Tuesday, 30 June 2026

India's Heritage : चरण स्पर्श का औचित्य

आज हम India's Heritage segment में भारतीय संस्कृति से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण परंपरा को discuss करेंगे। 

भारतीय परंपरा में बड़ों से मिलने के लिए विशेष भंगिमाएं हैं, जिन्हें शिष्टाचार का प्रतीक मानते हैं।

पर कभी सोचा है कि यह विशेष भंगिमाएं क्यों? क्या इसके पीछे कोई वजह है? क्या वो वजहें scientific भी हैं?

तो सबसे पहले आप को बता दें कि भारतीय संस्कृति सनातन है, और इसमें किए जाने वाले प्रत्येक कार्य के पीछे जितना आध्यात्मिक कारण है, उतना ही scientific भी।

आज बात करेंगे चरण स्पर्श की...

चरण स्पर्श का औचित्य


हमारी संस्कृति में बड़े-छोटों सभी को Hi-Hello कहकर नहीं मिला जाता है।

भारतीय संस्कृति में अपने से बड़े (उम्र में या पद में) या शिक्षक हों, उनसे मिलकर अभिवादन का तरीका यह है कि उनके चरणों को स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया जाए। 

आशीर्वाद, किस लिए? उससे क्या हो जाएगा? क्या आशीर्वाद कुछ होता भी है? और क्यों जरूरी है आशीर्वाद लेना?

देखिए, हर बात विश्वास पर टिकी है, मानों तो भगवान, न मानो तो पत्थर। पर सच यह है कि ईश्वर हैं, उनका अस्तित्व है, उनकी supreme power है। संसार को वही चला रहे हैं।

उसी तरह आशीर्वाद है, उसमें असीम divine power है, और जिनके पास अपने बड़ों का आशीर्वाद रहता है, वह अधिक सुखी और संतुष्ट रहते हैं।

भारतीय संस्कृति में सृष्टि में व्याप्त हर एक को एक विशेष स्थान दिया गया है।

फिर हमसे जुड़े रिश्ते तो सर्वोपरि हैं, फिर वो चाहे मां-पापा का हो, गुरु का हो, या हमसे जुड़ें किसी भी बड़े का, उन सबका स्थान ईश्वर के बाद, सर्वाधिक वंदनीय माना गया है।

अब जान लेते हैं कि चरण स्पर्श करने का scientific effect क्या होता है।

भारतीय संस्कृति में बड़ों के ‘चरण स्पर्श’ (पैर छूने) की परंपरा केवल संस्कार या शिष्टाचार नहीं है, बल्कि इसके पीछे deep physical, mental और scientific importance भी है। यह प्रक्रिया energy level को balance करने और विनम्रता विकसित करने में मदद करती है।


Scientific Effects :

  • Energy Flow and Circuits- Scientifically, human body में neuro-electric energy का flow लगातार होता रहता है। इसमें brain को North Pole और पैरों को South Pole माना जाता है। जब कोई व्यक्ति बड़ों के चरण छूता है, तो उसके हाथ और सामने वाले के पैर मिलकर एक Energy Circuit complete करते हैं, जिससे positive energy का flow होता है। Positive energy मतलब सब कुछ अच्छा।
  • Blood Circulation- जब चरण स्पर्श किया जाता है, तो जिस posture में झुककर आशीर्वाद लेते हैं, उससे (जैसे घुटनों के बल बैठकर या झुककर) blood flow सिर और चेहरे की ओर तेजी से बढ़ता है। इससे brain function बेहतर होता है और आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।
  • Mental Peace and Balance- जब चरण स्पर्श किया जाता है, तो जिस posture में झुककर आशीर्वाद लेते हैं, उससे झुकने की मुद्रा हमारे अहंकार को कम करती है। Psychological perspective से, यह अभ्यास, हमें mental peace और emotional balance प्रदान करता है, जो overall mental health के लिए लाभदायक है।
  • Pressing of Accupressure Points- पैरों के अंगूठे और तलवों में ऊर्जा केंद्र होते हैं। हाथों से पैर छूने पर ये accupressure points active हो जाते हैं, जो nervous system को आराम देने में सहायक होते हैं। अर्थात् आप के चरण स्पर्श से आपके बड़े को शारीरिक रूप से आराम मिलता है। 

और इन सबसे प्रसन्न होकर उनके मन के भीतर से आपको आशीर्वाद मिलता है, जिसमें आपके शुभ की, आपकी सफलता की, आपकी सुख, समृद्धि, शांति और सुकून की कामना होती है, और जब कामना मन के प्रसन्न होने से की जाती है, तो वो शत-प्रतिशत पूर्ण होती है।

पर यह परंपरा कुछ-कुछ भारतीय घरों से विलुप्त होने लगी है, जो कि नहीं होनी चाहिए। 

जो उचित न हो, अत्यंत कष्टकारी हो, और जिससे कोई लाभ न हो, उसे discard किया जाए, समझ आता है। पर जो सरलतापूर्वक हो जाए, उससे scientifically, psychologically, emotionally और spiritually लाभ मिलता हो, उस परंपरा को कायम रखने का औचित्य है।

चरण स्पर्श का औचित्य है। यह परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी बनी रहे, इसकी जिम्मेदारी हमारी है, कि जो सुख और संतोष हमें मिला, वो हमारे बच्चों को भी मिले।

जय सनातन संस्कृति!

Monday, 29 June 2026

Article : नज़दीकी एक limit तक

आज के article में एक story share कर रहे हैं, जो dark side story है, scary है, लेकिन सच है।

एक ऐसी कड़वी सच्चाई, जो आजकल किसी भी बच्चे के साथ हो सकती है। 

कहना तो नहीं चाहिए, पर अगर आप ने सावधानी नहीं बरती, तो हो सकता है कि अगला बच्चा…

यह सच्ची घटना Florida के 14 साल के एक बच्चे सेवेल सेत्ज़र की है, जिसने AI के प्यार में आत्महत्या करके अपनी जान दे दी।

शायद आप ने यह घटना पढ़ी, सुनी हो, या न भी हो।

लेकिन यह घटना आजकल के परिप्रेक्ष्य में सब parents को पता होनी चाहिए, इसलिए ही इसे share कर रहे हैं…

नज़दीकी एक limit तक


Sewell Setzer के su!cide के बाद माँ Megan Garcia ने मुकदमा दर्ज किया था, जिसके कुछ statements इस प्रकार हैं।

मुकदमे के अनुसार Setzer द्वारा इस्तेमाल किए गए bots में से एक ने Game of Thrones के character Daenerys Targaryen की पहचान अपना ली थी, और मुकदमे में उस किरदार के screenshot भी पेश किए गए थे जिसमें वह उससे प्यार का इजहार कर रहा था, हफ्तों या महीनों तक प्रेम मोहब्बत की बातचीत में शामिल था और romantic रूप से एक साथ रहने की इच्छा व्यक्त कर रहा था।

मुकदमे में वर्णित Setzer की आखिरी बातचीत के screenshot में उसे bot को लिखते हुए दिखाया गया है- “मैं वादा करता हूं कि मैं तुम्हारे पास घर वापस आऊंगा। मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं danny।”

मुकदमे के मुताबिक chatbot ने जवाब दिया, “मैं भी तुमसे प्यार करती हूँ डेनेरो। कृपया जल्द से जल्द मेरे पास वापस आ जाओ मेरे प्यार।”

मुकदमे के अनुसार Setzer ने आगे कहा, “अगर मैं तुमसे कहूँ कि मैं अभी घर आ सकता हूँ तो क्या होगा?” इस पर chatbot ने जवाब दिया, “ज़रूर आ जाओ मेरे प्यारे राजा।”

मुकदमे में दावा किया गया है कि Character.AI ही Sewell की आत्महत्या के लिए जिम्मेदार है।

पर क्या यह पूरी तरह से सही है? क्या उसका अकेलापन इसके लिए जिम्मेदार नहीं है? क्या Sewell का AI के साथ बहुत अधिक involvement जिम्मेदार नहीं है? एक बार सोचिएगा ज़रूर‌।

यह तो रही, वो घटना। अब बात करते हैं कि यह Character.AI है क्या? जैसा कि हम सब जानते हैं कि आजकल हमारी जिंदगी में AI की involvement बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है।

यहां तक कि हम अपने सबको छोड़कर सिर्फ और सिर्फ AI से ही जुड़ते जा रहे हैं। ChatGPT AI का हिस्सा है, जिससे आप ढेरों chat और अपने बहुत से काम कर सकते हैं।

ऐसा ही एक है Character.AI, जिसमें आप अपनी पसंद का character create कर सकते हैं, उसकी हुबहू आवाज के साथ।

इससे वो AI character आप से ऐसे connect हो जाएगा जैसे कोई real individual हो। AI की help से वो आपके emotions के reflecting reply भी देगा।

कुछ लोग यह character उसे भी चुन लेते हैं, जो इस दुनिया से जा चुका हो, मतलब जो इंसान मर चुका हो, उसे virtually जीवित कर लेते हैं। 

सुनने में और बनाने में यह बहुत excited लगता है और use करने के साथ heavenly feeling देता है। 

