Friday, 1 May 2026

India's Heritage : Buddha Purnima

(I) अवतरण दिवस :

आज बुद्ध पूर्णिमा है, भगवान बुद्ध का अवतरण दिवस। आज के India's Heritage segment में भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़ी एक घटना का वर्णन कर रहे हैं। भगवान बुद्ध भगवान श्रीहरि के नवें अवतार हैं।


(II) श्रीहरि के अवतार :

  • मत्स्य (मछली)
  • कूर्म (कछुआ)
  • वराह (सूअर)

यहाँ तक विष्णु जी ने पशु रूप में अवतार लेकर सृष्टि की रक्षा की।

तत्पश्चात अपने परमभक्त प्रह्लाद की रक्षा हेतु व हिरण्यकश्यपु के दर्प को चूर करने के लिए नरसिंह (नर-सिंह) भगवान का अवतरण लिया, जिस रूप में वो वचन को सत्य सिद्ध करने के लिए आधे पशु व आधे मनुष्य रूप में (आधे नर व‌ आधे सिंह) अवतरित हुए। 

वमन (बौना ब्राह्मण) के अवतार के साथ ही विष्णु जी ने मनुष्य रूप धारण किया और उसके बाद परशुराम, राम, कृष्ण और फिर बुद्ध के रूप में अवतार लिया। दशावतार में कल्कि के रूप में भी भगवान श्री हरि अवतार लेंगे।

भगवान विष्णु जी का हर स्वरूप न केवल देखने में, अपितु भगवान विष्णु जी के हर अवतार की शिक्षाएं, संस्कार, नीति भिन्न-भिन्न रही हैं।

भगवान बुद्ध भी सबसे भिन्न थे, उसी का उल्लेख है उनसे जुड़ी हुई इस कथा में...

Buddha Purnima


(III) युवराज सिद्धार्थ :

भगवान गौतम बुद्ध जन्म से इश्वाकू वंश के शाक्य कुल के युवराज सिद्धार्थ थे, पर उन्होंने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से इतर, परिवार से ज्यादा कर्मों को प्रधानता दी।

अपने राज्य पाठ, सुख-ऐश्वर्य, यहां तक की परिवार को त्याग कर कठिन तप के द्वारा बुद्धत्व प्राप्त किया और राजकुमार सिद्धार्थ से भगवान बुद्ध बन गए।

संसार का ज्ञान प्राप्त करने से पहले राजपुत्र सिद्धार्थ लगभग छह साल तक उस समय के योग, समाधि में लीन कहे जानेवाले अनेक ऋषि, साधु, योगी, ज्ञानीब तथा महानुभवियों के शरण में गए थे।

गौतम बुद्ध संसार का ज्ञान प्राप्त करने हेतु छह साल तक दरदर भटकते रहे। उनके आखिरी गुरु ने उनसे कहा था कि आहार-चावल के दाने कम करते जाओ, जब एक दाने पर आओगे तब तुम्हें ज्ञान की प्राप्ति होगी।

ज्ञान पाने की लालसा में बुद्ध ने वैसा ही किया। वे शारिरिक रूप से बहुत ज़्यादा कमजोर हो गए। उनका पूरा शरीर बस एक हड्डियों का पिंजर बन कर रह गया था।

एक दिन वे बहते हुए पानी से दूसरी छोर जा रहे थे। जैसे ही वे बहते पानी के मुख्य धारा में आए, कमजोरी के कारण वे बहने लगे। बड़ी प्रयास से एक पत्थर को पकड़कर उन्होंने अपनी जान बचाई, और वे थके-हारे आज के बिहार राज्य में स्थित बोधगया में एक पीपल के वृक्ष के नीचे जा बैठे।

बैसाखी पूर्णिमा की बात है, इस नगर की सुजाता नाम की वधु को बड़ी मनौती के पश्चात पुत्र प्राप्ति हुई थी। पुत्र प्राप्ति के ख़ुशी में सुजाता ग्राम के सभी देवी-देवताओं को दूध-चावल की बनी खीर का भोग चढ़ाने आई। 

सिद्धार्थ का अस्थि-पिंजर शरीर देखकर उसे बड़ी करुणा आई, खीर का पात्र सिद्धार्थ के सामने रखते हुए अनायास उसके मुख से शुभकामना निकल पड़ी, “जैसे मेरी कामना पूरी हुई है, वैसे ही तुम्हारी भी हो।”

खीर का सेवन करने के बाद सिद्धार्थ के तन-मन में तृप्ति का आभास हुआ। कमजोर शरीर को ऊर्जा प्राप्त हुई, तब उन्होंने संकल्प किया- “अब जीऊँ या मरूँ, जब तक ज्ञान कि प्राप्ति न होगी इस जगह से उठूंगा नही।” और निग्रह के साथ समाधि लगाई।

सिद्धार्थ इस अवस्था मे छह-दिन छह-रात रहे। छठवें दिन  एक निमिष (पलक झपकने में जितना समय लगता है) से भी कम समय में सिद्धार्थ को ज्ञान कि प्राप्ति हुई, और वे बुद्ध बन गए।

मगर जब उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई तब उनकी भगवान की अवधारणा तटस्थ थी, उन्होंने कभी ज्यादा भगवान के अस्तित्व के बारे में खुल कर बात नहीं की।

उनका ज्ञान था “जीवन में दुःख है। उस दुःख का कारण है औऱ उसका उपाय है कर्म और योग-साधना।”

Thursday, 30 April 2026

Poem : बहुमूल्य बूंदें

बहुमूल्य बूंदें


सूरज की तपती किरणों से,

सूख हो रही धरा विकल।

दूर-दूर तक नहीं दिख रहा,

प्यास बुझाने को अब जल।।


सूख रहे हैं विटप सारे,

पशु-पक्षी त्राहिमाम पुकारे।

बंजर होती यह भूमि,

हरी-भरी हो किसके सहारे? 


आह! मेघ घिर आए,

नन्ही-नन्ही बूंदों को लाए।

पर क्या चंद बूंदों से,

धरती फिर हरी-भरी हो जाए?


ऐ मेघ! करो हमसे तुम वादा,

जल्द आओगे तुम जल लेकर।

सुख की छाया कर जाओगे,

तुम बहुमूल्य बूंदों को देकर।।

Wednesday, 29 April 2026

Article : आशाओं के बांध टूट गये

आशाओं के बांध टूट गये


हर साल आने वाले वो चंद पल, जो निर्धारित करते हैं कि आप सफल हुए कि नहीं। कितने बड़े और कठिन होते हैं यह पल!

उनके लिए जिन्होंने सफलता प्राप्त कर ली, और उनके लिए भी जो इस सफलता को नहीं पा सके।

जिनको सफलता मिल गई, उन सबको बधाइयां! पर जो वंचित रह गए, उनसे सिर्फ यह ही कहेंगे कि वो सिर्फ़ एक पल है, पूरी जिंदगी नहीं।

जो नहीं मिली, उसके बहुत सारे कारण हो सकते हैं, जैसे कि अभी वो पल नहीं आया था, जो आपका है, या शायद यह वो मंज़िल ही नहीं जो आप पाना चाहते हैं।

शायद आपकी राहें कुछ अलग हैं, मंज़िल इससे भी ज्यादा अच्छी। अपनी मेहनत को, अपनी किस्मत को कोसिए नहीं। यह मत सोचो कि आशाओं के बांध टूट गये हैं।

अभी जिंदगी के बहुत से बहुमूल्य पल हैं आपके पास, जिनमें आप सिद्ध कर सकते हैं कि जो आप में है, वो किसी और में नहीं है।

तो उठिए, और अधिक जोश, और अधिक विश्वास के साथ, उसको पाने के लिए, जो आपका है। 

साथ ही इस कविता को जरूर पढ़िए व सुनिए, शायद यह आप में आत्मविश्वास का संचार करने में सहायक हो।

पढ़ने के लिए इस पर click करें-https://shadesoflife18.blogspot.com/2022/07/poem.html?m=1

सुनने के लिए इस पर click करें-https://youtu.be/ndNNqfdaxxg?si=lQ7WKKG2kOLmOj5r

Monday, 27 April 2026

Article : Mohini Ekadashi

(I) Mohini Avatar :

आज मोहिनी एकादशी है। भगवान श्रीहरि के मोहिनी स्वरूप की आराधना की एकादशी। ऐसे स्वरूप की जिसका जो नाम है, वही प्रभाव भी। अर्थात् ईश्वर की साधना में मोहित होकर सर्वस्व प्राप्त कर लेना।

जी हाँ, सर्वस्व प्राप्त कर लेना। मुख्यतः कहा जाता है कि ईश्वर की आस्था में लीन होकर सर्वस्व न्यौछावर कर दो, पर यह ऐसा व्रत है, जो आपको सांसारिक सुखों की प्राप्ति से लेकर मोक्ष तक सब प्रदान करता है।


(II) Vishnu's Dashavatar :

