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Friday, 20 March 2026

India's Heritage : क्यों पड़ा नाम दुर्गा?

माँ भगवती नें दुर्गम के साथ जब अंतिम युद्ध किया, तब उन्होंने भुवनेश्वरी, काली, तारा, छीन्नमस्ता, भैरवी, बगला तथा दूसरी अन्य महा शक्तियों का आह्वान कर के उनकी सहायता से दुर्गम को पराजित किया था।

इस भीषण युद्ध में विकट दैत्य दुर्गम को पराजित करके उसका वध करने पर माँ भगवती दुर्गा नाम से प्रख्यात हुईं।

क्यों पड़ा नाम दुर्गा?


दुर्गा नाम इस कारण पड़ा, क्योंकि माता ने प्राचीनकाल में दुर्गम नामक एक भयानक असुर का वध किया था, और इसी ‘दुर्ग’ (अर्थात् ‘असुर’) का वध करने के कारण उन्हें देवी दुर्गा कहा जाने लगा।

देवी भागवत जैसे पौराणिक ग्रंथों में इस घटना का विस्तार से वर्णन है, जिसमें बताया गया है कि दुर्गम असुर ने वेदों को छिपाकर संसार में असंतुलन पैदा कर दिया था, जिसे देवी ने अपने वध से समाप्त किया।

आइए, इस घटनाक्रम व पौराणिक कथा को विस्तार से समझते हैं।


असुर दुर्गम का अत्याचार :

एक प्राचीन असुर था जिसका नाम दुर्गम था। उसने ब्रह्माजी से वरदान पाकर वेदों को छिपा दिया था, जिससे दुनिया में अज्ञानता और पाप फैल गया था।


देवताओं की रक्षा :

देवताओं ने देवी उमा से इस संकट को दूर करने के लिए प्रार्थना की।


देवी दुर्गा का प्राकट्य :

देवताओं की रक्षा के लिए, देवी उमा ने दुर्गा का रूप धारण किया और दुर्गम असुर से युद्ध किया।


दुर्गम का वध :

भयंकर युद्ध के बाद, देवी दुर्गा ने दुर्गम असुर का वध किया और देवताओं को देवलोक वापस दिलवाया।


नाम की उत्पत्ति :

दुर्गम नामक असुर का वध करने के कारण ही देवी उमा को दुर्गा नाम से भी जाना जाने लगा।


जयकारा शेरावाली दा, बोलो सांचे दरबार दी जय!

Thursday, 19 March 2026

Bhajan : मेरी जगदम्बा

मेरी जगदम्बा


आती हैं संग में लेकर बहार,

लाती हैं संग में खुशियां अपार, 

बड़े दिलवाली हैं मेरी जगदम्बा। 

आशीष देने आई हैं मेरी जगदम्बा।


माँ दर्शन देने आएं तो, 

उनकी पायलें बजती हैं ऐसे,

उनकी रून-झुन सुन ले जो,

वो भक्त दीवाना न हो कैसे?


भक्तों की महारानी हैं माँ जगदंबा।

बड़े दिलवाली हैं मेरी जगदम्बा।

आशीष देने वाली हैं मेरी जगदम्बा।


माँ दर्शन देने आएं तो,

उनके कंगन खनकते हैं ऐसे,

उनकी खनखन सुन ले जो,

वो भक्त दीवाना न हो कैसे?


भक्तों की महारानी हैं माँ जगदंबा।

बड़े दिल हैं मेरी जगदम्बा।

आशीष देने वाली हैं मेरी जगदम्बा।


माँ दर्शन देने आएं तो,

उनके बिंदिया चमकती है ऐसे,

उसकी चमक देख ले जो,

वो भक्त दीवाना न हो कैसे? 


भक्तों की महारानी हैं माँ जगदंबा।

बड़े दिलवाली हैं मेरी जगदम्बा।

आशीष देने वाली हैं मेरी जगदम्बा।


बन-संवर के निकले,

आया नवरात्रि का जो महीना,

हर कोई समझे यह,

माँ का दर्शन उसी को ही मिलना।  


भक्तों की महारानी हैं माँ जगदंबा।

बड़े दिलवाली हैं मेरी जगदम्बा।

आशीष देने वाली हैं मेरी जगदम्बा।

(आने से जिसके आए बहार, जाने से जिसके जाए बहार की तर्ज़ पर)


आप सभी को चैत्र नवरात्र पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ!

विक्रम संवत नववर्ष 2083 की आप सभी को विशेष शुभकामनाएँ!

