Wednesday, 28 July 2021

Tip : चावल में कीड़े लगने से बचाना

बरसात का आगमन जितना सुहावना होता है, उतना ही इसमें कीड़े-मकोड़े होने से परेशानी भी बढ़ जाती है।

पर आप को क्या फ़िक्र, जब आप हैं Shades of Life के साथ।

हम आज आपकी एक बहुत बड़ी problem का solution, home remedies के form में share कर रहे हैं- 

चावल में कीड़े लगने से बचाना


1. Avoid buying rice in monsoon -

कोशिश करें कि बरसात में चावल ना खरीदें। यदि आप को खरीदना ही है तो कम ही खरीदें। Means, अगर आप चावल को store कर के रखते हैं तो, उसे बरसात में खरीद कर नहीं रखें। बरसात में चावल में कीड़े लगने की tendency बढ़ जाती है।

2. Keeping bay leaves -  

तेजपात की smell कीड़े-मकोड़े पसंद नहीं करते हैं, इसलिए तेजपात डालने से चावल में कीड़े नहीं लगते हैं।

3. Keeping neem leaves - 

नीम को disinfectant or medicinal plant की category में रखा जाता है, क्योंकि नीम के पेड़ के हर भाग से कीड़े-मकोड़े और बीमारियों को दूर किया जा सकता है। चावल से कीड़े-मकोड़े भगाने के लिए नीम की  पत्तियाँ डालकर रखा जाता है।

4. Keeping garlic pods - 

लहसुन की 5 to 6 कलियां छील कर सहित डालकर रखने से चावल में कीड़े नहीं लगते हैं। जब लहसुन की कलियां सूख जाएं तो उसे बदल कर fresh लहसुन की कलियां डाल दीजिए।

5. Keeping in freezer - 

कीड़े बहुत ठंड होने पर मर जाते हैं। तो अगर आप के पास freezer में इतना space है कि चावल उसमें आ जाएगा, तो आप चावलों को कीड़े से बचाने के लिए freezer में उसे रख सकते हैं।

6. Keeping match sticks - 

माचिस की तीली में लगे मसाले की महक से भी कीड़े-मकोड़े भाग जाते हैं, तो आप चावल को कीड़े से बचाने के लिए माचिस की कुछ तीलियां भी डाल सकते हैं।

7. Keeping clove - 

लौंग भी कीड़े-मकोड़े भगाने में बहुत कारगर साबित होती है, तो आप चावल में 8 से 10 लौंग डालकर रख सकते हैं।

Tuesday, 27 July 2021

Recipe : Rajasthani Masala Baati

सावन का महीना, बहुत ही सुहावना होता है। हर तरफ हरियाली, वृष्टि के कारण पानी की बौछारें और ठंडी हवाएं सब ही मनभावन लगता है।

ऐसे में खाने के लिए कुछ स्वादिष्ट मिल जाए तो आनन्द ही आ जाए। 

तो चलिए आज आपके लिए बहुत ही tasty dish share कर रहे हैं।

आज कल fast food का दौर है, जहाँ healthy food कहीं अपनी पहचान खोते जा रहे हैं। आज की हमारी यह special dish, राजस्थानी delicacy है। 

आप इसे जरूर से बनाइएगा क्योंकि, यह बहुत healthy होती है, साथ ही घर में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सबको ही बहुत पसंद भी आएगी।

सबसे अच्छी इसकी speciality यह है कि आप इसे अपने taste के according कम देसी घी या खूब सारे देसी घी में बना सकते हैं। 

 राजस्थानी मसाला बाटी 




For baati dough 

Wheat flour - 2 cup

Semolina(suji) - ½ cup 

Salt - as per taste 

Clarified butter(ghee) - 2 tbsp. 


For filling 

Potato - 4 medium(boiled)

Pea - ½ Bowl(boiled)

Cashew nuts - 10 to 15

Almonds - 10 to 15

Raisins - 8 to 10

Cumin seeds - ½ tsp

Amchur powder - ½ tsp.

