अंदर की दुनिया
रंभा ने ऋषभ से कहा, “सुनिए न, आज office में नींबू पानी मंगाकर पी लीजिएगा, गर्मी बहुत हो रही है।”
“क्यों भला?”
“अरे तरावट रहेगी तो गर्मी असर नहीं करेगी,” रंभा ने ऋषभ को समझाते हुए कहा।
“अरे प्यारी रंभा, काहे की गर्मी? AC car से office आता-जाता हूँ, AC office है, फिर घर आकर मस्त shower लूंगा, उसके बाद तुम लोगों के साथ AC room में बैठकर enjoy करूँगा। मैं बाहर निकला ही कब, जो गर्मी लग जाएगी?”
सोच में पड़ गई रंभा, ‘सच में गर्मी में कब रहा ऋषभ?’
उसके बाद वो अपने बेटे रियान के पास नींबू पानी लेकर पहुंची, “लो बेटा, इसे पी लो। Temperature 42°C तक पहुंच गया है। नींबू पानी पिओगे, तो तुम्हारी तबियत ठीक रहेगी, गर्मी असर नहीं करेगी।
“पर माँ, मैं बाहर गया कब, जो गर्मी लग जाएगी? School आना-जाना AC bus से, School centralized AC, तो class, playground सब कुछ। फिर घर आकर भी पूरे time AC में ही रहता हूँ, पर नींबू पानी पी लूंगा, क्योंकि आप बहुत tasty बनाती हैं।”
रंभा एक फीकी मुस्कान के साथ, रियान के कमरे से निकल जाती है।
उसे अपना बचपन याद आने लगा, घर से school थोड़ी दूरी पर था, अतः रोज़ cycle से स्कूल जाती थी। स्कूल में दिन भर पढ़ती और interval में सहेलियों के साथ दौड़-दौड़ खेलती, फिर घर पहुंचते ही माँ खाना बाद में देती, पहले फलों का कोई न कोई रस या नींबू पानी अवश्य देती कि उनकी लाडो को गर्मी का असर न हो।
और school से आकर खाना खाकर गृहकार्य ख़त्म नहीं कर पाती थी कि सहेलियों के चक्कर लगने शुरू हो जाते, शाम को खेलने जाने के लिए। फिर क्या, पूरी शाम खेलकूद और भागदौड़ में निकल जाती।
और AC, कहीं भी नहीं, बल्कि यूं कहें कि AC से दूर-दूर तक कोई सरोकार ही नहीं।
कितनी हसीन और सुखद थीं उसकी बचपन की यादें। आजकल के बच्चों जैसी अंदर की दुनिया नहीं थी, बल्कि पूरा खुला आसमान था उड़ने के लिए।
आजकल के बच्चे क्या जानें कि अंदर की दुनिया से बहुत खूबसूरत है बाहर की दुनिया। पर करें भी क्या? आजकल जितना अधिक temperature उसके समय में कहाँ था।
आजकल पूरा youth AC में ही सांस लेना सीख रहा है, घर, school-college, bus, car, train, station, mall, यहाँ तक कि playground में भी AC है।
वैसे playground जाते भी कितने बच्चे हैं, सब अपने घरों पर laptop, mobile and playstation आदि पर ही खेल रहे हैं।
गर्मी के कारण सब AC में ही रहना चाहते हैं और जितना अधिक AC चलते हैं, उतनी ही अधिक गर्मी बढ़ती जा रही है।
इस तरह से एक cycle-सी बन गई है, AC और गर्मी की।
दूसरे शब्दों में कहें तो अंदर की दुनिया में ही रहे हैं और नुकसान पहुंचा रहे हैं अपनी सेहत को। चलना-फिरना छोड़कर अपनी मांसपेशियों को कमजोर कर रहे हैं, और धूप में न रहकर vitamin D की कमी, जिसकी कीमत सबको एक दिन पता चलेगी…
