Friday, 18 September 2026

Recipe : सेव टमाटर की सब्जी

आज आपके लिए एक ऐसी recipe share कर रहे हैं, जो कि एक नहीं बल्कि दो-दो states की delicacy है।‌

इसकी एक खासियत यह भी है कि जब घर में सब्जी न हो, तब भी आप इसे घर में बना सकते हैं। उसके साथ ही यह instantly और easily prepare होने वाली dish है। 

और taste? वो तो बहुत ही बढ़िया है…

सेव टमाटर की सब्जी


Ingredients :

  • Tomatoes (red & ripe) - 4 (medium)
  • Ratlami sev - 1 cup 
  • Clarified butter (ghee) -  2 to 3 tbsp.
  • Small mustard seeds - ½ tsp.
  • Cumin seeds - ½ tsp.
  • Asafoetida - ¼ tsp.
  • Onion - 1 (medium)
  • Ginger - 1 inch 
  • Garlic - 4 to 6 cloves 
  • Green chillies - 2/as per taste 
  • Kasuri methi - 1 tsp.
  • Turmeric powder - ½ tsp. 
  • Kashmiri Lal Mirch - 1 tsp. 
  • Coriander powder - 1 tsp.
  • Salt - as per taste 
  • Sugar - ½ tsp.


Method :

  1. प्याज़ और हरी मिर्च को finely chop कर लीजिए।
  2. 2 टमाटर, लहसुन और अदरक को mixer grinder में डालकर fine paste बना लें।
  3. 2 टमाटर को coarsely chop कर लीजिए।
  4. 1 wok लीजिए, उसमें घी डालकर गर्म करें। अब गर्म घी में हींग, राई और जीरा डालकर चटकाएं।
  5. अब इसमें finely chopped प्याज डालकर सुनहरा होने तक पकाएं। अब इसमें कटे टमाटर और हरी मिर्च को डालकर हल्का-सा भून लें।
  6. अब इसमें हल्दी powder, कश्मीरी लाल मिर्च powder, धनिया powder, कसूरी मेथी, नमक और चीनी डालकर थोड़ा-सा भूनें।
  7. अब इसमें टमाटर-लहसुन-अदरक के paste को डालकर तब तक भूनें, जब तक मसाला घी छोड़ने लगे।
  8. अब इसमें 1½ cup पानी डालकर ढककर पकाएं।
  9. टमाटर की gravy में proper texture आ जाने पर gas off कर दीजिए।
  10. Serving से पहले गर्म टमाटर gravy में रतलामी सेव डालकर अच्छे से mix कीजिए।
  11. अब इसमें finely chopped धनिया पत्ती से garnishing कर दें। 

The irresistible delicacy Sev Tamatar ki Sabzi is ready to serve! Enjoy it as it is, with Bhakri (millets/multigrain roti), Chapati, or rice.


Tips and Tricks :

