Monday, 20 July 2026

Story of Life : वो कौन था (भाग-4)

वो कौन था (भाग-1),

वो कौन था (भाग-2)

वो कौन था (भाग-3) के आगे…

वो कौन था (भाग-4)


एक दिन राघव ने कुशल को आकर जो बताया, वो अविश्वसनीय था, ऐसा भी हो सकता है, वो सोच ही नहीं सकता था।

वो सीधा राघव के साथ वहाँ पहुंच गया, जहाँ से राघव को यह अविश्वसनीय खबर मिली थी। वो एक mental asylum था।

“राघव, यह मुझे कहाँ लाए हो?”

“Sir, उस जगह, जहाँ आपको अनबुझ पहेली का जवाब मिलेगा। आप बस चुपचाप मेरे पीछे-पीछे आइए।”

राघव के साथ कुशल चुपचाप चलता गया और finally राघव एक कमरे की खिड़की के सामने जाकर रुक गये। कमरे में मद्धम रोशनी थी, जो कि वहाँ एक लेटी हुई पर पड़ रही थी।

जब कुशल ने गौर से देखा तो चौंक गया, “अरे! यह तो रिया है।”

“हाँ Sir, यह रिया जी ही हैं।” राघव ने स्वीकृति में सिर हिला दिया।

“मेरी classmate, मेरी ही तरह बहुत होनहार, पर यह यहां कैसे पहुंच गई?” कुशल पुरानी यादों में खो गया...

“आपके कारण सर।”

“मेरे कारण! यह तुम क्या कह रहे हो? मैंने ऐसा क्या किया? मैंने इसके साथ कुछ बुरा किया था, ऐसा तो मुझे कुछ याद नहीं।”

“सर…

आगे पढ़ें, वो कौन था (अंतिम भाग) में…

Sunday, 19 July 2026

Story of Life : वो कौन था (भाग-3)

वो कौन था (भाग-1)

वो कौन था (भाग-2) के आगे…

वो कौन था (भाग-3)


उसने hospital में CCTV cameras और बढ़ा दिए, जिससे यह काम और मुस्तैदी से किया जा सके।

पर दो दिन बाद ही यह क्या हुआ, जिसे देखकर सब हतप्रभ रह गए।

तृषा का पूरा room गुलाब के फूलों से सजा हुआ था, और उसकी table पर खून से लिखा हुआ था, “तृषा, तुम्हें मेरी होने से कोई नहीं रोक सकता है!”

और वहीं एकदम गुमसुम-सी पीली पड़ चुकी तृषा खड़ी हुई थी, जिसकी आंसूओं से भरी आंखें मानो सबसे कह रही हों, ‘Please मुझे जाने दो, वरना मैं नहीं बचूंगी।’

कुशल ने आगे बढ़कर जब तृषा को थामा, तो तृषा बेहोश होकर उसकी बाहों में झूल गयी।

जब तृषा को होश आया तो वो बस एक ही रट लगाए हुए थी कि अब वो नहीं रुकेगी और चली जाएगी। 

कुशल ने CCTV footage देखी तो हैरान रह गया, तृषा के room के पास के सारे CCTV cameras बर्बाद किए जा चुके थे। अतः कुछ भी नहीं पता चला।

अगले दिन सुबह ही तृषा ने कुशल की table पर अपना resignation letter रख दिया और hospital छोड़कर चली गई।

एक अनबुझ पहेली-सी तृषा आई थी और चली गई।

दो दिन बाद ही हर newspaper की headline थी कि सृजन hospital में ladies staff safe नहीं हैं, इसलिए ही एक होनहार doctor तृषा ने तंग आकर hospital छोड़ दिया।

News का आना था कि हर ओर कुशल की चर्चा होने लगी कि कुशल ने ऐसा hospital खोलकर लोगों की भावनाओं से खेला है।

इस बदनामी के साथ hospital में आने वाले patients की संख्या घटने लगी और कुछ और male and female staff ने resign कर दिया।

अचानक से हुई इस घटना ने कुशल की बरसों की मेहनत तबाह करनी शुरू कर दी।

एक दिन राघव ने कुशल को आकर जो बताया, वो अविश्वसनीय था, ऐसा भी हो सकता है वो सोच ही नहीं सकता था।

वो सीधा राघव के साथ वहां पहुंच गया, जहां से राघव को यह अविश्वसनीय खबर मिली थी…

आगे पढ़ें, वो कौन था (भाग-4) में…

Saturday, 18 July 2026

Story of Life : वो कौन था (भाग-2)

वो कौन था (भाग-1) के आगे…

वो कौन था (भाग-2)


सबने सुना पर कोई सामने नहीं आया, और तृषा को परेशान करने का सिलसिला पुरजोर चलता रहा। एक दिन तृषा ने तंग आकर hospital से resign करने का मन बना लिया और सीधे पहुंच गई कुशल के पास।

कुशल ने एक बार फिर सबको बुला लिया।

ऐसा क्या है जो एक lady हमारे यहां safe नहीं रह सकती है। धिक्कार है कि हम doctors के बीच भी कोई अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहा है।

रोहित, विनय, समीर पहले से ही hospital में appointed थे। तृषा की joining के साथ राघव, दीपक, सुगंधा और निशा ने join किया था।

सारे doctor एक से एक शरीफ़ थे, कि किसी पर भी इल्ज़ाम लगाना उनकी dignity को चोट पहुंचाना था।

फिर ‌‌तृषा के अलावा बाकी भी जो lady doctors थीं, उन्हें कोई problem नहीं थी। ऐसा नहीं था कि वो साधारण नयन नक्श की हों।

सबसे सुंदर तृषा थी, पर बाकी भी लगभग उसकी टक्कर की थीं। पर तृषा के साथ होनी वाली घटनाओं के कारण सब तृषा के लिए चिंतित रहते थे। 

ऐसा इसलिए भी था, क्योंकि hospital का माहौल बहुत friendly और homely था। सब एक-दूसरे को लेकर बहुत concerned रहते थे।

इन सबके बावजूद कोई उस stalker को पकड़ नहीं पा रहा था। वो इतना ज्यादा शातिर था कि सबकी मौजूदगी में भी अपने काम को बखूबी अंजाम दे रहा था।

“कुशल सर, मैं तंग आ चुकी हूं इन सब हरकतों से, please मेरा resignation स्वीकार करें और मुझे जाने दें।”

तृषा का resignation, सबके लिए यह खबर shocking थी, वैसे भी शहर के सबसे अच्छे hospital से किसी doctor का resign करना अपने आप में बड़ी news थी।सब उससे रुकने को कहने लगे।

कुशल ने हाथ जोड़कर तृषा से request की, कि बस एक हफ्ते का समय और दे, वो जरूर से उस imposter को ढूंढ निकालेगा।

फिर वो सबकी तरफ मुखातिब होते हुए बोला, मुझे आप सबका साथ चाहिए इस काम में....

उसने hospital में CCTV cameras और बढ़ा दिए, जिससे यह काम और मुस्तैदी से किया जा सके।

पर दो दिन बाद ही यह क्या हुआ, जिसे देखकर सब हतप्रभ रह गए...

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