Wednesday, 20 May 2026

Recipe : Instant Butterscotch Idli

आज summer vacations की recipes में आपको एक ऐसी dish share करने जा रहे हैं, जो झट-पट तो बनेगी ही, साथ ही आप के meal को complete भी करेगी।

और वो dish है, instant butterscotch idli.

तो अबकी बार जब इडली-सांभर बनाएं, तो साथ में इसे भी as a sweet dish prepare कर लीजिएगा, आप का meal complete हो जाएगा। 

इडली के batter में बस थोड़ा-सा फेर-बदल और कमाल की sweet dish ready…

Instant Butterscotch Idli

Ingredients :
  • Semolina (suji) - 250 gm. 
  • Fresh-thick malai - 150 gm.
  • Milk - ½ glass or according to consistency 
  • Baking powder - 1 tsp. (full)
  • Butterscotch powder - 2 tbsp.
  • Sugar - 2 tbsp. or according to taste 
  • Ghee - for greasing
  • Dry fruits - for garnishing 


Method :
  1. Malai में दूध डालकर हल्के हाथों से mix कर दूध-मलाई का solution ready कर लीजिए। अब इस solution में हल्के हाथों से लगातार चलाते हुए सूजी को mix कर लीजिए।
  2. फिर इसे ½ to 4 hours के लिए छोड़ दीजिए। अब इसमें sugar and butterscotch powder डालकर अच्छे से mix कर दीजिए।
  3. थोड़ी देर तक oval shape में इसे फेंट लें (मतलब हाथों का movement utensil के along नहीं, बल्कि ऊपर से नीचे की तरफ रहे)।
  4. अब इसमें baking powder डालिए। Baking powder पर पानी छींट दीजिए। अब इसे फेंट लें, जिससे पूरा baking powder सूजी में अच्छे से incorporate हो जाए।
  5. Idli batter ready है।
  6. अब idli जिसमें बना रहे हैं, उसमें पानी डालकर उबलने रख दें। Meanwhile, इडली के सांचे में घी लगाकर grease कर लीजिए।
  7. 1 tbsp. Idli batter को हर greased सांचे में डाल‌ दीजिए। साथ ही हर इडली के ऊपर थोड़े से chopped dryfruits (cashews, almonds and pistachios) डाल दीजिए।
  8. पानी खौल चुका होगा, flame slow कीजिए और idli stand को बर्तन में place कर दीजिए। 
  9. अब पहले full flame 4 minutes, फिर medium flame 4 minutes, अंत में slow flame 4 minutes करके idli steam कर लीजिए।
  10. Idli stand को boiling utensil से निकाल कर 5 से 7 minutes ठंडी होने दीजिए, फिर idli demould कर दीजिए।
  11. अब हर इडली को chopped dryfruits से garnish कर दीजिए।
Your melt-in-mouth Instant Butterscotch Idlis are ready to be relished. They are a complete dessert by themselves.


Tips and Tricks :
  • दूध-मलाई का solution ऐसा ready कीजिए कि दूध-मलाई मिलाकर एक uniform solution बना लें।
  • मलाई न होने पर आप fresh cream भी ले सकते हैं। आप fresh and thick curd भी ले सकते हैं, बस वो जरा भी खट्टा न हो। पर मलाई से बनी इडली का taste और दही से बनी इडली के taste में mouth-melting होने का अंतर होता है। 
  • इसलिए अगर आप को mouth-melting इडली चाहिए तो मलाई ही use कीजिए।
  • सूजी धीरे-धीरे चलाते हुए डालिए, जिससे lumps न बनें।
  • घोल बनाने में दूध डालने से taste enhance होता है, आप चाहें तो पानी भी डाल सकते हैं। बस इससे taste में compromise होगा।
  • अगर batter excessively thick है, तो थोड़ा दूध और डाल दीजिए। अगर थोड़ा runny हो गया है, तो परेशान न हों, सूजी फूलने में दूध soak करती है।
  • Final consistency ribbon-like होनी चाहिए, जो कि soak होने के बाद की है। अगर वैसी consistency न हो, जैसे अगर runny है, तो थोड़ा सूजी और मिला लें और ½ hour wait कर लीजिए। अगर over thick है, तो दूध mix करके ½ hour के लिए wait कर लीजिए।
  • Soaking के लिए ½ hour must है, 4 hours के लिए soak करने से बहुत अच्छा result आता है। 
  • इससे idli batter बहुत बढ़िया set होता है।
  •  दूध और सूजी अलग-अलग नहीं जाते हैं। पर अगर आप को जल्दी है, तो ½ hour is sufficient.
  • Baking powder डालकर पानी के छींटे जरूर डालिए, इससे baking powder activate हो जाता है और best result देता है।
  • इडली का सांचा grease अवश्य करें।
  • इडली बनाते समय preheat and बाकी समय भी flame की stage and time दोनों matter करेगा तो ध्यान रखें।
  • इडली थोड़ी ठंडी हो जाए तभी demould करें, अन्यथा टूटने का डर है।
  • हमने Funfood's का Butterscotch Milkshake Powder use किया है, जिसमें already sugar होती है। 
  • आप इडली में कौन-सी company का butterscotch powder डाल रहे हैं, उसके according sugar कम-ज्यादा कर सकते हैं।
तो बस फिर, देर किस बात की? जल्द से जल्द अपने बच्चों को यह healthy & tasty Instant Butterscotch Idli खिलाएँ और उनसे वाहवाही पाएँ।

ऐसी और recipes के लिए जुड़े रहें, Shades of Life से…

Tuesday, 19 May 2026

Recipe : Thukpa

Summer vacations की यह दूसरी dish भी हमारी बिटिया रानी Advi की ही एक और international dish है। यह एक Tibetan dish है। 

बहुत ही yummy and tasty, cafés की शान। यह one-pot meal है filled with lots of veggies, completely healthy! बच्चे तो बहुत ही पसंद करेंगे…

Thukpa 


Ingredients :

For Thukpa Paste-

  • Ginger - 1½ inches (peeled & roughly chopped)
  • Onions - 1½ (large, roughly chopped)
  • Tomatoes - 2 (medium, diced)
  • Coriander stems - 2 tbsp. (tender, roughly chopped)
  • Red Chillies - 5 to 6 or as per taste 
  • Sesame Oil - 2 tsp.

