Saturday, 10 October 2026

India's Heritage : दानवीर कर्ण के पितृ

पितृपक्ष चल रहे थे, जिनका समापन आज, सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा। सर्वपितृ अमावस्या को सनातन धर्म में बहुत बड़ा दिन माना जाता है।

कहा जाता है कि अगर आप को अपने पितरों की तिथि नहीं याद है, या किसी वजह से आप पूजा-अर्चना नहीं कर सकें हैं, तो आज के दिन पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

जैसा कि नाम से ही विदित है, सर्वपितृ अर्थात सभी पितरों के लिए, तो इस एक दिन पूजा-अर्चना, दान-पुण्य, हवन इत्यादि करने से आप अपने सभी पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं, तृप्त कर सकते हैं।

अब कुछ प्रश्न मन में आते हैं, कि “पितृपक्ष का आरंभ कब से हुआ? क्या पितृपक्ष का औचित्य सनातन धर्म में समझाया गया है? क्या किसी पौराणिक कथा में इसका वर्णन है?”

दानवीर कर्ण के पितृ


जी हाँ, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस कथन की पुष्टि करने के लिए एक कहानी का वर्णन है।

और इस कहानी का मुख्य पात्र कोई और नहीं, बल्कि जगत में दानवीर के नाम से सुप्रसिद्ध कर्ण है।

आइए, उसी कथा से समझते हैं कि क्यों आवश्यक है, पितृपक्ष में अन्नदान का महत्व।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, पितृपक्ष और श्राद्ध की शुरुआत महाभारत काल और दानवीर कर्ण की इस प्रसिद्ध कथा से जुड़ी मानी जाती है-

कहा जाता है, महाभारत के युद्ध में मृत्यु के बाद जब दानवीर कर्ण की आत्मा स्वर्ग पहुंची, तो उन्हें भोजन के रूप में सोना और रत्न परोसे गए।

  • Gold Cuisines- वहाँ भूख लगने पर कर्ण को भोजन की थाली परोसी गई। कर्ण ने जब भोजन ग्रहण करना चाहा, तो सारा भोजन सोने के टुकड़े और आभूषण में बदल जाता था। कर्ण यह देखकर हैरान हो गया, तब कर्ण ने देवराज इंद्र से इसका कारण पूछा।
  • Indra Dev's Reply- इंद्रदेव ने कर्ण को बताया कि उन्होंने जीवनभर सोना और धन तो दिल खोलकर दान किया था, लेकिन अपने पूर्वजों (पितरों) के निमित्त कभी अन्न, जल या तर्पण नहीं किया था।
  • Lack of Knowledge and Penance- कर्ण ने विनम्रता से कहा कि वे तो जीवनभर यह जानते ही नहीं थे कि उनके असली माता-पिता और पूर्वज कौन हैं, क्योंकि उनका पालन-पोषण राधा और अधिरथ ने किया था। इसलिए उन्होंने कभी उनके नाम से श्राद्ध या अन्नदान नहीं किया।
  • An Opportunity- कर्ण की यह समस्या और उनकी उदारता को देखकर उन्हें अपनी भूल सुधारने के लिए 15 से 16 दिनों के लिए पुनः पृथ्वी पर लौटने की अनुमति दी गई।
  • Donation and Food- धरती पर आकर कर्ण ने अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए 16 दिनों तक विधि-विधान से श्राद्ध किया, पिंडदान किया, तर्पण किया और जरूरतमंदों को भरपेट अन्न, जल व वस्त्रों का दान किया।
  • Beginning of Pitri-Paksha- जब कर्ण के ये 16 दिन पूरे हुए और वे वापस स्वर्ग लौटे, तब उनकी भोजन की थाली सोने के बजाय असली अन्न से भरी हुई थी। मान्यता है कि कर्ण द्वारा किए गए इन्हीं 16 दिनों के अनुष्ठान के बाद से ही पितृपक्ष (श्राद्ध पक्ष) की शुरुआत हुई, ताकि लोग अपने-अपने पितरों को याद कर उनका तर्पण कर सकें।

सनातन धर्म में पौराणिक कथाओं के माध्यम से हमें सरल व सटीक उपाय बताए जाते हैं, जिससे हम सहजता से उसे अपना सकें। 

सभी पितरों को सादर प्रणाम, आप सब की कृपादृष्टि सदैव हम सभी पर बनी रहे...

Friday, 9 October 2026

Article : Organic Revolution

(I) Our Inspiration :

आज का यह article कोई information को share करने के लिए नहीं डाल रहे हैं, बल्कि एक appeal, एक awareness के लिए डाल रहे हैं।

इसलिए इसे जितना हो सके forward कीजिए, अगर आप भी Cancer से खुद को और अपने परिवार को बचाना चाहते हैं तो।

यह article movie The India Story देखने के बाद लिखने की प्रेरणा मिली। इसमें Green Revolution को रोक लगाकर अब Organic Revolution करने की appeal की गई है।

जो कितनी आवश्यक है, उसे समझने से पहले यह जानते हैं कि green revolution क्या है, यह क्यों शुरू किया गया था, और अब इसकी आवश्यकता क्यों नहीं है…

Organic Revolution


(II) The Requirement :

1966 की बात है, Tashkent (Uzbekistan) में रहस्यमय तरीके से भारत के Prime Minister Lal Bahadur Shastri Ji की मौत हो गई। 

इसके पीछे किसका हाथ था? आखिर क्या राजनैतिक कारण था? आज तक clear नहीं हुआ है। 

उस समय देश में भुखमरी जैसे हालात पैदा हो गये थे, अतः कोशिशें की जाने लगी कि किस तरह से produce बढ़ाई जाए, कैसे देश को भुखमरी से निकाल कर self-dependent बनाया जाए।

भारत में Green Revolution की शुरुआत 1960 के decade के उत्तरार्ध (लगभग 1966-67) में हुई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य देश को produce के मामले में आत्मनिर्भर बनाना था।

Green Revolution agriculture में आधुनिक techinques, HYV (High Yield Variety) seeds और chemical fertilizers के प्रयोग से produce में भारी वृद्धि करने की एक ऐतिहासिक पहल है।


(III) Historical Overview :

  • International Father- Norman Borlaug को international level पर green revolution का father माना जाता है।
  • Indian Father- Dr. M.S. Swaminathan India में green revolution के प्रमुख pioneer और father थे।
  • Word Usage- ‘Green Revolution’ शब्द का सबसे पहले प्रयोग William Gaud ने किया था।


(IV) Major Details :

  • HYV seeds- High Yielding Variety seeds का उपयोग विशेषकर गेहूं और चावल के लिए किया गया। इससे भारत को अनाज के Import पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।
  • Ploughing- Wells और advanced ploghing साधनों का विस्तार।
  • Fertilisers & Pesticides- Chemical fertilizers और pesticides का बड़े पैमाने पर प्रयोग।
  • Machinery- Traditional तौर-तरीकों की जगह tractor, harvester, tubewell, thresher और advanced agricultural implements का उपयोग शुरू हुआ।


(V) Positive Impacts :

  • Food Sufficient- भारत अनाज के मामले में self-dependent बन गया और भुखमरी की समस्या में कमी आई।
  • Higher Produce- Wheat और paddy के उत्पादन में record-breaking तीन गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। 
  • Economic Increase- विशेष रूप से Punjab, Haryana और western Uttar Pradesh के farmers की income बढ़ी और वे subsidence farming से निकलकर commercial farming की ओर अग्रसर हुए।
  • More Employment- Farming prodyce बढ़ने, harvesting के चक्र में तेजी आने और machinery से rutal areas में employment के नए अवसर पैदा हुए।


(VI) Negative Impacts :

