Monday, 2 March 2026

Recipe : Kanji Vada

आपको दो दिन पहले गाजर के पानी वाले अचार की recipe share की थी, साथ ही promise किया था कि आप इसे बनाएं, फिर हम आपको instantly prepare होने वाले कांजी वड़ा की recipe share करेंगे।

तो आपको बता दें, कि गाजर के पानी वाले अचार को सिंधी अचार और oil-free गाजर का या mix पानी वाला अचार भी कहते हैं। साथ ही इस पानी वाले अचार का पानी ही कांजी होता है। तो चलिए, recipe शुरू करते हैं।

Kanji Vada



(I) Method :

  1. सबसे पहले आप इस (अचार) का पानी लीजिए।
  2. बड़े के batter से छोटी-छोटी गोलियां बनाकर तल लें।
  3. इन गोलियों को गर्म पानी में डालकर हल्के हाथों से निचोड़ लीजिए, जिससे extra पानी निकल जाए।
  4. इन गोलियों को कांजी के पानी में, serving करने के 4-6 घंटे पहले डाल दीजिए।
  5. Serving के time कांजी वड़ा को glass में डाल लीजिए।
  6. उसे finely chopped धनिया पत्ती, भुना जीरा और लाल मिर्च powder से garnish कर लीजिए।

Your Kanji Vada is ready to boost your gut health and your taste buds, both at the same time. Enjoy!

नीचे कांजी और वड़ा दोनों का link डाल देते हैं, for a perfect Kanji Vada recipe


(II) Links :


तो इंतज़ार किस बात का? आज ही बनाइए Kanji Vada और मज़े से खाइए और खिलाइए अपने परिवार को रंगोत्सव के सभी पकवान।

वैसे भी आपने सीखीं दो अलग-अलग recipes; गाजर के पानी वाले अचार और वड़े की। इन recipes से आपने बनाई यह recipe, Kanji Vada. ऐसी ही multi-use recipes के लिए जुड़े रहें Shades of Life से…

Sunday, 1 March 2026

Article : होलिका दहन - पूजन विधि, तिथि व शुभ मुहूर्त

हिन्दू धर्म में बहुत से देवी-देवता और अनेकानेक छोटे-बड़े त्योहार हैं, जिसमें दो मुख्य त्योहार हैं; दीपावली और होली।

दोनों की अलग छटा, अलग उत्सव, कोई किसी से कम नहीं, एक अमावस्या को, तो एक पूर्णिमा को।

इस साल होलिका दहन व रंगोत्सव होली में एक दिन का अंतर है। ऐसा क्यों है, और होलिका दहन का शुभ मुहूर्त क्या होगा, जान लेते हैं।

होलिका दहन - पूजन विधि, तिथि व शुभ मुहूर्त


होलिका दहन, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, हर साल यह पर्व फाल्गुन महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है।

साल 2026 में होली की तारीख को लेकर लोगों के मन में थोड़ा confusion है कि होलिका दहन 2 मार्च या 3 मार्च, कब मनाया जाएगा?


(I) तिथि :

2 या 3 मार्च-

कहीं 2 मार्च तो कहीं 3 मार्च को दहन की चर्चा हो रही थी। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि 3 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। पंचांग के अनुसार यह इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च 2026, सोमवार की रात को किया जाएगा। हालांकि इस बार भद्रा का साया भी रहेगा, जिस वजह से सही मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना जरूरी होगा।

पूर्णिमा व भद्रा का संयोग-

पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 मार्च 2026 को शाम के 5:18 से हो रही है। इसी समय भद्रा का वास भी शुरू हो जाएगा, जो पूरी रात और अगली सुबह 3 मार्च को 4:56 बजे तक प्रभावी रहेगा। 

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, भद्रा काल में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करना वर्जित माना गया है। 

खासतौर पर होलिका दहन जैसे पर्व पर भद्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। शास्त्रों में भद्रा को अशुभ योग माना गया है। मान्यता है कि भद्रा में किए गए शुभ कार्यों का फल विपरीत हो सकता है।


(II) शुभ मुहूर्त :

पंचांग के अनुसार इस वर्ष होलिका दहन का सबसे उपयुक्त और शास्त्रसम्मत समय रात 12:50 बजे से 2:02 बजे के बीच रहेगा। इस दौरान भद्रा का पुच्छ काल माना जा रहा है, जो होलिका दहन के लिए अनुकूल माना जाता है।

अतः होलिका दहन का सबसे उपयुक्त मुहूर्त कुल 1 घंटा 12 मिनट का है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी समय में होलिका दहन करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

तो आप समझ गए होंगे कि इस साल के पहले चंद्रग्रहण और भद्रा काल के कारण, होलिका दहन 2 मार्च की रात को किया जाएगा, 3 मार्च को चंद्रग्रहण है अतः रंगोत्सव 4 मार्च को मनाया जाएगा।

हालांकि सबके घर में भिन्न-भिन्न तरह से सभी पूजा-अर्चना की जाती है, लेकिन होलिका दहन की अग्नि के समीप की जाने वाली पूजा विधि इस प्रकार है।


(III) पूजा विधि :

होलिका दहन से पहले परिवार के साथ विधि-विधान से पूजा करना शुभ माना जाता है।

होलिका के चारों ओर परिक्रमा करें।

कच्चा सूत, गेहूं की बालियां, नारियल और जल अर्पित करें।

साथ में होली उत्सव के लिए जो भी पकवान बनाए या आपने खरीदे हैं, जैसे गुजिया, मठरी, पापड़, मालपुआ, दही बड़े इत्यादि उनको भी साथ में लाएं और उनका अर्पण कर पकवानों को प्रसाद रूप में परिवर्तित करें।

