Tuesday, 16 December 2025

Tip : पानी के चमत्कार

आजकल शायद ही कोई इंसान होगा, जो कि यह कहे कि वो पूर्णतः स्वस्थ है, उसे किसी तरह की कोई बीमारी नहीं है।

सभी दिनभर में न जाने कितनी दवाइयां खा रहे हैं, फिर भी कोई लाभ नहीं है, हां side-effects जरूर हो रहे हैं।

आज आपके लिए ऐसी tips लेकर आए हैं, जो कि easily आप घर पर रखे सामान द्वारा प्रयोग में ला सकते हैं। इनसे आपको स्वास्थ्य में लाभ मिलेगा। पर अगर बहुत जल्दी लाभ नहीं भी मिला, तब भी side-effects तो बिल्कुल नहीं होंगे।

पानी जिसे अमृत की तुलना दी जाती है, आज उसी पानी को वास्तविक रूप से अमृत बनाएंगे। 

पानी और कुछ घरेलू नुस्खे, और बस पानी का चमत्कार देखिए।

पानी के चमत्कार


1. Types-

  • Coriander (धनिया): Thyroid को control करता है।
  • Cumin Seeds & Carom Seeds (जीरे और अजवायन): पेट फूलना, gastric और gastrointestinal problems को solve करता है।
  • Lemon, Ginger & Garlic (नींबू, अदरक और लहसुन): Cholesterol level को control करता है।
  • Raisins & Fennel Seeds (मुनक्का और सौंफ): Acidity को control करता है।
  • Shilajit: Metabolism को control करता है and weight-loss में useful रहता है।
  • Triphala (Amla+Bibhitaki+Haritaki): Body को detox करता है और fat को dissolve करता है।
  • Fenugreek (मेथी): Diabetes को control करता है।
  • Giloy and turmeric powder (हल्दी): Resistance capacity को increase करता है और खांसी-जुकाम को control करता है।


2. Method-

आपको जिस तरह की परेशानी है, पानी में उसके अनुसार दी गई सामग्री को रात भर या कम से कम चार घंटे के लिए अवश्य भीगा दें, फिर पानी छानकर खाली पेट सेवन करें।

हफ्ते से दस दिन में आपको उससे होने वाले लाभ दिखने लगेंगे। लाभ मिलने से कम से कम महीना भर इसे आजमा लें।जड़ से रोग खत्म करने के लिए प्रक्रिया लगभग 6 महीने तक दोहराएं।


3. Note-

Although this shall not happen, but if any negative side effect(s) is caused by the given remedies, then discontinue its consumption that instant. Also, do not discontinue your current medication (with any remedy's aid), and reduce its dosage gradually.


Disclaimer:

The blog does not force any individual to adopt these remedies. The reader shall be solely and wholly responsible for any damage thus caused (due to the consumption of these remedies). Also, none of the remedies can act as a substitute of any proper medication.

Monday, 15 December 2025

Poem : घना-सा तुषार

आज सुबह जब 5:30 बजे उठे तो कुहासे का असर इस क़दर छाया था, कि लग ही नहीं रहा था कि भोर की पहली बेला निकल चुकी है, ऐसा ही हाल कुछ (सुबह के) 7:30 बजे तक था।

घना-सा तुषार


घना-सा तुषार है छाया,

कर को कर नहीं सुहाया,

बीत चुकी है रात्रि बेला पर 

तिमिर अभी भी है समाया।


यह है हेमंत का असर,

या प्रदूषण हो रहा प्रखर,

ठप हो रहे काज सारे

कुछ न आ रहा नज़र। 


पर क्या ऐसा प्रकृति ने था सोचा, 

या है हमारे तृष्णा का परिणाम,

अंतहीन पाने की चाह ने 

ला दिया है ऐसा अंजाम।


जो बोयेगें, हम इस क्षण में,

वही तो नौनिहाल पाएंगे,

उनको सुख देने की लालसा में 

उनके लिए कंटक की सेज सजाएंगे।


जो दिया है सृष्टि ने,

उसे वैसे ही करो प्रयोग,

तभी उत्तरकाल में बना रहेगा 

सुख-सम्पन्नता का सुयोग।

Sunday, 14 December 2025

Story of Life : बदलती ज़िंदगी (अंतिम भाग)