  • Regional Inequality- Green Revolution का लाभ मुख्य रूप से Punjab, Haryana और western Uttar Pradesh तक ही सीमित रहा, जबकि देश के अन्य पिछड़े हिस्से इससे वंचित रह गए।
  • Urban-Rural Divide- Advanced agricultural techniques (बीज, उर्वरक, machines) महंगी होने के कारण इसका पूरा लाभ बड़े और अमीर किसानों को मिला, जबकि छोटे व गरीब किसान पीछे छूट गए।
  • Barren Land- Chemical fertilizers और pesticides के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी की natural fertility घटने लगी और भूमि barren होने लगी।
  • Groundwater reduction- धान और गेहूं जैसी अधिक पानी चाहने वाली crops के कारण अंधाधुंध नलकूप चलाए गए, जिससे कई क्षेत्रों में groundwater level काफी नीचे चला गया।
  • Nature Degradation- Chemical व pesticides के अवशेषों से water और air pollution बढ़ा, जिसका बुरा प्रभाव human health और biodiversity पर भी पड़ा।


(VII) Emergence of Cancer :

नकारात्मक प्रभाव में मुख्य रूप से भूमि और मिट्टी की उर्वरता पर असर तथा nature और health को नुकसान शामिल है।

Chemical fertilizers और pesticides के अंधाधुंध इस्तेमाल से सबसे अधिक संकट जो उभर कर सामने आया, वो है cancer जैसी खतरनाक बीमारी का बहुत तेजी से फैलना।

रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से बचने और मिट्टी की उर्वरता, पर्यावरण व स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए organic और natural कृषि पद्धतियों को अपनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जैविक क्रांति।


(VIII) Main Details :

  • Budget Reduction- Organic तकनीकों और prodyce के उपयोग से खेती की लागत traditional chemical farming के मुकाबले लगभग आधी (50% तक) रह जाती है। मतलब मेहनत अधिक और पैदावार कम।
  • Fertility increase- Urea और अन्य chemicals के अत्यधिक उपयोग से खराब हुई मिट्टी की उपजाऊ क्षमता और उसकी softness manure व vermicompost से फिर से बहाल होती है।
  • Natural Fertilizers- Crops को कीटों से बचाने के लिए नीम, धतूरा और सीताफल जैसी प्राकृतिक पत्तियों के fermented घोल का उपयोग किया जाता है।
  • Better Profit- Organic रूप से उगाए गए अनाज, सब्जियां और अन्य उत्पाद market में सामान्य उत्पादों की तुलना में अधिक कीमत पर बिकते हैं, जिससे किसानों की income बढ़ती है।

 

(IX) The Summary :

हरित क्रांति के प्रभाव को कम करने का सटीक उपाय जैविक क्रांति ही है। लेकिन उसके साथ ही यह भी सुन लें कि organic grains, fruits और vegetables अधिक costly होते हैं।

लेकिन एक बार अपने सीने पर हाथ रखकर अवश्य सोचिएगा, कि आपके लिए धन अधिक महत्वपूर्ण है या अपने और परिवार का स्वास्थ्य?

Organic food items थोड़े महंगे अवश्य होते हैं, लेकिन अब भारत की paying capacity और saving इतनी अवश्य बढ़ी हुई है कि हम अपने और अपने परिवार के स्वस्थ को priority प्रदान करें।

हर कोई अधिक लाभ की कामना करता है, अगर हम अधिक खर्च करने को तैयार होंगे, तो किसान भी अधिक खर्च और मेहनत करने को तत्पर होगा। 

हम संकल्प लें कि केवल organic products ही लेंगे, और उसकी बिक्री को बढ़ावा दें। तो वो दिन दूर नहीं, जब organic revolution आ जाए और सभी किसान केवल organic farming करें। 

इससे पर्यावरण के साथ-साथ स्वास्थ्य नवाब भी होगा…

Thursday, 8 October 2026

Article : Nana Patekar- The Great

(I) The “Kalakar” :

Bollywood cinema जगत के दिग्गज कलाकार Nana Patekar आज सुबह 5:20 (A.M.) पर इस नश्वर संसार से विदा हो गए। 

यहाँ उनके लिए अभिनेता नहीं कलाकार शब्द का उपयोग किया है, क्योंकि अभिनेता के अभिनय करने का मुख्य उद्देश्य धनार्जन करना होता है, जबकि एक कलाकार अभिनय करता है कला की सेवा के लिए, समाज के कल्याण के लिए, समाज में क्रांति के लिए।

और नाना पाटेकर की बहुत-सी movies, उनका फिल्मों में role और सादगी से भरा जीवन, उनके कलाकार होने की पुष्टि करता है।

दिग्गज कलाकार नाना पाटेकर भारतीय cinema में अपनी बेबाक शख्सियत, acting की गहराई और सादगी के कारण सबसे अलग माने जाते हैं।

आइए जानते हैं ऐसे कौन से कारण हैं, जो उन्हें सबसे अलग और “great” बनाते हैं…

Nana Patekar- The Great


(II) Why The “Great” :

  • His Deep Acting- उनकी आँखें और आवाज बिना ज्यादा कहे भी बहुत कुछ बयां कर देती थीं। उनके चंद संवाद और ठहरी हुई आवाज़, film में मौजूद अन्य सभी actors और actresses की acting पर भारी पड़ते थे। उन्होंने ‘Parinda’, ‘Krantiveer’, ‘Prahaar’, ‘Khamoshi’, ‘Agni Sakshi’, ‘Yugpurush Yashvant’ और ‘Natsamraat’ जैसी अनेक films में ऐसे किरदार निभाए जो audience के दिलों पर गहरी छाप छोड़ गए।
  • उनका संवाद " एक साला मच्छर आदमी को हिजडा़ बना देता है" बड़े से बच्चों तक सबको याद होगा और सिर्फ यह ही नहीं, अनगिनत ऐसे संवाद हैं, जो उनको हमेशा जीवित रखेंगे।
  • Looks Don't Matter- उन्होंने अपनी acting से एक और बात सिद्ध की कि looks नहीं, बल्कि talent सफलता तक पहुंचाती है। सबसे glamourous समझे जाने वाली जगह में उन्होंने सिद्ध किया कि एक साधारण से नैन-नक्श वाला व्यक्ति भी cinema जगत में आकर अपना वर्चस्व स्थापित कर सकता है।
  • The Comic Seriousness- नाना पाटेकर की image मुख्यतः एक गंभीर और गुस्सेल किरदार निभाने वाले कलाकार की थी।‌ लेकिन ‘Welcome’ जैसी फिल्म में 'Udai Shetty' का किरदार निभाकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि वे comedy में भी बेजोड़ हैं।
  • His Simplicity- उन्होंने कभी flimy चकाचौंध या stardom की परवाह नहीं की। वे खुद एक बेहद सादा जीवन जीते थे। Pune के Singhgadh Fort के पास उनकी लगभग 10 acre जमीन थी, जहाँ वे खुद खेती करते थे और किसानों जैसा जीवन पसंद करते थे।

उनकी यह बात उन्हें कला का उपासक सिद्ध करती हैं। यह तो हुई उनके कला से जुड़े होने की बातें।


(III) The Social Servant :

पर क्या सिर्फ वो एक कलाकार थे? नहीं, बल्कि वो सच्चे देशभक्त भी थे। हम यह क्यों कह रहे हैं?

