Thursday, 21 March 2024

Recipe: Sago Papad

Hello friends,

आप से पिछले साल अब धूप मेरी मुट्ठी में के tips में पूछा था कि अगर आप को किसी तरह के पापड़ की recipe चाहिए तो हमें बता दीजिएगा।

तो हमें दो तरह के पापड़ की सबसे ज़्यादा request मिली है। एक तो सदाबहार आलू के पापड़ की, दूसरा साबूदाने के पापड़ की। 
साबूदाने के पापड़ देर से सूखते हैं तो इसकी recipe ही पहले share कर रहे हैं।
आज की यह recipe है तो साबूदाने के पापड़ की, लेकिन जब डालना है तो सोचा कुछ ऐसी recipe share करें, जिसकी recipe थोड़ी different and more tasty हो और थोड़ी unique भी, पर सबसे important, बिना झंझट के instantly prepare होने वाली होनी चाहिए।
इसलिए आज हम यह recipe लाएं हैं, अपनी माँ श्रीमती गीता लाल जी के खजाने से, जो कि इस segment में super expert हैं। 
उनके द्वारा बनाए गए पापड़, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक, सबको ही बहुत पसंद आते हैं। यह जितना crunchy होता है, उतना ही मुंह में घुल जाने वाला भी और इसके स्वाद का तो कहने ही क्या, पापड़ों से भरी पूरी plate खत्म हो जाएगी, पर इसे खाने वाले यही कहेंगे कि यह दिल मांगे more😊 


तो चलिए इसके preparation का method देख लेते हैं।

 साबूदाना पापड़




Ingredients :

  • Sago - 400 gm.
  • Potato - 200 gm.
  • Cumin seeds - 1½ tsp.
  • Salt - 1½ tsp. or according to your taste
  • Clarified butter (ghee) - 2 tsp.


Method :

  1. साबूदाना को overnight के लिए soak करने रख दीजिए।
  2. अगले दिन आलू को छीलकर अच्छे से धोकर, grate कर लीजिए।
  3. पानी में ½ tsp. नमक डाल दीजिए। अब grated potato को नमक के पानी में डाल दीजिए।
  4. एक heavy bottom का भगोना या pressure cooker ले‌ लीजिए, उसमें ½ litre पानी लेकर boil होने रख दीजिए। 
  5. पानी इतना होना चाहिए कि साबूदाना पूरी तरह से डूबा रहना चाहिए। अगर आप का साबूदाना ½ litre में ना डूबे तो पानी की quantity बढ़ा लीजिएगा।
  6. पानी में उबाल आ जाने पर उसमें भीगा हुआ साबूदाना, घिसे हुए आलू, नमक और जीरा, घी डालकर बराबर चलाते हुए medium flame पर पका लें।
  7. जब साबूदाना, white से transparent हो जाए, और घोल pouring consistency का हो जाए, gas burner off कर दीजिए।
  8. बर्तन ढककर 15-20 minutes के लिए रख दीजिए।
  9. अब एक plastic की sheet को धूप में फैला दीजिए।
  10. इस sheet पर tablespoon की help से इस घोल को डालकर थोड़ा सा फैला दीजिए, जिससे पापड़ पतले-पतले फैल जाए।
  11. अब इन्हें धूप में सूखने रख दीजिए। 4-6 घंटे बाद इसे पलट दीजिए। अलटते-पलटते हुए इन्हें दोनों तरफ से कड़क होने तक सुखा लीजिए।
  12. तेज़ धूप में यह पापड़ एक से दो दिन में सूख जाता है। धूप हल्की होने से 2½ दिन तक लग सकते हैं।
  13. अब इन्हें airtight container में रख दीजिए।

इसे पूरे साल भर के लिए आप store कर के रख सकते हैं।
इसे होली मिलन और tea time में fry करके serve कीजिए।
Now, crispy, crunchy and mouth-melting Sago Papad se ready to serve...
चलिए कुछ tips and tricks भी देख लेते हैं।


Tips and Tricks :