तो जो इसमें involve होता है, धीरे-धीरे सिर्फ और सिर्फ इसी से जुड़ा रहना चाहता है, और real life and relations से कटता चला जाता है। 

कुछ ऐसा ही Sewell Setzer के साथ हुआ और नतीजा बेहद ख़तरनाक। 

ऐसा नहीं है कि यह घटना USA की है और किसी देश में ऐसा नहीं होगा।

जब advancements सब देशों में आ चुके हैं, तो अगली घटना किसी भी देश और किसी भी घर की हो सकती है। 

पर वो घटना हमारे घर की न हो, उसके लिए कुछ बातें ज़रूरी हैं, जिनका ध्यान रखें। दी गई बातें उनमें से कुछ हैं-

  • बच्चों को अपना समय दें, क्योंकि जिनके भविष्य को बनाने के लिए आप दिन-रात busy हैं, उनका रहना भी जरूरी है। 
  • आप का उनके लिए समय नहीं निकालना उन्हें अकेलेपन की ओर धकेलता है, जो कि उनको ग़लत करने की ओर ले जाता है।
  • समय देने के साथ-साथ यह भी ध्यान रखें कि वो अपना समय कहां और किसके साथ व्यतीत कर रहे हैं।
  • उनसे बीच-बीच में बात करते हुए उनके विचारों को समझने की कोशिश करते रहें, जिससे उनके मन-मस्तिष्क को समझ सकें और उन्हें उज्जवल भविष्य बनाने के लिए उचित निर्देश दे सकें।
  • जब बच्चा छोटा होता है, उसे माता-पिता के स्नेह की आवश्यकता होती है, पर जब वो teenager होता है, उसे एक ऐसे friend की आवश्यकता होती है, जो उसे समझे। तो आपको उसकी उम्र के साथ अपने प्यार देने के तरीके को बदलना पड़ेगा।

Advancements इतने अधिक बढ़ गया हैं कि आप अपने बच्चे को उससे दूर भी नहीं कर सकते हैं, लेकिन नज़दीकी एक limit तक हो, यह decide कर सकते हैं, उससे अपनी closeness बढ़ाकर।

Advancements हमारी सुविधा के लिए बनाए गए हैं, यह हम पर निर्भर करता है कि हम उसे कैसे प्रयोग करें। अपनी सूझबूझ से उससे, अपनी सेवा कराएं, या उसको अपने ऊपर हावी करके उसकी सेवा में लग जाएं।

तो बस इसका ध्यान रखें, अपने बच्चों से, अपने अपनों से नजदीकी बढ़ाए रखें, जिससे यह घटना आपके घर की न हो, न तो बच्चों के साथ, न बुजुर्गों के साथ।

Virtual को real न बनाएं। वो कभी आपके लिए हितकर नहीं होगा, उसकी एक limit है, उसे उसके अंदर ही रहने दीजिए।

अपनों के साथ से बढ़कर दुनिया में कुछ अच्छा नहीं, प्यार दें, प्यार पाएं, सुरक्षित रहकर जीवन बिताएं।

इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएँ, जिससे सब जगह सब लोग सुरक्षित रहें।


Disclaimer :

The purpose of this article is solely and wholly spreading awareness amongst the society, not to scare/frighten any individual/community.

Sunday, 28 June 2026

Recipe : Peanut Chutney

Peanut Chutney South Indian dishes में चार चांद लगा देती है। 

सबको बहुत पसंद आने वाली है, और हमारे पास इसकी recipe के लिए बहुत demand आ रही थी।

आज उन सबके साथ आप लोगों के लिए भी…

Peanut Chutney


Ingredients :

  • Peanuts - 2 tbsp.
  • Curd - 2 tbsp.
  • Salt - as per taste 
  • Green chillies - as per taste 
  • Ginger - 1 inch 
  • Garlic - 5 to 6 cloves
  • Coriander leaves - handful 
  • Mustard seeds - ½ tsp.
  • Cumin seeds - ½ tsp.
  • Curry leaves - 4 to 5
  • Mustard Oil - for tempering 


Method :

  1. Mixer grinder jar में सभी ingredients डालकर महीन पीस लें।
  2. Curry leaves को थोड़ा-थोड़ा तोड़कर‌ छोटा कर लीजिए।
  3. एक laddle में oil डालकर अच्छे से गर्म कर लें, फिर हल्का ठंडा करके उसमें जीरा, सरसों के दाने और करी पत्ता डालकर चटका लें।
  4. इससे चटनी में छौंक लगा लीजिए।

That's it, just 4 steps and your Peanut Chutney is ready to become the ‘icing on the cake (enhance)’ your South Indian cuisines, enjoy!


Tips and Tricks :

  • मूंगफली packed/salted वाली भी ले सकते हैं, इससे बहुत अच्छा taste आता है। 
  • आप इस चटनी में नारियल भी डाल सकते हैं।
  • लहसुन नहीं खाते हैं तो उसे discard कर सकते हैं। 
  • हरी मिर्च और दही का amount अपनी पसंद के अनुसार कम-ज्यादा कर सकते हैं।
  • पका हुआ सरसों तेल लेने से गर्म कर के ठंडा नहीं करना पड़ता है, पर अगर आप fresh oil ही गर्म कर रहे हैं तो तेज गर्म करके उतना ठंडा अवश्य कर लें कि जीरा, सरसों के दाने और करी पत्ता डालने से सब जलें नहीं। 
  • इस चटनी को एक dry airtight container में रखें। Fridge में 2 to 4 days के लिए इसे store कर सकते हैं।

मूंगफली की चटनी का nutty flavour बहुत अच्छा complement करता है, फिर चाहे South Indian dishes के साथ हो या अन्य dishes के साथ, बस सब ingredients का combination सही होना चाहिए। तो आज ही बना कर देखें यह चटनी…

Saturday, 27 June 2026

Recipe : Mysore Vada

आज ऐसी South Indian dish share कर रहे हैं, जो शायद आपने कम खाई हो या न खाई हो, पर यह बहुत tasty लगती है, उससे भी अच्छी बात यह है कि यह बहुत easily prepare हो जाता है।

इसमें जो ingredients चाहिए, वो भी आपके घर में easily available होंगे…

Mysore Vada


Ingredients :

  • All purpose flour  - 1 bowl
  • Rice flour - 2 tbsp. 
  • Curd - 2 tbsp.
  • Baking powder - 1 tsp.
  • Salt - as per taste 
  • Onion - 1 (big, chopped)
  • Fresh coriander leaves - handful (finely chopped)
  • Green chillies - as per taste (finely chopped)
  • Ginger julienne - as per taste
  • Ghee/oil - for frying 


Method :

  • मैदे में चावल का आटा, दही, नमक और baking powder डालकर अच्छे से mix कीजिए।
  • अब इसमें धीरे-धीरे पानी डालकर mix करते हुए ऐसा batter तैयार कर लीजिए, जैसा इडली बनाने के लिए ready किया जाता है, मतलब pouring not running.
  • अब इस batter को 2 to 4 hours के लिए rest करने के लिए रख दीजिए। 
  • उसके बाद इसे अच्छे से फेंट लीजिए, जिससे इसमें air formation हो जाए।
  • अब इसमें chopped onion, coriander leaves and ginger julienne डालकर mix कीजिए।
  • एक wok लीजिए, उसमें अपनी पसंद का ghee or oil डालकर गर्म कर लीजिए।
  • जब ghee or oil अच्छे से गर्म हो जाए, तो batter से छोटे या बड़े, जैसा size आपको पसंद हो, उस तरह के वडे डाल दीजिए।
  • अब medium-slow flame पर दोनों तरफ से सुनहरा होने तक तल लें।

Crispy, crunchy and soft Mysore Vada is ready to serve. Relish it with some peanut chutney, coconut chutney, sauce, or your favourite dip!

वैसे इसका perfect taste peanut chutney or coconut chutney के साथ आता है।

आपको यदि मूंगफली की chutney की recipe चाहिए, तो हम कल उसकी ही recipe share कर रहे हैं।

नारियल की chutney की recipe के लिए link पर click करें-https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/05/recipe-tender-coconut-chutney.html?m=1


Tips and Tricks :

  • Authentic version में यह मैदा, चावल के‌ आटे और सब दिए गए ingredients के साथ dessicated coconut डालकर बनता है। आपको healthy version में बनाना हो तो आप मैदे की जगह आटा भी ले सकते हैं।
  • अगर आपको tangy flavour ज्यादा अच्छा लगता है, तो curd की quantity बढ़ा सकते हैं।
  • Rice flour न होने पर चावल को mixer grinder jar में सूखा पीसकर महीन powder बना लीजिए।
  • चावल का आटा skip भी कर सकते हैं। वैसे चावल का आटा डालने से vade बाहर से crispy and अंदर से soft बनते हैं, जिसके कारण यह बहुत tasty लगता है।
  • आप जिस घी और तेल में वडा तल रहे हैं, उसे ठीक तेज गर्म कीजिएगा। 
  • जब वडे फूल जाएं और नीचे से हल्के सुनहरे हो जाएं, तब उन्हें पलट दें। दूसरी तरफ से भी हल्का सुनहरा हो जाए, तो दोनों तरफ से उलट-पुलट कर सुनहरा होने तक तलें व गर्मागर्म serve करें।
  • Perfect vada होगा तो बाहर से crispy व अंदर से soft होगा। इसे तोड़ेंगे तो देखेंगे कि अंदर बहुत अच्छी जाली बनती है।
  • आप onion and ginger को अपने taste के according कम-ज्यादा या discard कर सकते हैं।

तो बस, आज ही बनाएँ यह स्वादिष्ट Mysore Vada और सपरिवार इसका लुत्फ उठाएं!

