Friday, 15 May 2026

Short Story : छोटे-छोटे हाथ

छोटे-छोटे हाथ


एक बार एक छोटा बच्चा अपनी माँ के साथ एक all purpose store पर गया।

माँ को घर का पूरा राशन और अन्य जरूरत के सामान खरीदने थे, अतः उसे बहुत अधिक समय लग रहा था।

पर वो छोटा बच्चा, बहुत सीधा और प्यारा सा था, अतः अपनी माँ को बिल्कुल परेशान नहीं कर रहा था। कुछ भी सामान खरीदने या घर जल्दी चलने की ज़िद्द नहीं कर रहा था।

जबकि all purpose store था, तो उसमें toffees, biscuits, chips, chocolates, icecreams व विभिन्न तरह के खिलौने भी मौजूद थे।

दुकानदार बच्चे की इस अदा पर मोहित हो गया कि बच्चा इतनी देर से खड़ा है, पर किसी भी सामान को नहीं छू रहा है, न किसी भी सामान को खरीदने की ज़िद्द कर रहा है।

दुकानदार ने खुश होकर बच्चे के सामने toffees का jar खोल दिया और कहा,  “बच्चे, इसमें से toffees ले लो।”

बच्चे की आंखें खुशी से चमक गईं, पर उसने toffees लेने से इंकार कर दिया।

दुकानदार ने फिर आग्रह किया, बच्चे ने फिर इंकार कर दिया।

दुकानदार ने बच्चे की माँ से पूछा कि क्या उसे toffees पसंद नहीं हैं?

माँ ने कहा कि ऐसा नहीं है, बल्कि यह  toffees उसको बहुत पसंद हैं।

फिर यह लें क्यों नहीं रहा?

माँ को भी आश्चर्य हुआ, वो बोलीं, ले लो बेटा जब uncle खुशी-खुशी दे रहे हैं।

बच्चे ने प्रसन्नतापूर्वक माँ को देखा, पर toffees लेने से इंकार कर दिया।

अब दुकानदार ने एक मुठ्ठी भर कर toffees बच्चे के हाथ में रख दी।

बच्चे ने बहुत ही खुश होते हुए toffees ले ली और अपनी pocket भर ली।

ऐसा करते देख, दुकानदार और बच्चे की माँ ने उससे पूछा, तुम्हें जब toffees लेनी ही थी, तो पहले क्यों नहीं ले ली, जब पूरा डिब्बा तुम्हारे सामने था।

बच्चे ने बड़ी मासूमियत से कहा, कि मेरे हाथ छोटे-छोटे हैं ना, तो उसमें ज्यादा आती नहीं ना, इसलिए...

दुकानदार उसकी मासूमियत पर रीझ गया और उसने एक मुट्ठी chocolate भी उसे दे दी।

ईश्वर का भी ऐसा ही है, हम उनसे मांगते हैं, पर उन्होंने तो हमारे मांगने से बहुत ज़्यादा देने का सोचा हुआ है। बस सब्र और विश्वास करना है, अपने ईश्वर पर, सब जल्दी ही अच्छा होगा।