Friday, 9 October 2026

Article : Organic Revolution

(I) Our Inspiration :

आज का यह article कोई information को share करने के लिए नहीं डाल रहे हैं, बल्कि एक appeal, एक awareness के लिए डाल रहे हैं।

इसलिए इसे जितना हो सके forward कीजिए, अगर आप भी Cancer से खुद को और अपने परिवार को बचाना चाहते हैं तो।

यह article movie The India Story देखने के बाद लिखने की प्रेरणा मिली। इसमें Green Revolution को रोक लगाकर अब Organic Revolution करने की appeal की गई है।

जो कितनी आवश्यक है, उसे समझने से पहले यह जानते हैं कि green revolution क्या है, यह क्यों शुरू किया गया था, और अब इसकी आवश्यकता क्यों नहीं है…

Organic Revolution


(II) The Requirement :

1966 की बात है, Tashkent (Uzbekistan) में रहस्यमय तरीके से भारत के Prime Minister Lal Bahadur Shastri Ji की मौत हो गई। 

इसके पीछे किसका हाथ था? आखिर क्या राजनैतिक कारण था? आज तक clear नहीं हुआ है। 

उस समय देश में भुखमरी जैसे हालात पैदा हो गये थे, अतः कोशिशें की जाने लगी कि किस तरह से produce बढ़ाई जाए, कैसे देश को भुखमरी से निकाल कर self-dependent बनाया जाए।

भारत में Green Revolution की शुरुआत 1960 के decade के उत्तरार्ध (लगभग 1966-67) में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य देश को produce के मामले में आत्मनिर्भर बनाना था।

Green Revolution agriculture में आधुनिक techinques, HYV (High Yield Variety) seeds और chemical fertilizers के प्रयोग से produce में भारी वृद्धि करने की एक ऐतिहासिक पहल है।


(III) Historical Overview :

  • International Father- Norman Borlaug को international level पर green revolution का father माना जाता है।
  • Indian Father- Dr. M.S. Swaminathan India में green revolution के प्रमुख pioneer और father थे।
  • Word Usage- ‘Green Revolution’ शब्द का सबसे पहले प्रयोग William Gaud ने किया था।


(IV) Major Details :

  • HYV seeds- High Yielding Variety seeds का उपयोग विशेषकर गेहूं और चावल के लिए किया गया। इससे भारत को अनाज के Import पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।
  • Ploughing- Wells और advanced ploghing साधनों का विस्तार।
  • Fertilisers & Pesticides- Chemical fertilizers और pesticides का बड़े पैमाने पर प्रयोग।
  • Machinery- Traditional तौर-तरीकों की जगह tractor, harvester, tubewell, thresher और advanced agricultural implements का उपयोग शुरू हुआ।


(V) Positive Impacts :

  • Food Sufficient- भारत अनाज के मामले में self-dependent बन गया और भुखमरी की समस्या में कमी आई।
  • Higher Produce- Wheat और paddy के उत्पादन में record-breaking तीन गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। 
  • Economic Increase- विशेष रूप से Punjab, Haryana और western Uttar Pradesh के farmers की income बढ़ी और वे subsidence farming से निकलकर commercial farming की ओर अग्रसर हुए।
  • More Employment- Farming prodyce बढ़ने, harvesting के चक्र में तेजी आने और machinery से rutal areas में employment के नए अवसर पैदा हुए।


(VI) Negative Impacts :

  • Regional Inequality- Green Revolution का लाभ मुख्य रूप से Punjab, Haryana और western Uttar Pradesh तक ही सीमित रहा, जबकि देश के अन्य पिछड़े हिस्से इससे वंचित रह गए।
  • Urban-Rural Divide- Advanced agricultural techniques (बीज, उर्वरक, machines) महंगी होने के कारण इसका पूरा लाभ बड़े और अमीर किसानों को मिला, जबकि छोटे व गरीब किसान पीछे छूट गए।
  • Barren Land- Chemical fertilizers और pesticides के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी की natural fertility घटने लगी और भूमि barren होने लगी।
  • Groundwater reduction- धान और गेहूं जैसी अधिक पानी चाहने वाली crops के कारण अंधाधुंध नलकूप चलाए गए, जिससे कई क्षेत्रों में groundwater level काफी नीचे चला गया।
  • Nature Degradation- Chemical व pesticides के अवशेषों से water और air pollution बढ़ा, जिसका बुरा प्रभाव human health और biodiversity पर भी पड़ा।