  • सेव टमाटर की सब्जी राजस्थान और गुजरात दोनों states की delicacy है।जहाँ राजस्थानी सब्जी का flavour spicy होता है, वहीं गुजराती सब्जी का flavour sweet और sour होता है, क्योंकि इसमें गुड़ या चीनी भी ठीक amount में पड़ता है।
  • राजस्थानी (मारवाड़ी) सब्जी में घी डालते हैं, जबकि गुजराती सब्जी में घी या तेल दोनों में से कुछ भी ले सकते हैं।
  • राजस्थानी flavour में प्याज़, लहसुन व अदरक डालते हैं, specially लहसुन को अधिक मात्रा में डालते हैं। वहीं गुजराती flavour में बिना प्याज़-लहसुन के भी बनाई जाती है।
  • आप को जो flavour (राजस्थानी या गुजराती) ज्यादा पसंद हो, अपने taste के according वैसी बना सकते हैं।
  • इसे गुजराती (काठियावाड़ी)में सेव तमेटा नू शाक (sev tamatar ki sabji) भी कहते हैं और राजस्थानी(मारवाड़ी) में सेव टमाटर री सब्जी कहते हैं।
  • इसमें टमाटर लाल और पके हुए लीजिएगा, क्योंकि उससे ही authentic taste आएगा।
  • आपको टमाटर खड़े (bite texture) या गले जैसे पसंद हों, उसके अनुसार टमाटर के टुकड़ों को पकाएँ। दोनों ही तरह से serve किए जाते हैं। 
  • कहीं-कहीं इसमें दही, करी पत्ता इत्यादि भी डालते हैं, पर authentically नहीं।
  • हमने इसे घी से बनाया है, इससे सब्जी का स्वाद enhance हो जाता है, आप चाहें तो तेल में भी बना सकते हैं। 
  • पर ध्यान रखिएगा कि इस सब्जी का मसाला तब तक भूनते हैं, जब तक अगर घी डालकर बना रहे हैं तो घी छोड़ेगा और अगर तेल डालकर बना रहे हैं तो तेल छोड़ेगा।
  • ध्यान रखिएगा, जब कभी आप मसाले में टमाटर puree डालकर भून रहे हैं, तो उसे बीच-बीच में ढककर भूनेंगे तो वो जल्दी घी या तेल छोड़ता है। इस तरह से छूटे हुए घी या तेल को रोगन कहते हैं।
  • आप मसाले में नमक डालते समय ध्यान रखिएगा कि सेव में भी नमक है, तो सही amount में नमक डालें, अन्यथा ज्यादा नमक हो जाएगा।
  • हमने राजस्थानी (मारवाड़ी) flavour की सब्जी बनाई है, पर ½ tsp. sugar भी डाली है। आप चाहें तो इसे discard कर सकते हैं। पर इतनी चीनी से टमाटर की खटास और spicy flavour balance होते हैं। स्वाद में मिठास नहीं आती है, बल्कि taste enhance होता है।
  • आप चाहें तो चीनी की जगह गुड़ भी डाल सकते हैं। पर एक बात ध्यान रखिएगा कि अगर आप गुजराती flavour चाह रहे हैं, तो चीनी या गुड़ का amount बढ़ा कर इतना डालना है कि सब्जी में मिठास भी आए।
  • रतलामी सेव से ही perfect taste आता है, जो‌ कि online भी बहुत easily available है। लेकिन अगर आप के पास रतलामी सेव न हो, तो आप इस सब्जी के लिए मोटे‌ सेव use कीजिएगा।
  • रतलामी सेव, अपने आप में काफ़ी spicy flavour के होते हैं। इसलिए सेव टमाटर की सब्जी बनाने से पहले सेव चख लें और उसके अनुसार ही टमाटर की gravy में spice डालें। 
  • जिससे सब्जी आपके taste के according spicy बने, न‌ कि overspicy.
  • सब्जी में सेव डालकर ज़्यादा देर रखने से सब्जी रसेदार से सूखी में बदल जाती है। सेव गलकर मुलायम हो जाएँगे, घुल जाएँगे, जिससे सारा taste spoil हो जाएगा।
  • इसलिए serve करने से पहले एक बार gravy अच्छे से गर्म कर लें और जब आप खाना खाने बैठ गए हों, तभी सेव डालकर अच्छे से चला लें। और सिर्फ उतनी gravy में सेव डालें, जितनी तब use हो।
  • आप gravy बनाकर दो-चार दिन के लिए refrigerator में store करके रख सकते हैं। 
  • Gravy को थोड़ा पतला ही बनाएँ, क्योंकि सेव डालने से gravy गाढ़ी होने लगती है।
  • Gravy का amount थोड़ा बढ़ा कर रखें, क्योंकि सेव डालते ही वो gravy को soak करना शुरू कर देती है।

इतनी आसान थी सेव टमाटर की सब्जी, खुद भी खाएँ और दूसरों को भी खिलाएँ यह “instant delicacy”! 

Thursday, 17 September 2026

Poem : आपदा को अवसर

भारत के प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र दामोदरदास मोदी जी एक प्रेरणास्रोत हैं। उनकी जीवन यात्रा अत्यंत कठिन रही है, फिर भी वो डिगे नहीं, डटे रहे और उन्होंने वो प्राप्त किया जो आसान नहीं था।

उनके जन्मदिवस पर यह कविता उनकी ऊर्जा और शक्ति को समर्पित है। इस का मुख्य कारण उनका शांति से हर कठिनाई से जूझना है और उनके जीवन का एक मूलमंत्र है।

आज उसी को कविता में पिरोया है। इसका सार समझने का प्रयास कीजिएगा, तो जीवन में सफल होंगे यह सुनिश्चित है…

आपदा को अवसर



जीवन कठिन है,

कठिनता ही जीवन है। 

हम इस बात को,

भूल क्यों जाते हैं?

थककर, बैठकर,

उसे कोसते क्यों जाते हैं?

