Monday, 22 June 2026

Article : विजयी भवः यशश्वी भवः

आज का यह article अपने देश भारत के national sport hockey पर लिख रहे हैं।

पर रुकिए, पहले एक बात को clear कर दें, बहुत कुछ ऐसा है, जो हम बचपन से पढ़ते आए हैं कि है, पर नहीं वैसा कुछ है ही नहीं।

नहीं समझ आया, क्या कहना चाह रहे हैं? तो सुनिए, हम बचपन से पढ़ते हुए आ रहे हैं कि भारत की national language हिंदी व national sport hockey है।

पर officially न तो भारत की कोई national language है, और न‌ ही कोई national sport.

National language हिन्दी को तो न जाने कितने प्रदेशों द्वारा मान्यता न मिलना और राजनीतिक दलों द्वारा पूर्ण support न मिलना बहुत बड़ा कारण है।

वहीं भारत के राष्ट्रीय खेलों में hockey, कबड्डी और खो-खो को प्रधानता दी गई थी, पर किस sport को प्राथमिकता दी जाए, यह अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है।

जो कि होना किसी भी देश के लिए हितकर नहीं है, पर राजनीति के चलते ऐसा हुआ है। हालांकि अब जल्द ही यह निर्धारित हो जाएगा, ऐसा प्रतीत हो रहा है।

यह कैसी त्रासदी है कि England के national sport cricket के सारे updates सबको मालूम होते हैं, लेकिन बाकी खेलों की उपलब्धि न तो पता होती है, न उनसे कोई मतलब रखा जाता है।

पर जब बात बड़े खिताबों की हो तो जानकारी रखनी चाहिए, अपनी general knowledge के लिए भी। तो बात करते हैं कि ऐसा क्या बड़ा हासिल कर लिया भारत ने?

विजयी भवः यशश्वी भवः


तो आप को बता दें कि FIH Nations Cup को Indian Women's team ने जीतकर FIH Pro league में अपनी जगह बना ली है।

अब यह FIH Nations Cup and FIH Pro League होता, किस खेल में है।

तो आप की जानकारी के लिए बता दें कि यह hockey का सबसे बड़ी international championship होती है, जो FIH (Fédération Internationale de Hockey) मतलब International Hockey Federation द्वारा organise की जाती है।

इसमें 16 matches होते हैं, जो कि अपने देश और विदेश में होते हैं। FIH Nations Cup में जो जीतता है, उसे FIH Pro League में खेलने का मौका मिलता है।

Indian Women's Hockey Team FIH Nations Cup जीतकर FIH Pro League में शामिल हो गयी है।

वहीं Men's Hockey Team पहले ही FIH Pro League में पहुंच चुकी है और पूर्व विश्व champion Germany, Australia और Netherlands को हरा कर बढ़त बनाए हुए हैं।

यह भारत देश के लिए गर्व की बात है और हम उम्मीद करते हैं कि men's and women's hockey teams FIH Pro League के खिताब को जीतकर देश का नाम गौरवान्वित करें।

हमने पहले लिखा था कि लगता है जल्द ही देश को national language और national sport मिल जाएंगे।

ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे Hon'ble Prime Minister Narendra Modi भारत की हर उपलब्धियों पर नजर रखते हैं और न केवल नज़र रखते हैं, बल्कि खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हैं।

उनकी उपलब्धियों को सराहते भी हैं, साथ ही अपने X (formerly twitter) account में उसका जिक्र भी करते हैं। इतना अधिक हर क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने का कार्य अन्य प्रधानमंत्रियों द्वारा नहीं किया गया है।

इसलिए ऐसा लगता है कि भारत के सर्वांगीण विकास के लिए एक उपयुक्त प्रतिनिधि भारत को मिला हुआ है। देश का शुभ हो, सर्वांगीण विकास हो और देश हर क्षेत्र में गौरवान्वित हो।

Hockey के सभी खिलाड़ियों को भारत की तरफ से अनेकानेक बधाईयां एवं शुभकामनाएं!

विजयी भवः, यशश्वी भवः!

