Saturday, 20 June 2026

India's Heritage : जामुन की बहार, वर्षा कम इस बार

आज India's Heritage segment में एक ऐसी बात share कर रहे हैं, जिसे पढ़कर शायद आप को लगे कि यह India's Heritage कैसे है।

तो पहले उसे ही clear करते हैं, कि पहले जमाने में लोग पढ़े-लिखे उतने नहीं होते थे जैसे आज हैं।

पर उनके अनुभव का ज्ञान इतना अधिक था, जिससे वो बिना पढ़े-लिखे ही आज से अधिक सक्षम थे, अपने सभी कार्यों को सुचारू रूप से करने में।

वैसे यह ज्ञान आज भी बड़े-बूढ़े और ग्रामीण इलाकों में लोगों के पास मौजूद है।

तो उसी अनुभव का सार है, आज की यह India's Heritage segment की post…

जामुन की बहार, वर्षा कम इस बार


“जामुन ज़्यादा तो बारिश कम”, यह एक लोकप्रिय पारंपरिक कहावत है जो बताती है कि यदि जामुन का bumper उत्पादन हो, तो यह उस क्षेत्र में सूखे या कम बारिश का संकेत हो सकता है।

दरअसल प्रकृति में कुछ जीव ऐसे हैं, जिन्हें मौसम का पूर्वानुमान हो जाता है, जैसे चातक, पपीहा और मोर।

ऐसे ही वनस्पतियों में जामुन के वृक्ष को भी मौसम का पूर्वानुमान हो जाता है।

बारिश से पहले ही जामुन की भरमार, जानकार लोगों में इस बात से मौसम को लेकर बेचैनी बढ़ गई है।

इस पारंपरिक मान्यता और इसके वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बारे में आइए अधिक जानते हैं।

वैज्ञानिक दृष्टि से इस मान्यता को निम्नलिखित रूप में समझा जा सकता है।

  • Stress Fruiting- Botany में इसे कभी-कभी “Masting” या तनाव फलना कहा जाता है। 
  • Survival Instinct- जब पेड़ों को जमीन के नीचे नमी या पानी की कमी महसूस होती है, तो वे खतरे को भांप लेते है। अपनी species को बचाए रखने के लिए पेड़ अपनी सारी energy अधिक से अधिक फल (जैसे जामुन) पैदा करने में लगा देते है।
  • Direct Connection- इसलिए, बहुत ज्यादा जामुन का आना वास्तव में आने वाले मौसम में पानी की कमी या सूखे की ओर इशारा कर सकता है।

जामुन के वृक्ष का ऐसा इशारा चिन्ता का विषय है…

Friday, 19 June 2026

Article : आगमन Monsoon का

हमारा भारत देश ऋतुओं के लिहाज से बहुत धनी देश है, जहां एक-दो नहीं, बल्कि भारतीय पंचांग के अनुसार छह ऋतुएँ होती हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर Indian Meteorological Department (IMD) द्वारा चार मुख्य मौसमों को मान्यता दी गई है।

भारतीय पंचांग और पारंपरिक वर्गीकरण के अनुसार छः ऋतुओं का विवरण इस प्रकार है-

  • Spring: Mid-February to Mid-April
  • Summer: Mid-April to Mid-June
  • Monsoon: Mid-June to Mid-August
  • Autumn: Mid-August to Mid-October
  • Pre-Winter: Mid-October to Mid-December
  • Winter: Mid-December to Mid-February

वहीं मौसम विभाग (IMD) के अनुसार चार प्रमुख मौसम ये हैं-

  • Winters: December to February
  • Summers: March to May
  • South-east Monsoons: June to September 
  • Monsoons' Return: October to November

तपती गर्मी में मनुष्य और जीवों के साथ-साथ सम्पूर्ण प्रकृति भी सूखकर झुलस जाती है। लेकिन अब राहत यह है, कि तपती गर्मी का मौसम अब जाने को है।

तो जान लेते हैं कि मौसम विभाग के अनुसार कहां-कहां monsoon आ चुका है और कहां और कब तक monsoon आने की संभावना है…

आगमन Monsoon का


IMD के अनुसार south-east monsoon; south, east और north-east भारत के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है।

Monsoon ने इन states में अपनी पहुंच बना ली है-

  • Odisha
  • Jharkhand
  • Bihar
  • West Bengal
  • Telangana

इन राज्यों के अधिकांश हिस्सों में monsoon सक्रिय हो चुका है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसकी रफ्तार धीमी हो गई है।

जब monsoon आ चुका है, तो उसकी गति किस-किस राज्यों में धीमी पड़ गई है या ठहराव आ गया है, आइए यह भी जान लेते हैं।

