Friday, 15 April 2022

Instant Gol Gappe

गोल गप्पे, पानी पूरी, फुचके, पानी के बताशे, जिस नाम से चाहें बुलाओ, दुनिया दिवानी है इसकी। कोई भी इसके नाम को सुनकर अपने मुंह में पानी लाएं, बिना नहीं रहेगा।

यह खाने में जितने tasty होते हैं, बनाने में उतने ही difficult and tedious होते हैं, इसलिए जल्दी कोई इन्हें घर पर लोग नहीं बनाते हैं।

पर हम आपके लिए instant Gol Gappe बनाने की recipe, share कर रहे हैं। यह instant होने के साथ ही healthy भी हैं....

Instant gol gappe



Ingredients :

Suji - 250 gm.

Baking powder - ½ tsp.

Ghee - 1 tbsp.

Salt - ¼ tsp.

Ghee (clarified butter) - for frying


Method :

  1. सूजी में बाकी सारे ingredients डालकर अच्छे से mix कर लीजिए।
  2. सूजी का हल्का, गीला-सा dough prepare कर लीजिए।
  3. इसे half an hour (30 min.) के लिए रख दीजिए। 
  4. Half an hour के बाद, सूजी को अच्छे से मसल कर चिकना कर लीजिए।
  5. इसके गोले तोड़कर, पतली रोटी बना लें।
  6. अब आप को जो size रखना है, उसके according, किसी ढक्कन की सहायता से छोटे-छोटे गोल गप्पे काट लीजिए।
  7. एक slightly wet, synthetic कपड़ा लीजिए, जो आधा गीला हो और आधा सूखा।
  8. Wet surface पर गोलगप्पे रखते जाएं और dry surface से उसे ढक दें। 
  9. कढ़ाई में घी डाल कर तेज़ गर्म कर लीजिए।
  10. गर्म घी में, एक-एक कर के गोल गप्पे डालते जाएं।
  11. एक बार में 10-12 से ज़्यादा मत डालिएगा।
  12. जब आप पूरी wave (गोल गप्पों की) डाल दें तो flame slow कर दीजिए।
  13. उन्हें उलट-पलट कर slightly brown होने तक सेक लें।
  14. इसी विधि से सारे बना लें।

Now your mouth watering and appetizing Instant Gol Gappe are ready to go in everyone's stomach.

अब tips and tricks जानने का समय है।


Tips and Tricks :

  • हमारे गोल गप्पे सूजी के हैं तो healthy भी ज़्यादा हैं।
  • सूजी के बने होने के कारण यह जल्दी crispy होते हैं और काफी देर तक crispy बने भी रहते हैं।
  • घी के हल्के से मोयन होने से, यह कड़े नहीं बनते हैं। जिससे इन्हें खाते समय यह होंठों में चुभते नहीं हैं साथ ही घी का मोयन होने से यह बेलते समय, चिपकते नहीं है।
  • ½ tsp. baking powder डालने से गोल गप्पे आसानी से फूलते हैं और फूले गोल गप्पों की संख्या ज़्यादा होती है।
  • सूजी का हल्का-गीला dough, इसलिए रखते हैं, जिससे सूजी पानी properly soak करके, soft हो जाए।
  • सूजी को जब half an hour के बाद दुबारा knead करते हैं तो सूजी का dough, rough नहीं रहता है।
  • Dough, soft होगा, तो हाथ में और rolling pin में बिल्कुल नहीं चिपकेगा।
  • एक बार में 10-12 गोल गप्पों से ज़्यादा होने से उन्हें proper space नहीं मिलती है तो वो आसानी से फूलते नहीं हैं साथ-साथ गोल गप्पे जैसे न बन कर पापड़ी जैसे ज़्यादा बन जाते हैं।
  • Wet and dry combination में cloth लेने से, गोल गप्पों की एक side में नमी रहती है और दूसरी तरफ dry, जो कि गोल गप्पों का key point है।
  • कढ़ाई में डालते समय wet side, नीचे होनी चाहिए, means वो side, wok में अंदर होनी चाहिए।
  • नमी के कारण ही गोल गप्पे अच्छे और गोल-गोल फूलते हैं।
  • बड़ी रोटी पतली रखिएगा। पतली होने से गोल गप्पे जल्दी बनेंगे और ज़्यादा crispy होंगे।
  • अगर आप से बड़ी रोटी नहीं बन रही हो, तो पाटे और बेलन पर हल्का-हल्का घी लगा लीजिए।
  • आप गोल गप्पे तलने के लिए, घी की जगह कोई भी oil, use कर सकते हैं।
गोल गप्पे के साथ बनने वाली सभी चीजों के लिए, click करें.... Gol Gappe