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार भगवान विष्णु के प्रमुख 10 अवतार (दशावतार) माने जाते हैं, जो पृथ्वी पर धर्म की स्थापना के लिए लिए गए थे। हालांकि श्रीमद्भागवत पुराण और अन्य ग्रंथों में मुख्य रूप से 24 अवतारों का भी वर्णन मिलता है। ये हैं विष्णुजी के दशावतार :

  • मत्स्य (मछली)
  • कूर्म (कछुआ)
  • वराह (सूअर)
  • नरसिंह (नर-सिंह)
  • वमन (बौना ब्राह्मण)
  • परशुराम
  • राम
  • कृष्ण
  • बुद्ध
  • कल्कि (भविष्य का अवतार)

इनमें से अब तक 23 अवतार अवतरित हो चुके हैं, जबकि 24वां (कल्कि अवतार) अभी होना बाकी है। इनके अलावा देवताओं की रक्षा हेतु भगवान श्रीहरि विष्णु जी ने एक स्वरूप भी धरा था और वो था मोहिनी का स्वरूप।

भगवान विष्णु जी का स्त्री स्वरूप सम्पूर्ण ब्रह्मांड में उपस्थित सबसे ज्यादा खूबसूरत स्त्री स्वरूप। प्रभु श्रीहरि विष्णु का हर स्वरूप मन को मोह लेता है, लेकिन भगवान श्रीहरि का मोहिनी स्वरूप हर एक को सर्वाधिक मोहित करता है।

आइए जानते हैं इसके विषय में... 

Mohini Ekadashi


(III) Ekadashi :

हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। बता दें कि एक साल में कुल 24 एकादशी होती है। लेकिन इस साल अधिकमास होने के कारण कुल 26 एकादशी पड़ने वाली है। ऐसे ही वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। 

वैशाख के शुक्लपक्ष में मोहिनी नाम से प्रसिद्ध एकादशी आती है। मोहिनी एकादशी को उपवास करने आपके लिए एक नहीं कई लाभ होते हैं। भगवान विष्णु की कृपा तो मिलती है, साथ ही सभी पाप भी नष्ट हो जाते हैं। अनेक जन्मों के किए हुए महापाप भी नष्ट हो जाते हैं। इसलिए मोहिनी एकादशी का व्रत जरूर करना चाहिए। 

पहले जान लेते हैं कि भगवान श्रीहरि ने मोहिनी स्वरूप क्यों धारण किया था।


(IV) Reason behind Mohini :

पौराणिक कथा के अनुसार यह सतयुग में समुद्र मंथन को अंतिम स्वरूप प्रदान करने के लिए भगवान श्री हरि ने मोहिनी स्वरूप धारण किया था। पर ऐसा क्या हुआ था, जिसके कारण समुद्र मंथन हुआ था? आइए विषयवार इस को समझते हैं।


(V) Samudra Manthan :

  • Time- पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यह घटना सत्ययुग में हुई थी।
  • Reason- ऋषि दुर्वासा के श्राप से इंद्र और अन्य देवता श्रीहीन (शक्तिहीन) हो गए थे, जिसे पुनः प्राप्त करने के लिए मंथन आवश्यक था।
  • Equipments- मंदराचल पर्वत को मथानी और वासुकी नाग को रस्सी (नेती) बनाया गया था।
  • Base- भगवान विष्णु ने कूर्म (कछुआ) अवतार लेकर मंदराचल पर्वत को अपने कवच पर धारण किया था।
  • Conclusion- मंथन से 14 रत्न निकले, जिनमें विष (हलाहल), अमृत कलश, माता लक्ष्मी, और ऐरावत हाथी जैसे बहुमूल्य रत्न शामिल थे।

आपको बता दें कि भगवान श्रीहरि ने मोहिनी रूप धर कर देवताओं को अमृतपान कराया था, इसलिए मोहिनी एकादशी का व्रत बहुत खास है।

मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय जब अमृत निकला था, तब उसे राक्षसों से बचाकर देवताओं को प्रदान करने के लिए भगवान श्री विष्णुजी ने मोहिनी अवतार धारण किया था और धर्म की रक्षा की थी। 

इसी कारण मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णुजी की विधिपूर्वक पूजा और व्रत करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और हर तरह के पापों से भी मुक्ति मिल सकती है।


(VI) Date & Time in 2026 :

मोहिनी एकादशी 27 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन व्रत में मोहिनी एकादशी व्रत कथा का श्रवण करें, ये हजारों गायों को दान करने के समान पुण्य देता है।

ये व्रत तमाम तरह के मोह, बुरे कर्म से मुक्ति दिलाकर सही राह पर चलने की शक्ति देता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति के तमाम पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे राजसुख प्राप्त होता है। अगर आपको मोहिनी एकादशी व्रत की सम्पूर्ण कथा जाननी है, तो हम अगली मोहिनी एकादशी में उसे ही साझा करेंगे।

साथ ही आप को आगे यह भी बताएंगे कि दशमी-एकादशी योग या एकादशी-द्वादशी योग में से कौन-सा अधिक शुभ मुहूर्त है। अतः जुड़े रहें Shades of Life से आस्था और विश्वास के साथ।

बोलो भगवान श्रीहरि की जय!

Friday, 24 April 2026

India's Heritage : माँ बगलामुखी

(I) प्राकट्य दिवस :

आजकल हिन्दू देवी-देवताओं की मान्यता, पूजा-अर्चना को विशेष बल दिया जा रहा है, जो कि हिन्दू संस्कृति को सुदृढ़ करने के लिए अत्यावश्यक भी है।

माँ बगलामुखी देवी, एक ऐसा नाम, जो आज के दिन के लिए सर्वोच्च स्थान पर विराजमान हैं। कारण यह है, कि आज उनका प्राकट्य दिवस है।

पर माँ बगलामुखी कौन हैं और क्या है उनके प्राकट्य की कथा? आज India's Heritage segment में उनकी आराधना के साथ ही यह article लिख रहे हैं…

माँ बगलामुखी


(II) तिथि :

यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है, जिस दिन मां बगलामुखी का प्राकट्य हुआ था। वर्ष 2026 में बगलामुखी जन्मोत्सव 24 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को मनाया जाएगा।

  • आरंभ- 23 अप्रैल 2026 को रात 8:50 बजे से।
  • समापन- 24 अप्रैल 2026 को शाम 7:22 बजे तक।


(III) माँ बगलामुखी :

दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या बगलामुखी, माँ पार्वती का उग्र स्वरूप हैं। इन्हें युद्ध और शत्रुओं पर विजय दिलाने वाली देवी माना जाता है। वशीकरण और कीलन की शक्ति देने वाली बगलामुखी के पीतांबरा, ब्रह्मास्त्र, रूपिणी आदि नाम भी प्रमुख हैं। इनका वाहन बगुला पक्षी है।

माँ बगलामुखी के प्राकट्य की दो पौराणिक कथाएं हैं, जो इस प्रकार हैं।


(IV) पहली पौराणिक कथा :

सतयुग में भीषण तूफान के कारण पृथ्वी नष्ट होने वाली थी। भगवान विष्णु चिंतित होकर भगवान शिव के पास गए। शिव जी ने विष्णुजी से कहा, “इस संकट को सिर्फ आदिशक्ति ही दूर कर सकती हैं।” 

प्रभु विष्णुजी ने आदिशक्ति मां जगदम्बा (पार्वती माता) की कठोर तपस्या की। इससे प्रसन्न होकर देवी जगदंबा सौराष्ट्र में हरिद्रा झील में बगलामुखी के रूप में प्रकट हुईं और उन्होंने पृथ्वी को नष्ट होने से बचाया।


(V) दूसरी पौराणिक कथा :

एक राक्षस ने सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा के ग्रंथ चुरा लिए और पाताल लोक में जाकर छिप गया। उस राक्षस से मुक्ति दिलाने के लिए बगलामुखी की उत्पत्ति हुई। उन्होंने बगुले का रूप धर कर अपनी शक्ति से उस राक्षस का वध किया और ग्रंथ ब्रह्मा को वापस सौंप दिए। पौराणिक मान्यता के अनुसार सबसे पहले ब्रह्मा ने बगलामुखी साधना का उपदेश सनकादि ऋषियों को दिया था। सनकादि ऋषियों से प्रेरित होकर देवर्षि नारद ने भी देवी की साधना की। देवी के दूसरे उपासक भगवान विष्णु जी ने परशुराम को यह विद्या प्रदान की और उन्होंने इस विद्या को द्रोणाचार्य को प्रदान किया।


(VI) माँ बगलामुखी का स्वरूप :

वैदिक काल में सप्तऋषियों ने देवी बगलामुखी की साधना की। भगवान कृष्ण ने भी महाभारत के युद्ध से पूर्व पांडवों से बगलामुखी की साधना करवाई थी।

