Tuesday, 1 September 2026

Recipe : Aloo Bhuna Masala

आज आप के लिए सब्जियों के सम्राट आलू की ढाबा style ऐसी सब्जी share कर रहे हैं, जिसे खाकर आपके घर में लोग दो की जगह चार रोटी खाने की इच्छा जाहिर करेंगे। 

आलू की सब्जी है तो बच्चों से लेकर बुजुर्गो तक सबको ही बहुत पसंद आएगी‌…

आलू भुना मसाला


Ingredients :

  • Potato - ½ kg 
  • Onion - 3 (medium)
  • Garlic - 4 to 6 cloves
  • Ginger - 1 inch
  • Tomato - 2 (medium) 
  • Capsicum - 1 (small)
  • Green chillies - as per taste 
  • Bay leaf - 1
  • Cumin seeds - 1 tsp.
  • Cloves - 2
  • Black pepper - 4 to 6
  • Green cardamom - 1
  • Black cardamom - 1
  • Turmeric powder - ½ tsp.
  • Kashmiri Lal Mirch - 1 tsp.
  • Coriander powder - 1 tsp. 
  • Gram flour - 1 tsp. 
  • Salt - as per taste 
  • Roasted cumin powder - 1 tsp. 
  • Curd -  ½ cup 
  • Oil - 2 tbsp.

 

Method :

  1. 2 प्याज़ और अदरक-लहसुन को finely chop कर लें।
  2. टमाटर को कद्दूकस कर लें।
  3. दही में सूखा धनिया powder को डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  4. एक wok लीजिए, उसमें ¼ tsp. salt डालकर सभी खड़े मसाले को dry roast कर लीजिए।
  5. जब खड़ा गर्म मसाला चटकने लगे, तो उसमें तेल‌ डालकर गर्म कर लें।
  6. अब इसमें chopped onion डालकर सुनहरा होने तक भून लें।
  7. जब प्याज़ सुनहरा हो जाए, तब उसमें chopped garlic डालकर हल्का-सा भून लें।
  8. फिर इसमें कद्दूकस किए अदरक में थोड़ा पानी डालकर मसाले में डालकर भून लें।
  9. इसके बाद इसमें हल्दी और कश्मीर लाल मिर्च powder डालकर भूनें, साथ ही 1 tsp. बेसन डालकर भूनें।
  10. फिर इसमें कद्दूकस किया हुआ टमाटर और आलू के टुकड़े व नमक डालकर अच्छे से भूनें, फिर 5 से 10 minutes के लिए ढककर पकने दीजिए। 
  11. बीच-बीच में चलाते हुए ढककर पकाएं, जब तक आलू half done हो जाए और टमाटर तेल छोड़ दे।
  12. जब टमाटर से oil अलग हो जाए तो उसमें धनिया पाउडर व भूना जीरा पाउडर मिलें दही को डालकर अच्छे से भूनें। फिर इसे 5 minutes के लिए ढककर रख दें।
  13. अब इसमें हल्दी powder, नमक, कश्मीर लाल मिर्च और हरी मिर्च डालकर अच्छे से भून लें।
  14. अब इसमें ½ glass पानी डालकर चला दें, फिर आलू के गलने तक slow flame पर ढककर, तब तक पकाएं, जब तक आलू पूरी तरह गल जाए। Gas off कर दीजिए। एक-दो आलू फोड़ दें।
  15. जब आलू गल जाए तो उसमें कसूरी मेथी व गर्म मसाला powder डालें। 
  16. 1 onion और capsicum के jullienne काट लें।
  17. एक pan में थोड़ा-सा तेल डालें, अब उसमें onion और capsicum के jullienne डालकर हल्का-सा भून लें। 
  18. जब pan अच्छे से गर्म हो, तब उसमें ½ tbsp. पानी डालकर हिलाएं। इससे pan में थोड़ी आग-सी लगेगी। 
  19. अब इसे आलू की सब्जी में डालकर अच्छे से चला लें।

Your spicy and flavourful Aloo Bhuna Masala is ready to serve!


Tips and Tricks :

  • कच्चे आलू से ही सब्जी बनाएं, जिससे मसालों के साथ आलू अच्छे से भूनें और उसका बहुत अच्छा taste आए।
  • आलू के size के according उसके टुकड़े कर लें।
  • टमाटर देशी ही लीजिए, उससे स्वाद ज्यादा अच्छा आएगा। 
  • टमाटर कद्दूकस ही कीजिए, पिसे हुए टमाटर से अलग स्वाद आएगा।
  • प्याज़, अदरक और लहसुन को finely chop ही कीजिए, इससे ही स्वाद ढाबे जैसा होगा।
  • अदरक में पानी डालकर मसाले में डालने से प्याज़ की over-roasting रुक जाती है और अदरक भी नहीं जलती है।
  • मसाले की dry roasting के समय भी नमक डाला है, और बाद में मसाले में भी, तो इसका ध्यान रखें कि नमक ज्यादा न हो।
  • पूरी सब्जी कड़ाही में बनानी है, cooker में नहीं। दोनों तरह से बनी सब्जी के स्वाद में अंतर होता है। अगर आप को ढाबे का taste देना है, तो cooker use मत कीजिएगा।
  • बेसन डालने से सौंधापन आता है और gravy को texture भी मिलता है।
  • एक-दो आलू फोड़ देने से gravy में proper thickness आ जाती है।
  • आखिरी step, जिसमें प्याज़ और शिमला मिर्च में slightly पानी डालकर आग लगाई है, उससे Smokey flavour आएगा। आप चाहें तो उसे avoid कर सकते हैं। 

