Saturday, 12 February 2022

Article : हिजाब पर विवाद

 हिजाब पर विवाद 


कर्नाटक के Govt Pre University College for girls से शुरू हुए, इस विवाद का क्या और कब अंत होगा, पता नहीं?

पर यह विवाद क्यों? यह भी समझ से परे है। 

किसी भी स्कूल में dress code होने का क्या पर्याय है?


Reason for the dress code in schools :

यह तो सभी जानते ही होंगे, जो नहीं जानते हैं उनको बता दें, equality के लिए।

उस dress code को यह सोच कर रखा जाता है कि स्कूल में सभी समभाव हैं। कोई अमीर-गरीब नहीं है, कोई धर्म और जाति छोटी-बड़ी नहीं है। 

वो ऐसी जगह है, जहाँ सिर्फ प्रेम, सौहार्द्र और शान्ति रहती है। 

तब ऐसी पवित्र और पाक जगह को बिना वजह विवाद का केंद्र बनाने का प्रयास क्यों?


Dress code को change ना करने का पहला कारण : 

ऐसे किसी भी मजहब और सम्प्रदाय के लिए नियम में परिवर्तन करने से सभी इसकी मांग करेंगे और सभी की मांग को मान्यता देने पर वो क्या स्कूल लगेगा या मेला?

आज इन्हें स्कूल परिसर में हिजाब की अनुमति दी जाए। कल हिन्दू कहेंगे कि हमें भी भगवा पहनना है राम नामी चादर ओढ़नी है घूंघट करके आना है, फिर सिख बोलेंगे, हम तो कटार भी साथ रखेंगे। ठाकुर कहें कि हम बंदूक के बिना स्कूल नहीं आएंगे।


तो किस-किस की बातों को मान्यता देंगे? 

ऐसे में school की क्या गरिमा रह जाएगी और क्या उसका अस्तित्व रह पाएगा?

वो बुद्धि और ज्ञान के विकास करने का स्थान  ना रह कर, विवादों का अखाड़ा बन जाएगा।


Dress code change नहीं करने का दूसरा कारण सुरक्षा भी है :

शायद आपको मालूम हो, ऐसे ही एक बार विवाद केरल में भी हो चुका है, वो भी girls college था। ऐसे में एक लड़का बुर्का पहन कर विद्यालय के परिसर में आ गया था। लड़कियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह फ़ैसला लिया गया था कि school campus के अंदर कोई भी बुर्का या हिजाब पहनकर नहीं आएगा।

इसकी उपस्थिति में चेहरा ठीक से नहीं दिखता है, अतः इससे identity पहचानने में दिक्कत होती है। अतः स्कूल व कालेज के परिसरों में यह नहीं पहन सकते हैं।


क्या ग़लत था? ऐसे ही किसी girls college में कोई लड़का, बुर्का पहन कर या लंबा घूंघट डालकर college campus में आ जाए और girls के साथ अभद्र व्यवहार करे तो उसका जिम्मेदार कौन होगा, किस की जवाबदेही होगी?

जब यह मामला केरल में हुआ था और वहाँ मना किया गया तो बिना कोई विवाद किए, इस बात को मान लिया गया था। 

पर वही घटना जब कर्नाटक में घटित हुई तो विवाद इतना बढ़ा दिया गया है कि वो विवाद कर्नाटक के एक school तक सीमित नहीं है बल्कि उस विवाद की तपिश से पूरा देश जलने लगा है। क्योंकि यह विवाद अब हर state और city तक पहुंच रहा है।

बल्कि कहना चाहिए कि इस विवाद को देश तक ही नहीं, उसके बाहर भी पहुंचा दिया गया है।

क्यों? आखिर क्यों? बिना बात का विवाद क्यों?