Tuesday, 30 September 2025

Matarani ka Bhajan : मैय्या, तू मेरी नैया

शारदीय नवरात्रि की महाष्टमी के पावन पर्व पर यह भजन, दुर्गा माता को समर्पित किया है। 

एक भक्त की भक्ति को भजन के रूप में प्रस्तुत किया है। हे माँ! भक्ति स्वीकार करें और हम सब पर अपनी कृपादृष्टि बनाए रखिए 🙏🏻

मैय्या, तू मेरी नैया


मैय्या मैय्या, 

मैं तेरा ललना,

तू मेरी है मैय्या।

साथ में मेरे, 

हरदम रहना,

छोड़ कभी न चलना।


मैय्या, तू मेरी नैया। 

मैय्या, तू ही खेवैया।।


तेरे सहारे, दुनिया मेरी, 

तुझसे सारे नाते। 

दुनिया चाहे, 

जिसको पूजे,

हम शीश तुम्हें ही नवाते।

 

मैय्या, तू मेरी नैया।

मैय्या, तू ही खेवैया।। 


जो कोई चाहे,

चांदी-सोना,

उसको वो दे देना। 

मुझको अपने चरणों में,

दे दो एक छोटा सा कोना।

 

मैय्या, तू मेरी नैया। 

मैय्या, तू ही खेवैया।।


दुर्गाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🏻 

Monday, 22 September 2025

Mata Rani ke Bhajan : माँ के आने से

शारदीय नवरात्र में मां के आगमन से पूरी दुनिया में धूम मच गई है, हर ओर सुख सम्पन्नता और सौभाग्य बरस रहा है। आइए हम भी इस पावन अवसर पर माँ की असीम कृपा में सराबोर होकर माँ का जयकारा लगाते हैं।

माँ के आने से 




अंगना में आएगी बहार 

माँ के आने से 

भक्तों की लगेगी कतार 

माँ के आने से 


माँ का है गोरा गोरा 

मुखड़ा सुहाना 

दर्शन करने को उनके 

उमड़ा ज़माना 

भक्ति होगी स्वीकार 

माँ के आने से 

भक्तों की लगेगी है कतार 

माँ के आने से 


लाल लाल जोड़ा 

मेरी माँ ने है पहना 

सिर से पांव तक 

सजा है गहना 

खुशियां मिलेंगी अपार 

माँ के आने से 

भक्तों की लगेगी है कतार

 माँ के आने से 


हरी हरी चूड़ी 

माँ ने हाथों में सजाई 

सुंदर सलोनी है

 मेहंदी लगाई

होगा बेड़ा पार 

माँ के आने से 

भक्तों की लगेगी है कतार 

माँ के आने से 


छम छम पायल 

माँ के पैरों में बजेगी 

शेर पर सवार 

मैय्या खूब जंचेगी

सबका ही होगा उद्धार 

माँ के आने से 

भक्तों की लगेगी कतार 

माँ के आने से 


अंगना में आएगी बहार 

माँ के आने से 

भक्तों की लगेगी कतार 

माँ के आने से 




बोलो सांचे दरबार की जय 🙏🏻

जयकारा शेरावाली दा 🚩


माता रानी के अन्य भजनों का आनन्द लेने के लिए, click करें..

माता रानी के भजन 

Sunday, 30 March 2025

Bhajan : मैय्या जीवन भर यह कमाल रखना

मैय्या जीवन भर यह कमाल रखना



मेरे सिर की चुनरिया को लाल रखना,

मैय्या जीवन भर यह कमाल रखना।


पहनूं मैं लाल-लाल साड़ी,

गहनों से मैं खुद को सजाऊं,

मांग के सिंदूरा को लाल रखना।


मैय्या जीवन भर यह कमाल रखना,

मेरे सिर की चुनरिया को लाल रखना।


पहनूं मैं भर-भर चूड़ी,

हाथों को मेहंदी से सजाऊं,

माथे की बिंदिया को लाल रखना।


मैय्या जीवन भर यह कमाल रखना,

मेरी सिर की चुनरिया को लाल रखना।


पहनूं मैं छम-छम पायल,

बिछुओं से मैं पांव सजाऊं, 

महावर का रंग मेरा लाल रखना।


मैय्या जीवन भर यह कमाल रखना,

मेरे सिर की चुनरिया को लाल रखना।




पूरे भजन का आनंद लेने के लिए, दिए गए youtube link पर click करें : 

आप सभी को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏🏻 

Friday, 11 October 2024

Bhajan (Devotional Song) : माँ के ‌दरबार‌ में

माँ के दरबार में

मैं तो आ गई 

मैं तो आ गई,

माँ के दरबार में

मैं तो आ गई


माँ के शीश पे टीका सोहे

बिंदी चमके चमचम -2

माँ की सुंदरता

मांँ की सुंदरता सबको 

भा गई रे, 

मैं तो आ गई


मैं तो आ गई 

माँ के दरबार में 

मैं तो आ गई 


माँ के गले पे हरवा सोहे

कंगन बाजे खनखन -2

माँ की ख्याति 

माँ की ख्याति सब जगह 

छा गई रे  

मैं तो आ गई 


मैं तो आ गई 

माँ के दरबार में 

मैं तो आ गई 


माँ के पैर पे बिछुआ सोहे 

पायल बाजे छम-छम -2

माँ की कृपा 

माँ की कृपा सब पर

हो गई रे

मैं तो आ गई


मैं तो आ गई 

माँ के दरबार में 

मैं तो आ गई



🚩बोलो सांचे दरबार की जय🚩

माता रानी की कृपा हम सब पर सदैव बनी रहे 🙏🏻🙏🏻 

माता रानी के अन्य भजन सुनने के लिए click करें 

Thursday, 3 October 2024

Bhajan‌ (Devotional Song): आई है नवरात्रि

शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती हैं, पर हम में से कितने हैं, जिनको मां के हर रुप का नाम याद हों और वो भी सही क्रम में...