आइए, इस पहलू को भी देख लेते हैं।

  • Social Contribution- वे केवल पर्दे पर ही actor नहीं थे, बल्कि असल जिंदगी में भी society से जुड़े हीरो ही रहे। बात 2015 की है, जब वे ₹1.5 crore की car खरीदने वाले थे। तब किसानों की su!cide की news सुनकर उन्होंने वह विचार छोड़ दिया और ‘NAAM Foundation’ के जरिए drought-affected किसानों की मदद की।
  • Widow's Pain- पूरी घटना इस प्रकार है। वर्ष 2015 में Maharashtra के Beed district की उनकी एक trip ने उनका perspective बदल दिया। वहाँ उन्होंने debt से परेशान होकर su!cide करने वाले किसानों की कम उम्र की widows और उनके बच्चों की दयनीय स्थिति को अपनी आँखों से देखा, जिसके बाद उन्होंने उनके लिए काम करने का फैसला किया।
  • NAAM Foundation- September 2015 में उन्होंने Marathi actor Makarand Anaspure के साथ मिलकर इस foundation की शुरुआत की। इसके माध्यम से वे Maharashtra के drought-affected क्षेत्रों (Vidarbha, Latur, Usmanabad etc.) के किसानों की economic मदद करते थे।
  • Direct Conversation- वे farmers को su!cide न करने के लिए लगातार encourage करते थे और कहते थे कि किसी भी मुश्किल में वे सीधे उनसे बात कर सकते हैं।
  • Water Conssrvation- उन्होंने सिर्फ economic सहायता ही नहीं दी, बल्कि villages में पानी की कमी दूर करने के लिए check dam, तालाब और water sources को पुनर्जीवित करने का बड़ा काम किया।


(IV) The Patriot :

उनकी जिंदगी से जुड़ा एक और बहुत famous incident है।

  • Army Connection- Acting के अलावा वे Indian Army से भी जुड़े रहे। उन्होंने 1999 के Kargil W@r के दौरान सेवा दी और उन्हें Territorial Army में lieutenant colonel के मानद पद से सम्मानित किया गया था। 
  • Army Training- अपनी film ‘Prahaar’ की shooting और तैयारी के लिए उन्होंने Maratha Light Infantry के साथ करीब 3 साल तक army और commando training ली थी। वे एक अच्छे national level के shooter भी थे।
  • Defence Minister's Consent- W@r शुरू होने पर उन्होंने acting से कुछ समय के लिए break लिया और then Defence Minister George Fernandes से सीधे संपर्क कर युद्ध क्षेत्र में जाने की विशेष consent मांगी।
  • Quick Reaction Team- Consent मिलने के बाद वे Kargil पहुंचे और वहाँ ‘Quick Reaction Team’ (QRT) का हिस्सा बनकर soldiers के साथ करीब 60 दिन तक मैदान में रहे।


इन जैसी और बहुत-सी बातें थीं, जो उन्हें दिग्गज कलाकार और महान personality प्रदान करती हैं।

ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें और अपने में विलीन करें!

Wednesday, 7 October 2026

Recipe : Taco Shells

कल आपको tacos की recipe share की थी (https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/10/recipe-tacos.html?m=1), और कहा था कि आज taco shells की recipe share करेंगे।

तो आज वही share कर रहे हैं। पर उससे पहले बात करते हैं कि इसे healthy option क्यों कहते हैं।

ऐसा इसलिए क्योंकि इसकी topping तो nutritious होती है, beans की patties, veggies, curd, cheese etc.

पर साथ ही साथ इसका जो shell है, वो भी बहुत nutritious होता है, क्योंकि वो maize flour से बना होता है।

तो चलिए, झटपट देख लेते हैं कि कैसे बनता है यह…

Taco Shells


Ingredients :

  • Maize flour - 1 cup 
  • All purpose flour - ½ cup
  • Oil - 1 tbsp. & extra for deep-frying
  • Salt - as per taste
  • Warm water - about ½ cup


Method :

  1. एक large bowl में मक्के का आटा, मैदा, नमक, oil व warm water डालकर semi-stiff dough prepare कर लीजिए।
  2. आटे से छोटी-छोटी गोलियाँ तोड़ लीजिए।अब इनकी रोटियाँ बना लें।
  3. हर रोटी को fork से prick कर लीजिए।
  4. Oil को wok में गर्म होने के लिए रख दीजिए।
  5. Medium slow flame पर golden brown होने तक fry कर लीजिए।
  6. Wok से tacos ऐसे निकालें कि तेल wok में ही निथर जाए।
  7. अब गर्म-गर्म tacos को kitchen towel में रखें, उस पर rolling pin (बेलन) रखें।
  8. अब बेलन पर दोनों tacos को ऐसे fold करें कि taco shells बेलन से थोड़ा लिपट जाएँ।‌
  9. थोड़ी देर hold करके रखें, फिर धीरे से बेलन निकाल लें।

Instant Taco Shells are made at home, without any hassle and hustle. Stuff them with your favourite filling and enjoy!


Tips and Tricks :

  • Maize flour बहुत जल्दी runny हो जाता है, इसलिए पानी slowly डालकर dough prepare करें।
  • Warm water डालने से कम पानी में ही dough prepare हो जाता है।
  • मैदा डालने से अच्छी binding आ जाती है, इससे taco shells ready करना easy हो जाता है। पर मैदा ½ cup से अधिक नहीं डालें, वरना crisp, texture, और taste नहीं आएगा।
  • इसे घी में मत बनाइएगा, वरना texture बहुत देर तक sustained नहीं रहेगा।
  • Maize flour से ही taste and crisp आता है।
  • रोटी को fork से prick अवश्य कीजिएगा, क्योंकि fry करते समय अगर tacos फूल गए तो soft हो जाएँगे और shape contain नहीं रहेगा।

तो healthy और customised tacos बनाएँ और अपने प्यारे बच्चों को खुश कर दें…

Tuesday, 6 October 2026

Recipe : Tacos

Shades Of Life 18 में Indian, Chinese, Italian और European cuisines share कर चुके हैं। अभी और ऐसी dishes लाए हैं, जिन्हें healthy segment में count किया जा रहा है, और बहुत famous हो रही, हैं।

चलिए, उनमें से कुछ आप के लिए share करते हैं। अभी कुछ दिनों पहले Tacos खाए, तो सोचा घर पर try किया जाए।

बनाने से पता चला, आप easily इसे घर में बना सकते हैं। साथ ही filling का flavour अपने accordingly change भी कर सकते हैं…

Tacos


Ingredients :

(A) For filling-

  • Boiled cowpea - ½ bowl
  • Boiled potato - 1 (small)
  • Boiled rice - 1 tbsp.
  • Onion - 1 (small, finely chopped)
  • Ginger Garlic paste - 1 tsp.
  • Coriander leaves - handful
  • Salt - as per taste

(B) For sauce-

  • Coriander sticks - 8 to 10
  • Mint leaves - 5 to 7
  • Mayonnaise - 1 tbsp.
  • Tomato sauce - 2 tbsp.
  • Salt - as per taste
  • Ginger - ½ inch
  • Garlic cloves - 3 to 4
  • Green chilli - as per taste 
  • Oil - 1 tsp.

(C) For salad-

  • Hung curd - 1 tbsp.
  • Mayonnaise - 2 tbsp.
  • Onion - 1 (small)
  • Capsicum - 1 (small)
  • Cucumber - 1 (small)
  • Coriander leaves - handful (finely chopped)
  • Salt - as per taste
  • Red chilli flakes - as per taste

(D) For cheesy flavour-

  • Cheese slices - 2 to 3
  • Milk - 1 tbsp.


Method :

  1. सबसे पहले हम boiled cowpea (‌रमास/लोबिया/चावली) में उबला आलू, उबला चावल, ginger-garlic paste, और नमक डालकर अच्छे से coarsely mash कर लेंगे।
  2. इस mix को shape देकर crispy टिक्की सेक लेंगे।
  3. Sauce के सारे ingredients मिलाकर smooth paste बना लेंगे।
  4. Salad के लिए सारे ingredients के fine jullienne cut करके hung curd और mayonnaise में मिला लीजिए।
  5. Cheese slices को तोड़कर दूध में डालकर 1 minute के लिए microwave करके cheesy dip ready कर लीजिए।
  6. अब taco shell लीजिए, उसमें सबसे पहले टिक्की, फिर sauce, फिर salad, उसके बाद cheesy dip डालकर serve कीजिए।

And that is it! Your nutri-licious trending Tacos are ready to whet your appetite.