इनकी साधना रात्रि काल में करने से विशेष सिद्धि की प्राप्ति होती है। इनके भैरव महाकाल हैं। बगलामुखी की दो भुजाएं हैं। इनके दाहिने हाथ में गदा है तथा बायें हाथ से एक दानव की जीभ पकड़कर उसे मारते हुए दर्शाया जाता है। देवी की यह छवि उनके स्तंभन स्वरूप को प्रदर्शित करती है।


(VII) माँ बगलामुखी की सोलह शक्तियां :

कहा जाता है कि माँ बगलामुखी सोलह शक्तियों से परिपूर्ण थीं, उनकी सोलह शक्तियां इस प्रकार हैं-

  • मंगला (मंगलकारी और शुभ करने वाली)
  • वश्या (शत्रुओं और प्रतिकूल परिस्थितियों को वश में करने वाली)
  • अचलाय (स्थिर रहने वाली)
  • मुंधरा (शत्रु के मुख को बंद करने वाली)
  • स्तंभिनी (शत्रु की क्रिया, वाणी और बुद्धि को स्तंभित करने वाली)
  • बलाय (शारीरिक व मानसिक बल प्रदान करने वाली)
  • जृम्भिणि (शत्रु के ज्ञान और चेतना को जड़ करने वाली)
  • मोहिनी (मोहने वाली)
  • भाविका (भावनाओं को समझने वाली और भावातीत)
  • धात्री (संसार के धारण करने वाली)
  • कलना (समय को नियंत्रित करने वाली)
  • भ्रामिका (शत्रुओं में भ्रम पैदा करने वाली)
  • कल्पमसा (दुष्टों का नाश करने वाली)
  • कालकर्षिणि (काल को आकर्षित करने वाली)
  • भोगस्था (भोग-विलास और सुख प्रदान करने वाली)
  • मंदगमना (शांत और स्थिर गति वाली)


(VIII) माँ बगलामुखी का महत्व :

इस दिन को शत्रुओं पर विजय, वाद-विवाद, और मुकदमों में सफलता के लिए बहुत ही शुभ माना जाता है। माँ बगलामुखी को 'पीताम्बरा' भी कहा जाता है, जो 'स्तंभन' (रोकने) की शक्ति हैं।


(IX) बगलामुखी माता का मंदिर : 

बगलामुखी देवी मंदिर, विशेषकर नलखेड़ा (मध्यप्रदेश) (उज्जैन से ~100 किमी) और कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) में स्थित, अत्यंत सिद्ध और प्राचीन शक्तिपीठ हैं। पांडव कालीन यह मंदिर शत्रुओं पर विजय, कोर्ट-कचहरी बाधाओं, और तांत्रिक अनुष्ठान के लिए प्रसिद्ध हैं।

नलखेड़ा, आगर मालवा (मध्यप्रदेश) मंदिर की मुख्य बातें:

स्थान: आगर-मालवा जिले में लखुंदर नदी के किनारे, नलखेड़ा।

महत्व: यह स्वयंभू सिद्धपीठ है, जहां पांडवों ने महाभारत युद्ध से पहले विजय प्राप्ति के लिए पूजा की थी।

विशेषता: यहाँ मां बगलामुखी की तीन मुख वाली त्रिशक्ति के रूप में पूजा होती है।

पूजा: शत्रु नाशक और करियर में सफलता के लिए यहाँ विशेष तांत्रिक हवन और पूजन किया जाता है। 

दतिया (मध्य प्रदेश) स्थित श्री पीतांबरा पीठ देश का अत्यंत प्रसिद्ध और शक्तिशाली शक्तिपीठ है, जो मां बगलामुखी (पीतांबरा देवी) और धूमावती देवी को समर्पित है। 1935 में स्थापित, यह मंदिर शत्रुओं के नाश, मुकदमों में जीत और तांत्रिक साधना के लिए जाना जाता है। यहाँ स्थित वनखंडेश्वर शिव मंदिर महाभारतकालीन माना जाता है।

इस वर्ष दतिया के इस मंदिर में भव्य आयोजन किया जा रहा है। अनेकानेक श्रृद्धालुओं का जमावड़ा भोर की प्रथम बेला से लग गया है।


(X) दतिया बगलामुखी मंदिर :

  • स्थान- मध्य प्रदेश के दतिया जिले में, झांसी से लगभग 30 किमी की दूरी पर।
  • स्थापना- स्वामीजी महाराज (गोलोकवासी) द्वारा 1935 के आसपास।
  • प्रमुख देवता- मां बगलामुखी (पीतांबरा देवी), धूमावती देवी (जो भारत में एकमात्र स्थान पर हैं), और वनखंडेश्वर महादेव।
  • विशेषता- बगलामुखी देवी का रंग पीला है, इसलिए उन्हें पीतांबरा भी कहते हैं और यहाँ पीत (पीले) रंग की वस्तुएं ही चढ़ाई जाती हैं। यहाँ तंत्र साधना और विशेष हवन (जैसे हल्दी हवन) कराए जाते हैं, जो कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • समय- सुबह 6:00 बजे से रात 9:30 बजे तक (मंगल आरती सुबह 6 बजे और संध्या आरती 7:30 बजे)।
  • कैसे पहुँचें- दतिया railway station (झांसी-ग्वालियर मार्ग) निकटतम है।
  • पौराणिक महत्व- मान्यता है कि पांडवों ने महाभारत युद्ध से पहले माता की पूजा की थी, और यह मंदिर स्वयंभू (स्वयं प्रकट) है।
  • पूजा विधि- माँ बगलामुखी को पीला रंग प्रिय है, इसलिए भक्त पीले वस्त्र पहनकर, पीली वस्तुओं (पीले फूल, हल्दी, पीले भोग) के साथ माता की पूजा करते हैं। 

माँ बगलामुखी की जय!

माँ सबके रुके हुए कार्य को पूरा करें, सभी को सुख प्रदान करें।


Disclaimer:

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Thursday, 23 April 2026

Article : Airfryer and its Recipes

(I) Queries with Airfryers :

कुछ दिनों से the airfryer style segment की recipes बता रहे हैं, तो कुछ viewers का पूछ्ना था कि कौन सा airfryer लें, कितनी capacity का लें, कौन-कौन से utensils की requirement है, क्या-क्या बन सकता है etc.

तो आज आपकी सारी queries solve कर देते हैं, और बताते हैं कि आप कैसे airfryer king और queen बन सकते हैं…

Airfryer and its Recipes


(II) Companies of Airfryers :

सबसे पहले आप को बता दें कि भारत में airfryer कई famous companies द्वारा बनाए जाते हैं, जिनमें Philips, Havells, Prestige, Agaro, Inalsa, Wonderchef, Kent, Pigeon, Milton और Xiaomi (Mi) main brands हैं। ये brands healthy cooking के लिए famous हैं और इनके airfryers different budget and capacity में उपलब्ध हैं।

तो इनमें से कौन-सा लें? आपको बता दें, सभी brands अच्छी हैं और function-wise, more-or-less सब same हैं, आप अपने budget के according लें सकते हैं।

बस लेते समय ध्यान रखिएगा कि ऐसा airfryer लें, जिसमें glass window बनी हो और अंदर LED light जलती हो। इससे food बनते हुए दिखता है तो इसे बार-बार खोल कर check नहीं करना पड़ता है कि खाना बना कि‌ नहीं।


(III) Suitable Capacities :

  • 2 to 4 Members- 4.2 litres sufficient है।
  • 4 to 6 Members- 4.2 से 6.2 litres तक का appropriate है।

वैसे कितनी capacity का लेना है, यह इस बात पर भी depend करेगा कि आप उसे use कितना करेंगे।


(IV) Required Utensils :

इसमें plastic and glass के utensils सही नहीं रहते हैं। इसके लिए silicon moulds और metallic utensils use कर सकते हैं।

वैसे बहुत से food items तो इसकी rack पर रखकर भी बन जाते हैं।


(V) Easy Handling :

Airfryer बहुत user-friendly है, इतना कि बच्चे भी इसमें कुछ भी बहुत easily बना सकते हैं। जलने का डर नहीं है, बस brushing के लिए बड़ा brush रखें, दूसरा food items को उलटने-पलटने के लिए proper tongs रहें। 

साथ ही silicon mitts होने से काम करना easy हो जाता है। इसलिए silicon mitts अवश्य लें, यह e-commerce websites पर easily available रहता है।


(VI) Easy Maintenance :

Airfryer बहुत user-friendly है, maintenance के point of view से भी।

इसकी rack and basket nonstick cookware है। Easily clean हो जाता है। Dishwasher में भी वो धो सकते हैं।

आप चाहें तो tissue paper or moist cloth से भी इसे clean कर सकते हैं।


(VII) How to Use :

  • For best results, airfryer को preheat अवश्य करें।
  • उसकी rack को ghee or oil से grease अवश्य करें।
  • Different items के लिए different temperatures रखें। Thumbrule पर सभी को 200°C पर ही नहीं बनाएं।
  • Food items पर butter, ghee or oil से की गई brushing से जितना कम-से-कम oil चाहिए, सिर्फ उतना ही लगता है, बाकी basket में store हो जाता है, जिसे आप बाद में निकाल कर reuse भी कर सकते हैं। 
  • ध्यान रखिएगा कि for perfect result, खाना बनाने के लिए जो भी रखें, space के साथ रखें, चढ़ा कर या बहुत सटाकर न रखें।
  • आप इसमें cooking, baking, frying, roasting, reheating etc. कर सकते हैं, वो भी less oily, easily and less timings के साथ।

हमने बहुत-सी recipes share की हैं, जिसका link नीचे दिया है। आपको इनसे बहुत अच्छे से idea हो जाएगा कि airfryer में क्या और कैसे बनाएं- https://shadesoflife18.blogspot.com/search/label/Recipes%20-%20the%20airfryer%20style?m=0

वैसे beginners के लिए general food items के लिए time and temperature mentioned रहता है, पर आप एक बार हमारी recipe try कर लेंगे, तो आप beginner नहीं बल्कि expert बन जाएंगे।

तो आप ready हैं ना expert बनने के लिए?