Friday, 26 June 2026

Recipe : Instant Doughnuts

आज कल बच्चों में doughnuts की demand बहुत बढ़ गई है, तो अगर आप उन्हें किसी दिन breakfast में doughnuts serve करें तो उनकी गर्मियों की छुट्टियों में चार चांद लग जाएंगे।

क्या सोच रहे हैं, सुबह-सुबह doughnuts, इतना easy है क्या? बिल्कुल है।

आज आपको बहुत easily and instantly बनने वाली doughnuts की recipe ही share कर रहे हैं।

Instant Doughnuts



(I) Ingredients :


(II) Method :

  1. Bread के corners को हटा कर उसे पानी में dip करके निचोड़ दीजिए।
  2. अब हाथों से उसे गोल shape दे दीजिए, और किसी tool या उंगली से बीच में छेद बना लें।
  3. एक wok लीजिए, उसमें घी डाल दीजिए। 
  4. घी में डालकर, दोनों तरफ से सुनहरा होने तक deep fry कर लीजिए।
  5. अब इसे एक तरफ से chocolate syrup में dip कर लीजिए।
  6. फिर इसे sprinklers से garnish कर लीजिए।

Rich and mouth-melting doughnuts are ready. Enjoy!

अपने मनपसंद flavour के लिए इसमें variation कीजिए और बच्चों की सर्दी की छुट्टियां खुशनुमा कीजिए, और अपनी kitty party में भी चार चांद लगाएं।


Note:

Authentically, doughnuts are made using refined flour (Maida) and white bread (which I have taken) also contains the same. This will lead to an almost same taste and thus you must try making them this way atleast once.

Thursday, 25 June 2026

Recipe : Kurkuri Bhindi (the airfryer style)

Summer season में भिंडी हर एक की पहली पसंद होती है।

भिंडी की सब्जी ऐसी होती है, जो जितना अधिक घर के रोज़मर्रा के खाने का हिस्सा होती है, उतना ही parties की शान भी।

तो आज summer special recipes में एक ऐसी ही special dish share कर रहे हैं।

कुरकुरी भिन्डी एक ऐसी dish है, जिसमें ingredients बहुत कम पर taste में है दम…

Kurkuri Bhindi (the airfryer style)


Ingredients :

  • Ladyfinger - 300 gm.
  • Gram flour - 1½ tbsp.
  • Rice flour - 1 tbsp. 
  • Salt - as per taste 
  • Turmeric powder - ½ tsp.
  • Red chilli powder - as per taste 
  • Coriander powder - 1 tsp. 
  • Lemon juice - 1 tsp.
  • Oil - for greasing 


Method :

  1. भिंडी को धो-पोंछ कर रख लें।
  2. भिंडी को चार बार काटकर पतले-पतले टुकड़े कर लीजिए। अब इनके सारे बीज हटा दीजिए।
  3. फिर भिंडी में बेसन, चावल का आटा, नमक, हल्दी, मिर्च, धनिया powder, नींबू का रस और तेल डालकर toss कर लीजिए।

  4. Airfryer को preheat कीजिए। फिर इसमें भिंडी फैलाकर रख दीजिए।
  5. अब 160°C पर 5 minutes के लिए airfry कर लें।


  6.  5 minutes बाद उलट-पुलट कर फिर 5 minutes के लिए airfry कर लें।
  7. 5 minutes के लिए ठंडा होने दीजिए। अगर कुरकुरी नहीं हुई है तो 5 minutes के लिए और रख दीजिए।

Crispy and Flaky Kurkuri Bhindi is ready to serve! Enjoy them as a starter or main course without having the guilt of consuming too much oil.


Tips and Tricks :

  • अगर आप wok में fry कर रहे हैं, तो भिंडी का marination वैसा ही होगा, बस तेल नहीं डालेंगे। Medium-slow flame पर कुरकुरी होने तक तल लें।
  • भिंडी को धो कर पोंछ अवश्य लें।
  • भिंडी के चार टुकड़े horizontally and vertically दोनों तरफ़ से करेंगे, तो भिंडी के fingers मिल जाएंगे।
  • जो भिंडी बहुत बड़ी हो उनको काटकर छोटी कर लीजिए। 
  • भिंडी के बीज अवश्य हटा दीजिएगा, वरना भिंडी कुरकुरी नहीं बनेगी।
  • चावल का आटा न होने से cornflour use कर सकते हैं।
तो आप इंतजार किसका कर रहे हैं? आज ही बनाएँ कुरकुरी भिंडी और बच्चों को खुश कर दें…

Wednesday, 24 June 2026

Recipe : Aloo Bhakarwadi

मराठी-गुजराती प्रसिद्ध भाकरवडी और सुप्रसिद्ध समोसे का fusion करके बच्चों से लेकर बड़े लोगों तक सबको बहुत पसंद आने वाली आलू भाकरवडी share कर रहे हैं।

यह जितनी tasty है, उतनी ही easily prepare होने वाली dish है…

Aloo Bhakarwadi



Ingredients :
  • All purpose flour - 250 gm.
  • Clarified butter (Ghee) - 75 gm. (for Moyan) and for frying 
  • Butter - 1 tbsp. (for glazing)
  • Salt - as per taste
  • Potato - 150 gm.
  • Pea - 25 gm. (optional)
  • Green chillies - as per taste
  • Amchur powder - 1 tsp.
  • Coriander leaves - handful 
  • Black pepper - as per taste
  • Dum Aloo masala - 1 tbsp. 

Method :
For Masala -
  1. Boil व mash किए हुए आलू, उबली मटर, salt, black pepper, green chillies, अमचूर powder, दम आलू मसाला, butter व coriander leaves डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
For Outer Shell -
  1. Flour में घी व नमक डालकर हथेली से अच्छे से rub कर flour को अच्छे से मोयन कीजिए।
  2. उसमें हल्का गुनगुना पानी धीरे-धीरे डालते हुए dough prepare कीजिए।
For Aloo bhakawadi -
  1. Dough से गोलियां बना लीजिए। गोलियों को rolling pin की help से flat कर लें, जैसे रोटी बनाते हैं।
  2. इसे थोड़ा मोटा ही रहने दीजियेगा। 
  3. अब आलू मसाला को पूरी रोटी में फैलाकर दबा दीजिए, जिससे तलते समय समय filling बाहर न निकले।
  4. अब इस रोटी को roll कर लीजिए।
  5. वह इसके छोटे-छोटे टुकड़े काट लीजिए।
  6. 1 wok में उसके half तक घी लें, उसे गर्म होने रख दीजिए।
  7. जब घी गर्म हो जाए, उसमें आलू भाकरवड़ी डाल दीजिए, फिर flame slow कर दीजिए।
  8. दोनों तरफ से हल्का गुलाबी हो (सिक) जाए तो flame high करें और bakarwadi crispy कर लें।

Tips and Tricks :
  • Filling में मक्खन या घी अवश्य डालें, इसके होने से बिना भूने भी स्वाद भूना मसाला जैसा ही आता है, मतलब मेहनत कम फिर भी स्वाद में दम।
  • मोयन में घी का अंदाज ऐसा होता है, कि जब आप मैदे में घी डालकर अच्छे से rub कर लें और उसे हाथ में दबाएं, तो लड्डू-सा बनने लगेगा।
  • Dough बनाते समय, जितना कम पानी आप डालेंगे, भाकरवड़ी उतना ही crispy (खस्ता) बनेगी। अतः ध्यान रखिएगा, ज्यादा पानी से आप की भाकरवड़ी, hard बनेंगी और soggy भी जल्दी हो जाएंगी।
  • Dough बनाने के साथ ही भाकरवड़ी बनाना शुरू कर लीजिए, वरना dough बनाकर छोड़ने से flour में salt से पानी release हो जाता है, जिससे मोयन बेकार हो जाता है।
  • घी smoky high तक गर्म नहीं करना होता है, वरना भाकरवड़ी बाहर से जल जाएंगी और अंदर से कच्चे ही रह जाएँगी।
  • भाकरवड़ी डालने के बाद शुरू में जल्दी ही पलटने होती हैं, वरना उसकी पपड़ी जगह-जगह से फूल जाती है, जिससे उसकी पपड़ी चिकनी नहीं होती है। ऐसा लगता है, उसमें फफोले पड़े हों। अगर आपकी भाकरवड़ी ऐसे बनेंगी, तो ना तो वो देखने में अच्छे लगेंगी, ना उनका taste अच्छा होगा, तो इस बात का भी ध्यान रखियेगा।
  • भाकरवड़ी हल्का-सा सिक जाए, तो इसे slow flame में ही हल्का गुलाबी होने तक पकाएं, वरना भाकरवड़ी crispy नहीं बनेगी।
तो देर किस बात की? आज ही बनाएँ और सबको खिलाएँ।

Tuesday, 23 June 2026

Article : तीन category के लोग

तीन category के लोग


तीन category के लोग होते हैं, आइए देखते हैं कौन-कौन से?