Tips and Tricks :

  • Authentically tacos में kidney beans patties, potato patties or non-veg patties लगाते हैं। पर हमने cowpea की patties लगाई हैं, आप चाहें तो kidney beans की भी लगा सकते हैं। 
  • यकीन मानिए, रमास की patties भी बहुत yummy लगती हैं, बल्कि इसका taste थोड़ा sweetness लिए हुए होता है।
  • हमने patties में binding के लिए boiled potato और crisp के लिए boiled rice use किया है।
  • आप अगर oil free mayonnaise डालना चाहें, तो हमारी recipe भी try कर सकते हैं- https://shadesoflife18.blogspot.com/2025/01/recipe-oil-free-mayonnaise.html?m=1
  • Authentically cheese grate करके salad में डाल देते हैं। पर अगर आप को more cheesy flavour पसंद हो तो, cheesy dip ready करके डालिए, बच्चों को वो ज़्यादा attract भी करेगा और tasty भी लगेगा।
  • आप घर पर बना रहे हैं तो customize ज़रूर करें, तभी तो उसे घर पर बनाने का मजा है।
  • आप onion, garlic, ginger, mayonnaise, chillies etc. में से कुछ भी avoid कर सकते हैं, authentic बनने से ज्यादा ज़रूरी है कि आप के पसंदीदा flavour का बने।
  • Salt tacos shell में, patties में, sauce में, और salad में भी डालना है। सबमें डालना है तो balance का ध्यान रखिएगा।

अगर आप को Taco Shells की recipe चाहिए, तो कल उसे share करेंगे, उसे भी आप easily घर पर बना सकते हैं।

तो, stay tuned…

Monday, 5 October 2026

Article : Asian Games 2026

2026 Asian Games का आयोजन Japan के Aichi और Nagoya में 19 September से 4 October 2026 तक किया गया, जो कि कल बहुत-सी जीत-हार के साथ सम्पन्न हो गये।

गर्व की बात यह है कि भारत ने कुल 85 medals जीतकर medal rally में अपना चौथा स्थान बरकरार रखा। 2018 और उससे पहले तक भारत medal ranking में 8, 7, 6, 9वें स्थान पर आता था।

पर‌ 2023 से भारत चौथे स्थान पर आसीन रहने लगा है। 2023 में भारत ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 72 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ था, जब भारत ने medals का आंकड़ा 100 के पार किया है…

Asian Games 2026


इसमें 28 gold, 38 silver, और 41 bronze के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 107 medals देश के नाम किए हैं।

इससे पहले 2018 में भारत ने सबसे अधिक 70 medals जीते थे।

Asian Games 2026 में top ten countries इस प्रकार हैं।


हमारे कुछ बेहतरीन खिलाड़ी, कुछ कारणों से इस साल Asian Games में नहीं पहुंच सके, जिसके कारण 2023 की तरह भारत century नहीं पार कर पाया।

For example, एक promising player, Neeraj Chopra, अपने ligament tear के चलते इस बार Asian Games में participate नहीं कर पाए।

इसके बावजूद Asian Games 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए कुल 85 medals अपने नाम किए।

  • Gold Medals- 21
  • Silver Medals- 27
  • Bronze Medals- 37
  • Total Medals- 85

2023 की ही भांति, Asian Games 2026 (Aichi-Nagoya) में भारत के लिए कई खिलाड़ियों ने एक से अधिक पदक जीते, जिनमें से प्रमुख खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है।

  • Neetu Dhanda (Shooting)- 3 medals (2 gold, 1 silver)
  • Kumkum Mohod (Archery)- 3 medals (2 gold, 1 silver)
  • Ganesh Mani Ratnam Thirumuru (Archery)- 3 medals (2 gold, 1 bronze)
  • Gulveer Singh (Athletics)- 3 medals (2 silver, 1 bronze)
  • Vithya Ramraj (Athletics)- 3 medals (1 gold, 1 silver, 1 bronze)
  • Prathika Pradeep (Archery)- 2 medals (2 gold)
  • Sahil Jadhav (Archery)- 2 medals (2 gold)
  • Jyoti Surekha Vennam (Archery)- 2 medals (2 gold)

हम आशा करते हैं कि हमारे खिलाड़ियों का प्रदर्शन दिन-दूनी रात-चौगुनी गति से बेहतर होता जाएगा और फिर वो दिन दूर नहीं, जब भारत, तीसरे, दूसरे और प्रथम स्थान पर आसीन होगा।

हमें गर्व है अपने सभी खिलाड़ियों पर, उनके शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें अनेकानेक बधाइयाँ, साथ ही जो खिलाड़ी किसी भी कारण से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए ईश्वर अगले Asian Games में उनके प्रदर्शन को और अधिक सार्थक करें, जिससे वे भी विजय हों और हमारा देश भारत पदक तालिका में शीर्ष पर आ जाए।

जय हिन्द, जय भारत!

Sunday, 4 October 2026

Article : श्राद्ध पक्ष- दुःख या त्यौहार

श्राद्ध पक्ष चल रहे हैं और हम इन दिनों में अपने से जुड़े हुए परिवार के सदस्यों की उनकी तिथि के अनुसार पूजा-अर्चना करते हैं।

इसमें हम उनकी पसंद के भोजन व मिष्ठान का भोग लगाते हैं, उनके नाम से कुछ रुपए निकालते हैं, जिसे अनाथ-आश्रम और पूजनीय-आश्रम में दान कर देते हैं।
  • किसी ने पूछा कि आप एक-एक की तिथि जान कर, हर साल पूजा-अर्चना क्यों करती हैं?
  • केवल मातृ नवमी और सर्वपितृ अमावस्या में ही क्यों नहीं कर देती हैं?
  • आपको क्या यह त्यौहार लगता है?
  • इस तिथि में गए हुए सदस्य के जाने का दुःख नहीं लगता है?
श्राद्ध पक्ष- दुःख या त्यौहार


हाँ, सबसे पहली बात श्राद्ध पक्ष के यह 16 दिन एक त्यौहार ही हैं, इसलिए इसे उसी तरह से मनाया जाना चाहिए।

यह त्यौहार इसलिए भी हैं, क्योंकि हमारे सनातन धर्म में इन 16 दिनों में हमारे पितरों को ईश्वर के तुल्य स्थान दिया गया है।

जो दिन, पितरों को ईश्वर के तुल्य बना दें, वो दुःख के दिन कैसे हो सकते हैं?
 
कहा जाता है कि इन दिनों अपने पितरों की पूजा-अर्चना, दान-पुण्य करने से हमें सर्वाधिक पुण्य की प्राप्ति होती है, साथ ही साथ हमारे पितरों को तृप्ति की प्राप्ति होती है।

जहाँ तक रही दुःख की बात, तो बिल्कुल होता है, अपने परिवार के सदस्यों के लिए।

पर आपको बता दें कि दुःख मनाया जाने वाला दिन वो है, जिस महीने व जिस दिन वो गए थे, यह नहीं।

यह नहीं, क्यों?

क्योंकि इस दिन में पूजा-अर्चना इसलिए की जाती है, क्योंकि अपनी तिथि-विशेष में वह सदस्य आपसे मिलने, आपको आशीर्वाद देने के लिए आता है। 

तो उस दिवस को कैसे दुःख का दिन मान लें, जब वह पुनः हमसे जुडने के लिए, हम पर कृपा बरसाने के लिए आ रहे हैं?

दूसरा, प्रत्येक व्यक्ति का आगमन अपने तिथि-विशेष में होता है, तो उस दिन को विशेषता न देकर अपनी सुविधानुसार पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करने का क्या औचित्य?

बस यही वजह है, कि हम प्रत्येक सदस्य की तिथि को जानकर उस दिन उन्हीं के पसंद के अनुरूप भोग-प्रसाद व मिष्ठान आदि बनाते हैं, दान-पुण्य करते हैं।

आइए, श्राद्ध पक्ष के इन 16 दिनों को मिलन दिवस या त्यौहार के रूप में मनाएँ।

ईश्वर में लीन सदस्य को याद करते हुए, पूजा-अर्चना करते हुए, उनके मनपसंद भोग-प्रसाद व मिष्ठान आदि को उन्हें अर्पित करें, दान-पुण्य करें।

उनसे प्रार्थना करें कि वो सदैव हमसे जुड़कर हमारा मार्गदर्शन करें, हमें सफलता के पथ पर अग्रसर करें, हमारे सभी दुःख-कष्टों को दूर कर हमें सुख प्रदान करें, व हमें वो सामर्थ्य प्रदान करें कि हम सदैव ऐसा कर्म करें जो हमारे कुल, हमारे गौत्र का नाम रोशन करने में सहायक हो।

अपने सभी पूर्वजों व बुजुर्गों को शत-शत प्रणाम, आप सब की कृपादृष्टि सदैव हम पर बनी रहे और आपसे हमारा संपर्क सदैव बना रहे।

जय सभी पितरों की!