Wednesday, 22 April 2026

Poem : चलो वृक्षारोपण करते हैं

आज पृथ्वी दिवस के पावन पर्व पर आइए, उसे धन-धान्य से परिपूर्ण करने का प्रण लेते हैं।

उसी प्रण को काव्यरूप में प्रस्तुत किया है।

चलो वृक्षारोपण करते हैं


क्या कभी सोचा है यूं,

पृथ्वी को धरा कहते हैं क्यूं?


क्योंकि वो ही है जो

माँ की तरह ही 

हम सबके दुःखों को,

अपने अंक में धरती है।


और बदले में देने को,

अपनी झोली तुम्हारे

सुखों से भरती है।


देती है वो अविरल बहता,

कल-कल करता जल।

फल-फूल, सब्जी, और

सुनहरे भविष्य का कल।


तो चलो हम भी,

कुछ ऐसा करते हैं।

धरित्री के अंक को,

हरियाली से भरते हैं।


वो सदैव धन-धान्य से,

परिपूर्ण रहे,इसके लिए 

चलो वृक्षारोपण करते हैं।


 Happy Earth Day!

Tuesday, 21 April 2026

Recipe : Frozen Snacks (the airfryer style)

आज की recipe, एक half prepared recipe है, means frozen snacks को airfryer में कैसे prepare किया जाए।

जब आप airfryer लेंगी तो आपको यह explain किया जाएगा कि frozen snacks इसमें भरकर prepare किया जा सकता है। 

लेकिन नहीं, ऐसा नहीं है और अगर आप ने ऐसा किया तो perfect result नहीं आएगा।

पर अगर आप हमारे method को Tips and Tricks के साथ follow करेंगे, तो आप को 100% satisfactory results मिलेंगे। यकीन मानिए, airfryer से prepared frozen snacks सबसे ज्यादा perfect बनते हैं, न केवल texture and taste में बल्कि लंबे समय तक perfectबने भी रहते हैं।

तो आइए, बता देते हैं कि करना क्या है…

Frozen Snacks (the airfryer style)


Ingredients :

  • Frozen Snacks (e.g. smileys, nuggets, french fries etc.)
  • Clarified butter (Ghee)  -for brushing


Method :

  • सबसे पहले airfryer को 200°C पर preheat कर लीजिए।
  • Airfryer की rack को ghee or oil से grease कीजिए।
  • जो भी frozen snack आप airfry कर रहे हैं, उन्हें rack पर फैलाकर रख दीजिए। 
  • ध्यान रखिएगा कि एक के ऊपर एक नहीं चढ़ाने हैं।
  • अब 5 minutes के लिए 160°C पर airfry कीजिए।
  • फिर snacks पर घी या तेल से brushing कर दीजिए और फिर 200°C पर 5 minutes के लिए airfry कीजिए।
  • एक बार पलट कर घी या तेल से brushing कीजिए और 200°C पर crispy and crunchy होने तक airfry कीजिए।

Your scrumptious frozen snacks are ready to serve!


Tips and Tricks :

  • Airfryer preheat अवश्य करें।
  • Rack को ghee or oil से grease अवश्य करें।
  • एक साथ खूब सारा भरकर न बनाएं, बल्कि batches में बनाएं, एक-दूसरे पर चढ़ाए बिना।
  • Airfry करते time पहले 160°C पर airfry करें, बाद में 200°C पर।
  • Starting से 200°C पर airfry करने से perfect result नहीं आता है।
  • बीच-बीच में घी या तेल से brushing अवश्य करें, वरना frozen snacks dry and खक्कड़ हो जाएंगे, crispy and juicy नहीं बनेंगे।
  • पूरी process होने में deep fry से ज्यादा time लगता है, लेकिन result airfryer का ज्यादा perfect आता है, and of course less oily भी, means देर आए दुरुस्त आए।

तो frozen snacks को एक बार airfryer में try करना तो बनता है और यकीन मानिए, time issue न हो तो बार-बार बनता है।

Monday, 20 April 2026

Recipe : Bread Roll (the airfryer style)

आज की airfryer recipe भी बहुत लोग बनाते हैं, पर सबका style different होता है। हम आपको जिस तरह का बता रहे हैं, उस तरह से सबसे tasty and less oily बनता है।

हम इसे the airfryer style बता रहे हैं, पर अगर आप इसे fry भी करेंगे तो भी इस method से बनाने में ही सबसे crispy and less oily बनेंगे।

तो चलिए, easily prepare होने वाले all time favourite Bread Roll की recipe देख लेते हैं…

Bread Roll (the airfryer style)


Ingredients :

  • Bread slices - 6 
  • Potatoes -  6 (big)
  • Clarified butter (ghee) - for brushing 
  • Coriander leaves - handful (finely chopped)
  • Green chilli - as per your taste (finely chopped)
  • Garlic cloves (minced) - 4 to 6 (optional)
  • Ginger - ½ inches (minced)
  • Amchur Powder - ½ tsp.
  • Salt - as per taste 


Method :

  1. Bread slices के टुकड़े करके उसे mixer grinder jar में डालकर महीन पीस लीजिए (इससे bread crumbs बन जाएँगे)।
  2. आलू mash कीजिए, उसमें salt, green chilli, coriander leaves, garlic, ginger डालकर अच्छे से मिला लीजिए।
  3. Bread crumbs को दो portions में divide कर लीजिए। एक portion bread crumbs को आलू के साथ अच्छे से mash कर लीजिए।
  4. अब इस आलू के मसाले की छोटी-छोटी गोलियां बना लें। फिर इन गोलियों को बचे हुए bread crumbs में roll कर दीजिए।
  5. इन गोलियों को हाथों से एक बार फिर अच्छे से गोल कर दीजिए। एक बार फिर से roll को bread crumbs में roll कर दीजिए।
  6. एक बार फिर हल्के हाथों से गोल कर दीजिए, जिससे extra bread crumbs झड़ जाए। Airfryer को 200°C पर preheat कर लीजिए।
  7. अब airfryer की rack को घी से grease कर दीजिए।थोड़ी-थोड़ी दूरी पर bread rolls को place कर दीजिए।
  8. 160°C पर 5 minutes के लिए airfry कर लीजिए। अब rolls पर घी से brushing कर दीजिए। 2 minutes और airfry कीजिए।
  9. फिर rolls को flip कर दीजिए, दूसरी तरफ भी घी से brushing कीजिए। अब इस तरफ़ से भी 2 minutes के लिए airfry कर लीजिए।
  10. एक बार फिर घी से brushing कर दीजिए। अब 200°C पर golden brown होने तक airfry कर लीजिए (approx 3 to 5 minutes).

Your crispy golden Bread Rolls are ready to be relished. Enjoy their healthier and tastier version!