उससे कुछ हल नहीं होगा,

नए जोश के साथ,

चलो, उठो, लड़ो। 

और आओ मन में, 

नया उत्साह जगाते हैं।

जो दे न सकी ज़िंदगी, 

उसे छीनकर लाते हैं। 

चलो इस आपदा को 

अवसर बनाते हैं…


आज की इस कविता को पढ़कर, बहुत से लोग हमें मोदी भक्त कहेंगे, तो कोई अंधभक्त, तो कुछ शायद चाटुकार भी बोल दे।

उनकी सब बातें हमारे लिए कोई मायने नहीं रखती है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह कविता मोदी जी पर नहीं, बल्कि उनके अथक प्रयासों और परिश्रम के ऊपर आधारित है।

नमन है एक ऐसे मनुष्य को जिसने साबित कर दिया कि परिश्रमी मनुष्य सफलता के शिखर पर अवश्य पहुंचता है।

अगर आप कविता का सार समझेंगे तो अवश्य ही जान जाएँगे कि यह कविता प्रेरणा स्रोत की ज्योति है, जिसने अपने अंदर जला ली वो सफल अवश्य होगा…

Wednesday, 16 September 2026

Article : Human Reservation

Article- AI Boon or Bane को बहुत पसंद किया गया है, अगर आप ने नहीं पढ़ा है तो click करके पढ़ सकते हैं- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/article-ai-boon-or-bane.html?m=1

आज उसके आगे की बात करेंगे हम, कि अगर हमने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो क्या-क्या हो सकता है।

आपको title पढ़कर लगा होगा कि इसका क्या मतलब है, जातियों को लेकर वैसे ही काफी reservations हैं, फिर आखिर यह क्या बला है?

पर आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह कोई बला नहीं है, बल्कि लापरवाही रखी गई तो शीघ्र ही व अवश्य ही यह हम सबका भविष्य होगा…

Human Reservation


जिस तरह से AI tools, chatbots, और Generative AI का use किया जा रहा है, तो वो दिन दूर नहीं जब लोगों का न तो दिमाग काम करेगा, न मेहनत करने की इच्छा होगी, न उनमें creativity की क्षमता होगी, न काम में novelty, न originality।

फिर क्या लगता है आपको, ऐसे लोगों को jobs मिलेंगी? बिल्कुल नहीं मिलेंगी, कौन रखेगा नकारा और नाकाम लोगों को? यूँ कोई अपनी कमाई व्यर्थ के लोगों पर जाया नहीं करेगा।

फिर आज AI chatbots को initiate करने के लिए हमारी requirements हैं, आगे वो भी नहीं होंगी। हम इन पर dependent होते जाएंगे और ये उतने ही independent.

तब jobs के लिए reservation जातिगत नहीं, बल्कि इंसानों के लिए मांगना होगा। तब reservations के लिए मांग ऐसी होगी कि “इतने % humans employees” होने ही चाहिए।

अगर आप अपने बच्चों के लिए ऐसा भविष्य नहीं चाहते हैं, तो उन्हें encourage कीजिए कि वो AI help लें, guidance लें पर नकल न करें, उन पर dependent न हों। अपने काम को वो अपनी skill और अपनी creativity से complete करें। 

उनको अपना assistant बनाएँ, उनके slaves न बन जाएँ। इतिहास गवाह रहा है, जब-जब slaves को overpower किया गया, system corrupt अवश्य हुआ है।

फिर AI तो इतने अधिक powerful होते हैं, कि अगर यह overpower हो गये, तो विनाश को कोई नहीं रोक सकता है।

अपनी creativity, novelty, originality को मरने मत दीजिए, क्योंकि इंसान ईश्वर की बनाई कृति है, और इंसान जब तक अपनी शक्ति को जागृत रखेगा, उसका मुकाबला संसार में कोई नहीं कर सकता है। 

और एक बात ध्यान रखिएगा, कि आपको जो यह AI super intelligent, skillful, prompt, creative और perfect लग रहें हैं, उसके पीछे भी एक इंसान की ही intelligence, creativity, skills, knowledge और experience ही है। 

मतलब AI के ऊपर इंसान था और रहना भी चाहिए। अगर यह सोच रखेंगे तो इंसान हमेशा सफल रहेगा और वैसे भी reservations जिसको मिलता है, वो खोखला और कमजोर होता जाता है।

इसलिए विकास के लिए reservations हर ओर से ख़त्म हो जाना चाहिए, न humans के लिए और न अलग-अलग जातियों के लिए।

देश का विकास, समाज का विकास, जाति का विकास, व्यक्ति का विकास, तभी हो संभव, जब सफलता की राह उसे अपनी मेहनत और क्षमता से मिले न कि किसी reservations के कारण।

जय हिन्द, जय भारत!