भारत के southern और western हिस्सों (जैसे Maharashtra, Madhya Pradesh, और Rajasthan) में monsoon फिलहाल ठहर गया है और इसकी प्रगति सामान्य से थोड़ी धीमी है।

चलिए अब Delhi और Uttar Pradesh में भी monsoon की स्थिति जान लेते हैं।

Uttar Pradesh और Delhi में monsoon ने अभी दस्तक नहीं दी है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार Eastern U.P. में इसके प्रवेश की संभावना बनी हुई है, और 22-23 June तक पूरे Uttar Pradesh और Delhi में monsoon के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की उम्मीद है।

Uttar Pradesh में monsoon की विधिवत शुरुआत 24 June के आसपास होने की संभावना है। इससे पहले Western Disturbance के प्रभाव से 11 June के बाद राज्य के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ pre-monsoon showers पड़ने का अनुमान है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। 

Lucknow, Kanpur, Prayagraj और Ayodhya जैसे central districts में monsoon 20 से 25 June के बीच पहुंचने का अनुमान है।

Pre-monsoon के कारण यह गतिविधियां होने की प्रबल संभावना है-

  • 11 June के बाद एक नए system के प्रभाव से उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलेगा।
  • राज्य के कई इलाकों में तेज आंधी, धूल भरी हवाएं (लगभग 40-50 km/h की रफ्तार) और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।

तो सोच क्या रहे हैं, monsoon के स्वागत की तैयारियां शुरू कर दीजिए, क्योंकि अब बहुत जल्दी तपती गर्मी में रिमझिम बूंदें गिरने वाली है…

Thursday, 18 June 2026

Short Story : दो कदम तुम चलो

दो कदम तुम चलो


ऋषि और राजश्री एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे, एक-दूसरे के लिए जीने-मरने की कसम खाया करते थे। उनके इस अटूट प्रेम को देखकर घर वालों ने दोनों की शादी कर दी।

आरंभ में जीवन बहुत सुखपूर्वक व्यतीत हुआ, लेकिन जल्दी ही उन्हें यह एहसास हो गया कि वो incompatible हैं। बस इस एहसास के उजागर होते ही दोनों में आए दिन झगड़ें होने लगे। 

एक-दूसरे के लिए जीने-मरने की कसम खाने वाले एक-दूसरे की जान लेने को आमादा हो गये‌। दोनों के घर वाले यह देखकर परेशान रहने लगे।

ऋषि की बहन तृषा ने उन्हें psychologist के पास जाने को कहा उनकी counselling के लिए। बस फिर क्या था, psychologist वृंदा ने चंद मिनटों में ही उनकी परेशानी को समझ लिया।

वृंदा ने कहा, “सबसे पहले तो मैं आपको यह बता दूं कि आपके रिश्ते में कोई कमी नहीं है, या यह कहें कि यह बहुत ही common problem है, जो हर रिश्ते में होती है।”

“ऐसा भी क्या problem है?” राजश्री ने उत्सुकता से पूछा।

“Incompatible होने की, पर सच मानिए कि कोई भी रिश्ता compatible नहीं होता है, क्योंकि कोई भी दो लोग पूरी तरह compatible हो ही नहीं सकते हैं, चाहे वो identical twins ही क्यों न हों।”

“तो क्या? हम साथ नहीं रहना चाहते हैं।”

“नहीं राजश्री, तुम नहीं जानती हो कि दो incompatible life partners ही सच्चा प्यार कर सकते हैं।”

“पर कैसे?” ऋषि ने तृषा की ओर बड़े आश्चर्य से देखा।

“बस करना यह है कि जिंदगी के दो कदम तुम अपनी इच्छा से रखना और बाकी के दो कदम एक-दूसरे की पसंद से रखना।”

“मतलब?” दोनों एक स्वर में बोल उठे।

“अरे! जैसे राजश्री जल्दी उठ जाती है तो उसे यह करना है कि ऋषि के लिए आधे घंटे बाद उठो, और ऋषि जो कि देर से उठता है, आधे घंटे पहले उठे। और ऐसे ही रात में राजश्री थोड़ा देर से सोए और ऋषि थोड़ा जल्दी सो जाए। ऐसे ही बाकी सारे काम भी, थोड़ा-थोड़ा दोनों बदलें और थोड़ा-थोड़ा अपने अनुसार चलें। अगर एक-दूसरे का साथ थोड़ा सोच-समझकर लें तो दो incompatible people ही perfect couple बनाते हैं।”

बस दोनों ने वैसा ही करना शुरू कर दिया और कुछ ही दिनों में दोनों रब ने बना दी जोड़ी बन गए, और इसके लिए दोनों ने हमेशा तृषा और वृंदा को धन्यवाद दिया, क्योंकि उनकी सलाह को मानने से ही वो complete couple बनें।