आज का यह भजन, माँ के नौ रूपों को लेकर उनके श्रीचरणों में अर्पित करते हैं।

आप सभी भजन का आंनद लेते हुए माँ के नौ रूपों के नाम क्रमवार याद कर लें।

आई है नवरात्रि

शैलपुत्री ब्रह्मचारिणी -2

चंद्रघंटा कूष्मांडा -2

स्कंदमाता कात्यायनी -2

कालरात्रि महागौरी -2

सिद्धिदात्री -4

मां के यह नौ रूप हैं

आई है नवरात्रि -2

खुशियों से झूमो

आई है नवरात्रि

देने आशीष हमें

आई है नवरात्रि

माँ के नौ रूपों की

आई है नवरात्रि

हां नवरात्रि - 4


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Tuesday, 9 April 2024

Bhajan(Devotional Song): ओढ़ के चुनरिया लाल

 ओढ़ के चुनरिया लाल



ओढ़ के चुनरिया लाल

मैय्या जी मेरे घर आना -2


आप भी आना 

मां लक्ष्मी को लाना-2

विष्णु जी आ जाएं 

जो साथ

समा हो जाए दीवाना 


ओढ़ के चुनरिया लाल

मैय्या जी मेरे घर आना -2


आप भी आना 

मां शारदा को लाना -2

ब्रह्मा जी आ जाएं 

जो साथ

समा हो जाए दीवाना 


ओढ़ के चुनरिया लाल

मैय्या जी मेरे घर आना -2


आप भी आना 

मां काली को लाना -2

भोले भी आ जाएं 

जो साथ

समा हो जाए दीवाना 


ओढ़ के चुनरिया लाल

मैय्या जी मेरे घर आना -2


आप भी आना 

गणपति भी लाना -2

रिद्धि सिद्धि आ जाएं 

जो साथ

समा हो जाए दीवाना 


ओढ़ के चुनरिया लाल

मैय्या जी मेरे घर आना -4 


आप भी आना संग

स्कंद देव को लाना -2

छठी मां आ जाएं 

जो साथ

समा हो जाए दीवाना 


ओढ़ के चुनरिया लाल

मैय्या जी मेरे घर आना 

ओढ़ के चुनरिया लाल

मैय्या जी मेरे घर आना -4 



पूरे भजन का आनन्द लेने के लिए link पर click करें :


आप सभी को चैत्र नवरात्र की हार्दिक शुभ कामनाएं 💐

नवरात्र का शुभारंभ हुआ है, आइए मिलकर माता रानी का सत्कार करें। 

माँ की अनुकम्पा हम सब पर बनी रहे, सभी

सुखी, समृद्ध, चिरायु व आरोग्य रहें 🙏🏻🙏🏻 

हिन्दू नवसंवत्सर 2081 की हार्दिक शुभकामनाएं 💐

जय माता दी, बोलो सांचे दरबार की जय 🚩


Monday, 16 October 2023

India's Heritage‌‌ : शारदीय नवरात्र

आजकल नवरात्र चल रहे हैैं। पूरे भारत वर्ष में माता रानी की पूजा अर्चना, भजन कीर्तन चल रहे हैं।

पर क्या आप के मन में कभी आया कि कैसे हुआ दुर्गा माँ का जन्म?, क्यों माँ ने अपनी सवारी के रूप में सिंह को ही चुना? और क्यों नवरात्रि में कन्या पूजन से मां का आशीर्वाद मिलता है? 

आज के विरासत के इस अंक में हम शारदीय नवरात्र पर्व के विषय में ही जानते हैं।  

शारदीय नवरात्र


नवरात्र : नवरात्र यानी महाशक्ति की पूजा के 9 दिन, जिसमें देवी के 9 स्वरूपों की अराधना की जाती है।

हिंदू धर्म में नवरात्रि के पर्व का खास महत्व होता है। नवरात्र पर्व साल में दो बार आते हैं, चैत्र नवरात्र व शारदीय नवरात्र (जो अश्विन मास में पड़ती है)

दोनों ही नवरात्रि में माता रानी की पूजा अर्चना भजन कीर्तन होता है। लेकिन अश्विन माह में पड़ने वाली शारदीय या शरद नवरात्र का आम जनमानस के बीच  प्रचलन अधिक है। 

इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 15 अक्टूबर 2023 से होने जा रही है और 24 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ इसका समापन होगा।

नवरात्रि, शक्ति की अराधना का पर्व है. इसमें देवी के 9 स्वरूपों की पूजा होती है। हिंदू शास्त्र में मां दुर्गा के जन्म से लेकर युद्ध में विजय पाने तक उन्हें अनेक रूपों में बताया गया है।