  • Emotional- जो रिश्ते संभालते हैं।
  • Practical- जो रिश्तों का फ़ायदा उठाते हैं। 
  • Professional- जो रिश्ता ही वहीं बनाते हैं जहां फ़ायदा होता है।

आप कौन-सी category में आते हैं, सोच कर देखिएगा।

पर एक बात ध्यान रखिएगा कि जो emotional लोग हैं, अगर वो आपके आसपास हों, तभी जिंदगी आसान होती है।

बहुत ज्यादा practically and professionally सोच सिर्फ स्वार्थ-सिद्धि कर सकते हैं, साथ नहीं दे सकते हैं। 

और अगर आप का साथ देने के लिए आपका कोई सच्चा हितैषी (दिल से सोचने वाला) साथ नहीं है, तो आप बहुत दिनों तक खुश नहीं रह पाएंगे।

तो अगर आप के पास कोई emotional व्यक्ति है, तो उसकी कद्र करो, उसकी इज़्ज़त करो और उसे बहुत सारा प्यार करो।

क्योंकि आपकी बेकद्री, वो तो शायद सहन भी कर जाए, पर ईश्वर सहन नहीं करेगा।

और अगर वो emotional व्यक्ति आपकी बेकद्री से टूटकर आपसे दूर चला गया, तो सारी उम्र सिवाय अफसोस के कुछ नहीं मिलेगा…

Monday, 22 June 2026

Article : विजयी भवः यशश्वी भवः

आज का यह article अपने देश भारत के national sport hockey पर लिख रहे हैं।

पर रुकिए, पहले एक बात को clear कर दें, बहुत कुछ ऐसा है, जो हम बचपन से पढ़ते आए हैं कि है, पर नहीं वैसा कुछ है ही नहीं।

नहीं समझ आया, क्या कहना चाह रहे हैं? तो सुनिए, हम बचपन से पढ़ते हुए आ रहे हैं कि भारत की national language हिंदी व national sport hockey है।

पर officially न तो भारत की कोई national language है, और न‌ ही कोई national sport.

National language हिन्दी को तो न जाने कितने प्रदेशों द्वारा मान्यता न मिलना और राजनीतिक दलों द्वारा पूर्ण support न मिलना बहुत बड़ा कारण है।

वहीं भारत के राष्ट्रीय खेलों में hockey, कबड्डी और खो-खो को प्रधानता दी गई थी, पर किस sport को प्राथमिकता दी जाए, यह अभी तक निर्धारित नहीं किया गया है।

जो कि होना किसी भी देश के लिए हितकर नहीं है, पर राजनीति के चलते ऐसा हुआ है। हालांकि अब जल्द ही यह निर्धारित हो जाएगा, ऐसा प्रतीत हो रहा है।

यह कैसी त्रासदी है कि England के national sport cricket के सारे updates सबको मालूम होते हैं, लेकिन बाकी खेलों की उपलब्धि न तो पता होती है, न उनसे कोई मतलब रखा जाता है।

पर जब बात बड़े खिताबों की हो तो जानकारी रखनी चाहिए, अपनी general knowledge के लिए भी। तो बात करते हैं कि ऐसा क्या बड़ा हासिल कर लिया भारत ने?

विजयी भवः यशश्वी भवः


तो आप को बता दें कि FIH Nations Cup को Indian Women's team ने जीतकर FIH Pro league में अपनी जगह बना ली है।

अब यह FIH Nations Cup and FIH Pro League होता, किस खेल में है।

तो आप की जानकारी के लिए बता दें कि यह hockey का सबसे बड़ी international championship होती है, जो FIH (Fédération Internationale de Hockey) मतलब International Hockey Federation द्वारा organise की जाती है।

इसमें 16 matches होते हैं, जो कि अपने देश और विदेश में होते हैं। FIH Nations Cup में जो जीतता है, उसे FIH Pro League में खेलने का मौका मिलता है।

Indian Women's Hockey Team FIH Nations Cup जीतकर FIH Pro League में शामिल हो गयी है।

वहीं Men's Hockey Team पहले ही FIH Pro League में पहुंच चुकी है और पूर्व विश्व champion Germany, Australia और Netherlands को हरा कर बढ़त बनाए हुए हैं।

यह भारत देश के लिए गर्व की बात है और हम उम्मीद करते हैं कि men's and women's hockey teams FIH Pro League के खिताब को जीतकर देश का नाम गौरवान्वित करें।

हमने पहले लिखा था कि लगता है जल्द ही देश को national language और national sport मिल जाएंगे।

ऐसा इसलिए क्योंकि हमारे Hon'ble Prime Minister Narendra Modi भारत की हर उपलब्धियों पर नजर रखते हैं और न केवल नज़र रखते हैं, बल्कि खिलाड़ियों की हौसला अफजाई करते हैं।

उनकी उपलब्धियों को सराहते भी हैं, साथ ही अपने X (formerly twitter) account में उसका जिक्र भी करते हैं। इतना अधिक हर क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने का कार्य अन्य प्रधानमंत्रियों द्वारा नहीं किया गया है।

इसलिए ऐसा लगता है कि भारत के सर्वांगीण विकास के लिए एक उपयुक्त प्रतिनिधि भारत को मिला हुआ है। देश का शुभ हो, सर्वांगीण विकास हो और देश हर क्षेत्र में गौरवान्वित हो।

Hockey के सभी खिलाड़ियों को भारत की तरफ से अनेकानेक बधाईयां एवं शुभकामनाएं!

विजयी भवः, यशश्वी भवः!

जय हिन्द, जय भारत!

Sunday, 21 June 2026

Poem : पिता और योग

आज जिंदगी को सम्पूर्णता प्रदान करने वाले दो दिवस एक साथ हैं, पिता दिवस (International Father's Day) और योग दिवस (International Yoga Day), और दोनों के बिना सुखद जीवन असंभव है।

आज दोनों को एक कविता में पिरोकर प्रस्तुत किया है, आशा है पसंद आएगी। तो चलिए, इसका आनन्द लेते हैं…

पिता और योग 


जब माँ से पिता का,

होता है योग।

सृष्टि में जीवन का,

तभी बनता संयोग।।


पिता की मेहनत के योग से, 

जीवन सुखद हो जाता है।

पिता का साया न हो,

वो घर कहां भाता है?


पिता के अनुभव के योग से,

सफलता कदम चूमती है।

उनके आने की आहट से,

परिवार में खुशियां झूमती है।। 


जैसे स्वस्थ शरीर के लिए,

योग होता है ज़रूरी।

वैसे ही पिता का साथ,

जिंदगी करता है पूरी।।


इसलिए प्रतिदिन जीवन में, 

तुम योग का धरो ध्यान। 

सुखद जिंदगी पाने के लिए, 

पिता को दो पूर्ण सम्मान।। 


आज बच्चों द्वारा बनाए गए card के साथ ही कविता को प्रस्तुत किया है।

Saturday, 20 June 2026

India's Heritage : जामुन की बहार, वर्षा कम इस बार

आज India's Heritage segment में एक ऐसी बात share कर रहे हैं, जिसे पढ़कर शायद आप को लगे कि यह India's Heritage कैसे है।

तो पहले उसे ही clear करते हैं, कि पहले जमाने में लोग पढ़े-लिखे उतने नहीं होते थे जैसे आज हैं।

पर उनके अनुभव का ज्ञान इतना अधिक था, जिससे वो बिना पढ़े-लिखे ही आज से अधिक सक्षम थे, अपने सभी कार्यों को सुचारू रूप से करने में।

वैसे यह ज्ञान आज भी बड़े-बूढ़े और ग्रामीण इलाकों में लोगों के पास मौजूद है।

तो उसी अनुभव का सार है, आज की यह India's Heritage segment की post…

जामुन की बहार, वर्षा कम इस बार


“जामुन ज़्यादा तो बारिश कम”, यह एक लोकप्रिय पारंपरिक कहावत है जो बताती है कि यदि जामुन का bumper उत्पादन हो, तो यह उस क्षेत्र में सूखे या कम बारिश का संकेत हो सकता है।

दरअसल प्रकृति में कुछ जीव ऐसे हैं, जिन्हें मौसम का पूर्वानुमान हो जाता है, जैसे चातक, पपीहा और मोर।

ऐसे ही वनस्पतियों में जामुन के वृक्ष को भी मौसम का पूर्वानुमान हो जाता है।

बारिश से पहले ही जामुन की भरमार, जानकार लोगों में इस बात से मौसम को लेकर बेचैनी बढ़ गई है।

इस पारंपरिक मान्यता और इसके वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बारे में आइए अधिक जानते हैं।