For Noodles & Soup-

  • Noodles - 1 packet (hakka or wheat) 
  • Mushrooms - 10 to 12 (sliced)
  • Carrots - 2 (medium, julienned)
  • Cabbage - ½ (julienned)
  • French beans - 8 to 10 (diagonally cut)
  • Spring onions - ¼ cup (chopped)
  • Vegetable stock - 4 to 5 cups
  • Vinegar - 1 tsp.
  • Sesame oil - 2 tsp. (for finishing) 
  • Garlic cloves - 2 tsp. (chopped)
  • Oil - for cooking


Method :

  1. Noodles को oil-infused water में boil कर लीजिए।
  2. छानकर ठंडे पानी से wash कर लीजिए, उसके बाद noodles में थोड़ा-सा oil डालकर toss कर लीजिए।
  3. Paste के लिए ginger, onions, tomatoes, coriander stems, red chilies, और sesame oil को mixer grinder jar में डालकर smooth paste बना लीजिए।
  4. Oil में chopped garlic डालकर sauté कर लीजिए, फिर इसमें thukpa paste डालकर sauté कर लीजिए।
  5. अब इसमें सारी vegetables (mushrooms, carrots, cabbage, beans) डालकर अच्छे से mix कीजिए।
  6. फिर इसमें vegetable stock डालकर 5 to 10 minutes के लिए पका लीजिए।
  7. अब इसमें noodles व vinegar डालकर एक उबाल आने दीजिए। अब इसे spring onions and sesame oil से finish करें।

Serve hot with lots of love.


Tips and Tricks :

  • Authentically इसमें आटे से noodles बना कर डालते हैं, इससे यह और ज्यादा healthy version बनता है। अगर आप को उसका method जानना है तो comment box पर डाल दीजिए, हम उसकी recipe भी बता दैगे।
  • इसमें बहुत सारी veggies पड़ती है, वही इसका key ingredient है, तो आप अपने taste के according सब्जियां कम-ज्यादा कर लीजिएगा, पर न डालें, ऐसा मत कीजिएगा।
  • इसमें सब्जियां crunch taste में होती हैं, इसलिए बहुत ज्यादा boil करके पूरा मत पका लीजिएगा। 
  • इसमें आपको एक साथ soup, veggies and noodles का taste मिलता है, जो कि इसे बहुत ही healthy and tasty combination देता है।
  • आप इसे as a starter or soup serve कर सकते हैं। या main course में भी serve कर सकते हैं। यह one pot meal भी है। 

Enjoy!

Monday, 18 May 2026

Recipe : Mashed Potatoes

बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो गई हैं, और साथ ही उनकी नई-नई dishes खाने की demands भी।

तो लीजिए, Shades of Life आपकी इसी demand को पूरा करने के लिए खूब सारी tasty, favourite, and healthy dishes के साथ ready है।

अबकी बार शुरुआत बिटिया रानी Advi की international cuisine से कर रहे हैं, जो उसने उन दिनों में बनाई थी जब हमारी तबीयत बहुत ज्यादा ख़राब थी और हमें कुछ भी खाने का मन नहीं कर रहा था।

पर उसकी ये dishes कमाल की थीं, जिसे खाकर मन खुश हो गया और तबीयत ठीक... 

आज की यह dish South America (Andes Mountains) की बहुत famous dish है।

Mashed Potatoes


Ingredients :
  • Boiled potatoes - 9 (medium-sized)
  • Salt - 2 tsp. or as per taste
  • Olive oil - 2 tsp.
  • Butter - 50 to 100gm.
  • Grated mozzarella-cheddar cheese - 4 tbsp.
  • Milk - 200ml.
  • Garlic - 6 to 7 cloves
  • Parsley (for garnishing)
  • Oregano (for garnishing)

Method : 

  1. आलू को छील लीजिए।
  2. आलू को अच्छे से तब तक mash करिए, जब तक वो smooth हो जाए।
  3. Garlic को छोटा-छोटा काट लीजिए।
  4. अब एक pan में butter & olive oil डालकर उसे low flame पर चढ़ा दीजिए।
  5. Pan में कटा हुआ लहसुन डालकर हल्का toss कर लें।
  6. अब इसमें सारा mash किया हुआ आलू डाल दें। 
  7. नमक और 100 ml दूध डालकर अच्छे से mix कर लें।
  8. जब आलू सारा दूध absorb कर ले, तो flame medium slow करके बाकी दूध भी mix कर लें।
  9. जब दूध अलग से दिखना बंद हो जाए, तो cheese को हाथ से आलुओं पर फैलाते हुए डालें, फिर pan को ढक दें और flame low कर दें।
  10. 2-3 minutes बाद जब cheese melt हो जाए, तो parsley और oregano से garnish कर के gas बंद कर दें।
Your cheesy and easy-peasy Mashed Potatoes is ready. Enjoy them as it is or with garlic bread!