Tips and Tricks :

  • Mostly लोग bread को पानी में भिगोकर निचोड़ कर उससे bread roll बनाते हैं, पर इस process से घी या तेल ज्यादा soak होता है। दूसरा, यह process difficult भी है और इसमें जलने के chances ज्यादा होते हैं। हमारी process easy है, instant है, साथ ही इसमें जलने के chances बिल्कुल नहीं होते हैं।
  • Bread crumbs को आलू में mix करने से binding आती है और ऊपर से roll करने से crispy texture बहुत अच्छा आता है।
  • ऊपर से bread crumbs को दो बार roll करने से एक layer-सी बन जाती है, इससे bread roll अंदर से moist and बाहर से बहुत crispy बनते हैं।
  • Bread roll में ginger-garlic paste न डालकर mince करके डालें, इससे taste enhance होता है।
  • Bread roll में minced ginger, garlic, finely chopped coriander leaves, और green chilli डालने से यह अपने आप में complete हो जाता है। ये इसके स्वाद को चार चांद लगाते हैं, साथ ही इसके संग में फिर कोई chutney, sauce or dip की requirement नहीं होती है।
  • अगर आप लहसुन नहीं खाते हैं तो उसे discard कर दें, पर बाकी सब डालें, इसके taste में चार चांद लगे रहेंगे।
  • अगर आप के पास airfryer नहीं है तो आप इसे simply deep fry कर लीजिए, वैसे भी बहुत tasty लगेगा। इस का complete process जानना चाहते हैं तो comment box में डाल दीजिए या mail कर दीजिए।
  • आप चाहें तो आलू के मसाले में पनीर और cheese cubes भी रख सकते हैं, यह नए flavour में convert हो जाएगा।

सच मानिए, इस तरह से बना bread roll आपके घर में एक highly demanded breakfast बन जाएगा।

Saturday, 18 April 2026

About Shades of Life : सफर आठ साल का

आज फिर वही दिन आया है,

जिसने आपको हमसे मिलाया है। 

सोचा नहीं था कि सफ़र यह चलेगा,

आठ साल तक अनवरत चलता रहेगा।।


कृपा ईश्वर की, आशीष और प्यार आपका,

ताउम्र रहेगा यह दिल शुक्रगुजार आपका।

यूं ही यह हसीं सफर जिंदगीभर चलता रहे,

कामना है, साथ आपका यूं ही मिलता रहे।।

सफर आठ साल का


आप लोगों का लगातार साथ, हमें अपने आप पर थोड़ा-सा घमंड करने का मन‌ करने लगा है।

घमंड?... जी हाँ! सही पढ़ा है आपने घमंड।

अरे नहीं-नहीं, वो वाला नहीं कि हम बहुत अच्छा लिखते हैं, उसका तो कर ही नहीं सकते हैं, क्योंकि कलम तो हमने चलाई ही कब है।

ईश्वर की कृपा और आप सबके आशीर्वाद, स्नेह और साथ में वो तो बस चलती गई, इसलिए ईश्वर से प्रार्थना है कि मुझे पर कृपा और नेह यूं ही बरसता रहे।

घमंड तो इस बात का है कि आप सब हमारे साथ अनवरत हैं, आप लोगों का साथ और प्रेरणा हमेशा मार्गदर्शन करता है सतत् लिखते रहने के लिए।

आप सभी के प्रोत्साहन से हमने एक प्रयास किया है कि आप अगर हमारे blog के viewers हैं तो आप को सब यहीं मिल जाए, आप को चाहे information चाहिए था या entertainmet, किसी के लिए भी आपको किसी और platform पर न जाना पड़े।

चाहे कहानियां हों (बड़ों से जुड़ी या बच्चों से) या कविता हो, व्यंग्य हो या tips हों, भजन हों, या विभिन्न आयोजनों के गीत हों, दुनियाभर की recipes हों, या current affairs पर articles हों।

इस साल की viewership इस प्रकार

 है - 






मतलब जिंदगी के हर पहलू को छूने का अथक प्रयास किया है और आगे भी करते रहेंगे।

हे ईश्वर! आपकी कृपा व छत्रछाया सदैव बनी रहे, और हमारे सारे viewers का आशीर्वाद, स्नेह और साथ, क्योंकि जब तक यह है हमारे पास, लेखनी सतत् चलती रहेगी।

आप सबको बहुत सारे आभार देते हुए, आगे भी ऐसे ही साथ की कामना के साथ, चलिए आगे बढ़ते हैं 🙏🏻

Tuesday, 14 April 2026

Recipe : Cheese Garlic Toast (the airfryer style)

आज की यह airfryer recipe कोई नई नहीं है, पर all time favourite अवश्य है, और जब इसे airfryer में बनाते हैं तो taste next level का आता है।

Perfect-crispy, perfect-soft and juicy, restaurants और hotels को टक्कर देने वाला।

Easily available ingredients से easily and instantly prepare होने वाले yummy and tasty Cheese Garlic Toast की recipe देख लेते हैं…

Cheese Garlic Toast (the airfryer style)


Ingredients :

  • Fresh bread slices - 6
  • Butter - 2 tbsp.
  • Garlic cloves - 6 to 8 (chopped)
  • Cheese slices - 6 
  • Onion - 2 tbsp. (chopped)
  • Capsicum - 2 tbsp. (chopped) 
  • Red paprika - as per taste 
  • Jalapenos - as per taste
  • Mixed herbs - as per taste 
  • Chilli flakes - as per taste 


Method :

  • Soft butter में chopped garlic डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  • Bread में butter garlic mix apply कर दीजिए।
  • उस पर chopped onion, capsicum, jalapenos, and red paprika spread कर दीजिए।
  • Mixed herbs and chilli flakes को sprinkle कर दीजिए।
  • Airfryer को 200°C पर preheat कर लीजिए।
  • Airfryer की rack को घी से grease कर लीजिए 
  • अब bread slice(s) को airfryer में place कर दीजिए, 200°C पर 5 minutes के लिए or till browning.

Your crispy and crunchy Cheese Garlic Toast are ready!


Tips and Tricks :

  • Soft butter में ही garlic डालें, इससे जब bread airfry हो रही होती है उस समय butter completely melt होता है, तो वो bread में बहुत ही अच्छा taste and flavour लाता है। 
  • आपको rack पर एक बार में कितनी bread रखनी है, यह आपके airfryer की rack और आप जो bread ले रहे उसके size पर depend करता है। 4.2 litres का airfryer है और सबसे बड़ी वाली bread slice है तो एक बार में एक ही आती है।
  • आप चाहें तो bread slice में कोई भी sauce or chutney भी apply कर सकते हैं, पर इससे bread toast उतना crispy नहीं बनेगा। अच्छा होगा कि आप sauce, dip or chutney साथ में serve कर दें।


Jalapeño की recipe के लिए आप link पर click करें-https://shadesoflife18.blogspot.com/2025/12/recipe-jalapeno.html?m=1

Red paprika की recipe अगर आप चाहते हैं, तो comment box or mail पर डाल दीजिए। जल्द ही उसकी recipe post कर देंगे।

तो आज ही बनाइए एकदम flaky और crunchy Cheese Garlic Toast, वो भी बस 10 ingredients से!

Monday, 13 April 2026

Article : आशा भोसले - सुरों की मल्लिका

सुरों की मल्लिका, शोख और चंचल आवाज़ की धनी, महान playback singer आशा भोसले 92 वर्ष की आयु में आज पंचतत्व में विलीन हो गयी।

शरीर चला जाता है, लेकिन कुछ आवाज़ें हवा में ठहरी रह जाती हैं, दूर तक, देर तक, कभी-कभी हमेशा के लिए। 'नया दौर' से 'तीसरी मंज़िल', 'हरे रामा हरे कृष्णा' से 'उमराव जान' और 'इजाज़त' से होते हुए 'रंगीला' और उससे बहुत आगे तक।

वक़्त बदला, मंज़र बदले, पीढ़ियां बदलीं, पर्दे पर नायिकाएं बदलीं, पर आशा भोसले की आवाज़ हमेशा जवान रही। 

आशा भोसले - सुरों की मल्लिका


जीवन परिचय :

आशा भोसले के पिता जी‌ (दीनानाथ मंगेशकर) बहुत बड़े मराठी theatre actor, Hindustani classical vocalist थे।

दीनानाथ जी के पांच बच्चे थे, चार बेटियाँ और एक बेटा।

यूँ तो पूरा परिवार गायन में निपुण था, पर लता मंगेशकर और आशा भोसले गीतों के साम्राज्य की दो साम्राज्ञी थी, या यूं कहा जाए कि इनके बिना संगीत जगत अधूरा है, तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। 

दीनानाथ मंगेशकर जी का निधन बहुत जल्दी हो गया था, जिसके कारण परिवार के भरण-पोषण के लिए दोनों बहनों ने 13 और 10 वर्ष में ही playback singing आरंभ कर दी थी, जिसमें लता मंगेशकर स्वर कोकिला और आशा भोसले सुरों की मल्लिका के रूप में उभरी।

दोनों बहनों ने एक-साथ मिलकर 92, 93 यादगार गीत दिए, जिनमें 'मनभावन के घर जाए गोरी', 'मन क्यों बहका रे बहका आधी रात को', 'मैं चली मैं चली देखो प्यार की गली', 'सखी रे सुन बोले पपीहा', 'छाप तिलक सब छीनी' जैसे गाने शामिल हैं‌। इन गानों ने न सिर्फ उस दौर में लोकप्रियता हासिल की, बल्कि आज भी लोगों की पसंदीदा गानों में शुमार हैं।


बहनों का संयोग :

बड़ी बहन: लता मंगेशकर (1929 - 2022)

छोटी बहन: आशा भोसले (1933 - 2026)

दोनों बहनों की उम्र का अंतर: 3 साल, 11 महीने और 11 दिन।

निधन का संयोग: दोनों महान गायिकाओं ने 92 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कहा।


जीवन संघर्ष :

सच तो यह है कि अपनी विलक्षण प्रतिभा के बावजूद, आशा भोसले को 'नंबर दो' के पायदान से ही संतोष करना पड़ा, क्योंकि हिंदी film industry में 'नंबर एक' पर उनकी अपनी ही महान और दिग्गज बड़ी बहन, लता मंगेशकर थीं।