  • साबूदाना overnight ही soak करना है, जिससे एक-एक दाना अंदर तक soaked रहे। अच्छे से भीगा हुआ साबूदाना ही crunchy and juicy पापड़ बनाएगा। अन्यथा hard and chewy पापड़ बनेगा।
  • गर्म पानी में साबूदाना डालने से पापड़ जल्दी बनेगा, perfect बनेगा और चलाते समय उसके चिपकने और जलने की tendency कम रहेगी।
  • हाँ, घोल बनाते समय, अवश्य ही लगातार चलाते रहें, जिससे घोल नीचे से जले नहीं। पर यदि घोल बनाते समय थोड़ा जल गया है, तो उतना discard कर दीजिए।
  • आप आलू की quantity अपने according घटा- बढ़ा सकते हैं। 
  • इसमें साबूदाने के साथ आलू होने से ही यह ज़्यादा tasty and juicy बनता है।
  • यदि आप आलू के chips भी बनाते हैं, तो उसके पानी में भी आप साबूदाने के पापड़ बना सकते हैं। लेकिन उस समय नमक का अंदाज़ा ठीक रखिएगा। क्योंकि chips बनाते समय उसके पानी में भी नमक डाला जाता है। 
  • इस पापड़ का घोल बनाते समय थोड़ा-सा घी डाल‌ देने से पापड़ का घोल तली से चिपकता नहीं है, साथ ही taste enhance हो जाता है। पर यह पूरी तरह optional है, आप इसे avoid भी कर सकते हैं। 
  • घी की जगह थोड़ा-सा refined oil भी डाल सकते हैं। 
  • यह इतना tasty बनता है कि इसमें ऊपर से कोई भी मसाला डालने की requirement नहीं है, फिर भी अगर आप को चटपटा flavour पसंद है तो आप पापड़ को fry करके उस पर black pepper या पापड़ मसाला, sprinkle कर सकते हैं। 
  • अगर आप को साबूदाना पापड़ व्रत के लिए बनाना है, तो नमक सेंधा डालिएगा।
ना तो इसके घोल को बनाने में घंटों लगते हैं और ना फैलाने में, एक-एक पापड़ को बेलने का भी झंझट नहीं है...
तो बस झट-पट मस्त Sago Papad बना लीजिए और होली में अपने अड़ोस-पड़ोस के लोगों से different flavour की dish serve कीजिए... 

अगर आप apartment setup में रहते हैं तो यह tip अब धूप मेरी मुट्ठी में अवश्य देख लीजिएगा, आपके बहुत काम आएगी।

Wednesday, 20 March 2024

Article : एक appeal - होली पर

पिछले साल एक memory डाली थी, namely 'त्यौहार सिमट गए', जिसमें हमने government से एक appeal की थी कि हमेशा से ही बच्चों के final exam की dates, होली के आसपास ही रहती है, specially board examinations की, जिसके कारण बच्चे होली के त्यौहार का आनन्द पूरी तरह से नहीं ले पाते हैं। जबकि कोई भी त्यौहार हो, उसमें बच्चों को विशेष आनन्द आना चाहिए। 

फिर होली का त्यौहार तो होता ही है मस्ती, उत्साह और उमंग से परिपूर्ण... इसलिए बच्चों को हमेशा से ही यह त्यौहार अपनी ओर आकर्षित करता है।

लेकिन final exam की dates, होली के आसपास या बीच में होने के कारण, बच्चों को होली पर्व को हर्षोल्लास से मनाने के बजाए पढ़ना पड़ता था, जिससे त्यौहार की रौनक खत्म होती जा रही थी और त्यौहार नीरस होता जा रहा था।

हमने appeal की थी कि जब भारत हिन्दू साम्राज्य बनता जा रहा है, और सरकार हिंदूत्व की समर्थक हैं तो, उन्हें इस ओर ध्यान देना चाहिए कि बड़े तीज-त्यौहारों पर बच्चों के final exam की dates नहीं रहे, जिससे भारतीय संस्कृति और परंपरा सुचारू रूप से चल सके। 

हम धन्यवाद देना चाहेंगे, BJP government को, कि इस साल, किसी भी class के final exam की dates, होली के आसपास या बीच में नहीं पड़ी... यहां तक कि board examinations की dates भी नहीं। उम्मीद करेंगे कि सरकार ने जो कदम इस बार लिया है बच्चों के लिए, वह अब से हर साल क़ायम रहेगा। पर उसके लिए सरकार कौन सी होनी चाहिए, यह हमें देखना होगा...

