Saturday, 26 September 2026

India's Heritage : Bharatiya Math-Magicians (Madhava)

(I) Main Introduction :

कल Maths Storytelling Day था, तो India's Heritage segment में महान महर्षि बौधायन के विषय में जानकारी share की थी।

आज उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए भारत के एक और महान गणितज्ञ, जिन्हें Madhava of Sangamagrama कहते हैं, के विषय से जुड़ी कुछ बातें share करेंगें।

इन्हें पढ़कर आपको एहसास होगा कि भारत सदैव से महान और विकसित रहा है।

इनके द्वारा की गई खोजें गणित के विषय में विशेष महत्त्व रखती हैं। और हमें हमेशा से यही बताया गया कि उन खोजों को विदेशी गणितज्ञों ने खोजा है। पर आप जब इसे पढ़ेंगे, तो आप को यह ज्ञात होगा कि हमें कितनी बातों से अनभिज्ञ रखा गया या false information (myth) दी गई हैं।

आइए जानते हैं माधव जी और उनके द्वारा की गई खोजों और उन खोजों के सिद्धांत (theorems/principles) के विषय में…

Bharatiya Math-Magicians (Madhava)


(II) Overview :

Madhava of Sangamagrama ने 14th-15th c. CE में maths और astronomy के क्षेत्र में कई revolutionary discoveries की थीं।

इन्होंने ‘Kerala School of Astronomy and Mathematics’ की नींव रखी थी।


(III) Major Contributions :

  • Infinite Series [S∞=a/(r-1), r<|1|]- माधव ने sine (sin), cosine (cos) और arctangent (tan) जैसे trigonometric functions के लिए Infinite Series की खोज की थी। इन्हें “Madhava Series” भी कहा जाता है।
  • Accurate Pi Approximation [π≈3.14159265359]- उन्होंने अपनी Infinite Series का उपयोग करके π (Pi) का मान 13 decimal places तक बिल्कुल accurate ज्ञात किया था। इसे Madhava-Leibniz series के रूप में भी जाना जाता है।
  • Calculus Foundations [(d/dx),∂]- Europe में Isaac Newton और Gottfried Leibniz द्वारा calculus के विकास से लगभग 200–250 वर्ष पहले ही माधव ने differentiation और integration से जुड़ी कई अनन्त processes और approximations का उपयोग कर लिया था।
  • Error Term Evaluation [F1n=(1/4n)]- Infinite Series के योग में सटीकता लाने और errors को सुधारने के लिए उन्होंने correction terms की अवधारणा का विकास किया था।

मेरा भारत महान! 

Friday, 25 September 2026

India's Heritage : Bharatiya Math-Magicians (Baudhayana)

(I) Today's Occasion :

आज Maths Storytelling Day है, तो सोचा एक अच्छा मौका है। India's Heritage segment में बच्चों को भारत के इतिहास से, नहीं बल्कि यह कहना अधिक उचित होगा कि भारत के विकास की, कहानी सुनाई जाए।

नहीं, अभी के विकास की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि बात कर रहे हैं भारत के उस विकास की, जो यह सिद्ध करता है कि भारत आज नहीं बल्कि शताब्दियों पहले से विकसित है।

आज Maths Storytelling Day है, तो बात भी भारत के mathematicians की करेंगे, जिसे पढ़ने के बाद आपको पता चलेगा कि भारत सदैव से महान और विकसित था।

इस श्रृंखला में आज महर्षि बौधायन के विषय में बात करते हैं…

Bharatiya Math-Magicians (Baudhayana)


(II) Overview :

महर्षि बौधायन प्राचीन भारत के एक महान गणितज्ञ, व दार्शनिक और वैदिक ऋषि थे।

हमें हमेशा से यह पढ़ाया गया है कि Pythagorean Theorem Greece के great mathematician Pythagoras ने दी है, जबकि उनसे बहुत पहले ही 7th-8th c. BCE में ही महान महर्षि बौधायन ने यह theorem दे दी थी।

आइए जानते हैं और किस-किस का ज्ञान वो पहले ही दे चुके थे। उन्होंने Pythagorean Theorem और Geometry से जुड़े कई महत्वपूर्ण principle Greeks से सदियों पहले दिए थे।


(III) Main Introduction :

  • Time- इनका समय लगभग 8th से 7th c. BCE (लगभग 800 ईसा पूर्व) माना जाता है।
  • Relation- ये कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय शाखा से संबंधित थे और वैदिक संस्कृति के ज्ञाता थे।
  • Main Treatises- इन्होंने 'बौधायन सूत्र' की रचना की, जिसके अंतर्गत श्रौतसूत्र, धर्मसूत्र, गृह्यसूत्र और बौधायन शुल्बसूत्र जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ आते हैं।


