी भी तरह के test की आवश्यकता नहीं होती थी।

बस patient का सामने होना उसके लिए काफी था, patient की condition और symptoms से वो बहुत जल्दी समझ जाता था कि बीमारी क्या है।

उसे genius doctor कहा जाता था और उसके patients ने उसे भगवान का दर्जा दिया हुआ था। 

इन सबके बाद भी वो बेहद सरल और शालीन इंसान था। उसने अपनी fees हद की बढ़ाकर नहीं रखी थी।

उसका genius doctor होना और nominal fees होने के कारण उसके यहां patients का तांता लगा रहता था।

उसने अपने लिए कभी समय ही नहीं निकाला और अपना जीवन medical को समर्पित कर दिया।

अपनी मेहनत और अथक प्रयास से उसने एक बड़ा hospital खोल लिया और उसमें अपने जैसे ही capable और dedicated doctors appoint किए। 

कुशल का hospital दो buildings में बंटा हुआ था, जहां अमीर-गरीब हर तरह के patients का उनकी हैसियत के अनुसार arrangements था।

Hospital बहुत अच्छे से चल रहा था, जब तक वहां तृषा नहीं आई थी। नहीं, तृषा में कोई कमी नहीं थी, बहुत अच्छी और सरल लड़की थी, और साथ में बेहद खूबसूरत।

उसके आने के कुछ दिन बाद से ही अजीब-अजीब सी हरकतें होने लगी। तृषा के locker से कुछ भी सामान गायब होने लगे, उसके सामान दूसरे locker में मिलने लगे।

कभी कोई उसके room में I love you का card रख जाता, तो कभी bathroom में I love you Trisha लिख जाता, यह सब देखकर तृषा पत्ते-सी कांपने लगती।

एक दिन कुशल ने सारे staff को बुलाया और कहा कि जो कुछ हो रहा है, वो कोई staff वाला ही कर रहा है, क्योंकि तृषा के room and locker तक कोई और नहीं पहुंच सकता है।

इसलिए आज से सब शक के घेरे में रहेंगे और जो कोई भी निकला, उसके साथ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अच्छा होगा कि कोई सामने से आकर बता दे, या मुझे भी आकर बता सकता है, मैं उसकी पहचान किसी को नहीं बताऊंगा। और तब शायद उसकी सज़ा कम कर दी जाए।

सबने सुना, पर कोई सामने नहीं आया, और तृषा को परेशान करने का सिलसिला पुरजोर चलता रहा। एक दिन तृषा ने तंग आकर…

आगे पढ़ें, वो कौन था (भाग-2) में…