सभी exams, होली से दस से पंद्रह दिन पहले ही खत्म हो गये हैं और आजकल बच्चों को एक लंबा vacation मिला हुआ है। इस कारण इस बार बच्चों में होली के त्यौहार का अलग ही उत्साह और उमंग नजर आ रहा है।

एक appeal - होली पर

अब एक appeal आप से भी है, कि जब BJP government ने बच्चों को विशेष अवसर दिया है, होली को हर्षोल्लास के साथ मनाए जाने का, तो हम सब भी यही कोशिश करें कि होली के त्यौहार को त्यौहार ही रहने दें।

मतलब long vacation समझकर घूमने जाने का program ना बनाएँ।

इस त्यौहार में उनके लिए खूब सारे पकवान बनाएँ, जैसे हमारे बचपन में हमारी माँ, दादी, चाची, बुआ, नानी, मामी, मौसी लोग बनाया करती थी। 

हम आपको Holi से related पूरे tab का link दे रहे हैं, इसमें आपको होली से संबंधित हमारी सभी posts मिल जाएँगी। इसमें आपको होली से जुड़ी हुई बहुत सी बातें, और recipes पता चल जाएँगी, साथ ही इसकी कहानियाँ और कविताएँ आपको entertain भी करेंगी। इसमें मौजूद अनेकों recipes से आप को अपनी मनपसंद recipes बनाने का idea भी मिल जाएगा : Holi-special tab

सभी dishes बहुत अच्छे से और easy way में बताई गई हैं। हम इस साल कुछ पापड़ों की easy and tasty recipes share करेंगे और आगे भी ऐसी ही  recipes share करते रहेंगे तो हमारे recipe segment से जुड़े रहिएगा...

Just for your information, घर के बने सामानों से त्यौहार में ज़्यादा रौनक आती है। उनमें किसी तरह की मिलावट नहीं रहती है... 

नहीं-नहीं, रहती है, मिलावट तो इसमें भी रहती है, पर प्यार और अपनेपन की 😊

इसलिए यह ज़्यादा healthy and tasty रहते हैं। ज़्यादा नहीं तो कुछ एक पकवान घर पर ज़रूर से बना लीजिए, जो आपको सबसे ज़्यादा easy लगे।

पर अगर आप को यह सब काम बहुत झंझट के लगते हैं, तो आप ही की सुविधा के लिए, बाज़ारों में यह सब easily available है, जहाँ से आप सब कुछ खरीद सकते हैं। 

जो भी आपको उचित लगे, वही करें, पर करें ज़रूर...

बच्चों के लिए खूब सारे रंग, पिचकारी, पानी की उचित व्यवस्था कीजिए।

पर जो सबसे ज़्यादा ज़रूरी है, वो है आपका अमूल्य समय, जिस पर उस दिन सबसे ज़्यादा अधिकार बच्चों का और आपके अपनों का ही है। उनके साथ अपना समय व्यतीत करें। 

Social media पर virtually नहीं बल्कि real time दें अपनों को अपना...

जिससे उन्हें एहसास हो कि त्यौहार जीवन के विशेष दिन होते हैं, इनका जीवन में विशेष महत्व है। तो इन्हें पूरी परंपरा और रीति-रिवाज़ से ही मनाना चाहिए, अपनी सुविधानुसार तोड़ना-मरोड़ना नहीं चाहिए।

बच्चों के साथ ही त्यौहारों को परंपरागत रूप से मनाने से हम अपने देश, संस्कृति और सभ्यता को भी मान देते हैं, जिसे देना हमारा फ़र्ज़ भी है और हमारा दायित्व भी। 

आप सभी को होली पर्व पर अभी से बहुत-बहुत बधाइयाँ, आशा है आप इस appeal का मान रखेंगे और अपने बच्चों का बहुत ध्यान रखेंगे और उन्हें अपना खूब सारा प्यार और समय देकर enjoy कराएंगे...

Tuesday, 19 March 2024

Tip : A Sustainable Holi

होली का उत्सव आने वाला है और अपने साथ लाने वाला है, रंग, उत्साह, उमंग और पानी की ठंडी-ठंडी बौछार...

लेकिन होली के आते ही कुछ 'so-called समाज सुधारक' पानी के अपव्यय पर भाषण देना शुरू कर देंगे और होली के त्यौहार को नीरस करने का पूर्ण प्रयास करेंगे। ऐसे लोगों को पानी की बर्बादी केवल होली में ही दिखाई देती है... पर क्या यह उचित है कि हिन्दूओं के प्रत्येक त्यौहार को किसी ना किसी बात का मुद्दा उठाकर नीरस कर दिया जाए? 