वैज्ञानिक दृष्टि से इस मान्यता को निम्नलिखित रूप में समझा जा सकता है।

  • Stress Fruiting- Botany में इसे कभी-कभी “Masting” या तनाव फलना कहा जाता है। 
  • Survival Instinct- जब पेड़ों को जमीन के नीचे नमी या पानी की कमी महसूस होती है, तो वे खतरे को भांप लेते है। अपनी species को बचाए रखने के लिए पेड़ अपनी सारी energy अधिक से अधिक फल (जैसे जामुन) पैदा करने में लगा देते है।
  • Direct Connection- इसलिए, बहुत ज्यादा जामुन का आना वास्तव में आने वाले मौसम में पानी की कमी या सूखे की ओर इशारा कर सकता है।

जामुन के वृक्ष का ऐसा इशारा चिन्ता का विषय है…

Friday, 19 June 2026

Article : आगमन Monsoon का

हमारा भारत देश ऋतुओं के लिहाज से बहुत धनी देश है, जहां एक-दो नहीं, बल्कि भारतीय पंचांग के अनुसार छह ऋतुएँ होती हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर Indian Meteorological Department (IMD) द्वारा चार मुख्य मौसमों को मान्यता दी गई है।

भारतीय पंचांग और पारंपरिक वर्गीकरण के अनुसार छः ऋतुओं का विवरण इस प्रकार है-

  • Spring: Mid-February to Mid-April
  • Summer: Mid-April to Mid-June
  • Monsoon: Mid-June to Mid-August
  • Autumn: Mid-August to Mid-October
  • Pre-Winter: Mid-October to Mid-December
  • Winter: Mid-December to Mid-February

वहीं मौसम विभाग (IMD) के अनुसार चार प्रमुख मौसम ये हैं-

  • Winters: December to February
  • Summers: March to May
  • South-east Monsoons: June to September 
  • Monsoons' Return: October to November

तपती गर्मी में मनुष्य और जीवों के साथ-साथ सम्पूर्ण प्रकृति भी सूखकर झुलस जाती है। लेकिन अब राहत यह है, कि तपती गर्मी का मौसम अब जाने को है।

तो जान लेते हैं कि मौसम विभाग के अनुसार कहां-कहां monsoon आ चुका है और कहां और कब तक monsoon आने की संभावना है…

आगमन Monsoon का


IMD के अनुसार south-east monsoon; south, east और north-east भारत के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है।

Monsoon ने इन states में अपनी पहुंच बना ली है-

  • Odisha
  • Jharkhand
  • Bihar
  • West Bengal
  • Telangana

इन राज्यों के अधिकांश हिस्सों में monsoon सक्रिय हो चुका है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से इसकी रफ्तार धीमी हो गई है।

जब monsoon आ चुका है, तो उसकी गति किस-किस राज्यों में धीमी पड़ गई है या ठहराव आ गया है, आइए यह भी जान लेते हैं।

भारत के southern और western हिस्सों (जैसे Maharashtra, Madhya Pradesh, और Rajasthan) में monsoon फिलहाल ठहर गया है और इसकी प्रगति सामान्य से थोड़ी धीमी है।

चलिए अब Delhi और Uttar Pradesh में भी monsoon की स्थिति जान लेते हैं।

Uttar Pradesh और Delhi में monsoon ने अभी दस्तक नहीं दी है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार Eastern U.P. में इसके प्रवेश की संभावना बनी हुई है, और 22-23 June तक पूरे Uttar Pradesh और Delhi में monsoon के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की उम्मीद है।

Uttar Pradesh में monsoon की विधिवत शुरुआत 24 June के आसपास होने की संभावना है। इससे पहले Western Disturbance के प्रभाव से 11 June के बाद राज्य के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ pre-monsoon showers पड़ने का अनुमान है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। 

Lucknow, Kanpur, Prayagraj और Ayodhya जैसे central districts में monsoon 20 से 25 June के बीच पहुंचने का अनुमान है।

Pre-monsoon के कारण यह गतिविधियां होने की प्रबल संभावना है-

  • 11 June के बाद एक नए system के प्रभाव से उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलेगा।
  • राज्य के कई इलाकों में तेज आंधी, धूल भरी हवाएं (लगभग 40-50 km/h की रफ्तार) और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है।

तो सोच क्या रहे हैं, monsoon के स्वागत की तैयारियां शुरू कर दीजिए, क्योंकि अब बहुत जल्दी तपती गर्मी में रिमझिम बूंदें गिरने वाली है…

Thursday, 18 June 2026

Short Story : दो कदम तुम चलो

दो कदम तुम चलो


ऋषि और राजश्री एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे, एक-दूसरे के लिए जीने-मरने की कसम खाया करते थे। उनके इस अटूट प्रेम को देखकर घर वालों ने दोनों की शादी कर दी।

आरंभ में जीवन बहुत सुखपूर्वक व्यतीत हुआ, लेकिन जल्दी ही उन्हें यह एहसास हो गया कि वो incompatible हैं। बस इस एहसास के उजागर होते ही दोनों में आए दिन झगड़ें होने लगे। 

एक-दूसरे के लिए जीने-मरने की कसम खाने वाले एक-दूसरे की जान लेने को आमादा हो गये‌। दोनों के घर वाले यह देखकर परेशान रहने लगे।

ऋषि की बहन तृषा ने उन्हें psychologist के पास जाने को कहा उनकी counselling के लिए। बस फिर क्या था, psychologist वृंदा ने चंद मिनटों में ही उनकी परेशानी को समझ लिया।

वृंदा ने कहा, “सबसे पहले तो मैं आपको यह बता दूं कि आपके रिश्ते में कोई कमी नहीं है, या यह कहें कि यह बहुत ही common problem है, जो हर रिश्ते में होती है।”

“ऐसा भी क्या problem है?” राजश्री ने उत्सुकता से पूछा।

“Incompatible होने की, पर सच मानिए कि कोई भी रिश्ता compatible नहीं होता है, क्योंकि कोई भी दो लोग पूरी तरह compatible हो ही नहीं सकते हैं, चाहे वो identical twins ही क्यों न हों।”

“तो क्या? हम साथ नहीं रहना चाहते हैं।”

“नहीं राजश्री, तुम नहीं जानती हो कि दो incompatible life partners ही सच्चा प्यार कर सकते हैं।”

“पर कैसे?” ऋषि ने तृषा की ओर बड़े आश्चर्य से देखा।

“बस करना यह है कि जिंदगी के दो कदम तुम अपनी इच्छा से रखना और बाकी के दो कदम एक-दूसरे की पसंद से रखना।”

“मतलब?” दोनों एक स्वर में बोल उठे।

“अरे! जैसे राजश्री जल्दी उठ जाती है तो उसे यह करना है कि ऋषि के लिए आधे घंटे बाद उठो, और ऋषि जो कि देर से उठता है, आधे घंटे पहले उठे। और ऐसे ही रात में राजश्री थोड़ा देर से सोए और ऋषि थोड़ा जल्दी सो जाए। ऐसे ही बाकी सारे काम भी, थोड़ा-थोड़ा दोनों बदलें और थोड़ा-थोड़ा अपने अनुसार चलें। अगर एक-दूसरे का साथ थोड़ा सोच-समझकर लें तो दो incompatible people ही perfect couple बनाते हैं।”

बस दोनों ने वैसा ही करना शुरू कर दिया और कुछ ही दिनों में दोनों रब ने बना दी जोड़ी बन गए, और इसके लिए दोनों ने हमेशा तृषा और वृंदा को धन्यवाद दिया, क्योंकि उनकी सलाह को मानने से ही वो complete couple बनें।

Saturday, 13 June 2026

Article : Next-Level Bharat

हमारा भारत किस तेजी से बदल रहा है, यह तो सबको दिखाई दे रहा है। उसका सशक्त और समृद्ध रुप सब देख रहे हैं, पर मानने को तैयार नहीं हैं।

आखिर क्यों? क्यों आपको भारत का बदलता स्वरूप नहीं दिखाई दे रहा है?

ऐसा नहीं है कि सब एकदम goody-goody हो गया है, होना भी मुश्किल है। जानते हैं, क्यों?

Next-Level Bharat


ऐसा इसलिए क्योंकि हम शिकायती लाल बने रहते हैं, कभी उन शिकायतों को अपने level पर दूर नहीं करते हैं। बल्कि अगर सब अच्छा हो जाए, इसके लिए अगर हमें बाध्य किया जाता है, तो सबसे पहले हमारा कोप भाजपा सरकार को ही होना होता है। 

हम सुधरना नहीं चाहते हैं, पर हाँ पूरी दुनिया सुधरी हुई हो, इसकी कामना जरूर करते हैं। क्यों, दूसरे बदलें आपकी सुविधा के लिए? 

जब आप अपने comfort zone से बाहर निकल कर दूसरों की भलाई के लिए एक रत्ती भी बदलना नहीं चाहते हैं?

बस यही कारण है कि सब goody-goody होना बहुत मुश्किल है।

लेकिन सरकार के अथक प्रयासों के कारण बहुत कुछ सुधरता जा रहा है, न केवल सुधार आ रहा है, बल्कि बहुत अच्छा सुधार आ रहा है, कि,यह कहा जाए भारत next level पर पहुंच रहा है, तो भी अतिशयोक्ति नहीं होगी।

अब आज का article किस बात से प्रेरित होकर लिख रहे हैं, वो share कर रहे हैं। वंदे भारत train से आगरा जाना हो रहा था। अतः Hazrat Nizamuddin (Delhi) station से train पकड़नी थी।

अभी 6 महीने पहले भी निज़ामुद्दीन station से Mumbai जाने के लिए train पकड़नी थी।

दिल्ली के सभी stations में से निज़ामुद्दीन station से कोई जा रहा हो या कोई आ रहा हो, तो लगता है कि कोई और station नहीं मिला, जो निज़ामुद्दीन station ही चुना?

