Saturday, 7 March 2026

Article : तेल की पूरी तैयारी

(I) International Oil Crisis :

Iran व Israel के युद्ध में gulf countries, Russia और USA जैसी countries के शामिल होने से हर देश में तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। तेल के दाम में बढ़ोतरी, मतलब हर क्षेत्र में महंगाई।

“तो क्या भारत भी इसकी चपेट में आ जाएगा, क्या यहाँ भी तेल में व अन्य सामानों में महंगाई दर बढ़ जाएगी, या मोदी सरकार भारत को इस संकट से भी उबारने में समर्थ होगी?” ऐसे सवाल, आज हर घर में चर्चा का विषय बन गये है। 

देश में होने वाले विभिन्न कार्यों के लिए petrol और diesel की खपत लगती है, और भारत को अपनी इस आपूर्ति को पूरा करने के लिए विदेशों पर (जैसे gulf countries, Russia आदि) पर निर्भर रहना पड़ता है।

इन सब जगहों पर युद्ध होने से तेल‌ की कीमत बढ़ने की पूरी संभावना है। पर महंगाई कितना बढ़ेगी, उस ओर बाद में देखेंगे, पहले मोदी सरकार की दूरदर्शिता के कारण क्या फ़र्क आया है, उसको देखते हैं।

पिछले कुछ सालों में India में कई कारणों से तेल की खपत काफी कम हो गई है। पर कैसे? आइए इस article में जानते हैं…

तेल की पूरी तैयारी


(II) Reduction in Oil Usage in India :

गांवों में घर-घर में बिजली की सुविधा प्रदान की गई है, साथ ही मुफ्त LED bulb भी दिए गए, जिससे लालटेन और generator का उपयोग कम हो गया। इसके चलते तेल की खपत कम हो गई।

Fastag के आने से पहले जहाँ toll पर गाड़ियों को बहुत-बहुत देर खड़ा होना पड़ता था, वहीं अब घंटों का काम मिनटों में हो जाता है। इससे व्यर्थ में खड़े रहने से होने वाले तेल के खर्चे में बचत होती है।

GST के आने से पहले जहाँ trucks को 4 से 5 जगह रुक-रुककर आना पड़ता था, वहीं अब इसके लागू होने से सिर्फ सरकारी खर्च के अलावा trucks को कुछ नहीं देना होता है। इससे तेल और समय दोनों की बचत होती है, जो महंगाई को नियंत्रित करने में सहायक सिद्ध होती है। 

देश‌ में biogas व bio-fuel को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे आजकल बहुत से apartments, companies and factories में इसके ही generator का इस्तेमाल हो रहा है। इससे तेल की खपत भी घटी है साथ ही वातावरण में प्रदूषण की कमी भी आई है।

जगह-जगह पर Ethanol-buses शुरू की गई हैं, जिसके चलते Ethanol-20 petrol की बिक्री भी आरंभ हो गई है। यहां भी तेल की बचत।

Trains में electric trains कि संख्या बढ़ती ही जा रही है, जिससे भी तेल की खपत कम हो गई है।

Natural energy के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है जैसे; Bio-energy, solar energy, wind energy, hydral energy etc. इससे भी तेल की खपत में कमी और वातावरण में स्वच्छता बढ़ेगी।

Ola और Uber जैसी companies में electric vehicles को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।


(III) Article Overview & Conclusion :

इस तरह के विकास अगर भारत में चलते रहे तो मोदी सरकार का 2047 तक, विकसित व स्वच्छ वातावरण वाले भारत का स्वप्न पूर्ण होगा। साथ ही वो green energy का सबसे बड़ा exporter होगा। वैसे भारत की जनता के लिए अभी भी राहत बनी हुई है, क्योंकि अभी हमारे पास 25 दिनों के तेल की आपूर्ति मौजूद है।

प्राप्त सूत्रों के मुताबिक, कुछ दिनों पहले ही Russia से 85 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया जा चुका है, जो वहां से चल भी दिया और वो भारत में March-April तक आ भी जाएगा, अतः USA के द्वारा कहा जाना कि Russia से तीस दिनों तक तेल लिया जा सकता है, के अंतर्गत ही तेल की deal पूरी हो जाएगी।

भारत बहुत मजबूत हाथों में है, तो यह आप पर निर्भर करता है कि आप भारत के विकास में कितने सहायक होते हैं और 2047 तक विकसित भारत संकल्प को कितना पूर्ण होने देते हैं।


“भारत में अब न रहेगी कोई भी लाचारी,

क्योंकि हो रखी है तेल‌ की है पूरी तैयारी।”


जय हिंद, जय भारत 🇮🇳

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