ईश्वर की अनंत कृपा, आप लोगों का निरंतर साथ, प्रेरणा, आशीर्वाद, प्यार, और बच्चों का सम्पूर्ण सहयोग ही है हमारे साथ, जिसने हमें 2000 post लिखने तक पहुंचाया है।
बेटी अद्विका ने इस blog को बनाकर birthday का gift दिया, शुरुआती दौर में लिखने को प्रेरित किया और post डालने के सब काम भी किए। किन्तु फिर पढ़ाई की अधिकता के कारण, आगे सहयोग नहीं दे पाई।
पर उसी समय से बेटे अद्वय ने इस बागडोर को न केवल बखूबी संभाला, बल्कि समय-समय पर अपनी कृति भी डाली। पर अगर वो निरंतरता से साथ न देता, तो यह विशाल संख्या- 2000 तक post लिखना संभव ही नहीं होता।
इस शुभ दिन पर शुभ संख्या के लिए आप सभी का अनेकानेक आभार।
दीपावली पर माँ लक्ष्मी और श्रीगणेश जी को शत-शत प्रणाम करते हुए आज की यह कविता उनके ही श्रीचरणों में समर्पित है।
उनकी कृपादृष्टि सदैव हम सभी पर बनी रहे, सब जगह शुभ, सुख व समृद्धि रहे…
दीपों का त्यौहार दीपावली
दीपों का त्यौहार दीपावली।
सुख का है संसार दीपावली।
शुभ से है आरंभ दीपावली।
गणेश जी का आशीर्वाद दीपावली।
धन-धान्य का आधार दीपावली।
माँ लक्ष्मी की कृपा अपार दीपावली।
मिष्ठान का भंडार दीपावली।
पुष्पों की बहार दीपावली।
भक्ति का है सार दीपावली।
रिश्तों का है प्यार दीपावली।
प्रभु श्रीराम का स्वागत दीपावली।
माँ लक्ष्मी का इंतजार दीपावली।
लक्ष्मी-नारायण दोनों आएँ जिसमें,
वो दिव्यता-भव्यता है दीपावली।
इसलिए ही तो होता है,
सबसे बड़ा त्यौहार दीपावली।।
आप सभी को इस दीपोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ, हमारी 2000वीं post के साथ!