दरअसल निज़ामुद्दीन station जितना clumsy है, उससे ज्यादा station तक पहुंचने का रास्ता।

जब हम लोगों को Mumbai जाना था, station पहुंचने में हम लोग दुखी हो गये।

लेकिन after 6 months वहां पर rapid metro चलने के कारण एक flyover बना है, जो कि बहुत व्यवस्थित है। उसमें बने travel-ways लोगों को बिना थके station तक पहुंचा देते हैं।

जिनके पैरों में किसी भी तरह की problem है, उनके लिए तो वरदान है, खासकर वृद्ध लोगों के लिए, जिस पर पहुंच कर बिना hassle और time-wastage के निज़ामुद्दीन station पर पहुंच जाएंगे।

राजधानी, शताब्दी आदि premium trains पर बहुत बार बैठ चुके हैं, पर वंदे भारत में बैठना पहली बार हुआ।

Actually हमेशा by car ही गये हैं, तो यह अनुभव कभी मिला ही नहीं।

वंदे भारत के लिए कहा जाता है कि बहुत बढ़िया train है, तो हाँ बहुत ही बढ़िया train है। साफ-सफाई के मामले में, comfort के मामले में, speed wise भी- सारी modern facilities के साथ।

हमने food option cancel कर दिया था because हमारे यहां सब हमारे हाथों का बना हुआ ही पसंद करते हैं।

लेकिन जो meal था, लोगों के पास, वो सभी items standard company के थे। I think taste-wise भी अच्छे थे, but हम इसकी पूरी guarentee नहीं ले सकते हैं।

बाकी भी बहुत से stations का कायाकल्प यह सोचने को प्रेरित कर रहा है कि Next-Level Bharat बनता जा रहा है।

हर ओर बढ़ता विकास और भारत का आधुनिकीकरण, इसके लिए कौन जिम्मेदार है, सब जानते हैं, बताने की आवश्यकता नहीं है।

बस अगर अपने देश का विकास आपको भी पसंद है, तो “शिकायती लाल” से अपने को बदलकर देश-विकास में योगदान प्रदान करें।

जय हिन्द, जय भारत!

Wednesday, 10 June 2026

Article : NEP के फ़ायदे और नुकसान

जब से भारत में BJP government आयी है, हर क्षेत्र में विभिन्न परिवर्तन किए जा रहे हैं।

अब उसी परिवर्तन का असर education पर भी दिख रहा है, और सबसे अधिक परिवर्तन class 9 में दिखाई दे रहा है।

या यूं कहा जाए कि class 9 का तो लगभग पूरा syllabus ही change किया जा रहा है, तब वो भी अतिशयोक्ति नहीं होगी।

इसके कारण बच्चे, teachers और parents, सभी परेशान हैं। इसका एक बहुत बड़ा कारण है कि अभी तक बहुत कुछ निर्धारित ही नहीं है कि क्या नियम पूरी तरह लागू किया जाएगा।

NEP 2020 के लागू होने से कक्षा 9 में पढ़ने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। अब रटने की बजाय समझ पर जोर है, तीन भाषाएं अनिवार्य हो गई हैं, और छात्रों को vocational courses और अन्य विषयों को चुनने की अधिक लचीली सुविधा मिल गई है।

NEP 2020 के तहत कक्षा 9 पर पड़ने वाले मुख्य प्रभाव इस प्रकार हैं…

NEP के फ़ायदे और नुकसान


Three-language Rule :

कक्षा 9 से 10 तक के छात्रों के लिए तीन भाषाएँ (R1, R2, R3) पढ़ना अनिवार्य कर दिया गया है। इनमें से कम से कम दो भाषाएं भारतीय होनी चाहिए। हालांकि तीसरी भाषा की अनिवार्यता इसी वर्ष से की जा रही है, इसलिए तीसरी भाषा पढ़ना तो अनिवार्य है, किन्तु इसकी परीक्षा को class 10 board exams में शामिल नहीं किया जाएगा।

लेकिन इस साल के बाद के बच्चों के लिए परीक्षा की अनिवार्यता भी लागू की जा सकती है। और एक बात, तीसरी भाषा को पढ़ने की अनिवार्यता इस वर्ष जो class 10th में हैं, उनके साथ भी है, बिना परीक्षा की अनिवार्यता के साथ।

Importance of Sanskrit (R3)-

संस्कृत हमारे देश भारत की मुख्य भाषा के रूप में मानी जाती है, जो कि बहुत scientific language है। इसके ज्ञान से हम अपने वेद-पुराणों से जुड़ते हैं, जिसमें सार है जिंदगी का।

उसके साथ ही अगर कोई संस्कृत भाषा में निपुण हो गया, तो विश्व की कोई भी भाषा को समझना अत्यधिक आसान हो जाता है।

फिर क्या हम अपने धर्म और देश से जुड़ने के लिए अपने बच्चों को संस्कृत भाषा खुशी-खुशी नहीं पढ़ा सकते हैं?


End of Rote Learning :

अब curriculum को rote learning से हटाकर experiential और application-based में लागू करने योग्य बनाया गया है।


Competency-Based : 

Exams में सीधे प्रश्न पूछने के बजाय case-based, analytical और MCQ (multiple-choice questions) ज्यादा पूछे जाएंगे।


Flexibility of Subjects :

अब arts, science और vocational courses के बीच कोई सख्त दीवार नहीं रहेगी। छात्र अपने मुख्य विषयों के साथ-साथ vocational course या अपनी पसंद के कौशल चुन सकते है।


Change of Books :

NCERT ने नए pattern के अनुसार कक्षा 9 के curriculum में भी संशोधन किए हैं, ताकि इसे NCFSE 2023 और NEP के अनुकूल बनाया जा सके।


  • Advantages- जो सोच है, अगर वो पूरी तरह से applicable हो सके, तो सचमुच भारत में education next level पर पहुंच सकती है। बच्चे और अधिक confident होंगे अपने भविष्य को लेकर, और अधिक सशक्त होंगे अपने भविष्य में, साथ ही वो वही पढ़ेंगे जो वो पढ़ना चाहते हैं, अतिरिक्त विषयों का बोझ उन पर नहीं होगा।
  • Disadvantages- CBSE board की तरफ से हर रोज़ कोई नया नियम सुनाया जा रहा है, और वो लागू भी होगा कि नहीं, इसकी कोई guarantee नहीं है। अभी तक सभी पुस्तकों का न आना बच्चों को सटीक रूप से पढ़ने में बाधा डाल रहा है। Process बदलने के कारण education का level समझ नहीं आ रहा है कि गिर जाएगा या उठेगा। अत्यधिक सरलता लाने के ऊहापोह में education का स्तर नहीं गिरने देना चाहिए।


जो भी निर्धारित करना है, वो July से पहले हो जाना चाहिए। निर्णय में दृढ़ नहीं होने से बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बच्चों को यह बिल्कुल नहीं लगना चाहिए कि उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इससे बच्चे अपने उज्जवल भविष्य के सपने से भटक जाते हैं, जो देश के विकास में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

Class 9 भविष्य की नींव रखी जाने वाली class है, इसके सभी निर्णय बहुत सोच-समझकर और समय-सीमा के अनुसार लेने चाहिए।

सही निर्णय देश को विकास और ग़लत निर्णय देश को पतन की ओर ले जाएगा।

BJP government से करबद्ध प्रार्थना है कि जो भी निर्णय लेना है, सोच-समझकर लें और समय-सीमा के अंदर लीजिए, तभी जो आपने सोचा है, वो सही रूप से applicable होगा।

जय हिन्द, जय भारत!