नवरात्रि में नवदुर्गा यानी मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा का विशेष महत्व होता है. मां दुर्गा के इन रूपों को महाशक्ति कहा गया है। हिंदू धर्म शास्त्रों में मां दुर्गा के जन्म से लेकर महिषासुर से युद्ध और युद्ध में विजय पाने तक उनकी शक्ति को अनेक रूपों में परिभाषित किया गया है।

'या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:' 

नवरात्रि की शुरुआत होते ही 9 दिनों तक घर, मंदिर और पूजा पंडालों में दुर्गा सप्तशती के इस मंत्र के जाप किए जाएंगे। देवी के इस मंत्र का अर्थ है- हे माँ! आप सर्वत्र  शक्ति के रूप में विराजमान हैं, हे माँ अम्बे, आपको मेरा बारंबार प्रणाम है।


चलिए अब जान लेते हैं कि माँ दुर्गा का जन्म कैसे हुआ? क्यों इन्हें शक्ति भी कहते हैं? 

कैसे हुआ देवी दुर्गा का जन्म?

हिंदू धर्म में देवी के कई रूप बताए गए हैं, लेकिन मान्यता है कि देवी का जन्म सबसे पहले दुर्गा के रूप में हुआ था।

राक्षस महिषासुर का वध करने के लिए माँ दुर्गा का जन्म हुआ था, इसलिए माँ दुर्गा को महिषासुर मर्दिनी भी कहा जाता है।

पौराणिक कथा के अनुसार, राक्षस महिषासुर का अत्याचार देवताओं पर खूब बढ़ गया था। उसने अपनी शक्तियों से देवताओं को परेशान करना शुरू कर दिया. इतना ही नहीं महिषासुर ने देवताओं के स्वर्ग पर कब्जा कर लिया। ऐसे में सभी देवता परेशान हो गए और समस्या के समाधान के लिए त्रिदेव के पास गए। 

महिषासुर, सृष्टिकर्ता ब्रम्हा का महान भक्त था और ब्रम्हा जी ने उन्हें वरदान दिया था कि कोई भी देवता या दानव उस पर विजय प्राप्त नहीं कर सकता।

अब समस्या यह आयी कि जब कोई भी देवता या दानव महिषासुर का वध नहीं कर सकता तो उस पर विजय कैसे पाई जाए?

तब ब्रह्मा, विष्णु और शिव ने अपने शरीर की ऊर्जा से एक आकृति बनाई और सभी देवताओं ने अपनी शक्तियां उस आकृति में डाली। देवताओं की शक्तियों से दुर्गा का जन्म हुआ। जिसकी छवि बेहद सौम्य और आकर्षक थी और उनके कई हाथ थे। देवताओं की शक्ति से जन्म होने के कारण ही इन्हें शक्ति कहा गया।

दुर्गा में सभी देवताओं की शक्ति थी. इसलिए ये सर्वशक्तिमान हुईं। भगवान शिव से उन्हें त्रिशूल प्राप्त हुआ, विष्णु जी से चक्र, बह्मा जी से कमल, पर्वतों के देव हिमावंत से वस्त्र, और इस प्रकार से एक-एक कर देवताओं से शक्ति प्राप्त देवी दुर्गा बनीं और महिषासुर से युद्ध के लिए तैयार हुईं। 


अब जान लेते हैं कि, ऐसा क्या हुआ कि नवरात्र पर्व में नौ दिन पूजन किया जाता है?

नवरात्रि का पर्व 9 दिनों का ही क्यों?

कहा जाता है कि मां दुर्गा और महिषासुर के बीच 9 दिनों तक युद्ध चला था और दसवें दिन दुर्गा ने महिषासुर का वध कर दिया। इसलिए नवरात्रि का पर्व 9 दिनों तक मनाया जाता है और दसवें दिन विजयदशमी होती है।

हालांकि 9 दिनों तक नवरात्रि मनाए जाने को लेकर यह भी मान्यता है कि, महिषासुर से युद्ध के दौरान मां दुर्गा ने नौ रूप धारण किए थे. इसलिए 9 दिनों के नवरात्र में अलग-अलग दिन मां दुर्गा के इन 9 रूपों की पूजा की जाती है।


सभी देवी-देवताओं की अपनी अपनी सवारी है, जिसकी सबकी अपनी-अपनी विशेषता है। माता रानी की सवारी शेर है। पर सिंह ही क्यों है सवारी, आइए यह भी जान लेते हैं?

सिंह की सवारी क्यों करती हैं मां दुर्गा ?