Tips and Tricks :
  • जैसा कि इसका नाम है mashed potatoes, तो इसका key point यह है कि आलू mash होकर smooth हो‌ जाना चाहिए।
  • आलू properly smooth prepare हो इसके लिए आलुओं को गर्म-गर्म ही mash कर लीजिए।
  • फिर excellent taste के लिए इसको serve भी गर्मागर्म ही करें।
  • Cheese & butter आप taste के according कम-ज़्यादा कर सकते हैं।

तो देर किस बात की? Summer vacations में बच्चों को खुश करें ये yummy Mashed Potatoes बना कर।

Saturday, 16 May 2026

India's Heritage : महायोग दुःख-कष्ट निवारण का

16 मई का यह दिन बहुत ही शुभ योग लेकर आया।

जैसा कि आप जानते होंगे, कि अमावस्या में बरगद अमावस्या (वट सावित्री अमावस्या) को सबसे शुभ और सबसे बड़ी मानी गई है।

फिर इस अमावस्या के साथ सुहाग का इतना बड़ा पर्व भी जुड़ा हुआ है, अतः यह सबसे फलदाई भी मानी‌ जाती है। इस बार संयोग यह है कि साथ में शनि जयंती भी है।

महायोग दुःख-कष्ट निवारण का


शनि जयंती :

हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को पड़ता है। इस साल शनि जयंती 16 मई को मनाई जा रही है।

  • दुर्लभ संयोग- शनि जयंती शनिवार के दिन ही पड़ने के कारण इसे बेहद शक्तिशाली और शुभ माना गया।
  • ज्योतिषीय महत्व- कर्म और न्याय के देवता शनि देव को समर्पित इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और दान से साढ़े साती और ढैय्या के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
  • पूजा और उपाय- इस दिन शनि मंदिरों में तेल चढ़ाने, व्रत रखने, हनुमान चालीसा का पाठ करने और गरीबों को दान देने का विधान है।


पूजा की विधि :

सबसे पहले घर पर पोछा कराते समय पानी में नमक डाल कर पोछा लगवाएँ। अगर आप की maid जा चुकी है, तो आप एक mug में पानी लेकर उसमें नमक डालकर मिलाएं। इस पानी को दहरी (जहां-जहां घर में दरवाजे हैं) पर छिड़क कर पोंछ दीजिए।

नमक वाले पानी का पोछा आप प्रत्येक शनिवार को भी लगवा सकते हैं, इससे negativity घर में नहीं आती है और सब शुभ होता है। उसके पश्चात व्रत रखकर वटवृक्ष के नीचे जाकर या वटवृक्ष की डाल को घर में लाकर विधिवत पूजा कीजिए।

 पूरी पूजा विधि के लिए link पर click करें- वट सावित्री या बरगद अमावस्या व्रत

अगर आप के घर पर वटसावित्री व्रत नहीं किया जाता है, तब भी आप वटवृक्ष को जल अवश्य चढ़ाएं, इससे भी शुभ फल मिल जाएगा।

इस व्रत के प्रभाव से अखंड सौभाग्य प्राप्त होता है, साथ ही पति-पत्नी का सुख-समृद्धि के साथ जीवन-यापन होता है और दोनों को एक-दूसरे का प्यार से परिपूर्ण साथ मिलता है।

शनिवार हनुमानजी का भी दिन माना जाता है, फिर ज्येष्ठ मास, हनुमान जी की पूजा का विशेष माह माना गया है। अतः सुन्दरकाण्ड पाठ, हनुमान चालीसा पाठ और हनुमान जी की आरती, इनमें से आप कुछ भी अवश्य कीजिए, यदि आप तीनों कर लें तो आप पर विशेष कृपा होगी।

हनुमान जी संकटमोचन हैं, हर तरह के दुःख-कष्ट निवारण के देवता। अतः जिसने इन्हें अपना इष्ट देव बना लिया, उसके तो सभी दुःखों का हरण करने के लिए वो खुद तत्पर रहते हैं।

शाम के समय में मंदिर जाकर हनुमान जी और शनिदेव के दर्शन करें, सरसों का तेल चढ़ाएं, दीया जलाएं व सुहाग के सामान, पांच फल (खरबूजा, तरबूज, खीरा, आम व केला), मेवा, मिठाई, पंखों आदि का दान कीजिए।

अगर आप के घर में शनि के तेल का दान मांगने या नींबू मिर्ची लगाने के लिए लोग आएं तो विशेष रूप से करें। रात्रि में 8 बजे पीपल के वृक्ष पर जल व तेल चढ़ाएं और दीया जलाएं। 

सभी विधि दुःख-कष्ट निवारण हेतु किए गए प्रयास मात्र हैं, इन्हें करने से सुख समृद्धि के योग बनते हैं। 

पूरा करना, आधा करना या नहीं करना आपकी इच्छा है। ईश्वरीय आराधना, ईश्वर तक अपनी बात पहुंचाने का जरिया होता है, पर पूर्ण फल हमारे कर्म और ईश्वर की कृपा पर निर्धारित होता है।

जय हनुमान जी, जय शनिदेव जी, जय वटवृक्ष! आप सभी हम सब के सभी दुःखों का निवारण कर सुख प्रदान करें।

Friday, 15 May 2026

Short Story : छोटे-छोटे हाथ

छोटे-छोटे हाथ


एक बार एक छोटा बच्चा अपनी माँ के साथ एक all purpose store पर गया।

माँ को घर का पूरा राशन और अन्य जरूरत के सामान खरीदने थे, अतः उसे बहुत अधिक समय लग रहा था।

पर वो छोटा बच्चा, बहुत सीधा और प्यारा सा था, अतः अपनी माँ को बिल्कुल परेशान नहीं कर रहा था। कुछ भी सामान खरीदने या घर जल्दी चलने की ज़िद्द नहीं कर रहा था।

जबकि all purpose store था, तो उसमें toffees, biscuits, chips, chocolates, icecreams व विभिन्न तरह के खिलौने भी मौजूद थे।

दुकानदार बच्चे की इस अदा पर मोहित हो गया कि बच्चा इतनी देर से खड़ा है, पर किसी भी सामान को नहीं छू रहा है, न किसी भी सामान को खरीदने की ज़िद्द कर रहा है।

दुकानदार ने खुश होकर बच्चे के सामने toffees का jar खोल दिया और कहा,  “बच्चे, इसमें से toffees ले लो।”

बच्चे की आंखें खुशी से चमक गईं, पर उसने toffees लेने से इंकार कर दिया।

दुकानदार ने फिर आग्रह किया, बच्चे ने फिर इंकार कर दिया।

दुकानदार ने बच्चे की माँ से पूछा कि क्या उसे toffees पसंद नहीं हैं?