मत बढ़ाओ बेवजह बात को, जहाँ दशकों से हर धर्म के बच्चे प्रेम-सौहार्द्र से साथ पढ़े हैं, वहाँ व्यर्थ की राजनीति का विवाद करके शांति और अमन ना नष्ट करें।

Thursday, 10 February 2022

Short Story: असलियत

असलियत




राधिका हमेशा की तरह, मंगलू का इंतजार कर रही थी।

तभी वो सामने से आता हुआ दिखाई दिया।

क्या मंगलू काका, आज बहुत देर लगा दी सब्जी लाने में, तुम अभी भी नहीं आते तो मैं मण्डी ही चली जाती। वो तो हमेशा तुम से ही लेती हूँ, यही सोच कर रुक गई।

अच्छा हुआ नहीं गई बिटिया, कोई मिलता भी नहीं, सब वोट डालने गये हैं और हमारे पेट पर लात पड़ती सो अलग।

तो यह बताओ काका, इतनी देर क्यों कर दी?

अरे बताने वाली कौन बात है बिटिया, आज वोट डालने का दिन था, तो वही डालने गये थे।

तुम भी ना काका, बेकार का काम करते हो, वोट डालने चले गए। जितनी देर में वोट डालने गये थे, उतने में चार पैसे कमा लेते, वैसे भी यह नेता लोग कौन सा तुम्हारे घर की व्यवस्था देखेंगे, जो चल दिए वोट डालने। 

तुम नहीं गई बिटिया?

हम नहीं जाते हैं बेकार के काम के लिए। घर के काम, कम है जो अब वोट भी देने जाएं।

तभी एक अजनबी भी सब्जी लेने आ जाता है। वो राधिका को अजीब सी नज़रों से देखने लगता है।

अब तो राधिका जो सब्जी ले, अजनबी भी वही सब्जी लेने के बहाने से, राधिका से छेड़छाड़ करने लगा।

थोड़ी देर तक तो राधिका ने बर्दाश्त किया, पर कुछ देर में वो सहम गई और सोचने लगी,

आह! कैसा बदमाश है यह...

उसने आनन-फानन में सब्जी के पैसे दिए और जल्दी-जल्दी घर की ओर चल दी।

उसने देखा वो बदमाश भी उसके पीछे हो लिया था।

अब तो राधिका बहुत ज्यादा घबरा गई और दौड़ने लगी, वो बदमाश भी दौड़ने लगा, पर उसने पीछा नहीं छोड़ा।

दौड़ने और घबराहट में उसका सब्जी का थैला भी गिर गया। पहले राधिका ने थैला उठाने की कोशिश भी की, पर बदमाश के बहुत पास आ जाने से वो थैला वहीं छोड़कर घर की ओर भागी।

जैसे-तैसे वो घर का दरवाजा खोलकर अंदर आई, पर जब तक वो दरवाजा बंद करती, वो बदमाश घर में घुस गया।

राधिका, उसके सामने गिड़गिड़ाने लगी, छोड़ दो मुझे। Please मेरे साथ कुछ ग़लत मत करना।

वो बदमाश बोला, मैं कुछ करने आया भी नहीं हूँ। असलियत वो नहीं है, जो आप समझ रही हैं, मैं कोई गुंडा बदमाश नहीं हूँ, मुझे तो बस यह कहना है कि, सरकार सही होगी, तभी गुंडागर्दी नहीं होगी, अन्यथा गलत हाथों में सत्ता जाने से यही परिणाम होंगे। सही सरकार लाने में हमारे वोट ही सहायक होते हैं। अपनी वोट देने की ताकत को समझो।

वैसे मैं यह बात, सब्जी वाले के पास भी समझा सकता था।

पर जब कोई बात हमारे साथ practically होती है, तभी हम सही बात, सही स्थिति समझ पाते हैं।

राधिका बोली, मुझे माफ़ कर दीजिए, मुझे अच्छे से समझ आ गया कि, सभी को वोट देने जाना चाहिए। मैं अभी वोट डालने जाती हूँ।

यह लीजिए सब्जी का थैला, आप इसे डरकर सड़क पर ही छोड़ आई थीं।

बहुत बहुत धन्यवाद, सब्जी के थैले के लिए और मुझे सही बात समझाने के लिए भी।

तो आप लोगों को भी राधिका की तरह वोट की ताकत का अंदाजा हो गया?

आप भी जा रहे हैं ना वोट देने? 

