आशाओं के बांध टूट गये
हर साल आने वाले वो चंद पल, जो निर्धारित करते हैं कि आप सफल हुए कि नहीं। कितने बड़े और कठिन होते हैं यह पल!
उनके लिए जिन्होंने सफलता प्राप्त कर ली, और उनके लिए भी जो इस सफलता को नहीं पा सके।
जिनको सफलता मिल गई, उन सबको बधाइयां! पर जो वंचित रह गए, उनसे सिर्फ यह ही कहेंगे कि वो सिर्फ़ एक पल है, पूरी जिंदगी नहीं।
जो नहीं मिली, उसके बहुत सारे कारण हो सकते हैं, जैसे कि अभी वो पल नहीं आया था, जो आपका है, या शायद यह वो मंज़िल ही नहीं जो आप पाना चाहते हैं।
शायद आपकी राहें कुछ अलग हैं, मंज़िल इससे भी ज्यादा अच्छी। अपनी मेहनत को, अपनी किस्मत को कोसिए नहीं। यह मत सोचो कि आशाओं के बांध टूट गये हैं।
अभी जिंदगी के बहुत से बहुमूल्य पल हैं आपके पास, जिनमें आप सिद्ध कर सकते हैं कि जो आप में है, वो किसी और में नहीं है।
तो उठिए, और अधिक जोश, और अधिक विश्वास के साथ, उसको पाने के लिए, जो आपका है।
साथ ही इस कविता को जरूर पढ़िए व सुनिए, शायद यह आप में आत्मविश्वास का संचार करने में सहायक हो।
पढ़ने के लिए इस पर click करें-https://shadesoflife18.blogspot.com/2022/07/poem.html?m=1
सुनने के लिए इस पर click करें-https://youtu.be/ndNNqfdaxxg?si=lQ7WKKG2kOLmOj5r