माँ ने कहा कि ऐसा नहीं है, बल्कि यह  toffees उसको बहुत पसंद हैं।

फिर यह लें क्यों नहीं रहा?

माँ को भी आश्चर्य हुआ, वो बोलीं, ले लो बेटा जब uncle खुशी-खुशी दे रहे हैं।

बच्चे ने प्रसन्नतापूर्वक माँ को देखा, पर toffees लेने से इंकार कर दिया।

अब दुकानदार ने एक मुठ्ठी भर कर toffees बच्चे के हाथ में रख दी।

बच्चे ने बहुत ही खुश होते हुए toffees ले ली और अपनी pocket भर ली।

ऐसा करते देख, दुकानदार और बच्चे की माँ ने उससे पूछा, तुम्हें जब toffees लेनी ही थी, तो पहले क्यों नहीं ले ली, जब पूरा डिब्बा तुम्हारे सामने था।

बच्चे ने बड़ी मासूमियत से कहा, कि मेरे हाथ छोटे-छोटे हैं ना, तो उसमें ज्यादा आती नहीं ना, इसलिए...

दुकानदार उसकी मासूमियत पर रीझ गया और उसने एक मुट्ठी chocolate भी उसे दे दी।

ईश्वर का भी ऐसा ही है, हम उनसे मांगते हैं, पर उन्होंने तो हमारे मांगने से बहुत ज़्यादा देने का सोचा हुआ है। बस सब्र और विश्वास करना है, अपने ईश्वर पर, सब जल्दी ही अच्छा होगा।

Wednesday, 13 May 2026

Article : खरीदारी पर रोक

आजकल हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने जनता से appeal की है कि अभी कुछ चीजों की खरीदारी देशहित के कारण न करें।

पहले देख लेते हैं कि वो कौन-सी चीजें हैं जिनकी खरीदारी पर रोक लगाई गई हैं। 

  • Work from home को प्राथमिकता दें।
  • एक साल तक सोना खरीदने से बचें।
  • Petrol-diesel की बचत करें, metro से सफर करें, parcel rail से भेजें और car का कम इस्तेमाल करें।
  • खाने के तेल का उपयोग कम करें।
  • रासायनिक खाद आधी करें और प्राकृतिक खेती अपनाएँ।
  • विदेशी branded उत्पादों की जगह स्वदेशी को अपनाएँ।
  • एक साल तक विदेश यात्राओं को सीमित रखें।

इन सभी चीजों की खरीदारी में कटौती की जा सकती है, साथ ही जिस तरह से इस समय को manage करने को कहा गया, वो भी किया जा सकता है।

पर सबसे आसानी से जो किया जा सकता है, वो है सोने की खरीदारी को एक साल के लिए स्थगित करना। ऐसा करने से क्या होगा?

खरीदारी पर रोक


ऐसा करने से जो अधिक आवश्यक सामान है, उनकी खरीदारी में कटौती या आवश्यक सामानों की कमी नहीं होगी। 

ऐसा नहीं है कि राष्ट्रहित में ऐसी appeal पहली बार की जा रही है। नीचे बहुत सारी ऐसी appeals दी गई हैं जो देश के leaders ने की थी।
  • 1987- इंदिरा गांधी की appeal: “सोना ना खरीदें, विदेशी मुद्रा की स्थिति गंभीर बनी हुई है।”
  • 2001- अटल बिहारी वाजपेयी की appeal: भुज भूकंप में पुनर्वास के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की appeal.
  • 2004- मनमोहन सिंह की appeal: 2004 सुनामी के दौरान राष्ट्र को संबोधित किया गया और राहत कार्यों के लिए भारी मदद की appeal की गई।
  • 2013- मनमोहन सिंह की appeal: “हमें सोने की लालसा कम करनी होगी और petroleum उत्पादों का उपयोग कम करना होगा।”
  • 2013- पी. चिदंबरम की appeal: “कृपया सोना ना ख़रीदें।”
  • 2013- वीरप्पा मोइली की appeal: “रात 8 बजे के बाद देश के सभी petrol pumps बंद रहेंगे। अगर आपके पास 3 गाड़ियाँ हैं तो सिर्फ 1 गाड़ी का ही इस्तेमाल करें। लोग घर से बाहर निकलना बंद कर दें।”

लाल बहादुर शास्त्री ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध और देश में आए भयंकर अन्न संकट के दौरान राष्ट्र को एकजुट करने और आत्मनिर्भरता के लिए कई ऐतिहासिक appeals की थीं: 

  • Monday Fast- शास्त्री जी ने देशवासियों से आह्वान किया था कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन, विशेषकर सोमवार की शाम का भोजन न करें, ताकि अनाज की बचत हो सके।
  • Simplicity Appeal- उन्होंने शादियों और parties में भोजन की बर्बादी कम करने और सादगी बरतने की appeal की थी।
  • Result- शास्त्री जी की इन appeals का देश पर अभूतपूर्व प्रभाव पड़ा। उनके एक आह्वान पर करोड़ों लोगों ने स्वेच्छा से सोमवार को उपवास रखा और दिल्ली के hotels-ढाबों ने भी सोमवार की शाम को अपने restaurants बंद रखने का फैसला किया।

ऐसा नहीं है कि ऐसी appeal केवल भारत में ही की जाती है। बल्कि समय-समय पर अन्य देशों में भी की गई है। और जो देश अपने दूरंदेशी राजनायक की देशहित में की गई appeal पर अमल करते हैं, वहां आपदा प्रबंधन सुदृढ़ता के साथ हो जाता है, और देश और अधिक सशक्त होकर विकास करता है।

पर जहां पालन नहीं किया जाता है, वहां आपदा संकट में और संकट पतन में परिवर्तित हो जाता है, और ऐसे देश का समूल नाश हो जाता है।

इसलिए अनुरोध है कि appeal का पालन करें क्योंकि यह मोदी जी अपने हित के लिए नहीं अपितु देशहित के लिए कर रहे हैं।

जय हिन्द, जय भारत!