(IV) Major Contributions :

  • Baudhayana-Pythagoras Theorem [h=√(l²+b²) in ∆90°]- Pythagoras से सैकड़ों साल पहले बौधायन ने ही right-angled triangle के संबंध में यह theorem (rectangle का diagonal) दिया था, जिसके अनुसार किसी rectangle के diagonal का square उसके दोनों legs (base और height) के square के sum के बराबर होता है।
  • Square Root of 2 [√2≈1.414216]- इन्होंने √2 का मान बहुत ही accuracy के साथ (approximately 1.414216) निकाला था, जो पांच decimal places तक सही है।
  • Value of Pi [π≈(900/289)≈3.114]- यज्ञ altars के निर्माण और circular figures को बनाने के लिए इन्होंने Pi (π) के अनुमानित मान का उपयोग किया था।
  • Shulbasutras [e.g. s=√(a•b)]- यह geometry और mathematical principles का सबसे प्राचीन ग्रंथ है, जिसमें altars के accurate mesaurement और area को बराबर करने के नियम दिए गए हैं।

मेरा भारत महान!

Thursday, 24 September 2026

Short Story : अपनों को जानो

अपनों को जानो

संजना और उसकी सास रैना में आपस में बहुत अच्छी बनती थी। कोई कह ही नहीं सकता था कि दोनों सास-बहू हैं, बल्कि सब उन्हें मां-बेटी ही समझते थे।

आज भी दोनों रजत की पसंद का खाना बना रहे थे। दोनों ही रजत को बहुत चाहते थे, तो उसकी हर पसंद उनके लिए सर्वोपरि थी।

रजत जब kitchen में गया तो दोनों उसे देखकर चहक उठीं।

“आ गए आप! आज मम्मी जी ने आपकी पसंद का शाही पनीर और मैंने लच्छा पराठा बनाया है। चलिए, खाना लगा देती हूं।

“हाँ संजना, पहले एक बात बताओ, तुम लोगों को याद है कि मुझे खानें में क्या पसंद है?” रजत गंभीर स्वर में बोला।

“हाँ, तभी तो बनाया है, पर इसमें इतना serious होने वाली क्या बात है?”

“मम्मी, मेरी favourite icecream?”

“Butterscotch!” रैना ने झट से बता दिया।

“और संजना तुम बताओ, मेरी favourite movie?”

“दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे! पर क्यों रजत? आखिर आज तुम यह सब कुछ क्यों पूछ रहे हो?”

“अच्छा, अब दोनों लोग यह बताओ कि मेरी saving कितनी है?
मैंने पैसे कहाँ-कहाँ invest किए हैं?
मैंने कितने की और कितनी life insurance policies ली हैं?
हम में से किसी को भी कोई critical health issue होगा तो कौन से hospital में admit होना है?
Ambulance number क्या है?”

“ऐसा भी क्या हो गया है रजत, जो तुम हमसे यह बेकार के प्रश्न कर रहे हो?” रैना गुस्से से बोली।

“नहीं माँ, यह बेकार के प्रश्न नहीं हैं, इन्हें परिवार में सबको पता होना चाहिए।
आज मैं बहुत दिनों बाद अपने दोस्त निखिल के घर गया था। वहाँ जाकर पता चला कि उसे अचानक से heart-attack आया और वो इस दुनिया से चला गया।
शिखा भाभी को उससे जुड़ी इस तरह की knowledge नहीं थी, अतः उसकी सारी saving या तो lapse हो गई, या है भी तो कहाँ और कितनी, उन्हें कुछ नहीं पता।
इस कारण उन्होंने अपने बेटे को private school से निकाल कर government school में डाला है, और खुद लोगों के घर-घर जाकर बर्तन-झाड़ू-पोंछा कर रही हैं।

इसलिए मैं चाहता हूँ, हम सबको केवल एक-दूसरे की पसंद ही न पता हो, बल्कि सारी financial information भी पता हो।
 
इसलिए, खाना खाने के बाद आज मैं आप लोगों के साथ सारी financial information share करूँगा, जिसे आप लोग अच्छे से ध्यान रखिएगा।
जब हम सब लोग, सब कुछ अच्छे से जानेंगे, तभी सही मायने में कह सकेंगे कि हम अपनों को जानते हैं।”