Tuesday, 15 September 2026

Article : AI - Boon or Bane

हर दौर में अपनी एक आधुनिकता आती है, जो सबके सिर चढ़कर बोलने लगती है। आजकल का दौर चल रहा है AI का- मतलब ChatGPT, Google Gemini, Meta AI, Grok AI, Perplexity AI, Copilot AI, Claude इत्यादि।

छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों तक, सब इन्हें use कर रहे हैं। Offices, schools, colleges, competitions, या partues, हर जगह AI का बहुत अधिक use देखा जा सकता है।

सच में इसके use से आपकी problem कुछ पलों में सुलझ जाती है। ऐसा लगता है, मानो कोई जादू की छड़ी हाथ लग गई हो…

AI - Boon or Bane


Office work हो, जैसे calculations, excel sheet पर काम, ढेरों files में tally करना, कोई presentation prepare करनी हो etc., सब चुटकियों में।

School में बच्चों को नई information देनी हो, उन्हें project ready करना हो, competitions के लिए GD (group discussion) ready करना हो, speech देनी हो, debate करनी हो, etc. सब झटपट ready, वो भी बिना किसी के guidance के।

और parties में चार चांद लगाना, अब न मुश्किल है, न महंगा। बस एक prompt डालिए और ढेरों एक से बढ़कर एक ideas, और खुद न कर पाओ तो कौन कर सकता है उसके ढेरों options भी।

सच में जिंदगी आसान हो गई है AI chatbots के आने से। पर क्या सच में AI boon ही है, या इनके आने से कुछ ऐसा भी हो रहा है, जो अभी दिखाई नहीं दे रहा है। पर कहीं न कहीं बहुत तेजी से खत्म होती जा रही है।

जी हाँ, यह जितना ज़्यादा boon है, उससे कहीं ज़्यादा bane भी है। आप गौर कीजिए कि इसके आने से creativity बहुत तेजी से खत्म हो रही है।

इसका ताज़ा उदाहरण बताते हैं आपको, हमारे बेटे के school में Inter-School Debate Competition था। उसने तो अपनी speach ready की थी।

पर जब debate for and against में start हुई, तो पता चला कि आधे से अधिक schools के बच्चों ने अपनी speech AI से prepare की थी। नतीजा, सारे बच्चे एक सा रटा-रटाया content सुना रहे थे। यहां तक कि examples भी change नहीं किए गए थे। उस debate का result बताने की जरूरत है?

हमारे बेटे की speech top पर थी, हर कोई उसकी तारीफ करते नहीं थक रहा था, उन schools के teachers भी तारीफ कर रहे थे जिन schools के बच्चे AI से speech ready कर के लाए थे।

अब दोष किसको दें- उन बच्चों को, उनके parents को, उनके teachers को, या इस AI को?

यही हाल offices में  है, जहाँ पहले घंटों की मेहनत से presentation prepare की जाती थी, वहीं आज मिनटों में काम निपटा दिया जाता है। पर नतीजा, सबकी presentation एक सी, अब ऐसी presentation को marvellous कहा जाए या कामचोरी से नवाजा जाए?

Parties में भी पहले-सी novelty नहीं दिख रही है, सब होड़ में लगे हैं, घंटों का काम मिनटों में करने में। इससे ऐसा लगता है, मानों खूबसूरत पल भी किसी तरह काम-निपटें में तब्दील हो गया है।

हम ऐसा नहीं कह रहे हैं कि AI न करें, पर इस तरह से कीजिए कि वो boon रहे और bane न बने। आप उससे ideas लीजिए, guidance लीजिए, पर उससे नकल मत कीजिए। 

क्योंकि जब आप मेहनत करेंगे, अपनी creativity डालेंगे, तभी novelty आएगी।‌ और यही है, जिससे आपके काम की value होगी, वरना क्या होगा, यह आपको अगले article में share करेंगे।

Stay tuned…

Monday, 14 September 2026

Poem : गणपति व हिन्दी

आज का दिन अतिविशेष है, हमारी जिंदगी को सजाने-संवारने वाली, माँ जगदम्बा और माँ भारती, दोनों के लाडले बेटे और लाडली बेटी का आगमन एक साथ ही है। गणेश चतुर्थी और हिंदी दिवस एक ही दिन है।