Tuesday, 12 May 2026

Article : बंगाल में जीत क्यों थी ज़रूरी

बंगाल में 4 मई को ममता की सरकार गई और सत्ता में आई BJP government, और इसके साथ ही 15 साल तक सत्ता पर काबिज TMC government भी चली गई।

पर आपको पता है, यह जीत जितनी BJP government के लिए आवश्यक थी, उससे भी ज्यादा हमारे देश भारत के लिए जरूरी थी?

आइए जानते हैं, कि क्यों BJP और देश के लिए जरूरी थी यह जीत...

बंगाल में जीत क्यों थी ज़रूरी


2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में BJP की जीत को party और समर्थकों द्वारा कई प्रमुख कारणों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा था। यह जीत न केवल राज्य की सत्ता में बदलाव, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी एक बड़ा मोड़ मानी गई है।

इसके लिए यह जान लेते हैं कि BJP की सरकार इन सभी राज्यों में है-

  • Assam
  • Arunachal Pradesh
  • Tripura
  • Manipur
  • Sikkim
  • Nagaland
  • Meghalaya
  • Mizoram
  • Gujarat
  • West Bengal
  • Uttarakhand

बीजेपी के लिए पश्चिम बंगाल वर्षों से एक ऐसा चुनावी किला बना हुआ था जिसे भेदना मुश्किल था। वामपंथी शासन और फिर ममता बनर्जी के वर्चस्व को तोड़कर सत्ता में आना बीजेपी के लिए एक बड़ी वैचारिक और संगठनात्मक उपलब्धि है।

2026 के चुनावी घटनाक्रम के बाद यहाँ अब BJP की सरकार (सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में) है।

जब से भारत देश में BJP government सत्तारूढ़ हुई है, तब से ही पूरे देश में double engine सरकार कायम हो सके, विकास हो सके, इसके लिए BJP प्रयासरत रही है और बहुत हद तक सार्थक भी हुई है।

Party का मानना था कि बंगाल को विकास के मुख्यधारा में लाने के लिए राज्य और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार होना ज़रूरी था, ताकि रुकी हुई परियोजनाओं को गति मिल सके।

West Bengal Bangladesh के साथ 2216 km लंबा border साझा करता है। BJP ने अवैध घुसपैठ को एक बड़ा मुद्दा बनाया था और उनका मानना था कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए यह जीत बहुत ज़रूरी थी। 

किससे सुरक्षा, बंगलादेश से?

नहीं, उसके साथ-साथ चीन से भी...

क्योंकि बंगाल के सिलीगुड़ी से एक गलियारे से बनता है, जहां से चीन भारत में घुसपैठ बनाकर, east को भारत से पूरी तरह से काटने की planning कर रहा था, पर BJP के जीतने से चीन के मंसूबों पर पानी फिर गया।

समर्थकों का मानना था कि ममता बनर्जी के शासनकाल में राजनीतिक हिंसा और भ्रष्टाचार के कारण राज्य में भय का माहौल था, जिसे बदलने के लिए सत्ता परिवर्तन जरूरी था।

RG Kar medical college में हुई निंदनीय घटना के पश्चात उसको नज़रअंदाज़ किया जाना TMC को भारी पड़ गया।

इस चुनाव के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और हिंदू मतदाताओं की असुरक्षा का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया था, जिसे बीजेपी ने प्रमुखता से दूर करने का वादा किया था।

इस जीत ने न केवल TMC के 15 साल के शासन को खत्म किया, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की एकता और भविष्य पर भी बड़ा असर डाला है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक छवि और मजबूत हुई है।

शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा सरकार बनी।संक्षेप में, यह जीत वैचारिक वर्चस्व, विकास, सुरक्षा और राजनीतिक सत्ता के पुनर्गठन के लिए एक मील का पत्थर मानी गई है। 

इस तरह से यह जीत केवल BJP government के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की सुरक्षा और अखंडता के लिए भी जरूरी थी।

जय हिन्द, जय भारत!

Monday, 11 May 2026

Poem : चली थी जहाँ से

आज आप सब के साथ मुझे भोपाल के मेजर नितिन तिवारी जी की कविता को साझा करते हुए अपार प्रसन्नता हो रही है।

आज नितिन जी की लेखनी ने प्रेम-रस बरसाया है, कुछ ही शब्दों का उपयोग कर के बहुत ही खूबसूरत कविता लिखी है।

आइए, इसका आनन्द लेते हैं…

चली थी जहाँ से


चली थी जहां से,

वहीं फिर चली।

कली-सी महकती,

है कविता कली।

खिला रूप यौवन,

चमन में खिला।

चली मिलने मोहन,

से राधा चली।

कई ठांव आए,

गए भी कई।

चली जो थी कहने,

वो कहने चली।

चली थी जहां से,

वहीं फिर चली…

Sunday, 10 May 2026

Poem : माँ ऐसा कैसे करती हैं

माँ ऐसा कैसे करती हैं


मैंने देखा है कि,

माँ जब अपनी माँ से,

और उनकी माँ जब अपनी मां से,

फ़ोन पर बातें करती हैं।

सच कहती हूँ,

वो भी बिल्कुल 

मुझ-सी ही लगती हैं।

वैसी ही वो हंसती हैं,

नखरे भी वैसे ही करती हैं,

रूठना-मनाना भी बिल्कुल 

मुझ जैसा ही करती हैं‌

पर जब वो मेरी 

माँ का रूप धरती हैं,

न जाने, तब क्यों वो

अलग रूप में लगती हैं। 

अपने सपनों को बिसराने वाली ,

कष्ट में भी मुसकाने वाली,

काम हो कितना भी अधिक, 

मिनटों में निपटाने वाली। 

हरदम खुद से पहले

वो मुझको ही रखती हैं।

समझ नहीं आता है कि 

माँ, ऐसा कैसे करती हैं?

