Monday, 18 May 2026

Recipe : Mashed Potatoes

बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो गई हैं, और साथ ही उनकी नई-नई dishes खाने की demands भी।

तो लीजिए, Shades of Life आपकी इसी demand को पूरा करने के लिए खूब सारी tasty, favourite, and healthy dishes के साथ ready है।

अबकी बार शुरुआत बिटिया रानी Advi की international cuisine से कर रहे हैं, जो उसने उन दिनों में बनाई थी जब हमारी तबीयत बहुत ज्यादा ख़राब थी और हमें कुछ भी खाने का मन नहीं कर रहा था।

पर उसकी ये dishes कमाल की थीं, जिसे खाकर मन खुश हो गया और तबीयत ठीक... 

आज की यह dish South America (Andes Mountains) की बहुत famous dish है।

Mashed Potatoes


Ingredients :
  • Boiled potatoes - 9 (medium-sized)
  • Salt - 2 tsp. or as per taste
  • Olive oil - 2 tsp.
  • Butter - 50 to 100gm.
  • Grated mozzarella-cheddar cheese - 4 tbsp.
  • Milk - 200ml.
  • Garlic - 6 to 7 cloves
  • Parsley (for garnishing)
  • Oregano (for garnishing)

Method : 

  1. आलू को छील लीजिए।
  2. आलू को अच्छे से तब तक mash करिए, जब तक वो smooth हो जाए।
  3. Garlic को छोटा-छोटा काट लीजिए।
  4. अब एक pan में butter & olive oil डालकर उसे low flame पर चढ़ा दीजिए।
  5. Pan में कटा हुआ लहसुन डालकर हल्का toss कर लें।
  6. अब इसमें सारा mash किया हुआ आलू डाल दें। 
  7. नमक और 100 ml दूध डालकर अच्छे से mix कर लें।
  8. जब आलू सारा दूध absorb कर ले, तो flame medium slow करके बाकी दूध भी mix कर लें।
  9. जब दूध अलग से दिखना बंद हो जाए, तो cheese को हाथ से आलुओं पर फैलाते हुए डालें, फिर pan को ढक दें और flame low कर दें।
  10. 2-3 minutes बाद जब cheese melt हो जाए, तो parsley और oregano से garnish कर के gas बंद कर दें।
Your cheesy and easy-peasy Mashed Potatoes is ready. Enjoy them as it is or with garlic bread!



Tips and Tricks :
  • जैसा कि इसका नाम है mashed potatoes, तो इसका key point यह है कि आलू mash होकर smooth हो‌ जाना चाहिए।
  • आलू properly smooth prepare हो इसके लिए आलुओं को गर्म-गर्म ही mash कर लीजिए।
  • फिर excellent taste के लिए इसको serve भी गर्मागर्म ही करें।
  • Cheese & butter आप taste के according कम-ज़्यादा कर सकते हैं।

तो देर किस बात की? Summer vacations में बच्चों को खुश करें ये yummy Mashed Potatoes बना कर।

Saturday, 16 May 2026

India's Heritage : महायोग दुःख-कष्ट निवारण का

16 मई का यह दिन बहुत ही शुभ योग लेकर आया।

जैसा कि आप जानते होंगे, कि अमावस्या में बरगद अमावस्या (वट सावित्री अमावस्या) को सबसे शुभ और सबसे बड़ी मानी गई है।

फिर इस अमावस्या के साथ सुहाग का इतना बड़ा पर्व भी जुड़ा हुआ है, अतः यह सबसे फलदाई भी मानी‌ जाती है। इस बार संयोग यह है कि साथ में शनि जयंती भी है।

महायोग दुःख-कष्ट निवारण का


शनि जयंती :

हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को पड़ता है। इस साल शनि जयंती 16 मई को मनाई जा रही है।

  • दुर्लभ संयोग- शनि जयंती शनिवार के दिन ही पड़ने के कारण इसे बेहद शक्तिशाली और शुभ माना गया।
  • ज्योतिषीय महत्व- कर्म और न्याय के देवता शनि देव को समर्पित इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और दान से साढ़े साती और ढैय्या के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
  • पूजा और उपाय- इस दिन शनि मंदिरों में तेल चढ़ाने, व्रत रखने, हनुमान चालीसा का पाठ करने और गरीबों को दान देने का विधान है।


पूजा की विधि :

सबसे पहले घर पर पोछा कराते समय पानी में नमक डाल कर पोछा लगवाएँ। अगर आप की maid जा चुकी है, तो आप एक mug में पानी लेकर उसमें नमक डालकर मिलाएं। इस पानी को दहरी (जहां-जहां घर में दरवाजे हैं) पर छिड़क कर पोंछ दीजिए।

नमक वाले पानी का पोछा आप प्रत्येक शनिवार को भी लगवा सकते हैं, इससे negativity घर में नहीं आती है और सब शुभ होता है। उसके पश्चात व्रत रखकर वटवृक्ष के नीचे जाकर या वटवृक्ष की डाल को घर में लाकर विधिवत पूजा कीजिए।

 पूरी पूजा विधि के लिए link पर click करें- वट सावित्री या बरगद अमावस्या व्रत

अगर आप के घर पर वटसावित्री व्रत नहीं किया जाता है, तब भी आप वटवृक्ष को जल अवश्य चढ़ाएं, इससे भी शुभ फल मिल जाएगा।