Saturday, 3 October 2026

Article : Indian Courage

(I) The Nation's Bravery :

एक बार फिर पूरे विश्व में भारतीय वीरता, अदम्य साहस, और अपने कर्म के प्रति समर्पण की नई मिसाल उभर कर सामने आई है।

इसकी पूरे विश्व में चर्चा की जा रही है। और हो भी क्यों न? काम ही सराहनीय हुआ है।

हम बात कर रहे हैं, भारतीय वीर captain Smit Machchhar की।

जैसा कि आप सब को विदित ही होगा, Flydubai की उड़ान FZ1073 के विषय में।

आइए, उस पूरी घटना को विस्तार से समझते हैं, कि आखिर क्यों इतनी तारीफ़ हो रही है Smit Machchhar की…

Indian Courage


(II) The Conspiracy :

30 September (2026) की बात है। एक flight Dubai से आरंभ होकर Israel में पहुंचनी थी। पर क्या पहुंचनी थी? 

या उस flight के आरंभ होने के साथ ही शुरू हो गया था षड्यंत्र। एक बहुत दर्दनाक षड्यंत्र! 9/11 के जैसा ही कुछ।

इस flight को hijack करके crash कराने का plan था, जिसको अंजाम देना था एक terr0r!st को, जो कि flight में Co-pilot के रूप में मौजूद था।

क्या वो अपने कुकृत्य को अंज़ाम दे पाया?

शायद दे ही लेता, अगर भारतीय Captain Smit Machchhar वहाँ main pilot के रूप में मौजूद न होते तो।


(III) The Incident :

आइए, घटनाक्रम को सिलसिलेवार ढंग से देखते हैं।

Flydubai की उड़ान FZ1073 के भारतीय Captain Smit Machchhar ने हवा में cockpit के भीतर Omani co-pilot द्वारा किए गए घातक हमले और विमान को crash करने की साजिश को नाकाम कर गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद 174 यात्रियों की जान बचाई।

• Date- 30 September 2026

• Flight- Flydubai Flight FZ1073 (Dubai to Tel Aviv, Israel)

• Situation- जब flight 34000 feet की ऊंचाई पर था, तब Omani co-pilot ने मुख्य pilot Smit Machchhar पर ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया और विमान को नीचे की तरफ मोड़ दिया, जिससे विमान अचानक 33000 feet से गिरकर 17000 feet पर आ गया।

• Rescue- गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद Captain Smit ने हमलावर का मुकाबला किया, cockpit का दरवाजा खोला और passengers व अन्य crew members को अंदर आकर हमलावर पर काबू पाने का मौका दिया।

• Emergency Landing- Flight में सवार अन्य Flydubai के pilots ने नियंत्रण संभाला और Saudi Arabia के Tabuk शहर में विमान की सुरक्षित emergency landing कराई।


(IV) Responses and Respect :

• Israel's PM- Benjamin Netanyahu ने Captain Smit Machchhar को ‘सच्चा hero’ करार दिया और कहा कि उनकी सूझबूझ से एक बड़ा 9/11 जैसा हादसा टल गया।

• India's PM- Narendra Modi ने Captain Smit के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। 

USA's President- Donald Trump ने Flydubai के भारतीय pilot captain Smit Machchhar को एक “hero” बताया है। Smit की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि Captain Smit गंभीर रूप से घायल और बुरी हालत में होने के बावजूद लड़े और उन्होंने असाधारण हिम्मत दिखाई। साथ ही Trump ने कहा, इस सूझबूझ से विमान को जानबूझकर दुर्घटनाग्रस्त करने या 9/11 जैसे किसी बड़े हमले की कथित कोशिश को नाकाम करने में मदद मिली।

• Security Operation- Saudi officers ने landing के बाद हमलावर co-pilot को arrest कर लिया है। Captain Smit का hospital में इलाज चल रहा है और उनकी स्थिति स्थिर है।


(V) Salute to the Hero :

हमें गर्व है Captain Smit पर है, जिन्होंने एक बार फिर पूरे विश्व में भारतीय वीरता और अदम्य साहस का परिचय कराया। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ ही हम सब भारतीय भी आपकी वीरता को नमन करते हैं।

इस घटना ने सिद्ध कर दिया है कि जहाँ भारत का लाल होगा, वहाँ कमाल होगा।

जय हिन्द, जय भारत!

Friday, 2 October 2026

Poem : भारत के दो लाल

भारत के दो लाल


भारत के दो लाल, 

दोनों ही कमाल।

एक थे बापू गांधी, 

दूसरे थे शास्त्री।।


एक ने देश को आजाद करने में, 

तन-मन सब कुछ वार दिया।

दूजे ने देश‌ चलाने की खातिर,

अपने प्राणों को त्याग दिया।।


एक की दूरदर्शिता ने,

भारत को आजाद कराया।

दूजे की दूरदर्शिता ने,

भारत को नया आयाम दिलाया।।


2 अक्टूबर को जन्मे,

दोनों विभूति परम महान।

देश सदैव याद रखेगा,

दोनों ने जो किया था काम।।


आओ दोनों को नमन करें,

करें दोनों को शत-शत प्रणाम।।

दोनों के प्रयासों से ही,

भारत का विश्व में ऊंचा नाम।।

Thursday, 1 October 2026

Recipe : Bhelpuri

आज की recipe बहुत common recipe है, आप में से बहुतों को बनानी भी आती होगी।

पर इसको डालने का कारण यह है कि हमारे एक viewer की demand थी कि हम इसकी recipe share करें, क्योंकि उसे हमारे द्वारा बनाई गई भेलपुरी बहुत पसंद है।

भेलपुरी एक ऐसी recipe है, जो कि विभिन्न states की delicacy है, इसके flavour में थोड़ा फेरबदल और नाम बदल जाता है।

और कमाल की बात यह है कि हर अपने state में as a street food यह famous भी बहुत है। चाहे महाराष्ट्र की भेलपुरी हो, बंगाल की झालमुरी हो, या उत्तर प्रदेश का चुरमुरा, सब एक से बढ़कर एक बेमिसाल…

Bhelpuri



Ingredients :

  • Puffed rice - 1 cup
  • Besan Bhujia - 1 packet (of ₹5)
  • Aloo Bhujia - 1 packet (of ₹5)
  • Salted Peanuts - 1 packet (of ₹5)
  • Onion - 1 (medium) 
  • Boiled potato - 1 (medium)
  • Boiled peas - 1 tbsp.
  • Tomato - 1 (medium) 
  • Fresh coriander leaves - handful
  • Green chillies - as per taste
  • Lemon juice - 1 tsp.
  • Salt - as per taste
  • Black salt - ½ tsp.
  • Cucumber - 1 (small)


Method :

  1. प्याज़, टमाटर, खीरा, उबला आलू, धनिया-पत्ती और हरी मिर्च को finely chop कर लीजिए।
  2. एक बड़ा-सा bowl लीजिए, उसमें लइया/लाई/मुरी/मुरमुरे, आप जिस भी नाम से जानते हैं, ले लीजिए।
  3. उसमें बेसन भुजिया (बेसन के सेव), आलू भुजिया और भुनी मूंगफली डालकर अच्छे से mix करके dry mix ready कर लीजिए।
  4. एक अलग bowl लीजिए, उसमे finely chopped veggies और उबली हुई मटर डाल दीजिए।
  5. अब इसमें नींबू का रस, salt, और black salt डालकर अच्छे से mix करके wet mix ready कर लीजिए।
  6. Serve करने से just पहले ही dry mix और wet mix को अच्छे से मिला दीजिए।

Savour this palatable, delectable, and spicy Bhelpuri!