Wednesday, 13 April 2022

Tip: AC खूब चलाएं, फिर भी bill बचाएं

AC खूब चलाएं, फिर भी bill बचाएं




हर साल बढ़ती गर्मी, बहुत ज़्यादा tension का विषय होती जा रही है।

जिनके पास सुविधा नहीं है, वो AC and cooler के अभाव में हाय गर्मी-हाय गर्मी कर रहे हैं और जिनके पास सुविधा है, वो हर गर्मी में बढ़ते हुए bills को देखकर त्राहि मां-त्राहि मां कर रहे हैं।

जैसे गर्मी और तापमान बढ़ता जा रहा है तो AC की ज़रूरत ज़्यादा बढ़ती जा रही है। मगर AC के ज़्यादा इस्तेमाल से लोगों के मन में सिर्फ बढ़ते electricity bill की tension आती है। मगर क्या ऐसा कोई तरीका है कि गर्मी में AC से राहत भी मिल जाए और ज्यादा बिजली का बिल भी न आए? जी हां, हम आपको AC के सही इस्तेमाल के कुछ तरीके बता रहे हैं जो कि आपके बहुत काम आएंगे। 

सही इस्तेमाल?

जी हाँ, सही इस्तेमाल! 

आपके पास, जितना भी जो कुछ है, उसका सही इस्तेमाल ही आपको किसी भी चीज का पूर्ण आनंद दे सकता है। 

तो चलिए, जानते हैं, उन tips को जो आपको AC इस्तेमाल के दौरान दिमाग में रखनी चाहिए :


1. अपने AC को सही default temperature पर set करें :

Research से पता चलता है कि हर डिग्री temperature बढ़ने पर करीब 6 प्रतिशत बिजली की बचत होती है। 

आप अपने AC के temperature को जितना-जितना नीचे रखेंगे तो उसका compressor उतनी ही देर तक ही काम करेगा, जिसके कारण आपके बिजली का बिल बढ़ जाएगा। 

इसलिए यदि आप AC को default temperature पर start रखने का option choose करते हैं तो आप 24 प्रतिशत तक बिजली बचा सकते हैं। आप चाहें तो अभी भी अपनी पसंद के अनुसार तापमान कम रख सकते हैं।


2. अपने AC को 18°C की जगह 24°C पर रखें :

अगर आप ऐसे शहरों में रहते हैं, जहां हर दिन तापमान 34℃ से 38℃ के बीच में रहता हैं तो अपने AC को 10° कम पर set करना पहले से ही एक बड़ी राहत है। साथ ही, हमारे शरीर का तापमान औसतन 36° से 37° के बीच होता है। इसलिए इससे नीचे के temperature का कोई भी कमरा हमारे लिए सामान्य रूप से ठंडा ही होता है। अब जब हमें पता है कि AC पर जितनी डिग्री कम करेंगे, उससे 6 फीसद ज्यादा बिजली का consumption होगा। ऐसे में आपको अपनी आदत को 18°C से घटाकर 23-24°c पर लाना है। आपको पता चलेगा कि इस तापमान पर भी आपको सही cooling मिल रही है।


3. अपने कमरे को अच्छी तरह बंद करें & बिजली से चलने वाले equipments का इस्तेमाल करने से बचें :