तो आप इंतजार किस का कर रहे हैं? आज ही यह स्वादिष्ट सब्जी बनाएँ एवं उंगलियां चाटते रह जाएँ…

Monday, 31 August 2026

Article : Ageing - A Process

I. Introduction :

उम्र बढ़ने का कोई एक “दिन” नहीं होता, बल्कि यह एक continuous process है जो विभिन्न physical, mental और social परिवर्तनों का एक combination है।

वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि 45 से 55 years की आयु के बीच उम्र बढ़ने की process तेज हो जाती है, खासकर blood vessels पर इसका असर सबसे ज्यादा होता है। 

हालांकि, स्वस्थ lifestyle, exercise, balanced diet और mental health का ध्यान रखकर आप उम्र बढ़ने की process को धीमा कर सकते हैं और जीवन की quality बनाए रख सकते हैं…

Ageing - A Process


II. Physical Symptoms :

  • Blood Vessels- 45 से 55 years की आयु के बीच blood vessels सख्त होने लगती हैं, जिससे शरीर के विभिन्न अंगों पर असर पड़ता है। 
  • Weakened Muscles-  उम्र बढ़ने के साथ muscles की ताकत स्वाभाविक रूप से कम होती है, लेकिन exercise से इसे रोका जा सकता है। 
  • Neural Reduction- Neurons में गिरावट आती है, जिससे नई जानकारी को process करने में अधिक समय लगता है। 
  • Hormonal Changes- महिलाओं में menopause (रजोनिवृत्ति) के दौरान hormonal बदलाव होते हैं जो उम्र बढ़ने से जुड़े होते हैं। 


III. Slowing Down Ageing :

  • Controlled Exercise- Physical fitness मस्तिष्क कोशिकाओं को संरक्षित करने और neurogenesis (नई कोशिकाओं का जन्म) को बढ़ावा देती है, जिससे उम्र बढ़ने की गति धीमी होती है। 
  • Balanced Diet- Antioxidants से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे जामुन, मछली और dark chocolate का सेवन त्वचा और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। 
  • Adequate Sleep- 7 से 9 घंटे की निर्बाध गहरी नींद mental health के लिए ज़रूरी है और समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखती है। 
  • Mental Care- Mental रूप से सक्रिय रहना और सकारात्मक दृष्टिकोण रखना स्वस्थ उम्र बढ़ने में मदद करता है। 


IV. Summary :

उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक process है। इसे रोकने के बजाय, स्वस्थ आदतों को अपनाकर आप उम्र बढ़ने के साथ जीवन की quality में सुधार कर सकते हैं और सक्रिय रह सकते हैं। 

Saturday, 29 August 2026

Article : यादों का झरोखा

कभी-कभी लगता है कि पुराने दिन कितने अच्छे थे, हम सब मिलकर कितना आनंद करते थे।

काश कोई ऐसा दरवाजा होता है, जिससे हम अपने पुराने दिनों में लौट जाते, और यादों की गलियों में घूम आते।

पर कोई दरवाजा नहीं होता है पुराने दिनों में जाने का। हाँ, लेकिन यादों का झरोखा अवश्य होता है…

यादों का झरोखा


इसको खोलकर आप उन पलों को चंद क्षणों में जी अवश्य लेते हैं। और वो हम सबके मन में मौजूद होता है, कभी समय निकाल कर खोल कर देखिए, याद आएगा।

कि दिन-रात भाईयों-बहनों के साथ मिलकर, कुछ भी काम करने का आनन्द ही कुछ और था। काम तो खूब करते थे, पर जिम्मेदारियां कुछ नहीं थी। 

सिर पर माता-पिता का हाथ था, जिसने यह कभी न खत्म होने वाली बेहद थकाने वाली जिम्मेदारियों का एहसास ही नहीं होने दिया।

अपनों का साथ, माँ-पापा का आशीर्वाद, इससे कभी जिंदगी बोझिल ही नहीं हुई। हमेशा आगे बढ़ते जाने और कुछ पाने का नाम ही लगा जिंदगी।

वो दादी-नानी की कहानियों का भंडार,

उनके अनुभवों का निचोड़ है संसार।

मामा-मामी और मौसी-मौसा का ढेर सारा प्यार।

चाचा-चाची के साथ मस्ती अपार,

और बुआ-फूफा के आने का इंतजार।

वो सहेलियों के संग घंटों की बातें,

किसी के घर आने पर स्वागत-सत्कार।

अपने तो छोड़ो, पराए लोगों से भी मिलता था प्यार।

न जाने हम कब इतने बड़े हो गए,

अपनों से ही दूर जाकर खड़े हो गए। 

वो पुराने दिन थे कितने अच्छे, 

ज़िंदगी में वही लगते थे सच्चे।

आने वाले और बीते हुए कल के लिए कितना अच्छा लिखा है, एक बार सोचिएगा ज़रूर‌-

वो कल जिसे हमने देखा नहीं,

उसके लिए जिंदगी, 

भागी-दौड़ी चली जाती है। 

और वो कल जो बीत चुका,

उसकी खूबसूरत यादें ही,

ज़िंदगी को जिंदगी बनाती हैं। 

15 दिन, महीना, 6 महीना, साल, दो साल में एक बार यादों का झरोखा अवश्य खोलना चाहिए। ऐसा करने से मन में तरावट और ताजगी आ जाएगी, फिर आपको जिंदगी बोझिल नहीं लगेगी।

Stay healthy, stay happy :)