Chat masala - as per your requirement

Red chilli powder - as per taste

Green Coriander leaves - handful

Green chillies - as per taste 

Ghee - 2 to 4 tbsp 

Ginger - ½ inch 


For baati making

Ghee 


Method 

For filling 

  1. Boiled आलू को mash कर लीजिए।
  2. Green Coriander leaves, ginger and chillies को finely chopped कर लीजिए। 
  3. Dry fruits को coarse chop कर लीजिए। 
  4. एक wok लीजिए। उसमें घी डालकर गर्म कर लीजिए।
  5. जब घी गर्म हो जाए तो, उसमें जीरा डालकर चटका लीजिए।
  6.  उसमें हरी मिर्च और अदरक और काजू के टुकड़े डालकर हल्का सा भून लें।
  7. अब इसमें mashed आलू, उबली हरी मटर, salt, chilli powder, raisins डालकर सुनहरा भून लें। 
  8. अब इसमें अमचूर पाउडर और चाट मसाला और धनिया पत्ती, डालकर थोड़ा सा और भून लें। Filling ready है। इसे ठंडा होने के लिए रख दीजिए।


For baati dough

  1. गेहूं के आटे में, नमक और सूजी अच्छे से मिला लीजिए।
  2. इसमें घी डालकर अच्छे से rub कर लीजिए।
  3. इसमें पानी डालकर soft dough( पूड़ी के लिए जैसा dough prepare करते हैं उससे soft और जैसा रोटी के लिए dough prepare करते हैं उससे tight) , prepare कर लीजिए। 10 minutes के लिए rest करने के लिए छोड़ दें।
  4. इस dough की छोटी-छोटी गोलियाँ बना लीजिए। अब इसमें filling भरकर बाटी ready कर लीजिए। 
  5. अप्पम maker में थोड़ा-थोड़ा घी डालकर उस में बाटी रख दीजिए। 
  6. Slow flame पर थोड़ा-थोड़ा घी डालकर सब तरफ से सुनहरा होने तक सेक लें।
  7. एक बड़े Bowl में इतना पिधला हुआ घी रखें कि उसमें बांटी डूब जाए।
  8. गर्मा-गर्म बाटी को घी में 5 to 7 minutes के लिए डाल दीजिए, जिससे बाटी अच्छे से घी सोख ले।

And there you go. Flavoursome, crispy and mouthwatering desi ghee baatis are ready. Serve it with khatti-mithi chutney and sauces of your choice.

चलिए अब कुछ tips and tricks भी बता देते हैं। 

Tips and Tricks 

  • Wheat flour and suji के combination से बहुत अच्छा texture and taste आता है। इसलिए दोनों को mix कर के ही बनाएं। 
  • सूजी पानी सोख कर फूलती है। इसलिए 10 minutes का rest ज़रुरी है। साथ ही आप जैसा भी dough prepare करेंगे, 10 minutes के बाद उससे hard हो जाएगा। लेकिन ध्यान रखिएगा कि dough इतना hard ना हो जाए कि उसमें filing भरते समय वो टूट जाए। 
  • घी का मोयन डालने से, बाटी अंदर से soft और खस्ता बनती है और ऊपर से crispy and crunchy बनती है। इसलिए घी का मोयन जरुर से दीजिए।
  • आप filing में dry fruits को avoid भी कर सकते हैं, लेकिन authentic flavour में dry fruits डालते हैं। 
  • अगर आप के पास मटर नहीं है तो आप उसे छोड़ भी सकते हैं।
  • आप घी की जगह refined or olive oil भी use कर सकते हैं, पर सबसे अच्छा taste ghee से आता है। अगर आप diet conscious हैं तो आप आखिर में घी में soak करना avoid कर सकते हैं। वैसे यह राजस्थान की राजसी cuisine है, इसलिए authentically ghee में soak किया जाता है। 
  • आप इसे breakfast, lunch,snakes and dinner किसी में भी बना सकते हैं।
  • हमने अप्पम maker में बनाया है, आप चाहें तो तंदूर में भी बना सकते हैं। 
  • अप्पम मेकर 👇🏻



Monday, 26 July 2021

Article : सावन के सोमवार का महत्व

सावन के सोमवार का महत्व  


सावन के पावन महीने की शुरुआत इस साल, 25 जुलाई से हो गई है। 22 अगस्त तक सावन का महीना रहेगा। सावन का महीना  शंकर भगवान जी को समर्पित होता है।

पूरा-पूरा श्रावण मास जप, तप और ध्यान के लिए उत्तम होता है, लेकिन इसमें सोमवार का विशेष महत्व है।

सोमवार का दिन चन्द्र ग्रह का दिन होता है और चन्द्रमा के नियंत्रक भगवान शिव हैं।

इस दिन पूजा करने से  भगवान शिव की कृपा के साथ-साथ चन्द्रमा जी की शीतलता भी मिल जाती है। 

कोई भी व्यक्ति जिसको स्वास्थ्य की समस्या हो, विवाह की मुश्किल हो या दरिद्रता छायी हो।