बदलती ज़िंदगी (भाग-1),

बदलती ज़िंदगी (भाग-2),

बदलती ज़िंदगी (भाग-3), और

बदलती ज़िंदगी (भाग-4) के आगे…

बदलती ज़िंदगी (अंतिम भाग)


रितेश ने बहुत grand party रखी, उसमें सभी परिवारिक जन, और बहुत बड़े-बड़े guests invited थे। बड़ी-बड़ी companies के CEO, नेता, अभिनेता और वो सारे लोग भी जो उस रात की party में शामिल थे, जिन्होंने सुधा का अपमान किया था।

भारतीय संस्कृति के अनुसार ही party plan की गई थी। इस party की बस शर्त इतनी थी कि no alcohol, no non-vegetarian food, & no short/revealing outfits.

सबको party का decorum follow करना था। और सबने किया भी, कौन इतने बड़े invitation को‌ ठुकराता...

आज की रात भी official party थी, पर सुधा के साथ-साथ सभी Indian dresses में थे। किसी के हाथ में जाम नहीं था, बल्कि jaljeera, lemon juice, lassi, chach etc.

और सबसे बड़ी बात, आज सभी सुधा के पहनावे और साज-सज्जा की तारीफ करते हुए नहीं थक रहे थे। आज वो आपस में एक-दूसरे से बोल रहे थे, “सुधा ma'am की पसंद बहुत classy, rich and beautiful है। हमारे रितेश की तो किस्मत ही खुल गई सुधा जी से शादी करके।”

एक बात, रितेश को बहुत अच्छे से समझ आ रही थी कि पैसा, power and post जिसके पास हो, ज़माना उसके आगे झुकता है 

रितेश भी आज बहुत खुश था, कि उसके बाबूजी ने उसके लिए बहुत ही अच्छा जीवनसाथी चुना है, जिसने उसकी जिंदगी संवारीं नहीं बल्कि निखार‌ दी है। उसे जिंदगी के उस मुकाम पर पहुंचा दिया है, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

उसकी जिंदगी, जो शादी के चंद महीनों बाद ही बदल गई थी, वो चंद सालों में इतनी अधिक बदल जाएगी, उसका उसने सपने में भी नहीं सोचा था।‌ 

वो अपने बाबू जी से बोला, “मैं आपसे अपने मन की एक बात कहना चाहता हूँ।”

“हाँ, बोल न बेटा।” बाबू जी ने बड़े प्यार से कहा।

“आज से चंद सालों पहले मुझे लगा था कि आपने मेरी जिंदगी तबाह कर दी, मुझे आपके अनुसार विवाह नहीं करना चाहिए था, बल्कि अपने जीवनसाथी को खुद पसंद करके विवाह करना चाहिए था।

पर आपकी पसंद ही सर्वश्रेष्ठ है, इसके लिए अनेकानेक धन्यवाद, कि आपने मेरे लिए सुधा को चुना। आपकी दूरंदेशी नजरों ने वो देखा, जो मैं कभी नहीं देख पाता। सच है, माँ-बाप का अनुभव, सदैव शिरोधार्य है।”

यह कहकर उसने बाबूजी के चरण स्पर्श किए।

बाबू जी ने उसे गले लगते हुए कहा, “जब तुम्हें लगा था कि तुम्हारी जिन्दगी तबाह हुई है, तुम्हें तभी कहना चाहिए था, मैं तुझे तभी बता देता कि मैंने अपने दिल के टुकड़े के लिए सर्वश्रेष्ठ जीवनसाथी चुना है।

जो जब भी तकलीफ़ आएगी, वो ऐसे डटकर मुकाबला करेगी कि तेरी जिंदगी संवरती जाएगी, सर्वश्रेष्ठता की ओर बढ़ती चली जाएगी।”

“सच है बाबू जी।” रितेश के चेहरे पर प्रेम, आभार और खुशी के मिश्रित भाव थे और आंखें छलछला आई थीं…