जब दोनों साथ आ रहे हैं, तो भव्य स्वागत भी साथ में होना चाहिए, तो आज की यह कविता दोनों के श्रीचरणों में समर्पित है। दोनों ही हम सब का कल्याण करें…

गणपति व हिन्दी


सत्य सनातन के तुम स्वामी,

गणपति तुम हो अंतर्यामी। 

तुम ही हो अंत, तुम्हीं हो आरंभ,

जीवन का हो तुम से शुभारंभ।।


भारत माँ की लाडली बेटी, 

सौंदर्य को खुद में है समेटी।

जगमग करती है उसकी बिंदी, 

माँ की सबसे बड़ी बेटी है हिंदी। 


एक है आदि-अंत,

एक है अविरल धारा।

दोनों के आशीष बिना,

संभव नहीं संसार हमारा।।


एक की माँ है जगदम्बा,

एक की माँ है भारती।

आ रहे दोनों ही साथ में,

आओ उतारें उनकी आरती।।


मोदक का हम भोग लगाकर,

गणेश जी की जय हिन्दी में गाएँ।

शीश झुकाकर, जयघोष लगाकर,

दोनों से नित-नित आशीष पाएँ।।


गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया!

जय हिन्द, जय हिन्दी!

Saturday, 12 September 2026

Recipe : Barista Rice

आज आप के लिए एक ऐसी recipe share कर रहे हैं, जो caféteria और youngsters की party में खूब boom कर रही है।

और सबसे बड़ी बात यह है कि बहुत easily prepare भी हो जाएगी। 

बल्कि पूरी recipe पढ़कर शायद आप को यह भी लगे, कि यह कौन-सी नई recipe है।

सही बात है, बिल्कुल नई नहीं है, बस इसका नाम और presentation fancy है और खूब पसंद किया जा रहा है…

Barista Rice


 Ingredients :

  • Basmati Rice- 1½ cup 
  • Onions- 3 (large, thinly sliced)
  • Whole spices- Bay leaves = 2, Green cardamoms = 3, Cinnamon = 1 inch, Cloves = 3 black peppercorn - 4 to 6 
  • Cumin seeds- 1 tsp.
  • Ghee : 3 tbsp.
  • Salt- As per taste
  • Coriander leaves - for garnishing

Method :
  1. चावल को दो-तीन बार अच्छे से धोकर ½ hour के लिए भिगा दें।
  2. 1 wok लीजिए, उसमें 2 tbsp घी डालकर गर्म कीजिए।
  3. अब उसमें thinly sliced onion और ¼ tsp. salt डालकर medium flame पर crispy golden brown होने तक fry करें। 
  4. फिर इसे निकाल कर रख दें।
  5. एक sauce pan लीजिए, उसमें 1 tsp. घी गर्म करें।
  6. अब इसमें भीगे हुए चावल व नमक डालकर 2 उबाल high flame पर, फिर flame slow कर लीजिए।
  7. Pan को ढककर चावल पकाएं। चावल just done and fluffy होने तक पकाएं।
  8. चावल को 15 to 20 minutes के लिए एक plate में फैलाकर पूरी तरह से ठंडा कर लीजिए।
  9. अब एक wok लीजिए, उसमें 1 tbsp घी गर्म कीजिए, फिर उसमें जीरा और सभी whole spices डालकर चटकाएं।
  10. अब ठंडा किया हुआ चावल डालकर, हल्के हाथों से चलाकर toss कर लें, जिससे whole spices का flavour rice में incorporate हो जाए।
  11. अब थोड़ा Barista बचाकर, बाकी rice में डालकर, हल्के हाथों से toss कर लीजिए।
  12. बाकी बचे Barista और finely chopped fresh coriander leaves से serving time पर rice की garnishing कर दें।
That's it, your sizzling Barista Rice is ready! Savour it as it is or make it a deadly combo with Kadhi (click on this link for its recipe- https://shadesoflife18.blogspot.com/2025/09/recipe-kadhi-pakori.html?m=1) or any other curry of your choice.
Having it with Burani Raita makes it irresistible. We will be sharing its recipe soon, so stay tuned!