जब हम air conditioner की बात करते हैं तो दरवाजा बंद ना करना बिना दिमाग जैसा लगता है। लेकिन यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपकी सभी खिड़कियां कसकर बंद हैं, और ठंडी हवा कमरे से बाहर नहीं निकल रही हो। पर्दे खींच लीजिए, ताकि सूरज की गर्मी आपके कमरे में ना आ सके, सूरज की किरणों से A.C. पर load बढ़ जाता है। AC का इस्तेमाल करते समय बिजली से चलने वाले equipments जैसे TV, Refrigerator, computer का प्रयोग करने से बचे क्योंकि ये equipments बहुत अधिक गर्मी उत्पन्न करते हैं। AC start करने से पहले इनको बंद करें, कमरा ठंडा होने के बाद आप इनको फिर से start कर सकते हैं। जब आप AC use कर रहे हों तो ध्यान रखें कि कोई furniture, AC की हवा को block न कर रहा हो। साथ ही बहुत खाली कमरे में भी AC का consumption ज्यादा होता है।


4. कमरे के अनुसार, सही capacity :

कमरे के size के according ही AC खरीदें। Means 1 ton, 1.5 ton, 2 ton, etc. जितना ज़्यादा ton होगा, electricity bill उतना ज़्यादा होगा, इसलिए छोटे कमरे के लिए ज़्यादा ton वाला AC नहीं लें। पर अगर कमरा बड़ा है और कम ton का AC होगा, तो compressor ज्यादा चलेगा, फिर भी कमरा ठंडा नहीं कर पाएगा। ज़्यादा compressor चलने से भी bill ज्यादा आएगा। 

अतः bill ज़्यादा नहीं आए, उसके लिए कमरे के size के according, AC की capacity, decide करें।


5. बिजली बचाने के लिए time limit decide करें :

क्या आप कभी कांपते हुए उठें हैं और AC बंद करना पड़ा है? 

ऐसा शायद इसलिए है, क्योंकि कमरे को बेहद ठंडा रखने के लिए आपका AC रातभर चालू रहा।

Energy बचाने और आराम से रहने का एक तरीका यह है कि इसे रात में बंद कर दिया जाए। खासकर अगर आप इसे दिन भर चला रहे हैं तो रात में आपको इसकी इतनी ज़रूरत नहीं पड़ेगी। और अगर आप रात भर चला रहे हैं तो पूरे दिन भर चलाने की ज़रूरत नहीं है। 

यह आपको decide करना होगा कि आप को, दिन में ज़्यादा ठंडा कमरा चाहिए या रात को सोते वक्त।

अगर आप AC वाले कमरे में लंबा समय बिता रहे हैं, तो आपको इस trick को इस्तेमाल करना चाहिए। AC को कुछ घंटों के लिए start रखें और फिर एक या दो घंटे के लिए बंद कर दें। बहुत सारी बिजली की बचत करते हुए भी कमरा ठीक प्रकार से ठंडा रहेगा।


6. A.C. के साथ पंखे के इस्तेमाल से होती है बिजली की बचत :

जब A.C. चल रहा हो तो ceiling fan को on रखना चाहिए। साथ में ceiling fan कमरे को हवादार रखते हैं और सभी कोनों में ठंडी हवा पहुंचाते हैं। जिसके कारण आपको AC का temperature कम करते रहना नहीं पड़ेगा। कम बिजली का प्रयोग करके ज़्यादा cooling पाएं। AC चालू करने से पहले अपने कमरे का fan start करें जिससे कमरे से गरम हवा बाहर निकल जाए, उसके बाद आप अपने AC को start कर सकते हैं।


7. AC की service और cleaning से होगी बिजली की बचत :

AC के ducts और vent में जमा होने वाली गंदगी की वजह से AC को ठंडी हवा कमरे में पहुंचाने के लिए ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है। गंदे filter को निकालकर धोकर लगाने से AC की energy का consumption 5 से 15% तक कम हो जाता है। साथ ही बीच-बीच में AC की servicing भी करवाते रहना चाहिए, इससे AC खराब होने और repair होने से बचा रहता है। 

8. Vent position -

Vent, हमेशा swing position में रखें, इससे कमरे का कोना-कोना जल्दी ठंडा होता है, जबकि एक ही position पर vent होने से एक portion ही ज्यादा ठंडा होगा। साथ ही अगर vent position ऐसी ही कि आप की body पर एक ही जगह direct ठंडक दें रही है तो वो आप के शरीर के लिए भी बहुत ज्यादा harmful है।

तो बस इन छोटी-छोटी, Tips को follow कीजिए जिससे गर्मी और tension दोनों से राहत मिले....