वो अगर सावन के हर सोमवार को विधि पूर्वक भगवान शिव की आराधना करता है, तो तमाम समस्याओं से मुक्ति पा जाता है।

आज यानी 26 जुलाई को सावन का पहला सोमवार है। इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है।


इस सावन के सोमवार की सूची


पहला सोमवार-  26 जुलाई 

दूसरा सोमवार- 02 अगस्त    

तीसरा सोमवार-  09 अगस्त    

चौथा सोमवार- 16 अगस्त 


सोमवार और शिव जी के सम्बन्ध के कारण ही मां पार्वती जी ने सोलह सोमवार का उपवास रखा था. सावन का सोमवार विवाह और संतान की समस्याओं के लिए अचूक माना जाता है।


सावन के सोमवार के पूजा का महत्व

भगवान शिव की पूजा के लिए और खास तौर से वैवाहिक जीवन के लिए सोमवार की पूजा की जाती है।

अगर कुंडली में विवाह का योग न हो या विवाह होने में अडचने आ रही हो, तो सावन के सोमवार पर पूजा करनी चाहिए. अगर कुंडली में आयु या स्वास्थ्य बाधा हो या मानसिक स्थितियों की समस्या हो तब भी सावन के सोमवार की पूजा उत्तम होती है. सावन के सोमवार को शिव जी की पूजा सर्वोत्तम होती है. इसमें मुख्य रूप से शिव लिंग की पूजा होती है और उस पर जल तथा बेल पत्र अर्पित किया जाता है.


सावन के सोमवार की पूजन विधि

प्रातः काल या प्रदोष काल में स्नान करने के बाद शिव मंदिर जाएं।

घर से ही लोटे में जल भरकर ले जाएं. मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल अर्पित करें, भगवान को साष्टांग करें. वहीं पर खड़े होकर शिव मंत्र का 108 बार जाप करें. दिन में केवल फलाहार करें. सायंकाल भगवान के मन्त्रों का फिर जाप करें, तथा उनकी आरती करें. अगले दिन पहले अन्न वस्त्र का दान करें तब जाकर व्रत का पारायण करें.

सावन के पहले सोमवार पर विशेष उपाय

प्रयास करें कि शिव जी की पूजा प्रदोष काल में की जाए, इस समय शिवलिंग पर बेलपत्र और जल की धारा अर्पित करें. इसके बाद शिव जी के मंदिर में एक घी का दीपक जलाएं. इसके बाद शिवलिंग की परिक्रमा करें. शिव जी से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें। 

सावन मास में प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व है। सावन में साल के हिसाब से सोमवार की संख्या बड़ती व घटती रहती है, जिसके कारण कभी यह चार तो कभी पांच हो जाते हैं।

ऐसे में सभी सोमवार की पूजा के लिए मंत्र भी अलग-अलग हैं। मान्यता है कि नियमपूर्वक पूजा करने से भगवान शंकर की कृपा हमेशा भक्तों पर बनी रहती है। 

इस बार भी सावन में चार सोमवार ही पड़ रहे हैं।

पहला सावन सोमवार व्रत- 26 जुलाई 2021 : पहले सोमवार को महामायाधारी की पूजा: -

सावन के पहले सोमवार को महामायाधारी भगवान शिव की आराधना की जाती है। पूजा क्रिया के बाद शिव भक्तों को ‘ऊं लक्ष्मी प्रदाय ह्री ऋण मोचने श्री देहि-देहि शिवाय नम: का मंत्र 11 माला जाप करना चाहिए। इस मंत्र के जाप से लक्ष्मी की प्राप्ति, व्यापार में वृद्धि और ऋण से मुक्ति मिलती है। ऐसे में इस बार 26 जुलाई 2021 को भी जानकारों के अनुसार भक्तों को महामायाधारी की पूजा करनी चाहिए।

: दूसरा सावन सोमवार व्रत- 2 अगस्त 2021: - वहीं सावन के दूसरे सोमवार को महाकालेश्वर शिव की विशेष पूजा करने का विधान है।

: तीसरा सावन सोमवार व्रत- 9 अगस्त 2021: - सावन की तृतीय सोमवार को अर्द्धनारीश्वर शिव का पूजन किया जाता है।

: चौथा सावन सोमवार व्रत-16 अगस्त 2021: - सावन के चौथे सोमवार को तंत्रेश्वर शिव की विशेष पूजा की जाती है।


🙏🏻🙏🏻भगवान शिव जी व माँ पार्वती जी, हम सब पर अपनी विशेष कृपा बनाए रखें 🙏🏻🙏🏻

आप सभी को सावन के सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएँ 💐