मां दुर्गा का वाहन सिंह या शेर है और मां दुर्गा इसी की सवारी करती हैं। इसका कारण यह है कि सिंह को अतुल्य शक्ति से जोड़कर देखा जाता है। 

जब माँ शक्ति स्वरूपा हैं तो सवारी भी वैसी ही होनी चाहिए, बस इसलिए ही सिंह उनकी सवारी है।

और मान्यता है कि, सिंह पर सवार होकर मां भक्तों के दुख और संसार की बुराई का संहार करती हैं।


नवरात्रि का व्रत पूजन, तब पूर्ण माना जाता है, जब कन्या पूजन किया जाता है, पर क्यों? आइए नवरात्रि में क्यों जरूरी है कन्या पूजन? यह भी जान लेते हैं।

कन्या पूजन का महत्व

नवरात्र पर्व में दुर्गा माँ ने नौ रुप धारण किए थे, जिसमें कन्या से लेकर दुर्गा माँ तक के रुप धारण किए थे। जो कि इस प्रकार हैं।

पहली शैलपुत्री, दूसरी ब्रह्मचारिणी, तीसरी चंद्रघंटा, चौथी कूष्मांडा, पांचवी स्कंध माता, छठी कात्यायिनी, सातवीं कालरात्रि, आठवीं महागौरी और नौवीं सिद्धिदात्री। ये मां दुर्गा के नौ रुप हैं। 

नवरात्र में इन्हीं नौ रुपों की पूजा की जाती है और माँ के हर एक रुप के लिए एक कन्या मानी जाती है। इसलिए ही नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन सभी शुभ कार्यों का फल प्राप्त करने के लिए कन्या पूजन किया जाता है। कुमारी पूजन से सम्मान, लक्ष्मी, विद्या और तेज़ प्राप्त होता है. इससे विघ्न, भय और शत्रुओं का नाश भी होता है। होम, जप और दान से, मां दुर्गा इतनी खुश नही होती जितनी कन्या पूजन से होती हैं।

नवरात्रि में 9 कन्याओं की पूजा की जाती है, जिसकी आयु 2-10 वर्ष की होती है. इसे कन्या पूजन या कुमारी पूजन कहा जाता है. छोटी कन्याओं को देवी का रूप माना गया है।  शास्त्रों में हर आयु की कन्या के महत्व के बारे में भी बताया गया है। 


माता रानी व नवरात्र से जुड़ी और भी बातें हैं, जिन्हें आपको अगली नवरात्र में बताते हैं।

आज के लिए माँ के स्वरूप व नवरात्र की इन्हीं बातों के साथ, विराम लेते हैं... 

माता रानी की सदा ही जय...

जयकारा शेरावाली दा...

माता रानी आप की कृपा सदैव हम सब पर बनी रहे 🙏🏻🙏🏻

Sunday, 15 October 2023

Bhajan (Devotional Song) मैय्या विनती करुं मैं दोनों कर जोड़े

मैय्या विनती करूँ मैं दोनों कर जोड़े




मैय्या विनती करुं मैं दोनों कर जोड़े - 2

आजा आजा मैय्या आज घर मोरे - 2


लाल लाल चुनर में माँ तू आना -2

अमर सुहाग का वर दे के जाना-2


मैय्या विनती करुं मैं दोनों कर जोड़े -2

आजा आजा मैय्या आज घर मोरे -2


लाल लाल चूड़े में माँ तू आना - 2 

गोदी के ललना को अमर कर जाना - 2 


मैय्या विनती करुं मैं दोनों कर जोड़े - 2

आजा आजा मैय्या आज घर मोरे - 2


हाथों में मेहंदी लगा के आना - 2

ससुराल को मेरे सफल कर जाना - 2


मैय्या विनती करुं मैं दोनों कर जोड़े - 2

आजा आजा मैय्या आज घर मोरे - 2


लाल लाल महावर लगा के आना - 2

मायके को मेरे सफल कर जाना - 2


मैय्या विनती करुं मैं दोनों कर जोड़े - 2

आजा आजा मैय्या आज घर मोरे - 2


मैय्या पांव में बिछिया सजा के आना - 2

भक्तों को वरदान दे के जाना - 2


मैय्या विनती करुं मैं दोनों कर जोड़े - 2

आजा आजा मैय्या आज घर मोरे - 2 



आप सभी को शारदीय नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🏻💐


माता रानी हम सब पर सदैव अपनी कृपा दृष्टि बनाएं रखें 🙏🏻 🙏🏻


बोलो सांचे दरबार की जय 🚩

Wednesday, 29 March 2023

Bhajan (Devotional Song) : गौरा गोद में गणेश जी को ले के निकली

आज चैत्र नवरात्र की अष्टमी है। इस पावन दिवस पर माता रानी के, गौरा रुप की पूजा अर्चना की जाती है। मां गौरी हों और गणेश जी की स्तुति ना हो यह तो हो ही नहीं सकता है...

आज के इस भजन में गौरा माता और गणेश जी कि स्तुति की गई है। इसमें गणेशजी के जन्मोत्सव का बड़ा ही मनोरम वर्णन किया गया है..

यह भजन लखनऊ से श्रीमती प्रीति सहाय जी की मधुर आवाज़ में साझा कर रहे हैं। ढोलक पर सुरीली थाप, नुपुर सहाय जी की है.. 

आइए इस मनोरम और मधुर भजन को पढ़कर व सुनकर आनन्द लें... 


गौरा गोद में गणेश जी को ले के निकली  



गौरा गोद में गणेश जी को,

 ले के निकली-2

हो गौरा ले के निकली,

गौरा गोद में गणेश जी को 

ले के निकली....