आरंभ के दौर में आशा भोसले के गीतों का गाने का style लता मंगेशकर के जैसा ही था।

लता मंगेशकर प्रतिष्ठित गायिका थीं, जिसके चलते आशा जी की demand ज्यादा नहीं थी।

लेकिन film हम दोनों के एक गीत, "अभी न जाओ छोड़ कर" ने आशा जी को फिल्म जगत में प्रसिद्ध कर दिया।

लता मंगेशकर हर तरह के गीतों को नहीं गाती थीं, उन्होंने अभी न जाओ को reject कर दिया था, जिसे आशा भोसले ने गाया और यह गाना superhit हो गया। बस यहीं से उनका दौर शुरू हो गया।


बदला अपना style :

लता और आशा दोनों का नाम एक साथ लिया जाता था, पर लता जी के आगे आशा जी को कम ही काम मिलता था।

अतः आशा जी को लगा कि अगर वो भी लता जी जैसा ही गाती रहेंगी तो उनकी अपनी कोई पहचान या शोहरत नहीं होगी। इस के बाद उन्होंने अपने गाने का अंदाज बदलना शुरू कर दिया। उन्होंने अंग्रेज़ी फिल्में देखना शुरू किया ताकि western गाने सीख सकें, देख सकें कि वे अंग्रेजी में कैसे गाते हैं। उन्होंने कव्वाली, गजल गाना भी सीखा, और गाने के अलग-अलग रूपों में जरूरी आवाज के उतार-चढ़ाव भी सीखे। उन्होंने सब कुछ सीखना शुरू कर दिया। अंग्रेजी फिल्मों से गाने का अंदाज सीखा और अलग-अलग genre में प्रयोग करने लगीं।


सबसे versatile singer :

आशा भोसले ने केवल Roman गानों तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने कैबरे, गजल, कव्वाली और pop जैसे कई अलग-अलग styles में गाना शुरू किया। उन्होंने आवाज में modulation, expression और अलग tone का इस्तेमाल कर अपनी अलग पहचान बनाई. यही वजह रही कि बाद में उन्हें industry की सबसे versatile singers में गिना जाने लगा और उनका अंदाज लता मंगेशकर से बिल्कुल अलग नजर आया।

हिंदी playback singing के क्षितिज पर लता नाम के सूरज की चमक के आगे अपनी एक अलग लौ जलाना आशा की ज़िद थी।

उस दौर में यह लगभग असंभव जैसा था, लेकिन अपनी ज़िद और बेमिसाल प्रतिभा के दम पर आशा उस साये से बाहर निकलीं और संगीत के क्षितिज पर अपना एक मुकम्मल आसमां बनाया।


बगावती शादी :

16 साल की उम्र में उन्होंने परिवार के खिलाफ जाकर अपने से 15-20 साल बड़े गणपतराव भोसले से शादी की, जो उनके लिए कष्टदायक रही। उन्होंने 1960 में दो बच्चों के साथ घर से बाहर निकलने के बाद खुद को संभाला।


संगीतमय सफर :

आशा जी की जिंदगी में दो शख्स ऐसे थे, जिन्होंने आशा भोसले को सुरों की मल्लिका का खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पहले ओ.पी. नैय्यर और दूसरे आर.डी. बर्मन (पंचम दा)।


ओ.पी. नैयर के साथ काम :

ओ.पी. नैयर के साथ उनकी साझेदारी ने उन्हें पहचान दिलाई और उन्होंने 60 फिल्मों में 324 गीत गाए। 


ओ.पी. नय्यर और आशा भोसले की कहानी : 

आशा को लता की परछाई से निकाल कर एक 'bold' और अलग अंदाज़ वाली गायिका के रूप में स्थापित करने का असली श्रेय ओ.पी. नैयर को ही जाता है।

हिंदी cinema की सबसे चर्चित और रूमानी कहानियों में से एक है, जो 1950 के दशक के अंत में शुरू हुई। नय्यर ने आशा को 'नया दौर' (1957) फिल्म से गायिका के रूप में स्थापित किया, जो बाद में 14 वर्षों (1958-1972) तक चले उनके प्रेम संबंध में बदल गया। इस रिश्ते ने आशा को star बनाया, लेकिन नय्यर की पारिवारिक जिंदगी पर गहरा असर डाला। 

नय्यर के संगीत और आशा की आवाज ने मिलकर 'उड़ें जब जब जुल्फें तेरी' और 'हम जब सिमट के आपकी बाहों में' जैसे blockbuster गाने दिए।


आर.डी. बर्मन से मुलाकात :

आर.डी. बर्मन (पंचमदा) के साथ उनकी प्रेम कहानी और विवाह एक मील का पत्थर था।

आरडी बर्मन और आशा भोसले की प्रेम कहानी संगीत और संवेदना का एक दुर्लभ संगम थी। उम्र में 6 साल का अंतर होने के बावजूद, 1960 के दशक के "तीसरी मंजिल" (1966) के समय से इनकी दोस्ती गहरी हुई। बर्मन (पंचम दा) के करियर के कठिन समय में आशा ताई ने उनका साथ दिया और 1980 में दोनों ने शादी कर ली, 1994 में बर्मन के निधन तक इनका साथ रहा। 

उनकी जोड़ी ने 'दम मारो दम', 'चुरा लिया है तुमने', और 'मेरा कुछ सामान' जैसे सदाबहार गाने दिए।


उपलब्धियां :

आशा जी को पद्म विभूषण सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। 1997 मई में आशा जी पहली भारतीय गायिका बनीं जो grammy award के लिए नामांकित की गईं।

आशा भोसले ने अपनी जिजीविषा और प्रतिभा से न केवल हिंदी cinema में अपना स्थान बनाया, बल्कि एक single mother के रूप में भी खुद को साबित किया।

आशा भोंसले ने करीब 800 से अधिक films के लिए 12,000 से अधिक गाने record किए हैं। इसी के साथ उनका Guinness Book of World Records में नाम दर्ज किया गया।

वैसे तो उनके एक से बढ़कर एक सुप्रसिद्ध गीत हैं, उनमें से यह चंद गीत ऐसे हैं, जो उनके सुरों की मल्लिका के खिताब को हमेशा justify करते हैं-

  • एक परदेसी मेरा दिल ले गया
  • उड़े जब जब जुल्फें तेरी 
  • इन आंखों की मस्ती के 
  • दम मारो दम 
  • ढल गया दिन, हो गई शाम 
  • पिया तू अब तो आजा 
  • आओ न, गले लगाओ न, लगी बुझाओ न
  • कह दूं, तुम्हें या चुप रहूं 
  • ओ मेरे सोना रे सोना रे सोना 
  • मुझे नौलखा मंगा दे ओ संइया 
  • सजना है मुझे सजना के लिए 
  • तू, तू है वहीं, दिल ने जिसे अपना कहा 
  • जीना है तो, हंस के जीओ 
  • प्यार का तोहफा तेरा, बना है जीवन मेरा 
  • गोरी तेरे अंग अंग में 
  • यह परदा हटा दो
  • मिलने की तुम कोशिश करना
  • कतूबा, कतूबा
  • सपने में मिलती है 
  • तुम्हारी नज़रों में हमने देखा 
  • हम लाख छुपाएं प्यार मगर 
  • कतरा कतरा बहता है 
  • मेरा कुछ सामान 
  • खाली हाथ शाम आई है 
  • प्यार कभी कम नहीं करना 
  • कजरा मोहब्बत वाला 
  • कोई शहरी बाबू, दिल लहरी
  • दिल्लगी ने दी हवा
  • तुम से मिल के, ऐसा लगा 
  • मार गई मुझे तेरी जुदाई 
  • हो जा रंगीला रे 
  • कहीं आग लगे, लग जाए
  • ज़रा सा झूम लूं मैं 
  • ले गई, लें गई, दिल ले गई 
  • शरारा शरारा 
  • राधा कैसे न जले 


ऐसे ही और बहुत से hit गानों की लड़ी सजाई थी आशा जी ने, सबका जिक्र तो संभव नहीं।

आशा जी, आप सभी singers की प्रेरणा थीं और रहेंगी।

अपने सुमधुर गीतों के साथ सुरों की मल्लिका के रूप में आप हम सब के बीच में सदैव अमर रहेंगी।

Friday, 10 April 2026

Recipe : Stuffed Kulcha (the airfryer style)

आज the airfryer style segment में एक और breads section की recipe share कर रहे हैं। Breads section में Butter Garlic Naan और पूड़ी की recipe को बहुत ज्यादा पसंद किया गया।‌

तो सोचा, breads section के जोड़ीदार Stuffed Kulcha की recipe भी share कर दें, और आपके breads section को complete कर दें।

Stuffed Kulcha (the airfryer style)


Ingredients :