“ॐ होलिकायै नमः” मंत्र का जाप करें।

परिवार की सुख-समृद्धि और बुरी शक्तियों के नाश की प्रार्थना करें।

अगले दिन होलिका की राख को तिलक के रूप में लगाना भी कई जगह शुभ माना जाता है।


(IV) पूजन मंत्र :

  • मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वज:, मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
  • ॐ वासुदेवाय विघ्माहे वैधयाराजाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात्।
  • ॐ तत्पुरुषाय विद्‍महे अमृता कलसा हस्थाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात्।


आप सभी को होलिका दहन व रंगोत्सव होली पर हार्दिक शुभकामनाएं।

Saturday, 28 February 2026

Recipe : गाजर का पानी वाला अचार

होली आने वाली है, जो साथ लाएगी बच्चों में उत्साह, जवानों में उमंग व संग में प्रेम, सौहार्द और अपनेपन का रंग। पकवानों की बहार होगी, सबके संग मिल मस्ती हजार होगी।

पर रंग में भंग तब पड़ जाता है, जब इतने पकवानों को खाकर पेट डांवाडोल हो जाता है। पर इस होली नहीं होगा, अगर आप Shades of Life को follow करते हैं, क्योंकि इस बार हम जो share कर रहे हैं, उसके साथ आपका होली का मजा चौगुना हो जाएगा।

आइए झट-पट इसकी recipe देख लेते हैं…

गाजर का पानी वाला अचार


(I) Ingredients :

  • Red Carrot - 100 gm.
  • Rai (small mustard seeds) - 1 tbsp. 
  • Turmeric powder - ½ tsp.
  • Salt - as per taste
  • Asafoetida - 1 tsp.
  • Black salt - ½ tsp.
  • Water - 1 litre


(II) Method :

  1. एक भगौने में एक litre पानी को गर्म होने रख दीजिए।
  2. गाजर को छीलकर उसके fingers काट लीजिए (जैसे french fries ready किए जाते हैं)।
  3. पानी में नमक, हींग, और गाजर डालकर एक खौल आने तक पकाएं।
  4. राई को coursely grind कर लीजिए। Ground राई व काला नमक इस पानी में डाल दीजिए।
  5. पानी को कांच की शीशी में पलट दीजिए और बरनी के मुंह को कपड़े से बांध दें।
  6. अब बरनी को दो से तीन दिन के लिए धूप में रख दीजिए।

Your tangy and tasty digestive Carrot Water Pickle is ready.


(III) Tips and Tricks :

  • गाजर fresh and red लीजिए, इससे स्वाद अच्छा आता है।
  • गाजर को किसी भी shape में काट सकते हैं। Fingers वाला देखने में अच्छा लगता है।
  • आप पानी बिना उबाले भी इसे बना सकते हैं, फिर इसे बनने में 4 to 6 days लग जाते हैं। बहुत बार सही स्वाद का नहीं भी बनता है।
  • इसमें खट्टा स्वाद राई के fermentation से आता है। खट्टा करने के लिए नींबू रस या सिरका इत्यादि बिल्कुल न डालें।
  • राई दरदरा ही पीसकर डालें, महीन नहीं करना है। 1 tbsp. से अधिक न डालें, वरना पानी कसैला हो जाएगा।
  • हल्दी हल्के से पीले tinch के लिए, या पीला रंग करने के लिए डालना है, आप अपनी पसंद के अनुसार डाल सकते हैं।
  • आप चाहें तो mix veg भी ले सकते हैं, जैसे गाजर के साथ मूली, गोभी, हरी मिर्च इत्यादि। 
  • इसमें अपनी पसंद अनुसार, सौंफ, अजवाइन, काली मिर्च, लाल मिर्च पाउडर आदि डाल सकते हैं। हमने नहीं डाला है, क्योंकि हमने इसे पाचक जल बनाया है। इसमें हींग, राई, नमक का बहुत ही soothing effect आता है। इसलिए गाजर भी हमने कम डाली है, केवल fermentation process fast करने के लिए।
  • कम गाजर डालने और कोई अन्य सब्जियां न डालने का एक कारण और है कि सब इसका पानी अधिक पसंद करते हैं, साथ में गाजर या सब्जियों को खाना पसंद नहीं करते हैं। और वो इसलिए भी क्योंकि यह एक appetizer drink है, खाने के साथ खाया जाने वाला अचार नहीं है।
  • पानी पूरी तरह तैयार है, इसकी पहचान खट्टी-सी खुशबू और स्वाद होता है।
  • साथ ही अचार के पूरा बनते ही गाजर ऊपर की तरफ आ जाती है।
  • हींग जरूरी है, इससे पाचन क्रिया अच्छी हो जाती है।


तो सोचिए मत, आज ही बना लीजिए, easily and instant बनने वाला, oil free अचार, जो खाने के साथ नहीं बल्कि उससे पहले या बाद में खाया जाता है, पकवानों के पाचन के लिए।

होली के पकवानों की list में इसे भी शामिल कर लीजिए, क्योंकि यह होली का पूरा मज़ा बनाए रखेगा।

ज्यादा सोचा तो होली आकर निकल जाएगी और यह नहीं बन पाएगा, आपके मेहमानों के लिए। और एक secret बताएं, आप इसे तैयार कीजिए। उसके बाद हम तुरंत तैयार होने वाले कांजी वड़ा की विधि दो दिन में बताते हैं।

So stay tuned…