Tips and Tricks :
  • Fried and crispy onion का ही fancy नाम Barista है। तो ध्यान रखिएगा कि आप जो onion fry करके रख रहे हैं, वो golden brown and crispy होना चाहिए।
  • ध्यान रखिएगा कि न तो ऐसा हो कि onion crispy न हो, और न ही जला हुआ होना चाहिए। इसलिए ही onion fry करते समय salt ज़रूर डालें। नमक डालने के तीन फायदे हैं-
  1. Cooking fast होगी।
  2. Onion देर तक अपना texture और crisp पकड़े रहेगा।
  3. Onion slices itself में ज्यादा tasty लगेंगे।
  • Onion की tendency होती है, कि उसमें gas से हटाने के बाद भी cooking process चलती रहती है, तो बस golden brown और crispy texture आते ही उसे wok से बाहर निकाल लें, rest cooking वो बाहर कर लेगा।
  • Rice थोड़ा ठंडा होने के बाद ही toss कीजिए, इससे चावल अपना shape and texture अच्छे से रख लेता है।
  • बहुत गर्म rice toss करने से rice आपस में चिपकने लगेंगे, खिले-खिले नहीं रहेंगे। तो taste café जैसा नहीं आएगा।
  • Rice basmati या short grain लें सकते हैं, as per taste और availablity.
  • Barista से serving-time पर garnish ज़रूर करें।
  • दो बातें; (1) Garnish अवश्य करें, उससे look and taste दोनों आएगा। (2) Serving से पहले नहीं करना है, वरना onion slices soggy हो जाएँगे, तो taste spoil हो जाएगा। 
  • आप चाहें तो कुछ veggies, जैसे corn, मटर, capsicum, dry fruits etc. भी add कर सकते हैं। But then आपको Barista Rice का unique taste नहीं मिलेगा।
  • Café में यह Barista rice or Barista pulao के नाम से मशहूर है।
अब अपने बच्चों के लिए बनाएँ यह special caféteria recipe अपने घर में…

Friday, 11 September 2026

Tip : Black Hair

हम इंसानों की एक फितरत होती है, कि हम कभी भी बूढ़ा नहीं होना चाहते हैं। उसे जितना रोका सकते हैं, रोकना चाहते हैं।

Ageing को रोका तो नहीं जा सकता है, पर हाँ थोड़ा delay अवश्य किया जाता है।

Ageing में एक effect बालों का सफ़ेद होना भी है।

बाल लम्बे समय तक काले कैसे रहें और उनके बारे में और जानकारी आपको इन links को click करके मिल जाएगी-

पर अगर हो गए हैं तो उन्हें naturally काला कैसे किया जाए, आज उसकी ही tip share कर रहे हैं…

Black Hair


Ingredients :


Method :

  1. मगरैल को थोड़ा-सा भून कर पीस लें, उसमें आंवला powder और भृंगराज powder डालकर मिला लें, उसमें दही डालकर अच्छे से mix कर लीजिए। 
  2. इसे सिर पर लगाकर 15 min रखें, फिर धो लें।
  3. ऐसा सात हफ्ते में एक दिन करके result खुद देखें कैसा रहा।
  4. अगर आप संतुष्ट हों तो आगे भी जारी रखें।

Note:

सारी ही natural चीजें हैं, अवश्य फायदा करेंगी और अगर न करें तो भी नुकसान बिल्कुल नहीं करेगी।

यह remedy, हमारे एक viewer ने भेजी थी, उनके द्वारा आज़माई हुई है। natural ingredients हैं, तो side effects कम होने की chances है, फिर भी आप patch test अवश्य करें, उसके बाद ही use करें।


Disclaimer :

The tips and remedies mentioned above are only for general information, and have been stated on the basis of experiences. They might be beneficial, but no guarantee about effective results could be taken. It can also never substitute any kind of medication. Consult a doctor for more information and before any kind of medication. Remember, only doctors can completely help someone become healthy and healthier.

Thursday, 10 September 2026

Story of Life : मजबूरी का सौदा (अंतिम भाग)

मजबूरी का सौदा (भाग-1) के आगे…

मजबूरी का सौदा (अंतिम भाग)


उसने पूरे गांव में मुनादी करवा दी, कि जिसने-जिसने भी उससे पैसे उधार लिए थे, वो सब जिस भी हालात में हैं, आज तुरंत ही उसके घर पर पहुंचे।

अब पैसा उधार लिया था, तो जाना तो पड़ता ही। सब पहुंच कर हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगे, थोड़ी और मोहलत दे दें वो जल्दी ही सारा पैसा चुका देंगे। वैसे भी उनके पास गिरवी रखने को और कुछ नहीं है।

रमाकांत ने सबको शांत किया और सबके सामने हाथ जोड़कर खड़ा हो गया। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि रमाकांत को आज क्या हो गया है?