सही वोट ही सही सरकार को सत्ता में लाती है, जिससे आप का और देश का भविष्य उज्ज्वल होता है और सुरक्षित भी।

Tuesday, 8 February 2022

Article : U.P. Election कब और कहाँ?

U.P. Election कब और कहाँ?


यूपी में विधानसभा चुनाव 10 February में शुरु होने जा रहा हैं।

क्या आप ready हैं? अपनी प्रिय party और नेता के चुनाव के लिए। 

बहुत से लोग चुनाव को बिल्कुल भी seriously नहीं लेते हैं, उनका कहना है कि हमें कोई भी party or leader पसंद नहीं है।

उन्हें चुनाव, एक ऐसा दिन लगता है, जिस दिन holiday है। जिस दिन वो अपने कोई भी ज़रूरी और गैर ज़रूरी काम को कर सकते हैं। साथ ही अगर कोई काम नहीं है, तो चादर ओढ़ कर सो जाते हैं।

पर ऐसा कर के आप किसी और का नहीं स्वयं अपना ही अहित कर रहे हैं।

अपना अहित? वो भला कैसे?

भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहाँ हर एक नागरिक के पास यह अधिकार होता है कि वो अपनी पसंद के नेता का चुनाव करे और उसे सत्ता में लाए

शायद आपको अंदाज़ा नहीं है कि वोट एक बहुत बड़ी ताकत होती है। 

एक-एक वोट यह निर्धारित करता है कि देश सही हाथों में रहेगा कि नहीं।

कुछ लोगों का यह कहना होता है कि अगर आप को कोई पसंद नहीं है तो आप नोटा विकल्प का चयन कर लीजिए।

पर हमारा यह कहना कि, आप का नोटा विकल्प को चुनना भी सही नहीं है। इससे भी आप अपने अधिकारों का हनन कर रहे हैं।

आप वोट ना करें या नोटा विकल्प को चुनें, दोनों ही सूरत में आप अपनी पसंद के विपक्ष, party का चुनाव कर रहे हैं।

आपको कोई नेता पसंद नहीं है, मान लेते हैं। फिर भी कम-ज़्यादा तो पसंद में शामिल होंगे ही। तो उनमें जो सबसे कम नापसंद हो, उसे ही चुन लीजिए।

पर अपनी वोट की शक्ति को व्यर्थ में बर्बाद मत कीजिए। इसका सीधा असर आपके भविष्य पर पड़ता है। 

कैसे?

देखिए आप जाएं या ना जाएं, पर कुछ जाति-विशेष के लोग अवश्य वोट देकर आएंगे। वो वोट देने के लिए, दूर-दूर से छुट्टी लेकर आ रहे हैं।

अब आप को इतना तो पता ही है ना, जिसको ज़्यादा वोट मिलेंगे, वो ही जीतेगा। 

तो बस जो जीतेगा, सरकार भी उसकी ही बनेगी और सत्ता में उसी जाति विशेष का वर्चस्व रहेगा। 

अगर देश को पुनः गुलाम होने से बचाना है तो अपना एक सही वोट अवश्य दीजिएगा।

वोट अवश्य दीजिए, वोट हमारा सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है और हमारे देश के प्रति सबसे बड़ा फर्ज है।

आइए आपको बता देते हैं कि कब कहाँ चुनाव हैं, जिससे आप सभी को अपने शहर के चुनाव की date पता चल जाए। 

यूपी विधानसभा चुनाव2022: सात चरणों में कब और कहाँ मतदान ?