Tips and Tricks :

  • जब भी आप भेलपुरी तैयार करें, ध्यान रखिएगा कि सारे dry ingredients fresh और crispy हों।
  • जब भी मुरमुरे खरीदें, कम amount में खरीदें और उसे airtight container में रखें।
  • अगर आप की मुरी soggy और soft हो गई है, तो पहले dry roast करके उसे crispy कर लीजिए।
  • बेसन भुजिया, आलू भुजिया और मूंगफली crispy हों इसके लिए उनके ₹5 या ₹10 वाले packets use करें। छोटे-छोटे packets में freshness और crisp ज्यादा अच्छा रहता है।
  • हम हमेशा Haldiram’s के products ही use करते हैं। Keeping in mind, अच्छी quality के ingredients लेने से dish के अच्छे बनने की chances बढ़ जाते हैं। 
  • प्याज़ डालने से crunchy taste और टमाटर, आलू व खीरा से juicy taste आता है।
  • नींबू और हरी मिर्च से खट्टा और चटपटा स्वाद आएगा।
  • अगर आप प्याज नहीं खाते हैं तो उसके जगह finely chopped मूली भी डाल सकते हैं।
  • आप कहेंगे कि यह तो वो भेलपुरी नहीं है जो Mumbai में मिलती है। हाँ, बिल्कुल नहीं है। भेलपुरी और झालमुरी की recipe भी जल्दी share कर देंगे, अगर आप की demand आती है।
  • याद रखियेगा कि dry mix और wet mix दोनों पहले अलग-अलग ready कीजिएगा, फिर mix कीजिए, जिससे dry mix में freshness और crisp देर तक बनी रहे।
  • हमने सफ़ेद और काला दोनों नमक डाला है, काले नमक को डालने से taste enhance हो जाता है।
  • ध्यान रखिएगा कि salt का amount सिर्फ इतना हो कि वो wet mix से बस उतना ही ज्यादा हो, जो कि मुरमुरे के लिए required हो, क्योंकि dry mix के बाकी ingredients already salty हैं।
  • मेरे बेटे और उसके दोस्तों को यह बहुत पसंद है, तो हम इसे उसके tiffin में भी रखते हैं।
  • मुरमुरे और दोनों भुजिया का proportion ऐसा हो, कि दोनों भुजिया मिलाकर जो amount हो, उससे मुरमुरे थोड़े plus में हो।
  • याद रखियेगा कि पूरी prepare करके नहीं रखनी है, बल्कि wet mix छोटे डिब्बे और dry mix main tiffin box में रखें।  जिससे बच्चा अपने recess time में dry mix और wet mix मिलाकर crispy और tasty भेलपुरी ready कर लेगा।
  • बेटे के tiffin में dry mix में केवल लइया, आलू भुजिया और बेसन भुजिया ही mix करते हैं। उसे मूंगफली पसंद नहीं है, और wet mix में मटर, खीरा, और हरी मिर्च नहीं डालते हैं, क्योंकि वो भी उसे पसंद नहीं है।

अब देर किस बात की? यह स्वादिष्ट Bhelpuri खुद भी खाएँ और बच्चों को भी खिलाएँ, उनके tiffin में भेजकर…

Wednesday, 30 September 2026

Article : दुखों की दुनिया

आजकल मन अशांत-सा रहता है, ऐसा प्रतीत होता है मानो दुनिया में सबसे अधिक दुःख हमें ही है।

न किसी से मिलने की इच्छा, न कहीं जाने की। मानो दुनिया रुकी-सी, थमी-सी हो गई हो। आपको भी कभी ऐसा लगता होगा? 

पर एक बात कहें, मानो तो आप ही सबसे ज़्यादा दुःखी, और अगर चारों ओर नजर घुमाएंगे तो एहसास होगा कि पूरी दुनिया ही दुखों की है। A true sense of melancholy!

दुखों की दुनिया


कहीं कोई सुखी है ही नहीं। किसी को किसी बात की परेशानी, तो किसी को किसी और बात का ग़म।

सच में इधर कुछ ऐसे लोगों से मुलाकात हुई कि एहसास हुआ कि अभी भी हम ही भाग्यशाली हैं कि अभी भी हम बहुत सुखी हैं।

दरअसल हम मनुष्यों की एक विशेष आदत होती है, कि हम दूसरे के दुःख को कम और अपना बढ़ा-चढ़ाकर बताते हैं।

जबकि दुख तो दुःख होता है, कम या ज़्यादा कहाँ होता है। वैसे ही जैसे दर्द तो दर्द होता है, किस जगह हो‌ रहा है, उससे उसकी intensity में कोई फर्क नहीं पड़ता है। 

तो दूसरों की तकलीफ़, कष्ट, परेशानी की समझने का प्रयास कीजिए, उसे खत्म करने की कोशिश कीजिए। इससे देखिएगा, आपके कष्ट अपने आप कम लगने लगेंगे।

और शायद सचमुच दूसरों के दुःख कम करते-करते आपके दुःख कम हो जाएँ या फिर शायद खत्म ही हो जाएँ।


कबीरदास जी का यह दोहा शायद आपने सुना होगा-

“बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।

जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।।”


आज उसी दोहे की तर्ज़ पर-

“दुःखी जो देखन मैं चला, दुःखी मिलिया सब कोय।

जो दिल खोजा आपना, मेरा दुःख ही कम होय।।”


हे ईश्वर, आपसे कामना है कि इस दुखों की दुनिया में से सबके दुखों को खत्म कर दें और सभी को सुखी करें।

सर्वे भवन्तु सुखिन:, सर्वे भवन्तु निरामया...

Tuesday, 29 September 2026

Article : हमारे अपनों के दिन

इस वर्ष पितृपक्ष या कनागत की शुरुआत 26 September (शनिवार) को पूर्णिमा श्राद्ध के साथ हो चुकी है, और इसका समापन 10 October (शनिवार) को सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा।

इन विशेष दिनों को हमारे अपनों के दिन भी कहा जा सकता है, क्योंकि इन दिनों में हम किसी देवी-देवता की पूजा-अर्चना नहीं करते हैं, बल्कि अपने पूर्वजों की पूजा-अर्चना करते हैं।

अपने पूर्वजों के विशेष दिन में पंडित जी को बुलाकर उनके नाम से दान-पुण्य, पूजा-हवन इत्यादि करते हैं‌।

पर यह विशेष दिन हमारे लिए और अधिक महत्वपूर्ण इसलिए हो जाते हैं, क्योंकि इन दिनों में हम ईश्वर से अधिक नज़दीक हो जाते हैं…

हमारे अपनों के दिन


हमारे द्वारा की गई पूजा-अर्चना ईश्वर जल्दी स्वीकार कर लेते हैं, क्योंकि इस समय में की गई पूजा-अर्चना दान-पुण्य इत्यादि हमारे पूर्वजों से होते हुए ईश्वर तक पहुंचते हैं।

हमारे पूर्वज, ईश्वर के प्रिय होते हैं और हम अपने पूर्वजों के। तो हो गई न ईश्वर से नज़दीकी!

पर क्या इसमें उन्हीं पूर्वजों की पूजा-अर्चना करनी चाहिए, जो स्वर्गवासी या ब्रह्मलीन हो गए हैं?