ब्रम्हा आए विष्णु आए,

आए भोले नाथ,

गणपत जी ने जनम लियो है, 

नारद वीणा बजाएं 

गौरा गोद में गणेश जी को....


रामा आए लक्ष्मण आए, 

संग में सीता आई,

गणपत जी ने जनम लियो है,  

हनुमत चुटकी बजाएं,

गौरा गोद में गणेश जी को....


राधा आई रुक्मण आई,

 संग में ललिता आई,

गणपत जी ने जनम लियो है 

कान्हा ने मुरली बजाएं,

गौरा गोद में गणेश जी को.....



जय माता दी 🚩

आप सभी को चैत्र नवरात्र की दुर्गाष्टमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 💐🙏🏻 

माता रानी, हम सब पर सदैव अपनी कृपा दृष्टि बनाएं रखें 🙏🏻🙏🏻 

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माता रानी के भजन

Wednesday, 22 March 2023

Bhajan (Devotional Song) : बड़ी प्यारी लागे, बड़ी सोणी लागे

 बड़ी प्यारी लागे, बड़ी सोणी लागे 




सज-धज के आई माँ, 

सिंह पे सवार। 

करने भक्तों पे,

किरपा अपार।


बड़ी प्यारी लागे, 

बड़ी सोणी लागे।

हां, बड़ी प्यारी लागे,

बड़ी सोणी लागे।


मां की लाल लाल, 

चुनर सोहे।

उनकी बिंदिया,

भा गई मोहे।


बड़ी प्यारी लागे, 

बड़ी सोणी लागे।

हां, बड़ी प्यारी लागे,

बड़ी सोणी लागे।


माँ के हाथों की,

चूड़ी सोहे।

उनके कंगन,

भा गए मोहे।


बड़ी प्यारी लागे, 

बड़ी सोणी लागे।

हां, बड़ी प्यारी लागे,

बड़ी सोणी लागे।


माँ के पैरों की,

 पायल सोहे।

उनके बिछुए,

भा गया मोहे।


बड़ी प्यारी लागे, 

बड़ी सोणी लागे।

हां, बड़ी प्यारी लागे,

बड़ी सोणी लागे।


मां हैं निराली,

उनका शेर भी निराला।

भक्तों को माँ के दर्शन,

 करवाने वाला। 


बड़ी प्यारी लागे, 

बड़ी सोणी लागे।

हां, बड़ी प्यारी लागे,

बड़ी सोणी लागे।


जो कोई उनके, 

दर पे आए।

झोली ना उसकी,

खाली जाए।


बड़ी प्यारी लागे, 

बड़ी सोणी लागे।

हां, बड़ी प्यारी लागे,

बड़ी सोणी लागे।



         
    🙏🏻शेरावाली माता तेरी सदा ही जय हो🙏🏻

आप सभी को चैत्र नवरात्र की हार्दिक शुभकामनाएं 💐 

माँ की कृपा हम सब पर सदैव बनी रहे 🙏🏻🙏🏻 

हिन्दू नववर्ष पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🏻🎉


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माता रानी के भजन


Monday, 26 September 2022

Bhajan (Devotional Song) : तू ही है माँ

माता रानी जी के शुभ आगमन पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ 💐

हे माँ, हम सब पर आपकी विशेष कृपा रहे🙏🏻🙏🏻

तू ही है माँ



 तू ही है शेरावाली

तू ही है खप्पर वाली 

तू ही है माँ

जन जन में तू ही बसती

कण कण को तू ही रचती 

तू ही है माँ

तू ही भाग्य विधाता

तू ही कर्मों की दाता 

तू ही है माँ

भक्तों को हरषाने वाली

दुःख दूर भगाने वाली

तू ही है माँ

दर पे जो तेरे आए

झोली ना खाली जाए 

तू ही है माँ 

तू ही है शेरावाली

तू ही है खप्पर वाली 

तू ही है माँ

तू ही है माँ मेरी अम्बे 

तू ही तो है जगदम्बे

तू ही है दुर्गा माता

तू ही है माँ 

तू ही महाकाली

तू ही जोतावाली 

तू ही है लक्ष्मी माता

तू ही है माँ 

तू ही है माँ 






जयकारा शेरावाली दा 

💐शुभ शारदीय नवरात्र 💐

भजन को अपनी मीठी आवाज़ में अद्वय सहाय ने प्रस्तुत किया है। भजन का आनंद लें व छोटे से बच्चे को आर्शीवाद प्रदान करें 🙏🏻


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माता रानी के भजन


Saturday, 2 April 2022

Bhajan (Devotional Song) : चल बजाओ रे...

माता रानी जी, आप हम सब पर अपनी कृपा दृष्टि बनाएं 🙏🏻🙏🏻

चैत्र नवरात्रि के शुभारंभ पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ 💐🎉 

 चल बजाओ रे...


चल बजाओ रे ढोल नगाड़े 

कि माता रानी आईं द्वारे 

चल बजाओ रे ढोल नगाड़े

कि माता रानी आईं द्वारे 


फूलों का है थाल सजाया-2

धूप दीप उसमें है जलाया-2

उनके दर्शन से...