पहला चरण (10 फरवरी)दूसरा चरण (14 फरवरी)तीसरा चरण (20 फरवरी)चौथा चरण (23 फरवरी)पांचवां चरण (27 फरवरी)छठा चरण (3 मार्च)सातवां चरण (7 मार्च)
कैराना, थाना भवन, शामली, बुढ़ाना, चरथावाल, पुरकाजी (एससी), मुजफ्फरनगर, खतौली, मीरापुर, सिवालखास, सरधना, हस्तिनापुर, (एससी), किठौर, मेरठ छावनी, मेरठ, मेरठ दक्षिण, छपरौली, बड़ौत, बागपत, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मोदी नगर, धौलाना, हापुड़ (एससी), गढ़मुक्तेश्वर, नोएडा, दादरी, जेवर, सिकंदराबाद, बुलंदशहर, स्याना, अनूपशहर, डिबाई, शिकारपुर, खुर्जा (एससी), खैर (एससी), बरौली, अतरौली, छर्रा, कोइल, अलीगढ़, इगलास (एससी), छाता, मांठ, गोवर्धन, मथुरा, बलदेव (एससी), एत्मादपुर, आगरा कैंट (अनुसूचित जाति), आगरा दक्षिण, आगरा उत्तर, आगरा ग्रामीण (एससी), फतेहपुर सीकरी, खेरागढ़, फतेहाबाद, बाहबेहट, नकुड़, सहारनपुर नगर, सहारनपुर, देवबंद, रामपुर, मनिहारन (एससी), गंगोह, नजीबाबाद, नगीना (एससी), बरहापुरी, धामपुर, नेहतौर (एससी), बिजनौर, चांदपुरी, नूरपुर, कंठ, ठाकुरद्वारा, मुरादाबाद ग्रामीण, मुरादाबाद नगर, कुंदरकि, बिलारी, चंदौसी (एससी), अस्मोलिक, संभली, सुआरी, चमरौ, बिलासपुर, रामपुर, मिलक (एससी), धनौरा (एससी), नौगवां सादात, अमरोहा, हसनपुर, गुन्नौरी, बिसौली (एससी), सहसावन, बिल्सी, बदायूं, शेखूपुर, दातागंज, बहेरी, मीरगंज, भोजीपुर, नवाबगंज, फरीदपुर (एससी), बिठारी चैनपुर, बरेली, बरेली छावनी, ओंला, कटरा, जलालाबाद, तिलहरो, पवयन (एससी), शाहजहांपुर, दादरौलीहाथरस (एससी), सादाबाद, सिकंदराराऊ, टूंडला (एससी), जसराना, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, सिरसागंज, कासगंज, अमनपुर, पटियाली, अलीगंज, एटा, मरहारा, जलेसर (एससी), मैनपुरी, भोनगांव, किशनी (एससी), करहली, कायमगंज (एससी), अमृतपुर, फर्रुखाबाद, भोजपुर, छिबरामऊ, तिर्वा, कन्नौज (एससी), जसवंतनगर, इटावा, भरथना (एससी), बिधूना, दिबियापुर, औरैया (एससी), रसूलाबाद (एससी), अकबरपुर-रानिया, सिकंदर, भोगनीपुर, बिल्हौर (एससी), बिठूर, कल्याणपुर, गोविंदनगर, शीशमऊ, आर्य नगर, किदवई नगर, कानपुर छावनी, महाराजपुर, घाटमपुर (एससी), माधौगढ़, कालपी, उरई (एससी), बबीना, झांसी नगर, मौरानीपुर (एससी), गरौठा, ललितपुर, मेहरोनी (एससी), हमीरपुर, रथ (एससी), महोबा, चरखारीपीलीभीत, बरखेड़ा, पूरनपुर (एससी), बीसलपुर, पलिया, निघासन, गोला गोकर्णनाथ, श्री नगर (एससी), धौरहरा, लखीमपुर, कस्त (एससी), मोहम्मदी, महोली, सीतापुर, हरगांव (एससी), लहरपुर, बिस्वाणि, सेवाता, महमूदाबाद, सिधौली (एससी), मिश्रिख (एससी), सवायजपुर, शाहाबाद, हरदोई, गोपामऊ (एससी), संड (एससी), बिलग्राम-मल्लांवान, बालमऊ (एससी), संडीला, बांगरमऊ, सफीपुर (एससी), मोहान (एससी), उन्नाव, भगवंतनगर, पुरवा, मलिहाबाद (एससी), बख्शी का तालाब, सरोजिनी नगर, लखनऊ पश्चिम, लखनऊ उत्तर, लखनऊ पूर्व, लखनऊ सेंट्रल, लखनऊ छावनी, मोहनलालगंज (एससी), बछरावां (एससी), हरचंदपुर, रायबरेली, सारेनीक, ऊंचाहार, तिन्दवारी, बबेरू, नारायणी (एससी), बांदा, जहानाबाद, बिन्दकि, फतेहपुर, आया शाह, हुसैनगंज, खागा (एससी)तिलोई, सलोन (एससी), जगदीशपुर (एससी), गौरीगंज, अमेठी, इसौली, सुल्तानपुरी, सदर, लम्भुआ, कादीपुर (एससी), चित्रकूट, मानिकपुर, रामपुर खासी, बाबागंज (एससी), कुण्ड, विश्वनाथ गंज, प्रतापगढ़, पट्टी, रानीगंज, सिराथू, मंझनपुर (एससी), चैल, फाफामऊ, सोरांव (एससी), फूलपुर, प्रतापपुर, हंडिया, मेजा, कराछना, इलाहाबाद पश्चिम, इलाहाबाद उत्तर, इलाहाबाद दक्षिण, बारा (एससी), कोरांव (एससी), कुर्सी, राम नगर, बाराबंकी, जैदपुर (एससी), दरियाबाद, रुदौलीक, हैदरगढ़ (एससी), मिल्कीपुर (एससी), बीकापुरी, अयोध्या, गोशैनगंज, बल्हा (एससी), नानपर, मतेरा, महासी, बहराइच, पयागपुर, कैसरगंज, भिंग, श्रावस्ती, महनौं, गोंडा, कटरा बाजार, कर्नलगंज, तरबगंज, मनकापुर (एससी), कटेहरी, टांडा, अलापुर (एससी), जलालपुर, अकबरपुर, तुलसीपुर, गेनसारी, उतरौला, बलरामपुर (एससी), शोहरतगढ़, कपिलवस्तु (एससी), बंसी, इतवा, डुमरियागंज, हरैया, कप्तानगंज, रुधौली, बस्ती सदर, महादेवा (एससी), मेंहदावल, खलीलाबाद, धनघटा (एससी), फरेंदा, नौतनवा, सिसवा, महराजगंज (एससी), पनियार, कैम्पियारगंज, पिपराइच, गोरखपुर शहर, गोरखपुर ग्रामीण, सहजनवा, खजनी (एससी), चौरी-चौरा, बांसगांव (एससी), चिल्‍लूपार, खड्ड, पडरौना, तमकुही राज, फाजिलनगर, कुशीनगर, हाटा, रामकोला (एससी), रुद्रपुर, देवरिया, पथरदेवा, रामपुर कारखाना, भाटपार रानी, सलेमपुर (एससी), बरहज, बेलथरा रोड (एससी), रसड़ा, सिकंदरपुर, फेफना, बलिया नगर, बांसडीह, बैरियाअतरौलिया, गोपालपुर, सागरी, मुबारकपुरी, आजमगढ़, निज़ामाबाद, फूलपुर-पवई, दीदारगंज, लालगंज (एससी), मेहनगर (एससी), मधुबनी, घोसी, मुहम्मदाबाद- गोहना (एससी), मऊ, बदलापुर, शाहगंज, जौनपुर, मल्हानी, मुंगड़ा बादशाहपुर, मछलीशहर (एससी), मरियाहु, जाफराबाद, केराकाट (एससी), जखानियन (एससी), सैदपुर (एससी), गाजीपुर, जंगीपुर, ज़हूराबाद, मोहम्मदाबाद, ज़मानिया, मुगलसराय, सकलडीह, सैयदराजा, चकिया (एससी), पिंडरा, अजगरा (एससी), शिवपुर, रोहनिया, वाराणसी उत्तर, वाराणसी दक्षिण, वाराणसी छावनी, सेवापुरी, भदोही, ज्ञानपुर, औराई (एससी), छनबे (एससी), मिर्जापुर, मझवानी, चुनारी, मरिहान, घोरावाली, रॉबर्ट्सगंज, ओबरा (एसटी), दुद्धी (एसटी)