नहीं, ऐसा नहीं है कि केवल उन्हीं की पूजा-अर्चना से पुण्य अर्जित किया जा सकता है। 

बल्कि उनकी पूजा-अर्चना के साथ-साथ ही अगर आप अपने जीवित दादा-दादी, नाना-नानी, माता-पिता या सास-ससुर की सेवा करेंगे, उनकी इच्छाओं की पूर्ति करेंगे, उनके साथ समय व्यतीत करते हैं, तब भी आप को वही पुण्य मिलेगा।

यह विशेष दिन हमारे अपनों के हैं, उनकी सेवा और पूजा-अर्चना के दिन है।

भारतीय संस्कृति में यह 16 दिन इसलिए ही निर्धारित किए गए हैं, कि हर साल हम atleast 16 दिन अपने पूर्वजों से जुड़ें, उन्हें धन्यवाद दें, उनके नाम से दान-पुण्य पूजा-अर्चना करें।

पर जो चले गए, उनके लिए विधिवत कर्मकाण्ड संस्कार करना, और हमारे जो बुजुर्ग जीवित हैं उन्हें neglect करने से कुछ पुण्य अर्जित नहीं होगा।

अगर पूरी प्रक्रिया विधिवत करनी है, तो जो ब्रह्मलीन पूर्वजों के लिए पूजा-अर्चना दान-पुण्य करें और जो बुजुर्ग जीवित हैं उनकी सेवा-सुश्रुषा करें, उन्हें मान-सम्मान दें, उनके साथ समय व्यतीत करें।

तब आपकी पूजा अर्चना विधिवत पूर्ण होगी। और उनके आशीर्वाद से होंगे आपके सभी कार्य सम्पन्न व पूर्ण होगी सभी मनोकामनाएं, जिससे आप सुखी, स्वस्थ और समृद्ध रहेंगे।

एक और सबसे बड़ी बात होगी, हमारे अपनों के दिन में अपने पूर्वजों और बुजुर्गों की सेवा से, कि आपके बच्चों में संस्कार आएंगे, वो भी सबसे जुड़ेंगे और सबसे बढ़कर वो सीखेंगे। अपनों से जुड़ना, उनकी सेवा करने, उन्हें मान-सम्मान देना।

और एक दिन पलट कर यह आपको भी सुख प्रदान करेगा, क्योंकि ध्यान रखिएगा कि एक दिन बुजुर्ग सबको होना है और ब्रह्मलीन भी।

तो जाने से पहले सबकी सेवा कर लीजिए, क्योंकि ईश्वर भी उन्हीं से प्रसन्न होते हैं, जिनके पूर्वज और बुजुर्ग उनसे प्रसन्न हैं।

हमारे सभी पितर तृप्त रहें, हम से प्रसन्न रहें और उनकी कृपा दृष्टि सदैव बनी रहे।

हमारे सभी पूर्वजों व बुजुर्गों को शत-शत प्रणाम!

Monday, 28 September 2026

India's Heritage : Bharatiya Math-Magicians (Virahanka)

Maths Storytelling Day था, तो India's Heritage segment में महान महर्षि बौधायन के विषय में जानकारी share की थी- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/indias-heritage-bharatiya-math.html?m=1

फिर उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए भारत के एक और महान गणितज्ञ, जिन्हें Madhava of Sangamagrama कहते हैं, के विषय से जुड़ी कुछ बातें share की- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/indias-heritage-bharatiya-math_0152809532.html?m=1

इनके बाद महान गणितज्ञ और संस्कृत भाषा के ज्ञाता श्रीधराचार्य के विषय में जानकारी share की- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/indias-heritage-bharatiya-math_0980722856.html?m=1

आज भारत के एक और महान गणितज्ञ और संस्कृत के प्रकांड विद्वान, विरहांक के विषय में जानकारी share कर रहे हैं।

Bharatiya Math-Magicians (Virahanka)


(I) Who Was He :

इन्होंने संस्कृत भाषा की ऐसी विद्या में maths के formulae दिए हैं, जो कि अपने आप में सर्वोच्च है और सिद्ध करती है कि क्यों भारतीय संस्कृति सर्वोपरि है।

Virahanka 6th से 8th c. CE के बीच के एक प्राचीन भारतीय गणितज्ञ और छंदशास्त्री थे, जिन्होंने संस्कृत छंदों का अध्ययन करते हुए Fibonacci Sequence को सबसे पहले खोजा था।

संस्कृत भाषा में अत्यंत समृद्ध और व्यवस्थित छंद शास्त्र (जिसे पिंगल शास्त्र भी कहते हैं) पाया जाता है, जिसके आधार पर वैदिक और लौकिक संस्कृत के श्लोक रचे जाते हैं।

इनके विषय में पढ़कर आपको एहसास होगा कि भारत सदैव से महान और विकसित रहा है।


(II) Major Information :

  • Time Period- इनका अनुमानित समय 6th to 8th c. CE माना जाता है।
  • Treatises- इन्होंने Pingala (4th c. BCE) के ‘छंदसूत्र’ पर आधारित 'वृत्तजातिसमुच्चय' नामक ग्रंथ की रचना की थी।


(III) Main Contributions :

  • Expansion Process- इस ग्रंथ में इन्होंने मात्रा-छंदों के pattern और उनकी गिनती के लिए ‘expansion’ process की विस्तृत व्याख्या की है।
  • Virahanka-Fibonacci Sequence (Arithmetic Progression + Recursive Rule)- उनका सबसे बड़ा योगदान उस number sequence की खोज है, जिसे आज western world में गलती से ‘Fibonacci Numbers’ कहा जाता है। उन्होंने Italian mathematician Fibonacci (1202 CE) से लगभग 500 वर्ष पहले ही इस सूत्र की खोज संस्कृत कविता के छंदों (मात्राओं) को गिनने के लिए कर ली थी। विरहंक संख्या अनुक्रम का Recursive Formula विरहंक ने दिया था, कि यदि किसी sequence का अगला पद निकालना हो, तो वह पिछले दो पदों के sum के बराबर होता है। इसे गणितीय रूप में इस प्रकार लिखा जाता है- [V(n) = V(n-1) + V(n-2)] Initial conditions यह हैं कि उसके शुरुआती terms कुछ इस प्रकार हैं- [V₀ = 0, V₁ = 1] [At some places, V₀ = 1] इस सूत्र के आधार पर बनने वाली विरहंक संख्या श्रृंखला निम्नलिखित है- [0, 1, 1, 2, 3, 5, 8, 13, 21, 34, 55]
  • Combinatorial Rules for Prosody- विरहंक ने संस्कृत कविता में लघु (short syllable = 1 मात्रा) और गुरु (long syllable = 2 मात्रा) के संयोजन से बनने वाले कुल छंदों (rhythms) की संख्या ज्ञात करने के लिए इस सूत्र का आविष्कार किया था।यदि हमें n मात्राओं (beats) वाले कुल संभावित छंदों की संख्या निकालनी है, तो उसका सूत्र है- [n = V(n+1)] E.g.- यदि कुल मात्राएँ n = 3 हैं, तो कुल संयोजन V₄ = 3 होंगे (जैसे; लघु-लघु-लघु [1+1+1], गुरु-लघु [2+1], लघु-गुरु [1+2])।
  • Connection to Golden Ratio- हालांकि विरहंक ने सीधे तौर पर decimal मान नहीं दिया था, लेकिन उनके इसी सूत्र के दो लगातार नंबरों को विभाजित करने पर Golden Ratio प्राप्त होता है- [Lim (n→∞) V(n)/V(n-1) = φ ≈ 1.6180339887...] यह ratio प्रकृति की बनावट (फूलों की पंखुड़ियाँ, शंख आदि) में हर जगह दिखाई देता है।


ऐसे ही अनेकानेक Math-Magicians, Scientists, वीर‌ योद्धा, भाषाओं के ज्ञाता, दार्शनिकों, आदि भारत के कण-कण में व्याप्त हैं, जिनकी जानकारी हम समय-समय पर अपने India's Heritage segment में share करते रहेंगे।

तो इससे जुड़े रहिए और विशेष रूप से अपने बच्चों को बताएँ, जिससे वो भारत का सच्चा और समृद्ध इतिहास जान सकें और गर्व कर सकें अपने भारत पर।

मेरा भारत महान!