इस व्रत के प्रभाव से अखंड सौभाग्य प्राप्त होता है, साथ ही पति-पत्नी का सुख-समृद्धि के साथ जीवन-यापन होता है और दोनों को एक-दूसरे का प्यार से परिपूर्ण साथ मिलता है।

शनिवार हनुमानजी का भी दिन माना जाता है, फिर ज्येष्ठ मास, हनुमान जी की पूजा का विशेष माह माना गया है। अतः सुन्दरकाण्ड पाठ, हनुमान चालीसा पाठ और हनुमान जी की आरती, इनमें से आप कुछ भी अवश्य कीजिए, यदि आप तीनों कर लें तो आप पर विशेष कृपा होगी।

हनुमान जी संकटमोचन हैं, हर तरह के दुःख-कष्ट निवारण के देवता। अतः जिसने इन्हें अपना इष्ट देव बना लिया, उसके तो सभी दुःखों का हरण करने के लिए वो खुद तत्पर रहते हैं।

शाम के समय में मंदिर जाकर हनुमान जी और शनिदेव के दर्शन करें, सरसों का तेल चढ़ाएं, दीया जलाएं व सुहाग के सामान, पांच फल (खरबूजा, तरबूज, खीरा, आम व केला), मेवा, मिठाई, पंखों आदि का दान कीजिए।

अगर आप के घर में शनि के तेल का दान मांगने या नींबू मिर्ची लगाने के लिए लोग आएं तो विशेष रूप से करें। रात्रि में 8 बजे पीपल के वृक्ष पर जल व तेल चढ़ाएं और दीया जलाएं। 

सभी विधि दुःख-कष्ट निवारण हेतु किए गए प्रयास मात्र हैं, इन्हें करने से सुख समृद्धि के योग बनते हैं। 

पूरा करना, आधा करना या नहीं करना आपकी इच्छा है। ईश्वरीय आराधना, ईश्वर तक अपनी बात पहुंचाने का जरिया होता है, पर पूर्ण फल हमारे कर्म और ईश्वर की कृपा पर निर्धारित होता है।

जय हनुमान जी, जय शनिदेव जी, जय वटवृक्ष! आप सभी हम सब के सभी दुःखों का निवारण कर सुख प्रदान करें।

Friday, 15 May 2026

Short Story : छोटे-छोटे हाथ

छोटे-छोटे हाथ


एक बार एक छोटा बच्चा अपनी माँ के साथ एक all purpose store पर गया।

माँ को घर का पूरा राशन और अन्य जरूरत के सामान खरीदने थे, अतः उसे बहुत अधिक समय लग रहा था।

पर वो छोटा बच्चा, बहुत सीधा और प्यारा सा था, अतः अपनी माँ को बिल्कुल परेशान नहीं कर रहा था। कुछ भी सामान खरीदने या घर जल्दी चलने की ज़िद्द नहीं कर रहा था।

जबकि all purpose store था, तो उसमें toffees, biscuits, chips, chocolates, icecreams व विभिन्न तरह के खिलौने भी मौजूद थे।

दुकानदार बच्चे की इस अदा पर मोहित हो गया कि बच्चा इतनी देर से खड़ा है, पर किसी भी सामान को नहीं छू रहा है, न किसी भी सामान को खरीदने की ज़िद्द कर रहा है।

दुकानदार ने खुश होकर बच्चे के सामने toffees का jar खोल दिया और कहा,  “बच्चे, इसमें से toffees ले लो।”

बच्चे की आंखें खुशी से चमक गईं, पर उसने toffees लेने से इंकार कर दिया।

दुकानदार ने फिर आग्रह किया, बच्चे ने फिर इंकार कर दिया।

दुकानदार ने बच्चे की माँ से पूछा कि क्या उसे toffees पसंद नहीं हैं?

माँ ने कहा कि ऐसा नहीं है, बल्कि यह  toffees उसको बहुत पसंद हैं।

फिर यह लें क्यों नहीं रहा?

माँ को भी आश्चर्य हुआ, वो बोलीं, ले लो बेटा जब uncle खुशी-खुशी दे रहे हैं।

बच्चे ने प्रसन्नतापूर्वक माँ को देखा, पर toffees लेने से इंकार कर दिया।

अब दुकानदार ने एक मुठ्ठी भर कर toffees बच्चे के हाथ में रख दी।

बच्चे ने बहुत ही खुश होते हुए toffees ले ली और अपनी pocket भर ली।

ऐसा करते देख, दुकानदार और बच्चे की माँ ने उससे पूछा, तुम्हें जब toffees लेनी ही थी, तो पहले क्यों नहीं ले ली, जब पूरा डिब्बा तुम्हारे सामने था।

बच्चे ने बड़ी मासूमियत से कहा, कि मेरे हाथ छोटे-छोटे हैं ना, तो उसमें ज्यादा आती नहीं ना, इसलिए...

दुकानदार उसकी मासूमियत पर रीझ गया और उसने एक मुट्ठी chocolate भी उसे दे दी।

ईश्वर का भी ऐसा ही है, हम उनसे मांगते हैं, पर उन्होंने तो हमारे मांगने से बहुत ज़्यादा देने का सोचा हुआ है। बस सब्र और विश्वास करना है, अपने ईश्वर पर, सब जल्दी ही अच्छा होगा।