उनके दर्शन से दुख सारे हारे 

कि माता रानी आईं द्वारे 


चल बजाओ रे ढोल नगाड़े 

कि माता रानी आई द्वारे 


लाल लाल बिंदी 

लाल ही चुनर

लाल लाल बिंदी 

लाल ही चुनर

उनके दर्शन से..

उनके दर्शन से सुख मिले सारे

कि माता रानी आईं द्वारे 


चल बजाओ रे ढोल नगाड़े 

कि माता रानी आईं द्वारे 


माता का दरबार सजा है-2

भक्तों का अंबार लगा है -2

कितने सुंदर हैं...

कितने सुंदर हैं, सारे नजारे

कि माता रानी आईं द्वारे 


चल बजाओ रे ढोल नगाड़े 

कि माता रानी आईं द्वारे 

चल बजाओ रे ढोल नगाड़े

 कि माता रानी आईं द्वारे


उनके दर्शन से दुख सारे हारे 

कि माता रानी आईं द्वारे

उनके दर्शन से सुख मिले सारे

कि माता रानी आईं द्वारे

कितने सुंदर हैं, सारे नजारे

कि माता रानी आईं द्वारे


चल बजाओ रे ढोल नगाड़े 

कि माता रानी आईं द्वारे 



🙏🏻🚩जयकारा शेरावाली दा 🚩🙏🏻


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माता रानी के भजन

Thursday, 7 October 2021

Bhajan (Devotional Song):दर्शन माँ के दरबार के

भारत के विभिन्न प्रदेशों में नवरात्रि की विशेष छटा देखने को मिलती है,जितने प्रांत, उतने ही रंग में रंगी है नवरात्रि

पंजाब, दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बंगाल , सभी स्थानों में मां के आगमन का विशेष महत्त्व है।

तो चलिए हम भी मां के रंग में रंग जाते हैं।

ब्लॉग में भी नवरात्रि स्पेशल मनाते हैं। और आनन्द लेते हैं, मां के भजन , व्रत के लिए व्यंजन, कहानी, लेख आदि का।  

प्रारंभ माँ के भजन से करते हैं।


दर्शन माँ के दरबार के




चल लाडो तुझको दर्शन 

कराऊँ माँ के दरबार के


मैया के संग वहांँ पे

लक्ष्मी मैया भी विराजीं - 2

बांट रहीं हैं धन-धान्य वो

आकर ले लो हाँ जी

हाँ जी

आकर ले लो हाँ जी

उनकी कृपा जिस पर हो जाए-2

कर दें उसका उद्धार रे


चल लाडो तुझको दर्शन 

कराऊँ  माँ के दरबार के


मैया के संग वहाँ पे

शारदा मैया भी विराजीं -2

बांट रहीं हैं ज्ञान-बुद्धि वो

आकर ले लो हाँ जी 

हाँ जी

आकर ले लो हाँ जी

उनकी कृपा जिस पर हो जाए-2

 कर दें उसका उद्धार रे


चल लाडो तुझको दर्शन 

कराऊँ माँ के दरबार के


मैया के संग वहाँ पे

काली मैया भी विराजी-2

बांट रहीं हैं शक्ति भक्ति वो

आकर ले लो हाँ जी

हाँ जी

आकर ले लो हाँ जी

उनकी कृपा जिस पर हो जाए -2

कर दें उसका उद्धार रे


चल लाडो तुझको दर्शन 

कराऊँ माँ के दरबार के


मैया के संग वहाँ पे

कार्तिक जी भी हैं विराजे -2

बांट रहें हैं शक्ति ऊर्जा वो

आकर ले लो हाँ जी 

हाँ जी

आकर ले लो हाँ जी

उनकी कृपा जिस पर हो जाए-2

कर दें उसका उद्धार रे


चल लाडो तुझको दर्शन 

कराऊँ माँ के दरबार के


मैया के संग वहाँ पे

गणपति जी भी हैं विराजे-2

बांट रहें हैं रिद्धि सिद्धि वो

आकर ले लो हाँ जी

हाँ जी

आकर ले लो हाँ जी

उनकी कृपा जिस पर हो जाए-2

कर दें उसका उद्धार रे


चल लाडो तुझको दर्शन 

कराऊँ माँ के दरबार के


💐 जयकारा शेरावाली दा 💐

🙏🏻 माता रानी तेरी सदा ही जय 🙏🏻



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Saturday, 24 October 2020

Bhajan (Devotional Song) : मैया जी तेरे दर्शन के दीवाने

 🕉️ आप सभी को नवरात्रि के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएँ  🕉️

🙏🏻 माँ की कृपा सदैव हम सब पर बनी रहे 🙏🏻


मैया जी तेरे दर्शन के दीवाने


मैया जी तेरे दर्शन के दीवाने-2


मैया जी तेरा मंदिर लाख का रे

मैया जी तेरा मंदिर, हो ओ ओ ओ.......