अपने बच्चों की खातिर 

खुद को कितना बदलती हैं। 


मातृ दिवस के शुभ अवसर पर सभी माँ और उनकी ममता को कोटि-कोटि नमन।


Saturday, 9 May 2026

Song : सूना सूना घर है मेरा

जब एक सैनिक, देश पर सब कुर्बान करने के लिए अपने पीछे, घर-बार छोड़कर आ जाता है, तो उसके त्याग और तपस्या को हर कोई सराहता है। पर उसके पीछे उसकी पत्नी की क्या व्यथा होती है, वो कोई नहीं सोचता है।

आज का यह गीत, उसी विरह वेदना को व्यक्त करता हुआ प्रस्तुत किया है… 

सूना सूना घर है मेरा


सूना सूना घर है मेरा…


सूना सूना घर है मेरा 

सूनी है अटरिया,

जब से गये हैं पिया,

दूजी नगरिया।

सूना सूना घर है मेरा...


का से कहूं,

दिल की बतियां,

कटतीं न रतियां।

उनके बिना अब, 

दिल को चैन कहां है?

सूना सूना घर है मेरा...


हर ओर फैली खुशियाँ,

अब भाती नहीं है।

उनके बिना नैनों में,

नींद आती नहीं है। 

सूना सूना घर है मेरा...


होली-दीवाली अब सब, 

नीरस है लगती। 

हर पल अखियां उनकी,

राह है तकती।

सूना सूना घर है मेरा...


यह गीत उन सभी को समर्पित है, जिनके पति उनसे किसी भी कारण से दूर रह रहें हैं।




गाना सुनने के लिए नीचे दिए गए link पर click करें-

Wednesday, 6 May 2026

Article : जीत है प्रचंड

4 May को बंगाल के चुनाव के नतीजे सामने आते ही BJP government के अपने founder श्यामा प्रसाद मुखर्जी से किया वादा कि बंगाल पर भी भगवा ध्वज लहराएंगे, BJP government की प्रचंड जीत के साथ पूर्ण हुआ।

यहाँ तक कि ममता बनर्जी भी स्वयं अपनी constituency भवानीपुर से हार गई। इससे ज्यादा बड़ी सफलता बंगाल पर सत्तारूढ़ होने की और कुछ नहीं हो सकती।

यह जीत रातों-रात नहीं मिली है, बल्कि यह लगभग 10 से 15 वर्षों के सुनियोजित प्रयासों का परिणाम है।

2011 से BJP का प्रयास जारी था और 0 से 206 तक पहुंच कर सफल हुआ।

बंगाल को मिलाकर 22 राज्यों में BJP government सत्ता पर है।

अगर इसे map पर देखेंगे तो आपको बता दें कि 72% भारत में BJP government सत्तारूढ़ है।

आरंभ है प्रचंड


इस जीत के पीछे जो सबसे बड़ा कारण है, उससे अगर कोई भी मनुष्य प्रेरणा ले, तो सौ-प्रतिशत सफलता मिलेगी ही मिलेगी, और वो कारण है लक्ष्य को प्राप्त करने तक अथक प्रयास करते रहना।

जी हाँ, BJP government की सतत् जीत का मुख्य कारण लगन और सतत् प्रयास ही है, और इसके कारण ही उनका अखंड भारत बनाने का स्वप्न लगभग पूरा होता दिख रहा है।



इसके साथ ही और भी कुछ कारण हैं, जिनकी वजह से BJP (मोदी जी) जीत दर्ज कर सकी और TMC (ममता बनर्जी) हार गई।



पर इसके साथ ही एक बहुत बड़ी बात BJP government को भी समझनी होगी कि लगातार जीत कभी भी हार में बदल सकती है। यदि सत्ता पाने का लक्ष्य केवल सत्तारुढ़ होने तक सीमित हो।

जो देशहित में कार्यरत रहेगा, वही सत्तारूढ़ रहेगा, अन्यथा जनता जितना प्यार और सम्मान सत्तारूढ़ करने के लिए देती है, उतना ही कुपित हो तख्तापलट भी कर देती है।

इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं- कांग्रेस, आप, सपा, बसपा, TMC आदि का तख्ता पलट। 

मोदी जी, भारत को अखंड, सुदृढ़ और सफल बनाएं, देश आपके साथ है।

जय हिंद, जय भारत!

Tuesday, 5 May 2026

India's Heritage : बड़ा मंगल पर प्रसाद

शनिवार 2 मई से ज्येष्ठ मास (जेठ महीना) प्रारंभ हो गया है, और कल पहला बड़ा मंगल है।

ज्येष्ठ मास में आने वाले मंगल को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल क्यों कहते हैं, यह हम इन दोनों posts (बड़ा मंगल, बड़ा मंगल क्यों) में share कर चुके हैं। आपको इन दोनों पर click करने से सम्पूर्ण जानकारी मिल जाएगी।

बड़ा मंगल इस साल बहुत विशेष है, क्योंकि आठ साल बाद वो विशेष वर्ष आया है, जब 8 बड़े मंगल एक साथ आएंगे, जो कि आज से 23 June तक 8 बड़े मंगल हैं।

इस विशेष वर्ष पर उज्जैन के मायापति हनुमान मंदिर में विशाल आयोजन किया जा रहा है, जिसमें:

  • 8 लाख मूल‌ मंत्र जाप
  • 800 हनुमान चालीसा पाठ 
  • 8 किलो सिन्दूर से अभिषेक

ये सभी चीजें की जाएँगी।

वहीं हनुमान गढ़ी मंदिर में आज 11000 मूल मंत्र जाप करे जाएंगे।

बड़ा मंगल पर प्रसाद


हनुमान जी को ‘अष्टसिद्धि नवनिधि’ के दाता कहा जाता है। यह मान्यता है कि बड़े मंगल में हनुमानजी की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

हनुमान जी को प्रसन्न करने हेतु चढ़ाए जाने वाले आठ प्रसाद इस प्रकार हैं:

  • मोतीचूर के या बेसन के लड्डू- हनुमान जी को मुख्यतः मोतीचूर के या बेसन के लड्डू चढ़ाने से भक्ति बढ़ती है और जीवन में शुभ फल मिलते हैं। 
  • चना-गुड़- हनुमान जी को चना और गुड़ बेहद प्रिय हैं। गुड़ ऊर्जा और चना बल का प्रतीक है। इसे अर्पित करने से मंगल दोष शांत होता है और ताकत बढ़ती है।
  • मीठा पान- बिना तंबाकू वाला मीठा पान चढ़ाने से मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है। यह हनुमान जी को बहुत पसंद है।
  • कच्चा नारियल- पूरा कच्चा नारियल चढ़ाना शुभ माना जाता है। इससे इच्छाओं की पूर्ति और कामनाएं स्वीकार होने का विश्वास है।
  • इमरती- शुद्ध घी में बनी इमरती का भोग लगाने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं।
  • केसर भात- केसर वाला भात अर्पित करने से मंगल दोष कम होता है और सुख-समृद्धि आती है।
  • रोटी- घी लगी सादी रोटी चढ़ाने से रोग और बाधाएं दूर होती हैं, साथ ही स्वास्थ्य बेहतर रहता है।
  • पंचमेवा- किशमिश, काजू, मखाना, छुहारा और चिरौंजी से बना पंचमेवा चढ़ाने से कार्य सिद्धि और सफलता मिलती है।

मान्यता है कि इन प्रसादों को सच्चे मन और श्रद्धा से अर्पित करने पर हनुमान जी भक्तों के कष्ट दूर करते हैं, खासकर बड़ा मंगल के दिन इनका भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है।

साथ ही हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और रामचरितमानस का पाठ करने से विशेष फल मिलता है।

हनुमानजी की कृपा सदैव बनी रहे, बड़ा मंगल हम सभी के लिए शुभ व मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला हो।

Monday, 4 May 2026

Story of Life : अंदर की दुनिया

अंदर की दुनिया


रंभा ने ऋषभ से कहा, “सुनिए न, आज office में नींबू पानी मंगाकर पी लीजिएगा, गर्मी बहुत हो रही है।”

“क्यों भला?”

“अरे तरावट रहेगी तो गर्मी असर नहीं करेगी,” रंभा ने ऋषभ को समझाते हुए कहा।

“अरे प्यारी रंभा, काहे की गर्मी? AC car से office आता-जाता हूँ, AC office है, फिर घर आकर मस्त shower लूंगा, उसके बाद तुम लोगों के साथ AC room में बैठकर enjoy करूँगा। मैं बाहर निकला ही कब, जो गर्मी लग जाएगी?”

सोच में पड़ गई रंभा, ‘सच में गर्मी में कब रहा ऋषभ?’

उसके बाद वो अपने बेटे रियान के पास नींबू पानी लेकर पहुंची, “लो बेटा, इसे पी लो। Temperature 42°C तक पहुंच गया है। नींबू पानी पिओगे, तो तुम्हारी तबियत ठीक रहेगी, गर्मी असर नहीं करेगी।

“पर माँ, मैं बाहर गया कब, जो गर्मी लग जाएगी? School आना-जाना AC bus से, School centralized AC, तो class, playground सब कुछ। फिर घर आकर भी पूरे time AC में ही रहता हूँ, पर नींबू पानी पी लूंगा, क्योंकि आप बहुत tasty बनाती हैं।”

रंभा एक फीकी मुस्कान के साथ, रियान के कमरे से निकल जाती है।

उसे अपना बचपन याद आने लगा, घर से school थोड़ी दूरी पर था, अतः रोज़ cycle से स्कूल जाती थी। स्कूल में दिन भर पढ़ती और interval में सहेलियों के साथ दौड़-दौड़ खेलती, फिर घर पहुंचते ही माँ खाना बाद में देती, पहले फलों का कोई न कोई रस या नींबू पानी अवश्य देती कि उनकी लाडो को गर्मी का असर न हो।

और school से आकर खाना खाकर गृहकार्य ख़त्म नहीं कर पाती थी कि सहेलियों के चक्कर लगने शुरू हो जाते, शाम को खेलने जाने के लिए। फिर क्या, पूरी शाम खेलकूद और भागदौड़ में निकल जाती। 

और AC, कहीं भी नहीं, बल्कि यूं कहें कि AC से दूर-दूर तक कोई सरोकार ही नहीं।

कितनी हसीन और सुखद थीं उसकी बचपन की यादें। आजकल के बच्चों जैसी अंदर की दुनिया नहीं थी, बल्कि पूरा खुला आसमान था उड़ने के लिए।

आजकल के बच्चे क्या जानें कि अंदर की दुनिया से बहुत खूबसूरत है बाहर की दुनिया। पर करें भी क्या? आजकल जितना अधिक temperature उसके समय में कहाँ था।

आजकल पूरा youth AC में ही सांस लेना सीख रहा है, घर, school-college, bus, car, train, station, mall, यहाँ तक कि playground में भी AC है।

वैसे playground जाते भी कितने बच्चे हैं, सब अपने घरों पर laptop, mobile and playstation आदि पर ही खेल रहे हैं। 

गर्मी के कारण सब AC में ही रहना चाहते हैं और जितना अधिक AC चलते हैं, उतनी ही अधिक गर्मी बढ़ती जा रही है।