  • All purpose flour - 2 cups
  • Curd - 2 tbsp.
  • Baking powder - 1 tsp.
  • Baking soda - ½ tsp.
  • Salt - 1 tsp.
  • Sugar - 1 tsp.
  • Milk - for kneading dough 
  • Clarified butter (ghee) - 1 tsp.
  • Butter - 2 tbsp.
  • Boiled potatoes - 4 (medium)
  • Ginger - 1 tsp. (chopped)
  • Onion - 2 tbsp. ( chopped)
  • Green chilli (optional)
  • Garlic cloves - 6 to 8 
  • Coriander leaves - 3 tsp. (chopped) 


Method :

  1. उबले हुए आलू को mash करके उसमें chopped onion, ginger, chilli, coriander leaves, salt व 1 tsp. घी डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  2. दही में baking soda मिला लीजिए। Baking powder को 1 tsp. पानी में डालकर mix कर लीजिए।
  3. 2 tsp. पानी में चीनी व नमक घोल लीजिए। मैदे में यह दही- baking soda solution, पानी- baking powder solution, पानी-चीनी-नमक solution डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  4. अब इसमें घी और दूध डालकर थोड़ा गीला-गीला सा dough prepare कर लीजिए, और इसे 30 minutes के लिए rest करने को छोड़ दीजिए। 
  5. 30 minutes के बाद आटे को 8 to 10 बार पटक लीजिए। इससे आटे का गीलापन खत्म हो जाएगा और मैदे में बहुत अच्छा gluten devlop हो जाएगा।
  6. अब dough से छोटे-छोटे गोले काट लीजिए।
  7. Butter में chopped garlic डालकर 1 minute के लिए microwave कर लीजिए। फिर इस garlic butter में chopped coriander leaves डाल दीजिए।
  8. Airfryer को 200°C पर preheat कर लीजिए।
  9. आटे के गोलों में आलू का मसाला भर लीजिए। अब उनकी रोटी बेल लें व उसमें butter garlic की brushing कर दीजिए
  10. Airfryer की rack को घी से grease कर दीजिए, फिर rack पर रोटी place कर दीजिए।
  11. 200°C- 5 to 7 minutes के लिए airfry कर लीजिए, फिर पलट कर 5 to 7 minutes or till slightly golden brown तक airfry कर लीजिए।

Enjoy super yummy Stuffed Kulchas with Tandoori Green Chutney, any curry, pickle or gravy. Before serving them, brush them generously with some garlic butter.


Tips and Tricks :

  • कोई भी breads section की recipe बना रहे हैं और चाहते हैं कि perfect fluffy, and soft texture, तब या तो yeast powder डालिए या curd+baking soda and water+baking powder का combination डालिए।
  • आटा पहले थोड़ा-सा गीला ही prepare कीजिए और फिर 8 to 10 times पटक-पटक कर ready कीजिए, इससे ही कम मेहनत में perfect result आएगा। 
  • Stuffed kulcha के prepare हो जाने पर गरम-गरम में butter apply करने से taste भी enhance होता है और कुलचा soft texture में easily convert हो जाता है। 
  • आप stuffing अपने taste के according change कर सकते हैं, जैसे पनीर-प्याज़ की, cheese-onion की etc.

तो इंतज़ार किस बात का? तंदूर जैसा Stuffed Kulcha अब बनाएँ airfryer पर।

Thursday, 9 April 2026

Recipe : Poori (the airfryer style)

आज की airfryer recipe ऐसी है कि जब तक आप बना नहीं लेंगे, तब तक आपका विश्वास करना मुश्किल है। 

Breads section हो और उसमें पूड़ी न हो, तो Indian party incomplete लगती है।

पर क्या पूड़ी airfryer में बन‌ सकती है? घी या तेल में, या उसके बिना? 

जी हाँ, हम आज जो dish share कर रहे हैं वो पूड़ी ही है। 

Airfryer में बनाई गई, वो भी बिना किसी घी या तेल के, बल्कि यूं कहें की पानी में।

क्या यह संभव है? 

बिल्कुल संभव है, और केवल airfryer में ही संभव है। 

चलिए देख लेते हैं, कैसे हो रहा है यह जादू...

Poori (the airfryer style)


Ingredients :

  • Wheat flour - 1 cup 
  • Water - for frying 
  • Clarified butter (ghee) - for brushing (optional)


Method :

  • गेंहू के आटे का smooth dough prepare कर लीजिए। 
  • आटे से पूड़ी बनाने के लिए छोटी-छोटी गोलियां तोड़ लीजिए।
  • Airfryer को 200°C पर preheat कर लीजिए।व उसकी rack को ghee से grease कर लीजिए।
  • एक कढ़ाही लीजिए, उसमें 1½ glass पानी डालकर उबालने रख दीजिए। जब तक पानी उबल रहा है, तब तक पूड़ी बेल लीजिए।
  • उबलते पानी में पूड़ी डालकर 5 to 10 seconds में बाहर निकाल दीजिए। अब इस पूड़ी को preheated airfryer की rack पर place कर दीजिए।
  • 5 to 7 minutes में पूड़ी फूल जाएगी। फूली हुई पूड़ी में घी की brushing कर दीजिए।

Enjoy soft and bulged Pooris without becoming unconscious of your diet.


Tips and Tricks :

  • पूड़ी का आटा smooth prepare होना चाहिए, मतलब न तो सख्त, न ही गीला। आटा जितना smooth prepare करेंगे, पूड़ी के फूलने और soft होने की chance उतनी ही बढ़ जाएगी।
  • आटा smooth prepare हुआ है, उसकी पहचान यह है कि जब आप पूड़ी के लिए गोली तैयार करेंगे तो वो आपके हाथ में नहीं चिपकेगी। साथ ही गोली बहुत smooth बनेगी, बिना किसी तरह की line पड़े। 
  • जब आप गोली से पूड़ी बनाएंगे, तो बेलने के लिए या तो घी या सूखा आटा की requirement होगी। आप अगर घी लगाकर पूड़ी बेलगें तो result ज्यादा अच्छा आएगा।
  • पूड़ी जब उबलते पानी में डालेंगे, तो उसे पलटना नहीं है। पलटने से उसके मुड़ने और टूटने का डर रहता है, और ध्यान रखिएगा कि मुड़ी हुई या टूटी हुई पूड़ी बिल्कुल नहीं फूलेगी। 
  • पूड़ी पूरी गोल-गोल नहीं फूलने के बाद भी texture, appearance and taste में almost भंडारे की पूड़ी जैसी लगेगी।
  • पूड़ी बनने के बाद घी से brushing करने से taste तली हुई पूड़ी से ज्यादा similar लगेगा, पर घी का amount तली हुई पूड़ी के comparison में काफी कम होगा। 
  • एक बार में कितनी पूड़ी बनेगी, यह आपके पूड़ी के size और airfryer की rack के size पर depend करेगा।


Note :

Shades of Life अपने viewers को fake results नहीं देता है, इसलिए आपकी जानकारी के लिए बता दें, airfryer में पहली बार में आपकी पूड़ी फूलने नहीं लगेगी, जबकि बहुत-सी websites and videos में आपको गोल-गोल फूली फूली पूड़ी बनती है, ऐसा दिखाते हैं। आपकी पूड़ी का फूलना आपकी पूड़ी बनाने की practice और perfect dough preparation पर depend करेगा, पर आपकी पहली पूड़ी से ही texture, appearance and taste, almost तली हुई पूड़ी जैसे ही आ जाएगी। 


तो फिर सोचना क्या है, अगर आप बहुत ज्यादा health conscious है पर साथ ही पूड़ी के दीवाने भी, तो खुश हो जाइए, क्योंकि अब आप अपनी diet में पूड़ी को शामिल कर सकते हैं, वो भी अपने diet plan को follow करते हुए.

Wednesday, 8 April 2026

Recipe : Butter Garlic Naan (the airfryer style)

आज airfryer segment में एक breads section की recipe share कर रहे हैं। Breads section में Butter Garlic Naan सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है, और अगर वो घर पर easily prepare हो जाता है, तो उससे बढ़िया क्या ही होगा?