(VII) Emergence of Cancer :

नकारात्मक प्रभाव में मुख्य रूप से भूमि और मिट्टी की उर्वरता पर असर तथा nature और health को नुकसान शामिल है।

Chemical fertilizers और pesticides के अंधाधुंध इस्तेमाल से सबसे अधिक संकट जो उभर कर सामने आया, वो है cancer जैसी खतरनाक बीमारी का बहुत तेजी से फैलना।

रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से बचने और मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण व स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए organic और natural कृषि पद्धतियों को अपनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जैविक क्रांति।


(VIII) Main Details :

  • Budget Reduction- Organic तकनीकों और prodyce के उपयोग से खेती की लागत traditional chemical farming के मुकाबले लगभग आधी (50% तक) रह जाती है। मतलब मेहनत अधिक और पैदावार कम।
  • Fertility increase- Urea और अन्य chemicals के अत्यधिक उपयोग से खराब हुई मिट्टी की उपजाऊ क्षमता और उसकी softness manure व vermicompost से फिर से बहाल होती है।
  • Natural Fertilizers- Crops को कीटों से बचाने के लिए नीम, धतूरा और सीताफल जैसी प्राकृतिक पत्तियों के fermented घोल का उपयोग किया जाता है।
  • Better Profit- Organic रूप से उगाए गए अनाज, सब्जियां और अन्य उत्पाद market में सामान्य उत्पादों की तुलना में अधिक कीमत पर बिकते हैं, जिससे किसानों की income बढ़ती है।

 

(IX) The Summary :

हरित क्रांति के प्रभाव को कम करने का सटीक उपाय जैविक क्रांति ही है। लेकिन उसके साथ ही यह भी सुन लें कि organic grains, fruits और vegetables अधिक costly होते हैं।

लेकिन एक बार अपने सीने पर हाथ रखकर अवश्य सोचिएगा, कि आपके लिए धन अधिक महत्वपूर्ण है या अपने और परिवार का स्वास्थ्य?

Organic food items थोड़े महंगे अवश्य होते हैं, लेकिन अब भारत की paying capacity और saving इतनी अवश्य बढ़ी हुई है कि हम अपने और अपने परिवार के स्वस्थ को priority प्रदान करें।

हर कोई अधिक लाभ की कामना करता है, अगर हम अधिक खर्च करने को तैयार होंगे, तो किसान भी अधिक खर्च और मेहनत करने को तत्पर होगा। 

हम संकल्प लें कि केवल organic products ही लेंगे, और उसकी बिक्री को बढ़ावा दें। तो वो दिन दूर नहीं, जब organic revolution आ जाए और सभी किसान केवल organic farming करें। 

इससे पर्यावरण के साथ-साथ स्वास्थ्य नवाब भी होगा…

Thursday, 8 October 2026

Article : Nana Patekar- The Great

(I) The “Kalakar” :

Bollywood cinema जगत के दिग्गज कलाकार Nana Patekar आज सुबह 5:20 (A.M.) पर इस नश्वर संसार से विदा हो गए। 

यहाँ उनके लिए अभिनेता नहीं कलाकार शब्द का उपयोग किया है, क्योंकि अभिनेता के अभिनय करने का मुख्य उद्देश्य धनार्जन करना होता है, जबकि एक कलाकार अभिनय करता है कला की सेवा के लिए, समाज के कल्याण के लिए, समाज में क्रांति के लिए।

और नाना पाटेकर की बहुत-सी movies, उनका फिल्मों में role और सादगी से भरा जीवन, उनके कलाकार होने की पुष्टि करता है।

दिग्गज कलाकार नाना पाटेकर भारतीय cinema में अपनी बेबाक शख्सियत, acting की गहराई और सादगी के कारण सबसे अलग माने जाते हैं।

आइए जानते हैं ऐसे कौन से कारण हैं, जो उन्हें सबसे अलग और “great” बनाते हैं…

Nana Patekar- The Great


(II) Why The “Great” :