इस तरह से एक cycle-सी बन गई है, AC और गर्मी की।

दूसरे शब्दों में कहें तो अंदर की दुनिया में ही रहे हैं और नुकसान पहुंचा रहे हैं अपनी सेहत को। चलना-फिरना छोड़कर अपनी मांसपेशियों को कमजोर कर रहे हैं, और धूप में न रहकर vitamin D की कमी, जिसकी कीमत सबको एक दिन पता चलेगी…

Friday, 1 May 2026

India's Heritage : Buddha Purnima

(I) अवतरण दिवस :

आज बुद्ध पूर्णिमा है, भगवान बुद्ध का अवतरण दिवस। आज के India's Heritage segment में भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़ी एक घटना का वर्णन कर रहे हैं। भगवान बुद्ध भगवान श्रीहरि के नवें अवतार हैं।


(II) श्रीहरि के अवतार :

  • मत्स्य (मछली)
  • कूर्म (कछुआ)
  • वराह (सूअर)

यहाँ तक विष्णु जी ने पशु रूप में अवतार लेकर सृष्टि की रक्षा की।

तत्पश्चात अपने परमभक्त प्रह्लाद की रक्षा हेतु व हिरण्यकश्यपु के दर्प को चूर करने के लिए नरसिंह (नर-सिंह) भगवान का अवतरण लिया, जिस रूप में वो वचन को सत्य सिद्ध करने के लिए आधे पशु व आधे मनुष्य रूप में (आधे नर व‌ आधे सिंह) अवतरित हुए। 

वमन (बौना ब्राह्मण) के अवतार के साथ ही विष्णु जी ने मनुष्य रूप धारण किया और उसके बाद परशुराम, राम, कृष्ण और फिर बुद्ध के रूप में अवतार लिया। दशावतार में कल्कि के रूप में भी भगवान श्री हरि अवतार लेंगे।

भगवान विष्णु जी का हर स्वरूप न केवल देखने में, अपितु भगवान विष्णु जी के हर अवतार की शिक्षाएं, संस्कार, नीति भिन्न-भिन्न रही हैं।

भगवान बुद्ध भी सबसे भिन्न थे, उसी का उल्लेख है उनसे जुड़ी हुई इस कथा में...

Buddha Purnima


(III) युवराज सिद्धार्थ :

भगवान गौतम बुद्ध जन्म से इश्वाकू वंश के शाक्य कुल के युवराज सिद्धार्थ थे, पर उन्होंने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण से इतर, परिवार से ज्यादा कर्मों को प्रधानता दी।

अपने राज्य पाठ, सुख-ऐश्वर्य, यहां तक की परिवार को त्याग कर कठिन तप के द्वारा बुद्धत्व प्राप्त किया और राजकुमार सिद्धार्थ से भगवान बुद्ध बन गए।

संसार का ज्ञान प्राप्त करने से पहले राजपुत्र सिद्धार्थ लगभग छह साल तक उस समय के योग, समाधि में लीन कहे जानेवाले अनेक ऋषि, साधु, योगी, ज्ञानीब तथा महानुभवियों के शरण में गए थे।

गौतम बुद्ध संसार का ज्ञान प्राप्त करने हेतु छह साल तक दरदर भटकते रहे। उनके आखिरी गुरु ने उनसे कहा था कि आहार-चावल के दाने कम करते जाओ, जब एक दाने पर आओगे तब तुम्हें ज्ञान की प्राप्ति होगी।

ज्ञान पाने की लालसा में बुद्ध ने वैसा ही किया। वे शारिरिक रूप से बहुत ज़्यादा कमजोर हो गए। उनका पूरा शरीर बस एक हड्डियों का पिंजर बन कर रह गया था।

एक दिन वे बहते हुए पानी से दूसरी छोर जा रहे थे। जैसे ही वे बहते पानी के मुख्य धारा में आए, कमजोरी के कारण वे बहने लगे। बड़ी प्रयास से एक पत्थर को पकड़कर उन्होंने अपनी जान बचाई, और वे थके-हारे आज के बिहार राज्य में स्थित बोधगया में एक पीपल के वृक्ष के नीचे जा बैठे।

बैसाखी पूर्णिमा की बात है, इस नगर की सुजाता नाम की वधु को बड़ी मनौती के पश्चात पुत्र प्राप्ति हुई थी। पुत्र प्राप्ति के ख़ुशी में सुजाता ग्राम के सभी देवी-देवताओं को दूध-चावल की बनी खीर का भोग चढ़ाने आई। 

सिद्धार्थ का अस्थि-पिंजर शरीर देखकर उसे बड़ी करुणा आई, खीर का पात्र सिद्धार्थ के सामने रखते हुए अनायास उसके मुख से शुभकामना निकल पड़ी, “जैसे मेरी कामना पूरी हुई है, वैसे ही तुम्हारी भी हो।”

खीर का सेवन करने के बाद सिद्धार्थ के तन-मन में तृप्ति का आभास हुआ। कमजोर शरीर को ऊर्जा प्राप्त हुई, तब उन्होंने संकल्प किया- “अब जीऊँ या मरूँ, जब तक ज्ञान कि प्राप्ति न होगी इस जगह से उठूंगा नही।” और निग्रह के साथ समाधि लगाई।

सिद्धार्थ इस अवस्था मे छह-दिन छह-रात रहे। छठवें दिन  एक निमिष (पलक झपकने में जितना समय लगता है) से भी कम समय में सिद्धार्थ को ज्ञान कि प्राप्ति हुई, और वे बुद्ध बन गए।

मगर जब उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई तब उनकी भगवान की अवधारणा तटस्थ थी, उन्होंने कभी ज्यादा भगवान के अस्तित्व के बारे में खुल कर बात नहीं की।

उनका ज्ञान था “जीवन में दुःख है। उस दुःख का कारण है औऱ उसका उपाय है कर्म और योग-साधना।”