है ना? तो बस, आज Butter Garlic Naan की recipe ही share कर रहे हैं। वो भी बिना Yeast के, पर उतना ही soft and fluffy. तो चलिए, जान लेते हैं कि कैसे बनाएंगे…

Butter Garlic Naan


Ingredients :

  • All purpose flour - 2 cup 
  • Curd - 2 tbsp.
  • Baking powder - 1 tsp.
  • Baking soda - ½ tsp.
  • Salt - 1 tsp.
  • Sugar - 1 tsp.
  • Milk - for kneading dough 
  • Clarified butter (ghee) - 1 tsp.
  • Butter - 2 tbsp.
  • Garlic cloves - 6 to 8 
  • Coriander leaves - 1 tsp. (chopped) 


Method :

  1. दही में baking soda मिला लीजिए। Baking powder को 1 tsp. पानी में डालकर mix कर लीजिए।
  2. 2 tsp. पानी में चीनी व नमक घोल लीजिए। मैदे में यह दही- baking soda solution, पानी- baking powder solution, पानी- चीनी- नमक solution डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  3. अब इसमें घी और दूध डालकर थोड़ा गीला-गीला सा dough prepare कर लीजिए, और इसे 30 minutes के लिए rest करने को छोड़ दीजिए। 
  4. 30 minutes के बाद आटे को 8 to 10 बार पटक लीजिए।इससे आटे का गीलापन खत्म हो जाएगा और मैदे में बहुत अच्छा gluten devlop हो जाएगा।
  5. अब dough से छोटे-छोटे गोले काट लीजिए।
  6. Butter में chopped garlic डालकर 1 minute के लिए microwave कर लीजिए। फिर इस garlic butter में chopped coriander leaves डाल दीजिए।
  7. Airfryer को 200°C पर preheat कर लीजिए।
  8. एक गोले से रोटी बेल लें व उसमें butter garlic की brushing कर दीजिए।
  9. Airfryer की rack को घी से grease कर दीजिए, फिर rack पर रोटी place कर दीजिए।
  10. 180°C- 6 minutes के लिए airfry कर लीजिए, फिर पलट कर 2 minutes or till slightly golden brown तक airfry कर लीजिए। 

Enjoy delicious Butter Garlic Naans with any curry, pickle or gravy. Before serving them, brush them with garlic butter.


Tips and Tricks :

  • कोई भी breads section की recipe बना रहे हैं और चाहते हैं कि perfect fluffy and soft texture चाहते हैं, तब या तो yeast powder डालिए या curd+baking soda and water+baking powder का combination डालिए।
  • आटा पहले थोड़ा-सा गीला ही prepare कीजिए और फिर 8 to 10 times पटक-पटक कर ready कीजिए, इससे ही कम मेहनत में perfect result आएगा। 
  • नान के prepare हो जाने पर गरम-गरम में butter apply करने से taste भी enhance होता है और नान soft texture में easily convert हो जाता है। 

तो इंतज़ार किस बात का? तंदूर जैसा ही butter garlic naan अब बनाएँ airfryer पर।

Tuesday, 7 April 2026

Recipe : Vanilla Muffins (the airfryer style)

जब airfryer की recipes बता रहे हैं, तो अपने चुन्नु‌-मुन्नु को कैसे भूल सकते हैं। तो आज की recipe उनके लिए ही, vanilla muffins.

Muffin means cake segment. क्या cake segment भी बन सकता है, airfryer में?

आश्चर्य करने की आवश्यकता नहीं है, बिल्कुल बन सकता है cake segment. साथ ही आगे जो dishes की recipe बताएंगे, उसकी तो आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं।

फिलहाल, आज की recipe बताते हैं…

Vanilla Muffins (the airfryer style)


Ingredients :

  • All purpose flour - 1 cup
  • Thick Malai - ¾ cup
  • Baking powder - 1 tsp. 
  • Sugar - ¾ cup
  • Vanilla essence - 4 drops


Method :

  1. मैदे में baking powder डालकर 2 to 3 times छान लीजिए।
  2. ¾ cup sugar and ¾ cup malai को ribbon formation बनने तक अच्छे से mix कर लीजिए।
  3. मैदा mix को sugar-malai mixture में cross and fold method से मिलाएँ।
  4. अब इसमें vanilla essence mix कर दीजिए।
  5. Batter को silicon moulds में डालकर हल्के से tap कर लीजिए।
  6. Airfryer को 200°C पर preheat कर लीजिए। सारे silicon moulds को airfryer की rack पर place कर दीजिए।
  7. फिर 160°C- 5 minutes के लिए, उसके बाद 180°C- 2 minutes के लिए और अंत में 200°C- 2 minutes के लिए or till browning तक airfry कर लीजिए।
  8. Muffin cakes बाहर निकाल लीजिए, और इन्हें गरमा-गरम ही serve कीजिए।

Crisp on the outside and moist in the inside, enjoy these super delicious Vanilla Muffins which are made in an airfryer.


Tips and Tricks :

  • अगर आप diet conscious हैं, तो आप मैदे की जगह wheat flour use कर सकते हैं। अगर आप wheat flour use कर रहे हैं, तो उसे 8-10 times छान लीजिये, इससे आपको benefit आटे का मिलेगा, और cake में texture मैदे का आ जाता है। 
  • आप चाहें तो मलाई की जगह दही भी use कर सकते हैं, पर ध्यान रखिएगा कि दही एकदम fresh हो, बिल्कुल खट्टा नहीं हो। साथ ही फिर इसमें 1 tbsp. घी, मक्खन या non-fragrance वाला oil add करना होगा।
  • हमने microwave oven के microwave mode, convection mode पर, साथ कढ़ाही में भी cake और muffins बनाए हैं, लेकिन सबसे अच्छा moisture and crisp airfryer में बनाने पर आया।
  • Silicon moulds में बनाने में cake बनाने के utensil को grease करना, butter paper use करना, आदि नहीं करना पड़ता है। साथ ही silicon moulds में बनाने में demould करना बहुत easy होता है, जिससे perfect result आता है व cake intact रहता है।

एक बार इसमें बनाकर देखिये, आप खुद बार-बार इसमें बनाएंगे।

Monday, 6 April 2026

Recipe : Bread Pakoda (the airfryer style)

The airfryer style segment में आज एक और recipe share कर रहे हैं, जिसका नाम सुनकर आप कहेंगे, कि यह भला बिना fry हुए कैसे बन सकती है और साथ ही बिना fry किए‌ taste में कैसा लगेगा।

जी हाँ, आज हम जो बताने जा रहे हैं, वो है पकौड़ों की शान, Bread Pakoda की recipe. और यकीन कीजिए, स्वाद में कोई compromise नहीं, साथ ही बहुत सारे फायदे के साथ भी होंगे।

जैसे कि less oily, पकौड़ों में तेल भर जाने का कोई सवाल नहीं, जलने का कोई डर नहीं, एक बार पकौड़े बनने शुरू हुआ कि साथ में और काम भी निपटा लीजिए, ऐसे ही कुछ और फायदे।

तो चलिए, देखते हैं Bread Pakoda की recipe…

Bread Pakoda (the airfryer style)




Ingredients :

  • Fresh bread slices - 6
  • Gram flour - 3 tbsp.
  • Rice flour - 1 tbsp.
  • Baking powder - 1 tsp.
  • Salt - as per your taste 
  • Kashmiri Lal Mirch Powder - 1 tsp. 
  • Turmeric powder - ½ tsp. 
  • Garlic cloves - 4 to 6
  • Boiled potatoes - 4 (medium-sized)
  • Green chilli - as per taste 
  • Coriander leaves - handful 
  • Amchur Powder - 1 tsp. 
  • Dum Aloo masala - 1 tsp.
  • Mustard Oil - 1 tbsp. and for brushing 


Method :

  1. Mustard oil को पकाकर ठंडा कर लें।
  2. Boiled potato को mash करके उसमें finely chopped coriander leaves, green chilli, salt, अमचूर powder, दम आलू मसाला डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  3. लहसुन को छीलकर, दरदरा कूट लें।
  4. बेसन में चावल का आटा, नमक, हल्दी, मिर्च powder, कुटा लहसुन, 1 tbsp. oil व पानी डालकर गाढ़ा paste बना लीजिए। अब इसमें baking powder डालिए।
  5. Baking powder में थोड़ा-सा पानी डालकर activate कर लीजिए। फिर उसे बेसन के घोल में अच्छे से मिला लीजिए।
  6. Bread slice में आलू मसाला रखें, उसके ऊपर दूसरी bread slice रखें। अब उसे triangle काट लीजिए।
  7. Airfryer को 200°C पर preheat कीजिए। जब airfryer preheat हो जाए तो उसकी rack पर oil से brushing कर दीजिए।
  8. अब bread के आलू वाले triangle को बेसन के घोल में dip करें, और बेसन के घोल का एक coat bread triangle के चारों तरफ कर लीजिए।
  9. इस तरह के दो triangles को airfryer की rack पर place कर दीजिए और 200°C पर 10-12 minutes के लिए रहने दीजिए।
  10. अब इन Bread Pakoda पर पके हुए तेल से brushing कर दीजिए।

Enjoy your nutri-licious and crunchy Bread Pakoda without risking your health. Bon Appetit!


Tips and Tricks :

  • Bread slices fresh लीजिएगा, उससे Bread Pakoda अच्छा बनता है।
  • घोल ribbon formation consistency जैसा बनाइएगा। घोल पतला होने से proper Bread Pakoda नहीं बनेगा, साथ ही सारा घोल नीचे basket में गिर जाएगा। गाढ़ा घोल होने से वो नहीं टपकता है, साथ ही airfryer का preheat होना भी घोल को गिरने नहीं देता है।
  • आप चाहें तो bread slice में green chutney apply करके भी आलू का मसाला लगा सकते हैं।
  • लहसुन नहीं खाते हैं तो  उसे avoid कर सकते हैं।