Stay tuned…

Sunday, 27 September 2026

India's Heritage : Bharatiya Math-Magicians (Sridharacharya)

Maths Storytelling Day से India's Heritage segment में भारत के गणितज्ञों के विषय में जानकारी share कर रहे हैं।

सबसे पहले महान महर्षि बौधायन के विषय में जानकारी share की थी- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/indias-heritage-bharatiya-math.html?m=1

फिर उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए भारत के एक और महान गणितज्ञ, जिन्हें Madhava of Sangamagrama कहते हैं, के विषय से जुड़ी कुछ बातें share की थीं- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/indias-heritage-bharatiya-math_0152809532.html?m=1

आज भारत के एक और महान गणितज्ञ श्रीधराचार्य के विषय में जानकारी share कर रहे हैं। इसे पढ़कर आपको एहसास होगा कि भारत सदैव से महान और विकसित रहा है।

और साथ ही यह भी ज्ञात होगा कि संस्कृत भाषा के ज्ञाता किस तरह से गणित से जुड़कर यह सिद्ध कर रहे हैं कि संस्कृत भाषा और विज्ञान एक ही मंच पर आसीन हैं…

Bharatiya Math-Magicians (Sridharacharya)


अर्थात् संस्कृत भाषा केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि अपने आप में सम्पूर्ण है, जिसमें कला, विज्ञान, दर्शन सब निहित हैं।

बात करते हैं श्रीधराचार्य जी के विषय में, और उनसे जुड़ी खोजों व सिद्धान्तों के विषय में।


(I) Main Overview :

श्रीधराचार्य 8वीं से 9वीं शताब्दी के एक प्रसिद्ध भारतीय गणितज्ञ, संस्कृत पंडित और दार्शनिक थे।

  • Time- इनका अनुमानित समय 750 से 930 CE के बीच माना जाता है।
  • Birthplace- इनका जन्म बंगाल के हुगली क्षेत्र (दक्षिण राधा) के भूरिश्रेष्टि गाँव में हुआ था।


(II) Major Contributions :

  • Quadratic Formula [x=(-b±√{b²-4ac})/2a]- श्रीधराचार्य का सबसे प्रसिद्ध योगदान Quadratic Formula है, जिसका उपयोग किसी quadratic equation (ax²+bx+c=0) के roots या हल निकालने के लिए किया जाता है। यदि कोई Quadratic Equation इस रूप में है; [ax²+bx+c=0] तो इसे हल करने का श्रीधराचार्य सूत्र है; [x=(-b±√{b²-4ac})/2a]
  • Rules of Zero [x±0=x, 0(x)=0]- उन्होंने 0 को add करने [x+0=x], subtract करने [x-0=x], और multiply करने (x×0=0) के नियम समझाए।
  • Main Treatises- उन्होंने ‘पाटीगणित’ और ‘त्रिशतिका’ (पाटीगणितसार) नामक प्रसिद्ध पुस्तकें लिखीं, जिनमें अंकगणित और बीजगणित के नियम बताए गए।
  • Area of Circle- उन्होंने circle के area को निकालने के लिए भी शुरुआती सूत्र दिए।

मेरा भारत महान!

Saturday, 26 September 2026

India's Heritage : Bharatiya Math-Magicians (Madhava)

(I) Main Introduction :

कल Maths Storytelling Day था, तो India's Heritage segment में महान महर्षि बौधायन के विषय में जानकारी share की थी- https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/indias-heritage-bharatiya-math.html?m=1

आज उसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए भारत के एक और महान गणितज्ञ, जिन्हें Madhava of Sangamagrama कहते हैं, के विषय से जुड़ी कुछ बातें share करेंगें।

इन्हें पढ़कर आपको एहसास होगा कि भारत सदैव से महान और विकसित रहा है।

इनके द्वारा की गई खोजें गणित के विषय में विशेष महत्त्व रखती हैं। और हमें हमेशा से यही बताया गया कि उन खोजों को विदेशी गणितज्ञों ने खोजा है। पर आप जब इसे पढ़ेंगे, तो आप को यह ज्ञात होगा कि हमें कितनी बातों से अनभिज्ञ रखा गया या false information (myth) दी गई हैं।

आइए जानते हैं माधव जी और उनके द्वारा की गई खोजों और उन खोजों के सिद्धांत (theorems/principles) के विषय में…

Bharatiya Math-Magicians (Madhava)


(II) Overview :

Madhava of Sangamagrama ने 14th-15th c. CE में maths और astronomy के क्षेत्र में कई revolutionary discoveries की थीं।

इन्होंने ‘Kerala School of Astronomy and Mathematics’ की नींव रखी थी।


(III) Major Contributions :

  • Infinite Series [S∞=a/(r-1), r<|1|]- माधव ने sine (sin), cosine (cos) और arctangent (tan) जैसे trigonometric functions के लिए Infinite Series की खोज की थी। इन्हें “Madhava Series” भी कहा जाता है।
  • Accurate Pi Approximation [π≈3.14159265359]- उन्होंने अपनी Infinite Series का उपयोग करके π (Pi) का मान 13 decimal places तक बिल्कुल accurate ज्ञात किया था। इसे Madhava-Leibniz series के रूप में भी जाना जाता है।
  • Calculus Foundations [(d/dx),∂]- Europe में Isaac Newton और Gottfried Leibniz द्वारा calculus के विकास से लगभग 200–250 वर्ष पहले ही माधव ने differentiation और integration से जुड़ी कई अनन्त processes और approximations का उपयोग कर लिया था।
  • Error Term Evaluation [F1n=(1/4n)]- Infinite Series के योग में सटीकता लाने और errors को सुधारने के लिए उन्होंने correction terms की अवधारणा का विकास किया था।

मेरा भारत महान! 

Friday, 25 September 2026

India's Heritage : Bharatiya Math-Magicians (Baudhayana)

(I) Today's Occasion :

आज Maths Storytelling Day है, तो सोचा एक अच्छा मौका है। India's Heritage segment में बच्चों को भारत के इतिहास से, नहीं बल्कि यह कहना अधिक उचित होगा कि भारत के विकास की, कहानी सुनाई जाए।

नहीं, अभी के विकास की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि बात कर रहे हैं भारत के उस विकास की, जो यह सिद्ध करता है कि भारत आज नहीं बल्कि शताब्दियों पहले से विकसित है।

आज Maths Storytelling Day है, तो बात भी भारत के mathematicians की करेंगे, जिसे पढ़ने के बाद आपको पता चलेगा कि भारत सदैव से महान और विकसित था।

इस श्रृंखला में आज महर्षि बौधायन के विषय में बात करते हैं…

Bharatiya Math-Magicians (Baudhayana)


(II) Overview :

महर्षि बौधायन प्राचीन भारत के एक महान गणितज्ञ, व दार्शनिक और वैदिक ऋषि थे।

हमें हमेशा से यह पढ़ाया गया है कि Pythagorean Theorem Greece के great mathematician Pythagoras ने दी है, जबकि उनसे बहुत पहले ही 7th-8th c. BCE में ही महान महर्षि बौधायन ने यह theorem दे दी थी।

आइए जानते हैं और किस-किस का ज्ञान वो पहले ही दे चुके थे। उन्होंने Pythagorean Theorem और Geometry से जुड़े कई महत्वपूर्ण principle Greeks से सदियों पहले दिए थे।


(III) Main Introduction :

  • Time- इनका समय लगभग 8th से 7th c. BCE (लगभग 800 ईसा पूर्व) माना जाता है।
  • Relation- ये कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय शाखा से संबंधित थे और वैदिक संस्कृति के ज्ञाता थे।
  • Main Treatises- इन्होंने 'बौधायन सूत्र' की रचना की, जिसके अंतर्गत श्रौतसूत्र, धर्मसूत्र, गृह्यसूत्र और बौधायन शुल्बसूत्र जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ आते हैं।


(IV) Major Contributions :

  • Baudhayana-Pythagoras Theorem [h=√(l²+b²) in ∆90°]- Pythagoras से सैकड़ों साल पहले बौधायन ने ही right-angled triangle के संबंध में यह theorem (rectangle का diagonal) दिया था, जिसके अनुसार किसी rectangle के diagonal का square उसके दोनों legs (base और height) के square के sum के बराबर होता है।
  • Square Root of 2 [√2≈1.414216]- इन्होंने √2 का मान बहुत ही accuracy के साथ (approximately 1.414216) निकाला था, जो पांच decimal places तक सही है।
  • Value of Pi [π≈(900/289)≈3.114]- यज्ञ altars के निर्माण और circular figures को बनाने के लिए इन्होंने Pi (π) के अनुमानित मान का उपयोग किया था।
  • Shulbasutras [e.g. s=√(a•b)]- यह geometry और mathematical principles का सबसे प्राचीन ग्रंथ है, जिसमें altars के accurate mesaurement और area को बराबर करने के नियम दिए गए हैं।

मेरा भारत महान!

Madhava-https://shadesoflife18.blogspot.com/2026/09/indias-heritage-bharatiya-math_0152809532.html?m=1