रमाकांत ने कहा- “शिवा मेरा एकलौता बेटा है और बहुत बीमार है। उसका बहुत इलाज कराया है, गांव में बड़े-बड़े शहरों के बड़े-बड़े hospitals में दिखाया पर कोई उसे ठीक नहीं कर पा रहा है।”

“फिर एक बहुत महान बाबा के पास गया, तो उन्होंने कहा कि मेरे काम के दुष्प्रभाव के कारण ही मेरा बेटा इतना बीमार पड़ गया है और ठीक नहीं हो रहा है।”

“उनका कहना था कि तुम लोगों को पैसे उधार देकर तुम्हारी मदद नहीं कर रहा हूं, बल्कि बदले में अपने और अपने परिवार के लिए हाय एकत्रित कर रहा हूं। मैं मजबूरी का सौदा करता हूं।”

“इसलिए आज मैं तुम लोगों के सारे पशु, ज़मीन, घर वापस कर रहा हूं। और आगे से ब्याज पर पैसा नहीं दूंगा।”

यह सुनकर सब बहुत खुश हो गये कि उनके पशु, जमीन और घर वापस मिल जाएंगे। पर जब पता चला कि आगे से पैसा उधार नहीं मिलेगा, सुनकर सब दुःखी भी हो गये कि आगे ज़रूरत पड़ने पर किससे पैसा उधार मांगगे?

सब समवेत स्वर में बोलने लगे, “साहूकार जी, भले हमारा सब कुछ गिरवी रखा रहने दीजिए, पर अगर आप पैसा उधार नहीं देंगे तो हम किस दर पर जाएंगे? कौन हमारा माई-बाप है?”

रमाकांत ने कहा- “मैंने ब्याज पर पैसा देने को मना किया है, उधार देने को नहीं। मैं ज़रूरतमंदों को पैसा उधार दे दूंगा, लेकिन दोबारा उधार पहले का पैसा चुकता हो जाने पर ही दूंगा।”

रमाकांत साहूकार के दयावान स्वरूप को देखकर गांव वालों ने उसकी खूब जय-जयकार की, फिर उसके बेटे शिवा के जल्दी ठीक होने की कामना करते हुए वो ख़ुशी-ख़ुशी अपने घर लौट गए।

चंद दिनों में ही शिवा के स्वास्थ्य में सुधार होने लगा और वह पूर्णतः ठीक हो गया।

रमाकांत समझ चुका था कि मजबूरी का सौदा करके नहीं, बल्कि मजबूरों की मदद करने में सच्ची खुशी है।

रमाकांत को पूरे गांव ने सिर आंखों पर बैठा लिया, अब उसके पास बहुत अधिक धन-दौलत नहीं थी, पर लोगों के मन में उसके लिए मान-सम्मान और प्यार बहुत अधिक था..

Wednesday, 9 September 2026

Story of Life : मजबूरी का सौदा (भाग-1)

मजबूरी का सौदा (भाग-1)


रमाकांत साहूकार ब्याज पर पैसा उधार दिया करता था। उसकी चौखट पर न जाने कितने गरीबों की line लगी रहती थी।

ऐसा नहीं है कि रमाकांत ने नया धंधा शुरू किया था, साहूकारी का काम उसका पुश्तैनी था। पर उसके बाप-दादा ब्याज दर कम रखते थे।

लेकिन रमाकांत का मानना था कि जब यही एक धंधा करना है, तो मुनाफे के साथ करेंगे। 

अधिक दर होने के कारण ब्याज के लिए पैसे न चुकाने के कारण उनकी बैल, जमीन, घर, धीरे-धीरे सब गिरवी रख जाते थे। पर कर्जा फिर भी ख़त्म नहीं हो पाता था। 

गरीब करते भी क्या? पूरे गांव में उसके जितना अधिक पैसा कोई नहीं देता था। एक वही था, जो ज़रूरत पड़ने पर सबसे अधिक पैसा दे देता था।

साथ ही वो कोई बेईमानी भी नहीं करता था, क्योंकि वो पैसे देते समय ही ब्याज दर बता देता था, इस हिदायत के साथ कि पैसा न चुकाने पर पशु, जमीन और घर गिरवी रख लेगा।