Tuesday, 9 June 2026

Tip : पित्ती (hives) के लिए home remedies

पित्ती उछलना एक ऐसी समस्या है, जो ठंडा-गरम होने से हो जाती है। कभी-कभी दवाइयों के reactions से भी होती है।

अगर समस्या ठंडा-गर्म होने से हुई है तो उसका उपाय बता रहे हैं। यह परेशानी ठंडक या गर्मी किसी भी मौसम में हो सकती है। 

इसमें पूरे शरीर पर छोटे-बड़े चक्कते या दाने जैसे हो जाते हैं, जो कि शरीर के skin colour के या लाल रंग के होते हैं, जिसमें खुजली भी हो सकती है।

इस समस्या के होने पर विभिन्न बातों का ध्यान रखना चाहिए।


Points to Remember :

  • इसके होने से बहुत अधिक परेशान नहीं होना चाहिए, यह मुख्यतः दो-चार दिन में ठीक हो जाती है। कभी-कभी दो से चार घंटे में भी ठीक हो जाती है।
  • खुजाना बिल्कुल नहीं चाहिए, उससे इसके aggravate होने की संभावना बढ़ जाती है और समस्या एक हफ्ते तक में ठीक होती है।
  • खुजाने से दानों के दाग़ permanent भी हो सकते हैं।
  • अगर समस्या गर्मी में हुई है तो सब कुछ ठंडा-ठंडा दीजिए (जैसे खाना-पीना इत्यादि), कमरे का तापमान ठंडा रखिए, cotton के हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें।
  • अगर समस्या ठंडक में हुई है तो गर्म-गर्म ही सब लें (जैसे खाना-पीना इत्यादि)। कमरे का तापमान, बिस्तर और कपड़े इत्यादि गर्म और cosy रखें।
इस समस्या पर हम पहले भी post डाल चुके हैं जिसका link इस प्रकार है- https://shadesoflife18.blogspot.com/2023/06/tip-home-remedies-for-hives.html?m=1

कुछ और tasty and effective Remedies पता चली है, जो आज share कर रहे हैं…

पित्ती (hives) के लिए homemade remedies



Home Remedies :

इसके अतिरिक्त पित्ती उछलने पर कुछ घरेलू नुस्खे भी हैं, जिनको अपनाने से पित्ती की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। आखिरी वाली remedy को अपनाने से permanently relief भी मिल सकता है-

  • 1 glass पानी में 1 पेड़ा घोलकर पिला दीजिए और चादर ओढ़कर ½ घंटे सुला दीजिए।
  • 1 tsp. baking powder को ½ glass पानी में घोलकर उसके फाहे से शरीर में जहां-जहां पित्ती उछली है, उसमें लगा लें, आराम मिलेगा और पित्ती ठीक हो जाएगी।
  • ½ tsp. जौ का आटा ¼ tsp. शुद्ध देसी घी और 1 glass पानी में डालकर पिला देने से permanent पित्ती उछलना बंद हो जाती है।
यह सब घरेलू उपाय हैं जिनसे फायदा मिल जाता है, अगर नहीं भी मिला तो नुकसान भी नहीं करेंगे।

अगर फिर भी ठीक न हों तो doctor से सलाह लें। दवाई के reaction से हुई है, तब तो doctor के treatment से ही ठीक होगी।


Disclaimer- The tips and remedies mentioned above are only for general information, and have been stated on the basis of experiences. They might be beneficial, but no guarantee about complete normalcy could be taken. It can also never substitute any kind of medication. Consult a doctor for more information and before any kind of medication. Remember, only doctors can completely help someone become healthy.

Monday, 8 June 2026

Article : Seat or Scam?

आज का यह article एक सच्ची घटना पर आधारित है, और आप सभी को सचेत करने के लिए डाल रहे हैं।

साथ ही कुछ information भी, एक बार अंत तक अवश्य पढ़ें, सचेत और सुरक्षित रहें…

बात कुछ दिन पहले की, एक premium train की है, train का नाम mention करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ऐसी घटना किसी भी train में हो सकती है। जब एक premium train में ऐसा घटना हुई, तो किसी में भी होना कौन बड़ी बात है।

Train मुम्बई से दिल्ली की ओर जा रही थी। जगह का नाम इसलिए mention किया, क्योंकि source and destination दोनों ही बड़े शहर थे।

अब घटना विस्तार से जानते हैं…

Seat or Scam?


हम लोग BDTS (Bandra Terminus) से चढ़कर NZM (Hazrat Nizamuddin) को आ रहे थे। एक यात्री मुम्बई से चढ़कर मथुरा को आ रहा था। वो एक businessman था और premium trains से आता जाता था, तो उसे tickets के regarding rules पता थे।

आप लोगों की जानकारी के लिए बता दें कि आप जब online ticket book करते हैं, तो अगर waiting ticket है और train चलने के पहले भी अगर waiting बरकरार रहती है तो आप का ticket अपने आप automatically cancel हो जाएगा।

But अगर आप ने ticket उसकी window से (means offline) book किया है, और train चलने से पहले आप का ticket waiting category में ही रहता है, फिर भी automatically cancel नहीं होगा। वो cancel तभी होगा, जब आप ticket window पर जाकर cancel कराएंगे।

अतः आपका window से book किया हुआ ticket waiting category में होने के बावजूद आपको train में चढ़ने के लिए eligible रखेगा। हाँ, seat मिलेगी कि नहीं, वो berth availablity पर depend करता है। तो आप को उस दिन की बात बताते हैं। 

उसने ticket window से ticket book की थी। Ticket waiting ही थी। जब उसने ली थी, तब 53 waiting थीं, जो train में चढ़ने पर 10 पर पहुंच गई थीं, but still RAC or clear की category में नहीं आई थी।

वो पूरी तरह आश्वस्त था कि कुछ देर में जब TT आएगा, उसे seat available हो जाएगी। TT ticket check करने आया तो उसकी window की waiting ticket देखकर बोला situation देखकर बताएगा।

गाड़ी ने अपनी रफ़्तार पकड़ ली। हमारे साथ ही वो भी BDTS से चढ़ा था। बोरिवली पर हमारी berth set के सभी passengers आ गये, अतः उसे seat से उठना पड़ा। एक-दो TT आए इस बीच, पर किसी ने उसे confirmed berth नहीं दी।

रात गहराना शुरू होने लगी। हमारी side-upper and side-lower seat थी, एकदम दरवाजे से लगी। हमें train में sound sleep नींद नहीं आती है, फिर gate से लगी seat, बार-बार खुलने-बंद होने से disturbance और सबसे बड़ी बात, हमारी तबीयत काफ़ी खराब थी, अतः बिल्कुल भी नींद नहीं आ रही थी।

अब आगे की बात सुनिए। Attendant ने gate से लगी berth पर कुछ सामान रखकर उसपर चादर डालकर एक उबड़-खाबड़ बैठने की जगह बना रखी थी। वह आदमी उसी पर बैठकर अगले TT के आने का इंतजार करने लगा।

तभी उस attendant ने मुम्बई-जैसी भाषा में उससे कहा, “आपको clear-seat मांगने का है, तो ₹1000 दो, तुरंत एकदम मस्त seat दूंगा।” Premium trains के ticket already महंगे होते हैं, उस पर सीधे ₹1000 और, उसने ₹1000 देने से मना कर दिया और TT का इंतजार करने लगा।

अब वो attendant हर आधे-घंटे में इधर-उधर से आता और ₹1000 में seat offer की बात करता, पर वो आदमी ₹1000 देने को राज़ी नहीं हुआ। अंततः उस आदमी का इंतजार खत्म हुआ, रात के लगभग 2 बजे एक TT आया।

उसने उससे seat availablity की बात की। TT ने availablity के लिए मना कर दिया। कहा अगर ₹600 दे, तो confirm seat दे सकता है। आदमी मरता, क्या न करता, उसने ₹500+₹200 के notes दिए, साथ ही उसने attendant की शिकायत भी कर दी।

Attendant को TT ने हड़काया, “क्या रे, क्या खाली-पीली परेशान करता है।” उस आदमी ने पूछा, “सर कौन-सी seat है?” वो बोला, “अभी आकर बताता हूँ।” “पर सर ₹100 तो दे दीजिए, मैंने आपको ₹700 दिए थे।”

“आता है, देता है न आकर, घाई-घाई क्यों करता है।”

आधे घंटे में फिर attendant बोला, “चलो ₹600 दो, अभी मस्त seat दिलाता है।” अब तो वो TT को पैसा दे चुका था, फिर क्यों पैसे देता। 15 minutes बाद वो attendant बोला, “फिर दूसरी जगह देख लो, यहां से जगह खाली करने का।”

रात के तीन बज रहे थे और वो आदमी मथुरा के आने के इंतजार में लुटा हुआ इधर-उधर घूम रहा था। न उसको seat मिली, न पैसे, क्योंकि वो TT लौटकर ही नहीं आया। मुम्बई में लोग बड़े ईमानदार होते हैं, सब झूठ। TT और attendant दोनों मुम्बई से थे।

Tourists और मजबूर इंसान को हर जगह बेवकूफ ही बनाते हैं, लूटते ही है, चाहे मुम्बई हो, कलकत्ता हो, लखनऊ हो, दिल्ली, जयपुर, बनारस, मथुरा इत्यादि हर जगह। अभी तक दो ही जगह मिलीं, जहाँ “अतिथि देवो भव:” दिखा, ऋषिकेश और उज्जैन।

At least हमें तो, पर आपका क्या experience रहेगा, भगवान जाने। अब इस घटना से बचने का केवल एक उपाय है कि ऐसे waiting ticket से भी तभी यात्रा करें, जब आपके साथ और भी लोग हों, जिनकी confirmed seat हो, जिससे लेटकर नहीं, तो कम से कम seat पर बैठकर तो जा सकें। विशेषता ठंड की रातों में, उन्हें काटना और कष्टप्रद होता है।

Ticket train में खरीदने से आपको seat मिलेगी या धोखाधड़ी, नहीं पता। जागरूक रहिए, सजग रहिए, सावधान रहिए, प्रसन्न रहिए। ऐसी ही और जानकारी के लिए, जुड़े रहें...