मैया जी तेरा मंदिर लाख का रे

मैया जी तेरी आरती है हज़ारी-2


मैया जी तेरे दर्शन के दीवाने-2


मैया जी तेरी भक्ति लाख की रे

मैया जी तेरी भक्ति हो ओ ओ ओ.....

मैया जी तेरी भक्ति लाख की रे

मैया जी तेरे भक्त हैं हज़ारी -2


मैया जी तेरे दर्शन के दीवाने-2


मैया जी तेरी शक्ति लाख की रे

मैया जी तेरी शक्ति हो ओ ओ ओ.....

मैया जी तेरी शक्ति लाख की रे

मैया जी तेरा शेरा है हज़ारी-2


मैया जी तेरे दर्शन के दीवाने-2


मैया जी तेरा मुखड़ा लाख का रे

मैया जी तेरा मुखड़ा हो ओ ओ ओ.......

मैया जी तेरा मुखड़ा लाख का रे

मैया जी तेरे गहने हैं हज़ारी -2


मैया जी तेरे दर्शन के दीवाने-2


मैया जी तेरा होना लाख का रे

मैया जी तेरा होना हो ओ ओ ओ.....

मैया जी तेरा होना लाख का रे

मैया जी मेरी तृष्णा हैं हज़ारी -2


मैया जी तेरे दर्शन के दीवाने-2


💐🕉️सांचे दरबार की जय🕉️💐

🕉️💐माता रानी तेरी सदा ही जय 💐🕉️



आप भजन, इस धुन में या अपने द्वारा बनाई गई धुन में भी गा सकते हैं।

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माता रानी के भजन

Friday, 23 October 2020

Bhajan (Devotional Song): करती कमाल मैया

आज आप सब के साथ मुझे कटनी की श्रीमती किरण मोर जी के द्वारा भेजा गया माता रानी का भजन, साझा करते हुए अपार प्रसन्नता हो रही है

इस भजन के माध्यम से उन्होंने, मातारानी जी के आगमन से विसर्जन तक के नौं दिनों का वर्णन किया है। 

आइए हम सब आनन्द लें।

करती कमाल मैया

 



अरे करती कमाल,मैया करती कमाल
रहतीं हैं नौ दिन शान से----२

 सुबह सुबह रोज भक्त जल हैं चढ़ाते
शाम हुई धूप दीप नारियल हैं लाते,
लाते पूजा के थाल, लाते पूजा के थाल
रहतीं हैं नौ दिन शान से----
करतीं कमाल------

भक्त नौ दिन मैया को चुनरी चढ़ाते
पोशाक चूड़ियां लाल और श्रृंगार लाते
मैया करतीं श्रृंगार, मैया करती श्रृंगार
रहतीं हैं नौ दिन शान से
मैया करती कमाल------

मैया के द्वार पे है रोज भोग लगता
खीर और पूड़ी साथ हलवा भी बंटता
पा लो प्रसाद, मां का पा लो प्रसाद
रहतीं हैं नौ दिन शान से
मैया करतीं कमाल------

मैया के द्वार नौ दिन मेला है लगता
 रोज सुबह शाम भक्ति का रस है बटता
रहता धमाल,नौ दिन रहता धमाल
रहतीं हैं नौ दिन शान से
मैया करतीं कमाल------

मैया के द्वार पर कन्यायें हैं जींवतीं
नौ दिन कन्यायें मैया सा रूप दीखतीं
कर लो दर्शन, मां के करलो दर्शन
रहतीं हैं नौ दिन शान से
करतीं कमाल----

मैया के द्वार भक्तें रोज भक्त गाते
ढोलक मंजीरा और झांझर बजाते
दे देकर के ताल,दे देकर के ताल
रहतीं हैं नौ दिन शान से
मैया करतीं कमाल------

सप्तमी, अष्टमी सब मैया जी को पूजतीं
मैया जी भक्ति में नाच-नाच हैं झूमतीं
झांकी बेमिसाल, झांकी बेमिसाल
रहतीं हैं नौ दिन शान से
मैया करतीं कमाल------

नवें दिन माता का भंडारा होता
श्रद्धा और भक्ति का रस मिला होता
करके नमन खाते, करते नमन
रहतीं हैं नौ दिन शान से
मैया करतीं कमाल------

दसवीं के दिन मां विसर्जित हैं होतीं
भक्तों की आंखें फिर कैसे हैं रोतीं
दिल का देखो हाल, देखो दिल का हाल
रहतीं हैं नौ दिन शान से
मैया करतीं कमाल------

जय माता दी
नवरात्रि पर्व की शुभकामनाओं के साथ

🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼


यह भजन किरण जी ने इस धुन में गाया है, आप चाहें तो इसे किसी और धुन में भी गा सकते हैं।


Disclaimer:
इस पोस्ट में व्यक्त की गई राय लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं। जरूरी नहीं कि वे विचार या राय इस blog (Shades of Life) के विचारों को प्रतिबिंबित करते हों। कोई भी चूक या त्रुटियां लेखक की हैं और यह blog उसके लिए कोई दायित्व या जिम्मेदारी नहीं रखता है।

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