जय हिन्द, जय भारत!

Sunday, 21 June 2026

Poem : पिता और योग

आज जिंदगी को सम्पूर्णता प्रदान करने वाले दो दिवस एक साथ हैं, पिता दिवस (International Father's Day) और योग दिवस (International Yoga Day), और दोनों के बिना सुखद जीवन असंभव है।

आज दोनों को एक कविता में पिरोकर प्रस्तुत किया है, आशा है पसंद आएगी। तो चलिए, इसका आनन्द लेते हैं…

पिता और योग 


जब माँ से पिता का,

होता है योग।

सृष्टि में जीवन का,

तभी बनता संयोग।।


पिता की मेहनत के योग से, 

जीवन सुखद हो जाता है।

पिता का साया न हो,

वो घर कहां भाता है?


पिता के अनुभव के योग से,

सफलता कदम चूमती है।

उनके आने की आहट से,

परिवार में खुशियां झूमती है।। 


जैसे स्वस्थ शरीर के लिए,

योग होता है ज़रूरी।

वैसे ही पिता का साथ,

जिंदगी करता है पूरी।।


इसलिए प्रतिदिन जीवन में, 

तुम योग का धरो ध्यान। 

सुखद जिंदगी पाने के लिए, 

पिता को दो पूर्ण सम्मान।। 


आज बच्चों द्वारा बनाए गए card के साथ ही कविता को प्रस्तुत किया है।

Saturday, 20 June 2026

India's Heritage : जामुन की बहार, वर्षा कम इस बार

आज India's Heritage segment में एक ऐसी बात share कर रहे हैं, जिसे पढ़कर शायद आप को लगे कि यह India's Heritage कैसे है।

तो पहले उसे ही clear करते हैं, कि पहले जमाने में लोग पढ़े-लिखे उतने नहीं होते थे जैसे आज हैं।

पर उनके अनुभव का ज्ञान इतना अधिक था, जिससे वो बिना पढ़े-लिखे ही आज से अधिक सक्षम थे, अपने सभी कार्यों को सुचारू रूप से करने में।

वैसे यह ज्ञान आज भी बड़े-बूढ़े और ग्रामीण इलाकों में लोगों के पास मौजूद है।

तो उसी अनुभव का सार है, आज की यह India's Heritage segment की post…

जामुन की बहार, वर्षा कम इस बार


“जामुन ज़्यादा तो बारिश कम”, यह एक लोकप्रिय पारंपरिक कहावत है जो बताती है कि यदि जामुन का bumper उत्पादन हो, तो यह उस क्षेत्र में सूखे या कम बारिश का संकेत हो सकता है।

दरअसल प्रकृति में कुछ जीव ऐसे हैं, जिन्हें मौसम का पूर्वानुमान हो जाता है, जैसे चातक, पपीहा और मोर।

ऐसे ही वनस्पतियों में जामुन के वृक्ष को भी मौसम का पूर्वानुमान हो जाता है।

बारिश से पहले ही जामुन की भरमार, जानकार लोगों में इस बात से मौसम को लेकर बेचैनी बढ़ गई है।

इस पारंपरिक मान्यता और इसके वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बारे में आइए अधिक जानते हैं।

वैज्ञानिक दृष्टि से इस मान्यता को निम्नलिखित रूप में समझा जा सकता है।

  • Stress Fruiting- Botany में इसे कभी-कभी “Masting” या तनाव फलना कहा जाता है। 
  • Survival Instinct- जब पेड़ों को जमीन के नीचे नमी या पानी की कमी महसूस होती है, तो वे खतरे को भांप लेते है। अपनी species को बचाए रखने के लिए पेड़ अपनी सारी energy अधिक से अधिक फल (जैसे जामुन) पैदा करने में लगा देते है।
  • Direct Connection- इसलिए, बहुत ज्यादा जामुन का आना वास्तव में आने वाले मौसम में पानी की कमी या सूखे की ओर इशारा कर सकता है।

जामुन के वृक्ष का ऐसा इशारा चिन्ता का विषय है…