ऐसा होते-होते गांव के लगभग आधे घरों के लोगों के पशु, जमीन और घर गिरवी हो गये थे। अब वे अपना खेत जोतते थे, पर उसका ¼ पैसा अपने पास रख पाते थे, बाकी सब रमाकांत के घर पहुंच जाता।

इस तरह से बिना मेहनत और कामकाज के रमाकांत बहुत धनाढ्य व्यक्ति हो गया।

एक दिन…

आगे पढ़ें, मजबूरी का सौदा (अंतिम भाग) में…

Tuesday, 8 September 2026

India's Heritage : Varahamihira - A Legend (Part-2)

कल आपको India's Heritage segment में आचार्य वराहमिहिर के विषय में जानकारी दी थी, जिससे आप समझ सकें कि क्यों है भारत महान और सबसे अधिक प्रतिष्ठा सनातन धर्म को क्यों दी जाती है।

इस link पर click करके आप उस post को पढ़ सकते हैं- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/indias-heritage-varahamihira-legend.html?m=1

आइए, उसके आगे जानते हैं आज के अंक में…

Varahamihira - A Legend (Part-2)


(I) Symbol Reason :

उज्जयिनी और गुप्त साम्राज्य का ‘वराह चिन्ह’ ऐतिहासिक और पौराणिक दृष्टिकोण से सम्राट विक्रमादित्य (जिन्हें गुप्त वंश के चंद्रगुप्त द्वितीय ‘विक्रमादित्य’ से भी जोड़ा जाता है), भगवान विष्णु के परम भक्त थे।

  • धर्म की रक्षा का प्रतीक- सनातन परंपरा में भगवान विष्णु ने पृथ्वी को हिरण्याक्ष नामक राक्षस से बचाने और समुद्र के तल से बाहर निकालने के लिए वराह अवतार लिया था।
  • राजचिन्ह का चयन- विक्रमादित्य ने जब शकों और विदेशी आक्रांताओं को पराजित कर धर्म और राष्ट्र की रक्षा की, तो उन्होंने भगवान वराह को अपना आदर्श माना। जिस तरह वराह देव ने पृथ्वी को संकट से उबारा था, उसी तरह विक्रमादित्य ने अपनी प्रजा को संकट से बचाया था।
  • सिक्कों और ध्वज पर स्थान- इसी के प्रतीक स्वरूप सम्राट विक्रमादित्य ने उज्जयिनी के राजचिन्ह, शाही मुहरों और सिक्कों पर ‘वराह’ (सूअर) की आकृति को अंकित करवाया। यह चिन्ह वीरता, भूमि की रक्षा और अन्याय के खिलाफ विजय का प्रतीक माना गया।
  • वराह उपाधि से सम्मान- भविष्यवाणी के सत्य साबित होने पर राजा विक्रमादित्य ने उनकी विद्वता से प्रसन्न होकर उन्हें राज्य के सर्वोच्च सम्मान ‘वराह’ चिह्न से अलंकृत किया। 


(II) Varahamihira :

वराहमिहिर प्राचीन भारत के एक महान खगोलशास्त्री, गणितज्ञ और ज्योतिषी थे, जो अपनी प्रसिद्ध रचना ‘पंचसिद्धांतिका’ और ‘बृहत् संहिता’ के लिए जाने जाते हैं। उनके मुख्य योगदान और उनकी प्रसिद्धि का अवलोकन भी कर लेते हैं।

  • Astronomy- उन्होंने अपनी पुस्तक पंचसिद्धांतिका में पांच खगोलीय सिद्धांतों का संकलन किया। उन्होंने यह भी बताया कि चंद्रमा और ग्रह स्वयं के प्रकाश से नहीं, बल्कि सूर्य के प्रकाश से चमकते हैं।
  • Mathematics- उन्होंने गणित और त्रिकोणमिति में महत्वपूर्ण कार्य किया। उन्होंने pascal's triangle का प्रारंभिक रूप और magic squares का निर्माण किया। 
  • Brihat Samhita- यह उनका एक विश्वकोश जैसा ग्रंथ है, जिसमें architecture, ग्रहों की गति, ग्रहण, वर्षा, कृषि, और रत्न शास्त्र जैसी विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई है। 
  • Astrology- उन्होंने होराशास्त्र पर 'बृहज्जातक' और 'लघुजातक' जैसे प्रसिद्ध ग्रंथ लिखे, जो भारतीय ज्योतिष में आज भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। 

शायद अब आपको भी एहसास हुआ होगा कि मेरा भारत महान और सबसे ऊपर है सनातन की पहचान...