  • His Deep Acting- उनकी आँखें और आवाज बिना ज्यादा कहे भी बहुत कुछ बयां कर देती थीं। उनके चंद संवाद और ठहरी हुई आवाज़, film में मौजूद अन्य सभी actors और actresses की acting पर भारी पड़ते थे। उन्होंने ‘Parinda’, ‘Krantiveer’, ‘Prahaar’, ‘Khamoshi’, ‘Agni Sakshi’, ‘Yugpurush Yashvant’ और ‘Natsamraat’ जैसी अनेक films में ऐसे किरदार निभाए जो audience के दिलों पर गहरी छाप छोड़ गए।
  • उनका संवाद " एक साला मच्छर आदमी को हिजडा़ बना देता है" बड़े से बच्चों तक सबको याद होगा और सिर्फ यह ही नहीं, अनगिनत ऐसे संवाद हैं, जो उनको हमेशा जीवित रखेंगे।
  • Looks Don't Matter- उन्होंने अपनी acting से एक और बात सिद्ध की कि looks नहीं, बल्कि talent सफलता तक पहुंचाती है। सबसे glamourous समझे जाने वाली जगह में उन्होंने सिद्ध किया कि एक साधारण से नैन-नक्श वाला व्यक्ति भी cinema जगत में आकर अपना वर्चस्व स्थापित कर सकता है।
  • The Comic Seriousness- नाना पाटेकर की image मुख्यतः एक गंभीर और गुस्सेल किरदार निभाने वाले कलाकार की थी।‌ लेकिन ‘Welcome’ जैसी फिल्म में 'Udai Shetty' का किरदार निभाकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे comedy में भी बेजोड़ हैं।
  • His Simplicity- उन्होंने कभी flimy चकाचौंध या stardom की परवाह नहीं की। वे खुद एक बेहद सादा जीवन जीते थे। Pune के Singhgadh Fort के पास उनकी लगभग 10 acre जमीन थी, जहाँ वे खुद खेती करते थे और किसानों जैसा जीवन पसंद करते थे।

उनकी यह बात उन्हें कला का उपासक सिद्ध करती हैं। यह तो हुई उनके कला से जुड़े होने की बातें।


(III) The Social Servant :

पर क्या सिर्फ वो एक कलाकार थे? नहीं, बल्कि वो सच्चे देशभक्त भी थे। हम यह क्यों कह रहे हैं?

आइए, इस पहलू को भी देख लेते हैं।

  • Social Contribution- वे केवल पर्दे पर ही actor नहीं थे, बल्कि असल जिंदगी में भी society से जुड़े हीरो ही रहे। बात 2015 की है, जब वे ₹1.5 crore की car खरीदने वाले थे। तब किसानों की su!cide की news सुनकर उन्होंने वह विचार छोड़ दिया और ‘NAAM Foundation’ के जरिए drought-affected किसानों की मदद की।
  • Widow's Pain- पूरी घटना इस प्रकार है। वर्ष 2015 में Maharashtra के Beed district की उनकी एक trip ने उनका perspective बदल दिया। वहाँ उन्होंने debt से परेशान होकर su!cide करने वाले किसानों की कम उम्र की widows और उनके बच्चों की दयनीय स्थिति को अपनी आँखों से देखा, जिसके बाद उन्होंने उनके लिए काम करने का फैसला किया।
  • NAAM Foundation- September 2015 में उन्होंने Marathi actor Makarand Anaspure के साथ मिलकर इस foundation की शुरुआत की। इसके माध्यम से वे Maharashtra के drought-affected क्षेत्रों (Vidarbha, Latur, Usmanabad etc.) के किसानों की economic मदद करते थे।
  • Direct Conversation- वे farmers को su!cide न करने के लिए लगातार encourage करते थे और कहते थे कि किसी भी मुश्किल में वे सीधे उनसे बात कर सकते हैं।
  • Water Conssrvation- उन्होंने सिर्फ economic सहायता ही नहीं दी, बल्कि villages में पानी की कमी दूर करने के लिए check dam, तालाब और water sources को पुनर्जीवित करने का बड़ा काम किया।