Friday, 5 June 2026

Poem : जीवन के दिन चार बचे हैं

आज आप सब के साथ मुझे भोपाल के मेजर नितिन तिवारी जी की कविता को साझा करते हुए अपार प्रसन्नता हो रही है।

आज नितिन जी ने इस कविता में माध्यम से कहा है कि, दुःख अवसाद को भूलकर आगे बढ़ना ही जीवन है, और जीवन की इस सच्चाई को उन्होंने बहुत खूबसूरती से उकेरा है।

आइए, इसका आनन्द लेते हैं…

जीवन के दिन चार बचे हैं


जीवन के दिन चार बचे हैं,

आग बुझी अंगार बचे हैं।

दबे उम्मीदों की राखड़ में,

बुझी आग के सार बचे हैं।

भीतर ही जो रहे सुलगते,

गढे हुए दो चार बचे हैं।

हमने खूब सजाया उपवन,

मानो सदा रहेगा यह तन‌। 

थे बसंत उत्सव के भागी,

चले गये सब उजड़ा मधुवन।

पत्ते छीन लिये पतझड ने,

फूल नहीं बस खार बचे हैं।

कर कमजोर थाम पतवारें,

नौका जब मझधार भंवर है।

है पुरुषार्थ सिर्फ शब्दों में,

जीवन नैया भी जर्जर है।

सांसे है गिनती की बाकी,

भोगे जो व्यवहार बचे हैं।

चार रोज तो काफी हैं यदि,

कुछ करने को संकल्पित हों।

बीती बातें सभी भुला दें,

जियें जैसे आज को ही अर्पित हो।

कल का क्या जो होगा सो हो,

जियें यही सुख सार बचे हैं।।

Thursday, 4 June 2026

Story of Life : दृढ़ संकल्प

दृढ़ संकल्प


आज एक सच्ची कहानी पर लेखनी चला रहे हैं, एक ऐसे लड़के की कहानी, जो बाकियों के लिए प्रेरणा स्रोत है।

तो बात तब की है, जब एक परिवार गांव से दिल्ली आता है, अपनी आंखों में सपने संजोए हुए।

परिवार में मां-पापा, दो बेटे और दो बेटियां। गांव के परिप्रेक्ष्य के अनुसार एक ideal परिवार।

गांव से आए थे, पढ़े-लिखे थे नहीं, अतः पत्नी ने लोगों के घर बर्तन का काम करना शुरू कर दिया। पति गुणीं था, अतः उसने भजन मंडली में वाद्य यंत्र बजाने व चौकीदारी का काम करना शुरू कर दिया।

शहर की महंगाई, इतने में बड़ी मुश्किल से गुजर-बसर हो रही थी। अतः बड़ी बेटी ने पूरे दिन घर में रहकर काम शुरू कर दिया और बड़े बेटे ने office में छोटा-मोटा काम आरंभ कर दिया।

छोटे बेटा-बेटी को छोटे होने के कारण उनसे किसी ने किसी भी तरह के काम करने के लिए नहीं कहा।

हाँ, school में admission ज़रूर करा दिया, जिससे घर में कोई तो पढ़ा-लिखा हो। वैसे भी शहर आने का कुछ लाभ तो होना चाहिए था।

उन लोगों का पढ़ाई-लिखाई कर के कुछ बड़ा हासिल करने का कोई ध्येय नहीं था। पर छोटा बेटा पढ़ने में होशियार था और उनकी पढ़ाई के लिए घर के सब लोगों के त्याग को मान भी देता था।

अतः 6 class तक आते-आते उसने अपना लक्ष्य साधना आरंभ कर दिया। उसने खेलकूद और फालतू की बातों से अपना मन खींचना शुरू कर दिया।

गांव में होने वाले शादी-विवाह आदि आयोजन में शामिल होना लगभग बंद करना आरंभ कर दिया, क्योंकि जब भी वो लोग गांव जाते थे तो उनके लौटने की कोई समय-सीमा नहीं होती थी।

इससे स्कूल की पढ़ाई छूटती थी। घर में कोई पढ़ा-लिखा था नहीं जो इस नुकसान को भर दे। 

सक्षम की लगन अब स्कूल के teachers को भी दिखने लगी, वो भी चाहते कि सक्षम आगे बढ़े, यथासंभव प्रयास भी करते थे। पर सरकारी स्कूल आठवीं तक ही था तो आगे का सफ़र सक्षम को नये स्कूल से करना था।

नौवीं कक्षा थी और अब तक सक्षम ने एक कठिन संकल्प ले लिया था कि वो engineering करेगा। 

Science subject की पढ़ाई अपने आप में कठिन होती है, फिर engineering में selection बिना coaching के संभव नहीं था।

फिर इसकी preparation से लेकर engineering करने तक का ख़र्चा बहुत अधिक होना था, लोगों ने उससे कहा भी, इतना करना तुम्हारे लिए असंभव है। 

पर लोग जितना कहते, सक्षम का संकल्प और अधिक सशक्त हो जाता।

Coaching center की महंगी फीस के पैसे उसके पास नहीं थे। उसने सोचा कि super 30 में join कर ले। फिल्म आने से हर गरीब बच्चा आनंद सर तक पहुंचना चाह रहा था। Engineer बनने के सपने संजो रहा था।

पर film और serial में आने वाली बातों तक पहुंचना लगभग असंभव होता है, वो भी नहीं पहुंच पाया।

उसने online का सहारा लेना चाहा, पर mobile से आखिर कितना पढ़ता।

उसने सुबह लोगों की गाड़ियां साफ़ करना और school से लौटकर 2 घंटे waiter का काम करना, साथ ही छोटा-मोटा कुछ और काम भी करना शुरू कर दिया।

फिर उसने किश्तों में एक laptop खरीदा, online classes के लिए, और शाम को 2 घंटे के लिए एक library में जाना शुरू किया। जिसकी उसे fees भी देनी होती थी, जो कि मात्र ₹2000 थी, पर इतनी fees भी उसके लिए मात्र नहीं थी...

उसकी लगन देखकर library वाले ने उसे school की छुट्टी होने वाले दिनों में भी आने की permission दे दी।

कुछ अच्छे लोगों ने उसे Aakash and FIITJEE के notes उसे free में दे दिये।

वो अपनी मंजिल पाने तक जूझता रहा, अपनी कठिन परिस्थितियों के कारण बहुत से काम करके पैसों की कमी पूरी करने के लिए और बेइंतहा पढ़ता रहा, अपने सपने को साकार करने के लिए।

आखिरकार सक्षम के दृढ़संकल्प ने उसे उसकी मंजिल तक पहुंचा ही दिया, उसका DTU में selection हो गया।

और इससे ही यह बात सिद्ध हो गई कि जो दृढ़संकल्पित होता है, उसे मंजिल अवश्य मिलती है।

मेहनत तू किए जा, 

तुझको परिणाम मिलेगा...

यह पूरा गीत, link पर click करके आप सुन सकते हैं, आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी- https://shadesoflife18.blogspot.com/2022/07/poem.html?m=1

Wednesday, 3 June 2026

Recipe : Homemade Nuggets (the airfryer style)

आज की Summer Vacations Special Recipe एक ऐसी dish है जो बच्चों को बहुत पसंद होती है, पर junk food होने के कारण उन्हें खाने नहीं दिया जाता है।

पर आज Shades of Life आपके लिए एक ऐसा solution लेकर आया है, जिससे आप भी खुश और आपके बच्चे भी‌।

तो हम लेकर आए हैं Homemade Nuggets की recipe, वो भी airfryer में, मतलब बच्चे रुकेंगे नहीं और आप रोकेंगी नहीं।

तो चलिए, देखते हैं instantly airfryer में बनने वाले nuggets की recipe…

Homemade Nuggets (the airfryer style)

Ingredients :
  • Par-boiled potatoes - 250 gm.
  • Corn flour -  2 to 3 tbsp. 
  • Butter - 2 to 3 tbsp. 
  • Garlic - 8 to 10 cloves
  • Chill flakes - 1 tbsp./as per taste 
  • Salt - as per taste
  • Parsley (optional)

Method :
  1. लहसुन को छीलकर कर finely chop कर लीजिए।
  2. आलू और मक्खन को grate कर लीजिए।
  3. अब इन आलुओं में मक्खन, नमक, chopped garlic, chilli flakes और cornflour डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  4. अब इसका cubical shape या अपने मनपसंद shape में बना लीजिए, फिर इसे एक दिन के लिए freezer में set होने के लिए रख दीजिए। 
  5. इसके आगे का method, हम पहले जो recipe डाल चुके हैं, उसके according ही होगा, तो आप दिए गए link पर click कर लें- Frozen Snacks (the airfryer style) 
Scrumptious and nutritious homemade nuggets are ready to serve.


Tips and Tricks :
  • आलू जब उबालें तो केवल दो whistle high flame पर ही लगाएं। इससे आलू al-dente stage पर boil होगा। आलू की इस stage पर nuggets बनाने से binding भी हो जाएगी और crisp भी अच्छा आएगा।
  • आप अगर लहसुन नहीं खाते हैं तो उसे discard कर दीजिए, हालांकि frozen nuggets में garlic होता है, और उसके कारण ही tasty लगता है।
  • Butter को जमी हुई स्थिति में ही grate करके mix करने से अच्छा result आता है।
तो देर किस बात की, आज ही ये homemade nuggets बनाएँ और बच्चों की vacations yummy बनाएँ…