नहीं ना...

आज ऐसे ही लोगों के लिए, साथ ही उन लोगों के लिए भी जिन्हें होली का त्यौहार बहुत प्रिय होता है, हम बहुत अच्छा उपाय लेकर आए हैं...

जिससे पानी का अपव्यय भी कम होगा और त्यौहार का मज़ा भी दोगुना रहेगा। 

A Sustainable Holi 


तो चलिए, बात करते हैं उस उपाय की...

I. Saving water for Holi  :

इसके लिए सबसे पहले आपको मितव्ययिता अपनानी होगी। मतलब पानी तो बचाना है, मगर सिर्फ होली के दिन ही नहीं, बल्कि कुछ दिन पहले से पानी को मितव्ययिता से use करें। 

  1. Means अगर आप shower लेते हैं तो कुछ दिन पहले से shower लेना बंद कर दीजिए, क्योंकि shower लेने से बहुत ज्यादा पानी बर्बाद होता है। 
  2. आप अपने घर के नलों के पानी का pressure कम कर दीजिए। नल में pressure जितना ज़्यादा होगा, पानी उतना ही ज्यादा बर्बाद होगा।
  3. आप दाल, चावल, सब्ज़ियां, कपड़े आदि धोने में ध्यान रखिए कि उसका धुला हुआ पानी बह ना जाए। बल्कि आप उसी पानी से अपने bathroom को धो सकते हैं या उस पानी को पेड़-पौधों पर डालकर उसका सदुपयोग कर सकते हैं।


अब उपाय करते हैं, होली के दिन का...

II. Preserving water on the day of Holi/Dhulendi :

  1. उस दिन के लिए आप organic colours को use कीजिए। यह रंग आपकी skin के लिए भी अच्छा होता है, साथ ही इन रंगों को छुड़ाने के लिए आप को कम पानी की आवश्यकता होगी। 
  2. एक-दूसरे पर पानी फेंकने में ध्यान रखिए कि उसकी मात्रा बहुत अधिक ना हो। आप मस्ती के लिए पानी use कीजिए पर बर्बादी के लिए नहीं... 
  3. जहां पर खेलने के लिए पानी भर रहे हों, वहां पानी भर जाने के बाद बहते हुए रहने मत दीजिए, बल्कि बार बार नल को बंद करने और खोलने का काम करते रहें।
  4. रंग का उत्सव सदैव ऐसी जगह खेलें, जहां कुछ दूरी पर पेड़-पौधे भी लगे हों, जिससे रंग खेलने के दौरान use होने वाला पानी बर्बाद ना हो, वो पेड़-पौधों में चला जाए।


मतलब इन उपायों से जब हम पानी बचाएंगे तो हम इसी पानी को होली में उपयोग में ला सकेंगे। 

आप कहेंगे कि पानी का अपव्यय तो अभी भी हुआ?

बिल्कुल हुआ, पर, उतना नहीं जितना हम हमेशा करते हैं। और हमने उसके लिए पानी की बचत भी पहले से की थी।

इस तरह से पानी भी बचेगा और त्यौहार भी उत्साह से सजेगा।

अरे हाँ, अब यह उपाय उनके लिए है, जिनके घरों में पानी की बहुत ज्यादा crisis रहती है...

III. Playing Holi/Dhulendi in areas which face deficiency of water :

होली फागुन का त्यौहार है, इसमें फूलों की बहार रहती है। पलाश और टेसू के फूल तो विशेष रूप से होली में ही आते हैं और इनका उपयोग तो भगवान श्रीकृष्ण जी के समय से हो रहा है। तो बस, आप पानी के अभाव में पलाश और टेसू के पुष्पों के साथ ही अन्य फूलों को भी अपने रंगों से replace कर दीजिए।


नहीं, माननी है तो बस एक बात, चाहे जो भी हो, हम होली का त्यौहार ज़रूर मनाएंगे, वो भी पूरे उत्साह, उमंग और खुशियों के साथ... उसे किसी भी तरह से नीरस नहीं होने देंगे।

तो बोलो सा रा रा रा रा रा रा रा रा...

आप सभी को होली पर्व की advance में हार्दिक शुभकामनाएं 💐💦