(IV) The Patriot :

उनकी जिंदगी से जुड़ा एक और बहुत famous incident है।

  • Army Connection- Acting के अलावा वे Indian Army से भी जुड़े रहे। उन्होंने 1999 के Kargil W@r के दौरान सेवा दी और उन्हें Territorial Army में lieutenant colonel के मानद पद से सम्मानित किया गया था। 
  • Army Training- अपनी film ‘Prahaar’ की shooting और तैयारी के लिए उन्होंने Maratha Light Infantry के साथ करीब 3 साल तक army और commando training ली थी। वे एक अच्छे national level के shooter भी थे।
  • Defence Minister's Consent- W@r शुरू होने पर उन्होंने acting से कुछ समय के लिए break लिया और then Defence Minister George Fernandes से सीधे संपर्क कर युद्ध क्षेत्र में जाने की विशेष consent मांगी।
  • Quick Reaction Team- Consent मिलने के बाद वे Kargil पहुंचे और वहाँ ‘Quick Reaction Team’ (QRT) का हिस्सा बनकर soldiers के साथ करीब 60 दिन तक मैदान में रहे।


इन जैसी और बहुत-सी बातें थीं, जो उन्हें दिग्गज कलाकार और महान personality प्रदान करती हैं।

ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें और अपने में विलीन करें!

Wednesday, 7 October 2026

Recipe : Taco Shells

कल आपको tacos की recipe share की थी (https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/10/recipe-tacos.html?m=1), और कहा था कि आज taco shells की recipe share करेंगे।

तो आज वही share कर रहे हैं। पर उससे पहले बात करते हैं कि इसे healthy option क्यों कहते हैं।

ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी topping तो nutritious होती है, beans की patties, veggies, curd, cheese etc.

पर साथ ही साथ इसका जो shell है, वो भी बहुत nutritious होता है, क्योंकि वो maize flour से बना होता है।

तो चलिए, झटपट देख लेते हैं कि कैसे बनता है यह…

Taco Shells


Ingredients :

  • Maize flour - 1 cup 
  • All purpose flour - ½ cup
  • Oil - 1 tbsp. & extra for deep-frying
  • Salt - as per taste
  • Warm water - about ½ cup


Method :

  1. एक large bowl में मक्के का आटा, मैदा, नमक, oil व warm water डालकर semi-stiff dough prepare कर लीजिए।
  2. आटे से छोटी-छोटी गोलियाँ तोड़ लीजिए।अब इनकी रोटियाँ बना लें।
  3. हर रोटी को fork से prick कर लीजिए।
  4. Oil को wok में गर्म होने के लिए रख दीजिए।
  5. Medium slow flame पर golden brown होने तक fry कर लीजिए।
  6. Wok से tacos ऐसे निकालें कि तेल wok में ही निथर जाए।
  7. अब गर्म-गर्म tacos को kitchen towel में रखें, उस पर rolling pin (बेलन) रखें।
  8. अब बेलन पर दोनों tacos को ऐसे fold करें कि taco shells बेलन से थोड़ा लिपट जाएँ।‌
  9. थोड़ी देर hold करके रखें, फिर धीरे से बेलन निकाल लें।

Instant Taco Shells are made at home, without any hassle and hustle. Stuff them with your favourite filling and enjoy!


Tips and Tricks :

  • Maize flour बहुत जल्दी runny हो जाता है, इसलिए पानी slowly डालकर dough prepare करें।
  • Warm water डालने से कम पानी में ही dough prepare हो जाता है।
  • मैदा डालने से अच्छी binding आ जाती है, इससे taco shells ready करना easy हो जाता है। पर मैदा ½ cup से अधिक नहीं डालें, वरना crisp, texture, और taste नहीं आएगा।
  • इसे घी में मत बनाइएगा, वरना texture बहुत देर तक sustained नहीं रहेगा।
  • Maize flour से ही taste and crisp आता है।
  • रोटी को fork से prick अवश्य कीजिएगा, क्योंकि fry करते समय अगर tacos फूल गए तो soft हो जाएँगे और shape contain नहीं रहेगा।

तो healthy और customised tacos बनाएँ और अपने प्यारे बच्चों को खुश कर दें…