Happy summer 💕

Monday, 11 April 2022

Short Story : पान का डिब्बा

 पान का डिब्बा



मम्मी पापा के साथ, एक uncle के घर जाया करते थे, वहाँ उनकी बहनें और उनके मम्मी पापा भी रहते थे।

वो जमाना ही और था, उस जमाने में कोई uncle-aunty नहीं होते थे।

सभी को हम मौसी, मामा, बुआ, चाचा, चाची कहा करते थे और उनके माता-पिता को बाबा दादी या नाना-नानी कहा करते थे।

ऐसा नहीं था कि हम केवल उन्हें सम्बोधित
किया करते थे। 

नहीं... बल्कि हम सब में रिश्ता भी प्रेम और अपनत्व का था। हमें उनसे मिलकर अत्यंत आनंद की अनुभूति होती थी। 

तो बात उन्हीं दिनों की है। 

जब भी हम वहाँ जाते थे, तो हम लोगों का स्वागत बहुत ही आत्मीयता से होता, अक्सर दोपहर के भोजन से लेकर, शाम की चाय तक का समय वहीं व्यतीत हुआ करता था।

जब हम वहाँ पहुंचते तो, मम्मी पापा तो उनके साथ होते बातें करते और हम बच्चे तो क्या कहें, अपनी टोली के साथ मशगूल हो जाते, खेलने कूदने में; फिर समय का पता ही नहीं चलता।

दोपहर के भोजन के बाद आता, दादी का बड़ा ही दिलकश पान का डिब्बा।

सुनहरा रुपहला सा वो डिब्बा,  अपनी अलग ही शान रखता था।

उस डिब्बे के ऊपरी हिस्से में एक प्लेट में छोटी छोटी कटोरी लगी होती, जिसमें रखा होता चूना, कत्था, सुपाड़ी, लौंग, इलायची, और ऐसी ही ना जाने,कितनी सुगंध बिखेरती बहुत सी चीजें...

और उस प्लेट को हटाएं तो उसके नीचे होता, एक सरोता! अरे, सरोता क्या होता है, जानते तो हैं ना? हाँ बिल्कुल वही, सुपाड़ी कटाने का औजार। और यह सुपाड़ी जो इतनी सख्त और मजबूत होती है कि अच्छे- अच्छों की ताकत को फेल कर दें, पर मियां सरोते के आगे टुकड़े-टुकड़े हो जाती है। इसी सरोते के साथ होतें हैं, पान के डिब्बे की शान, खूब सारे ताज़े, नरम मुलायम पान के पत्ते।

पर यह पान की हसीन दुनिया, दादी के प्यार व दुलार और पान के दीवानों के बिना अधूरी थी

दादी, सबसे पूछा करतीं, कौन किस तरह का पान खाएगा, फिर सबकी पसंद के अनुसार बहुत ही रुच-रुचकर पान लगाया करतीं।

यूं तो हम बच्चों को मीठा पान भाता था और वो मीठा पान नहीं लगातीं थीं, मतलब पान सिर्फ बड़े लोगों के खाने के लिए ही तैयार होता था।

पर उनका इतने प्रेम से और कलात्मक ढंग से सबके लिए पान तैयार करना, साथ ही उस डिब्बे से आती एक अलग ही मनमोहक सुगंध, हम सब बच्चों को वहीं बांधे रखती थी।

वो पान का डिब्बा, क्या था, बस समझिए प्रेम की भावना से भरा जीता जागता, कोतूहल था।

पर अब, जब वो दादी हमारे बीच नहीं हैं, तो मानो वो पान का डिब्बा एक कोने में रखा, इंतजार करता रहता हो, उस असीम स्नेह का।

जो आज के जमाने में तो संभव ही नहीं है, क्योंकि अब ना वो पहले सा प्रेम है, ना आत्मीयता, ना लोगों के पास पहले सा वो वक्त।

आज सब ना जाने कहाँ व्यस्त हो गए हैं, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी व्यस्त हैं, पर कहाँ? किसी को नहीं पता।